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  • मालदीव में बड़ा राजनीतिक भूचाल: पूर्व विदेश मंत्री और UNGA अध्यक्ष रहे अब्दुल्ला शाहिद नाबालिग से यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार

    मालदीव में बड़ा राजनीतिक भूचाल: पूर्व विदेश मंत्री और UNGA अध्यक्ष रहे अब्दुल्ला शाहिद नाबालिग से यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार

    मालदीव में बड़ा राजनीतिक भूचाल: पूर्व विदेश मंत्री और UNGA अध्यक्ष रहे अब्दुल्ला शाहिद नाबालिग से यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तारu

     

    माले। हिंद महासागर के द्वीपीय देश मालदीव की राजनीति में सोमवार देर रात एक बड़ा भूचाल आ गया। मालदीव के पूर्व विदेश मंत्री, संसद के पूर्व स्पीकर और विपक्षी दल मालदीवियन डेमोक्रेटिक पार्टी (MDP) के कद्दावर नेता अब्दुल्ला शाहिद को मालदीव पुलिस ने नाबालिग के यौन शोषण के गंभीर आरोप में गिरफ्तार कर लिया है।

    मालदीव पुलिस ने अपने आधिकारिक बयान में गिरफ्तारी की पुष्टि की है। पुलिस के अनुसार, 64 वर्षीय अब्दुल्ला शाहिद को 2 नवंबर 2026 की रात करीब 9:59 बजे कोर्ट वारंट के तहत गिरफ्तार किया गया।

    मालदीव पुलिस ने X (पूर्व ट्विटर) पर जारी बयान में कहा – “18 वर्ष से कम उम्र के नाबालिग के यौन शोषण के संदेह में, अब्दुल्ला शाहिद (64 वर्ष), एच. रबीई मंजिल, माले, को 2 नवंबर 2026 की रात लगभग 21:59 बजे अदालत के वारंट के तहत गिरफ्तार किया गया। पुलिस वर्तमान में इस मामले में आगे की जांच कर रही है।” e81e

    स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्हें उनके हुलहुमाले स्थित आवास Rainbow Ocean Front से हिरासत में लिया गया। पहले उन्हें हुलहुमाले पुलिस स्टेशन ले जाया गया और बाद में धूनिधू स्थित पुलिस कस्टडी सेंटर में ट्रांसफर कर दिया गया।

    गिरफ्तारी से ठीक पहले शाहिद ने क्या कहा?

    गिरफ्तारी से कुछ ही मिनट पहले अब्दुल्ला शाहिद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट कर सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था। उन्होंने इसे राजनीतिक साजिश बताया।

    शाहिद ने लिखा, “मेरे चरित्र हनन के लिए राजनीतिक रूप से प्रसारित की जा रही कहानियां पूरी तरह से निराधार झूठ हैं। मैं सभी से आग्रह करता हूं कि ऐसे अपुष्ट दावों को न फैलाएं।” e81e

    उन्होंने कहा कि यह उनकी छवि को खराब करने की कोशिश है और यह पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित है।

    कौन हैं अब्दुल्ला शाहिद? मालदीव के सबसे प्रभावशाली चेहरों में से एक

    अब्दुल्ला शाहिद को मालदीव की सबसे प्रभावशाली और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सबसे अधिक पहचानी जाने वाली हस्तियों में गिना जाता है। उनका राजनीतिक करियर चार दशकों से भी ज्यादा लंबा है।

    1. दो बार विदेश मंत्री:*उन्होंने दो बार मालदीव के विदेश मंत्री के रूप में कार्य किया है। पहली बार 2007 से 2008 तक तत्कालीन राष्ट्रपति मौमून अब्दुल गयूम के कार्यकाल में, और दूसरी बार 2018 से 2023 तक पूर्व राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह के कार्यकाल में। 3146

    2. संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष: शाहिद 2021 से 2022 तक संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76वें सत्र के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। यह पद किसी मालदीवियाई नागरिक के लिए अब तक का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय पद माना जाता है। इसी दौरान उन्हें वैश्विक स्तर पर पहचान मिली।

    3. संसद के स्पीकर: वह 2009 से 2014 तक मालदीव की संसद पीपुल्स मजलिस के स्पीकर भी रहे हैं।

    4. राजनीतिक सफर: उन्होंने 1984 में मालदीव के विदेश मंत्रालय से अपने करियर की शुरुआत की थी। वह 2013 में MDP में शामिल हुए थे। फरवरी 2024 में वह MDP के अध्यक्ष बने और अगस्त 2026 में उन्होंने 2028 के राष्ट्रपति चुनाव के लिए पार्टी के प्राइमरी में लड़ने के लिए इस पद से इस्तीफा दे दिया था।

    राजनीतिक समय क्यों है महत्वपूर्ण? 2028 चुनाव से सीधा कनेक्शन

    यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब मालदीव में 2028 में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव की तैयारी शुरू हो गई है। अब्दुल्ला शाहिद को मौजूदा राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के खिलाफ विपक्ष का सबसे बड़ा चेहरा और संभावित उम्मीदवार माना जा रहा था।

