Category: धर्म

  • कबहुं ना छूटी छठि मइया,हमनी से बरत तोहार”

    कबहुं ना छूटी छठि मइया,हमनी से बरत तोहार”

    कबहुं ना छूटी छठि मइया,हमनी से बरत तोहार”

    अस्ताचलगामी सूर्य को अर्ध्य अर्पित,घाटों पर रही छठ पर्व की धूम, 

    नगरपंचायत व कोतवाली प्रभारी अपने मातहतों के साथ भीड़ भाड़ वाले जगहो पर लगातार कर रहे थे निगरानी।

    ब्यूरो प्रभारी —-विनय तिवारी

    बड़हलगंज /गोरखपुर (निष्पक्ष टुडे) गुरुवार सांयकाल नदी व घाटों और तालाबों पर छठ पर्व की श्रद्वा उमड़ पड़ी।जहां व्रती महिलाएं पानी में खड़ी होकर भगवान सूर्य की अंतिम झलक पाने को बेताब थी।भोजपुरी में मधुर गीत “कबहुं ना छूटी छठि मइया,हमनी से बरत तोहार”व “कांच ही बांस के बहंगिया बहंगी लचकत जाय” आदि फूट रही थी। सभी ने आस्था व श्रद्वा के साथ अस्ताचल गामी भगवान सूर्य को अर्ध्य अर्पित कर मंगलकामना की। दीप से आरती उतारी और नैवेघ अर्पित किया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक चौबंद थी।
    गुरुवार को तीन बजे के बाद महिलाओं का नदी घाटों की ओर निकलना शुरू हो गया। वे समूह मे मंगल गीत गाते हुए नंगे पांव भगवान सूर्य की पूजा के लिए चली और साथ- साथ परिजन अपने सिर पर दऊरा में पूजा सामाग्री लेकर घाटों पर पहुंचे । कई महिलाएं डीजे व बैंडबाजा के साथ हाथों में कलश व दीप लेकर चल रही थीं।देखते ही देखते नदी व पोखरों और तालाबों के घाटों पर हजारों की भीड़ एकत्रित हो गई और जयघोष से पूरा वातावरण गूंज उठा। भीड़ के साथ माहौल में आस्था ,श्रद्धा व उत्साह बढता गया। महिलाएं पहले वेदी के पास बैठी । पूजन सामग्री सूप में रखकर पानी मे खड़े होकर परिक्रमा की। गन्ने की छतरी लगाई और भगवान सूर्य को अगरबत्ती दिखाई। इसके बाद दीप व हाथ में पूजन सामग्री से भरा सूप लेकर काफी देर तक पानी मे खड़ी रहीं । फिर उस भगवान सूर्य को अर्पित कर मंगल कामना की। क्षेत्र के उपनगर स्थित रामकवल शाही घाट,शिवालय घाट, लक्ष्मी नारायण घाट, तरकुलही घाट, लेटा घाट, पुरानी हनुमागढी घाट, पौहारी कुटी घाट, पक्का घाट ,कोडारी घाट, जाईपार घाट. डेरवा, पटनाघाट सहित अन्य गांवों में ब्रती महिलाओं ने विधि विधान से भगवान सूर्य की आराधना की ।इस महापर्व के दौरान स्टीमर पर सवार होकर विधायक राजेश त्रिपाठी, नगरपंचायत के अधिशासी अधिकारी शिवकुमार ,चेयरमैन प्रिती उमर, चेयरमैन प्रतिनिधि महेश उमर,कोतवाल चन्द्र भान सिंह अपने हमराहियों के साथ मुश्तैदी होकर ड्रोन कैमरे से घाटो का निरिक्षण करते रहे । उनके साथ सुरेश उमर, बृजेश उमर, राजेश उमर अमनाथ उमर, , कृष्णा मोदनवाल, संतोष जायसवाल, पवन यादव, शुभम गुप्ता, बबलू राय, प्रभुनाथ सोनी , संजय सोनी, डा. मंजय सोनी ,विजय सोनी,ब्रतियो की सेवा में लगे रहे ।

  • आस्ताचलगामी सूर्य को अर्ध्य अर्पित कर की गई मंगल कामना

    आस्ताचलगामी सूर्य को अर्ध्य अर्पित कर की गई मंगल कामना

    गोला:- भगवान भास्कर के सूर्योपासना का महापर्व छठ पूजा पर निर्जल व्रत रखकर श्रद्धालु व्रती महिलाओं ने पुत्र प्राप्ति व उसकी कुशलता के साथ दीर्घायु की कामना तथा पूरे परिवार की सुख समृद्धि के लिए विधिवत पूजा अर्चना कर अस्ताचलगामी डूबते भगवान सूर्य को अर्ध्य अर्पित किया.

    लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा पर सरयूं नदी घाटों व गावों में गुरुवार को छठ माता के गीत को गाते हुए व्रती महिलायें व उनके परिवार के लोग हर्षोल्लास के साथ नदी तालाबों व पोखरों में किनारे पहुचकर जल में प्रवेश कर हाथों में पूजा की थाली लेकर आराधना करते हुए डूबते भगवान सूर्य को अर्घ्य देकर मंगल कामना किया। व्रत का समापन शुक्रवार को उगते भगवान सूर्य को अर्ध्य देने के बाद करेंगी।व्रती महिलाएं पुनः गीत गाती हुयी अपने अपने घर पर पहुचकर अपने देवी देवताओं की पूजा अर्चना कर पारण करेंगी।गोला क्षेत्र में सरयू नदी घाटो पर पक्का घाट बेवरी गाँव में स्थित श्याम घाट रामामऊ तुर्कवलिया गोपालपुर, मेहड़ा, बरदसिया बिसरा तथा ग्रामीण क्षेत्रो में रामामऊ, तुर्कवलिया कास्त मिश्रौली बनकटा सेमरी चौकड़ी बड़ैला पकड़ी भर्रोह मन्नीपुर कुशभौना आदि गावो में लोगो ने धूम धाम से लोक आस्था का महापर्व छठ व्रत पर जाकर भगवान सुर्य को अर्ध्य अर्पित किया।महापर्व छठ पूजा पर स्थानीय प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद दिखा।वहीं नगर पंचायत गोला के समाजसेवी लोग भी इस पावन पर्व पर उपस्थित होकर श्रद्धालुओ की देखरेख में लगे रहे।और नगर पंचायत गोला कार्यालय की तरफ से साफ सफाई पथ प्रकाश व्यवस्था बैरिकेटिंग सजावट आदि की व्यवस्था सुदृढ़ किया गया था.

  • विधायक और एसडीएम ने छठ घाटो का किए निरीक्षण, दिए निर्देश

    विधायक और एसडीएम ने छठ घाटो का किए निरीक्षण, दिए निर्देश

    संवाददाता– एस. पी. सिंह

    गोरखपुर/सहजनवा ।

    सुर्य के उपासना का महापर्व छठ पूजा को लेकर मंगलवार को विधायक प्रदीप शुक्ल ने सहजनवा तहसील क्षेत्र के घाटों का निरीक्षण किया । निरीक्षण के बाद आवश्यक निर्देश भी दिए ।
    मंगलवार को नहाय खाय छठ महापर्व शुरू हो रहा है । तालाब पोखरे व नदीयों के घाटों पर व्रतियों के परिजन बेदियों को तैयार कर अंतिम रूप दे रहे है । विधायक ने खानिमपुर स्थित पोखरे का निरीक्षण कर व्यवस्था का जायजा लिया । पोखरे पर लटकते बिजली के तार को ठीक करने के लिए जेई को निर्देश दिया । वही एसडीएम दीपक गुप्ता व सीओ गीडा प्रशाली गंगवार एव ईओ सूर्यकांत ने सहजनवा कस्बा, मुंडा कोडरा, बेलहर, पिपरा, कालेसर, गाहासाङ समेत अन्य छठ घाटों का निरीक्षण कर व्यवस्था का जायजा लिया । घाटों पर मिले कमियों को मौजूद कर्मियों को तत्काल ठीक करने का निर्देश दिया । इस दौरान एसओ विशाल उपाध्याय समेत अन्य मौजूद रहें ।

