सगुण के उपासक मोक्ष की कामना नहीं करते

बड़हलगंज/ गोरखपुर (निष्पक्ष टुडे)राम भक्ति में लीन व्यक्ति को किसी भी प्रकार की कोई कामना शेष नहीं रहती। राम भक्ति सगुण भक्ति है और सगुण भक्ति में रमा भक्त कभी मोक्ष की कामना नहीं करता। परमार्थ की यात्रा अत्यन्त सरल है, केवल प्रयास करने की आवश्यकता होती है।यह विचार गुरुवार को स्थानीय नेशनल इण्टर कालेज खेल मैदान में आयोजित श्रीराम कथा के आठवें दिन हजारों की संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं को राम कथा का रसपान कराते हुए अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक राजन जी महाराज ने व्यक्त किया। __श्री हनुमान सेवा समिति चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा आयोजित श्रीराम कथा में जुटे श्रद्धालुओं पर राम भक्ति की वर्षा करते हुए राजनजी महाराज ने गुरुवार को भरत के भ्रातृप्रेम की विस्तृत चर्चा करते हुए बताया कि भाई का भाई से प्रेम सर्वोत्कृष्ट होता है। इस प्रेम की व्याख्या करते हुए उन्होंने कहा कि यदि आप किसी से प्रेम करते हैं और यदि वह आपके विषय में कुछ अनर्गल बात भी करे तो भी उसके प्रति प्रेम कम न हो तो उस प्रेम को सर्वोत्कृष्ट प्रेम कहते हैं। गुरुवार को राजनजी ने राम वन गमन से व्यथित भरत का राम से मिलने चित्रकूट आने का बहुत ही मार्मिक चित्रण किया। उन्होंने बताया कि जब भरत अयोध्या से वन के लिए प्रस्थान किए तो उनके साथ माताएं,मंत्रीगण, गुरुदेव वशिष्ठ जी सहित तमाम नगरवासी भी चल दिए। रात्रि विश्राम उन्होंने भी प्रयाग में भारद्वाज ऋषि के आश्रम में हुआ। तीर्थराज प्रयाग में गंगा स्नान सहित तीर्थराज को प्रणाम कर मुनि से अनुमति ले आगे बढ़े। श्रृंगवेरपुर पहुंचने पर उनके साथ तमाम कोल भील भी भरत के साथ राम दर्शन को चल पड़े। यहां गोस्वामी जी ने बताया है कि भगवान से यदि मिलना चाहते हैं तो भगवान को न ढूंढिए बल्कि भगवान के भक्त के पीछे लग जाइए,भगवान मिल जाएंगे। चित्रकूट में राम भरत के प्रेम मिलन और रुदन से पत्थर भी मोम की तरह पिघलने लगे। यहीं राजा जनक भी पहुंच गए। कई दिनों तक चर्चा के उपरांत भरत राम की पादुका ले वापस अयोध्या लौटे। इसके बाद राजनजी ने राम के पंचवटी गमन,शूर्पणखा से मुलाकात के साथ खर दूषण वध, सीता हरण और उनके वियोग में राम के विलाप की सजीव कथा सुना श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया।इसके पूर्व मुख्य यजमान सूबेदार राय अध्यक्ष श्रीहनुमान सेवा समिति चैरिटेबल ट्रस्ट व उनकी पत्नी तारा राय,रामहर्ष गुप्ता व शारदा गुप्ता,राममिलन राय व ज्ञांती देवी,विजय कुमार गुप्ता, मंजू राय,रामचंद्र दूबे, धीरज सिंह सांसद प्रतिनिधि,
दीपक चंद सहित लंदन से आनलाइन प्रेम शंकर शर्मा ने व्यास पीठ का पूजन व आरती कर कथा का शुभारम्भ कराया।इस दौरान आयोजक कुलदीप राय, संरक्षक डा.ए.एन चौबे, कोतवाल चन्द्रभान सिंह,शैलेष शाही, कैलाशनाथ मिश्र, अनिल पाण्डेय,विक्की शाही, संत विजय सिंह आदि सहित हजारों श्रद्धालु मौजूद रहे।

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