    मालदीवियन डेमोक्रेटिक पार्टी (MDP) जो 2023 में सत्ता से बाहर हो गई थी, अब 2028 में वापसी की तैयारी कर रही है। शाहिद खुद को एक अनुभवी, एकजुट करने वाले और अंतरराष्ट्रीय साख वाले नेता के रूप में पेश कर रहे थे। ऐसे में उनकी गिरफ्तारी ने MDP की पूरी रणनीति पर सवाल खड़ा कर दिया है। ba1c

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला मालदीव की राजनीति को दो हिस्सों में बांट सकता है। सत्ता पक्ष इसे कानून का राज बता रहा है, जबकि विपक्ष इसे राजनीतिक प्रतिशोध बता रहा है। पुलिस ने अभी तक इस मामले में कोई विस्तृत सबूत या पीड़ित के बारे में कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की है, और कहा है कि जांच जारी है।

    1. फिलहाल मालदीव पुलिस ने कहा है कि जांच जारी है और आरोप अभी अदालत में साबित होने बाकी हैं। इस हाई-प्रोफाइल मामले पर न केवल मालदीव, बल्कि संमालदीव में बड़ा राजनीतिक भूचाल: पूर्व विदेश मंत्री और UNGA अध्यक्ष रहे युक्त राष्ट्र और भारत सहित पूरे दक्षिण एशिया की नजर टिकी हुई है।
  • उत्तर प्रदेश ब्रेकिंग: सीएम योगी आज रात 9 बजे करेंगे बड़ी समीक्षा, कानून-व्यवस्था और त्योहारों को लेकर मंडलायुक्त, DM, SSP को सख्त निर्देश

    उत्तर प्रदेश ब्रेकिंग: सीएम योगी आज रात 9 बजे करेंगे बड़ी समीक्षा, कानून-व्यवस्था और त्योहारों को लेकर मंडलायुक्त, DM, SSP को सख्त निर्देश

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    • ब्रेकिंग: सीएम योगी आज रात 9 बजे करेंगे बड़ी समीक्षा, कानून-व्यवस्था और त्योहारों को लेकर मंडलायुक्त, DM, SSP को सख्त निर्देश

    लखनऊ।उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और अधिक चाक-चौबंद करने और आने वाले त्योहारों के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा एक्शन लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज रात 9 बजे प्रदेश के सभी मंडलायुक्त, पुलिस कमिश्नर, जिलाधिकारी, SSP/SP सहित सभी उच्च अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक करेंगे।

    मुख्यमंत्री कार्यालय, लोक भवन, लखनऊ से 2 नवंबर 2026 को जारी पत्र संख्या 745/सी.एम.(आर)/2026 के अनुसार यह महत्वपूर्ण बैठक 03 नवंबर 2026, मंगलवार को सायं 09:00 बजे* आयोजित की जाएगी। यह पत्र मुख्यमंत्री के निजी सचिव जय शंकर सिंह द्वारा जारी किया गया है।

    पत्र में किसे-किसे किया गया है शामिल?

    इस हाईलेवल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में प्रदेश के पूरे प्रशासनिक और पुलिस अमले को शामिल किया गया है।

    पत्र के अनुसार इसमें – मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश, अध्यक्ष राजस्व परिषद, कृषि उत्पादन आयुक्त, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त, पुलिस महानिदेशक, अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव – गृह, सूचना एवं जनसंपर्क, राजस्व, ऊर्जा, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, आयुष, चिकित्सा शिक्षा, लोक निर्माण, कृषि, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग, नगर विकास, औद्योगिक विकास, सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम, पशुधन, आबकारी, आवास एवं शहरी नियोजन, ग्राम्य विकास, पंचायती राज, परिवहन, ग्रामीण अभियंत्रण, सिंचाई, लघु सिंचाई, नमामि गंगे, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, खाद्य रसद एवं नागरिक आपूर्ति, बेसिक/माध्यमिक/उच्च शिक्षा, व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यम शीलता, समाज कल्याण/वन एवं पर्यावरण, पर्यटन, संस्कृति, धर्मार्थ कार्य, सहकारिता, श्रम एवं सेवायोजन, अध्यक्ष/प्रबंध निदेशक उ0प्र0 पॉवर कॉर्पोरेशन लि0, प्रबंध निदेशक, जल निगम, महानिदेशक, पीएसी, अपर पुलिस महानिदेशक, कानून व्यवस्था/अग्निशमन/112 आपातकालीन सेवा/महिला हेल्पलाइन/यातायात, राहत आयुक्त, आवास आयुक्त, सीईओ नोएडा/ग्रेटर नोएडा, यीडा, बीडा, यूपीडा शामिल होंगे।

    इसके अलावा जिला स्तर पर सभी मंडलायुक्त, अपर पुलिस महानिदेशक (क्षेत्र), पुलिस आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक/उप महानिरीक्षक (परिक्षेत्र), जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक, मुख्य विकास अधिकारी, उपाध्यक्ष विकास प्राधिकरण, नगर आयुक्त, नगर निकाय के अधिशासी अधिकारी तथा उपरोक्त समस्त विभागों के मंडल/जिला स्तरीय उच्च अधिकारी भी इस वीसी में जुड़ेंगे।क्या होगा बैठक का मुख्य एजेंडा?

