Category: ब्रेकिंग न्यूज़

  • 8 मार्च से लोगों के लिए खुल जाएंगे सभी रास्ते

    8 मार्च से लोगों के लिए खुल जाएंगे सभी रास्ते

    ‘8 मार्च से लोगों के लिए खुल जाएंगे सभी रास्ते’, मणिपुर की सुरक्षा पर अमित शाह का सख्त निर्देश

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को मणिपुर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर राज्यपाल अजय कुमार भल्ला और अन्य लोग के साथ हाई लेवल मीटिंग की।

    इस दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि मणिपुर में 8 मार्च से लोगों के लिए आवाजाही शुरू हो। अगर कोई बाधा उत्पन्न करता है तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई हो।

  • मस्जिद पर चला हथौड़ा, अल्‍टीमेटम के बाद हरकत में मस्जिद कमेटी

    मस्जिद पर चला हथौड़ा, अल्‍टीमेटम के बाद हरकत में मस्जिद कमेटी

    संवाददाता: सूर्य प्रकाश ओझा

    गोरखपुर।एक बार फिर से मस्जिद से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है। गोरखपुर की घोष कंपनी चौराहे पर स्थित मस्जिद अबू हुरैला को मस्जिद कमेटी के लोगों ने गिराना शुरू कर दिया है।अवैध मस्जिद को लेकर गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) ने 15 दिन पहले नोटिस जारी किया था। शनिवार को मस्जिद कमेटी ने खुद ही अवैध निर्माण को गिराना शुरू कर दिया। नोटिस की अवधि कल खत्म हो चुकी थी।खबरों की माने तो गोरखपुर में घोष कंपनी चौराहे के पास नगर निगम की जमीन पर 4 मंजिल अवैध मस्जिद बनी हुई थी।
    अवैध निर्माण को गिराने के लिए नगर निगम ने कई बार मस्जिट कमेटी को नोटिस भेजा। कुछ महीने पहले भी नगर निगम ने बुलडोजर के जरिए अवैध कब्जे को हटा दिया था। इसके बाद भी उसी जमीन पर फिर से 4 मंजिला मस्जिद का दौबारा से निर्माण कर दिया गया। नगर निगम का आरोप है कि अवैध मस्जिद का निर्माण बिना नक्शा पास कराए किया गया है।
    इसके बाद गोरखपुर विकास प्राधिकरण ने मस्जिद कमेटी को नोटिस भेजकर 15 दिन के अंदर खाली करने का आदेश दिया था।
    आपको बता दें कि 15 फरवरी को मस्जिद के दिवंगत मुतवल्ली शुऐब अहमद के बेटे को नोटिस देकर अवैध निर्माण हटाने के लिए कहा गया था। मस्जिद समय सीमा कल खत्म हो गई है। इससे पहले शनिवार को मस्जिद कमेटी के लोगों ने हथौड़ों से निर्माण को ध्वस्त करना शुरू कर दिया। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, अब इस जमीन पर मल्टीलेवल कॉम्प्लेक्स बनाया जाएगा। कुछ दिन पहले गोरखपुर की एक मस्जिद पर बुलडोजर का कहर बरसा था।

  • अविनाश यादव ने भोजपुरी फिल्म ‘लाडली’ से जीता दिल, सिनेमाघरों में दर्शकों ने किया तारीफ

    अविनाश यादव ने भोजपुरी फिल्म ‘लाडली’ से जीता दिल, सिनेमाघरों में दर्शकों ने किया तारीफ

    भोजपुरी सिने जगत के राइजिंग स्टार अविनाश यादव ने बिहार के सिनेमाघरों में रिलीज हुई भोजपुरी फिल्म ‘लाडली’ में शानदार अभिनय करके दर्शकों का दिल जीत लिया है। उनके किरदार की और फ़िल्म की खूब तारीफ हो रही है। बता दें कि प्रदुमन परदेसी, अविनाश यादव, तनु श्री और प्राची सिंह के शानदार अभिनय से सजी फैमिली ड्रामा से भरपूर संपूर्ण पारिवारिक भोजपुरी फिल्म ‘लाडली’ बिहार के कई सिनेमाघरों में रिलीज की गई है। इस फ़िल्म का ट्रेलर साउंडटैक्स म्यूजिक के ऑफिसियल यूट्यूब चैनल पर पहले हैंरिलीज किया जा चुका है, जिसे भरपूर प्यार मिला है।

