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घर से फूल तोड़ने निकली किशोरी गायब, गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज
संवाददाता– एस.पी. सिंह
गोरखपुर, सहजनवा ।
हरपुर बुदहट थाना क्षेत्र के एक गाव की रहने वाली 14 वर्षीय किशोरी जो घर से फूल तोड़ने निकली लेकिन वापस घर को नही लौटी । किशोरी के पिता ने शुक्रवार को हरपुर बुदहट थाना में गुमसुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है ।
पीड़ित पिता ने तहरीर देकर बताया कि हमारी नाबालिग बेटी बीते शुक्रवार को भोर में छः बजे के करीब फूल तोड़ने के लिए घर से निकली थी, लेकिन वापस घर नहीं आई । इधर-उधर नात रिस्तेदारी में काफी खोजबीन किया लेकिन नहीं मिली । बेटी की उम्र करीब 14 वर्ष है, वह लाल सूट, बैंगनी लोअर व कत्थई रंग की शाल पहनी हुई है ।
इस संबंध में थानाध्यक्ष महेश कुमार चौबे ने बताया कि किशोरी के पिता की तहरीर पर 137 (2)के तहत मुकदमा दर्ज कर किशोरी की तलाश की जा रही है । -

राजस्व परिषद पर्यवेक्षक ने अंश निर्धारण, रियल टाइम खतौनी, एग्री स्टैक ,कृषि गणना का किया समीक्षा
राजस्व परिषद पर्यवेक्षक ने अंश निर्धारण, रियल टाइम खतौनी, एग्री स्टैक ,कृषि गणना का किया समीक्षा,
घरौनी वितरण को शत प्रतिशत पूर्ण कर लिया जाए,
रियल टाइम खतौनी, अंश निर्धारण त्रुटियों को किया जाए दुरुस्त _राजस्व परिषद पर्यवेक्षक,
1432 फसली खरीफ खसरा 1431 फसली खरीफ, रबी व जायद घरौनी वितरण समीक्षा,
गोरखपुर। राजस्व परिषद पर्यवेक्षक /प्रभारी स्पेशल ड्यूटी अफसर सुनील कुमार झा ने कलेक्ट्रेट जिलाधिकारी सभागार पर्यटन भवन पर एडीएम प्रशासन मुख्य राजस्व अधिकारी सहित जनपद के समस्त तहसीलदारों व रजिस्टार कानूनगो के साथ बैठक कर प्रदेश सरकार द्वारा किसानों के लिए अब तक किए गए महत्वाकांक्षी योजनाओं का किसानों को कितना लाभ मिला का समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि किसानों के लिए सरकार कटिबद्ध है कि किसानों को एग्री स्टैक ,कृषि गणना की द्वितीय चरण तृतीय चरण रियल टाइम खतौनी (आर.टी. के.) अंश निर्धारण अंश त्रुटियों की सुधार ई-परवाना बैंक बन्धक
उत्तराधिकार/वरासत खसरा 1432 फसली खरीफ खसरा 1431 फसली खरीफ, रबी व जायद घरौनी वितरण का अब तक किए गए प्रगति की समीक्षा किया। श्री झा ने कहा कि
तहसीलवर एग्री स्टैक से किसानों की आमदनी बढ़ाने एवं अधिक से अधिक किसानों तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुँचाने के लिए सरकार द्वारा नई तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है जिसको देखते हुए राज्य में एग्री स्टेक (डिजिटल एग्रीकल्चर पब्लिक इन्फ्रास्टक्चर के अंर्तगत डिजिटल क्रॉप सर्वे की पड़ताल) के कार्य कों संपादित कराने हेतु जनपद एवं तहसील स्तर के चयनित मास्टर ट्रेनर के प्रशिक्षण कराया गया।
डिजिटल क्रॉप सर्वे के माध्यम से फसलों के जो आंकड़े प्राप्त होंगे, किसानों के लिए योजना बनाने में बहुत सुविधा प्राप्त होगी, जो कृषकों के लिए लाभकारी होगा। इसके अतिरिक्त डिजिटल क्रॉप सर्वे के माध्यम से प्राप्त होने वाले आकड़ों से जहाँ एक और किसानों को लाभ प्राप्त होगा, वहीं सरकार और उपभोगता सभी इससे लाभान्वित होगें। फसल नुकसान की स्थिति में कृषक को वास्तविक (छत) का मुआवजा प्राप्ति में सरलीकरण हो जाएगा। समय–समय पर किसानों को उनके फसल विशेष हेतु लक्षित फसल सलाह प्रदान की जा सकेगी। बोई गई फसल के वास्तविक उपज के आँकलन हेतु मोबाइल एप के माध्यम से क्रॉप कटाई एक्सपेरिमेंट (सीसीई) का प्रभावी क्रियान्वयन संभव हो सकेगा। आपदा के दौरान फसल नुकसान होने पर राहत/अनुदान का समयबद्ध सर्वेक्षण तथा राहत वितरण संभव हो सकेगा।
