Category: ब्रेकिंग न्यूज़
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होली से पहले दिल्ली की महिलाओं को हर महीने मिलेंगे 2500 रुपये, रेखा गुप्ता ने किया एलान
होली से पहले दिल्ली की महिलाओं को हर महीने मिलेंगे 2500 रुपये, रेखा गुप्ता ने किया एलान,
हर महीने 2500 रुपये की सहायता को लेकर दिल्ली की महिलाओं का इंतजार खत्म होने को है। महिलाओं के बैंक खातों में होली से पहले सहायता राशि पहुंचेगी। रेखा गुप्ता ने शपथ लेने से पहले ही दिल्ली की महिलाओं को बड़ी खुशखबरी दी है।
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खिलेगा रंगों और खुशबू का गुलदस्ता, वर्षों बाद लौट रहा ऐतिहासिक ‘फ्लावर शो
*गोरखपुर में खिलेगा रंगों और खुशबू का गुलदस्ता – वर्षों बाद लौट रहा ऐतिहासिक ‘फ्लावर शो” *
*रोटरी क्लब गोरखपुर और उत्तर प्रदेश उद्यान विभाग की अनूठी पहल*
*23 फरवरी को ‘हुई पार्क’ में फूलों की बहार, हरियाली का उत्सव और रोमांचक प्रतियोगिताएँ*
*गोरखपुरवासियों के लिए खुशखबरी!*
गोरखपुर। लंबे समय के बाद, गोरखपुर एक बार फिर ऐतिहासिक ‘फ्लावर शो एवं प्रतियोगिता’ का गवाह बनने जा रहा है।रंग-बिरंगे फूलों की खूबसूरती, सुगंध से महकता वातावरण, बागवानी का जुनून और मनोरंजक गतिविधियों से सजा यह भव्य आयोजन *23 फरवरी 2025, रविवार को सुबह 11:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक राजकीय उद्यान* (हुई पार्क) में होगा।
इस आयोजन का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना, नागरिकों को बागवानी के प्रति जागरूक करना और गोरखपुर को एक हरियाली से सुसज्जित एवं जीवंत शहर में बदलना है। यह आयोजन फूलों, हरियाली, कला, संगीत, और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का संगम होगा, जो गोरखपुरवासियों को एक अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करेगा।
*आयोजन की प्रेरणा* – यह भव्य आयोजन पूर्व अध्यक्ष रोटेरियन डॉ. शिव शरण दास और कार्यक्रम समन्वयक अचिंत्य लहरी की प्रेरणा से संभव हो सका है।
इस भव्य आयोजन की आधारशिला पूर्व अध्यक्ष रोटेरियन डॉ. शिव शरण दास के मार्गदर्शन और प्रेरणा से रखी गई है। उनकी दूरदर्शिता और प्रकृति के प्रति प्रेम इस शो को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है।
*रोट. डॉ. शिव शरण दास* कहते हैं:
“फूल केवल सौंदर्य के प्रतीक नहीं हैं, वे हमारी संस्कृति, सकारात्मकता और प्रकृति के प्रति प्रेम का द्योतक हैं। इस आयोजन से हम हरियाली को बढ़ावा देंगे और गोरखपुर को एक अधिक सुंदर और स्वस्थ शहर बनाने में योगदान देंगे।”
*रोट.अचिंत्य लहरी* का कहना है:
