Category: गोरखपुर

  • बीजेपी कार्यकर्ताओं ने मालवीय नगर में शहीद मेजर सुरेंद्र राय को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की

    बीजेपी कार्यकर्ताओं ने मालवीय नगर में शहीद मेजर सुरेंद्र राय को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की

    गोरखपुर, 15 अगस्त 2026। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर भारतीय जनता पार्टी के निर्देशन में मालवीय नगर वार्ड नंबर 4 में शहीदों के सम्मान हेतु विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं ने अमर शहीद मेजर सुरेंद्र राय के परिजनों से मिलकर उन्हें सांत्वना दी और शहीद को सलाम किया।

    मालूम हुआ कि मेजर सुरेंद्र राय सीआरपीएफ के जवान थे और 6 अप्रैल 2010 को छत्तीसगढ़ में नक्सली मुठभेड़ में 76 जवान शहीद हुए थे। उनका परिवार मालवीय नगर वार्ड नंबर 4 में ही निवास करता है। कार्यक्रम के दौरान पार्षद राजा यादव शहीद की पत्नी इंद्रावती देवी के निवास पहुंचे और उन्हें फूलमाला पहनाकर, डायरी तथा तिरंगा भेंट कर सम्मानित किया।

    पार्षद राजा यादव ने कहा, “स्वतंत्रता दिवस पर शहीदों के सर्वोच्च बलिदान को याद करना और उनका सम्मान करना हमारा नैतिक दायित्व है।” उन्होंने स्थानीय नागरिकों व कार्यकर्ताओं से शहीद परिवारों के साथ हमेशा खड़े रहने का आह्वान भी किया।

    कार्यक्रम में वार्ड नंबर 4 के भाजपा नेता अभिषेक शर्मा, सुमित कुमार, डी० के० पाण्डे, मोनू शुक्ला, दिनेश सिंह, विनय सिंह, उमेश मिश्रा, विजेंद्र प्रताप सिंह, साधु यादव, अमर राय तथा कई अन्य सम्मानित अतिथि और पार्टी कार्यकर्ता मौजूद थे । उपस्थित लोगों ने शहीद परिवार को सहयोग का भरोसा दिलाया और उनके बलिदान को नमन किया।

  • गोरखपुर में शोक की लहर: पं. राम समुझ शुक्ल को भावपूर्ण श्रद्धांजलि

    गोरखपुर में शोक की लहर: पं. राम समुझ शुक्ल को भावपूर्ण श्रद्धांजलि

    गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :–


    सादगी और सामाजिक सरोकारों के लिए याद किए जाएंगे स्वर्गीय पं. राम समुझ शुक्ल, शोक की घड़ी में परिवार के साथ खड़े हुए अनेक गणमान्य

    गोरखपुर।कुछ लोगों की पहचान उनके पद या प्रतिष्ठा से नहीं, बल्कि उनके व्यवहार, संस्कार और लोगों से बने रिश्तों से होती है।

    स्वर्गीय पं. राम समुझ शुक्ल जी भी ऐसे ही व्यक्तित्व थे, जिनके निधन से परिवार ही नहीं, बल्कि उनसे जुड़े लोगों और शुभचिंतकों के बीच भी गहरा दुःख है।

     

    04 अगस्त 2026, मंगलवार को पं. राम समुझ शुक्ल जी के निधन का समाचार जैसे ही लोगों तक पहुंचा, उनके परिचितों और शुभचिंतकों में शोक की लहर दौड़ गई।

    🕯️ नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई :-

    दिवंगत पं. राम समुझ शुक्ल जी को अंतिम विदाई देने के लिए परिवारजनों के साथ बड़ी संख्या में रिश्तेदार, मित्र और शुभचिंतक पहुंचे।

    गमगीन माहौल के बीच लोगों ने उन्हें अंतिम नमन किया और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

    उनकी तस्वीर के सामने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए हर किसी के चेहरे पर अपनों को खोने का दर्द साफ नजर आया।

    🤝 सियासत से समाज तक—हर वर्ग ने जताया दुःख

    पं. राम समुझ शुक्ल जी के निधन पर समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने परिवार के बीच पहुंचकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।

