Category: ब्रेकिंग न्यूज़
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काल सेन्टर के माध्यम से विदेशी नागरिकों से साईबर ठगी करने वाले 5 अभियुक्त व 1 अभियुक्ता गिरफ्तार
गोरखपुर ब्यूरो सूर्य प्रकाश ओझा
गोरखपुर । चिलुआताल पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कॉल सेंटर की आड़ में विदेशी नागरिकों से साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मौके से पांच युवक और एक युवती को गिरफ्तार करते हुए भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं।

इस कार्रवाई में कुल 28 लैपटॉप, 37 हेडफोन, दो राउटर, मोबाइल फोन समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और महत्वपूर्ण कागजात जब्त किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक उत्तरी, पुलिस अधीक्षक अपराध के मार्गदर्शन एवं क्षेत्राधिकारी कैम्पियरगंज के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई। चिलुआताल पुलिस को जांच के दौरान सूचना मिली कि क्षेत्र में एक तीन मंजिला मकान में अवैध काल सेंटर संचालित किया जा रहा है।सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने छापा मारकर मौके से छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अभियुक्तों में रूपेश सिंह, अभिषेक पाण्डेय, हर्ष आर्या, सूरज कुमार तिवारी, अश्वनी कुमार मौर्या तथा शलोनी यादव शामिल हैं।
पुलिस जांच में सामने आया कि यह गिरोह ईमेल के माध्यम से अमेरिका के नागरिकों का डेटा प्राप्त करता था और काल सेंटर में काम करने वाले एजेंट फर्जी नाम जैसे जॉन, जॉर्ज, लेविस आदि बताकर बीमा और सरकारी सब्सिडी का झांसा देते थे। जैसे ही कोई क्लाइंट उनकी बातों में आता, कॉल को अमेरिका स्थित कंपनियों को फॉरवर्ड कर दिया जाता, जहां ठगी को अंजाम दिया जाता था। ठगी से प्राप्त धनराशि का हिस्सा अभियुक्तों को मिलता था।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्त रूपेश सिंह और अभिषेक पाण्डेय के खिलाफ पूर्व में भी लखनऊ के विभूतिखंड थाने में साइबर ठगी का मामला दर्ज है। गिरोह के चार अन्य सदस्य अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। थाना चिलुआताल में अभियुक्तों के खिलाफ मुकदमा संख्या 36/26 धारा 319(2), 318(4), 336(3), 340(2) बीएनएस एवं 66डी आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस बरामद डिजिटल साक्ष्यों, कॉल डाटा और वित्तीय लेनदेन की गहन जांच कर रही है।
अधिकारियों का कहना है कि इस गिरोह के तार अन्य राज्यों और विदेशों से भी जुड़े हो सकते हैं, जिसकी जांच जारी है।
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23 जनवरी 2026 को होगा, चंद्रमा, शनि और नेपच्यून का संयोजन (Conjunction)
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 23 जनवरी की रात्रि के आकाश की ओर देखने पर आपको एक शानदार खगोलीय नज़ारा दिखाई देगा। उस दिन मीन (Pisces) तारामंडल में चंद्रमा और शनि ग्रह एक-दूसरे के बहुत क़रीब दिखाई देंगे, जिनके बीच की दूरी लगभग 4°21′ (डिग्री-मिनट) होगी।
उसी समय नेपच्यून ग्रह भी पास में होगा, जिससे ये खगोलीय पिंड लगभग 3°49′ के दायरे में एक साथ दिखाई देंगे।
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इस खगोलीय घटना का आकाशीय विवरण निम्न प्रकार घटित होगा उस समय चंद्रमा 5 दिन का बढ़ता हुआ अर्धचंद्र (Waxing Crescent) होगा जो लगभग 26% प्रकाशित दिखाई देगा और उसी दौरान शनि ग्रह भी काफ़ी चमकीला होगा, जिसको साधारण आँखों से आसानी से देख सकते हैं साथ ही खगोलविद अमर पाल सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि नेपच्यून ग्रह हमारे सौर मण्डल का सूर्य से दूरी के क्रम में आठवां ग्रह है, जो कि सबसे बाह्य ग्रह है एवं इसका मैग्नीट्यूड लगभग +7.8 होता है इस कारण से यह साधारण आंखों से दिखाई नहीं देता है और यह किसी भी छोटी दूरबीन से भी बहुत धुंधला ग्रह दिखाई देता है, इसलिए इसे देखने के लिए किसी अच्छी दूरबीन या टेलीस्कोप की आवश्यकता पड़ती है।
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि यह एक सुंदर खगोलीय संयोग है और स्टारगेज़िंग और स्टारगेजर्स (तारों को देखने वालों के लिए) तथा एस्ट्रोफोटोग्राफी के लिए बेहतरीन अवसर भी है, लेकिन इस दौरान आकाश साफ़ होना चाहिए एवं प्रकाश प्रदूषण नहीं होना चाहिए तब यह खगोलीय नज़ारा और भी भव्य दिखाई देगा।
किस दिशा में देखें?
