Category: ब्रेकिंग न्यूज़
-

दुनिया ने देखा बीती रात अदभुत नज़ारा, चांद हो गया दुल्हन, लाल रंग की ड्रेस में दुनिया को दिए दर्शन
बीती रात एक दुर्लभ खगोलीय घटना घटी जिसके गवाह कई देशों के लोग बने क्योंकि उन्हें लाल रंग का पूर्ण चंद्रग्रहण दिखाई दिया, इस दौरान 82 मिनट तक ब्लड मून आसमान में दिखा। चंद्रमा का रंग बदलता रहा और वह गहरे लाल रंग में रंग गया था । ये खगोलीय प्रभावशाली घटना जो 82 मिनट तक चली, जिससे यह दशक के सबसे लंबे पूर्ण चंद्रग्रहणों में से एक बन गया। बता दें कि पूर्ण चंद्र ग्रहण तब होता है जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और चंद्रमा की सतह पर अपनी छाया डालती है। चंद्र ग्रहण चंद्रमा को लाल रंग की चमक देता है। आज 82 मिनट तक, दुनिया भर के दर्शकों को चंद्रमा नाटकीय रूप से लाल रंग का चमकीला सा दिखाई दिया। तांबे के रंग के चंद्रमा और आसपास के तारों के बीच का अंतर अद्भुत था, जो खगोल विज्ञान प्रेमियों और सामान्य दर्शकों, दोनों के लिए एक यादगार क्षण था ।
-

‘इजरायल से खत्म कर दें हर रिश्ता…’, ईरान के सुप्रीम लीडर की मुस्लिम देशों से अपील
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने सभी देशों, खासकर मुस्लिम बहुल देशों से अपील की है कि वे इजरायल के साथ अपने कमर्शियल और राजनीतिक संबंध खत्म कर दें, ताकि उसके ‘विनाशकारी अपराधों’ का मुकाबला किया जा सके. उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में ‘ज़ायोनी शासन’ के साथ किसी भी तरह का सहयोग अस्वीकार्य है.
खामेनेई ने यह बयान रविवार को राष्ट्रपति और कैबिनेट के सदस्यों से मुलाकात के बाद दिया, जिसे बाद में उन्होंने अपने एक्स हैंडल से शेयर किया. उन्होंने कहा कि मुस्लिम दुनिया को एकजुट और मजबूत रुख अपनाना चाहिए और कूटनीतिक व आर्थिक साधनों के जरिए इजरायल पर दबाव डालना चाहिए. उन्होंने कहा कि व्यापार और राजनीतिक रिश्ते खत्म करना, फिलिस्तीनी मुद्दे का समर्थन करने और पीड़ितों के साथ एकजुटता दिखाने की जरूरी पहल है.
-

‘ये मेरी आखिरी चेतावनी है…’, ट्रंप ने हमास के सामने रखी शर्तें और दे डाली ‘लास्ट वॉर्निंग’
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को हमास को अपनी ‘आखिरी चेतावनी’ जारी करते हुए कहा कि फिलिस्तीनी आतंकी संगठन को गाजा में बंधकों को रिहा करने के लिए समझौते पर राजी हो जाना चाहिए. ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा, ‘इजरायल ने मेरी शर्तें मान ली हैं. अब समय आ गया है कि हमास भी मान ले.’
ट्रंप ने आगे लिखा, ‘मैंने हमास को चेतावनी दी है कि अगर उसने शर्तें नहीं मानीं तो इसके गंभीर नतीजे होंगे. यह मेरी आखिरी चेतावनी है, अब और कोई नहीं होगी!’ न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने इजरायल के N12 न्यूज के हवाले से बताया है कि ट्रंप ने शनिवार को हमास के सामने नया युद्धविराम प्रस्ताव रखा है.
-

फ्रांस के राष्ट्रपति और पीएम मोदी ने यूक्रेन में शांति लाने पर की चर्चा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने यूक्रेन युद्ध को जल्द खत्म करने के लिए जारी कोशिशों के बारे में चर्चा की. साथ ही दोनों नेताओं ने भारत-फ्रांस संबंधों का ‘सकारात्मक’ तौर पर मूल्यांकन किया. दोनों नेताओं के बीच फोन पर बातचीत हुई. पिछले महीने व्हाइट हाउस में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की यूक्रेन के अपने समकक्ष वोलोदिमीर जेलेंस्की के साथ वार्ता के दौरान उपस्थित यूरोपीय नेताओं में मैक्रों भी शामिल थे.
-

