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चौधरी ऋषिपाल सिंह, मुकेश कुमार सिंह, तेज प्रताप सिंह, दिनेश चौधरी, विष्णु गुप्ता के हाथों फीता काटकर ब्रज भाषा की फीचर फ़िल्म देहाती बीबी की शूटिंग शुरू
जीत प्रताप सिंह, सीमा सिंह की अखिलेश पाण्डेय के निर्देशन में ब्रज भाषा की फ़िल्म ‘देहाती बीबी’ की शूटिंग ग्रैंड मुहूर्त करके शुरू अलीगढ़ में
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सत्य, ज्ञान और ब्रह्म स्वरुप ‘देवरहा बाबा’ पर बनेगी फ़िल्म
“बड़े पर्दे पर दिखेगी ‘योगीराज देवरहा बाबा’ की अलौकिक गाथा, बायोपिक फिल्म बनाने की भव्य घोषणा”
भारत के महान संतों में शिरोमणि और अद्भुत सिद्धियों के स्वामी योगीराज ‘देवरहा बाबा’ के अलौकिक जीवन पर जल्द ही एक भव्य बायोपिक फिल्म बनने जा रही है। सदियों तक अपनी आध्यात्मिक चेतना और निष्काम भक्ति से करोड़ों श्रद्धालुओं का मार्गदर्शन करने वाले महासंत ‘देवरहा बाबा’ की जीवन यात्रा को अब बड़े पर्दे पर जीवंत किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि योगिराज ‘देवरहा बाबा’ का प्रभाव केवल आम जनमानस तक ही सीमित नहीं था। प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, अटल बिहारी वाजपेयी और मदन मोहन मालवीय जैसी महान राजनीतिक और सामाजिक हस्तियां उनका आशीर्वाद लेने उनके आश्रम पहुंचती थीं।विदित हो कि देवरहा बाबा का जीवन रहस्यों और असीम कृपा से भरा रहा है। गंगा और सरयू नदी के तट पर लकड़ी के ऊंचे मचान पर रहकर साधना करने वाले बाबा अपने मस्तक-स्पर्श और चरणों के आशीर्वाद से श्रद्धालुओं के सभी दुख-दर्द दूर कर देते थे। वे कभी अन्न ग्रहण नहीं करते थे और वर्षों तक केवल नदी का जल पीकर साधना में लीन रहे। फिल्म में उनकी अद्भुत जल-सिद्धियों, वन्य जीवों पर उनके प्रेम और बिना किसी आधुनिक संचार साधन के देश-दुनिया की खबर रखने की अलौकिक क्षमता को प्रमुखता से दर्शाया जाएगा।
फिल्म निर्मात्री ने बताया कि ‘योगीराज ‘देवरहा बाबा’ के अलौकिक जीवन पर बनने जा रही यह सिनेमा इतिहास में आध्यात्मिक क्षेत्र पर बनने वाली अब तक की सबसे बड़ी और शोध-आधारित फ़िल्म होगी।’ उन्होंने आगे कहा कि ‘योगीराज देवरहा बाबा की जीवनी, आध्यात्मिक यात्रा, मचान से आशीर्वाद, अद्भुत दीर्घायु और राजनीतिक दिग्गजों से जुड़ाव आदि वर्णन सिल्वर स्क्रीन पर दिखाया जाएगा। उक्त फ़िल्म की शूटिंग उत्तर प्रदेश की पावन स्थली वृंदावन, देवरिया, प्रयागराज और वाराणसी के घाट पर की जाएगी।’
फिल्म के निर्देशक ने बताया कि ‘देवरहा बाबा किसी एक युग या कालखंड के संत नहीं थे। उन्होंने कई पीढ़ियों को सत्य और भक्ति का मार्ग दिखाया। हमारी कोशिश उनके आध्यात्मिक दर्शन और जन-कल्याणकारी जीवन को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है।’ उन्होंने आगे बताया कि ‘इस फिल्म का गीत-संगीत को अध्यात्म से परिपूर्ण मधुर एवं कर्णप्रिय बनाया जा रहा है, ताकि दर्शकों को सिनेमाघर में ही शांति और भक्ति का अनुभव हो सके। फिल्म के कलाकारों और आधिकारिक शीर्षक की घोषणा जल्द ही एक भव्य कार्यक्रम में की जाएगी।’ -

