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वैश्विक चुनौतियों के प्रति अलख जगाएं एमपीएसपी की संस्थाएं : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-
ईंधन संरक्षण और ऊर्जा बचत को लेकर विद्यार्थियों के माध्यम से समाज को जागरूक करने का आह्वान
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गोरखनाथ मंदिर में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की संस्थाओं की समीक्षा बैठक में सीएम योगी ने दिए कई महत्वपूर्ण निर्देश
मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर Yogi Adityanath ने महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद (एमपीएसपी) की सभी संस्थाओं से वर्तमान वैश्विक चुनौतियों के प्रति समाज में जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण देश के सामने ईंधन संरक्षण और विदेशी मुद्रा बचत की चुनौती है, ऐसे समय में शिक्षण संस्थाओं को राष्ट्रहित में अपनी सक्रिय भूमिका निभानी होगी।

गोरखनाथ मंदिर के सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री Narendra Modi की ईंधन बचत संबंधी अपील का उल्लेख करते हुए कहा कि ऊर्जा संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों से पेट्रोलियम पदार्थों के कम उपयोग तथा विद्युत ऊर्जा की बचत को लेकर समाज में व्यापक जागरूकता अभियान चलाने का आह्वान किया।
सीएम योगी ने कहा कि यदि विद्यार्थी ऊर्जा संरक्षण के प्रति जागरूक होंगे तो उसका सकारात्मक प्रभाव उनके परिवार और समाज पर भी पड़ेगा। उन्होंने सभी संस्थाओं से विद्यार्थियों के माध्यम से ईंधन बचत और बिजली संरक्षण का संदेश घर-घर तक पहुंचाने को कहा।
कर्मयोगी पोर्टल की तर्ज पर बने प्रशिक्षण प्लेटफॉर्म
मुख्यमंत्री ने कहा कि एमपीएसपी की संस्थाओं के शिक्षकों और कर्मचारियों को समय के अनुरूप तकनीकी रूप से अपडेट रखना बेहद जरूरी है। इसके लिए सरकार के कर्मयोगी पोर्टल की तरह एक आधुनिक प्रशिक्षण प्लेटफॉर्म तैयार किया जाए, जिससे सभी कार्मिक नई तकनीक और वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित हो सकें।
हर संस्था का हो स्पष्ट लक्ष्य और मजबूत पहचान
सीएम योगी ने कहा कि कोई भी संस्था केवल औपचारिकता नहीं होती, बल्कि उसका स्पष्ट ध्येय होना चाहिए। संस्थाध्यक्षों को अपनी टीम के साथ नवाचार, अनुशासन, स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और समय पालन के जरिए संस्थाओं की अलग पहचान स्थापित करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि लीक पर चलने के बजाय संस्थाओं को युगानुकूल परिवर्तन का वाहक बनना होगा।
राष्ट्रीयता की भावना एमपीएसपी की मूल पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद केवल स्कूल, कॉलेज या अस्पताल संचालित करने वाली संस्था नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य शिक्षा और सेवा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण करना है। परिषद की नींव ही राष्ट्रीयता की भावना और सुयोग्य नागरिकों के निर्माण के उद्देश्य से रखी गई थी।
भारतीय ज्ञान परंपरा को बढ़ावा देने पर जोर
सीएम योगी ने सभी संस्थाओं से भारतीय ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इससे नई पीढ़ी भारत की गौरवशाली परंपराओं और ज्ञान प्रणाली से जुड़ सकेगी।
अनुशासन, स्वच्छता और हरियाली पर विशेष ध्यान देने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने संस्थाओं में अनुशासित परिसर संस्कृति को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि परिसर में स्वच्छता, हरियाली और सकारात्मक वातावरण बना रहना चाहिए। उन्होंने संस्थाध्यक्षों को नियमित निरीक्षण और व्यवस्थाओं की समीक्षा करने के निर्देश दिए।
प्रार्थना सभा और राष्ट्रगान को बताया जरूरी
सीएम योगी ने कहा कि विद्यालयों में प्रार्थना सभा, राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत विद्यार्थियों में सकारात्मक और आध्यात्मिक वातावरण का निर्माण करते हैं। उन्होंने पुस्तकालयों को समृद्ध बनाने, प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित करने और छात्रों की नियमित करियर काउंसिलिंग पर भी विशेष बल दिया।
2032 के शताब्दी वर्ष को ऐतिहासिक बनाने की तैयारी शुरू करने के निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के शताब्दी वर्ष 2032 को भव्य और ऐतिहासिक बनाने के लिए अभी से व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परिषद की स्थापना 1932 में पूर्वी उत्तर प्रदेश में शैक्षिक पुनर्जागरण और राष्ट्रीय मूल्यों के संरक्षण के उद्देश्य से की गई थी।