“हमारा लक्ष्य केवल एक प्रदर्शनी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे एक ऐसा मंच बनाना है जहाँ लोग प्रकृति के प्रति अपने प्रेम को साझा कर सकें। हम सभी गोरखपुरवासियों से अनुरोध करते हैं कि वे इस भव्य आयोजन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।”`कार्यक्रम अध्यक्ष रोट. आशीष जोशी का समर्पण इस ऐतिहासिक फ्लावर शो को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में अहम भूमिका निभा रहा है। उनके पर्यावरण प्रेम ने इस आयोजन को न सिर्फ भव्य बनाया, बल्कि गोरखपुरवासियों को हरियाली से जोड़ने का एक अनूठा अवसर भी प्रदान किया। उनकी ऊर्जा, विजन और समर्पण इस कार्यक्रम को यादगार बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। उनके प्रयासों से यह शो सिर्फ एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि गोरखपुर के लिए एक नई हरित क्रांति बनने जा रहा है!`
*क्यों है यह आयोजन खास?*
यह फ्लावर शो सिर्फ फूलों की प्रदर्शनी नहीं, बल्कि सौंदर्य, ज्ञान, मनोरंजन और प्रतियोगिता का अनोखा संगम होगा।
*फूलों की प्रदर्शनी – प्रकृति के सौंदर्य का उत्सव*
दुर्लभ और विदेशी फूलों की रंग-बिरंगी प्रदर्शनी
गार्डन प्रतियोगिता – अपने बगीचे की खूबसूरती का प्रदर्शन करें और पुरस्कार जीतें
गुलदस्ता (बुके) और फूलों से बनी कलाकृतियों की अद्भुत प्रतियोगिता
बोनसाई, कैक्टस और सजावटी पौधों की विशेष प्रदर्शनी
शहर की प्रसिद्ध नर्सरीज़ के अनूठे पौधों की बिक्री और प्रदर्शन*मनोरंजन और रोमांचक गतिविधियाँ*
बच्चों और परिवारों के लिए अनोखे गेम्स और एक्टिविटीज
स्वयं सहायता समूहों द्वारा जैविक और हस्तशिल्प उत्पादों की प्रदर्शनी
*प्रतियोगिता – दिखाइए अपनी बागवानी और रचनात्मकता का हुनर!*
प्रतियोगिता में भाग लेना पूर्णतः निःशुल्क है और सभी बागवानी प्रेमियों, कलाकारों, और प्रकृति प्रेमियों के लिए खुला है।
*प्रतियोगिता की खास बातें:*
1.* फूलों की सजावट, गुलदस्ता निर्माण एवं फूलों से आभूषण बनाने की प्रतियोगिता
2.* वर्टिकल गार्डन एवं टेरेस गार्डन प्रतियोगिता – विजेताओं को आकर्षक पुरस्कार दिए जाएंगे
3.* प्रतिभागियों को स्वयं अपनी सामग्री लानी होगी और ऑन-स्पॉट प्रतियोगिता में भाग लेना होगा
4.* पंजीकरण की अंतिम तिथि – 22 फरवरी 2025, शाम 5:00 बजे तक
5.* सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा
*आयोजन समिति के प्रमुख सदस्य*
इस भव्य *आयोजन को सफल बनाने में रोटरी क्लब गोरखपुर की पूरी टीम का विशेष योगदान* है।
🔹 *अध्यक्ष: महावीर प्रसाद कंडोई*
🔹 *डायरेक्टर (आर्थिक एवं सामुदायिक विकास): महेश गोपाल गर्ग*
🔹 *डायरेक्टर (पर्यावरण): अशोक कुमार गुप्ता*
🔹 *डायरेक्टर पब्लिक इमेज (सार्वजनिक छवि): रोट. हरे कृष्ण सिंह*
🔹 *कार्यक्रम समन्वयक: रोट. अचिंत्य लहरी*
🔹 *कार्यक्रम अध्यक्ष: आशीष जोशी*
🔹 *सचिव: संचित श्रीवास्तव**प्रतियोगिता पंजीकरण और संपर्क जानकारी*
इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए *ऑनलाइन गूगल फॉर्म* के माध्यम से पंजीकरण करें या नीचे दिए गए रोटेरियंस से संपर्क करें।
*ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन लिंक:*
🔗 Google Form
https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLScPaXrbWRJOnx5cOU4kYOrnlKTVaNjcrqUTDkKooEM-o9qWYQ/viewform?usp=dialog📞 `संपर्क करें:`