    गौरतलब है कि फिल्म ‘लाडली’ के मुख्य कलाकार प्रदुमन परदेसी, अविनाश यादव, तनु श्री, प्राची सिंह, अमित शुक्ला, हीरा यादव, किरण यादव, रिंकू भारती, लोटा तिवारी, डॉ कामेंद्र सिंह, शंकर सिंह, अजय सूर्यवंशी, स्वर्गीय बृजेश त्रिपाठी, मनोज सिंह हैं। सभी कलाकारों ने अपना बेहतरीन अदाकारी किया है। लीलावती फ़िल्म एंटरटेनमेंट वर्ल्डवाइड बैनर के तले निर्मित की गई फिल्म ‘लाडली’ के निर्माता अविनाश यादव हैं। फिल्म के निर्देशक कली शंकर हैं। कार्यकारी निर्माता अरुण कुमार, लेखक अनिल विश्वकर्मा हैं। संगीतकार ओम झा, गीतकार प्यारे लाल यादव, सुमित सिंह चंद्रवंशी, डॉ. कामेंद्र सिंह, प्रकाश बारूद, कुमार सिंह हैं। सिंगर प्रियंका सिंह, खुशबू झा, मोहन राठौर, आलोक कुमार हैं। फ़िल्म का छायांकन सूरज यादव, संपादन संतोष हरावड़े ने किया है। एक्शन मास्टर हीरा यादव, कोरियोग्राफर कानू मुखर्जी हैं। कला बादल, वीएफएक्स रितेश दफ्तरी, डीआई हेमंत थापा, प्रोडक्शन मनोज सिंह, मुन्ना जी ने किया है।

    फ़िल्म निर्माता व अभिनेता अविनाश यादव ने कहा कि ‘फ़िल्म लाडली पूरी तरह से बड़े पर्दे पर अपना जादू बिखेर रही है। यह फिल्म दर्शकों को पूरा एंटरटेन कर रही है। फ़िल्म की कहानी साफ सुथरी और परिवारिक है। इसमें भाई बहन के प्यारे रिश्तों को बख़ूबी दिखाया गया है। आप सभी दर्शकों से गुजारिश है कि यह फ़िल्म आप सब अपने नजदीकी सिनेमाघरों फ़िल्म देखने जरूर जाइए और हमारा हौसला बढ़ाएं।’

  • खैबर पख्तूनख्वा के दारुल उलूम हक्कानिया मदरसे में शुक्रवार की नमाज के दौरान एक शक्तिशाली आत्मघाती बम विस्फोट हुआ

    खैबर पख्तूनख्वा के दारुल उलूम हक्कानिया मदरसे में शुक्रवार की नमाज के दौरान एक शक्तिशाली आत्मघाती बम विस्फोट हुआ

    पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा के अकोरा खट्टक स्थित दारुल उलूम हक्कानिया मदरसे में शुक्रवार की नमाज के दौरान एक शक्तिशाली आत्मघाती बम विस्फोट हुआ, जिसमें कम से कम छह लोगों की मौत हो गई और 20 अन्य घायल हो गए. इस धमाके में जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम-सामी (जेयूआई-एस) के प्रमुख मौलाना हामिद-उल-हक हक्कानी की मौत हो गई, जो दिवंगत मौलाना समी-उल-हक के बेटे हैं. मौलाना समी-उल-हक को “तालिबान का जनक” भी कहा जाता है.

    खैबर पखतूनख्वा के मुख्यमंत्री के सूचना सलाहकार बैरिस्टर मोहम्मद अली सैफ ने एक बयान में मौतों की पुष्टि की. मौलाना समी-उल-हक के बड़े बेटे हामिद-उल-हक एक राजनीतिज्ञ, इस्लामी विद्वान और 2002 से 2007 तक नेशनल असेंबली के पूर्व सदस्य थे.

