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  • महाशिवरात्रि पर निकली भगवान शिव की भव्य बारात; भूत, प्रेत, बैल, घोड़े के साथ निकली झांकी

    महाशिवरात्रि पर निकली भगवान शिव की भव्य बारात; भूत, प्रेत, बैल, घोड़े के साथ निकली झांकी

    ब्यूरो प्रभारी —-विनय तिवारी

    बड़हलगंज /गोरखपुर (निष्पक्ष टुडे): बडहलगंज महाशिवरात्रि पर बड़हलगंज कस्बे में भगवान शिव की झांकी के साथ बारात निकली। बारात में भूूत, प्रेत, बैल, घोड़ा, ढ़ोल, नगाड़ा, डीजे के साथ सैकड़ो नगरवासी बाराती बने थे। सुरक्षा के मद्देनजर सीओ मनोज कुमार पांडेय,कोतवाली प्रभारी चन्द्रभान सिंह जुलूस में भारी पुलिस फोर्स के साथ चल रहे थे।

    बुधवार की शाम ठाकुरद्वारा मंदिर परिसर से भगवान शिव, राम-सीता व हनुमान जी की भव्य झांकी के साथ बारात निकली। बारात सोती चौराहा, गोला तिराहा, डीह बाबा, गोला मुहल्ला, लेटाघाट, जामा मस्जिद सहित कस्बे का भ्रमण कर बाबा जलेश्वरनाथ मंदिर प्रांगण में पहुंचा। जहा माता पार्वती के साथ विवाह सम्पन्न होने के बाद रुद्राभिषेक किया गया। शिव बारात में आयोजक मोहन मदेशिया, चेयरमैन प्रतिनिधि महेश उमर, पूर्व चेयरमैन प्रतिनिधि बीरु सोनकर, श्रवण जायसवाल, अमित मदेशिया, सुनील यादव, अजय सोनी, अजय सर्राफ, बबलू राय, दीपक शर्मा, रोहित सोनी, राहुल तिवारी, अमरनाथ उमर आदि सैकड़ो लोग उपस्थित रहे।

     

  • श्रद्धालुओं ने शिवालयों पर किया हर हर महादेव जयघोष के साथ किया जलाभिषेक

    श्रद्धालुओं ने शिवालयों पर किया हर हर महादेव जयघोष के साथ किया जलाभिषेक

    गोला। गोला क्षेत्र के शिवालयों पर दूर दूर से आए शिवभक्त श्रद्धालुओं द्वारा महाशिवरात्रि के महापर्व पर हर हर महादेव के नारों के साथ किया जलाभिषेक और रुद्राभिषेक भी किया। शिव मंदिर पर महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर सुबह से ही क्षेत्र के श्रद्धालुओं द्वारा भगवान शिव को धतूरा भांग फूल बेलपत्र अक्षत एवं दूध जल इत्यादि से जलाभिषेक कर की मंगल कामना। जलाभिषेक करने के लिए श्रद्धालुओं का मन्दिरों पर ताता लगा रहा।

    श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक कर की मंगल कामना,

    महिलाएं निराजल व्रत रखकर परिवार की कुशलता के लिए भगवान शिव की पूजा अर्चना कर मन्नते मांगी वही श्रद्धालुओं ने मेले का आनंद भी उठाएं। बुधवार को क्षेत्र के शिवालयों पर भगवान शिव शंकर को अपनी आस्था समर्पित करने के लिए सुबह से ही महिला व पुरुष श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई क्षेत्र के बिसरा गाँव में बाबा विशेश्वरनाथ का ऐतिहासिक मन्दिर बरमइनी बाबा के मन्दिर पर श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही।सुबह से ही श्रद्धालुओं का क्षेत्र के मंदिरों पर आने का सिलसिला शुरु हुआ तो दोपहर बाद तक पूजन का कार्यक्रम चलता रहा। भजन कीर्तन के आयोजन में श्रद्धालु गणों ने श्रवण कर आनंद उठाया।ग्रामीण क्षेत्रों में बारानगर तीरागांव उपनगर गोला का गोपालपुर पक्का घाट बेवरी का श्यामघाट रामामऊ सूअरज बनकटा भड़सड़ा तुर्कवलिया मेहड़ा नरहन मदरहा भर्रोह आदि शिवालयों पर सुबह से ही भगवान को प्रसन्न करने के लिए श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक व पूजन अर्चन कर मन्नतें मांगी।