    पूर्व विधायक राजन तिवारी, विधायक राजू तिवारी, पूर्व सांसद कुशल शंकर तिवारी उर्फ भीष्म शंकर तिवारी, तेलंगाना के महामहिम राज्यपाल श्री शिव प्रताप शुक्ल, पूर्व सभापति गणेश शंकर पांडेय, गोरखनाथ मंदिर से द्वारिका तिवारी, श्रींजयन मिश्रा, संजयन त्रिपाठी जी, माया शंकर शुक्ल पहलवान और पत्रकार अनुराग त्रिपाठी सहित अनेक लोगों ने शोक-संतप्त परिवार से मुलाकात की ।

    इन सभी ने परिवार को ढांढस बंधाते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

    🌺 तस्वीर के सामने श्रद्धा, आंखों में नम थीं यादें :-

    श्रद्धांजलि सभा के दौरान स्वर्गीय पं. राम समुझ शुक्ल जी की तस्वीर को फूलों से सजाया गया।परिवार और शुभचिंतकों ने तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें याद किया।

    यह दृश्य केवल एक व्यक्ति को श्रद्धांजलि देने का नहीं, बल्कि उनसे जुड़े रिश्तों और वर्षों की यादों को सम्मान देने का अवसर भी बन गया।

    🕉️ गीता का संदेश—शरीर नश्वर, आत्मा अमर
    ऐसे समय में श्रीमद्भगवद्गीता का संदेश हर किसी को जीवन के सत्य का एहसास कराता है—

    “नैनं छिन्दन्ति शस्त्राणि, नैनं दहति पावकः।”

    अर्थात आत्मा को न शस्त्र काट सकते हैं और न अग्नि जला सकती है।
    इसी विश्वास के साथ परिजन अपने प्रियजन को याद करते हुए ईश्वर से उनकी आत्मा की शांति की प्रार्थना कर रहे हैं

    🌼 15 अगस्त को होगा ब्रह्मभोज :-

    परिवार द्वारा दिवंगत आत्मा की स्मृति में 15 अगस्त 2026, शनिवार को शाम 7 बजे ब्रह्मभोज का आयोजन किया जाएगा।
    स्थान — 507, हुमायूंपुर उत्तरी, गोरखनाथ, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।

    परिवार ने रिश्तेदारों, मित्रों, शुभचिंतकों और समाज के लोगों से कार्यक्रम में पहुंचकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करने का अनुरोध किया है।



    🕊️ एक व्यक्ति विदा हुआ, लेकिन यादें हमेशा रहेंगी :-

    पं. राम समुझ शुक्ल जी भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनसे जुड़े रिश्ते, उनकी यादें और उनके जीवन के संस्कार परिवार और शुभचिंतकों के बीच हमेशा जीवित रहेंगे।

    निष्पक्ष टुडे परिवार की ओर से स्वर्गीय पं. राम समुझ शुक्ल जी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि।

    ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवार को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति दें।
    ॐ शांति। 🕉️

  • गोरखपुर में तिरंगे का सैलाब! CM योगी की अगुवाई में निकली भव्य तिरंगा यात्रा

    गोरखपुर में तिरंगे का सैलाब! CM योगी की अगुवाई में निकली भव्य तिरंगा यात्रा

    गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-

    ढाई किलोमीटर तक गूंजा राष्ट्रभक्ति का संदेश… हाथों में तिरंगा लेकर हजारों लोग बने यात्रा का हिस्सा


    गोरखपुर | 10 अगस्त।
    गोरखपुर की सड़कों पर सोमवार को देशभक्ति का जबरदस्त जनसैलाब देखने को मिला। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में निकली भव्य तिरंगा यात्रा में हजारों लोग हाथों में राष्ट्रध्वज लेकर कदम से कदम मिलाते नजर आए।

    नगर निगम परिसर से रेलवे स्टेशन चौक तक करीब 2.5 किलोमीटर की इस यात्रा ने पूरे महानगर को तिरंगे के रंग में रंग दिया।

    🔥 शुरुआत शौर्य को नमन से… फिर निकला तिरंगे का कारवां

    यात्रा शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नगर निगम परिसर स्थित वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा पर माल्यार्पण और पुष्पार्चन किया।
    स्वतंत्रता संग्राम की वीरांगना को नमन के बाद जब मुख्यमंत्री हाथ में तिरंगा लेकर आगे बढ़े, तो उनके साथ हजारों कदम देशभक्ति के इस कारवां में जुड़ते चले गए।