  • भारत सरकार ने सन् 1986 में 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के रूप में घोषित किया था : प्रो0 आलोक धवन

    भारत सरकार ने सन् 1986 में 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के रूप में घोषित किया था : प्रो0 आलोक धवन

    भारत सरकार ने सन् 1986 में 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के रूप में घोषित किया था-  प्रो0 आलोक धवन,

    स्थापना वर्ष/स्वर्ण जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में एवं हीरक जयंती के अवसर पर क्षेत्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी केन्द्र, वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला तारामण्डल गोरखपुर एवं दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर के संयुक्त तत्वाधान में दिनाॅक 28 फरवरी, 2025 को विकसित भारत के लिए स्वदेशी प्रौद्योगिकी विषय पर आधारित राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का आयोजन दीक्षा भवन दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर के सभागार में आयोजित किया गया, जिसमें दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर, महात्मा गाॅधी पी0जी0 कालेज, सेन्ट एन्ड्रयूज डिग्री काॅलेज, आई0टी0एम0 गीडा, बी0आई0टी. गीडा, गोरखपुर के छात्र/छात्राओं के द्वारा विज्ञान माॅडल की प्रदर्शनी लगायी गई और दीक्षा भवन में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया।
    कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रो0 आलोक धवन, निदेशक, सेन्टर फार बायोमेडिकल, लखनऊ, एवं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 पूनम टंडन ने विद्यार्थियों द्वारा लगाये गये माॅडलों को अवलोकनोपरान्त दीप प्रज्जावलन कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। मुख्य अतिथि प्रो0 आलोक धवन महोदय ने अपने सम्बोधन में कहा कि भारत सरकार ने सन् 1986 में 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के रूप में घोषित किया गया था और पहला राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 28 फरवरी-1987 को मनाया गया था।
    कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रो0 पूनम टंडन कुलपति डीडीयू गोरखपुर ने अपने सम्बोधन में कहा कि शोथ छात्र जन्म उपयोगी तकनीकियों को पेटेण्ट कराने हेतु कामरशिलाइस करके जन्म उपयागी प्रोैद्योगिकियों से आम जनमानस को लाभान्वित किया जाय, तथा गोरखपुर को सांइस सिंटी के रूप में विकसित किया जाय।
    कार्यक्रम परिचय एवं वैज्ञानिक उद्बोधन देते हुए वैज्ञानिक अधिकारी श्री महादेव पाण्डेय ने कहा कि राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का उद्देश्य आम जन मानस एवं वैज्ञानिकों व विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति अभिरूचि बढ़ाना तथा जागरूकता बढ़ाना था। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के आयोजन से वैज्ञानिक सोच को एवं विद्यार्थियों में मानसिक सोच को विकसित व प्रोत्साहित करना एवं विज्ञान के क्षेत्र में भारत के योगदान को याद कराना था।
    विज्ञान दिवस के अवसर पर विज्ञान माण्डल प्रतियोगिता का आयोजित किया गया जिसमें प्रथम स्थान- सिद्धार्थ तिवारी, आई.ई.टी. डी.डी.यू. गोरखपुर, द्वितीय स्थान-रंगिता कुमारी, आई.ई.टी. डी.डी.यू. गोरखपुर, तृतीय स्थान संयुक्त रूप में-आलोक गुप्ता, आई.ई.टी. डी.डी.यू. गोरखपुर, प्रीति राजभर, बीआई.टी. गीडा, गोरखपुर, एवं प्रिंस श्रीवास्तव, आई.ई.टी. डी.डी.यू. गोरखपुर दिया गया। और प्रियंका गुप्ता, आई.टी.एम. गीडा, स्नेहा पाण्डेय, आई.टी.एम. गीडा गोरखपुर व अमन मौर्या अर्थशास्त्र विभाग, डी.डी.यू. गोरखपुर बृज किशोरी को संयुक्त रूप से सांत्वना पुरस्कार प्रदान प्रदान किया गया।
    फिजिकल साइंस प्रतियोगिता में प्रथम स्थान सोनल, डी.डी.यू. गोरखपुर, द्वितीय स्थान-मिनहोजुद्दीन शाह, महात्मा गाॅधी पी0जी0 कालेज, गोरखपुर तृतीय स्थान-स्वाती, सेन्ट एन्ड्रयूज डिग्री काॅलेज, गोरखपुर को प्रदान प्रदान किया गया।
    प्रो0 शान्तनु रस्तोगी, डीन विज्ञान संकाय,डी.डी.यू. गोरखपुर ने अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन देते हुए भौतिकी विज्ञान में जन उपयोगिता पर विशेष व्याख्यान दिया तथा सर सी0वी0 रमन की उपलब्धियों एवं उनके द्वारा खोज किये गये रमन प्रभाव के बारे में विशेष जानकारी दी गयी।
    कार्यक्रम में श्री वेद प्रकाश पाण्डेय, श्री सुरेश कुमार, श्री अशोक मिश्र, श्री पप्पूलाल, श्री जितेन्द्र सिंह, श्री अमर पाल सिंह ( खगोल विद), श्री सहिर हसन,इजहार अली श्री राम घिसियावन आदि लोगों का सराहनीय सहयोग रहा।

