Category: ब्रेकिंग न्यूज़

  • आज हो गये रिहा आजम खान के बेटे

    आज हो गये रिहा आजम खान के बेटे

    आज रिहा हो गये आजम खान के बेटे अब्दुल्ला, जिला जेल में बंद थे अब्दुल्ला आजम। 17 महीने के बाद हुई रिहाई।

     

     

  • ‘लैंड फॉर जॉब’ मामले में लालू फैमिली को झटका, राऊज एवेन्यू कोर्ट ने जारी किया समन

    ‘लैंड फॉर जॉब’ मामले में लालू फैमिली को झटका, राऊज एवेन्यू कोर्ट ने जारी किया समन

    ‘लैंड फॉर जॉब’ मामले में लालू फैमिली को झटका, राऊज एवेन्यू कोर्ट ने जारी किया समन

     जमीन के बदले नौकरी (लैंड फॉर जॉब) से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में लालू प्रसाद यादव के परिवार को बड़ा झटका लगा है।

     इस मामले में दाखिल फाइनल चार्जशीट पर राऊज एवेन्यू कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए लालू यादव और उनके बेटा-बेटी समेत सभी आरोपियों को समन भेजा है।

    राऊज एवेन्यू कोर्ट ने आरोपी पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, उनकी बेटी हेमा यादव और बेटे तेजप्रताप यादव समेत सभी आरोपियों को समन जारी किया है. बता दें कि CBI ने लालू यादव समेत 78 लोगों के खिलाफ फाइनल चार्जशीट दाखिल की थी।

     

  • महाकुंभ में गोरखपुर सांसद रवि किशन ने लगाई आस्था की डुबकी

    महाकुंभ में गोरखपुर सांसद रवि किशन ने लगाई आस्था की डुबकी

    महाकुंभ में गोरखपुर सांसद रवि किशन ने लगाई आस्था की डुबकी,

    लाखों सनातनियों संग की विश्व कल्याण की प्रार्थना,

    गोरखपुर सांसद रवि किशन शुक्ला ने महाकुंभ प्रयागराज में आस्था की डुबकी लगाकर विश्व कल्याण और राष्ट्र की समृद्धि की मंगल कामनाएं कीं। उनके साथ उनकी पत्नी प्रीति शुक्ला, बेटी इशिता, बेटे सक्षम और रीवा शुक्ला भी इस पुण्य अवसर के साक्षी बने। महाशिवरात्रि से पूर्व आयोजित इस दिव्य और भव्य महाकुंभ में लाखों सनातनी श्रद्धालुओं ने संगम में पवित्र स्नान कर अपनी आस्था प्रकट की।

    सांसद रवि किशन ने इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहना करते हुए कहा कि उनके कुशल नेतृत्व में यह महाकुंभ ऐतिहासिक बन गया है। अभूतपूर्व व्यवस्था, दिव्य माहौल और संस्कृतिमय आयोजन ने दुनिया भर के श्रद्धालुओं को आकर्षित किया है। उन्होंने कहा, “योगी सरकार के प्रयासों से महाकुंभ न केवल सनातन परंपराओं की गौरवशाली झलक पेश कर रहा है, बल्कि दुनिया को भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का भव्य परिचय भी दे रहा है।”

    संगम तट पर लाखों भक्तों की मौजूदगी, वैदिक मंत्रोच्चार, साधु-संतों के अखाड़ों की पेशवाई और चारों ओर गूंजते ‘हर हर महादेव’ के जयकारे ने महाकुंभ को एक अद्वितीय आध्यात्मिक अनुभव बना दिया है। सांसद रवि किशन ने कहा कि इस आयोजन ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया कि भारत सनातन संस्कृति की जन्मभूमि है, जहां धर्म, आस्था और परंपरा एक साथ साकार रूप में प्रकट होते हैं।