📍 *महावीर प्रसाद कंडोई: 7408778557*
📍 *अचिंत्य लहरी: 9453041222*
📍 *आशीष जोशी: 9838883312*
📍 *महेश अग्रवाल: 9415693172*
📍 *संचित श्रीवास्तव: 9648011000*हरियाली बढ़ाएं, प्रकृति से जुड़ें और इस ऐतिहासिक आयोजन का हिस्सा बनें
“फूलों से करें दोस्ती, हरियाली को बनाएं जीवनशैली”
`”तो आइए, इस ऐतिहासिक ‘फ्लावर शो एवं प्रतियोगिता’ का हिस्सा बनें, अपने परिवार और दोस्तों के साथ इस रंगारंग आयोजन का आनंद लें, और गोरखपुर को और हरा-भरा बनाने में अपना योगदान दें!”`
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पिपराइच चीनी मिल में अब चीनी के साथ एथेनॉल का भी होगा उत्पादन
पिपराइच चीनी मिल में अब चीनी के साथ एथेनॉल का भी होगा उत्पादन,
योगी सरकार ने डिस्टिलरी स्थापना के लिए बजट में की 90 करोड़ रुपये की व्यवस्था,
60 किलो लीटर प्रति दिन होगी पिपराइच चीनी मिल की डिस्टिलरी की क्षमता,
गोरखपुर, 20 फरवरी। सल्फरलेस चीनी का उत्पादन करने वाली पिपराइच चीनी मिल आने वाले दिनों में एथेनॉल का भी उत्पादन करेगी। एथेनॉल उत्पादन के लिए पिपराइच चीनी मिल में डिस्टिलरी स्थापित की जाएगी। इसके लिए गुरुवार को योगी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में 90 करोड़ रुपये की व्यवस्था कर दी है। इस डिस्टिलरी की उत्पादन क्षमता 60 किलो लीटर प्रति दिन होगी। एथेनॉल उत्पादन होने से किसानों को गन्ना मूल्य भुगतान और त्वरित हो सकेगा।
पिपराइच में 1932 में एक निजी क्षेत्र की चीनी मिल लगाई गई थी।1974 में उसका अधिग्रहण हुआ लेकिन मिल 1999 में बंद हो गई। बंद मिलों को चलाने के लिए बतौर सांसद योगी आदित्यनाथ हमेशा आवाज बुलंद करते रहे। पर, तत्कालीन सरकारें इस जनसरोकारी मुद्दे पर आंख मूंदे रहीं। 2017 में सूबे की कमान संभालने के साथ ही योगी आदित्यनाथ ने बंद मिल के परिसर में ही नई चीनी मिल की सौगात देकर किसानों का दिल जीत लिया। 17 नवंबर 2019 को उन्होंने रिकार्ड अवधि में मिल लगवाकर पेराई सत्र का शुभारंभ भी कर दिया। यह मिल गन्ने से चीनी बनाने के साथ ही उसके बाई प्रोडक्ट से बिजली भी पैदा करती है। सीएम योगी ने 9 दिसंबर 2020 को पिपराइच चीनी मिल में सल्फरलेस चीनी प्लांट का भी लोकार्पण कर इसे मॉडल मिल बना दिया। इस मिल की क्षमता प्रतिदिन 50 हजार क्विंटल गन्ना पेराई की है जो पुरानी चीनी मिल से छह गुना अधिक है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पिपराइच चीनी मिल में डिस्टिलरी लगाने की बात पहले ही कह चुके थे। गुरुवार को प्रदेश सरकार के बजट में 60 किलो लीटर प्रति दिन की क्षमता वाले डिस्टिलरी प्लांट के लिए 90 करोड़ रुपये प्रावधानित किया गया है। यहां गन्ने के रस से सीधे एथेनॉल बनाने वाले प्लांट की स्थापना की जा सकती है।
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15 दिन तक दिन में विमान संचालन बंद रहेगा