सईदा इरम को बच्चों सहित मिली अमेरिकी नागरिकता
पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर की पत्नी सईदा इरम और उनके तीनों बच्चों को अमेरिकी नागरिकता मिल गई है । असीम मुनीर की वाइफ ने जून के पहले सप्ताह में अमेरिकी नागरिकता के लिए आवेदन किया था और 22 अगस्त को सईदा इरम और उनके तीन बच्चों को अमेरिकी नागरिकता मिल गई।
-

7 सितंबर 2025 की रात्रि को दिखाई देगा इस साल का अंतिम और सबसे शानदार ब्लड मून/पूर्ण चंद्रग्रहण
आसमान के दीवानों के लिए 7 सितंबर की रात एक ख़ास और शानदार खगोलीय सौगात लेकर आ रही है।
क्या आप तैयार हैं ?
कल दिनांक 7 सितंबर, साल 2025 का एकमात्र पूर्ण चंद्रग्रहण (Total Lunar Eclipse) दिखाई देगा, जिसे संपूर्ण भारत सहित एशिया, यूरोप, अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के कई हिस्सों से साधारण आंखों से साफ़-साफ़ देखा जा सकेगा।
क्या होता है चंद्रग्रहण ?
वीर बहादुर सिंह नक्षत्र शाला (तारामण्डल) गोरखपुर के खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि चंद्रग्रहण तब घटित होता है जब पृथ्वी ,सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है, जिससे चंद्रमा पर सूर्य का प्रकाश सीधे नहीं पड़ता है और पूर्ण चंद्रग्रहण में चंद्रमा पूरी तरह पृथ्वी की गहरी छाया (umbra) में चला जाता है। इस स्थिति में, पृथ्वी का वायुमंडल सूर्य की लाल-नारंगी तरंगों को मोड़कर चंद्रमा की सतह पर भेजता है, जिससे वह “ब्लड मून” यानी रक्तिम चंद्रमा जैसा दिखता है।
क्या होता है ब्लड मून ?
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि ब्लड मून पूर्ण चंद्रग्रहण के दौरान घटित होता है, जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा के ठीक बीच में आ जाती है। चंद्रमा को पूर्ण अंधकार में डुबोने के बजाय पृथ्वी का वायुमंडल सूर्य के प्रकाश को मोड़कर बिखेर देता है। नीले और बैंगनी जैसे छोटे तरंगदैर्ध्य बिखर जाते हैं। वहीं जबकि लाल और नारंगी जैसे लंबे तरंगदैर्ध्य वायुमंडल से होकर चंद्रमा की सतह तक पहुंच जाते हैं। इसी बिखरी हुई लाल रोशनी के कारण चंद्रमा लाल रंग में नजर आता है। इसीलिए इसे ब्लड मून या “ब्लड मून” के अलावा “कॉर्न मून” और कभी कभी कॉपर मून भी कहा जाता है, क्योंकि यह सितंबर की पूर्णिमा के साथ मेल खाता है।
कितने बजे से कितने बजे तक दिखाई देगा यह पूर्ण चंद्रग्रहण ?
वीर बहादुर सिंह नक्षत्र शाला (तारामण्डल) गोरखपुर के खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 7 सितंबर 2025 को जो चंद्रग्रहण घटित होगा उसका समय सारणी (IST – भारतीय मानक समय) कुछ इस प्रकार है।
चरण समय:
परिछाया प्रारंभ (Penumbral Start) रात 8:58 बजे
आंशिक ग्रहण प्रारंभ (Partial Start) रात 9:57 बजे
पूर्ण ग्रहण प्रारंभ (Totality Start) रात 11:00 बजे
ग्रहण का चरम बिंदु (Maximum) रात 11:41 बजे
पूर्ण ग्रहण समाप्त (Totality End) रात 12:22 बजे
आंशिक ग्रहण समाप्त (Partial End) रात 1:26 बजे (8 सितंबर)
परिछाया समाप्त (Penumbral End) रात 2:25 बजे (8 सितंबर 2025)
