धीरू यादव ने ‘प्यारो एंटरटेनमेंट’ से भोजपुरी सिनेमा में किया वर्ल्ड क्लास बदलाव की शुरुआत

भोजपुरी सिनेमा के प्रति सभी वर्ग के दर्शकों को जोड़ने का भगीरथ प्रयास कर रहे निर्माता व निर्देशक धीरू यादव ने एक और नई पहल कर दिया है। क्रांतिकारी सोच और ऊंचे विज़न वाले निर्देशक धीरू यादव ने ऐतिहासिक परिवर्तन की बागडोर संभालते हुए ‘प्यारो एंटरटेनमेंट’ की शुरुआत किया है, जोकि भोजपुरी सिनेमा में किया वर्ल्ड क्लास बदलाव का आगाज और एक नई क्रांति है।

गौरतलब है कि ‘प्यारो एंटरटेनमेंट’ यूट्यूब चैनल की ऑफिसियल लांचिंग धीरू यादव ने किया है। जो महज एक यूट्यूब चैनल नहीं, बल्कि भोजपुरी सिनेमा में गुणवत्ता, संस्कृति और नई सोच का महा अभियान है। इस चैनल पर दर्शकों को केवल गीत-संगीत या दोहराए जाने वाले विषय नहीं, बल्कि ऐसी कहानियां देखने को मिलेंगी, जो समाज की सोच को दिशा देंगी। साथ ही परिवार के हर सदस्य के लिए उपयुक्त होगी और तकनीकी दृष्टि से बॉलीवुड व साउथ की बेहतरीन फिल्मों को टक्कर देगी।

‘प्यारो एंटरटेनमेंट’ यूट्यूब चैनल को लेकर धीरू यादव ने कहा कि ‘भोजपुरी फिल्में देखने वाले दर्शक बदलाव चाहते हैं और वही असली दिशा-परिवर्तक हैं। अगर दर्शक साथ दें तो भोजपुरी सिनेमा भी वर्ल्ड-क्लास बन सकता है।’ उन्होंने आगे बताया कि ‘भोजपुरी सिनेमा के दर्शक वर्षों से बदलाव की मांग कर रहे हैं। दर्शक चाहते हैं कि भोजपुरी फ़िल्म इंडस्ट्री में भी बॉलीवुड और साउथ इंडस्ट्री जैसी वर्ल्ड क्लास फिल्में बनें, जिनमें दमदार कहानी, आधुनिक तकनीक और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रस्तुति हो। अब वह समय आ चुका है, जब यह सपना हकीकत में बदलने वाला है। बस मैंने एक ठोस कदम उठाया है, बाकी दर्शकों पर निर्भर है।’

धीरू यादव के अनुसार चैनल की प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं… ‘हाईटेक प्रोडक्शन क्वालिटी और अत्याधुनिक फिल्म निर्माण तकनीक’, ‘सामाजिक व पारिवारिक मूल्यों पर आधारित कहानियां, जो पीढ़ियों तक याद रहें’, ‘नई सोच और लीक से हटकर विषय, जिससे भोजपुरी सिनेमा की छवि बदले’, ‘दर्शकों को गर्व से कहने का मौका – हम भोजपुरी फिल्मों के समर्थक हैं!’

दर्शकों से अपील है कि यह बदलाव सिर्फ देखने का नहीं, बल्कि उसका हिस्सा बनने का अवसर है। यूट्यूब पर ‘Pyaro Entertainment’ (प्यारो एंटरटेनमेंट) सर्च करें, बेहतरीन वीडियो देखें और इस क्रांति का हिस्सा बनें। लाइक करें, शेयर करें, कमेंट करें और सब्सक्राइब करें – क्योंकि जब दर्शक साथ खड़े होते हैं, तभी सिनेमा में असली क्रांति जन्म लेती है।

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