    सूत्रों के अनुसार इस बैठक का मुख्य एजेंडा तीन बिंदुओं पर केंद्रित रहेगा।

    1. कानून-व्यवस्था की समीक्षा: मुख्यमंत्री योगी की सबसे बड़ी प्राथमिकता प्रदेश में कानून का राज स्थापित करना है। इस बैठक में महिला सुरक्षा, मिशन शक्ति, थानों पर लंबित शिकायतों, भू-माफिया, माफिया के खिलाफ चल रहे अभियान, गैंगस्टर एक्ट और गुंडा एक्ट की कार्रवाई की समीक्षा होगी। सीएम अधिकारियों को जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करने का सख्त निर्देश दे सकते हैं।

    2. आगामी त्योहारों की तैयारी: आने वाले दिनों में कई बड़े त्योहार हैं। ऐसे में जुलूस, शोभायात्रा, मेले और भीड़ प्रबंधन को लेकर व्यापक तैयारी जरूरी है। मुख्यमंत्री इस बात पर जोर दे सकते हैं कि सभी त्योहार शांति और सौहार्द के साथ मनाए जाएं, इसके लिए धर्मगुरुओं और शांति समितियों के साथ पहले से ही संवाद स्थापित किया जाए। डीजे, लाउडस्पीकर और भड़काऊ भाषणों पर पूरी तरह से रोक लगाने के निर्देश भी दिए जा सकते हैं।

    3. विकास कार्यों की प्रगति: इसके अलावा प्रदेश में चल रहे विकास कार्यों, अमृत योजना, स्मार्ट सिटी, सड़क निर्माण, बिजली-पानी की आपूर्ति और किसान कल्याण से जुड़ी योजनाओं की भी समीक्षा हो सकती है।

    15 मिनट पहले उपस्थिति के निर्देश

    पत्र में स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि “कृपया तदनुसार सभी सम्बन्धित अधिकारियों को अपने स्तर से संसूचित करते हुए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में पूर्ण तैयारी के साथ प्रतिभाग किये जाने की अपेक्षा की गयी है। प्रतिभागी अधिकारीगण बैठक प्रारम्भ होने से 15 मिनट पूर्व अपना स्थान ग्रहण करने का कष्ट करें।”

    इसका साफ मतलब है कि मुख्यमंत्री ने समय की पाबंदी को लेकर कोई ढील न देने का मन बना लिया है।

    इस पत्र के जारी होते ही पूरे प्रदेश के प्रशासनिक अमले में हलचल तेज हो गई है। सभी जिलाधिकारी और एसएसपी अपने-अपने जिलों का डेटा इकट्ठा करने में लग गए हैं। आज रात 9 बजे होने वाली यह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था की दिशा तय करेगी।

    (more…)

  • जिला परिषद रोड के दुकानदारों ने मुख्यमंत्री से लगाई गुहार

    जिला परिषद रोड के दुकानदारों ने मुख्यमंत्री से लगाई गुहार

    गोरखपुर ब्यूरो /अनुराग त्रिपाठी /निष्पक्ष टुडे :-

    दुकान तोड़ने से पहले पुनर्स्थापित करने की मांग, आवंटियों ने सौंपा प्रार्थना पत्र; मुख्यमंत्री ने दिया व्यवस्था बनाने का आश्वासन

    गोरखपुर। जिला परिषद रोड पर नगर निगम द्वारा आवंटित दुकानों को तोड़े जाने की आशंका के बीच दुकानदारों ने सोमवार, 2 नवंबर 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर अपनी रोजी-रोटी बचाने की गुहार लगाई। मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में हुई मुलाकात के दौरान दुकानदारों ने अपनी समस्याओं से अवगत कराते हुए प्रार्थना पत्र सौंपा और दुकानें तोड़ने से पहले उनके पुनर्वास की मांग की।

    500 परिवारों की आजीविका पर संकट का हवाला :-

    दुकानदारों ने मुख्यमंत्री से कहा कि उनकी दुकानें ही परिवारों की आजीविका का एकमात्र साधन हैं। यदि दुकानें तोड़ दी जाती हैं तो उनके सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। इससे करीब 500 परिवार के सदस्यों की पढ़ाई, दवाई और अन्य जरूरी जरूरतें प्रभावित होंगी। दुकानदारों ने आशंका जताई कि दुकानें समाप्त होने से उनके परिवार भुखमरी की स्थिति में पहुंच सकते हैं।

    सड़क चौड़ीकरण का भी दिया विकल्प :-

    आवंटियों ने सड़क चौड़ीकरण को लेकर अपना सुझाव भी मुख्यमंत्री के सामने रखा। उन्होंने कहा कि यदि सड़क चौड़ी करनी है तो दुकानों के शटर तक का हिस्सा लेकर सड़क का विस्तार किया जा सकता है, जिससे सड़क चौड़ीकरण के साथ दुकानों को भी बचाया जा सकेगा।

    महत्वपूर्ण हाइलाइट्स :-

    स्थान: जिला परिषद रोड, गोरखपुर।
    तारीख: 2 नवंबर 2026।

    :-मांग: दुकान तोड़ने से पहले वैकल्पिक दुकान देकर पुनर्स्थापित किया जाए।
    :-प्रभाव: लगभग 500 परिवारों की आजीविका प्रभावित होने की आशंका।
    :-विकल्प: दुकानों के शटर तक का हिस्सा लेकर सड़क चौड़ीकरण किया जाए।
    :-मुख्यमंत्री का आश्वासन: समस्या के समाधान के लिए व्यवस्था बनाई जाएगी|