    महाकुंभ में देश-विदेश से श्रद्धालु आए हुए हैं, और योगी सरकार द्वारा की गई व्यवस्थाएं उन्हें अद्भुत आध्यात्मिक अनुभव दे रही हैं। स्नान घाटों से लेकर सुरक्षा, स्वच्छता और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए किए गए इंतज़ामों की हर कोई सराहना कर रहा है। सांसद रवि किशन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इस दिव्य आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह महाकुंभ भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक समृद्धि का भव्य उदाहरण बन चुका है।

    “महाकुंभ केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन धर्म की शक्ति, आस्था और परंपरा का जीवंत प्रमाण है। यह हम सभी के लिए गर्व का विषय है,” – रवि किशन।

     

  • नही रहे पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह उर्फ पहलवान सिंह

    नही रहे पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह उर्फ पहलवान सिंह

    गोरखपुर। गोरखपुर जिले के धुरियापार विधानसभा क्षेत्र से साल 2007 से 2012 तक समाजवादी पार्टी से विधायक रहे राजेंद्र सिंह उर्फ पहलवान सिंह अब इस दुनिया में नही रहे। पीजीआई में इलाज के दौरान सोमवार की भोर में 77 वर्ष की अवस्था में उन्होने अंतिम सांसे ली। उनके निधन की सूचना मिलते ही राजनीतिक गलियारे व क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गयी। उनके गोरखपुर व संतकबीरनगर पैतृक आवास पर शोक प्रकट करने वालों का तांता लग गया। कई जनप्रतिनिधि व नेता उनके आवास पर पहुंचे और उनको श्रद्धांजलि दी।
    बता दें, पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह उर्फ पहलवान सिंह जनपद संतकबीर नगर के हैंसर ब्लाक क्षेत्र स्थित भैंसही गांव निवासी सूबेदार सिंह के तीन पुत्रों में सबसे बड़े थे। वे युवा अवस्था से ही सामाजिक एवं राजनीति में सक्रिय हो गए थे। अपने पैतृक गांव के स्थानीय ब्लाक हैंसर व विधानसभा धनघटा की राजनीति में उनका सिक्का चलता था। वे खुद हैंसर से वर्ष 1990-1995 तक ब्लाक प्रमुख रहे। वर्ष 1999 में जिला पंचायत सदस्य हुए और उसी साल संतकबीर नगर से जिला पंचायत अध्यक्ष का भी मजबूती से चुनाव लड़े थे। हैंसर ब्लाक में वे जीवन पर्यंत राजनीति के एक धुरी रहे। उन्होने हैंसर ब्लाक से ही अपने एकलौते पुत्र प्रिंस अगम्य सिंह उर्फ सैंकी को वर्ष 2016 में ब्लाक प्रमुख बनवाया था। संतकबीर नगर के साथ ही गोरखपुर की राजनीति में उनका दमखम व सिक्का खूब चला। वर्ष 2002 में वे नेलोपा से पहली बार गोरखपुर जनपद की धुरियापार विधानसभा के विधायक व पूर्व मंत्री मार्कण्डेय चंद के खिलाफ ताल ठोक विधायक का चुनाव मजबूती से लड़े थे। चुनाव प्रचार के दौरान उनका दबंग स्टाइल व भाषण जनता को खूब भा रहा था। उनके इसी दबंग स्टाइल के कारण वर्ष 2007 के चुनाव में सपा से चुनाव लड़ रहे राजेंद्र सिंह उर्फ पहलवान सिंह को अपना जनप्रतिनिधि के रूप में चुना। वे विधान सभा के उस कार्यकाल में गोरखपुर जनपद के एकलौते सपा विधायक रहे। वर्ष 2022 में बसपा के टिकट पर चिल्लूपार से विधानसभा का चुनाव लड़े थे।

    बता दें, वे तीन भाईयों में सबसे बड़े थे। उन्होने अपने पीछे एक पुत्र व दो पुत्रियों का भरा-पूरा परिवर छोड़कर गए। वे लगभग एक साल से बीमार चल रहे थे। विगत 3 फरवरी को तबियत ज्यादा खराब होने पर पीजीआई में भर्ती हुए थे। सोमवार की भोर में लगभग चार बजे उन्होने 77 वर्ष की अवस्था में अंतिम सांसे ली।
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    अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी लोगों की भीड़

