बडहलगंज/गोरखपुर(निष्पक्ष टुडे): बड़हलगंज थाना क्षेत्र में पुलिस के मुठभेड़ में एक शातिर बदमाश को गिरफ्तार किया है। बदमाश के पैर में गोली लगी है, जिसकी पहचान मऊ जिले के थाना दोहरीघाट के डाक-बंगला निवासी नूर आलम के रूप में हुई। बदमाश चोरी और लूट की घटना को अंजाम देता है।
बड़हलगंज थाना प्रभारी चंद्रभान सिंह ने बताया कि पुलिस को काफी दिनों से इसकी तलाश थी।बदमाश पर विभिन्न थानों में 12 से अधिक मुकदमें दर्ज हैं। वह कई बार जेल भी जा चुका है। जेल से छूटने के बाद वह फिर से अपराध करने लगता है। पुलिस को बदमाश के पास से एक तमंचा भी मिला है। जिसके बारे में पुलिस पूछताछ कर रही है।बड़हलगंज पुलिस को सूचना मिली थी कि शुक्रवार भोर में करीब २ बजे एक संदिग्ध व्यक्ति बाइक से सिधुआपार की तरफ आ रहा है शातिर चोर, चोरी की नियति से फोरलेन के रास्ते बड़हलगंज कस्बे में आ रहा है। जिसके बाद पुलिस ने घेराबंदी किया। थोड़ी ही देर में कोडारी गांव के हरिजन टोला के पास एक युवक बाइक से आता हुआ दिखाई दिया।उसे रुकने का इशारा किया गया तो वह पुलिस बल पर फायरिंग करते हुए भागने लगा।और बाइक छोड़कर टोला के पास स्थित बाग की ओर भागने लगा। पुलिस टीम ने उसे दौड़ाया और जवाबी फायरिंग की, जिसमे बदमाश के बाएं पैर में गोली लग गई। वह जमीन पर गिरकर तड़पने लगा। पुलिस ने घटनास्थल से अभियुक्त के कब्जे से 01अदद अवैध तमंचा, एक अदद जिंदा कारतूस, एक अदद खोखा कारतूस, एक अदद मोटरसाइकिल बरामद कर पुलिस ने उसे पकड़कर बड़हलगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजवाया। जहां पर डाक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
नहीं रहे झारखंड के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन, दिल्ली में निधन, CM हेमंत सोरेन ने जताया शोक।
झारखंड सरकार के स्कूली शिक्षा, साक्षरता एवं निबंधन विभाग के मंत्री रामदास सोरेन का शुक्रवार की रात को दिल्ली के अपोलो अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया।
उनके निधन की खबर से पूरे झारखंड में शोक की लहर दौड़ गई है।
गोरखपुर। एम्स थाना क्षेत्र में रजही रामसरिया गांव में शुक्रवार की देर रात एक ऐसी दर्दनाक घटना हुई, जिसने न केवल एक परिवार को तोड़ दिया, बल्कि मानवीय रिश्तों की नींव को भी हिलाकर रख दिया। घर के बंटवारे का मामूली विवाद एक खौफनाक हत्याकांड में बदल गया, जब बेटे राधेश्याम ने गुस्से में आकर अपने 65 वर्षीय पिता भागवत मिश्रा के सिर पर फावड़ा मारकर उनकी जीवनलीला समाप्त कर दी।
जानकारी के अनुसार भागवत मिश्रा और उनके बेटे राधेश्याम के बीच लंबे समय से संपत्ति के बंटवारे को लेकर तनाव चल रहा था। शुक्रवार रात यह तनाव उस समय चरम पर पहुंच गया, जब दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हुई। बात इतनी बढ़ गई कि राधेश्याम ने आपा खो दिया और पास ही पड़े फावड़े को हथियार बनाकर अपने पिता पर हमला कर दिया। फावड़े का एक जोरदार प्रहार भागवत मिश्रा के सिर पर लगा, जिससे वह खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़े। परिवार के अन्य सदस्यों ने तुरंत उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
घटना के बाद गांव में सन्नाटा पसर गया। भागवत मिश्रा की पत्नी और अन्य परिजनों की चीख-पुकार ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। पड़ोसियों ने तुरंत पुलिस को सूचना दीऔर एम्स थाना पुलिस के साथ-साथ फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए राधेश्याम को हिरासत में ले लिया और हत्या में प्रयुक्त फावड़ा बरामद किया। भागवत मिश्रा के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और परिवार के बयानों के आधार पर जांच शुरू की गई।
क्या कहती है पुलिस
पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में संपत्ति विवाद को हत्या का मुख्य कारण माना जा रहा है। आरोपी राधेश्याम को गिरफ्तार कर लिया गया है और हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। परिवार के सदस्यों और साक्ष्यों के आधार पर गहन जांच की जा रही है। दोषी को सख्त सजा दिलाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।” पुलिस ने यह भी बताया कि राधेश्याम का अक्सर अपने पिता से विवाद होता था और वह नशे की हालत में कई बार हिंसक व्यवहार कर चुका था।
गोरखपुर। 11 अगस्त 2025; अभाविप का बड़ा विजय, विश्वविद्यालय के एन. सी. छात्रावास से पी.ए.सी. हटने से नए विद्यार्थियों को होगा आवंटन, विद्यार्थियों को लाभ: मयंक राय