उन्होंने परिषद के संस्थापक ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज और राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज के आदर्शों को आगे बढ़ाते हुए संस्थाओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिमान बनाने का आह्वान किया।बैठक में मौजूद गणमान्य लोग :-
बैठक में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के संयुक्त मंत्री एवं गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी Yogi Kamalnath, देवीपाटन शक्तिपीठ के महंत Yogi Mithileshnath, परिषद के उपाध्यक्ष राजेश मोहन सरकार, वरिष्ठ सदस्य रामजन्म सिंह, शैलेंद्र प्रताप सिंह, प्रमथनाथ मिश्र, महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सुरिंदर सिंह, कुलसचिव डॉ. प्रदीप कुमार राव सहित परिषद की सभी संस्थाओं के प्रमुख उपस्थित रहे।
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बालजागृति संस्थान द्वारा 26वां समर कैंप 19 मई से प्रारंभ
गोरखपुर। बाल जागृति संस्थान का 26वां समर कैंप दिनांक 19 मई दिन मंगलवार से प्रारंभ हो रहा है जिसमें बच्चों को कुशल प्रशिक्षकों द्वारा नृत्य, आर्ट ,सिलाई ,मंच संचालन , जूडो कराटे योग आदि की अनेक विधाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा यह प्रशिक्षण तीन वर्ग में तथा प्रातः 8:00 से 10:00 बजे तक एवं सायं 4:00 से 6:00 बजे के बीच में दिया जाएगा 15 दिवसीय समर कैंप के समापन पर प्रशिक्षित बच्चों का मंचीय प्रदर्शन होगा तथा समस्त कार्यक्रम का संचालन कैंप में प्रशिक्षण पाए हुए बच्चों द्वारा होगा उनमें आकर्षण बढ़ एवं अधिक संख्या में प्रशिक्षण प्राप्त करके लाभ प्राप्त कर सकें इसलिए फॉर्म में ही लकी कूपन संलग्न है जिसके अंतर्गत 10 पुरस्कार समापन कार्यक्रम में दिया जाएगा उपरोक्त बात की जानकारी संस्था संस्थापक राजीव रस्तोगी ने दी यह समस्त कार्यक्रम बाल जागृति भवन इमामबाड़ा पश्चिम फाटक पर आयोजित होगा।
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पूर्व मंत्री गंगा निषाद और भाई के परिवार में खूनी संघर्ष, लाठी-डंडे व ईंटबाजी का वीडियो वायरल
गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-
नाली के पानी को लेकर शुरू हुआ विवाद हिंसक झड़प में बदला, पूर्व मंत्री का सिर फटा, दोनों पक्षों पर FIR दर्ज
गोरखपुर: गंगा निषाद और उनके सगे भाई के परिवार के बीच नाली के पानी को लेकर शुरू हुआ विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। दोनों पक्षों के बीच जमकर लाठी-डंडे और ईंट-पत्थर चले, जिसमें पूर्व मंत्री गंगा निषाद गंभीर रूप से घायल हो गए। मारपीट का पूरा घटनाक्रम इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
यह घटना गुलरिहा थाना क्षेत्र के खुटहन गांव में गुरुवार सुबह करीब 6 से 7 बजे के बीच हुई। बताया जा रहा है कि नाली का पानी मकान की नींव में जाने को लेकर पूर्व मंत्री गंगा निषाद और उनके छोटे भाई श्रीभागवत निषाद के परिवार के बीच कहासुनी शुरू हुई थी। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और जमकर मारपीट शुरू हो गई।
वायरल सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि दोनों परिवारों के लोग लाठी-डंडे और ईंट-पत्थरों से एक-दूसरे पर हमला कर रहे हैं। फुटेज में पूर्व मंत्री गंगा निषाद भी हाथ में छड़ी लेकर दूसरे पक्ष पर हमला करते नजर आ रहे हैं। इसी दौरान उनके सिर पर ईंट लग गई, जिससे उनकी बाईं आंख के ऊपर गंभीर चोट आई और खून बहने लगा।
घटना के बाद घायल पूर्व मंत्री को पहले सीएचसी और फिर बीआरडी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां इलाज के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। दूसरी ओर, दूसरे पक्ष के लोगों को भी चोटें आई हैं।