  • गोवर्धन पूजा के उपलक्ष्य में ग्रामीणों ने गौ माता की पूजा की

    गोवर्धन पूजा के उपलक्ष्य में ग्रामीणों ने गौ माता की पूजा की

    संवाददाता– एस. पी. सिंह

    गोरखपुर/सहजनवा ।

    हरपुर बुदहट क्षेत्र के हरपुर बाजार स्थित गोवंश केंद्र पर शनिवार को ग्रामीणों ने गोवर्धन पर्व पर गौ माता की पूजा की, और गौशाला में गाय को गुड़ खिलाया गया । इसमें मुख्य अतिथि बाबा बामेश्वरनाथ मंदिर के पुजारी आचार्य प्रवीण जी महाराज रहे । उन्होंने बताया कि ब्रज से शुरू हुई गोवर्धन पूजा पूरे देश में उत्सव की तरह मनाई जाती है । गोवर्धन पूजा के दिन भक्त भगवान श्री कृष्ण की पूजा करते हैं । इस दिन भगवान कृष्ण को 56 भोग लगाया जाता है । गोवर्धन पूजा की पौराणिक कथा के बारे में इंद्र कौशिक ने बताया कि मान्यताओं के अनुसार पहले सभी ब्रजवासी इंद्र की पूजा करते थे । इस अवसर पर एडवोकेट रानू शुक्ला, रिशु, मनोज यादव, सरवन, सचिन शर्मा आदि मौजूद रहे ।

  • धर्म और नैतिकता का संदेश देती है रामलीला : शत्रुघ्न कसौधन

    धर्म और नैतिकता का संदेश देती है रामलीला : शत्रुघ्न कसौधन

    धर्म और नैतिकता का संदेश देती है रामलीला : शत्रुघ्न कसौधन

    गोला। नगर पंचायत के पुराने पोस्ट ऑफिस के सामने शनिवार की शाम को आदर्श रामलीला कमेटी द्वारा दूसरे दिन की रामलीला का मंचन किया गया। श्री नरसिंह रामलीला समाज हाबिभौआर बहेड़ा दरभंगा बिहार से पहुंची कमेटी ने बहुत ही सुंदर मनु सतरूपा तपस्या का मंचन किया जिसे दर्शक गण देखकर भाव विभोर हो गए।
    दूसरे दिन रामलीला मंचन के दौरान पहुंचे भाजपा जिला कोषाध्यक्ष शत्रुघ्न कसौधन ने भगवान राम और माता सीता की आरती उतारी। इस मौके पर भाजपा जिला कोषाध्यक्ष श्री कसौधन ने कहा कि व्यक्ति अपने गुणों और कर्मों से ही पहचान बनाता है। भगवान राम भी अपने स्वभाव, गुणों और कर्मों के कारण मर्यादा पुरुषोत्तम कहलायें। भगवान राम श्री हरि विष्णु के अवतार माने जाते हैं। धार्मिक ग्रंथों में उन्हें आदर्श पुरुष और मर्यादा पुरुषोत्तम बताया गया है। उन्होंने राजपाट छोड़ 14 साल वनवास में बिताएं। लेकिन फिर भी एक श्रेष्ठ राजा कहलाते हैं क्योंकि उन्होंने सत्य, दया, करुणा, धर्म और मर्यादा के मार्ग पर चलते हुए राज किया। आज भी बड़े-बुजुर्गों के बीच यदि संस्कृति और सदाचार की बात होती है तो भगवान राम का ही नाम लिया जाता है। रामलीला समाज को धर्म और नैतिकता का संदेश देती है। हम सभी को रामलीला के माध्यम से अपने धार्मिक महत्व को समझना चाहिए।

    धर्म और नैतिकता का संदेश देती है रामलीला : शत्रुघ्न कसौधन
    धर्म और नैतिकता का संदेश देती है रामलीला : शत्रुघ्न कसौधन

    इस दौरान अनिल कुमार, मार्कण्डेय गुप्ता, अशोक जायसवाल, श्रीराम कसौधन, अमित सोनकर, सुदर्शन कसौधन, रिंकू चौधरी, आकाश जायसवाल, ऋषिकेश साहनी, बबलू सोनकर, श्रवण गुप्ता सहित अधिक संख्या में लोग उपस्थित रहें.

    https://youtube.com/@nt_news?si=t5PBb4Ydhl-ZJ3FC

  • मस्जिद के अंदर ‘जय श्री राम’ के नारे लगाना अपराध नहीं, HC ने खारिज कर दिया केस

    मस्जिद के अंदर ‘जय श्री राम’ के नारे लगाना अपराध नहीं, HC ने खारिज कर दिया केस

    मस्जिद के अंदर ‘जय श्री राम’ के नारे लगाना अपराध नहीं, HC ने खारिज कर दिया केस
    कर्नाटक हाईकोर्ट ने मस्जिद के अंदर ‘जय श्री राम’ के नारे लगाने के आरोप में दो लोगों के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि इससे किसी भी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को ठेस नहीं पहुंची है।