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, जो वर्ष के 365 दिन छात्र हितों के लिए सक्रिय और संघर्षशील संगठन है, ने एक बार फिर अपने समर्पण और प्रतिबद्धता का प्रमाण दिया है। विगत चार वर्षों से विद्यार्थी परिषद लगातार दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के नाथ चंद्रावत (एन.सी.) छात्रावास को पी.ए.सी. से खाली कराने की मांग उठा रही थी। प्रत्येक ज्ञापन, आंदोलन और वार्ता में परिषद ने इस मुद्दे को प्राथमिकता दी।
विद्यार्थी परिषद इस विषय पर कुलपति, कमिश्नर, जिले के जिलाधिकारी, प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा से लेकर विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों तक कई बार लिखित एवं मौखिक रूप से अपनी बात रखती रही, और छात्रावास को विद्यार्थियों के हित में वापस दिलाने की मांग करती रही। छात्रावास को विद्यार्थियों हेतु पी.ए.सी से खाली कराने हेतु उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री से भी मिलकर विषय को विस्तार से उनके संज्ञान में डाला, छात्र हितों के लिए इसकी आवश्यकता और महत्व को रेखांकित किया था।सोमवार को मुख्यमंत्री ने इस पर संवेदनशीलता दिखाते हुए पी.ए.सी. को छात्रावास खाली करने का आदेश जारी किया, जो निस्संदेह विद्यार्थियों के हित में ऐतिहासिक कदम है।
अभाविप गोरक्ष प्रांत मंत्री श्री मयंक राय ने कहा कि “यह फैसला साबित करता है कि अभाविप अन्य छात्र संगठनों की तरह सिर्फ औपचारिकता नहीं निभाती। विद्यार्थी परिषद छात्र हितों के लिए साल के 365 दिन संघर्ष करती है,चाहे वह संघर्ष सड़क पर हो या संसद तक। विद्यार्थियों के विकास और अधिकारों के लिए अभाविप पूर्णतः समर्पित है। इसी निरंतर संघर्ष का परिणाम है कि विश्वविद्यालय के सबसे बड़े छात्रावास को से पी.ए.सी. से कब्जा मुक्त किया जा रहा है। माननीय मुख्यमंत्री जी का यह निर्णय स्वागत योग्य है, आर्थिक दृष्टि से कमजोर विद्यार्थियों को इससे सीधा लाभ मिलेगा। बड़ी संख्या में छात्र अब छात्रावास सुविधा का लाभ उठा सकेंगे, जिससे उनकी पढ़ाई और विकास दोनों में सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।”
News Courtesy : शिवम् पांडेय,प्रांत मीडिया संयोजक,अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद।
गोरखपुर। स्वतंत्रता दिवस अमृत महोत्सव के अंतर्गत “हर घर तिरंगा , हर घर स्वच्छता” अभियान को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से भव्य बाइक रैली का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रभारी मुख्य विकास अधिकारी राजमणि वर्मा एवं जिला पंचायत राज अधिकारी निलेश प्रताप सिंह अधिकारी ने हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया।
रैली का शुभारंभ नौकायान से हुआ, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, स्वच्छाग्रही, पंचायत सचिव, सफाई कर्मी, स्थानीय नागरिक उत्साहपूर्वक शामिल हुए। प्रतिभागियों ने तिरंगा झंडा एवं स्वच्छता के संदेश लिखी तख्तियों के साथ नारे लगाते हुए नगर के प्रमुख मार्गों से होकर रैली निकाली। “हर घर तिरंगा” हमारे राष्ट्रीय गर्व और एकता का प्रतीक है, वहीं “हर घर स्वच्छता” स्वस्थ और समृद्ध समाज की आधारशिला है। इस अभियान का उद्देश्य केवल तिरंगा फहराना ही नहीं, बल्कि अपने घर, गली और मोहल्ले को स्वच्छ बनाए रखना भी है।
रैली के दौरान राजमणि वर्मा, विकास अधिकारी निलेश प्रताप सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी, वशिष्ठ नारायण सिंह जिला समाज कल्याण अधिकारी, उपयुक्त श्रम एवं रोजगार, दीपक कुमार सिंह, परियोजना अधिकारी जिला ग्रामीण विकास अभिकरण, रामेंद्र प्रताप सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, बच्चा सिंह, जिला समन्वयक, स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण, एवं अन्य अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे l
वाराणसी। शिक्षा विभाग ने कड़ा कदम उठाते हुए 24 निजी स्कूलों को बंद कर दिया है, जो बिना मान्यता के वर्षों से संचालित हो रहे थे। बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) भोलेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में हुई जांच के बाद इन स्कूलों पर ताला लगा दिया गया। अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे अपने बच्चों का दाखिला मान्यता प्राप्त स्कूलों में कराएं, ताकि उनकी पढ़ाई पर कोई असर न पड़े।
भारत के खिलाफ अकसर जहर उगलने वाले पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर फिलहाल ट्रोल किए जा रहे हैं। उन्हें पाकिस्तान की जनता भारत के साथ अपने देश की तुलना करने और कमतर बताने पर ट्रोल कर रही है।