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि यह संयोजन आकाश में पश्चिम (West) से थोड़ा दक्षिण-पश्चिम (South-West) के क्षितिज (Horizon) से लगभग 30–35 डिग्री ऊपर नजर आयेगा, और पहले चमकीला शनि दिखेगा उसके पास पतला चंद्रमा दिखाई देगा साथ ही चंद्रमा के थोड़ा नीचे/पास में नेपच्यून (दूरबीन से) दिखेगा , इसको देखने का सबसे अच्छा समय शाम 6:00 बजे से 8:30 बजे तक रहेगा इस दौरान यह अपने चरम पर होगा। इसके बाद संयोजन के बीच की दूरी धीरे धीरे कम होने लगेगी।
हालांकि ये तीनों एक सटीक रेखा में नहीं होंगे, बल्कि शनि और नेपच्यून के करीब चंद्रमा का गुजरना इसे ‘त्रि-संयोजन’ बना सकता है, जो खगोल प्रेमियों के लिए एक खास मौका होगा।
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि यह नज़ारा सूर्यास्त के तुरंत बाद पश्चिमी आकाश में देखा जा सकेगा इस दौरान चंद्रमा और शनि ग्रह के बीच कोणीय दूरी ( एंगुलर सेपरेशन) कम होगा, इस कारण से दोनों खगोलीय पिंड विनोकुलर फील्ड ऑफ व्यू में ( F O V ) में समा जायेंगे,इस दौरान शनि ग्रह की दृश्य चमक लगभग +1.1 होगी जो इसे एक मध्यम चमक वाले तारे जैसा दिखाएगी, लेकिन यह जोड़ी क्षितिज के नीचे डूबने से पहले कुछ ही समय के लिए दिखाई देगी,
क्या होता है ‘संयुग्मन’ (Conjunction) ।खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इस प्रकार के संयोजन को युति या कंजंक्शन के रूप में ही मान्यता दी जाती है एवं इसे खगोल विज्ञान की भाषा में इसे ऐपल्स (appulse) (निकट आगमन ) या ( conjunction) संयोजन और खगोल वैज्ञानिक तथ्य के रूप में यह एक साथ ही ‘संयुग्मन’ (Conjunction) भी कहा जाता है, जो खगोलीय पिंडों के एक ही दिशा में संरेखित होने से बनता है, जिससे वे पृथ्वी से देखने पर पास लगते हैं, भले ही वे वास्तव में लाखों किलोमीटर दूर हों। लेकिन पृथ्वी से देखने पर काफ़ी क़रीब दिखाई देते हैं।
यह ख़ास,चंद्रमा और शनि का अद्भुत मिलन, अंतरिक्ष विज्ञान में रुचि रखने वालों के लिए साल 2026 की शुरुआत में ही बेहद रोमांचक होगा ,जब सौर मंडल का सबसे खूबसूरत ग्रह शनि (Saturn) और पृथ्वी का उपग्रह चंद्रमा एक-दूसरे के बेहद करीब होंगे, अमर पाल सिंह ने बताया कि सूर्यास्त के बाद पश्चिम-दक्षिण पश्चिम दिशा में चंद्रमा और शनि की जोड़ी उभर कर आएगी, हालांकि ये दोनों पिंड आसमान में करीब दिखाई देंगे, लेकिन वास्तव में इनके बीच की भौतिक दूरी करोड़ों किलोमीटर होगी। उन्होंने सलाह देते हुए विशेष वैज्ञानिक टिप्पणी के तौर पर कहा है कि इस दृश्य का आनंद लेने के लिए यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि मौसम भी अनुकूल होना चाहिए, एवं यह केवल एक दृष्टिभ्रम (Line of sight effect) है, जिसे खगोल विज्ञान में ‘कंजंक्शन’ कहा जाता है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि टेलीस्कोप से देखने पर शनि के छल्ले (Rings) और चंद्रमा के क्रेटर्स एक साथ देखना किसी जादुई अनुभव से कम नहीं होगा। सावधानी के लिए खगोलविद ने सुझाव दिया है कि इस घटना को देखने के लिए किसी ऊँचे स्थान या ऐसे मैदान का चुनाव करें जहाँ पश्चिम दिशा का क्षितिज साफ हो और प्रकाश प्रदूषण बहुत ही कम हो।