    सोमवार की भोर में पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह उर्फ पहलवान सिंह के निधन की सूचना पर लोग उनके गोरखपुर व संतकबीरनगर के पैतृक गांव भैंसही गांव स्थित आवास पर भारी संख्या में जनप्रतिनिधि व शुभचिंतकों ने पहुंचकर उनका अंतिम दर्शन करते हुए श्रद्धांजलि दी।
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    मुक्तिपथ पर पंचतत्व में विलिन हुए पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह उर्फ पहलवान सिंह

    गोरखपुर जनपद के धुरियापार के विधायक रहे राजेंद्र सिंह उर्फ पहलवान सिंह का सोमवार की भोर में सामयिक निधन हो गया। उनका पार्थिव शरीर फूलों से सजे एक रथ पर रख, शव यात्रा संतकबीर जनपद के भैंसही गांव से फूलों से सजे रथ पर मुक्तिपथ बड़हलगंज के लिए निकली। शव यात्रा जिधर से गुजरी उधर उनके शुभ चिंतकों एवं समर्थकों ने उनका अंतिम दर्शन कर श्रद्धांजलि दी। बड़हलगंज मुक्तिपथ घाट पर विधि विधान से अंतिम संस्कार के बाद पूर्व विधायक पंचतत्व में विलिन हो गए। चिता को मुखाग्नि उनके पुत्र पूर्व ब्लाक प्रमुख प्रिंस अगम्य सिंह उर्फ सैंकी ने दिया।

    बड़हलगंज मुक्तिपथ घाट पर उनकी शव यात्रा पहुंचने से पहले ही घाट पर भारी भीड़ जमा हो गई थी। उनकी शव यात्रा में दलीय सीमाएं भी टूट गई थी। उनकी शव यात्रा में पूर्व सांसद संतकबीर नगर प्रवीण निषाद, बासगांव लोकसभा के पूर्व प्रत्याशी डा संजय कुमार, पूर्व प्रमुख विजय यादव, पूर्व जिपसं श्याम नारायण यादव, श्रीराम यादव व घनानंद यादव, जिपसं संजय पासवान व अवध नारायण यादव, चेयरमैन प्रतिनिधि बड़हलगंज महेश उमर व उरूवां मुन्ना सिंह, घनश्याम कसौधन, उमेश कुमार यादव, विनय चंद, मनोज चंद, अरविंद सिंह, विट्ठल सिंह, रमेश शाही, संतोष चंद, पिंटू चंद, योगेन्द्र सिंह, विशाल सिंह, आनंद तिवारी, दुर्गेश त्रिपाठी समेत भारी संख्या में समर्थक व शुभचिंतक उपस्थित रहे।

  • यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में संभल पर दाखिल की स्टेटस रिपोर्ट

    लखनऊ: यूपी सरकार ने संभल मामले पर सुप्रीम कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की है. यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से स्थिति रिपोर्ट में कहा कि कुआं सार्वजनिक भूमि पर स्थित है. कुआं वैसे भी मस्जिद-विवादित धार्मिक स्थल का परिसर के भीतर नहीं है, बल्कि मस्जिद भी सार्वजनिक भूमि पर स्थित है. मौजूदा मस्जिद समिति का आवेदन विवादित स्थल के मामले के दायरे से पूरी तरह बाहर है. मस्जिद समिति प्रयास कर रही है कि सार्वजनिक कुएं पर निजी अधिकार बनाएं.