यह चंद्रग्रहण (Saros) सरोश श्रृंखला 128 का हिस्सा है, जो चंद्रग्रहणों की एक दोहराव श्रृंखला होती है।
यह घटना चंद्रमा के पृथ्वी के निकटतम बिंदु (Perigee) के लगभग ढाई दिन पहले होगी, जिससे चंद्रमा अपेक्षाकृत बड़ा दिखाई देगा , जिसे “सुपरमून” भी कहा जाता है।
इस पूर्ण चंद्रग्रहण की अवधि लगभग 82 मिनट (1 घंटा 22 मिनट) होगी, लेकिन संपूर्ण ग्रहण की कुल अवधि 5 घंटे 27 मिनिट्स होगी जो इसे हाल के वर्षों के सबसे लंबे ग्रहणों में से एक बनाती है। 2022 के बाद से सबसे लंबा पूर्ण चंद्रग्रहण। ऑस्ट्रेलिया, एशिया, अफ्रीका और यूरोप से चंद्रग्रहण दिखाई देगा इसका मतलब हुआ कि दुनिया की लगभग 85% आबादी को यह ग्रहण देखने का मौका मिल रहा है। जोकि अपने आप में विशेष है।कहां और कैसे देखें ?
खगोल विद अमर पाल सिंह ने बताया कि भारत के सभी हिस्सों से इस चंद्रग्रहण को आसमान साफ़ रहने पर बिना किसी विशेष उपकरण के अपनी साधारण आंखों से भी आसानी से देखा जा सकता है।
क्या साधारण आंखों से देखना सुरक्षित है ?
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि यह ग्रहण सूर्यग्रहण की तरह खतरनाक नहीं होता, इसलिए इसे नंगी आंखों से देखना पूरी तरह सुरक्षित है। लेकिन जो विशेष अंतरिक्ष प्रेमी हैं और इस चंद्र ग्रहण को और भी अधिक स्पष्ट दृश्य रूप में देखना चाहते हैं, तब वे किसी दूरबीन या टेलीस्कोप और बाइनोकुलर जैसे उपकरणों का सहारा ले सकते हैं। जिस से यह नज़ारा और भी भव्य दिखाई देगा। लेकिन यह ध्यान रहे कि खुले और प्रकाश-प्रदूषण रहित स्थान से देखने पर ही सबसे सुंदर दृश्य देखने को मिलेगा।
क्या है इसका खगोलीय महत्व ?
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि कोई भी ग्रहण वैज्ञानिकों के लिए एवं उस से संबंधित अनुसंधानों के लिए एक विशेष अवसर ही होता है ,जब चंद्रग्रहण के दौरान वैज्ञानिक पृथ्वी के वायुमंडल, चंद्र सतह की संरचना और प्रकाश प्रकीर्णन (light scattering) जैसे कई पहलुओं का अध्ययन करते हैं।
अंधविश्वासों से कैसे बचें ?
खगोलविद अमर पाल सिंह ने स्पष्ट किया कि चन्द्रग्रहण का किसी भी राहु-केतु जैसी अदृश्य ताकतों से कोई भी संबंध नहीं है। इसलिए इनसे डरने की कोई भी आवश्यकता नहीं है। उन्होंने बताया कि समाज में डर या भय फैलाने वालों से हमेशा ही समाधान रहें और किसी भी चीज़ को पहले ठीक से जानें उसके बाद ही मानें क्योंकि सही ज्ञान सभी समस्याओं का समाधान, और यही है विज्ञान ।
और इस अद्भुत खगोलीय घटना का भरपूर आनंद लें और अपने समाज में भी वैज्ञानिक पहलुओं से सभी को अवगत भी कराएँ।विशेष संदेश।
चन्द्रग्रहण प्रकृति की अद्भुत और सुंदर खगोलीय घटनाओं में से एक होता है, और इससे किसी भी व्यक्ति या जीव-जंतु पर कोई भी नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता है इसे खगोलीय घटनाओं के वैज्ञानिक दृष्टिकोण से ही देखें, और अंधविश्वासों से दूर रहें और ख़ासकर के बच्चों को भी सही जानकारी ही दें, जिस से समाज में वैज्ञानिक वातावरण उत्पन्न हो सके।News Courtesy : खगोलविद – अमर पाल सिंह नक्षत्र शाला (तारामण्डल) गोरखपुर ,उत्तर प्रदेश।
-