लखनऊ: अमौसी एयरपोर्ट पर एक मार्च से 15 जुलाई तक रोज सुबह दस से शाम छह बजे तक विमान संचालन बंद रहेगा। इस दौरान कई फ्लाइटें री-शेड्यूल की जाएंगी तो कुछ का संचालन भी बंद हो सकता है। इसका असर फ्लाइटों के किराए पर भी दिखने लगा है। फरवरी के आखिरी हफ्ते के मुकाबले मार्च के पहले हफ्ते के लिए विमानों का किराया अभी से 30 फीसदी बढ़ गया है।
….. दरअसल एयरलाइंस कंपनियों ने अमौसी एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाले विमानों के लिए गर्मी का शेड्यूल तैयार कर लिया है। दिन में विमान संचालन बंद रहने के कारण अमौसी एयरपोर्ट पर फ्लाइटें भी घटने के आसार हैं। इसका सीधा असर विमानों के किराए पर दिखने लगा है। ज्यादातर विमानों के किराया 30 फीसदी तक बढ़ गया है। यात्रा की तारीख नजदीक आने के इसमें और उछाल आ सकता है।….. ऐसे में यात्रियों को भी शाम छह से रात 10 बजे तक की फ्लाइटें ज्यादा पसंद आ रही हैं। इस कारण शाम की फ्लाइटों के किराए में ज्यादा उछाल आया है। दिल्ली की सुबह की फ्लाइट 4300 रुपये तक में बुक हो रही है, जबकि शाम की फ्लाइट का किराया 9400 तक पहुंच गया है। यही हाल दूसरे शहरों का है….।
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कब्रिस्तान के पास हिंदू छात्रा का रेप करने वाला था लुकमान, लेकिन पहुँच गया लड़की का परिवार
कब्रिस्तान के पास हिंदू छात्रा का रेप करने वाला था लुकमान, लेकिन पहुँच गया लड़की का परिवार: जानिए कैसे खुली ब्यावर के ‘मुस्लिम गैंग’ की परतें, सोहेल ने ब्लेड से काट दिया था पीड़िता का हाथ
राजस्थान के ब्यावर में हिन्दू बच्चियों को फंसा कर रेप करने वाले ‘मुस्लिम गैंग’ की सच्चाई एक हिन्दू परिवार ने बाहर निकाली। उन्होंने इस मामले को पुलिस के पास पहुँचाया। अब इस मामले में 5 लड़के गिरफ्तार हो चुके हैं। उन्होंने कैमरे पर भी कबूल किया है कि उनका काम गलत था।
दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस गैंग के लुकमान ने एक हिन्दू बच्ची को मिलने के लिए बुलाया था। उसने बच्ची को कब्रिस्तान के पास मिलने के लिए बुलाया था। यहाँ उसने हिन्दू बच्ची का रेप करने की कोशिश की , हिन्दू बच्ची ने लुकमान की कोशिश का विरोध किया तब वह मारपीट करने लगा।
बच्ची का पीछा इस दौरान उसके घरवाले कर रहे थे। वह वहाँ मौके पर पहुँच गए थे, इसी के चलते बच्ची की जान बच सकी। बच्ची के परिजन कुछ दिन से उसकी गतिविधियों पर नजर रख रहे थे। बच्ची ने इससे पहले घर से पैसे चुराए थे, शक होने पर वह छानबीन कर रहे थे। इसी कड़ी में उन्होंने पीछा किया था।लुकमान ने बच्ची के परिजनों को धमकी दी थी और उनके साथ मारपीट की थी। इस मामले में हिन्दू बच्ची की एक और सहेली पीड़ित थी। इन सबने बाद में पूरी कहानी परिवार को बताई तो 4 और लड़कियों ने अपने साथ हुई प्रताड़ना के विषय में बताया। एक पीड़िता ने यह बताया कि सोहेल बुरका पहनने, कलमा पढ़ने के लिए भी कहता था। एक पीड़िता ने बताया कि मुस्लिम लड़के स्मार्टवाच जैसी चीजों का लालच देते थे और दूसरी लड़कियों से दोस्ती करने को कहते थे। पीड़िता ने बताया कि मुस्लिम लड़के रोजा रखने की बात कहते थे, मुस्लिम धर्म में आने की बात कहते थे। पीड़िता ने बताया कि स्कूल तक यह लड़के आ जाते थे। हाथ पर चीरे भी उन्होंने लगाए थे।