    बाबा विशेश्वरनाथ मन्दिर पर हुए दीपदान में उमड़े श्रद्धालु,

    उपनगर गोला के बिसरा में स्थित बाबा विश्वनाथ मंदिर पर महाशिवरात्रि के महापर्व पर दीपदान कार्यक्रम का आयोजन किया गया।जिसमें क्षेत्र वासियों व ग्रामवासि श्रद्धालुओं ने मंदिर पर पहुंचकर दीपदान किया गया। घर घर से श्रद्धालु हाथों में दीप लिए मंदिर पर पहुंचकर किया दीपदान।इस अवसर पर सोहन मौर्य जय किशुन कन्नौजिया संदिप मौर्या धर्मेन्द्र चौधरी अनन्त यादव विष्णु कन्नौजिया सुनील श्रीवास्तव हनुमान मौर्य अनिल रजक सहित अधिक संख्या में श्रद्धालु भक्तगण मौजूद थे।

     

  • महाशिवरात्रि पर शिवोपासना में लीन रहे सीएम, की लोक कल्याण की प्रार्थना

    महाशिवरात्रि पर शिवोपासना में लीन रहे सीएम, की लोक कल्याण की प्रार्थना

    संवाददाता : सूर्य प्रकाश ओझा

    गोरखपुर। देवाधिदेव महादेव भगवान शिव की उपासना के विशेष पर्व महाशिवरात्रि पर मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ गोरक्षपीठ से लगायत जिले के चार प्रमुख शिवालयों में भोलेनाथ के दर्शन, पूजन, जलाभिषेक, रुद्राभिषेक आदि अनुष्ठान में लीन रहे।

    विधि विधान से पूजनोपरांत उन्होंने भगवान आदियोगी से लोकमंगल, राष्ट्र कल्याण और सभी नागरिकों के आरोग्यमय, सुखमय, समृद्धमय व शांतिमय जीवन की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री सुबह से लेकर दोपहर बाद तक अलग-अलग मंदिरों में उपासना व भ्रमण में रत रहे।

    बुधवार सुबह महाशिवरात्रि पर सीएम योगी के आनुष्ठानिक कार्यक्रमों की शुरुआत गोरखनाथ मंदिर से हुई। मठ के प्रथम तल पर स्थित शक्ति मंदिर में उन्होंने भगवान भोले शंकर का गोदुग्ध से रुद्राभिषेक किया। मठ के पुरोहित एवं वेदपाठी ब्राह्मणों ने शुक्ल यजुर्वेद संहिता के रुद्राष्टाध्यायी के महामंत्रों द्वारा रुद्राभिषेक का अनुष्ठान पूर्ण कराया। रुद्राभिषेक के बाद मुख्यमंत्री ने हवन तथा आरती कर चराचर जगत के कल्याण हेतु महादेव से प्रार्थना की। अनुष्ठान का यह कार्य दो घंटे से अधिक समय तक चला। इसके पूर्व मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर परिसर स्थित शिव मंदिर में भी पूजन किया। उन्होंने यहां भगवान नंदी का पूजन कर भगवान शंकर का जलाभिषेक किया। उल्लेखनीय है कि नाथपंथ की परंपरा में गुरु गोरखनाथ सबका कल्याण करने वाले भगवान शिव के अवतार माने जाते हैं। गोरखनाथ मंदिर के मूल में भी लोक कल्याण एवं लोक मंगल की ही भावना है। ऐसे में गोरक्षपीठाधीश्वर के लिए महाशिवरात्रि का पर्व बेहद महत्वपूर्ण होता है।

    *महानगर के तीन प्रमुख शिव मंदिरों में पहुंचे मुख्यमंत्री, जलाभिषेक कर की उपासना*

    गोरखनाथ मंदिर में महाशिवरात्रि का अनुष्ठान पूर्ण करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंधियारीबाग स्थित प्राचीन मानसरोवर शिव मंदिर, राजघाट स्थित मुक्तेश्वरनाथ मंदिर और झारखंडी स्थित झारखंडी महादेव मंदिर का भ्रमण किया। इन तीनों शिव मंदिरों में उन्होंने भगवान भोलेनाथ का दर्शन, पूजन व जलाभिषेक कर लोकमंगल की कामना की। भ्रमण के दौरान सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर जगह सुरक्षा, सफाई और श्रद्धालुओं की सुविधा का पूरा इंतजाम रखा जाए। उन्होंने इन तीनों शिवालयों पर आए श्रद्धालुओं का अभिवादन स्वीकार कर उनका कुशलक्षेम भी जाना।

    महाशिवरात्रि पर्व पर शिवालयों के भ्रमण के क्रम में मुख्यमंत्री सबसे पहले अंधियारी बाग स्थित प्राचीन मानसरोवर मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच महादेव का दर्शन-पूजन किया। भोलेनाथ को भांग, धतूरा, बेलपत्र, पुष्प आदि अर्पित कर जलाभिषेक किया। पूजन कर बाहर निकलते वक्त उनकी नजर नन्हें-मुन्ने श्रद्धालुओं पर पड़ गई। मुख्यमंत्री तुरंत बच्चों के पास पहुंचे। उनसे आत्मीयता से बातचीत की और दुलारकर उन्हें आशीर्वाद दिया।