समीक्षा बैठक में रियल टाइम खतौनी निर्माण, स्वामित्व योजना, लम्बित राजस्व वाद, राजस्व वसूली, वरासत प्रकरण एवं पैमाइश मामलों की समीक्षा करते हुए श्री झा ने कहा कि अगर किसी तहसील में 26% कार्य किया जा रहा है तो दूसरे तहसील में 6% कार्य करना शर्मनाक की बात है उन्होंने राजस्व अधिकारियों से कहा कि अपनी प्राप्त मजिस्ट्रेट की शक्तियों को सकारात्मक दिशा में प्रयोग करें तथा प्रोएक्टिव रहते हुए लीडरशिप बनाए रखें। राजस्व वसूली एक जरूरी कार्य है जिस पर लापरवाही न की जाए। सभी राजस्व अधिकारी कलेक्शन मैनुअल को जरूर पढें। उन्होंने मानक और दायरे के अनुसार न्यायालयों में लम्बित वादों के निस्तारण करने के निर्देश दिए।
राजस्व अधिकारियों से कहा कि जनपद में लम्बित वादों की यथास्थिति की जानकारी लेते हुए कहा कि सभी वादों का यथाशीघ्र निस्तारण कराया जाए। साथ ही साथ सभी मजिस्ट्रेट वादों का निस्तारण करते समय न्याय संगत आदेश करना सुनिश्चित करें।
उन्होंने धारा 80 के तहत आने वाले प्रकरणों को भी यथाशीघ्र निस्तारित करने के निर्देश दिए। उन्होने एक पक्षीय आदेश के मामलों के अवसर देने की बात कही।कर-करेत्तर में जनपद के वार्षिक लक्ष्य को विगत वर्ष के सापेक्ष कम से कम 20 प्रतिशत बढाया जाए। उन्होंने कहा कि जनपद के 10 बडे बकाएदारों की बनी हुई सूची को पुनः चैक करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी एवं ग्राम सभा की भूमि को कब्जा मुक्त करवाया जाए तथा उन पर पुनः कब्जा न हो इसके लिए पेडों की बाउण्ड्री बनाते हुए घास की बुवाई की जाए।सीमा स्तम्भ लगाए जाने का कार्य एक महत्वपूर्ण कार्य है जिसको लेखपालों द्वारा किया गया है इसका सत्यापन उच्च अधिकारियों से कराया जाए। जो सीमा स्तम्भ जर्जर अवस्था में उनकी सूची बनवा ली जाए।
ॉशेष रियल टाइम खतौनी का कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। अंश निर्धारण में प्रगति आवश्यक है तथा अंश निर्धारण में शुद्धता जरूरी है अंश निर्धारण करते समय किसी प्रकार की त्रुटियां हो गई हैं तो उसे तत्काल दुरुस्त किया जाए बेवजह किसानों को परेशान करने का कार्य न किया जाए केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक घरौनी वितरण को शत प्रतिशत पूर्ण कर लिया जाए। बैठक में प्रमुख रूप से राजस्व परिषद पर्यवेक्षक स्पेशल ड्यूटी अफसर सुनील कुमार झा एडीएम प्रशासन पुरुषोत्तम दास गुप्ता मुख्य राजस्व अधिकारी अमित राठौर सदर तहसीलदार ध्रुवेश कुमार सिंह एलआरसी सहित जनपद के समस्त तहसीलदार रजिस्टार कानूनगो मौजूद रहे। -

जिलाधिकारी ने 10 एसडीएम 3 तहसीलदार का किया तबादला
गोरखपुर। डीएम कृष्णा करुणेश ने जिले के दस एसडीएम और एएसडीएम के अलावा तीन तहसीलदारों का कार्यक्षेत्र बदल दिया है। इस संबंध में बुधवार को आदेश जारी करने के साथ ही डीएम ने सभी को तत्काल कार्यभार संभालने का निर्देश दिया है।
आदेश के मुताबिक, सहायक कलेक्टर प्रशिक्षण शिशिर कुमार सिंह को कैंपियरगंज का एसडीएम बनाने के साथ ही एसडीएम न्यायिक का भी कार्यभार सौंपा गया है। इसी तरह कैंपियरगंज के एसडीएम रोहित मौर्या को चौरीचौरा और चौरीचौरा के एसडीएम प्रशांत वर्मा को गोला का नया एसडीएम की जिम्मेदारी दी गई है। एसडीएम न्यायिक चौरीचौरा प्रदीप सिंह को बांसगांव का एसडीएम बनाया गया है।