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि चंद्रमा को तो आप अपनी साधारण आँखों से साफ़ देख सकते हैं इस दौरान चंद्रमा लगभग 26% रोशनी के साथ प्रकाशित होगा, साथ ही शनि ग्रह को बिना किसी उपकरण के भी देख जा सकता है, लेकिन शनि ग्रह के छल्लों को बिना किसी खगोलीय दूरबीन के नहीं देखा जा सकता है और साथ ही (नेपच्यून ) बरूण ग्रह भी साधारण आंखों से दिखाई नहीं देगा इसको देखने के लिए आपको किसी विनोकुलर (Binocular) (10×50) या छोटा टेलीस्कोप ज़रूरी हो होगा।
News Courtesy : खगोलविद अमर पाल सिंह, एस्ट्रोनॉमी एजुकेटर। पवीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला ( तारामण्डल) गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।
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मंडलायुक्त सभागार में 64वीं बी गीडा बोर्ड बैठक सम्पन्न, विकास योजनाओं पर हुई विस्तृत समीक्षा बैठक
गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :–
गीडा सीईओ ने भूमि आवंटन व उपलब्धियों का रखा ब्यौरा, औद्योगिक इकाइयों को मिला सबसे अधिक भू-खंड
गोरखपुर। मंडलायुक्त सभागार में 64वीं गीडा बोर्ड की बैठक मंडलायुक्त अनिल ढींगरा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में जनपद के औद्योगिक एवं शहरी विकास से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा की गई और गीडा क्षेत्र में चल रही तथा प्रस्तावित विकास योजनाओं की समीक्षा की गई।
बैठक में जिलाधिकारी दीपक मीणा, जीडीए उपाध्यक्ष आनंद वर्धन, गीडा सीईओ अनुज मलिक, जीडीए सचिव पुष्प राज सिंह, गीडा ओएसडी अनुपम मिश्रा सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान गीडा सीईओ अनुज मलिक ने बोर्ड के समक्ष गीडा की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि बीते कार्यकाल में गीडा क्षेत्र में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बड़े पैमाने पर भूमि आवंटन किया गया है। सीईओ ने स्पष्ट किया कि सबसे अधिक भूमि आवंटन औद्योगिक इकाइयों को किया गया है, जिससे क्षेत्र में रोजगार सृजन और आर्थिक गतिविधियों को गति मिली है। विभिन्न सेक्टरों में स्थापित होने वाली लघु, मध्यम और बड़े उद्योगों को प्राथमिकता के आधार पर भू-खंड उपलब्ध कराए गए हैं।
गीडा सीईओ ने बताया कि औद्योगिक इकाइयों के साथ-साथ लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, आईटी एवं सहायक सेवाओं से जुड़ी परियोजनाओं को भी भूमि आवंटित की गई है। इससे न केवल निवेशकों का विश्वास बढ़ा है, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित हुए हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि गीडा क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं—सड़क, जलापूर्ति, विद्युत, ड्रेनेज और सुरक्षा व्यवस्था—को लगातार मजबूत किया जा रहा है।