    कर्नाटक हाईकोर्ट ने मस्जिद के अंदर ‘जय श्री राम’ के नारे लगाने के आरोप में दो व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज मामले को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने इस मामले में कहा कि यह समझना मुश्किल है कि यह नारा किसी की धार्मिक भावनाओं को कैसे आहत कर सकता है। न्यायालय ने कहा कि शिकायतकर्ता ने खुद यह स्वीकार किया था कि हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोग उस क्षेत्र में सद्भावना से रह रहे हैं  ।
    यह मामला 24 सितंबर 2023 का है, जब कुछ अनजान व्यक्तियों ने एक मस्जिद के अंदर ‘जय श्री राम’ का नारा लगाया। न्यायालय ने देखा कि शिकायत में सार्वजनिक दंगे या भेदभाव की कोई भी साक्ष्य नहीं है। कोर्ट ने बताया कि केवल नारे लगाने से किसी भी समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस नहीं पहुँचती है और इस पर और कार्रवाई करना कानून के दुरुपयोग के समान होगा .
    इस निर्णय से स्पष्ट होता है कि कोर्ट ने धार्मिक सहिष्णुता और समुदायों के बीच शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व को प्राथमिकता दी है। अधिक जानकारी के लिए आप  .

  • धर्म, लोक और राष्ट्र कल्याण को समर्पित था भाईजी का जीवन: सीएम योगी

    धर्म, लोक और राष्ट्र कल्याण को समर्पित था भाईजी का जीवन: सीएम योगी

    विश्व प्रसिद्ध धार्मिक पत्रिका कल्याण के आदि संपादक हनुमान प्रसाद पोद्दार ‘भाईजी’ की 132वीं जयंती पर मुख्यमंत्री ने दी श्रद्धांजलि

    नागरिक कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन होगी भाईजी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि : सीएम योगी

    कल्याण पत्रिका को सदगृहस्थ जीवन की मार्गदर्शिका बनाया भाईजी ने

    गोरखपुर, 29 सितंबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विश्व प्रसिद्ध धार्मिक-आध्यात्मिक पत्रिका कल्याण के आदि संपादक हनुमान प्रसाद पोद्दार ‘भाईजी’ का पूरा जीवन धर्म, लोक और राष्ट्र कल्याण को समर्पित था। अपने समय में उन्होंने जीवन के प्रत्येक पक्ष में समाज का मार्गदर्शन किया। आज हम अपने नागरिक कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन कर भाईजी को सच्ची श्रद्धांजलि दी सकते हैं।

    सीएम योगी रविवार सायंकाल गीता वाटिका में विश्व प्रसिद्ध धार्मिक पत्रिका कल्याण के आदि संपादक हनुमान प्रसाद पोद्दार ‘भाईजी’ की 132वीं जयंती पर आयोजित श्रद्धार्चन सभा को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के धार्मिक, आध्यात्मिक और सामाजिक जगत का कैसा कोई कार्य गत सदी में नहीं है जिसमें कम से कम 70 वर्ष के कालखंड में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से भाईजी की सहभागिता न रही हो। गोरखपुर को उन्होंने अपनी साहित्यिक साधन का केंद्र बनाया। 1927 में धार्मिक-आध्यात्मिक पत्रिका कल्याण का गोरखपुर से प्रकाशन शुरू करने वाले इसके आदि संपादक भाईजी ने कल्याण को न केवल हर सनातनी के घर पहुंचाया बल्कि इसे सदगृहस्थ जीवन के लिए मार्गदर्शिका बनाया। देश-दुनिया के सनातनियों के घर अगर कल्याण पत्रिका पहुंची तो इसका श्रेय भाईजी को ही जाता है।