इसी तरह एसडीएम न्यायिक गोला व खजनी राजेश प्रताप सिंह को एसडीएम खजनी, एसडीएम बांसगांव केएन तिवारी को अपर नगर मजिस्ट्रेट द्वितीय के साथ ही जीडीए से भी संबद्ध किया गया है। वहीं एसडीएम खजनी कुंवर सचिन सिंह को एएसडीएम सदर, एसडीएम न्यायिक सहजनवां आरती साहू का एसडीएम न्यायिक चौरीचौरा, एएसडीएम सदर व एसीएम द्वितीय सिद्धार्थ पाठक को एसडीएम न्यायिक खजनी व गोला तथा एसडीएम गोला राजू कुमार को एसडीएम न्यायिक बांसगांव व सहजनवां पद पर तैनात किया गया है। तबादले के क्रम में गोला के तहसीलदार बृज मोहन शुक्ला को बांसगांव, बांसगांव के तहसीलदार नरेंद्र कुमार को खजनी और खजनी के तहसीलदार कृष्ण गोपाल त्रिपाठी को गोला का तहसीलदार बनाया गया है।
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मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में एमएलसी ध्रुव त्रिपाठी की बहू की हुई थी मौत, जांच रिपोर्ट के बाद हुई कार्रवाई
जुलाई 2023 में बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में एमएलसी ध्रुव त्रिपाठी की बहू की हुई थी मौत, मंडलायुक्त ने की थी जांच, रिपोर्ट के बाद हुई कार्रवाई
एमएलसी की बहू की मौत में गायनी की डॉ. रूमा दोषी, वेतन वृद्धि रुकी।
सात महीने की गर्मवती थीं चंदा त्रिपाठी, घबराहट और सांस लेने में हो रही थी तकलीफ
मेडिकल कॉलेज के विभाग में घूमते रहे तीमारदार, नहीं मिला था इलाज,
– सदन तक उठा था मामला, तब एक्शन में आई सरकार
– जांच में मिली लापरवाही
गोरखपुर, वरिष्ठ संवाददाता। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में *एमएलसी ध्रुव त्रिपाठी की बहू की मौत* के मामले में मंडलायुक्त की जांच रिपोर्ट के बाद शासन ने गायनी की *प्रोफेसर डॉ. रूमा सरकार* को दोषी माना है।
उन्हें कर्तव्य में लापरवाही का दोषी मानते हुए दो वेतन वृद्धि रोक दी है।
डॉ. रूमा सरकार इस समय गायनी की विभागाध्यक्ष भी हैं। जांच में तत्कालीन इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर *डॉ. एके श्रीवास्तव* के अलावा *तीन रेजिडेंट* को भी दोषी माना गया है।
हालांकि इन रेजिडेंट के खिलाफ किसी भी कार्रवाई की सिफारिश नहीं हुई है।
मामला *22 जुलाई 2023* का है।
सिद्धार्थनगर के रहने वाले विधान परिषाद सदस्य ध्रुव त्रिपाठी की बहू चंदा त्रिपाठी शादी के 15 साल बाद आईवीएफ की मदद से सात महीने की गर्भवती थीं।गर्भमें जुड़वा बच्चे थे।
22 जुलाई की सुबह करीब सवा नौ बजे परिजन *चंदा त्रिपाठी* को गंभीर हालत में लेकर बीआरडी पहुंचे।
परिजन ट्रामा सेंटर गए तो कर्मचारियों ने सुपर स्पेशियलिटी में बने कार्डियोलॉजी में भेज दिया।
जहां हृदयरोग विशेषज्ञ ने जांच कर वापस ट्रामा सेंटर भेजा।एक बार फिर ट्रामा सेंटर से
स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की ओपीडी भेजा गया। वहां से डॉक्टरों ने मेडिसिन विभाग में रेफर कर दिया गया।
करीब दो घंटे तक मरीज को लेकर परिजन एक विभाग से दूसरे विभाग दौड़ लगाते रहे। करीब सवा 11:00 बजे मरीज की मौत हो गई।
*सदन तक उठा था मामला, तब एक्शन में आई सरकार*
एमएलसी ने बीआरडी मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शासन से लेकर सदन तक में मामले को उठाया।