बैठक में मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भूमि आवंटन की प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध रहे। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि आवंटित भूमि पर निर्धारित समयसीमा के भीतर औद्योगिक गतिविधियां शुरू हों। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने गीडा क्षेत्र के समग्र विकास पर जोर देते हुए कहा कि उद्योगों के साथ-साथ श्रमिकों और आमजन की सुविधाओं का भी ध्यान रखा जाए।
बोर्ड बैठक में भविष्य की कार्ययोजनाओं, नए निवेश प्रस्तावों और गीडा को औद्योगिक हब के रूप में विकसित करने की रणनीति पर भी चर्चा हुई। अंत में अध्यक्ष द्वारा अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए गोरखपुर को औद्योगिक दृष्टि से मजबूत बनाने के निर्देश दिए।
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Breaking जम्मू-कश्मीर में बड़ा हादसा, सेना की गाड़ी खाई में गिरी
नेशनल डेस्क निष्पक्ष टुडे ;-
जम्मू-कश्मीर में बड़ा हादसा, सेना की गाड़ी खाई में गिरी;
अब तक 10 जवानों की दुखद मृत्यु की खबर है,
7 जवान घायल है!
बचाव और राहत टीम ,BSF मौके पर पहुच कर घायलो को अस्पताल पहुचा रही।
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सिर्फ ‘गाली’ से SC/ST एक्ट नहीं लगेगा, इरादा साबित करना जरूरी ! सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला
कोर्ट ने कहा कि शिकायतकर्ता को जाति के आधार पर अपमानित करने की स्पष्ट मंशा होनी चाहिए। पटना हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में एफआईआर और आरोप पत्र में जाति-आधारित अपमान के अभाव को रेखांकित किया। कोर्ट ने एससी एसटी एक्ट की धारा 3(1) के प्रावधानों को दोहराते हुए कहा कि केवल अपशब्दों का प्रयोग अपराध नहीं बनता।
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संभल CO अनुज चौधरी और पुलिस कर्मियों पर Fir मामले पर बड़ी खबर
लखनऊ ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-
संभल हिंसा मामले में CO अनुज चौधरी सहित कई पुलिसकर्मियों पर FIR करने का आदेश देने वाले जज (CJM) विभांशु सुधीर हटाए गए।
उनका तबादला सुल्तानपुर के लिए हुआ।
CJM से हटाकर सिविल जज (सीनियर डिविजन) यानि डिमोशन वाला पद दिया गया। -

नितिन नवीन निर्विरोध चुने गए बीजेपी के अध्यक्ष
Big Breking: नितिन नवीन निर्विरोध चुने गए बीजेपी के अध्यक्ष, 45 की उम्र में सबसे बड़ी पार्टी की कमान।
नितिन नवीन BJP के निर्विरोध अध्यक्ष चुने गए हैं।
रिटर्निंग ऑफिसर के लक्ष्मण ने बताया कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर नितिन नवीन के पक्ष में 37 सेट नॉमिनेशन पेपर फाइल किए गए।
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Breaking जम्मू कश्मीर में आतंकी हमले की खबर.