     

  • शादी के दिन ही दुल्हन को छोड़ प्रेमिका के साथ फरार हुआ दूल्हा , दुल्हन और उसकी मां अस्पताल में भर्ती

    शादी के दिन ही दुल्हन को छोड़ प्रेमिका के साथ फरार हुआ दूल्हा , दुल्हन और उसकी मां अस्पताल में भर्ती

    रिपोर्ट: अरविंद कुमार

    नौतनवा : नगर के एक वार्ड से रविवार को हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां की एक युवती का विवाह रविवार को बारात आने से पहले ही दूल्हा द्वारा दुल्हन को छोड़ किसी दूसरी युवती के साथ फरार हो जाने के कारण कट गया। सूचना के बाद दुल्हन और उसकी मां के पैरों तले से जमीन खिसक गई और वह वहीं अचेत होकर गिर पड़ीं। तत्काल मौके पर पहुंचे वार्ड सभासद वारिस कुरैशी एवं झुल्लुर कुरैशी द्वारा इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां मां और बेटी दोनों का इलाज चल रहा है।
    दुल्हन के मौसा सजरुद्दीन खान ने बताया कि बेटी का विवाह कोल्हुई थाना क्षेत्र के एक गांव के रहने वाले युवक के साथ सितंबर माह में ही आज यानि 23 फरवरी दिन रविवार को तय हुआ था। बेटी के पिता रोजगार के सिलसिले से कतर में हैं। विवाह की पूरी जिम्मेदारी मौसा पर ही थी। उन्होंने बताया कि मैरेज हाल बुक था। जहां सुबह से ही बारातियों के स्वागत और भोजन आदि की तैयारियां चल रही थीं। इसी दौरान अचानक लड़के की मां ने फोन कर बताया कि उनका लड़का किसी दूसरी लड़की को लेकर कहीं फरार हो गया। जिसके कारण यह शादी नहीं हो सकती। यह सूचना मिलते ही दुल्हन का पूरा परिवार सदमे में आ गया। अभी लोग पुलिस को सूचना दे पाते कि इतने में लड़की व उसके माता की तबियत बिगड़ गई और वह अचेत होकर गिर पड़ीं। फिलहाल अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। सभासद वारिस कुरैशी ने फोन पर पुलिस को इसकी सूचना देते हुए न्याय दिलाने की गुहार लगाई है।
    प्रभारी निरीक्षक धर्मेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि परिवार की ओर से घटना की सूचना दी गई है। अभी कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलती है तो पूरे मामले की जांच-पड़ताल कर आवश्यक विधिक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

     

  • सीएम योगी ने टीम इंडिया को दी विराट विजयी की बधाई

    सीएम योगी ने टीम इंडिया को दी विराट विजयी की बधाई

    ब्रेकिंग न्यूज़ : सीएम योगी ने टीम इंडिया को दी विराट विजयी की बधाई ,

    सीएम योगी ने कहा, “यह जीत टीम की मेहनत, जज्बा और जुझारूपन का नतीजा है।”

    टीम इंडिया ने पाकिस्तान पर दर्ज की शानदार जीत। विराट कोहली ने खेली शानदार पारी, बनाए 101 रन। भारत ने पाकिस्तान को 6 विकेट से रौंदा।

     

  • तपस्वी नेतृत्व ने महाकुंभ को बनाया दुनिया का सबसे बड़ा आयोजन : डॉ. भबातोष विश्वास

    तपस्वी नेतृत्व ने महाकुंभ को बनाया दुनिया का सबसे बड़ा आयोजन : डॉ. भबातोष विश्वास

    तपस्वी नेतृत्व ने महाकुंभ को बनाया दुनिया का सबसे बड़ा आयोजन : डॉ. भबातोष विश्वास ,

    एमपीपीजी कॉलेज में महाकुंभ पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन ,

    अनादिकाल से चली आ रही सनातन परंपरा के वैभव का चरमोत्कर्ष है प्रयागराज महाकुंभ,

    गोरखपुर, 23 फरवरी। चिकित्सा विश्वविद्यालय कोलकाता के पूर्व कुलपति, अपोलो मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल कोलकाता के वरिष्ठ कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जन डॉ. भबातोष विश्वास ने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तपस्यारत योजनाओं, स्वच्छता, सुरक्षा, तकनीक और सुव्यवस्था के फलस्वरुप प्रयागराज महाकुंभ 2025 को युगों-युगों तक याद किया जाएगा। एक तपस्वी नेतृत्व ने इस महाकुंभ को दुनिया का सबसे बड़ा सांस्कृतिक और आध्यात्मिक आयोजन सिद्ध कर दिया है। दिव्य, नव्य, और भव्य यह महाकुंभ सनातन संस्कृति की गौरवशाली परंपरा का उत्कृष्ट प्रतीक बन गया है।