    वहीं, यदि दुकानों को तोड़ना अपरिहार्य है तो पहले आसपास ही वैकल्पिक दुकानें उपलब्ध कराकर सभी दुकानदारों को पुनर्स्थापित किया जाए, ताकि उनकी आजीविका प्रभावित न हो।

    मुख्यमंत्री ने दिया आश्वासन :-

    दुकानदारों की समस्याओं और मांगों को सुनने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस संबंध में व्यवस्था बनाने का आश्वासन दिया। इससे दुकानदारों को अपनी रोजी-रोटी सुरक्षित रहने की उम्मीद जगी है।

    प्रार्थना पत्र सौंपने वालों में शामिल रहे :-

    राजाराम मौर्य, मुन्नी लाल, मनोज कुमार, अनिल कुमार सिंह, जितेन्द्र नाथ तिवारी, नीलाम शर्मा, शांति देवी, सत्येन्द्र सिंह, हृदय नारायण सिंह, शिवेंद्र सिंह, पवन कुमार, अजय कुमार गुप्ता, बैजनाथ गुप्ता, जयराम, विरेन्द्र सिंह, शिवदास, मुन्ना सहित अन्य दुकानदार मौजूद रहे।

    अब दुकानदारों की निगाहें प्रशासनिक निर्णय पर टिकी हैं। उनकी मांग है कि विकास और सड़क चौड़ीकरण के साथ उन परिवारों की आजीविका का भी ध्यान रखा जाए, जिनकी पूरी जिंदगी इन दुकानों पर निर्भर है।

  • विधायक घेरों अभियान चलाते हुए

    विधायक घेरों अभियान चलाते हुए

    *गोरखपुर में गोंड धुरिया समाज का हल्ला बोल, चिल्लूपार विधायक राजेश त्रिपाठी के आवास का घेराव*

    *गोरखपुर, चिल्लूपार -* चिल्लूपार विधानसभा में सोमवार को गोंड धुरिया समाज ने विधायक घेरो अभियान के तहत स्थानीय विधायक राजेश त्रिपाठी के आवास पर जोरदार घेराव किया। समाज के सैकड़ों लोग हाथों में तख्ती और ज्ञापन लेकर पहुंचे और जाति प्रमाण पत्र निर्गत कराने व मूलभूत सुविधाएं दिलाने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। इस दौरान जमकर नारेबाजी हुई और प्रशासन के खिलाफ आक्रोश देखने को मिला।

     

    समाज के लोगों का आरोप है कि सैकड़ों बार तहसील प्रशासन को आवेदन देने के बाद भी तहसीलदार और लेखपाल द्वारा जाति प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जाता है। बल्कि आवेदकों को बार-बार तहसील के चक्कर लगवाए जाते हैं, दौड़ाया जाता है। इससे समाज के बच्चों की पढ़ाई, नौकरी और आरक्षण का लाभ पूरी तरह से बाधित हो रहा है।

    *शासनादेश के बाद भी प्रमाण पत्र जारी न करना अन्याय है – शिव शंकर गोंड*

    इस मौके पर मूलनिवासी आदिवासी आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिव शंकर गोंड ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार के तमाम शासनादेश स्पष्ट हैं कि गोंड धुरिया समाज अनुसूचित जनजाति के अंतर्गत आता है। हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बावजूद स्थानीय प्रशासन जाति प्रमाण पत्र जारी नहीं कर रहा है। यह सीधे-सीधे अन्याय है।

     

    उन्होंने कहा, “गोंड समाज अब चुप नहीं बैठेगा। हमारे वोट से विधायक बने हुए लोग अब हिसाब दें कि गोंड भाई-बहनों को आरक्षण का लाभ कब मिलेगा। जब चुनाव आता है तो सभी नेता गोंड समाज के घर आते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद कोई सुध नहीं लेता। वर्षों से हमारे समाज के साथ धोखा हो रहा है।”

     

    शिव शंकर गोंड ने आगे कहा कि शासन के आदेशों की अवहेलना कर तहसील स्तर के कर्मचारी समाज को परेशान कर रहे हैं। अगर जल्द ही इस पर रोक नहीं लगी तो पूरे प्रदेश में आंदोलन तेज किया जाएगा।

     

    *हजारों की आबादी, फिर भी सुविधाओं से वंचित*

     

    कार्यक्रम का संचालन कर रहे जिला अध्यक्ष सूरज कुमार गोंड ने कहा कि चिल्लूपार विधानसभा क्षेत्र में ही हजारों-हजार की संख्या में गोंड बिरादरी निवास करती है। लेकिन दुर्भाग्य है कि आज भी यह समाज मूलभूत सुविधाओं से वंचित है।

     