नवरात्रि पर पार्श्वगायिका प्रियंका सिंह की सुरीली आवाज में देवीगीत ‘माई के मंद मंद मुस्कनिया’ वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स ने किया रिलीज
भोजपुरी सिनेमा के पावर स्टार पवन सिंह, ग्लोबल स्टार खेसारी लाल सहित तमाम सुपरस्टार की फिल्मों के गानों में अपनी सुरीली आवाज का जादू चला चुकी मोस्ट पॉपुलर पार्श्वगायिका प्रियंका सिंह की सुरीली आवाज में देवी गीत ‘माई के मंद मंद मुस्कनिया’ शारदीय नवरात्रि पर्व पर रिलीज किया गया है। नवरात्रि के प्रथम दिन पर ऑडियंस के बीच रिलीज हुआ यह देवी गीत वर्ल्ड लवाइड रिकॉर्ड्स भोजपुरी के ऑफिसियल यूट्यूब चैनल पर देखा जा सकता है। इस देवी गीत को ऑडियंस और माता जी के भक्तों का भरपूर प्यार मिल रहा है। इस गीत को सुनकर माता के भक्तों में एक अलग ही उमंग और उत्साह दिखाई दे रहा है। माता के पंडालों में भी इस देवी गीत को खूब बजाया जा रहा है और उसके तान व धुन पर लोग झूम रहे हैं और गुनगुना रहे हैं। इस गीत का फिल्मांकन देखते ही बन रहा है। इसके वीडियो में सिंगर प्रियंका सिंह खुद माता की भक्ति भाव में डूबी नजर आ रही हैं और माताजी की मोहिनी मुस्कान को देखकर जहां भाव विभोर हो रही हैं और साथ ही साथ माताजी के मुस्कुराहट एवं रूप श्रृंगार का वर्णन भी कर रही हैं। ये देवीगीत देख व सुनकर हर किसी का मन मयूर झूठ उठ रहा है।
लिंकः https://youtu.be/3zsKUmYD6BM?si=2UY-u9Jd_iQ6PhZi
वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स प्रस्तुत नवरात्रि स्पेशल देवीगीत ‘माई के मंद मंद मुस्कनिया’ के निर्माता रत्नाकर कुमार हैं। इस गीत को सिंगर प्रियंका सिंह ने मधुर आवाज में गाया है। गायकी के साथ-साथ इस गीत के वीडियो में भी प्रियंका सिंह ने खुद मुख्य भूमिका निभाई है। पारंपरिक परिधान में सज-धजकर उन्होंने वीडियो में जो अभिनय और एक्सप्रेशन्स दिए हैं, वे सीधे दर्शकों के दिलों को छूते हैं। इस गाने को गीतकार संतोष उत्पती ने लिखा है, जबकि संगीतकार विनीत शाह ने मधुर संगीत दिया है। वीडियो डायरेक्टर विनीत शाह हैं। इस गाने का ऑल राइट वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स के पास है।
वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स के एम डी एवं फ़िल्म निर्माता रत्नाकर कुमार ने कहा कि ‘इस देवी गीत की सबसे बड़ी खासियत गायिका प्रियंका सिंह की सुरीली आवाज और शानदार अभिनय है। उन्होंने बहुत सारी फिल्मों में कई हिट गीत गाये हैं। म्यूजिक वीडियो अल्बम गीत में भी बहुत सारा हिट गीत गाया है। ये देवी गीत हर पूजा पंडाल और घर-घर में गूंज रहा है। इस गीत प्यार देने और पसंद करने के लिए सभी श्रोताओं और श्रद्धालुओं को दिल से धन्यवाद!’