    🇮🇳 CM योगी बोले—“तिरंगा सिर्फ झंडा नहीं, बलिदानों की अमिट गाथा है”

    मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत का तिरंगा स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के संघर्ष और बलिदान की अमिट गाथा है।
    उन्होंने तिरंगे को भारत की “आन, बान और शान” का प्रतीक बताते हुए कहा कि इसके पीछे देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले अनगिनत वीरों का इतिहास जुड़ा है।

    ⚔️ मंगल पांडेय से चौरीचौरा और काकोरी तक… याद आया बलिदान का इतिहास

    अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता आंदोलन के कई महत्वपूर्ण अध्यायों को याद किया।
    मंगल पांडेय, बंधु सिंह, रानी लक्ष्मीबाई, तात्या टोपे और धनसिंह कोतवाल जैसे वीरों का उल्लेख करते हुए उन्होंने आजादी के संघर्ष की गाथा सामने रखी।

    इसके साथ ही 1922 की चौरीचौरा घटना और 1925 के काकोरी ट्रेन एक्शन का भी जिक्र किया।

    मुख्यमंत्री ने राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां, रोशन सिंह और चंद्रशेखर आजाद समेत क्रांतिकारियों के बलिदान को याद किया।

    🏠 “हर घर तिरंगा”—अब घर-घर पहुंचेगा राष्ट्रध्वज

    तिरंगा यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने लोगों से ‘हर घर तिरंगा’ अभियान से जुड़ने का आह्वान किया।
    उन्होंने लोगों से अपील की कि यात्रा में हाथ में मौजूद तिरंगे को अपने घर पर लगाएं और उसके साथ सेल्फी लेकर अपलोड करें।

    🚩 इस साल UP में 5 करोड़ घरों पर तिरंगा फहराने का लक्ष्य

    मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रदेश सरकार ने इस वर्ष 5 करोड़ घरों पर तिरंगा फहराने का लक्ष्य तय किया है।
    सिर्फ घर ही नहीं, बल्कि सरकारी, अर्द्धसरकारी, निजी, व्यावसायिक और व्यापारिक संस्थानों के भवनों पर भी राष्ट्रध्वज फहराने की बात कही गई।


    ⚖️ राष्ट्रध्वज फहराने के अधिकार पर भी बोले CM योगी

    मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय नागरिकों को अपने घर पर राष्ट्रध्वज फहराने के अधिकार के लिए न्यायालयों का सहारा लेना पड़ता था।

    उन्होंने कहा कि 2022 में नेशनल फ्लैग कोड में संशोधन के बाद नागरिकों के लिए घर पर सम्मानपूर्वक राष्ट्रध्वज फहराने का रास्ता आसान हुआ।

    🇮🇳 राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत और तिरंगे के सम्मान की अपील

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रध्वज, राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत देश के गौरव के प्रतीक हैं।

    उन्होंने नागरिकों से राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान करने की अपील की और कहा कि राष्ट्रगान व राष्ट्रगीत के अपमान को संज्ञेय अपराध बनाया गया है।

    👥 तिरंगा यात्रा में कई प्रमुख चेहरे रहे मौजूद

    कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद, सांसद रविकिशन शुक्ल, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विधायक फतेह बहादुर सिंह, श्रीराम चौहान, विपिन सिंह, सरवन निषाद और प्रदीप शुक्ल, एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह समेत कई जनप्रतिनिधि और भाजपा पदाधिकारी मौजूद रहे।

    🇮🇳 : तिरंगे के साथ गूंजा “राष्ट्र प्रथम” का संदेश

    गोरखपुर की सड़कों पर निकली इस तिरंगा यात्रा में हाथों में राष्ट्रध्वज और दिल में देशभक्ति का भाव नजर आया।
    करीब ढाई किलोमीटर तक चला यह कारवां सिर्फ एक यात्रा नहीं, बल्कि स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद करने और राष्ट्रध्वज के सम्मान का संदेश देने का माध्यम बना।
    निष्पक्ष टुडे की नजर में सवाल यही—क्या इस बार 5 करोड़ घरों पर तिरंगा फहराने का लक्ष्य पूरा होगा? 🇮🇳

  • CM सिटी में आखिर ऐसा क्या हुआ कि मंच से ही भड़क उठीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल?

    CM सिटी में आखिर ऐसा क्या हुआ कि मंच से ही भड़क उठीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल?

    गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-


    गोरखपुर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने खुलकर गिनाईं कमियां। बिजली, पानी, पंखे, गंदगी और नशे तक का किया जिक्र।

    अब बड़ा सवाल—क्या सीएम सिटी में सब कुछ ठीक है?

     गोरखपुर | क्या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद में सब कुछ ठीक नहीं है?

    आखिर ऐसा क्या हुआ कि उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को हजारों लोगों के सामने मंच से ही कहना पड़ा—

    “जो हमारी कमियां हैं, वो तो मुझे बताना ही पड़ेगा। यह गोरखपुर है, जहां स्वयं हमारे मुख्यमंत्री हैं। यहां भी ऐसी कमियां रहेंगी तो क्या होगा?“

    यह एक ऐसा बयान था जिसने पूरे समारोह का माहौल बदल दिया।

    ⚡ आखिर किन कमियों का किया जिक्र?

    🔹 क्या कार्यक्रम स्थल पर बिजली की व्यवस्था ठीक नहीं थी?

    🔹 क्या पानी की उपलब्धता पर सवाल उठे?

    🔹 क्या पंखों की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं थी

    🔹 क्या साफ-सफाई की स्थिति ने राज्यपाल को नाराज़ किया?

    🔹 और आखिर उन्होंने ड्रग्स और शराब जैसी गंभीर समस्या का जिक्र क्यों किया?

     अब उठ रहे हैं बड़े सवाल ?

    ❓ क्या सीएम सिटी की जमीनी हकीकत सरकारी दावों से अलग है?

    ❓ क्या राज्यपाल के बयान के बाद प्रशासन तुरंत एक्शन लेगा?

    ❓ या फिर यह मामला भी कुछ दिनों की चर्चा बनकर रह जाएगा?

    🔥 क्यों है यह बयान इतना अहम

    ✅ गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गृह जनपद है।

    ✅ ऐसे में राज्यपाल का मंच से व्यवस्थाओं पर सवाल उठाना राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    ✅ अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि प्रशासन इन कमियों को दूर करने के लिए क्या कदम उठाता है।

    💬 आपका क्या मानना है?

    क्या राज्यपाल की नाराज़गी के बाद गोरखपुर की व्यवस्थाओं में सुधार होगा, या फिर यह सिर्फ एक बयान बनकर रह जाएगा? अपनी राय कमेंट में जरूर बताइए।

  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कुशीनगर विधायक पी.एन. पाठक ने की मुलाकात

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कुशीनगर विधायक पी.एन. पाठक ने की मुलाकात

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कुशीनगर विधायक पी.एन. पाठक ने की मुलाकात (more…)

  • वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने सुनीं जनसमस्याएं, त्वरित निस्तारण के दिए कड़े निर्देश

    वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने सुनीं जनसमस्याएं, त्वरित निस्तारण के दिए कड़े निर्देश

    वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने सुनीं जनसमस्याएं, त्वरित निस्तारण के दिए कड़े निर्देश

    गोरखपुर। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ कौस्तुभ के द्वारा पुलिस कार्यालय स्थित सभागार में जनसुनवाई का आयोजन किया गया। इस दौरान जिले के विभिन्न थानों व कस्बों से अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे फरियादियों की शिकायतों को एसएसपी ने बेहद गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना। जनसुनवाई के दौरान भूमि विवाद, आपसी रंजिश, आपराधिक शिकायतों तथा थाना स्तर पर लंबित मामलों से जुड़ी कई अर्जियां प्राप्त हुईं। SSP ने मौके पर ही संबंधित क्षेत्राधिकारियों और थाना प्रभारियों को दूरभाष एवं पत्राचार के माध्यम से मामलों की निष्पक्ष जांच कर त्वरित निस्तारण करने के कड़े निर्देश दिए।

    उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनसुनवाई में आने वाले प्रत्येक पीड़ित को समयबद्ध न्याय दिलाना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। थानों पर आने वाले फरियादियों के साथ शालीन व्यवहार करने और उनकी शिकायतों का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण ढंग से करने की हिदायत भी मातहतों को दी गई।

  • 29 जुलाई को दिखेगा वर्ष का आकर्षक ‘बक मून’, गुरु पूर्णिमा पर बनेगा दुर्लभ खगोलीय-सांस्कृतिक संयोग