    डॉ. विश्वास रविवार को महाराणा प्रताप महाविद्यालय, जंगल धूसड़ के कला संकाय के तत्वावधान में ‘महाकुंभ 2025 : परम्परा, अनुष्ठान और महत्ता’ विषयक दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी के दूसरे दिन समापन सत्र (समारोप) को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वह अत्यंत सौभाग्यशाली हैं कि उन्हें प्रयागराज महाकुंभ महोत्सव में सम्मिलित होने और गंगा, यमुना और सरस्वती की पावन त्रिवेणी में डुबकी लगाने का सुअवसर प्राप्त हुआ। यथार्थ में आधुनिक दौर में अनादिकाल से चली आ रही सनातन परंपरा के वैभव का चरमोत्कर्ष है प्रयागराज महाकुंभ। सनातन धर्म, मनुष्यता का ही पर्याय है और मनुष्यता की विभिन्न धाराओं की एकसूत्रता का केंद्र महाकुंभ है। यहां जाति, वर्ण, वर्ग और धार्मिक उपेक्षाएं संगम की पवित्र जलधारा में बह जाती हैं।

    *सीएम योगी के कुशल प्रबंधन से महाकुंभ की दिव्यता से परिचित हुई नई पीढ़ी*

    डॉ. विश्वास ने यह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कुशल प्रबंधन ही है कि नई पीढ़ी भी महाकुंभ की दिव्यता और पवित्रता से परिचित हुई है। दुनिया भर के लोग यहां आने को आतुर दिखे। महाशिवरात्रि के स्नान पर्व से तीन दिन पूर्व ही प्रयागराज महाकुंभ में श्रद्धालुओं की संख्या 60 करोड़ से अधिक हो चुकी है। वर्ष 2025 का महाकुंभ न केवल कल्पनाओं से परे है बल्कि इसने उत्तर प्रदेश की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था की गति को और भी तीव्रतम करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इस महाकुंभ से उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को करीब तीन लाख करोड रुपये का बूस्टर डोज मिलना अनुमानित हैं। इस महाकुंभ से छोटे बड़े हर किसी को फायदा होगा।

    *समूचा संसार खुले दिल से कर रहा सीएम योगी की प्रशंसा*

    डॉ. विश्वास ने कहा कि प्रयागराज महाकुंभ में पूरी दुनिया ने देखा कि एक संवेदनशील और सक्षम सरकार जनभागीदारी और जनविश्वास के साथ बड़ी से बड़ी चुनौती का सामना किस तरह कर सकती है। आज समूचा संसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में इस आयोजन के लिए उत्तर प्रदेश की खुले दिल से प्रशंसा कर रहा है। देश-विदेश, जहां कहीं से कोई प्रयागराज महाकुंभ में आया, वह यहां की शानदार व्यवस्था का कायल हुए बिना नहीं रह सका। महाकुंभ के विविध आयामों पर प्रकाश डालते हुए डॉ. विश्वास ने कहा कि भारत की सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक एकता और दिव्यता की अनुपम अभिव्यक्ति महाकुंभ मे दिखाई देता है। महाकुंभ पर्व एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत करता है कि कैसे विभिन्न संस्कृति और पृष्ठभूमि के लोग एकजुट होकर आध्यात्मिक एवं सामाजिक उद्देश्य को पूरा करते हैं। महाकुंभ पर्व यह भी दिखाता है कि कैसे हजारों वर्ष पुरानी आस्थाएं न केवल धार्मिक जीवन को, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक व पर्यावरणीय जीवन को भी प्रभावित करती है। महाकुंभ वसुधैव कुटुंबकम् का संदेश देता है। महाकुंभ में अपने तीन दिन के प्रवास अनुभव को बताते हुए कहा कि सुव्यवस्थित सुशासन का यह अद्वितीय उदाहरण है,इसमें सहभागिता से भारत दर्शन जैसा लगता है, यहां लघु भारत उपस्थित हो जैसे।