    मानसरोवर के बाद सीएम योगी मुक्तेश्वरनाथ मंदिर पहुंचे और दर्शन- पूजन के बाद महादेव का अभिषेक किया। यहां भी उन्होंने मंदिर आए बच्चों से मुलाकात की और आत्मीय संवाद कर उन्हें अपना आशीर्वाद दिया। मुख्यमंत्री ने यहां बच्चों को चॉकलेट गिफ्ट किया। मुक्तेश्वरनाथ मंदिर के बाद सीएम योगी महादेव झारखंडी मंदिर पहुंचे और भगवान शिवशंकर की विधि विधान से आराधना कर जलाभिषेक किया। इस दौरान उनके साथ सांसद रविकिशन शुक्ल, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कामेश्वर सिंह, कालीबाड़ी के महंत रविंद्रदास आदि भी मौजूद रहे।

    *भरोहिया में बाबा पितेश्वरनाथ का अभिषेक किया सीएम योगी ने*

    महाशिवरात्रि पर्व पर दोपहर बाद मुख्यमंत्री पीपीगंज के भरोहिया स्थित बाबा पितेश्वरनाथ शिव मंदिर भी पहुंचे। यहां उन्होंने विधि विधान से बाबा पितेश्वरनाथ का दर्शन, पूजन व दूध, जल आदि अर्पित कर अभिषेक किया। यहां भी सम्पूर्ण मानव जाति के कल्याण, उद्धार, समृद्धि एवं शांति की प्रार्थना की। उल्लेखनीय है कि पांडवकालीन मान्यता वाले पितेश्वरनाथ मंदिर का गोरक्षपीठ से गहरा नाता है। गोरक्षपीठाधीश्वर हर महाशिवरात्रि यहां जलाभिषेक करने आते हैं।

    *पौधरोपण कर मंदिर के सुंदरीकरण परियोजना की जानकारी ली सीएम ने*

    इस अवसर पर सीएम योगी ने पितेश्वरनाथ मंदिर परिसर में हरिशंकरी (पीपल, बरगद, पाकड़) का पौधरोपण किया और मंदिर के सौंदर्यीकरण के लिए पर्यटन विभाग द्वारा क्रियान्वित परियोजना के ड्राइंग मैप का अवलोकन कर जरूरी दिशानिर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने भरोहिया में शिव मंदिर के सामने स्थित गुरु गोरखनाथ विद्यापीठ के परिसर में स्थानीय लोगों से मुलाकात कर उनकी कुशलक्षेम पूछी। भरोहिया में मुख्यमंत्री के आगमन पर विधायक फतेह बहादुर सिंह, भाजपा के जिलाध्यक्ष युधिष्ठिर सिंह, जंगल कौड़िया के ब्लॉक प्रमुख बृजेश यादव, भरोहिया के ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि संजय सिंह समेत कई लोग मौजूद रहे।

     

  • ईश्वर की प्राप्ति के लिए भक्त प्रहलाद जैसी भक्ति चाहिए- आचार्य दीपक त्रिपाठी

    ईश्वर की प्राप्ति के लिए भक्त प्रहलाद जैसी भक्ति चाहिए- आचार्य दीपक त्रिपाठी

    ब्यूरो प्रभारी —-विनय तिवारी

    बड़हलगंज/गोरखपुर(निष्पक्ष टुडे) :- बड़हलगंज ब्लाक के अन्तर्गत ग्राम सभा बढयाटिकुर में श्री दुर्गा मंदिर प्रांगण में सप्तदिवसीय संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ एवं नव चण्डी पाठ कार्यक्रम के तीसरे दिन भक्त प्रहलाद की कथा का रसास्वादन कराते हुए कथावाचक आचार्य दीपक त्रिपाठी ने कहा की प्रहलाद जैसी भक्ति के माध्यम से ईश्वर की प्राप्ति हो सकती है।

    कथा के तीसरे दिन भक्तो की भारी भीड़ देखने को मिली,
    श्रीमद्भागवत कथा शुभारंभ मुख्य यजमान शेखर चंद निषाद, श्रीमती सुन्द्रावती देवी,सरयू निषाद, श्रीमती पानमती देवी,श्री किशुन निषाद, श्रीमती प्रिया देवी,प्रमोद निषाद, श्रीमती पुष्पा देवी द्वारा व्यासपीठ का पूजन,आरती,कथावाचक आचार्य दीपक त्रिपाठी का माल्यार्पण कर किया गया ।