शासन ने इस मामले में तत्कालीन मंडलायुक्त को जांच सौंपी थी। इससे पहले तीन विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने जांच की थी।
विशेषज्ञों ने माना था कि मरीज को *प्री एक्लेम्प्सिया* के लक्षण थे।यह गायनी विभाग का मामला होता है।
उस टीम के रिपोर्ट में भी डॉ. एके श्रीवास्तव और डॉ. रूमा सरकार को जिम्मेदार माना गया था।
*जांच में मिली लापरवाही*
शासन की ओर से जारी जांच रिपोर्ट में चंदा त्रिपाठी की मौत में डॉक्टरों की सीधी लापरवाही मिली है।
रिपोर्ट के मुताबिक सबसे ज्यादा लापरवाही डॉ. रूमा सरकार की रही।
मरीज को देखकर उन्होंने पर्चे पर लिख दिया कि गायनी इंटरवेंशन की जरूरत नहीं है। जबकि मरीज को प्री एक्लेम्प्सिया के स्पष्ट लक्षण थे।
रिपोर्ट में मेडिसिन के दो रेजिडेंट के पर भी सवाल उठाए गए हैं। तत्कालीन इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉ. एके श्रीवास्तव की भी लापरवाही मानी गई है।
वह घटना के दिन अवकाश पर चले गए थे। लेकिन किसी को रिलीवर नहीं नियुक्त किया।
“शासन से एक रिपोर्ट आई है। उसे देखा जा रहा है। जैसा शासन का निर्देश होगा, उसका पालन किया जाएगा।” – डॉ. राम कुमार जायसवाल, प्राचार्य, बीआरडी मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर।
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जिले में फूड विभाग ने चार ब्रांडेड कंपनियों के कुछ उत्पादों के बिक्री पर लगाई रोक
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चार ब्रांडेड कंपनियों के कुछ बैच के खाद्य उत्पादों की बिक्री पर प्रदेशभर में प्रतिबंध लगा दिया गया है। असिस्टेंट फूड कमिश्नर डॉ सुधीर कुमार सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि संबंधित बैच के प्रोडक्ट बाजार में नहीं बेचे जा सकेंगे। यदि कोई व्यापारी इन प्रतिबंधित उत्पादों की बिक्री करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने उपभोक्ताओं से भी अपील की है कि वे प्रतिबंधित बैच के उत्पाद न खरीदें और संदिग्ध उत्पादों की जानकारी तुरंत संबंधित विभाग को दें।
असिस्टेंट फूड कमिश्नर डॉ. सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन लखनऊ से निर्देश प्राप्त हुआ है कि चार ब्रांडेड कंपनी के प्रोडक्ट जिसमें आपके फूड इंडस्ट्रीज राधा नगर मुगल रोड आगरा से हींग प्रोडक्ट को unsafe पाया गया है, राहुल ब्रांड शाहजहांपुर का हल्दी पाउडर, हंस ब्रांड मऊ का घी, बिंद फ़ूड इंडस्ट्रीज का शाही मंसूर नमकीन को unsafe पाया गया है इस बैच के जितने भी प्रोडक्ट बाजार में उपलब्ध है उन पर बैन लगाया गया है दुकानदारों को जागरूक किया जा रहा है कि वह इस बैच के प्रोडक्ट को ना बेचे, सूचना देने के बाद भी अगर कोई इन प्रोडक्ट को बेचता दे पाया गया तो वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। -

स्टाम्प वादों की समाधान योजना: स्टाम्प वादों से मुक्ति का सुनहरा अवसर
स्टाम्प वादों की समाधान योजना: स्टाम्प वादों से मुक्ति का सुनहरा अवसर,
गोरखपुर में स्टाम्प वाद समाधान योजना लागू, 31 मार्च 2025 तक उठाएं लाभ,
गोरखपुर। स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग, जनपद गोरखपुर ने स्टाम्प वादों के शीघ्र निस्तारण के लिए एक विशेष “स्टाम्प वाद समाधान योजना” लागू की है। इस योजना के तहत नागरिकों को मात्र ₹100 के आर्थिक दंड के साथ अपने स्टाम्प वादों का निपटारा करने का सुनहरा अवसर दिया जा रहा है।
क्या है स्टाम्प वाद समाधान योजना?