    *महाकुंभ मानव इतिहास के सर्वाधिक पुरानी परंपराओं में से एक : प्रो. हर्ष सिन्हा*

    समारोह के विशिष्ट अतिथि दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में रक्षा अध्ययन विभाग के आचार्य प्रो. हर्ष कुमार सिन्हा ने कहा कि महाकुंभ पर्व मानव इतिहास के सर्वाधिक पुरानी परंपराओं में से एक है। किसी बहती नदी और जीवंत संस्कृति सा यह भी प्रवाहमान और जागृत है। महाकुंभ के अर्थशास्त्र को रेखांकित करते हुए प्रो. सिन्हा ने कहा कि आस्था, आर्थिकी और रोजगार में किस प्रकार सहायक हो सकती है, इस महाकुंभ ने इसे आसानी से समझाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आस्था के सम्मान के साथ अर्थव्यवस्था में इसके योगदान को समुचित महत्व दिया है। इसके चलते प्रयागराज में 45 दिनों तक चलने वाले महाकुंभ में होने वाली आर्थिक गतिविधियों के परिणामस्वरूप राज्य सरकार को 25 हजार करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त होने का अनुमान है। वित्तीय लेनदेन करीब तीन लाख करोड़ से अधिक होने की संभावना है। 2019 के अर्धकुंभ में करीब सवा लाख करोड़ रुपये का वित्तीय लेनदेन हुआ था। उन्होंने कहा कि महाकुंभ की एक महत्वपूर्ण बात यह भी होगी कि डिजिटल लेनदेन पर बहुत अधिक जोर दिखा है। इस डिजिटल लेनदेन से गैर-संगठित क्षेत्र के लोगों की ऋण क्षमता बढ़ने से बैंकिग क्षेत्र की व्यवस्था भी मजबूत होगी। होटल, रेस्तरां, परिवहन सेवाएं और टूर सर्विस प्रदाताओं के साथ-साथ क्षेत्रीय हस्तशिल्प, कला और व्यंजनों के लिए बाजार से जुड़े लाखों लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार सुनिश्चित हुआ। प्रो. सिन्हा ने कहा कि इस आयोजन से स्ट्रीट वेंडर, शिल्पकार और दुकानदार आदि 45 दिनों में ही आठ महीने से अधिक की आय आसानी से अर्जित कर लेगें। सीआइआइ की रिपोर्ट के अनुसार, 2019 के कुंभ में विभिन्न क्षेत्रों में छह लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला था। इस बार यह आंकड़ा और बढ़ने की संभावना है। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग के अनुसार महाकुंभ की तैयारियों में लगभग 45 हजार परिवारों को रोजगार मिल चुका है।