वही सिंगर प्रियंका सिंह ने कहा कि ‘वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स के एमडी एवं फिल्म प्रोड्यूसर रत्नाकर कुमार सर संगीत और कला के पारखी जौहरी है। उन्हें पारस पत्थर भी कह सकते हैं। उन्होंने इस देवी गीत का निर्माण बड़े शिद्दत से किया है, जिसे हर कोई खूब पसंद कर रहा है। इसके लिए रत्नाकर सर को दिल से थैंक्यू और ऑडियंस को भी तहेदिल से आभार व्यक्त करती हूं।’

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धनंजय सिंह के पक्ष में हाईकोर्ट के फैसले की उम्मीद, समर्थकों में खुशी की लहर
नेशनल डेस्क निष्पक्ष टुडे :-
मल्हनी की सियासत में बढ़ी हलचल, हाईकोर्ट के आदेश और आगामी राजनीतिक समीकरणों पर टिकी नजर
जौनपुर। पूर्व सांसद धनंजय सिंह से जुड़ी बड़ी राजनीतिक और कानूनी खबर सामने आ रही है। जौनपुर कोर्ट से मिली सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में चल रही कानूनी प्रक्रिया को लेकर उनके पक्ष में फैसला आने की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
क्या है मामला ?
जौनपुर कोर्ट के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में कानूनी प्रक्रिया चल रही है।
सूत्रों के हवाले से धनंजय सिंह के पक्ष में फैसला आने की उम्मीद जताई जा रही है।

हालांकि, हाईकोर्ट का आधिकारिक आदेश आने तक इसे अंतिम फैसला नहीं माना जा सकता।
समर्थकों में उत्साह –
संभावित फैसले की चर्चाओं के बीच धनंजय सिंह के समर्थकों में खुशी और उत्साह का माहौल बताया जा रहा है। समर्थकों की नजर अब हाईकोर्ट के आधिकारिक आदेश पर टिकी है।
मल्हनी चुनाव को लेकर बढ़ी चर्चा –
इसी बीच मल्हनी विधानसभा सीट से धनंजय सिंह के चुनाव मैदान में उतरने की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
गठबंधन के नेताओं से संपर्क?सूत्रों के अनुसार, राजनीतिक स्तर पर भाजपा गठबंधन के विभिन्न दलों के नेताओं से मुलाकात और संपर्क का सिलसिला जारी होने की चर्चा है। हालांकि, इस संबंध में किसी औपचारिक राजनीतिक घोषणा की पुष्टि सामने नहीं आई है।
अब नजर हाईकोर्ट के आदेश पर –
फिलहाल जौनपुर की राजनीति में सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या हाईकोर्ट का फैसला धनंजय सिंह के पक्ष में आता है? अगर ऐसा होता है तो मल्हनी की चुनावी राजनीति और राजनीतिक समीकरणों पर इसका क्या असर पड़ेगा?
मल्हनी की सियासत में हलचल बढ़ चुकी है और अब सबकी नजर हाईकोर्ट के आधिकारिक फैसले तथा आने वाले राजनीतिक घटनाक्रम पर है।
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राम नगीना साहनी प्रकरण पर निषाद पार्टी की प्रतिक्रिया राम नगीना साहनी प्रकरण पर निषाद पार्टी ने जताई नाराजगी
गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-
घटना को बताया दुर्भाग्यपूर्ण, दोषियों पर कार्रवाई की मांग; कार्रवाई न होने पर लखनऊ में लोकतांत्रिक घेराव की चेतावनी
राम नगीना साहनी जी के साथ हुई घटना को लेकर निषाद समाज और निषाद पार्टी की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है। निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद के कथन का समर्थन करते हुए कहा गया है कि उनके साथ हुई घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है।
क्या कहा गया?