    29 जुलाई को दिखेगा वर्ष का आकर्षक ‘बक मून’, गुरु पूर्णिमा पर बनेगा दुर्लभ खगोलीय-सांस्कृतिक संयोग

    ज्योतिष डेस्क निष्पक्ष टुडे :-



    रात 8:06 बजे पूर्णिमा होगी चरम पर, मकर तारामंडल में चमकेगा चंद्रमा; बिना दूरबीन के भी दिखेगा अद्भुत नज़ारा


    29 जुलाई 2026 को दिखेगा वर्ष का आकर्षक ‘बक मून’,/ फुल मून

    गुरु पूर्णिमा पर बनेगा दुर्लभ
    खगोलीय-सांस्कृतिक संयोग।


    खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 29 जुलाई 2026 की शाम आकाश प्रेमियों और सामान्य जनमानस के लिए विशेष रहने वाली है क्योंकि इस दौरान भारतीय समयानुसार रात 8:06 बजे जुलाई की पूर्णिमा अपने चरम पर होगी। इस दौरान चंद्रमा, मकर (Capricornus) तारामंडल की दिशा में रहेगा तथा लगभग –12.7 मैग्नीट्यूड की चमक से दमकेगा एवं इसी पूर्णिमा को पारंपरिक रूप से ‘बक मून’ (Buck Moon) कहा जाता है। इसका विशेष महत्व इसलिए भी है क्योंकि यही दिन आषाढ़ पूर्णिमा अथवा गुरु पूर्णिमा का भी है। इस प्रकार एक ही दिन खगोलीय और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्त्वपूर्ण संयोग देखने को मिलेगा।


    क्या होती है पूर्णिमा ?

    खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि पूर्णिमा वह खगोलीय अवस्था है जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा लगभग एक सीधी रेखा में होते हैं तथा पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच स्थित होती है। इस स्थिति में चंद्रमा का सूर्य से प्रकाशित पूरा निकटवर्ती भाग पृथ्वी की ओर दिखाई देता है, इसलिए वह पूर्ण गोलाकार एवं अत्यधिक चमकीला दिखाई देता है। या कुछ यूं कहें कि पूर्णिमा वह समय होता है जब सूर्य और चंद्रमा पृथ्वी के विपरीत दिशाओं में एक सीध में होते हैं, जिसे खगोलविज्ञान की भाषा में’ सिज़ीगी’ कहते हैं।उस समय, चंद्रमा का प्रकाशित भाग पृथ्वी की ओर होता है जबकि दूसरा भाग अंधकार में होता है। अमावस्या के समय इसका ठीक विपरीत होता है।


    कब होगा बक मून का चरम समय। ?

    खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि बैसे तो सूर्यास्त के बाद से ही चंद्रमा, पूरब -दक्षिण पूर्वी आकाश में नज़र आने लगेगा लेकिन रात 8:06 बजे वह सटीक क्षण होगा जब पूर्णिमा अपनी चरम अवस्था में पहुँचेगी, लेकिन सामान्य दर्शकों को चंद्रमा एक दिन पहले एवं एक दिन बाद की रातों में भी लगभग पूर्ण जैसा ही दिखाई देगा, क्योंकि प्रकाशित भाग में परिवर्तन बहुत धीमी गति से होता है।


    कहाँ और किस दिशा में दिखाई देगा बक मून ?

    खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि भारत में 29 जुलाई को सूर्यास्त के तुरंत बाद चंद्रमा पूर्व–दक्षिण-पूर्व (East-Southeast) दिशा में उदित होगा। रात बढ़ने के साथ वह आकाश में ऊँचा उठेगा, लगभग मध्यरात्रि में सर्वोच्च ऊँचाई पर पहुँचेगा और सूर्योदय के आसपास पश्चिम दिशा में अस्त होगा।

     


    किस तारामण्डल में दिखाई देगा बक मून।?

    खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि पूर्णिमा के चरम के समय चंद्रमा, मकर (Capricornus) तारामंडल की दिशा में स्थित रहेगा, साथ ही पृथ्वी से उसकी औसत दूरी लगभग 3,99,600 किलोमीटर होगी तथा उसका प्रत्यक्ष कोणीय व्यास लगभग 0.5 डिग्री दिखाई देगा।


    चंद्रमा कितना चमकीला/ कितने मैग्नीट्यूड पर होगा?

    खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इस पूर्णिमा के दौरान चंद्रमा का दृश्य मैग्नीट्यूड लगभग माइनस 12.7 रहेगा, जो इसे रात्रि आकाश की सबसे चमकीली प्राकृतिक वस्तुओं में शामिल करता है। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि ऋणात्मक (Negative) मैग्नीट्यूड का अर्थ है कि वस्तु अत्यंत अधिक चमकीली है। पूर्णिमा के समय चंद्रमा का प्रकाश इतना प्रबल होता है कि अत्यंत हल्के बादलों के बीच भी दिखाई देता है।


    ‘ बक मून’ नाम कैसे पड़ा?

    खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि जुलाई की पूर्णिमा को बक मून (Buck Moon) नाम उत्तरी अमेरिका की मूल निवासी (Native American) जनजातियों द्वारा दिया गया था, क्योंकि वर्ष के इसी समय नर हिरण (Buck) के नए सींग तेज़ी से विकसित होते हैं और मखमली आवरण से ढके दिखाई देते हैं। इसी मौसमी परिवर्तन के आधार पर जुलाई की पूर्णिमा को “बक मून” कहा जाने लगा साथ ही इसके अन्य पारंपरिक नाम भी प्रचलित हैं, जिनमें थंडर मून , हे मून,शैलमन मून, रस्पवेरी मून, हॉफ वे समर मून तथा कुछ क्षेत्रों में मियड मून भी शामिल हैं। ये नाम विभिन्न संस्कृतियों की कृषि, मौसम और प्राकृतिक चक्रों से जुड़े हैं।


    बक मून/ पूर्णिमा का पृथ्वी पर क्या पर प्रभाव होगा।?

    खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि पूर्णिमा और अमावस्या के समय सूर्य एवं चंद्रमा का संयुक्त गुरुत्वाकर्षण प्रभाव समुद्रों में स्प्रिंग टाइड (Spring Tide) अथवा उच्च ज्वार उत्पन्न करता है। इन दिनों उच्च और निम्न ज्वार के बीच का अंतर सामान्य दिनों की अपेक्षा अधिक होता है। हालांकि वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार पूर्णिमा का मानव व्यवहार या मानसिक स्वास्थ्य पर कोई निर्णायक प्रत्यक्ष प्रभाव सिद्ध नहीं हुआ है। लेकिन फिर भी पुराने जमाने से ही कई देशों ख़ासकर प्राचीन यूरोप में प्रचलित मान्यताओं के अनुसार चंद्रमा को लूना भी कहा जाता है एवं उसी के आधार पर बना था *ल्यूनेटिक* शब्द जिसका मतलब ही होता है कि *चांदमारा* या पागल होना। लेकिन आधुनिक खगोल वैज्ञानिक अनुसंधानों में चंद्रमा का आपने शरीर के ऊपर कोई प्रत्यक्ष प्रभाव नहीं होता है। इसीलिए यहां घबराने की जरूरत बिल्कुल भी नहीं है, इसीलिए खगोलविद अमर पाल सिंह कहते हैं कि *पहले जानें उसके बाद ही मानें और सही ज्ञान सभी समस्याओं का समाधान और यही है विज्ञान।


    हर पूर्णिमा पर ग्रहण क्यों नहीं होता?

    खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि बहुत से लोग मानते हैं कि हर पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण होना चाहिए, जबकि ऐसा नहीं है। इसका कारण यह है कि चंद्रमा की कक्षा पृथ्वी की सूर्य के चारों ओर की कक्षा (क्रांतिवृत्त) से लगभग 5.1° झुकी हुई है। इसलिए अधिकांश पूर्णिमाओं पर चंद्रमा पृथ्वी की छाया के ऊपर या नीचे से निकल जाता है। चंद्र ग्रहण केवल तभी होता है जब पूर्णिमा के समय चंद्रमा अपने कक्षीय नोड के निकट हो और सूर्य, पृथ्वी तथा चंद्रमा लगभग एक सीध में हों।

     


    चंद्रमा हमेशा एक जैसा क्यों नहीं दिखता?

    खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि चंद्रमा, पृथ्वी की परिक्रमा लगभग 27.32 दिनों में करता है, जबकि एक पूर्णिमा से अगली पूर्णिमा तक का औसत समय 29.53 दिन (सिनोडिक मास) होता है। यही कारण है कि चंद्रमा की कलाएँ लगातार बदलती रहती हैं। एक चंद्र चक्र में अमावस्या, बढ़ता अर्धचंद्र, प्रथम चतुर्थांश, बढ़ता गिबस मून, पूर्णिमा, घटता गिबस मून, तृतीय चतुर्थांश और घटता अर्धचंद्र जैसी आठ प्रमुख अवस्थाएँ आती हैं। इन्हीं समस्त चंद्रकलाओं के कारण चन्द्रमा, पृथ्वी से हमेशा एक ही आकर में नहीं दिखाई देता है और अपनी कलाएँ बदलता रहता है।


    क्या वास्तव में हम चंद्रमा का केवल आधा भाग ही देखते हैं?

    खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि यद्यपि किसी भी समय चंद्रमा का लगभग 50 प्रतिशत भाग ही पृथ्वी से दिखाई देता है, लेकिन चंद्र लिब्रेशन (Libration) नामक हल्के डगमगाने वाले प्रभाव के कारण समय के साथ हम उसकी सतह का लगभग 59 प्रतिशत भाग देख पाते हैं।


    गुरु पूर्णिमा का वैज्ञानिक एवं पौराणिक महत्व क्या होता है।?

    खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 29 जुलाई 2026 की पूर्णिमा भारतीय परंपरा में गुरु पूर्णिमा के रूप में मनाई जाएगी। पौराणिक रूप में यह दिन महर्षि वेदव्यास की जयंती से जुड़ा माना जाता है और ज्ञान, शिक्षा तथा गुरु-शिष्य परंपरा के सम्मान का पर्व है। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि खगोलीय दृष्टि से यह केवल पूर्णिमा का एक विशेष क्षण होता है, साथ ही इसे कई अन्य नामों से भी जाना जाता है जबकि सांस्कृतिक रूप से यह भारतीय ज्ञान परंपरा के प्रति हमेशा अपनी सच्ची श्रद्धा व्यक्त करने का अवसर प्रदान करता है। इसीलिए सभी को अपने गुरुओं के प्रति कृतज्ञ होना ही चाहिए क्योंकि बिन गुरु ज्ञान कहां।


    कैसे देखें बक मून और तस्वीर कैसे लें?

    खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इस बक मून/पूर्णिमा को देखने के लिए किसी दूरबीन / टेलीस्कोप या विनॉकुलर आदि की आवश्यकता नहीं होती है सूर्यास्त के तुरंत बाद पूर्वी क्षितिज का खुला स्थान चुनें। यदि आपके पास कोई टेलीस्कोप/दूरबीन या विनोकुलर एवं कैमरा आदि उपकरण मौजूद हैं और आप फोटोग्राफी करना चाहें तो ट्राइपॉड का उपयोग करें तथा कैमरे या मोबाइल में एक्सपोज़र कम रखें, जिससे चंद्रमा की सतह के गड्ढे और पर्वतीय संरचनाएँ स्पष्ट दिखाई दें।

    खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 29 जुलाई 2026 का बक मून केवल एक सुंदर पूर्णिमा नहीं, बल्कि खगोल विज्ञान, प्रकृति, संस्कृति और भारतीय परंपरा का अद्भुत संगम है। यह अवसर हमें चंद्रमा की वैज्ञानिक समझ के साथ-साथ प्रकृति के उन मौसमी संकेतों की भी याद दिलाता है जिनके आधार पर विभिन्न सभ्यताओं ने सदियों तक समय और ऋतुओं का निर्धारण किया था। इसीलिए मौसम साफ़ होने पर आप इस बक मून/ गुरु पूर्णिमा की चाँदनी रात्रि का लुत्फ़ जरुर उठाएं साथ ही बच्चों को इसके वैज्ञानिक, सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक कारणों से भी अवगत ज़रूर करवाएं,जिस से समाज में व्यापक रूप से वैज्ञानिक दृष्टिकोण पुष्ट होता है।

  • हर-हर महादेव के जयघोष के साथ संपन्न हुआ श्री श्री प्राचीन शिव मंदिर का वार्षिक उत्सव, सामूहिक रुद्राभिषेक और विशाल भंडारे में उमड़ा आस्था का सैलाब