  • संदिग्ध अवस्था में पेड़ से फंदे से लटकता मिला किशोर का शव

    संदिग्ध अवस्था में पेड़ से फंदे से लटकता मिला किशोर का शव

    संवाददाता– एस.पी. सिंह

    सहजनवा, गोरखपुर ।

    शुक्रवार को गीडा थाना क्षेत्र के कोल्हुई गांव के बाहर बाग में एक किशोर का शव आम के पेड़ से गमछे के फंदे से लटकता मिला । सूचना पर पहुंची गीडा पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया ।

    युवक की पहचान कोल्हुई गांव के वैभव निषाद उम्र 16वर्ष पुत्र विनोद निषाद के रूप में हुई ।मृतक वैभव अड़ीलापार चौराहे पर अपने चाचा धर्मेंद्र निषाद के किराने की दुकान पर रहता था।  मृतक के चाचा ने बताया कि गांव के ही किसी लड़की से वैभव की मोबाईल पर बातचित होती थी । मृतक के चाचा ने बताया कि लड़की के परिजन लगातार फोन से वैभव को जान से मारने की धमकी दे रहे थे ।गुरुवार की रात साढ़े आठ बजे के करीब मृतक घर पर खाना खाने के बाद मोबाइल पर बात करते हुए निकला, लेकिन रात में घर वापस नहीं आया । सुबह किसी ने गांव के बाहर बाग में आम के पेड़ से गमछा के फंदे से लटकते हुए देखा, जानकारी पर घर के लोग पहुंचे और गीडा पुलिस को सूचना दी ।

    सूत्रों की माने तो वैभव जिस लड़की से बात करता था उसी के फोन आने पर वह घर से निकला था । मृतक के चाचा धर्मेंद्र ने गांव के ही दो व्यक्तियों पर हत्या करने का आरोप लगाया है । मृतक तीन भाइयों ने सबसे छोटा था ।

    गीडा एसओ विजय सिंह ने बताया कि अभी तहरीर नहीं मिली है, तहरीर मिलने पर जांच कर कार्रवाई की जायेगी ।

  • संदिग्ध हालात में लापता डॉक्टर सुबह मिला अपने ही घर

    संदिग्ध हालात में लापता डॉक्टर सुबह मिला अपने ही घर

    संवाददाता : सूर्य प्रकाश ओझा

    गोरखपुर । खजनी थाना क्षेत्र अंतर्गत एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। सांखडाड में एक निजी चिकित्सक डॉक्टर प्रेम नारायण यादव के संदिग्ध रूप से गायब होने से इलाके में हड़कंप मच गया।