बयान में आरोप लगाया गया है कि इस घटना में समाजवादी पार्टी से जुड़े लोग शामिल थे। इसे लेकर समाजवादी पार्टी के राजनीतिक व्यवहार और सोच पर सवाल उठाए गए हैं।
बयान में यह भी कहा गया है कि इस घटना से यह चिंता पैदा होती है कि यदि समाजवादी पार्टी सत्ता में आती है, तो निषाद समाज के साथ उसका व्यवहार कैसा होगा।
अखिलेश यादव से स्पष्ट रुख की मांग
निषाद पार्टी की ओर से समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से इस मामले पर स्पष्ट और आधिकारिक रुख सामने रखने की मांग की गई है।

साथ ही, घटना के लिए जिम्मेदार बताए जा रहे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
लखनऊ कार्यालय के घेराव की चेतावनी
बयान में कहा गया है कि यदि मामले में स्पष्ट कार्रवाई नहीं होती है, तो निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय कुमार निषाद के नेतृत्व में लोकतांत्रिक तरीके से समाजवादी पार्टी के लखनऊ स्थित कार्यालय का घेराव किया जाएगा।निषाद समाज के सम्मान का मुद्दा –
बयान में स्पष्ट किया गया है कि निषाद समाज के सम्मान और अधिकारों के साथ किसी भी प्रकार के अन्याय को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
अब सवाल यह है कि राम नगीना साहनी प्रकरण पर समाजवादी पार्टी नेतृत्व की ओर से क्या आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आती है और मामले में क्या कार्रवाई होती है?



उल्लेखनीय है कि योगिराज ‘देवरहा बाबा’ का प्रभाव केवल आम जनमानस तक ही सीमित नहीं था। प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, अटल बिहारी वाजपेयी और मदन मोहन मालवीय जैसी महान राजनीतिक और सामाजिक हस्तियां उनका आशीर्वाद लेने उनके आश्रम पहुंचती थीं।विदित हो कि देवरहा बाबा का जीवन रहस्यों और असीम कृपा से भरा रहा है। गंगा और सरयू नदी के तट पर लकड़ी के ऊंचे मचान पर रहकर साधना करने वाले बाबा अपने मस्तक-स्पर्श और चरणों के आशीर्वाद से श्रद्धालुओं के सभी दुख-दर्द दूर कर देते थे। वे कभी अन्न ग्रहण नहीं करते थे और वर्षों तक केवल नदी का जल पीकर साधना में लीन रहे। फिल्म में उनकी अद्भुत जल-सिद्धियों, वन्य जीवों पर उनके प्रेम और बिना किसी आधुनिक संचार साधन के देश-दुनिया की खबर रखने की अलौकिक क्षमता को प्रमुखता से दर्शाया जाएगा।
फिल्म निर्मात्री ने बताया कि ‘योगीराज ‘देवरहा बाबा’ के अलौकिक जीवन पर बनने जा रही यह सिनेमा इतिहास में आध्यात्मिक क्षेत्र पर बनने वाली अब तक की सबसे बड़ी और शोध-आधारित फ़िल्म होगी।’ उन्होंने आगे कहा कि ‘योगीराज देवरहा बाबा की जीवनी, आध्यात्मिक यात्रा, मचान से आशीर्वाद, अद्भुत दीर्घायु और राजनीतिक दिग्गजों से जुड़ाव आदि वर्णन सिल्वर स्क्रीन पर दिखाया जाएगा। उक्त फ़िल्म की शूटिंग उत्तर प्रदेश की पावन स्थली वृंदावन, देवरिया, प्रयागराज और वाराणसी के घाट पर की जाएगी।’
फिल्म के निर्देशक ने बताया कि ‘देवरहा बाबा किसी एक युग या कालखंड के संत नहीं थे। उन्होंने कई पीढ़ियों को सत्य और भक्ति का मार्ग दिखाया। हमारी कोशिश उनके आध्यात्मिक दर्शन और जन-कल्याणकारी जीवन को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है।’ उन्होंने आगे बताया कि ‘इस फिल्म का गीत-संगीत को अध्यात्म से परिपूर्ण मधुर एवं कर्णप्रिय बनाया जा रहा है, ताकि दर्शकों को सिनेमाघर में ही शांति और भक्ति का अनुभव हो सके। फिल्म के कलाकारों और आधिकारिक शीर्षक की घोषणा जल्द ही एक भव्य कार्यक्रम में की जाएगी।’