    हर-हर महादेव के जयघोष के साथ संपन्न हुआ श्री श्री प्राचीन शिव मंदिर का वार्षिक उत्सव, सामूहिक रुद्राभिषेक और विशाल भंडारे में उमड़ा आस्था का सैलाब

    गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-



    जनप्रिय विहार कॉलोनी में हजारों श्रद्धालुओं ने लिया भगवान शिव का आशीर्वाद, धार्मिक आयोजन ने दिया सामाजिक एकता और सेवा का संदेश।



    गोरखपुर।जनप्रिय विहार कॉलोनी स्थित श्री श्री प्राचीन शिव मंदिर में आयोजित तीन दिवसीय वार्षिक उत्सव का मंगलवार को सामूहिक रुद्राभिषेक और विशाल भंडारे के साथ भव्य एवं श्रद्धापूर्ण समापन हो गया। पूरे दिन मंदिर परिसर हर-हर महादेव और ॐ नमः शिवाय के जयघोष से गूंजता रहा।

    सुबह आयोजित सामूहिक रुद्राभिषेक में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक एवं पूजन-अर्चन कर परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और विश्व कल्याण की कामना की।

     

    धार्मिक अनुष्ठान के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा।

    शाम 6 बजे से प्रारंभ हुए विशाल भंडारे में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। महिलाओं, बुजुर्गों, युवाओं और बच्चों सहित बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण कर आयोजन की गरिमा को बढ़ाया। मंदिर समिति एवं स्थानीय स्वयंसेवकों ने पूरे कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित ढंग से संभाला, जिसकी श्रद्धालुओं ने सराहना की।

    इससे पहले वार्षिक उत्सव के अंतर्गत संगीतमय सुंदरकांड पाठ, महिला मंडल द्वारा शिव चर्चा तथा प्रसाद वितरण जैसे धार्मिक कार्यक्रम भी सफलतापूर्वक आयोजित किए गए, जिनमें क्षेत्र के लोगों की उल्लेखनीय भागीदारी रही।

    मंदिर समिति ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं, दानदाताओं, स्वयंसेवकों एवं क्षेत्रवासियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में आस्था, सेवा, भाईचारे और सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करने का कार्य करते हैं।

  • शानदार पेंटिंग और मेहनत के दम पर कासिनी रस्तोगी ने परीक्षा में हासिल किया प्रथम स्थान

    शानदार पेंटिंग और मेहनत के दम पर कासिनी रस्तोगी ने परीक्षा में हासिल किया प्रथम स्थान

    गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-


    लिटिल फ्लावर स्कूल, चारगांवा की कक्षा प्रथम की छात्रा ने उत्कृष्ट प्रतिभा का किया प्रदर्शन, विद्यालय और परिवार में खुशी का माहौल



    गोरखपुर। लिटिल फ्लावर स्कूल, चारगांवा की कक्षा प्रथम की छात्रा कासिनी रस्तोगी ने अपनी शानदार प्रतिभा, मेहनत और उत्कृष्ट प्रदर्शन के बल पर परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त कर विद्यालय एवं अपने परिवार का नाम रोशन किया है।

     

    माया बाजार पश्चिम, गोरखपुर निवासी 6 वर्षीय कासिनी रस्तोगी, पुत्री ऋषभ रस्तोगी एवं शिवन्या रस्तोगी, ने शानदार पेंटिंग बनाकर अपनी रचनात्मक प्रतिभा का भी प्रभावशाली प्रदर्शन किया। पढ़ाई के साथ-साथ कला के क्षेत्र में कासिनी की प्रतिभा ने सभी को प्रभावित किया है।

    कासिनी की इस शानदार उपलब्धि पर विद्यालय के प्रधानाचार्य, शिक्षकों और अभिभावकों ने उन्हें हार्दिक बधाई दी तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। विद्यालय परिवार ने विश्वास जताया कि कासिनी भविष्य में भी शिक्षा और रचनात्मकता के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करेंगी।

    कासिनी रस्तोगी की सफलता से विद्यालय में हर्ष का माहौल है। उनकी उपलब्धि ने अन्य विद्यार्थियों को भी मेहनत, लगन और उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया है।

    विद्यालय परिवार और परिजनों ने कासिनी के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उनकी यह सफलता आगे आने वाली बड़ी उपलब्धियों की मजबूत नींव है।