पूर्व मंत्री गंगा निषाद ने कहा कि उन्होंने छोटे भाई को समझाने की कोशिश की थी, लेकिन विवाद बढ़ गया। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनका भाई और परिवार माफी मांगने आता है तो वे समझौते के लिए तैयार हैं, क्योंकि परिवार की लड़ाई में किसी का फायदा नहीं है।
वहीं, पूर्व मंत्री के पोते आकाश निषाद का कहना है कि दूसरे पक्ष की ओर से पहले ईंट-पत्थर फेंके गए, जिसके बाद उन्होंने बचाव किया। इसी दौरान उनके बाबा गंभीर रूप से घायल हो गए।
मामले में निमिष पाटिल ने बताया कि दोनों पक्षों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
IMPORTANT POINTS
नाली के पानी को लेकर दो परिवारों में विवाद
पूर्व मंत्री गंगा निषाद का सिर फटा
दोनों पक्षों में जमकर लाठी-डंडे और ईंटबाजी
पूरी घटना CCTV में कैद
वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
दोनों पक्षों पर FIR दर्ज
पुलिस जुटा रही साक्ष्य
पूर्व मंत्री ने सुलह के संकेत दिए -

15 जून तक पूरा होगा गोड़धोइया नाला प्रोजेक्ट सीएम योगी बोले — गोरखपुर में जलभराव की बड़ी समस्या का होगा स्थायी समाधान
गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-
495 करोड़ की परियोजना का मुख्यमंत्री ने किया स्थलीय निरीक्षण
गोरखपुर, 15 मई। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने शुक्रवार को गोड़धोइया नाला परियोजना के कार्यों का जंगल छत्रधारी स्थित जीरो पॉइंट और बिछिया एसटीपी स्थल पर निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि 15 जून तक यह महत्वाकांक्षी परियोजना पूर्ण कर ली जाएगी और इसके बाद भव्य उद्घाटन समारोह आयोजित होगा।
🔴 मुख्य बातें एक नजर में
✅ 95% कार्य पूरा
कुल परियोजना लागत : 495 करोड़ रुपये
9.25 किमी लंबाई में पक्का नाला निर्माण पूर्ण
38 एमएलडी क्षमता का एसटीपी तैयार
61 एमएलडी पंपिंग स्टेशन बनकर तैयार
17.50 किमी इंटरसेप्टिंग सीवर लाइन का कार्य पूर्ण
14 ब्रिज और कल्वर्ट का निर्माण पूरा
🌧️ आधे शहर को मिलेगी जलभराव से राहत
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद गोरखपुर के उत्तरी हिस्से की करीब 5 लाख आबादी को जलभराव की समस्या से राहत मिलेगी। मानसून से पहले यह परियोजना शहर के लिए बड़ी सौगात साबित होगी।