नेशनल डेस्क निष्पक्ष टुडे :–
किश्तवाड़ में कई जवान घायल की सूचना
सूत्रों से पता चला जम्मू कश्मीर एनकाउंटर में सात जवान घायल। चार को हल्की चोट। तीन को एयरलिफ्ट करना पड़ा। इनमें से एक की हालत गंभीर। यूबीजीएल से आतंकियों ने हमला किया था। ज्यादा कुमुक बुलाकर ऑपरेशन जारी।

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विवाह में जूते छुपाई रस्म पुलिस FIR तक पहुँची
सीकर जिले में रात को शादी में मचा बवाल जूता छुपाई रस्म में दूल्हे की सालियों ने 11,000 रुपयों की डिमांड कर डाली और कह दिया 11,000 दिये जाएंगे तभी दीदी को भेजा जायेगा फिर भी वर पक्ष कि ओर से 51,00 या कुछ पर सहमति बनी लेकिन 11,000 दिए जाने पर ही आपके साथ भेजा जाएगा इसमें बवाल मच गया और ऐसे में दूल्हे ने भी 5 लाख ओर बुलेट बाइक की डिमांड कर डाली।
माहौल इतना गरमा–गया कि कैसे भी करके सालियों ओर वधू पक्ष को समझाया गया लेकिन दुल्हा अपनी बात पर डटा रहा और वधू अंजू जाखड़ की ओर से पुलिस कोतवाली में FIR शिकायत कराई और दहेज का मुकदमा दर्ज कर डाला।
मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि FIR में बहुत सारी बातों को बढ़ा –चढ़ाकर पेश किया हैं –दोनों पक्षों की ओर पुलिस ने भी काफ़ी समझाने का प्रयास किया लेकिन साथ ही वर पक्ष की ओर से भी FIR पिता की तरफ से कर डाली कि मेरे बेटे को बंधक बना लिया गया।
एक तरफ़ दूल्हे ने मना कर दिया जब उनकी और परिवार के विरुद्ध FIR कराई गई ओर दुल्हन ने भी मना कर दिया।
लड़के और लड़की ने एक दूसरे को ठुकरा दिया..!
ये सब उस समय हुआ जब बारात गांव वापस लौट चुकी थी और फेरे भी हो गए लेकिन जूते छुपाई रस्म के दौरान ये सब हुआ।
दोनों पक्षों की ओर से करीबन 40–50 लाख तक का शादी पर खर्चा हुआ।
शादी में बच्चो को इतनी छूट भी ना देवें जिससे कि शादी ही खराब हो जाये।
रस्में और रिवाज मान सम्मान के लिए होती है ना कि मौल भाव के किए।

गोला बाजार क्षेत्र में एक युवक के साथ सरेआम मारपीट और उसे दौड़ाकर पकड़ने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो 24 जनवरी की शाम करीब 5:20 बजे का है, जो गोला के पश्चिमी चौराहे के सीसीटीवी फुटेज का बताया जा रहा है।


खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इस खगोलीय घटना का आकाशीय विवरण निम्न प्रकार घटित होगा उस समय चंद्रमा 5 दिन का बढ़ता हुआ अर्धचंद्र (Waxing Crescent) होगा जो लगभग 26% प्रकाशित दिखाई देगा और उसी दौरान शनि ग्रह भी काफ़ी चमकीला होगा, जिसको साधारण आँखों से आसानी से देख सकते हैं साथ ही खगोलविद अमर पाल सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि नेपच्यून ग्रह हमारे सौर मण्डल का सूर्य से दूरी के क्रम में आठवां ग्रह है, जो कि सबसे बाह्य ग्रह है एवं इसका मैग्नीट्यूड लगभग +7.8 होता है इस कारण से यह साधारण आंखों से दिखाई नहीं देता है और यह किसी भी छोटी दूरबीन से भी बहुत धुंधला ग्रह दिखाई देता है, इसलिए इसे देखने के लिए किसी अच्छी दूरबीन या टेलीस्कोप की आवश्यकता पड़ती है।
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि यह नज़ारा सूर्यास्त के तुरंत बाद पश्चिमी आकाश में देखा जा सकेगा इस दौरान चंद्रमा और शनि ग्रह के बीच कोणीय दूरी ( एंगुलर सेपरेशन) कम होगा, इस कारण से दोनों खगोलीय पिंड विनोकुलर फील्ड ऑफ व्यू में ( F O V ) में समा जायेंगे,इस दौरान शनि ग्रह की दृश्य चमक लगभग +1.1 होगी जो इसे एक मध्यम चमक वाले तारे जैसा दिखाएगी, लेकिन यह जोड़ी क्षितिज के नीचे डूबने से पहले कुछ ही समय के लिए दिखाई देगी,