    *अनेकता में एकता का शाश्वत व समेकित जयघोष है महाकुंभ : डॉ. ओमजी उपाध्याय*

    समापन सत्र में एक अन्य विशिष्ट अतिथि भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद नई दिल्ली के सदस्य सचिव डॉ. ओमजी उपाध्यायने कहा कि प्रयागराज महाकुंभ ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ और ‘समावेशी भारत’ की जीवंत झांकी के रूप में प्रतिष्ठित हुआ है। बहुपंथीय, बहु सांस्कृतिक, बहुभाषीय भारत की अनिर्वचनीय सनातन परंपरा का वाहक महाकुंभ अनेकता में एकता का शाश्वत और समेकित जयघोष है। वैदिक और पौराणिक आख्यानों के उद्धरण से डॉ. उपाध्याय ने महाकुंभ को धरती पर लगने वाला सबसे विशाल आध्यात्मिक मेला बताया और कहा कि यूनेस्को द्वारा महाकुंभ मेले को मानव जाति की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत के रूप में मान्यता दिए जाने के बाद से यह आयोजन विश्व के लोगों के लिए और आकर्षण का केंद्र बन गया है। महाकुंभ दुनिया के तर्कजीवियों के लिए भी सदैव शोध एवं जिज्ञासा का विषय रहता है कि कैसे बिना निमंत्रण के ही इतने अधिक लोग एक साथ एक जगह एकत्रित हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरदर्शिता ने प्रयागराज महाकुंभ को वैश्विक विहंगम तो बनाया ही है, यहां जन, सामाजिक और राष्ट्रीय सरोकार के आयाम भी अद्भुत हैं। महाकुंभ में डिजिटल तकनीक के साथ ही पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर है। यहां करीब पांच सौ पर्यावरण संरक्षण संस्थाएं गंगा और महाकुंभ की स्वच्छता और निर्मलता बनाए रखने के लिए ‘हर घर से एक थैला, एक थाली’ द्वारा हरित कुंभ में लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक कर रही हैं। उन्होंने कहा कि महाकुंभ में आधुनिक तकनीक का प्रयोग केवल भीड़ को सुचारु रूप से प्रबंधित करने और सुरक्षा आदि के लिए ही नहीं किया जा रहा है, बल्कि ग्यारह भाषाओं में एआइ संचालित चैटबोट महाकुंभ की समस्त आवश्यक जानकारी भी उपलब्ध करा रहा है। महाकुम्भ को प्राचीन संदर्भों के परिप्रेक्ष्य में प्रस्तुत कर डॉ. उपाध्याय ने कहा कि धरती पर इससे बड़ा कोई आयोजन नहीं होता है। महाकुंभ में अपने प्रवास को प्रतिभागियों से साझा करते हुए उन्होंने कहा कि महाकुंभ में विभिन्न स्रोतों से आर्थिक लाभ भी हो रहा है जिसको जनकल्याणकारी योजनाओं में लगाया जा रहा है।

    *महाकुंभ की दिव्यता और भव्यता से दुनिया में बजा यूपी का डंका : डॉ. प्रदीप राव*

    समारोह सत्र में सभी अभ्यागतों के प्रति आभार ज्ञापित करते हुए महाराणा प्रताप महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रदीप कुमार राव ने कहा कि प्रयागराज महाकुंभ की दिव्यता और भव्यता से उत्तर प्रदेश का डंका पूरी दुनिया में बजा है। वैश्विक फलक पर उत्तर प्रदेश के हिस्से आई यह ख्याति मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्पित प्रयासों का प्रतिफल है। ‘आस्था को सम्मान और विकास के नित नए प्रतिमान’ के सीएम योगी के विजन को देखकर विश्व समुदाय चकित है। उन्होंने महाकुंभ की सनातनी परंपरा और अनुशासन की महत्ता को वैश्विक पटल पर इस तरह प्रतिष्ठित किया है जिसे अनंतकाल तक याद किया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का प्रतिवेदन महाविद्यालय के सहायक आचार्य डॉ. सुबोध कुमार मिश्रा ने प्रस्तुत किया जबकि संचालन सहायक आचार्य रमाकांत दूबे ने किया।

     