अब नाले में बहेगा सिर्फ शुद्ध पानी -:
सीएम योगी ने कहा कि अब गोड़धोइया नाले में कोई गंदा पानी या सीवर नहीं गिरेगा। दोनों तरफ भूमिगत सीवर लाइन बिछाई गई है, जिससे गंदा पानी सीधे एसटीपी तक पहुंचेगा और शोधित होकर रामगढ़ताल में छोड़ा जाएगा।
🌳 नाले के किनारे होगा पौधरोपण अभियान
मुख्यमंत्री ने बताया कि वन महोत्सव के दौरान नाले के दोनों किनारों पर बड़े स्तर पर पौधरोपण किया जाएगा, जिससे क्षेत्र का सौंदर्यीकरण भी होगा।
नाले के दोनों तरफ बनेगी सड़क :-
करीब 9.5 किमी लंबे और 9 मीटर चौड़े आरसीसी नाले के दोनों तरफ सड़क निर्माण भी कराया जा रहा है। इससे स्थानीय लोगों को वैकल्पिक मार्ग मिलेगा और आवागमन आसान होगा।
🦟 जलजनित और मच्छरजनित बीमारियों से मिलेगी राहत
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले यह नाला गंदगी, जलजमाव और मच्छरों का बड़ा कारण था, लेकिन अब इसके पुनरुद्धार से शहर को स्थायी समाधान मिलेगा।
ईज ऑफ लिविंग का मॉडल बन रहा गोरखपुर :-
मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते 9 वर्षों में गोरखपुर ने विकास की नई ऊंचाइयों को छुआ है।
चारों दिशाओं से फोरलेन कनेक्टिविटी
रामगढ़ताल का सुंदरीकरण
आधुनिक सीवर और ड्रेनेज व्यवस्था
खुले नालों को बंद कर भूमिगत व्यवस्था
उन्होंने कहा कि गोरखपुर अब “ईज ऑफ लिविंग मॉडल” के रूप में विकसित हो रहा है।⚠️ सीएम की अपील :-
मुख्यमंत्री ने नागरिकों से अपील की कि —
✅ प्लास्टिक का उपयोग कम करें
✅ नालों में कूड़ा, कपड़ा और गंदगी न फेंके
✅ स्वच्छता अभियान में सहयोग करें
इन इलाकों को मिलेगा सबसे ज्यादा लाभ -:
बिछिया, शाहपुर, राप्तीनगर, लोहिया नगर, सेमरा, बशारतपुर, मानबेला, जंगल नकहा, शक्तिनगर, रामजानकी नगर सहित कई क्षेत्रों की सीवेज समस्या का समाधान होगा।
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श्रीबालाजी मंदिर में महाअनुष्ठान का दूसरा दिन भक्तिमय वातावरण में संपन्न
गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-
तारामंडल में उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब, 24 घंटे हनुमान चालीसा पाठ व रुद्राभिषेक जारी
गोरखपुर। तारामंडल स्थित श्रीबालाजी मंदिर में चल रहे तीन दिवसीय महाअनुष्ठान के द्वितीय दिन शुक्रवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मंदिर परिसर में सुबह से देर रात तक भक्तों का तांता लगा रहा और पूरा क्षेत्र भक्ति एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर दिखाई दिया।

बालाजी सेवा समिति ट्रस्ट के अध्यक्ष जितेंद्र मणि तिवारी ने समस्त तारामंडलवासियों एवं शहरवासियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी श्रद्धालुओं के सहयोग और आस्था से यह धार्मिक आयोजन भव्य रूप ले चुका है। उन्होंने कहा कि बालाजी महाराज की कृपा से अनुष्ठान सफलतापूर्वक संपन्न हो रहा है।

अनुष्ठान को संपन्न कराने के लिए ब्राह्मणों की तीन टीमें लगातार वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन-अर्चन में जुटी हुई हैं। मंदिर में 24 घंटे हनुमान चालीसा का जाप निरंतर जारी है। इसके साथ ही रुद्राभिषेक एवं दुर्गा सप्तशती पाठ भी विधिवत कराया जा रहा है।
समिति के उपाध्यक्ष अमितेश्वर कुमार दुबे ने बताया कि इस आयोजन में पुरुषों के साथ-साथ मातृशक्ति का भी अपार सहयोग मिल रहा है। महिलाएं प्रातःकाल से लेकर देर रात तक मंदिर परिसर में रहकर विभिन्न व्यवस्थाओं एवं धार्मिक कार्यक्रमों को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।