    इस अवसर पर मंदिर व्यवस्थापक पंडित सत्येंद्र त्रिपाठी,आचार्य पवन ओझा,पंडित रामरक्षा शुक्ल, हरिनारायण मिश्र, मनोज पाण्डेय,रामध्यान निषाद,मोहर निषाद,अभिराम निषाद, सदानंद निषाद, कृष्ण चंद निषाद सहित भारी भक्त जन उपस्थित रहे ।

  • श्री राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के प्रथम वर्षगांठ पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया हवन पूजन

    श्री राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के प्रथम वर्षगांठ पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया हवन पूजन

    पीपीगंज, गोरखपुर : श्री राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के प्रथम वर्षगांठ पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया हवन पूजन,

    नगर पंचायत पीपीगंज के मुख्य बाजार स्थित दुर्गा माता मंदिर पर श्री राम जन्मभूमि के प्राण प्रतिष्ठा के प्रथम वर्षगांठ पर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने हवन पूजन कर वर्षगांठ मनाया. पीपीगंज चेयरमैन लक्ष्मण विश्वकर्मा ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लोकप्रिय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार में रामभक्तों के पाँच सौ वर्षों की तपस्या के बाद राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा हुई. ये हम सभी का सौभाग्य है कि इस ऐतिहासिक पल के हम सभी गवाह बने. कार्यक्रम की अध्यक्षता मंडल अध्यक्ष पशुपति नाथ अग्रहरि ने किया. कार्यक्रम में प्रमुख रूप से निवर्तमान मंडल अध्यक्ष राकेश चौधरी,वरिष्ठ भाजपा नेता जगदम्बा अग्रहरि,जिला सहसंयोजक अनिल अग्रहरि, जिला सहसंयोजक बिंद्रासन चौधरी ,मंडल उपाध्यक्ष मनोज अग्रहरि , गंजु वर्मा, वेद प्रकाश दुबे ,लालजी विश्वकर्मा, प्रदीप छापड़िया, कालीचरण अग्रहरि, विजय मद्धेशिया, शशिभूषण पासवान, क्षेत्र पंचायत सदस्य दिनेश यादव , अरविंद अग्रहरि, सुरेश वरुण,महेश अग्रहरि आदि लोग शामिल रहें.

  • समाज व क्षेत्र का विकास ही हमारा संकल्प :आलोक गुप्ता

    समाज व क्षेत्र का विकास ही हमारा संकल्प :आलोक गुप्ता

    समाज व क्षेत्र का विकास ही हमारा संकल्प– आलोक गुप्ता,

    साई महोत्सव का हुआ समापन,

    ब्यूरो प्रभारी —-विनय तिवारी

    बड़हलगंज/ गोरखपुर (निष्पक्ष टुडे) बड़हलगंज गोरखपुर जिला पंचायत सदस्य व मानव शिक्षा सेवा संस्थान के प्रबंधक आलोक कुमार गुप्ता ने कहा कि समाज व क्षेत्र का विकास करना ही संस्थान का संकल्प है। खासकर महिला समाज का। जिन्हें घर, चौके तक सीमित कर दिया गया हैं।
    गुरुवार को श्री गुप्ता संस्थान के तत्वावधान में आयोजित साई मंदिर स्थापना महोत्सव के समापन पर उमड़े श्रद्धालुओ को संबोधित करते हुए कहा कि खड़ेसरी देव नगरी बन गई है। विहिरप के प्रदेश अध्यक्ष शिखर गुप्ता ने कहा कि खड़ेसरी में साई
    मंदिर के साथ गणपति मंदिर, रामजानकी मंदिर, हनुमान मंदिर, शिव मंदिर व विश्वकर्मा मंदिर की स्थापना हुई है। यह सबकुछ संस्थान के सदस्यों की बदौलत हुआ है। भाजपा नेत्री पूनम गुप्ता ने आगंतुको का आभार व्यक्त किया। इस दौरान राधा-कृष्ण व हनुमंत लाल व वानर सेना की मनमोहन झांकी आकर्षण का केंद्र रहा। महोत्सव में विहिरप गोरखपुर, देवरिया, आजमगढ के अध्यक्ष सहित चार हजार से अधिक महिलाए मौजूद रही।
    समापन समारोह के दौरान निकाली गयी झांकी।
    समाज व क्षेत्र का विकास करना ही संस्थान का संकल्प है। खासकर महिला समाज का। जिन्हें घर, चौके तक सीमित कर दिया गया हैं।

  • आस्था, मनोरंजन और रोजगार का संगम बना खिचड़ी मेला

    आस्था, मनोरंजन और रोजगार का संगम बना खिचड़ी मेला

    आस्था, मनोरंजन और रोजगार का संगम बना खिचड़ी मेला,

    बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाने के साथ जमकर मनोरंजन और खरीदारी कर रहे हैं श्रद्धालु,