स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग द्वारा घोषित इस योजना के तहत स्टाम्प की कमी एवं उस पर लगने वाले ब्याज की राशि का भुगतान कर मात्र ₹100 अर्थदंड जमा करके स्टाम्प वाद से मुक्ति पाई जा सकती है। यह योजना 31 मार्च 2025 तक प्रभावी रहेगी, जिसके बाद इस विशेष राहत का लाभ नहीं लिया जा सकेगा।
इस योजना का लाभ उन नागरिकों को मिलेगा जिनके नाम पर स्टाम्प वाद लंबित हैं। विशेष रूप से वे लोग, जिन्होंने स्टाम्प ड्यूटी का पूर्ण भुगतान नहीं किया है या जिनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई चल रही है, वे इस अवसर का लाभ उठाकर अपने मामलों का त्वरित समाधान कर सकते हैं।“गोरखपुर के उपमहानिरीक्षक स्टाम्प के द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार।”
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प्रयागराज स्नान में गयी महिला हुई लापता
संवाददाता– एस.पी. सिंह
गोरखपुर, ( सहजनवा ) ।सहजनवा थाना क्षेत्र के ग्राम नेवास की रहने वाली महिला विमला देवी पत्नी राम नरायण सहानी बीते बुधवार को प्रयागराज महाकुंभ से गयी थी और लापता हो गयी । लोगों ने बहुत तलाश किया परंतु पता नहीं चल सका है। उसके साथ गाँव के अन्य श्रद्धालु भी गये थे, सभी घर लौट आये और विमला देवी के घर वालों को गायब होने की सूचना दी।
मौनी आमावस्या के दिन कुंभ में मची भगदड़ में यह गायब हो गयी थी। उक्त जानकारी ग्रामीणों ने मीडिया को दी ।
इसी क्रम में थाना क्षेत्र सहजनवा के अंर्तगत माट बाजार गाँव निवासी नंद कुमार 65 वर्ष 26 जनवरी को प्रयागराज गये थे, तबीयत बिगड़ी और मौत हो गयी । घर वाले वहां पहुचकर उनका दाहसंस्कार कर दिया है । उक्त संदर्भ में चौकी प्रभारी घघसरा वीरेंद्र सिंह ने कहा कि मामला हमारे संज्ञान में आया है। -

भीषण सड़क हादसे में 3 श्रद्धालुओं की मौत हो गई और 1 गंभीर रूप से घायल
गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के ख़जनी क्षेत्र सिकरीगंज थान में एक भीषण सड़क हादसे में 3 श्रद्धालुओं की मौत हो गई और 1 गंभीर रूप से घायल हो गया। यह हादसा सिकरीगंज थाना क्षेत्र में छटियारी गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर हुआ, जब महाकुंभ में स्नान करके लौट रहे श्रद्धालुओं की कार एक डंपर से टकरा गई।
सिकरीगंज थाना क्षेत्र, छटियारी गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे समय: लगभग 7:30 बजे वाहन: कार और डंपर भीषण टक्कर हुआ जिसमें मृतक: 3 श्रद्धालु (1 महिला, 2 पुरुष) रहे ,
घायल में 1 श्रद्धालु (गंभीर रूप से) घायल है।मृतकों की पहचान गोपाल यादव (64 वर्ष)सोना देवी (62 वर्ष) अरविंद कुमार (37 वर्ष)ये तीनों बिहार के मोतिहारी जिले के रहने वाले थे और एक ही गांव के निवासी थे।अरुण कुमार (28 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हैं और उनका इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है।
पुलिस कार्रवाई
पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
डंपर चालक की लापरवाही के कारण हादसा होने की आशंका है, जिसकी जांच की जा रही है।पुलिस ने मृतकों के परिजनों को सूचित कर दिया है।
स्थानीय लोगों की मदद
स्थानीय लोगों ने पुलिस के साथ मिलकर राहत कार्य में मदद की और घायलों को अस्पताल पहुंचाया।
मृतकों के परिवार में मातम
इस हादसे से मृतकों के परिवार में मातम छा गया है।जिला प्रशासन ने अस्पताल में सभी आवश्यक उपचार सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। -

पुलिस अधीक्षक रेलवे का गोरखपुर स्टेशन पर सुरक्षा निरीक्षण
गोरखपुर। महाकुंभ-2025 के अमृत स्नान मौनी अमावस्या की पूर्व संध्या पर पुलिस अधीक्षक रेलवे संदीप कुमार मीना ने गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जीआरपी, आरपीएफ और एस-चेक टीम के साथ विशेष चेकिंग अभियान चलाया और स्टेशन के विभिन्न हिस्सों का गहन निरीक्षण किया।
पुलिस अधीक्षक ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने मेला स्पेशल ट्रेनों के गेटों पर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती, लाउड हेलर से दिशा-निर्देश देने और स्टेशन पर भीड़ नियंत्रण के उपायों पर जोर दिया। साथ ही, प्लेटफार्म में किसी भी बदलाव की सूचना श्रद्धालुओं को समय रहते देने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि यात्रा के दौरान कोई असुविधा न हो और श्रद्धालु सुरक्षित यात्रा कर सकें।