वहीं लुकमान और सोहेल मंसूरी का मीडिया से बातचीत का भी एक वीडियो सामने आया है। मोहम्मद लुकमान ने बताया कि वह 20-25 दिन से बच्चियों से बात कर रहा था। उसने बताया कि एक लड़की ने उसके ₹1200 दिए थे। लुकमान ने दावा किया कि उसने लड़की को पैसे वापस कर दिए थे।
लुकमान ने बताया कि एक और लड़के कलीम ने हिन्दू बच्ची का नम्बर लिया था। वहीं सोहेल मंसूरी ने बताया कि उसने सितम्बर से हिन्दू बच्ची से बात करता था और उन्हें कैफे लेकर जाता था। उसने बताया कि एक फोन भी उसने हिन्दू बच्ची को दिया था। यह फोन रेहान नाम का एक लड़का लाया था।अब इस मामले में लुकमान और सोहेल सहित पाँच लड़के पुलिस की रिमांड में हैं। इन सभी ने एक ही स्कूल में एक क्लास में पढ़ने वाली हिन्दू बच्चियों को निशाना बनाया था। उनके सामने यह नम्बर वाली पर्ची फेंकते थे और फिर जबरदस्ती उन्हें कैफे-रेस्टोरेंट ले जाते थे। हिन्दू बच्चियों की यहाँ अश्लील फोटो और तस्वीर ली जाती थीं। इसके बाद उन्हें ब्लैकमेल किया जाता था। उन्हें इस गैंग में शामिल मुस्लिम लड़के इसके बाद दूसरी लड़कियों से दोस्ती करवाने को कहते थे। इस मामले में रिहान मोहम्मद (20 वर्ष), सोहेल अंसारी (19 वर्ष), लुकमान (20 वर्ष), अरमान पठान (19 वर्ष), साहिल कुरैशी (19 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया है।
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रेखा गुप्ता: दिल्ली की सीएम, जानें सियासी सफर
रेखा गुप्ता: हरियाणा में हुआ जन्म, डीयू की रहीं अध्यक्ष,पहली बार जीती विधायकी, अब दिल्ली की सीएम,जानें रेखा गुप्ता का सियासी सफर
नई दिल्ली।भारतीय जनता पार्टी ने दिल्ली में 27 साल का सियासी वनवास खत्म करते हुए प्रचंड जीत हासिल की है। दिल्ली विधानसभा चुनाव के परिणाम आए हुए 11 दिन का हो चुका है। इसी के साथ भाजपा ने दिल्ली में अपने अगले मुख्यमंत्री चेहरे का ऐलान कर दिया है। दिल्ली की अगली मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता होंगी। आज गुरुवार को रेखा गुप्ता रामलीला मैदान में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगी।
सियासी गलियारों में कई नेताओं के मुख्यमंत्री बनने की अटकलें लगाई गईं, जिसमें सबसे बड़ा दावा रेखा गुप्ता के नाम को लेकर ही किया गया। कहा जा रहा है कि रेखा गुप्ता को संघ की मंजूरी मिल चुकी थी और भाजपा ने भी उन्हें मुख्यमंत्री पद के लिए अपनी पसंद भी बना लिया था। दिल्ली में मुख्यमंत्री पद के लिए संभावित चेहरे के तौर पर उभरीं रेखा गुप्ता कौन हैं ? रेखा गुप्ता मूल रूप से कहां की रहने वाली हैं ? दिल्ली से रेखा गुप्ता का कितना पुराना नाता है? इसके अलावा रेखा गुप्ता की पढ़ाई कहां-कहां हुई है और उनका सियासी सफरनामा क्या रहा है? आइये जानें।
*जानें कौन हैं रेखा गुप्ता*