कार्यक्रम को सफल बनाने में मुख्य रूप से कन्हैया तिवारी, अजय तिवारी, रणनजय सिंह, रंजन बाबा, गोरख बाबा, राणा सिंह, बद्री उपाध्याय, कामाख्या नारायण सिंह, अशोक शुक्ला, पानी वाले बाबा, केशव पांडे एवं अवनीश पांडे सहित अनेक श्रद्धालुओं का विशेष योगदान रहा।

अंत में समिति पदाधिकारियों ने सभी भक्तगणों, तारामंडलवासियों एवं पूज्य ब्राह्मण देवों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए बालाजी महाराज से सभी पर कृपा बनाए रखने की प्रार्थना की।
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आधार कार्ड की समस्या पर फूटा गरीबों का दर्द, राष्ट्रपति से गुहार
“गांव-गांव लगे आधार कैंप, नहीं तो तहसीलों पर निकलेगा प्रतीकात्मक अर्थी जुलूस” : अर्थी बाबा
गोरखपुर। सामाजिक कार्यकर्ता राजन यादव उर्फ “अर्थी बाबा” ने आधार कार्ड बनवाने और उसमें संशोधन कराने में आम जनता, खासकर गरीबों को हो रही भारी परेशानियों को लेकर राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा है। उन्होंने इस मुद्दे को देश के करोड़ों गरीबों से जुड़ी गंभीर समस्या बताते हुए तत्काल समाधान की मांग की है।
अर्थी बाबा ने कहा कि गांवों में रहने वाले गरीब और जरूरतमंद लोग आधार कार्ड बनवाने के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। कई लोगों के पास आधार कार्ड न होने के कारण उन्हें सरकारी योजनाओं, राशन, गैस कनेक्शन, शिक्षा और अन्य सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने मांग की कि जिस तरह विशेष सर्वेक्षण अभियान (SIR) चलाए जाते हैं, उसी प्रकार गांव-गांव में आधार कार्ड बनाने और संशोधन के लिए विशेष कैंप लगाया जाये।उन्होंने आरोप लगाया कि आधार कार्ड बनवाने में गरीबों की मदद के लिए न तो जनप्रतिनिधि आगे आते हैं और न ही अधिकारी गंभीरता दिखाते हैं। प्रधान से लेकर विधायक और सांसद तक इस गंभीर समस्या को नजरअंदाज कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई बच्चियों को आधार कार्ड न होने के कारण स्कूलों में प्रवेश तक नहीं मिल पा रहा है, जो बेहद चिंताजनक स्थिति है।
अर्थी बाबा ने मांग की कि जब तक सभी लोगों के आधार कार्ड नहीं बन जाते, तब तक सरकारी योजनाओं और सुविधाओं में आधार की अनिवार्यता हटाई जाए। साथ ही आधार में नाम, पता, फोटो और अन्य संशोधन कराने के लिए भी गांव-गांव कैंप लगाए जाएं ताकि लोगों को लंबी लाइनों और बार-बार चक्कर लगाने से राहत मिल सके।उन्होंने सुझाव दिया कि पासपोर्ट की तर्ज पर आधार कार्ड बनाने की प्रक्रिया को स्थायी और सरल बनाया जाए तथा गांव स्तर पर छोटे-छोटे आधार केंद्र खोले जाएं। इसके अलावा हर जिले में आधार संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए एक जिम्मेदार अधिकारी नियुक्त करने की भी मांग की गई है।
अर्थी बाबा ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेश की हर तहसील पर विधायक और सांसदों की प्रतीकात्मक अर्थी यात्रा निकाली जाएगी।
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बाल जागृति संस्थान द्वारा मदर्स डे की पूर्व संध्या पर किया गया कार्यक्रम का आयोजन
गोरखपुर। बालजागृति संस्थान संस्था द्वारा मदर्स डे के पूर्व संध्या पर शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में निर्देशिका रुचिता रस्तोगी ने कहा कि “बच्चा जब पैदा होता है तो सबसे पहले वह मां बोलता है, जब कुछ बड़ा होता है तो उसकी पहली पाठशाला घर में होती है उसकी पहली प्रशिक्षिका मां ही होती है, जो उसका पालन पोषण दुनिया की पहचान तथा स्वयं बच्चे की पहचान करवाती है। मां का स्थान कोई नहीं ले सकता और उनके योगदान की पूर्ति भी कोई नहीं कर सकता”, कार्यक्रम में अभिभावकों और बच्चों को संबोधित करते हुए कही।
इस दौरान प्रिंसिपल स्नेहा शर्मा ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि सभी माताए अपने बच्चों में अच्छे संस्कार देकर अच्छे समाज का सृजन करती हैं।
उप प्रिंसिपल प्रतिमा देवासी ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए बच्चों को समझाया कि अपनी मां को हमेशा नमन एवं उनकी आज्ञा का पालन करना चाहिए।
इस अवसर पर बच्चों ने अपने हाथ द्वारा बनाया हुआ ताज अपनी अपनी मां को पहनाया। इस अवसर पर शिवन्या, राशि, स्नेहा, प्रतिमा, प्रिया, समन, शिवांगी, श्रेया, संस्कृति, दुर्गा एवं ज्योति उपस्थित रहे।
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गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब में निःशुल्क डेंटल कैंप, 100 पत्रकारों के दांतों की हुई जांच
गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-
संस्थापक सदस्य श्रीकृष्ण त्रिपाठी व पूर्व अध्यक्ष एसपी सिंह ने फीता काटकर किया उद्घाटन, आधुनिक मशीनों से हुई जांच।
गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब सभागार में शुक्रवार को निःशुल्क दंत चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया।
लगभग चार घंटे तक चले इस कैंप में करीब 100 पत्रकारों एवं उनके परिजनों के दांतों की जांच कर उन्हें उचित इलाज और देखभाल संबंधी सलाह दी गई। शिविर का मुख्य उद्देश्य पत्रकारों और उनके परिवारों को दांतों की सफाई और मौखिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना रहा।
गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब एवं विकास डेंटल क्लिनिक के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस शिविर का उद्घाटन संस्थापक सदस्य श्रीकृष्ण त्रिपाठी एवं पूर्व अध्यक्ष एसपी सिंह ने फीता काटकर किया।