    मकर संक्रांति के दिन अभूतपूर्व जनसैलाब से दुकानदारों का व्यवसाय रहा आकाश पर,

    गोरखपुर, 16 जनवरी। नाथपंथ के विश्व प्रसिद्ध गोरखनाथ मंदिर में आयोजित खिचड़ी मेला आस्था, मनोरंजन और रोजगार का संगम बन गया है। यहां बाबा गोरखनाथ का दर्शन कर खिचड़ी चढ़ाने के बाद श्रद्धालु मेले में मनोरंजन कर जरूरी सामानों की खूब खरीदारी कर रहे हैं। मेले में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ इतनी अधिक है कि यहां दुकान लगाने वालों का रोजगार-कारोबार उनकी आर्थिकी में अभूतपूर्व वृद्धि कर रहा है। मकर संक्रांति के दिन मंगलवार को गोरखनाथ मंदिर में 15 लाख से अधिक श्रद्धालुओं का आगमन हुआ। बुधवार और गुरुवार को भी समूचा मेला परिसर श्रद्धालुओं की भीड़ से खचाखच भरा रहा। खिचड़ी मेला महाशिवरात्रि तक जारी रहेगा। गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में यहां श्रद्धालुओं से लेकर कारोबारियों तक के लिए सुरक्षा, सुविधा और सहूलियत के विशेष प्रबंध किए गए हैं।

    गोरखनाथ मंदिर में इस साल मकर संक्रांति के दिन उमड़ा आस्था का जनसैलाब अभूतपूर्व रहा। इस पावन पर्व पर पंद्रह लाख से अधिक श्रद्धालुओं का मंदिर आना हुआ। श्रद्धा का उफान ऐसा था कि भोर से लेकर शाम तक गोरखनाथ मंदिर आने वाले दो प्रमुख मार्गों (धर्मशाला से और बरगदवा से) पर कुल मिलाकर करीब तीन किलोमीटर तक श्रद्धालुओं की कतार नहीं टूटी। यह कतार लंबाई में तो थी ही, चौड़ाई में भी पूरे सड़क को कवर किए हुए थी। मकर संक्रांति के दिन खिचड़ी मेले के दुकानदारों की आर्थिकी में आकाशीय समृद्धि हुई। अनुमान लगाया जा रहा है कि खिचड़ी मेले के दौरान मकर संक्रांति पर प्रति श्रद्धालु द्वारा प्रसाद, फूलमाला, मनोरंजन, नाश्ता और जरूरी सामानों की खरीदारी पर औसतन 300 रुपये ही खर्च किए गए हों तो गुरु गोरखनाथ के प्रति उमड़ी श्रद्धा ने एक दिन में ही 45 करोड़ रुपये की आर्थिक गतिविधियों को गति दी।

    मेला प्रबंधक शिव शंकर उपाध्याय बताते हैं कि खिचड़ी मेले में आने वाले दुकानदारों का कारोबार प्रतिवर्ष बहुत ही अच्छा होता है और इस बार इसमें और भी अप्रत्याशित वृद्धि होती दिख रही है। मेले में करीब छह सौ दुकानें सजी हैं। दुकान लगाने वाले 90 प्रतिशत कारोबारी प्रदेश के अन्य जिलों या अन्य राज्यों से हैं। यहां राजस्थान, दिल्ली कोलकाता के अलावा प्रदेश के मुरादाबाद, सहारनपुर, इटावा, बुलंदशहर आदि जिलों से बड़ी संख्या में कारोबारियों ने दुकानें लगाई हैं। इस बार आस्था का जन ज्वार देखकर सभी बेहद प्रफुल्लित हैं। मंदिर परिसर में डेढ़-दो माह तक लगने वाला खिचड़ी मेला भी जाति-धर्म के बंटवारे से इतर बड़ी संख्या में लोगों की आजीविका का माध्यम बना हुआ है। मंदिर परिसर में नियमित रोजगार करने वालों से लेकर मेला में दुकान लगाने वालों तक, बड़ी भागीदारी अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों की है।

