एक फ़िल्म आई थी पुष्पा ! जिसका एक डायलॉग काफी पॉपुलर हुआ था ‘झुकेगा नहीं साला’। अब उसी डायलॉग को एक ऐसे शो के रूप मे पेश किया गया है,जो जरुरतमंदो की हौसलों को नई उड़ान देता है। जी हाँ! देश का पहला वर्टिकल ओटीटी ‘रॉकेट रील्स’ पर एक नये कॉन्सेप्ट के साथ आये शो ‘झुकेगा नहीं साला’ की इन दिनों धूम मची हुई है। हिंदुस्तान का पहला वर्टिकल रियलिटी शो ‘झुकेगा नहीं साला’ के निर्माता क्रांति शानबाग़, जिन्होंने खुद इस शो का कॉन्सेप्ट तैयार किया है, ने बताया कि उन्होंने अपने आसपास ही कई ऐसे लोगों को देखा, जिनमें हौसला है, कुछ कर गुजरने की क्षमता है लेकिन पैसे के अभाव में वो अपने सपनों को उड़ान नहीं दें पा रहे हैं। वे उनकी मदद तो करना चाहते थे लेकिन कैसे करें यह समझ नहीं आ रहा था। इसीलिए उन्होंने इस शो के माध्यम से उनको मदद करने का फैसला किया शो के माध्यम से इसीलिए, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक मदद पहुंचे। उन्होंने बताया कि ‘शो में आकर वे अपनी इच्छा और उसे अमल करने का प्लान बताते हैं और शो के जज प्रत्युश भरतिया, राकेश कोठारी, अपर्णा ठक्कर व ब्रजेश जी उनके व्यवसाय में उनकी मदद करते हैं। इस मदद के बदले जज का उनके व्यवसाय में कोई शेयर नहीं होता है बल्कि उनका उद्देश्य सिर्फ और सिर्फ सेवा भाव होता है।’ शो को होस्ट कर रहे हैं जाने माने अभिनेता सुरेश मेनन।
आपको बता दें कि दुनिया मे चल रहे मोबाइल क्रांति को देखते हुए रॉकेट रील्स नाम के ओटीटी का निर्माण खुद क्रांति शानबाग़ ने किया है और अपने शुरूआती दौर में ही रॉकेट रील्स सफलता का परचम लहरा रही है। रॉकेट रील्स के कई शो के निर्देशक विक्रम भट्ट हैं। पिछले दिनों एक भव्य कार्यक्रम मे रॉकेट रील्स की लॉन्चिंग की गई।
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