रेखा गुप्ता राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की शालीमार बाग विधानसभा से विधायक हैं।रेखा गुप्ता मौजूदा समय में दिल्ली भाजपा की महासचिव और भाजपा के महिला मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी हैं। 50 वर्षीय रेखा गुप्ता का जन्म हरियाणा के जींद जिले में नंदगढ़ गांव में 1974 में हुआ था। रेखा गुप्ता के पिता स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में अधिकारी पद पर थे। 1976 में रेखा गुप्ता का परिवार दिल्ली में शिफ्ट हो गया था, तब रेखा गुप्ता की उम्र दो साल थी।इसके बाद रेखा गुप्ता की प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक दिल्ली में हुई।
*पढ़ाई-लिखाई के दौर में ही राजनीति से जुड़ीं*
रेखा गुप्ता बचपन में पढ़ाई-लिखाई के दौरान ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संगठन (आरएसएस) के स्टूडेंट विंग अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से जुड़ गई थीं। इसके बाद दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ाई के दौरान रेखा गुप्ता दौलत राम कॉलेज में सचिव का चुनाव जीता। 1995-96 में रेखा गुप्ता दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ का चुनाव लड़ा और अध्यक्ष बनीं।इसके बाद एलएलबी तक की पढ़ाई पूरी की।
*कैसा रहा अब तक का सियासी करियर*
पढ़ाई पूरी करने के बाद रेखा गुप्ता 2003-04 में भाजपा युवा मोर्चा की दिल्ली इकाई से जुड़ीं और सचिव पद पर रहीं। इसके बाद 2004 से 2006 तक रेखा गुप्ता ने भाजपा युवा मोर्चा की राष्ट्रीय सचिव के तौर पर जिम्मेदारी निभाई।
*2007 में उत्तर पीतमपुरा से पार्षद बनीं*
2007-09: एमसीडी में महिला कल्याण एवं बाल विकास समिति की दो साल तक रेखा गुप्ता अध्यक्ष रहीं।
2009: दिल्ली भाजपा महिला मोर्चा की महासचिव रहीं।
2010: भाजपा ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य की जिम्मेदारी दी।
2012: उत्तरी पीतमपुरा वॉर्ड-54 से फिर पार्षद बनीं।*2015 और 2020 के विधानसभा चुनाव में नहीं मिली थी सफलता*
रेखा गुप्ता को 2015 और 2020 के विधानसभा चुनाव में शालीमार बाग विधानसभा से चुनाव में उतारा गया। 2015 में रेखा गुप्ता को आम आदमी पार्टी की वंदना कुमारी ने लगभग 11 हजार वोटों से हराया। 2020 में रेखा गुप्ता का हार का अंतर 3400 वोट के करीब था।
दिल्ली विधानसभा चुनाव: 2025 में दर्ज की बंपर जीत
2025 के विधानसभा चुनाव में रेखा गुप्ता ने शालीमार बाग विधानसभा से आम आदमी पार्टी की वंदना कुमारी को 29,595 वोटों से हरा दिया। उन्हें 68,200 वोट मिले थे।
*मनीष गुप्ता से हुई है शादी*
रेखा गुप्ता की 1998 में मनीष गुप्ता से शादी हुई थी। चुनाव आयोग को दिए गए हलफनामे के मुताबिक रेखा गुप्ता के पति एक लाइफ इंश्योरेंस कंपनी में काम करते हैं। साथ ही उनका स्पेयर पार्ट्स का भी कारोबार है।
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भारत बनेगा मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग पावरहाउस, एक्सपोर्ट में 40% जंप का अनुमान, चीन की उड़ी नींद: रिपोर्ट