  • मुंजेश्वरनाथ मंदिर भौवापार में जनकल्याण हेतु सुंदरकांड एवं भण्डारे का आयोजन

    मुंजेश्वरनाथ मंदिर भौवापार में जनकल्याण हेतु सुंदरकांड एवं भण्डारे का आयोजन

    आज दिनांक 15 जनवरी , बुधवार को जनकल्याणकारी समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष नैमिष त्रिपाठी तथा अन्य सम्मानित पदाधिकारियों के द्वारा मुंजेश्वर नाथ शिव मंदिर, भौवापार गोरखपुर में समिति के महासचिव पंचानन पाण्डेय ‘गुड्डू’ के जन्मदिवस के शुभ अवसर पर जनकल्याण हेतु महाकल्याणकारी ‘सुंदर काण्ड’ के पाठ के साथ ही भजन कीर्तन तथा भंडारे का आयोजन किया गया।
    इस कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उप जिलाधिकारी चौरी-चौरा प्रदीप कुमार सिंह एवं उप जिलाधिकारी बांसगांव केशरी नन्दन तिवारी की गरिमामयी उपस्थिति रहीं। समिति के महासचिव और उद्यमी पंचानन पाण्डेय ‘गुड्डू’ को समिति के सभी पदाधिकारीयों और अतिथियों के द्वारा जन्मदिवस शुभकामनाओं के साथ उनके उज्जवल भविष्य की कामना की गई।
    आयोजन में उपस्थित सभी लोगों ने समाज सेवा के प्रति उनके समर्पण तथा जनकल्याण हेतु उनके प्रयासों की सराहना की।
    इस कार्यक्रम का आयोजन समाज में एकता एवं भाईचारे की भावना को बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया।