    गुरुवार रात, डॉक्टर यादव शाम को अपनी प्रैक्टिस समाप्त कर दुकान बंद करके घर लौटने के दौरान लापता हो गए। उनके लापता होने की सूचना पर स्थानीय पुलिस तात्कालिक कार्रवाई करते हुए पूरी रात उन्हें खोजने में जुटी रही।

    जैसे ही डॉक्टर यादव के लापता होने की खबर फैली, खजनी पुलिस ने इस मामले की गंभीरता को समझते हुए अपनी टीम को सक्रिय किया। उन्होंने कई संभावित स्थानों पर तलाशी शुरू की, लेकिन रातभर की खोजबीन के बावजूद डॉक्टर का कहीं पता नहीं चला। अंततः शुक्रवार सुबह उन्हें उनके ही घर पर सुरक्षित पाया गया।

    डॉक्टर यादव ने पुलिस को बताया कि कुछ अज्ञात लोगों ने उनका अपहरण कर लिया था और उन्हें फिरौती की रकम लेकर छोड़ दिया। यह दावा सुनकर पुलिस की टीम ने तुरंत एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में ले लिया और उससे पूछताछ शुरू कर
    घटना के स्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच में जुट गई है। लेकिन डॉक्टर यादव के बयान में संतोषजनक जवाब नहीं पाए गए हैं, जिससे मामला और ज्यादा जटिल हो गया है। डॉक्टर के इस बयान के बाद सवाल उठता है कि क्या वास्तव में उनका अपहरण हुआ था और यदि ऐसा था तो फिरौती की रकम का लेनदेन कैसे हुआ?

    पुलिस अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि डॉक्टर यादव का अपहरण किसने और किस उद्देश्य से किया। इसके साथ ही इस बात का भी पता लगाया जा रहा है कि उन्हें सुबह क्यों छोड़ा गया। स्थानीय लोगों और चिकित्सकों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि वारदात के पीछे की सच्चाई का पता चल सके।
    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पूरे मामले में कई संदिग्ध बातें सामने आ रही हैं। डॉक्टर यादव की स्थिति पर पुलिस को कुछ संदेह है, क्योंकि उनका बयान स्थिर नहीं है और वह सवालों का बेहतर जवाब नहीं दे पा रहे।

    पुलिस ने कहा है कि वह मामले में हर पहलू की जांच करेगी ताकि यह साफ हो सके कि क्या डॉक्टर यादव का अपहरण वास्तव में हुआ था या यह किसी और साजिश का हिस्सा था।

  • पूर्व एमएलसी इकबाल की 1000 करोड़ की तीन चीनी मिलें जब्त

    लखनऊ। पूर्व एमएलसी इकबाल की 1000 करोड़ की तीन चीनी मिलें जब्त।

    बसपा सरकार में हुए चीनी मिल बिक्री घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पूर्व एमएलसी मोहम्मद इकबाल की तीन चीनी मिलों को बृहस्पतिवार को जब्त कर लिया। जब्त मिलों की कीमत करीब एक हजार करोड़ रुपए है।

    ईडी के अनुसार, देवरिया की बैतालपुर व भटनी और जौनपुर की शाहगंज चीनी मिल को इकबाल और उनके करीबियों ने मैलो इंफ्राटेक, डायनेमिक शुगर्स और हनीवेल शुगर्स नामक शेल कंपनी बनाकर औने-पौने दामों पर खरीदा था।

    ईडी जांच में पता चला कि मिलों का बाजार मूल्य कई गुना अधिक था।

    इन्हें खरीदने के लिए वीके हेल्थ सॉल्यूशंस से असुरक्षित ऋण का लेन-देन दर्शाया गया था।

     

  • दिल्ली के LG ने दिल्ली सरकार के प्रशासन में किया बड़ा फेरबदल किया

    दिल्ली के LG ने दिल्ली सरकार के प्रशासन में किया बड़ा फेरबदल किया

    दिल्ली के LG ने दिल्ली सरकार के प्रशासन में किया बड़ा फेरबदल किया ,

    कई IAS अधिकारियों के तबादले और नई नियुक्तियां की गई हैं साथ ही मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में बड़े बदलाव किए गए हैं।