भारत बनेगा मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग पावरहाउस, एक्सपोर्ट में 40% जंप का अनुमान, चीन की उड़ी नींद: रिपोर्ट
केंद्र सरकार की मेक इन इंडिया मिशन से भारत में मोबाइल मैनुफैक्चरिंग का बाजार तेजी से फल फूल रहा है।
भारत मोबाइल फोन का एक बड़ा बाजार है और यह ग्लोबली एक्सपोर्ट में अहम भूमिका निभा रहा है।
स्मार्टफोन निर्यात 40 फीसद से बढ़कर 1.8 लाख करोड़ रुपये हो सकता है।
* PLI स्कीम से 680% की होगी बढ़ोतरी
* यह वृद्धि PLI योजना के प्रभाव से संभव हो पाई है, जिसकी शुरुआत वित्त वर्ष 2020-21 में हुई थी।
* वित्त वर्ष 25 में मोबाइल प्रोडक्शन 5.1 लाख करोड़ रुपये हो सकता है।
* Apple भारत से सबसे ज्यादा मोबाइल फोन निर्यात कर सकता है।भारत मोबाइल फोन का एक बड़ा मार्केट है। देश में मोबाइल फोन की खूब डिमांड रहती है, क्योंकि भारत में आज के वक्त में सरकारी से लेकर प्राइवेट हर तरह के कामकाज मोबाइल और ऐप्स की मदद से हो रहे हैं।
■ भारत न सिर्फ मोबाइल फोन का हाई डिमांड वाला देश है, बल्कि भारत बाकी दुनिया की स्मार्टफोन जरूरतों को पूरा करता है।
■ वित्त वर्ष 25 में मोबाइल प्रोडक्शन 5.1 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा, जो इंडिया को एक ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग पावरहाउस बनने में मदद करेगा।
■ यह भारत के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। कहने का मतलब है कि लोकल मैन्युफैक्चरिंग को जोरदार बढ़ावा मिलेगा। ऐसे में देश में नई नौकरियां पैदा होगी। साथ ही अर्थव्यस्था को फायदा मिलेगा। इसके अलावा देश में नई मैन्यफैक्चरिंग सेक्टर खुल सकते हैं।
■ भारत सरकार देश में चिपसेट के साथ एआई चैटबॉट बनाने की दिशा में काम कर रही है। साथ ही स्मार्टफोन के पार्ट मैन्युफैक्चरिंग पर काम किया जा रहा है।
■ भारत में मोबाइल फोन एक्सपोर्ट्स में बड़े ग्रोथ ड्राइवर हैं, जिसमें US मेड इन इंडिया स्मार्टफोन्स के लिए एक अहम मार्केट है। Apple सबसे ज्यादा भारत से मोबाइल फोन का एक्सपोर्ट कर सकता है।
■ वित्त वर्ष के मुकाबले करीब 40 फीसद ज्यादा एक्सपोर्ट की उम्मीद की जा रही है। इन आंकड़ों की मानें, तो iPhone एक्सपोर्ट 1,29,000 करोड़ रुपये को पार कर सकता है। वित्त वर्ष 20-21 में PLI स्कीम शुरू होने के बाद से करीब 680 फीसद की ग्रोथ दर्ज की गई है।वित्त वर्ष 25 में अब तक मोबाइल फोन एक्सपोर 1,50,000 करोड़ रुपये का रहा है। PLI स्कीम के लॉन्च के बाद से भारत में मोबाइल फोन प्रोडक्शन दोगुना हो गया है। वित्त वर्ष 24 में स्मार्टफोन एक्सपोर्ट 2.2 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 4.22 लाख करोड़ रुपये हो गया है।
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विधानसभा में सीएम योगी : भाग – 3
2013 कुम्भ और 2025 के महाकुम्भ की तुलना कर सपा के भ्रष्टाचार को सीएम योगी ने खोली पोल
– महाकुम्भ को लेकर विपक्ष के दुष्प्रचार का सीएम ने दिया सिलसिलेवार जवाब