    *भाईजी की साधना में था धर्म, देश और लोक कल्याण का भाव*
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि साधना का एक पक्ष होता है। जिस भाव से हम साधना करेंगे परिणाम भी उसी के अनुरूप आएगा। भाईजी की साधना में धर्म, लोक और राष्ट्र कल्याण का भाव था। उन्होंने आजादी के आंदोलन में भी भाग लिया। इसके लिए ब्रिटिश हुकूमत ने उन्हें यातना दी, प्रताड़ित किया कल्याण पत्रिका को जब्त भी किया। इसके बावजूद स्वाधीनता आंदोलन के दौर में ऐसा कोई प्रबुद्ध नेता या प्रबुद्ध क्रांतिकारी नहीं था जो भाई जी के संपर्क में न रहा हो। उन्होंने साहित्य साधना से आजादी के आंदोलन को आगे बढ़ाया।

    *संस्कारयुक्त परिवार के लिए भाईजी ने दी लेखनी को धार*
    सीएम योगी ने कहा कि हमें यह ध्यान रखना होगा कि जीवन केवल जीने के लिए नहीं होता है। यदि हम ऊंचे लक्ष्यों के लिए प्रयास करेंगे और उसी आधार पर आचरण करेंगे तो परिणाम भी उसी अनुरूप आएगा। आजादी के बाद भारत को कैसे बनना चाहिए, इसको ध्यान में रखकर संस्कारयुक्त परिवार के लिए भाईजी ने अपनी लेखनी को धार दी।

    *गीता प्रेस को सनातन साहित्य का सबसे बड़ा केंद्र बनाने में भाईजी की साधना का योगदान*
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गीता प्रेस अगर आज दुनिया में सनातन साहित्य के प्रकाशन और प्रचार-प्रसार का सबसे बड़ा केंद्र है तो इसके मूल में भाईजी हनुमान प्रसाद पोद्दार की साहित्यिक साधना ही है। उन्होंने वैदिक साहित्य की चिंतन परंपरा को संरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। गोरखपुर में गीता प्रेस की स्थापना सेठ जयदयाल गोयंदका ने की थी लेकिन इसे साहित्यिक साधन से भाईजी ने ही आगे बढ़ाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि वैदिक साहित्य उत्कृष्ट नहीं होते तो जर्मनी जैसा देश इस पर शोध करके खुद को एक बड़ी ताकत के रूप में प्रस्तुत नहीं कर पाता। गुलामी का कालखंड तभी झेलना पड़ा जब हमने अपने वैदिक साहित्य पर आत्म गौरव की अनुभूति नहीं की, अपनी विरासत को विस्मृति किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गीताप्रेस की स्थापना का गत वर्ष शताब्दी महोत्सव मनाया गया। यह कोई सामान्य बात नहीं थी इसलिए शताब्दी महोत्सव के उद्घाटन में तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और समापन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आगमन हुआ। गीता प्रेस की साहित्यिक साधना के लिए गत वर्ष इसे गांधी शांति पुरस्कार भी मिला।

    *महानता के गुण से ही होता है लंबी अवधि के बाद भी स्मरण*
    मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी व्यक्ति के जीते जी अलग-अलग कारण से सभी लोग उसे याद रखते हैं लेकिन यदि लंबी अवधि के बाद भी किसी व्यक्ति के व्यक्तित्व और कृतित्व का स्मरण किया जाता है तो निश्चित ही उस व्यक्ति में महानता के गुण होंगे। उसने देश, धर्म और समाज के लिए अविस्मरणीय योगदान दिया होगा। हम श्रीराम और श्रीकृष्ण को आज भी ऐसे ही योगदान के कारण दैवीय विभूति के रूप में स्मरण कर श्रद्धावनत होते हैं। भाईजी हनुमान प्रसाद पोद्दार का भौतिक देह 53 वर्ष पूर्व से नहीं है लेकिन आज भी हम उनकी साहित्य साधना, शिक्षा, गोरक्षा के क्षेत्र में योगदान और आध्यात्मिक, सांस्कृतिक आंदोलनों के लिए याद करते हैं। उन्होंने कहा कि महापुरुषों का कृतित्व शाश्वत सत्य की व्यवस्था पर आधारित होता है।