    उन्होंने कहा, “हमारे समाज के लोगों के पास न तो सही से आवास है, न शिक्षा की पूरी व्यवस्था है और न ही रोजगार। सबसे बड़ी समस्या जाति प्रमाण पत्र की है। प्रमाण पत्र नहीं होने से हमारे बच्चे छात्रवृत्ति से वंचित रह जाते हैं, स्कूल-कॉलेज में एडमिशन में दिक्कत आती है, नौकरियों में आरक्षण नहीं मिल पाता। यह हमारे आरक्षण को खत्म करने की सोची-समझी साजिश रची जा रही है।”

     

    सूरज कुमार गोंड ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द से जल्द जाति प्रमाण पत्र निर्गत नहीं किए गए तो इससे भी बड़ा आंदोलन विधायक और प्रशासन के खिलाफ किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

     

    *वर्षों से हो रहा अन्याय अब बर्दाश्त नहीं – गोपाल गोंड*

     

    वरिष्ठ नेता गोपाल जी गोंड ने कहा कि वर्षों से गोंड समाज के साथ अन्याय हो रहा है, जो अब किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं होगा। उन्होंने कहा कि गोंड समाज इस देश का मूलनिवासी आदिवासी समाज है, जिसने देश की आजादी से लेकर आज तक अपना योगदान दिया है, लेकिन आज उसे ही अपने हक के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।

     

    उन्होंने कहा कि सरकारें आती-जाती रहती हैं, वादे करती हैं, लेकिन धरातल पर कुछ नहीं होता। अब समाज जाग चुका है और अपने हक की लड़ाई खुद लड़ेगा।

     

    *सभासदों ने किया नेतृत्व*

     

    इस पूरे घेराव कार्यक्रम का नेतृत्व दीपक गोंड सभासद और राज गोंड ने किया। दोनों नेताओं ने कहा कि नगर पंचायत और ग्रामीण क्षेत्रों में गोंड समाज की स्थिति बहुत दयनीय है। नालियों, सड़कों, पानी और बिजली जैसी बुनियादी समस्याओं से भी समाज जूझ रहा है। विधायक जी को इन समस्याओं को विधानसभा में उठाना चाहिए।

     

    इस दौरान विधायक राजेश त्रिपाठी को सौंपे गए ज्ञापन में मुख्य रूप से 4 मांगें रखी गईं –

     

    1. गोंड धुरिया समाज के सभी पात्र लोगों को तत्काल प्रभाव से जाति प्रमाण पत्र निर्गत किया जाए।

    2. तहसील स्तर पर आवेदकों को परेशान करने वाले लेखपालों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाए।

    3. समाज के बच्चों को छात्रवृत्ति, छात्रावास और शिक्षा की विशेष सुविधा दी जाए।

    4. समाज के गरीब परिवारों को आवास, शौचालय और पेंशन योजना का लाभ दिया जाए।

     

    विधायक राजेश त्रिपाठी ने ज्ञापन लेते हुए समाज के लोगों को आश्वासन दिया कि वह उनकी मांगों को जिला प्रशासन और विधानसभा में प्रमुखता से उठाएंगे और जल्द से जल्द समाधान कराने का प्रयास करेंगे।

     

    *सैकड़ों लोग रहे मौजूद*

     

    इस घेराव अभियान में प्रमुख रूप से बबलू गोंड, राज गोंड, दिलीप गोंड, चंदा बाबू गोंड, संदीप गोंड, प्रमोद गोंड, राहुल गोंड, सुरेन्द्र, विनोद, मनीष गोंड, राघव धुर्वे गोंड, अवनीश गोंड, प्रेम गोंड, त्रिभुवन गोंड, जीउत गोंड, अखिल गोंड, अखिलेश्वर गोंड, नीतीश गोंड, मदन गोंड, उदय प्रताप गोंड, सोनू गोंड, अनिल गोंड, मिथलेश, विशाल गोंड सहित बड़ी संख्या में युवा मौजूद रहे।

     

    महिलाओं में लक्ष्मी देवी, किरण, प्रीति, कीर्ति, बिंदु देवी, सुमन, सीमा, रीना, ममता देवी आदि सैकड़ों की संख्या में गोंड धुरिया समाज की महिलाओं ने भी इस घेराव में अपनी ताकत दिखाई और कहा कि अब आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी।

     

    समाज के लोगों ने कहा कि अगर 15 दिनों के अंदर जाति प्रमाण पत्र जारी नहीं हुए तो चिल्लूपार तहसील का घेराव और जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

  • दिल्ली में रैली सफल हुई हो या न हुई हो लेकिन व्यापार प्रभावित हुआ , CTI ने बताया व्यापार प्रभावित होने से 11 हजार करोड़ का नुकसान!

    दिल्ली में रैली सफल हुई हो या न हुई हो लेकिन व्यापार प्रभावित हुआ , CTI ने बताया व्यापार प्रभावित होने से 11 हजार करोड़ का नुकसान!

    दिल्ली में रैली सफल हुई हो या न हुई हो लेकिन व्यापार प्रभावित हुआ , CTI ने बताया व्यापार प्रभावित होने से 11 हजार करोड़ का नुकसान!