  • पिता जो अपनी मर्जी से दे वह दान है, दहेज न मांगें: राजनजी

    पिता जो अपनी मर्जी से दे वह दान है, दहेज न मांगें: राजनजी

    पिता जो अपनी मर्जी से दे वह दान है, दहेज न मांगें: राजनजी,

    ब्यूरो प्रभारी —-विनय तिवारी

    बडहगंज/गोरखपुर(निष्पक्ष टुडे) बड़हलगंज स्थानीय नेशनल इण्टर कालेज के खेल मैदान पर श्री हनुमान सेवा समिति चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा आयोजित श्रीराम कथा यज्ञ के छठवें दिन कथावाचक परम् पूज्य स्वामी राजन जी महाराज ने भगवान राम का सीता जी व लखन जी के साथ वन गमन , केवट राज की भक्ति और भगवान के प्रयागराज तक पहुंचने तक के प्रसंग को सुनाया । आज पूज्यवर ने केवट की भक्ति की खूबसूरती को प्रमुखता से सुनाकर उपस्थित भक्तों को भावविभोर कर सियाराममय कर दिया। ___राम कथा के छठवें दिन हजारों की तादात में जुटे श्रद्धालुओं पर राम रस की बौछार करते हुए पूज्य राजन जी ने मंगलवार को कहा कि शादी के बाद बारात जनवासे में रुकती है। शुभ मुहूर्त से पन्द्रह दिन पहुंची बारात विवाह के बाद भी बहुत दिनों तक रुकी रही। ऐसा लगता था कि विदेह जनक के प्रेम ने उन्हें बांध लिया ही। इसी तरह दिन बीतने के बाद आखिरकार बिदाई होती है।बेटी सीता की बिदाई के समय गले लगती हैं।विदेह जनक भी रो पड़ते हैं। हजारों हाथी,घोड़े, स्वर्ण पात्रों में भरी मणियां, अगणित गऊएं यानी कह सकते हैं कि कुबेर से भी अधिक धन सम्पदा देकर बेटी को विदा किया। महाराज दशरथ ने भी अपनी ओर से लोगों में काफी उपहार बांटे।यहां राजनजी ने लोगों से कहा कि दहेज को दान समझा जाय। बेटी का पिता जो अपनी मर्जी से दे वह स्वीकार करें। मांगें न। मांगना दहेज है। मांगना गलत है।बारात को कुछ दूर तक बिदा करने स्वयं राजा जनक जी आते हैं और राजा दशरथ से सत्कार में अगर कोई चूक हुई हो तो उसके लिये माफी मांगते हैं और कहते हैं, महाराज आपने हमारी चारो पुत्रियों को अपनी बहू के रूप में स्वीकार करके हमारा बड़ा ही सम्मान बढ़ाया है।वहीं दशरथ जी कहते हैं कि महाराज जनक जी आभारी तो मैं आपका हूं कि मैं एक बहू लेने आया था आपकी कृपा से चार चार ले जा रहा हूं।चारो बहुओं के साथ बारात उल्लास के साथ अयोध्या वापस आ जाती है।ऋषि विश्वामित्र बिदा लेकर जब चलने लगते हैं तो महाराज दशरथ उनके चरणों मे गिरकर कहते हैं “नाथ सकल संपदा तुम्हारी” जो राजा दशरथ कभी विश्वामित्र जी को राम चन्द्र जी को देने से मना कर दिये थे वो आज कह रहे नाथ,यह धन- दौलत, पुत्र,पत्नी, सकल परिवार जो भी है वह आपका है।कृपा करके बच्चों पर दया करने के लिये दर्शन देते रहिएगा। जब से श्री रामचन्द्रजी विवाह करके घर आए, तब से अयोध्या में नित्य नए मंगल हो रहे हैं और आनंद की बधाइयां बज रही हैं।
    इधर एक दिन दशरथ जी दर्पण में अपने आप को देखा है। फिर मुकुट को सीधा किया है।
    श्रवन समीप भए सित केसा। मनहुँ जरठपनु अस उपदेसा॥ महाराज को अपने कानों के पास सफ़ेद बाल दिखाई दिया है। अब महाराज समझ गए की वैराग्य का समय हो गया है।क्यों ना अब रामजी को राजा बनाकर अपने जीवन और जन्म का लाभ लूं। अपने मन की बात गुरु वशिष्ठ जी को बताई।गुरुदेव कहते हैं कि तुम्हारी सोच बड़ी उत्तम है। दशरथ जी कहते हैं तो ठीक है आप मुहूर्त निकलवाएं।गुरुदेव कहते हैं मुहर्त निकलवाने की कोई जरुरत नहीं है। जिस समय रामजी राजसिंहासन पर बैठ जायेंगे उससे अनुकूल कोई मुहूर्त हो ही नहीं सकता।”सुदिन सुमंगलु तबहिं जब रामु होहिं जुबराजु।” रामचन्द्रजी के राज्याभिषेक की सुहावनी खबर सुनते ही अवध में धूम मच गई।गुरुदेव सीता-राम के पास गए। राम और सीता ने गुरुदेव के चरणों में शीश नवाया है फिर बोले,गुरुदेव , आपने हमें ही बुला लिया होता पर आप ने स्वयं यहाँ पधारकर जो स्नेह किया, इससे आज यह घर पवित्र हो गया! हे गोसाईं! (अब) जो आज्ञा हो, मैं वही करूँ।श्रीराम के युवराज पद देने की घोषणा से मंथरा के कहने पर महारानी कैकेई नाराज होकर कोप भवन में चली गयी।राजा ने यह बात सुनी तो तुरंत कोप भवन गये और कैकेई अपने दो वचन देने के लिये सौगंध ले ली।अब राजा दशरथ ने राम की सौगंध खा ली और बोल दिया कि जो मांगना है मांग लो। कैकेई ने मांगा कि मेरे पुत्र भरत का राजतिलक हो। साथ ही,”तापस बेष बिसेषि उदासी। चौदह बरिस रामु बनबासी।” तपस्वियों के वेष में राम को 14 वर्ष का वनवास दिया जाय। राजा दशरथ ने बहुत समझाया लेकिन रानी नहीं मानी।विलाप करते-करते ही राजा को सबेरा हो गया।रघुवंशमणि श्रीरामचन्द्रजी ने जाकर देखा कि राजा अत्यन्त ही बुरी हालत में पड़े हैं।रामजी ने आज अपने जीवन में पहली बार यह दुःख देखा, इससे पहले कभी उन्होंने दुःख सुना भी न था। फिर हृदय में धीरज धरकर उन्होंने मीठे वचनों से माता कैकेयी से पूछा-हे माता! मुझे पिताजी के दुःख का कारण कहो। उन्होंने बताया और कहा कि ये महाराज की आज्ञा और आदेश है।जब रामजी ने सुना तो उनकी मुस्कान वैसी ही बनी हुई हैं। मन मुसुकाइ भानुकुल भानू। रामु सहज आनंद निधानू॥ श्रीरामचन्द्र ने पिता और कैकेयी को प्रणाम करके उनकी प्रदक्षिणा की और कौशल्या के चरणों में मस्तक झुकाकर उन्हें सान्त्वना दी। फिर लक्ष्मण और पत्नी सीता को साथ ले सुमंत के साथ रथ पर बैठकर वे नगर से बाहर निकले। रात में तमसा नदी के तट पर निवास किया। उनके साथ बहुत-से पुरवासी भी गये थे। उन सबको सोते छोड़कर वे आगे बढ़ गए।वे रथ पर बैठे-बैठे श्रृंगवेरपुर जा पहुँचे। वहाँ निषादराज गुह ने उनका पूजन, स्वागत-सत्कार किया। श्रीरघुनाथ ने इंगुदी-वृक्ष की जड़ के निकट विश्राम किया। लक्ष्मण और गुह दोनों रात भर जागकर पहरा देते रहे।
    प्रात:काल श्रीराम ने रथ सहित सुमंत को विदा कर दिया तथा स्वयं लक्ष्मण और सीता के साथ नाव से गंगा जी के तट पर जाकर केवट राज को पार जाने के लिये अपनी नाव लाने को कहते हैं तब केवट राज कहता है,”मांगी नाव न केवटु आना। कहइ तुम्हार मरमु मैं जाना॥
    चरन कमल रज कहुं सबु कहई। मानुष करनि मूरि कछु अहई॥ छुवत शिला भई नारि सुहाई, पाहन ते न काठ कठिनाई।।”
    केवट कहने लगा- मैंने तुम्हारा मर्म जान लिया। तुम्हारे चरण की धूल से पत्थर नारी बन जाता है। मैं इसी नाव से अपना परिवार पालते हैं।वह कहता है कि पहले आप अपना पांव धुलवाइए।मैं परख लूंगा फिर नाव पर चढ़ाऊंगा।”सुनि केवट के बैन प्रेम लपेटे अटपटे,बिहसे करुनाऐन चितइ जानकी लखन तन।:
    प्रभु राम ने माता जानकी और लखन लाल की तरफ देख कर बोले अब तो फंस ही गया हूँ , चरण धुलवाने ही पड़ेंगे।भगवान ने कहा जो तुम्हारी इच्छा हो वह करो। केवट उनका चरण पखार सपरिवार चरणामृत का पान कर सभी को उस पार उतारा।पार उतरने के बाद भगवान श्रीराम उतराई देने लगते है तो केवट मना करते हुए कहता है कि प्रभु एक नाविक दूसरे से उतराई नहीं लेता है। आज मैंने आपको उतारा है कल आप मुझको भवसागर से पार उतार दीजिएगा।गंगा-पार कर भगवान प्रयागराज पहुंचे है । वहाँ उन्होंने महर्षि भारद्वाज को प्रणाम किया और उनकी आज्ञा ले वहाँ से चित्रकूट पर्वत को प्रस्थान किया।चित्रकूट पहुँच कर उन्होंने पर्णकुटी बना वास्तु पूजा कर मन्दाकिनी के तट पर निवास किया। रघुनाथ जी ने सीता को चित्रकूट पर्वत का रमणीय दृश्य दिखलाया।इसके पूर्व कथा के मुख्य यजमान डा एस.एन चौबे व शांति चौबे,सन्तोष कटियार व सीमा कटियार,युगल किशोर पाण्डेय व मंशा पाण्डेय,राजेश सिंह,पूनम सिंह,पूनम शाही ने व्यास पीठ का पूजन व आरती कर कथा प्रारम्भ कराई।इस अवसर पर अध्यक्ष सुबेदार राय, उपाध्यक्ष कुलदीप राय, अनिल कुमार पाण्डेय, संरक्षक डाक्टर ए ने चौबे, वरिष्ठ सदस्य कैलाश नाथ मिश्रा, राम हर्ष गुप्ता, कमलेश सिंह, राजीव राय, अजय प्रसाद राय, योगेश राय ,मुकेश राय, तारा राय, सरोज, सुष्मिता, कविता,अनिल पाण्डेय व प्रेम सागर तिवारी सहित भारी संख्या में श्रद्धालु श्रोता मौजूद रहे।