    *समाज में लोक कल्याण का भाव कमजोर होना चिंतनीय*
    सीएम योगी ने कहा कि डिजिटल युग में जब हर हाथ में स्मार्टफोन है, साहित्यिक साधना कमजोर पड़ती दिखाई दे रही है। देश, समाज और संस्कृति के मूल्यों को लेकर लोक का स्वर मंदित पड़ता दिखाई देता है। आज लोक कल्याण का भाव सरकार में तो है लेकिन इस भाव का समाज में कमजोर होना चिंतनीय है। यदि हम आराम का जीवन बिता रहे हैं और बगल में कोई भूखों मर रहा है तो हमारा पहला दायित्व उसकी सेवा करने का है। भाईजी का जीवन इसी की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा था कि चुपचाप मदद करो, किसी को एक हाथ से दान ऐसे दो कि दूसरे हाथ को भी पता न चले।

    *हरेक क्षेत्र में ईमानदारी से दायित्व निर्वहन से बनेगा विकसित भारत*
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने का संकल्प देशवासियों को दिया है। इसके लिए संभावना और परिस्थितियां भी अनुकूल हैं। ऐसे में जरूरी है कि हम अपने अपने कार्यक्षेत्र में अपने दायित्वों का निर्वाह ईमानदारी से करें। ऐसा करने से भाईजी की आत्मा को भी संतुष्टि मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की दुनिया में एकपक्षीय ध्रुव संभव नहीं है। आज के नए भारत और मजबूत भारत के चलते दुनिया का हर देश चाहता है कि भारत उसके साथ खड़ा रहे। भाईजी और उनके अनन्य सहयोगी राधा बाबा को नमन करते हुए मुख्यमंत्री ने दोनों विभूतियों को दो शरीर और एक आत्मा बताया। उन्होंने कहा कि भाईजी ने अपने कालखंड में धर्म, लोक, समाज और राष्ट्र के कल्याण का मार्ग प्रशस्त किया।
    भाई जी के प्रति श्रद्धार्चन के इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उनकी समाधि स्थली पर भी गए और पुष्पांजलि अर्पित कर अपनी श्रद्धा निवेदित की। इस अवसर पर कथावाचक नरहरि दास जी महाराज, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के सदस्य सचिव प्रो. सच्चिदानंद जोशी, अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना के राष्ट्रीय संगठन सचिव डॉ. बालमुकुंद पांडेय, भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद के निदेशक (शोध एवं प्रशासन) ओम जी उपाध्याय, हनुमान प्रसाद पोद्दार स्मारक समिति के सचिव उमेश सिंहानिया, संयुक्त सचिव रसेंदु फोगला, विष्णु प्रसाद अजितसरिया आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

  • पितृ दोष, प्रेत व ऋण बाधा से मुक्ति प्रदान करती है, त्रिमंडी श्राद्ध

    पितृ दोष, प्रेत व ऋण बाधा से मुक्ति प्रदान करती है, त्रिमंडी श्राद्ध

    पितृ दोष, प्रेत व ऋण बाधा से मुक्ति प्रदान करती है, त्रिमंडी श्राद्ध

    चित्र परिचय:

    गोला।शास्त्र की मान्यता है कि किसी भी व्यक्ति के अकाल मृत्यु व्यक्ति से जुड़े परिवार के लोग कई पीढ़ियों तक पितृ दोष से मुक्ति नहीं पाते हैं। ऐसे में त्रिमिंडी श्राद्ध कर इन ज्ञात व अज्ञात आत्माओं को शांति प्रदान किया जा सकता है।
    उक्त बातें आचार्य हरीश जी ने बताते हुए कहा कि त्रिमिंडी श्राद्ध कर के हम पितृ दोष, ऋण मुक्ति, प्रेत मुक्ति के साथ धन से सम्पन्न हो सकते हैं। तमोगुणी, रजोगुणी व सतोगुणी यह तीन प्रकार की प्रेतयोनियां होती हैं। सतोगुणी पिशाच विष्णु स्वरूप सात्विक प्रेत होते हैं, रजोगुणी ब्रह्मरूपी राजस प्रेत तथा तमोगुणी शिव स्वरूप तामसी प्रेत होते हैं। इन तीनों प्रकार के प्रेत योनियों के लिए त्रिमिंडी श्राद्ध आवश्यक होता है। इन दोषों के लक्षण संतान ना होना या हो कर मृत हो जाना, विकलांग होना, नौकरी या व्यापार में हानि होना, परिवार में स्वास्थ्य संबंधित दिक्कत होना आदि हैं। कुण्डली में सभी ग्रह अच्छी स्थिती होने के बाद भी तमाम कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है तो यह पृत दोष के कारण ही होता है। समस्याओं से निपटारे के लिए त्रिमंडी श्राद्ध करना आवश्यक होता हे।

  • मंदिर का पुजारी निकला मुसलमान!

