गोरखपुर, 25 मार्च। दिविजयनाथ स्नातकोत्तर महाविद्यालय, गोरखपुर के राजनीति विज्ञान विभाग में विभागीय संगोष्ठी “राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भूमिका” विषय पर आयोजित की गई। विद्यार्थियों ने अपने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए।
विभाग के प्रभारी श्री इन्द्रेश पाण्डेय ने कहा कि महिलाएं राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है। मानव कल्याण की भावना, कर्तव्य, सृजनशीलता और ममता को सर्वोपरि मानते हुए महिलाओं ने इस जगत में मां के रूप में अपनी सर्वोपरि भूमिका को निभाते हुए राष्ट्र निर्माण और विकास में अपने विशेष दायित्वों का निर्वहन किया है। किसी भी राष्ट्र के निर्माण में महिलाओं का महत्व इसलिए भी सर्वोपरि है कि महिलाएं बच्चों को जन्म देकर उनका पालन पोषण करते हुए उनमें संस्कार एवं सद्गुणों का उच्चतम विकास करती हैं,और राष्ट्र के प्रति उनकी जिम्मेदारी को सुनिश्चित करती है, जिससे राष्ट्र निर्माण और विकास निर्बाध गति से होता रहे। वीर भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, विवेकानंद जैसी विभूतियों का देश हित में अवतार माँ के लालन-पालन की ही देन है। जीजाबाई, जयंताबाई, पन्ना धाय जैसी अनेक माताओं को त्याग समर्पण और त्याग की गाथा से इतिहास के पन्नों भरे पड़े है। माताएं ही हैं जो बहुआयामी व्यक्तित्व का निर्माण और विकास करती है। मूलतः माताएं ही राष्ट्र निर्माण की सशक्त सूत्रधार होती है।
समाज के सांस्कृतिक धार्मिक भौगोलिक ऐतिहासिक और साहित्यिक जगत में महिलाओं का दिव्य स्वरूप प्रस्फुटित हुआ है और जिसके फलस्वरूप राष्ट्र ने नई नई ऊंचाइयों को भी शिरोधार्य किया है। सभ्यता, संस्कृति ,संस्कार और परंपराएं महिलाओं के कारण ही एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में हस्तांतरित होती हैं ।अतः महिलाओं की सामाजिक, शैक्षिक, धार्मिक कार्य शक्ति ही परिवार तथा समाज और राष्ट्र को सशक्त बनाते हैं।
विभाग के सहायक आचार्य डॉ शैलेश कुमार सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी देश के नागरिकों का चरित्र उस देश की दशा और दिशा तय करती है जिसमें महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। संस्कार माँ के गर्भ से ही पैदा होता है इस हेतु महिलाओं की भूमिका और बढ़ जाती है। एक महिला अकेले त्रिदेवों की भूमिका का निर्वहन करती हैं। आज आवश्यकता इस बात है कि हम महिलाओं को मुख्यधारा में लाने के लिए हर संभव प्रयास करें जिससे कि एक सशक्त और सफल राष्ट्र का निर्माण हो सके।
कार्यक्रम का संचालन डॉ॰ प्रियंका सिंह एवं आभार ज्ञापन डॉ अखिल कुमार श्रीवास्तव ने किया। इस अवसर पर विभाग के सभी विद्यार्थी उपस्थित रहे।
News courtesy: डॉ॰ शैलेश कुमार सिंह, प्रभारी सूचना एवं जनसंपर्क संपर्क, दिग्विजयनाथ पीजी कॉलेज गोरखपुर।
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