    Rahul gandhi
    Rahul Gandhi

    दिल्ली में 1 नवंबर को रामलीला मैदान में हुई विपक्षी रैली के बाद व्यापारिक नुकसान को लेकर बड़ा दावा सामने आया है। व्यापारी संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के मुताबिक, रैली और ट्रैफिक प्रतिबंधों के चलते दिल्ली के कारोबार को करीब 11,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। संगठन का दावा है कि आसपास के 22 से 25 प्रमुख बाजारों में करीब 80 फीसदी दुकानें बंद रहीं।

  • सीएम योगी का जनता दरबार, आईजीआरएस पर गलत रिपोर्ट लगाने वालों पर करें सख्त कार्रवाई : मुख्यमंत्री

    सीएम योगी का जनता दरबार, आईजीआरएस पर गलत रिपोर्ट लगाने वालों पर करें सख्त कार्रवाई : मुख्यमंत्री

    जनता दर्शन में शिकायत आने पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को दिए निर्देश

    सीएम योगी ने लगातार दूसरे दिन किया, जनता दर्शन, सुनीं लगभग 200 लोगों की समस्याएं

    लोगों को दिया भरोसा, सबकी समस्या का कराया जाएगा समाधान, न हों परेशान

    गोरखपुर, 2 नवंबर। गोरखपुर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लगातार दूसरे दिन, सोमवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन किया। लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और उन्हें आश्वस्त किया कि हर समस्या का प्रभावी समाधान सुनिश्चित कराया जाएगा। जनता दर्शन में कुछ लोगों द्वारा आईजीआरएस (समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली) पोर्टल पर गलत रिपोर्ट लगाए जाने की शिकायत प्रस्तुत करने पर मुख्यमंत्री की भृकुटि तन गई। इसे लेकर उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आईजीआरएस पर गलत रिपोर्ट लगाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि कि हर पीड़ित व्यक्ति की समस्या पर संवेदनशीलता से ध्यान देकर समयबद्ध व पारदर्शी निस्तारण कराया जाए।

    गोरखनाथ मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर सोमवार को आयोजित जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने करीब 200 लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को उनका समाधान करने का निर्देश दिया। सीएम ने समस्या सुनते हुए लोगों को भरोसा दिया कि वह सभी की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कराएंगे। किसी को भी घबराने की आवश्यकता नहीं है। प्रार्थना पत्रों को उन्होंने अधिकारियों को हस्तगत करते हुए निर्देश दिया कि हर समस्या का निस्तारण त्वरित, गुणवत्तापूर्ण और संतुष्टिप्रद होना चाहिए। कुछ लोगों द्वारा जबरन जमीन कब्जाने की शिकायत पर उन्होंने कठोर कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अफसरों को यह निर्देश भी दिए कि यदि किसी प्रकरण में पीड़ित को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ा है तो इसकी भी जांच कर जवाबदेही तय की जाए।

    जनता दर्शन में कुछ लोग इलाज में आर्थिक मदद की गुहार लेकर पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने उनसे कहा कि इलाज में धन की कमी बाधक नहीं होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इलाज में अस्पताल के इस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द पूर्ण कराकर शासन में भेजें। मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से इलाज के लिए पर्याप्त राशि दी जाएगी। जनता दर्शन में आई एक दिव्यांग युवती ने परिवार की आर्थिक दिक्कत का उल्लेख कर इंटर पास भाई के लिए रोजगार की व्यवस्था कराने का अनुरोध किया। इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि इस प्रार्थना पत्र के संबंध में उचित सहयोग किया जाए।

  • बोले सीएम योगी, ….उधर चलो, नहीं तो चोट लग जाएगी

    बोले सीएम योगी, ….उधर चलो, नहीं तो चोट लग जाएगी

    गोरखनाथ मंदिर की गोशाला में दिखा सीएम योगी का गोवंश के प्रति नयनाभिराम स्नेह

    गुड़-रोटी खिलाकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की गोसेवा

    गोरखपुर, 2 नवंबर। गोरखनाथ मंदिर की गोशाला में सोमवार सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गोवंश के प्रति नयनाभिराम स्नेहभाव देखने को मिला। गोसेवा के दौरान कई गोवंश सीएम का स्नेहिल सानिध्य पाने को उतावले होने लगे तो वह उन्हें प्यार से समझाते हुए बोल पड़े, ‘चलो-चलो, उधर चलो, नहीं तो चोट लग जाएगी।’ यह पुकार सुनते ही गोवंश दूसरी तरफ आ गए जहां मुख्यमंत्री ने उन्हें अपने हाथों से रोटी-गुड़ खिलाया।

    गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान सोमवार प्रातः काल सीएम योगी की दिनचर्या परंपरागत रही। उन्होंने गोरखनाथ मंदिर में शिवावतार महायोगी गुरु गोरखनाथ का दर्शन-पूजन किया और अपने गुरु ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की समाधि स्थल पर जाकर शीश झुकाकर आशीर्वाद लिया। इसके बाद वह मंदिर परिसर का भ्रमण करते हुए गोशाला में पहुंचे। गोशाला में सीएम ने गोवंश को खूब दुलारा और अपने हाथों से गुड़-रोटी खिलाया।