    मंदिर का पुजारी निकला मुसलमान!

    मुस्लिम व्यक्ति ने पुजारी बनकर 6 माह तक किया छल।
    6 महीने के बाद आधार कार्ड से हुआ फर्जी पुजारी का भंडाफोड़। एक मुस्लिम व्यक्ति, जिसका असली नाम सनवर हुसैन है,
    वो पिछले 6 महीने से शिवनाथ नाम से हिंदू पुजारी बनकर गांव के शिव मंदिर में रह रहा था।
    मामला उत्तर प्रदेश के शेरकोट क्षेत्र के टिपरजोत गांव का।

  • माँ विंध्यवासिनी देवी धाम में भगवती सूक्तम् पाठ, वेद पारायण वार्षिकोत्सव में शामिल हुए ‘निरहुआ’, ‘कौशल द्विवेदी’ सहित फिल्मी सितारें

    माँ विंध्यवासिनी देवी धाम में भगवती सूक्तम् पाठ, वेद पारायण वार्षिकोत्सव में शामिल हुए ‘निरहुआ’, ‘कौशल द्विवेदी’ सहित फिल्मी सितारें

    विंध्याचल: माँ विंध्यवासिनी देवी धाम के प्रधान अर्चक आचार्य अगस्त्य कुमार द्विवेदी द्वारा भगवती सूक्तम् पाठ, वेद पारायण वार्षिकोत्सव आयोजित किया गया। जिसमें में भोजपुरी सिनेमा के जुबली स्टार व पूर्व सांसद दिनेशलाल यादव निरहुआ, एक्टर व कोरियोग्राफर कौशल द्विवेदी, दिग्गज अभिनेता मनोज सिंह टाइगर (बताशा चाचा), संजय पाण्डेय, के. के. गोस्वामी, आर्यन बाबू, रमेश कश्यप, अरुण राज, अनूप अरोरा, एक्ट्रेस ऋचा दीक्षित, नमिता पांडेय सहित कई फिल्मी सितारें शामिल हुए। वहीं पद्मश्री कजरी गायिका उर्मिला श्रीवास्तव, गायक व संगीतकार आशीष वर्मा सहित कई गायक व गायिकाओं ने माँ विंध्यवासिनी देवी धाम में अपनी सुरीली प्रस्तुति दी।
    श्री माँ विन्यवासिनी श्रवण वेद-पाठशाला समिति के पदाधिकारी सदस्यः- अध्यक्ष- श्री चन्द्रप्रकाश तिवारी, कोषाध्यक्ष- श्रीमती माला देवी, प्रबन्धक- श्री देवी प्रसाद चौबे, श्री बीरू पाण्डेय, श्री पुलस्त्य कुमार द्विवेदी, श्रीमती पुष्पा देवी, श्री वाशुदेव पाण्डेय, श्री चन्दन द्विवेदी, श्री गोबिन्द देव पाण्डेय, श्री राकेश वर्मा, श्री संजय श्रीवास्तव, श्री अश्वनी पाण्डेय, श्री शिवराम शर्मा, श्री रामलाल साहनी, श्री रामधनी जी, श्री सोमेश्वर त्रिपाठी ने यह कार्यक्रम सफल बनाने में भरपूर सहयोग दी।   उल्लेखनीय है कि माँ विंध्यवासिनी देवी धाम के प्रधान अर्चक आचार्य अगस्त्य कुमार द्विवेदी ने गुरु शिष्य परंपरा को आगे बढ़ाते हुए प्राचीन काल के ऋषि-मुनियों द्वारा संचालित गुरुकुल आश्रम की तरह ही निःशुल्क गुरुकुल चला रहे हैं। जिसमें विद्यार्थियों को चारों वेद, जन्म से लेकर मरणोपरांत तक कर्मकांड की विधि व वैदिक मंत्रों को पढ़ाया व सिखाया जाता है। पठन पाठन कार्य में संस्कृति भाषा के साथ साथ आधुनिक हिंदी, अंग्रेजी, गणित, इतिहास, भूगोल भी पढ़ाया जाता है।