कैंप में डॉ. विकास और उनकी टीम ने अत्याधुनिक मशीनों के माध्यम से दांतों का एक्स-रे, जांच एवं आवश्यक दवाओं का निःशुल्क वितरण किया। जांच टीम में मुख्य रूप से डॉ. अंशिता, डॉ. कृति, डॉ. जागृति, डॉ. रोमा, डॉ. अपूर्वा एवं डॉ. आकृति शामिल रहीं। डॉक्टरों ने उपस्थित लोगों को दांतों की सही देखभाल, सफाई और समय पर उपचार के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
इस अवसर पर डॉ. विकास ने कहा कि यदि दांतों की समस्याओं का समय रहते इलाज हो जाए तो कई गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ दांत बेहतर स्वास्थ्य का आधार होते हैं और दांतों की अनदेखी कई अन्य बीमारियों को जन्म दे सकती है।

कार्यक्रम में प्रेस क्लब के अध्यक्ष ओंकार धर द्विवेदी, उपाध्यक्ष धनेश निषाद, मंत्री पंकज श्रीवास्तव, कोषाध्यक्ष दुर्गेश यादव, पुस्तकालय मंत्री संजय कुमार, कार्यकारिणी सदस्य डॉ. मनोज मिश्र, अजित सिंह, रजनीश त्रिपाठी, पूर्व अध्यक्ष अरविंद राय, पूर्व उपाध्यक्ष अजीत यादव,गजेंद्र त्रिपाठी,अनुराग त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में वरिष्ठ पत्रकार उपस्थित रहे।

प्रेस क्लब अध्यक्ष ओंकार धर द्विवेदी ने कहा कि भविष्य में भी इस तरह के स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जाएगा ताकि पत्रकारों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं का लाभ मिल सके।






