  • उग्रसेन सेतु की मरम्मत करने के लिए लखनऊ से पहुंची विशेषज्ञों की टीम

    उग्रसेन सेतु की मरम्मत करने के लिए लखनऊ से पहुंची विशेषज्ञों की टीम

    15 दिन तक आवागमन पर रहेगी पाबंदी, निर्माण सामग्री जुटी
    मरम्मत के दौरान दोपहिया वाहनों को ही मिलेगी अनुमति
    ब्यूरो प्रभारी —-विनय तिवारी
    बडहलगंज/गोरखपुर(निष्पक्ष टुडे) बड़हलगंज : गोरखपुर और देवरिया को जोड़ने वाले राप्ती नदी पर स्थित उग्रसेन सेतु की मरम्मत का काम शुक्रवार से शुरू होना था लेकिन बारिश के चलते कार्य नहीं शुरू हो सका। पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से को दुरुस्त करने के लिए गुरुवार को ही निर्माण सामग्री पहुंचा दी गई। साथ ही लखनऊ से कुशल श्रमिकों की टीम भी मौके पर पहुंच गई है। मरम्मत कार्य के चलते अगले 10 से 15 दिनों तक पुल पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित रहेगी। इस दौरान केवल दोपहिया वाहनों को ही आने-जाने की अनुमति मिलेगी, जबकि चारपहिया समेत अन्य सभी वाहनों का आवागमन बंद रहेगा।
    करीब 47 दिन पहले मरम्मत कराए जाने के बाद एक बार फिर पुल के क्षतिग्रस्त होने से इसकी गुणवत्ता और स्थायित्व को लेकर सवाल खड़े होने लगे थे। पुल के स्लैब में दरार और गड्ढे होने के कारण भारी वाहनों का आवागमन पहले ही रोक दिया गया था। अब मरम्मत कार्य के दौरान हल्के चारपहिया वाहनों की आवाजाही भी बंद रहेगी। गुरुवार तक पुल से दोपहिया वाहनों के साथ हल्के वाहनों का आवागमन जारी था, लेकिन पुल की सुरक्षा को देखते हुए अब पूरी तरह प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया है।
    उल्लेखनीय है कि उग्रसेन सेतु वर्ष 2018 से अब तक करीब चार बार क्षतिग्रस्त हो चुका है। लगभग 40 वर्ष पुराने इस पुल में कुल 13 पाये हैं। बार-बार मरम्मत के बावजूद पुल के क्षतिग्रस्त होने का सिलसिला थम नहीं रहा है। इससे इस महत्वपूर्ण मार्ग से गुजरने वाले हजारों लोगों की परेशानी लगातार बढ़ रही है। खासकर व्यापारियों, नौकरीपेशा लोगों और रोजाना आवागमन करने वाले यात्रियों को लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है।
    यह पुल उत्तर-दक्षिण संपर्क का महत्वपूर्ण माध्यम होने के साथ ही बिहार और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की ओर जाने वाले वाहनों के लिए भी प्रमुख मार्ग है। ऐसे में पुल पर लंबे समय तक यातायात बंद रहने का असर आसपास के क्षेत्रों के व्यापार और आवागमन पर भी पड़ेगा।
    दो दिन पहले पुल के क्षतिग्रस्त होने का मामला सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने इसके स्थायी समाधान की मांग उठाई थी। लोगों का कहना है कि हर बार मरम्मत कराकर कुछ समय के लिए राहत दे दी जाती है, लेकिन समस्या फिर सामने आ जाती है। ऐसे में केवल मरम्मत से काम नहीं चलेगा। पुल की तकनीकी जांच कराकर क्षतिग्रस्त हिस्सों की मजबूती सुनिश्चित करने के साथ ही समानांतर नए पुल का निर्माण कराया जाना जरूरी है।

  • अद्वितीय रहा चार दिवसीय पदयात्रा, जनता ने किया स्वागत

    अद्वितीय रहा चार दिवसीय पदयात्रा, जनता ने किया स्वागत

    जनता बोली ऐसा जनसंपर्क अभियान पहले नहीं देखा, गांव-गांव हो रही चर्चा
    सुख-दुख में साथ, जनता के द्वार पदयात्रा ने खींचा ध्यान