    IAS अधिकारियों के अहम तबादले ,

    1.अज़ीमुल हक (IAS, 2007) – अब वे दिल्ली वक्फ बोर्ड के CEO के पद पर पूर्ण रूप से कार्यभार संभालेंगे।

    2. डॉ. मधु रानी टेओटिया (IAS, 2008) – मुख्यमंत्री के सचिव (Secretary to CM) पद पर नियुक्त किया गया है।

    3. संदीप कुमार सिंह (IAS, 2011) – को मुख्यमंत्री के विशेष सचिव की जिम्मेदारी दी गई है।

    4.रवि झा (IAS, 2011) – आबकारी आयुक्त (Commissioner, Excise) से हटाकर उन्हें भी मुख्यमंत्री का विशेष सचिव (Special Secretary to CM) बनाया गया है।

    5. सचिन राणा (IAS, 2014) – यें अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी (Additional Chief Electoral Officer) के पद पर बने रहेंगे, साथ ही दिल्ली जल बोर्ड के सदस्य (प्रशासन) का अतिरिक्त कार्यभार भी संभालेंगे।

     

  • संदिग्ध हालात में डॉक्टर लापता

     संवाददाता: सूर्य प्रकाश ओझा

    गोरखपुर । खजनी थाना क्षेत्र अंतर्गत एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। सांखडाड में एक निजी चिकित्सक डॉक्टर प्रेम नारायण यादव के संदिग्ध रूप से गायब होने से इलाके में हड़कंप मच गया।
    गुरुवार रात, डॉक्टर यादव शाम को अपनी प्रैक्टिस समाप्त कर दुकान बंद करके घर लौटने के दौरान लापता हो गए। उनके लापता होने की सूचना पर स्थानीय पुलिस तात्कालिक कार्रवाई करते हुए पूरी रात उन्हें खोजने में जुटी रही।
    जैसे ही डॉक्टर यादव के लापता होने की खबर फैली, खजनी पुलिस ने इस मामले की गंभीरता को समझते हुए अपनी टीम को सक्रिय किया। उन्होंने कई संभावित स्थानों पर तलाशी शुरू की, लेकिन रातभर की खोजबीन के बावजूद डॉक्टर का कहीं पता नहीं चला। अंततः शुक्रवार सुबह उन्हें उनके ही घर पर सुरक्षित पाया गया।

    डॉक्टर यादव ने पुलिस को बताया कि कुछ अज्ञात लोगों ने उनका अपहरण कर लिया था और उन्हें फिरौती की रकम लेकर छोड़ दिया। यह दावा सुनकर पुलिस की टीम ने तुरंत एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में ले लिया और उससे पूछताछ शुरू कर
    घटना के स्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच में जुट गई है। लेकिन डॉक्टर यादव के बयान में संतोषजनक जवाब नहीं पाए गए हैं, जिससे मामला और ज्यादा जटिल हो गया है। डॉक्टर के इस बयान के बाद सवाल उठता है कि क्या वास्तव में उनका अपहरण हुआ था और यदि ऐसा था तो फिरौती की रकम का लेनदेन कैसे हुआ?
    पुलिस अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि डॉक्टर यादव का अपहरण किसने और किस उद्देश्य से किया। इसके साथ ही इस बात का भी पता लगाया जा रहा है कि उन्हें सुबह क्यों छोड़ा गया। स्थानीय लोगों और चिकित्सकों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि वारदात के पीछे की सच्चाई का पता चल सके।
    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पूरे मामले में कई संदिग्ध बातें सामने आ रही हैं। डॉक्टर यादव की स्थिति पर पुलिस को कुछ संदेह है, क्योंकि उनका बयान स्थिर नहीं है और वह सवालों का बेहतर जवाब नहीं दे पा रहे।
    पुलिस ने कहा है कि वह मामले में हर पहलू की जांच करेगी ताकि यह साफ हो सके कि क्या डॉक्टर यादव का अपहरण वास्तव में हुआ था या यह किसी और साजिश का हिस्सा था।