सरयू नदी की कटान के साथ बाढ़ से बिगड़े हालात, सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर से ग्रामीणो में दहशत
ब्यूरों प्रभारी — विनय तिवारी
बडहलगंज/गोरखपुर(निष्पक्ष टुडे) : बड़हलगंज विकास खण्ड बड़हलगंज के दियारा क्षेत्र दर्जनों गांव पे एक बार फिर बाढ़ का संकट मंडराने लगा है। उधर सरयू नदी के कटान व बाढ़ से ज्ञानकोल नई बस्ती के ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। बाढ़ के पानी से जहाँ गांव का संपर्क मार्ग जलमग्न हो गया हैं वहीं दरार से पानी उपर होने के बाद भी अंदर अंदर सरयू नदी ज्ञानकोल टोले पर कटान कर रही हैं। सरयू नदी के कटान से बंशी यादव धर्मेंद्र रमाकांत, जयप्रकाश, सबसे अधिक प्रभावित हैं। नदी का मुख्य धारा बंशी यादव के मकान के नीव से टकरा रही हैं।

बाढ़ राहत शिविर में दुर्व्यवस्था पर नाराज कटान पीड़ित : तहसील प्रशासन द्वारा घर खाली करने के आदेश के बाद भी कटान पीड़ित राहत शिविर की दुव्यस्था देख उसमें नहीं जाना चाह रहे हैं। उनका कहना है कि असुविधा हैं परिवार लेकर बच्चों के साथ रहने लायक नहीं हैं।
प्रशासन पहले ध्यान दिया होता तो आज कटान की स्थिति नही बनी होती: गांव के लोगों का कहना हैं कि जब नदी गांव से दो किलोमीटर दूर थी उसी समय से कहा जा रहा हैं लेकिन किसी जिम्मेदार जनप्रतिनिधी या अधिकारी ध्यान नहीं दिया।जिसका नतीजा हैं कि आज सैकड़ों एकड़ कृषि योग्य भूमि लीलते हुए सरयू नदी टोले का नाम भी मिटाने के लिए आतुर हैं। सरयू नदी का जल स्तर बढ़ने से संपर्क मार्ग पर चढ़ा बाढ़ का पानी।
राष्ट्रीय राम-जानकी मार्ग डेरवा से खोहिया पट्टी वैरिया खास को जोड़ने वाली सड़क पर हिंगुहार के पास व ज्ञानकोल नईबस्ती तक जाने वाली सड़क पर बाढ़ का पानी चढ़ गया है। जिससे लोग पानी से होते हुए आवागमन कर रहे हैं।बगहा प्राथमिक विद्यालय पर धीरे धीरे कटान कर रही नदी वहीं सरयू नदी बगहा स्थिति प्राथमिक विद्यालय पर कटान करने लगी हैं। विद्यालय के प्रधानाध्यापक जावेद अंसारी शिक्षक अशोक सिंह ने बताया कि विद्यालय में बाढ़ का पानी आ गया है नदी का धारा तेज गति से विद्यालय के पूर्वी भवन पर टकरा रही हैं और नदी अंदर अंदर कटान कटान भी कर रही है अगर कटान की यही स्थिति रही तो विद्यालय अगले दो तीन दिन में कट जाएगा।
कटान रोकने के लिए जियोबैग पिचिंग के माध्यम से कटान रोकने का हो रहा प्रयास किया जा रहा है। सहायक अभियंता सुधांशु सिंह का कहना है कि नदी का जलस्तर ऊपर है कटान की गति धीमी हुई है जियोबैग पिचिंग व पार्को पाइन के माध्यम से कटान रोधी बचाव कार्य जारी हैं। जलस्तर खतरे के निशान से 90 सेंटीमीटर ऊपर है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य अशोक यादव ने कहां की ज्ञानकोल में घाघरा नदी से हो रही कटान से सभी लोग बेहद परेशान है।लोगों के सामने कृषि योग्य भूमि कटकर नदी में विलिन तो हो ही रही है, ऐसी स्थिति में शासन एवं प्रशासन के लोगों को स्थानीय ग्रामीणों को खाद्य सामग्री एवं नदी में विलीन हो रहे ग्रामीणों को आवासीय भूमि उपलब्ध कराने की मांग की है।
-

UP में 1 व्यक्ति 6 जगह नौकरी कर रहा है
उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य विभाग में अर्पित नामक एक्सरे टेक्नीशियन 6 जिलों में नौकरी कर रहा है। बेरोजगार युवकों को 1 नौकरी मिलती नही है। वहीं वर्ष 2016 से अर्पित सिंह के नियुक्ति पत्र पर छह अलग-अलग जिलों में से अलग-अलग लोग नौकरी कर रहे हैं। मानव संपदा पोर्टल पर भी सभी के नाम दर्ज हैं। हर महीने यह वेतन भी ले रहे हैं, फिर भी विभागीय अधिकारियों को पता नहीं है। इन सभी कर्मचारियों के पिता का नाम जन्मतिथि एक ही है।
-

PCS अधिकारी संगीता राघव को वायुसेना ने किया सम्मानित
लखनऊ। LDA में OSD पद पर कार्यरत हैं संगीता राघव
ऑपरेशन ‘सिंदूर’ में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए मिला सम्मान।AFS सरसावा, सहारनपुर के साथ मिलकर किया सराहनीय कार्य,
वायुसेना ने सिविलियन अवॉर्ड और प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित।