    चिल्लूपार की मिट्टी से जुड़ाव, जनता से सीधा संवाद : मायाशंकर

               ब्यूरो प्रभारी —-विनय तिवारी

    बडहलगंज/गोरखपुर(निष्पक्ष टुडे) बड़हलगंज चिल्लूपार विधानसभा क्षेत्र में मायाशंकर शुक्ल के नेतृत्व में निकाली जा रही चार दिवसीय पदयात्रा महाअभियान को लेकर क्षेत्र में चर्चा है। गांव-गांव पहुंचकर लोगों से संवाद करने, उनकी समस्याएं सुनने और समाधान के लिए पहल करने के इस प्रयास क स्थानीय लोगों ने अनूठा बताया है। कई लोगों का कहना है कि उन्होंने क्षेत्र में इस तरह का पदयात्रा अभियान पहले नहीं देखा।
    मामखोर निवासी अंतरराष्ट्रीय पहलवान एवं भाजपा नेता मायाशंकर शुक्ल का जनसंपर्क अभियान केवल पदयात्रा तक सीमित नहीं है। वह समय-समय पर क्षेत्र के लोगों के बीच पहुंचकर उनके सुख-दुख में शामिल होते रहे हैं। स्थानीय लोगों के बीच उनकी इस सक्रियता और सीधे संवाद की शैली को लेकर चर्चा होती रहती है। पदयात्रा के दौरान चिल्लूपार विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों से मिट्टी एकत्र कर विधि-विधान से पूजन किया गया। इसके बाद क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत के सम्मान और जनसमस्याओं को समझने के उद्देश्य से अभियान आगे बढ़ा। यात्रा के दौरान ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनने तथा संबंधित मामलों में समाधान के लिए आवश्यक पहल करने की बात कही गई। क्षेत्रीय लोगों प्रदीप यादव, अंगद यादव, बालिस्टर पांडेय, शिवम शुक्ला, बीके मिश्रा, पवन दुबे, रामसमुझ यादव, जयप्रकाश शुक्ल, प्रवीण राय, रामलोचन कसौधन, रवि शर्मा, प्रदीप बारी, दिनेश गुप्ता, मुहम्मद शकुर अंसारी
    आदि का कहना है कि जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के लिए जनता के बीच पहुंचना उनकी बात सुनना और जरूरत के समय साथ खड़ा होना बेहद जरूरी है। मायाशंकर शुक्ल के लगातार जनसंपर्क अभियान को इसी दृष्टि से देखा जा रहा है। यात्रा का नेतृत्व कर रहे मायाशंकर शुक्ल ने कहा कि पदयात्रा का उद्देश्य चिल्लूपार की मिट्टी, संस्कृति और जनता से जुड़ाव को मजबूत करना है। उन्होंने क्षेत्र की समस्याओं को समझकर उनके समाधान के लिए प्रयास करने तथा लोगों के सुख-दुख में सहभागी बने रहने का संकल्प दोहराया। यह चार दिवसीय संकल्प यात्रा धुरियापार से शुरू होकर पटनाघाट में संपन्न हुई। इस दौरान लोगों ने हर चौराहों पर फूल मालाओं के साथ जोरदार स्वागत किया।

    बुधवार को बड़हलगंज ब्लाक के सिधुआपार से पदयात्रा शुरू होकर बाछेपार, कालेज रोज, गोला तिराहा, सोती चौराहा, बड़ी मस्जिद होते हुए पटना चौराहे पर पहुंची। जहां भगवान राम व परशुराम के मूर्ति पर माल्यार्पण कर आशीर्वाद लिया। इसके बाद बुढ़नपुरा, नरहरपुर, खड़ेसरी, कोहड़ाभांवर, दुबौली, पिड़हनी, मुजौना, डेरवा, सीधेगौर, नेतवार पट्टी होते हुए पटनाघाट पहुंची। जहां पर जनता से संवाद कर उनकी समस्याओं को जानकर उन्हें ठीक कराने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद चार दिवसीय पदयात्रा का समापन हुआ।

  • गोरखपुर MLC चुनाव की काउंटिंग में हंगामा!

    गोरखपुर MLC चुनाव की काउंटिंग में हंगामा!

    गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-

    देवरिया के बनकटा क्षेत्र में बैलेट बॉक्स की टूटी मिली सील, निर्दलीय प्रत्याशी ने चुनाव आयोग से की शिकायत

    गोरखपुर–फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना के दौरान उस समय हलचल मच गई, जब देवरिया जिले के बनकटा क्षेत्र से संबंधित एक बैलेट बॉक्स की सील टूटी मिलने का मामला सामने आया। इस घटना ने मतगणना की प्रक्रिया और चुनावी पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    निर्दलीय प्रत्याशी अजय सिंह ने आरोप लगाया कि स्ट्रॉन्ग रूम से निकाले गए एक बैलेट बॉक्स की सील नहीं लगी थी। प्रत्याशी ने इस मामले में आपत्ति दर्ज कराते हुए चुनाव आयोग को शिकायत भी दी।

    मामला सामने आने के बाद मतगणना केंद्र पर हलचल बढ़ गई। जिला प्रशासन ने स्थिति को संभालते हुए संबंधित बैलेट बॉक्स को अलग रखवा दिया। रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले में आगे का निर्णय मतगणना के दौरान लिया जाना है।

    अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि बैलेट बॉक्स की सील किस परिस्थिति में टूटी मिली? क्या यह किसी तकनीकी या प्रक्रियागत चूक का मामला है, या इसके पीछे कोई दूसरी वजह है? इन सवालों का जवाब जांच और आधिकारिक स्पष्टीकरण के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

    चुनाव लोकतंत्र की विश्वसनीयता का आधार है। ऐसे में मतगणना से जुड़ी किसी भी आपत्ति का निष्पक्ष जांच के जरिए समाधान होना जरूरी है, ताकि प्रत्याशियों और मतदाताओं का भरोसा बना रहे।

    फिलहाल, इस मामले में निर्दलीय प्रत्याशी की शिकायत और प्रशासन की आधिकारिक जांच से जुड़ी जानकारी का इंतजार है। टूटी सील के कारणों और उसके चुनावी प्रक्रिया पर संभावित प्रभाव को लेकर अंतिम निष्कर्ष आधिकारिक तथ्यों के सामने आने के बाद ही निकाला जाना चाहिए।

    निष्पक्ष टुडे की नजर इस मामले पर बनी रहेगी।