  • एनआरआई दम्पति ने महाकुंभ स्नान के लिए चुना गोरखपुर का रास्ता

    एनआरआई दम्पति ने महाकुंभ स्नान के लिए चुना गोरखपुर का रास्ता

    संवाददाता : सूर्य प्रकाश ओझा

    गोरखपुर । महाकुंभ प्रयागराज में इतना प्रबल हो चुका है कि देश विदेश से सनातनी किसी ने किसी तरह से आकर संगम तट पर त्रिवेदी के गोद में डुबकी लगाना चाह रहे हैं।अब तक 60 करोड़ से ज्यादा लोगों ने संगम में डुबकी लगा चुके है।इतनी बृहद व्यवस्था के लिए पूज्य योगी आदित्य नाथ जी महाराज जी की जितनी बड़ाई की जाए वह काम ही होगी. वहाँ पर जितने लोगों ने डुबकी लगाई है वह कई देशों की आबादी से ज्यादा है।इतने विशाल जन समुदाय को एक साथ जोड़कर महाकुंभ में डुबकी लगाना आसान काम नहीं है।अमेरिका में एनआरआई पुत्र के साथ रहने वाले श्रीमती सुनीता तंवर तथा श्री राम विलास जी जिनकी ट्रेन निरस्त हो जाने की वजह से उनके सामने प्रयागराज जाने के लिए कोई साधन नहीं दिख रहा था।संगम में डुबकी लगाने के लिए इन्होंने गोरखपुर का रास्ता चुना बैंगलोर से हवाई जहाज द्वारा गोरखपुर आए और गोरखपुर से टैक्सी करके प्रयागराज जा रहे हैं। इन सभी कामों में इनका सहयोग शाही ग्लोबल हॉस्पिटल के निदेशक डॉक्टर शिव शंकर शाही ने किया। संगत तट पर अब तक शहर के सैकड़ो चिकित्सकों तथा आम लोगों को संगम में डुबकी लगवा चुके डॉक्टर शिव शंकर शाही ने बताया कि इस तरह का काम करने से मुझे अपार संतुष्टि मिलती है।नेतृकुम की सफलता से लेकर संगम में डुबकी लगवाने तक का सफर डॉक्टर शिव शंकर शाही को बहुत आनंदित करता है।विश्व का सबसे बड़ा स्वास्थ्य मेला नेत्र कुम्भ तथा विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक स्थल प्रयागराज में जिस तरह से सनातनियों ने बढ़चर के हिस्सा लिया है उससे यह सिद्ध होता है कि आज भी हम सनातनी एक हैं हमें जात-पात उच् नीच क्षेत्रवाद देशवाद किसी तरह से विभाजित नहीं किया जा सकता है इसका उदाहरण अमेरिका से आए एनआरआई खुद है. ऐसा लग रहा है की संगम घाट सनातियों के लिए छोटा पड़ गया है अभी भी करोड़ों की संख्या में लोग संगम में डुबकी लगाना चाहते हैं लेकिन ट्रेन बस हवाई जहाज में सीमित संख्या होने की वजह से और संगम घाट का क्षेत्रफल जितना जनसंख्या सहन कर सकता है उसको ध्यान में रखते हुए वह आने वाले लोगों की व्यवस्था की गई है बहुत से सनातनी कुंभ के दौरान संगम में डुबकी नहीं लग पा रहे हैं उन सभी लोगों से जो कुंभ के दौरान डुबकी नहीं लगा पाए हैं उनसे मेरा निवेदन है कि घर पर ही गंगाजल डालकर स्नान कर लें और बाद में कभी भी जाकर संगम में डुबकी लगाकर मां गंगा मां सरस्वती मैन जमुना से माफी मांग ले तो यह उचित होगा। यह कदापि संभव नहीं है कि संगम पर अब और संख्या बढ़ाई जाए नही तो सनातनियों के जीवन के लिए खतरा हो सकता है इसलिए मेरा विनम्र निवेदन है की जो संगम में आराम से जा सकते हैं वह जाए, जो बुजुर्ग हैं बीमार हैं कमजोर हैं नहीं जा सकते हैं वह बाद में जाकर डुबकी लगा लगा लेंगे।

     

  • 41 लाख रुपया की कीमत का माल पुलिस अभिरक्षा से गायब

    41 लाख रुपया की कीमत का माल पुलिस अभिरक्षा से गायब

    जनता की हिफाजत करने वाली पुलिस अपनी मौजूदगी और निगरानी में रखे हुए 41 लाख रुपये की कीमत के माल की हिफाजत नहीं कर पाई है.

    मामला कानपुर के गोविंदनगर थाने से सामने आया है, यहां थाने के माल गोदाम में रखा हुआ लगभग 41 लाख रुपया की कीमत का माल पुलिस अभिरक्षा से गायब है. ऐसे में इसे बड़ी लापरवाही मानते हुए माल गोदाम की जिम्मेदारी संभालने वाले पुलिस कर्मी पर अपने ही थान में एफआईआर दर्ज कर ली गई है.