  • खिचड़ी मेले में श्रद्धालुओं पर हेलीकॉप्टर से हुई पुष्पवर्षा

    खिचड़ी मेले में श्रद्धालुओं पर हेलीकॉप्टर से हुई पुष्पवर्षा

    खिचड़ी मेले में श्रद्धालुओं पर हेलीकॉप्टर से हुई पुष्पवर्षा,

    योगी सरकार की तरफ से हुए इस अभिवादन पर अभिभूत हुए श्रद्धालु,

    श्रद्धालुओं ने खूब लगाए शिवावतार गुरु गोरक्षनाथ के जयकारे,

    गोरखपुर, 14 जनवरी। मकर संक्रांति के पावन पर्व पर गोरखनाथ मंदिर में आयोजित विश्व प्रसिद्ध खिचड़ी मेले में आए लाखों श्रद्धालु योगी सरकार की तरफ से किए गए अभिवादन से अभिभूत हो गए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर खिचड़ी मेले में आए श्रद्धालुओं पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की गई। इस अभूतपूर्व स्वागत से हर्षित श्रद्धालुओं ने शिवावतार गुरु गोरक्षनाथ के खूब जयकारे लगाए और मुख्यमंत्री के प्रति अपनी कृतज्ञता ज्ञापित की।

    गोरखनाथ मंदिर का खिचड़ी मेला श्रद्धालुओं की संख्या के मामले में अभूतपूर्व रहा तो उनका स्वागत भी दिल जीतने वाला रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशानिर्देश पर मेले में आए श्रद्धालुओं पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की गई। आसमान से अपने ऊपर स्वागत के फूल गिरते देख श्रद्धालु भाव विभोर हो गए। पुष्पवर्षा के साथ पहले से गुंजित गुरु गोरक्षनाथ के जयकारे की गति तेज और ध्वनि गगनभेदी हो गई। श्रद्धालुओं ने कहा कि मुख्यमंत्री की यह पहल हृदय को स्पंदित करने वाली है।