– कहा, जो लोग 2013 में हुई अव्यवस्थाओं के लिए जिम्मेदार थे, वे आज महाकुम्भ 2025 की आलोचना कर रहे हैं
– कुम्भ 2013 में हुए भ्रष्टाचार और अव्यवस्था पर योगी आदित्यनाथ ने किया तीखा प्रहार
– बोले, तब घाटों पर चेंजिंग रूम भी नहीं थे, ठेकेदारों को पहुंचाया गया अनुचित लाभ, कैग की रिपोर्ट का भी किया उल्लेख
– महाकुम्भ 2025 ने सनातन संस्कृति के गौरव को विश्वस्तर पर किया स्थापित, 2013 में केंद्र और प्रदेश सरकार कर रहे थे आपस में “तू-तू…मैं-मैं”
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को विधानसभा के बजट सत्र के दौरान महाकुम्भ 2025 के दिव्य-भव्य आयोजन और पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में हुए कुम्भ 2013 की अव्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी सरकार के दौरान आयोजित हुए कुम्भ 2013 में हुए भ्रष्टाचार और अव्यवस्था पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि 2013 का कुम्भ प्रशासनिक लापरवाही और अव्यवस्था का शिकार था, जबकि 2025 का महाकुम्भ बेहतर सुविधाओं और सुनियोजित व्यवस्था के साथ आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि जो लोग 2013 में हुई अव्यवस्थाओं के लिए जिम्मेदार थे, वे आज महाकुम्भ 2025 की आलोचना कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2013 में प्रयाग स्टेशन पर हुई भगदड़ के बाद प्रदेश के तत्कालीन मुखिया केद्र सरकार पर तीखे हमले कर रहे थे। केंद्र सरकार से इन्हें पैसा भी नहीं मिल रहा था और जो पैसे खर्च किये गये उनमें बेहिसाब भ्रष्टाचार हुआ। मुख्यमंत्री ने 2014 की कैग की रिपोर्ट का भी उल्लेख किया।
महाकुम्भ 2025 बनाम कुम्भ 2013
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2013 और 2025 के आयोजन की तुलना करते हुए कहा कि कुम्भ की अवधि धार्मिक दृष्टिकोण से निर्धारित होती है और इस बार 45 दिन का आयोजन किया जा रहा है, जबकि 2013 में यह 55 दिनों का था। 2013 में कुम्भ का क्षेत्रफल मात्र 1936 हेक्टेयर (5000 एकड़ से भी कम) था, जबकि इस बार यह 10,000 एकड़ से अधिक क्षेत्र में आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 2013 में कुल 14 सेक्टर बनाए गए थे, जबकि 2025 में इनकी संख्या बढ़ाकर 25 कर दी गई है। पार्किंग क्षेत्र में भी बड़ा सुधार किया गया है, 2013 में 635 हेक्टेयर में पार्किंग व्यवस्था थी, जबकि इस बार इसे 1850 हेक्टेयर तक विस्तारित किया गया है, जिसमें 6 लाख से अधिक चार पहिया वाहनों के लिए पार्किंग क्षेत्र उपलब्ध हो सका है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 2013 में प्रयागराज में कोई पक्का घाट, रिवर फ्रंट या आरओबी नहीं था, जबकि 2019 में 9 आरओबी और 6 अंडरपास बनाए गए। 2025 के आयोजन के लिए 14 फ्लाईओवर, 9 पक्के घाट और 7 रिवर फ्रंट तैयार किए गए हैं। अस्थायी घाटों की लंबाई 2013 में मात्र 4 किलोमीटर थी, जिसे 2025 में बढ़ाकर 12 किलोमीटर कर दिया गया है।
यातायात और परिवहन सुविधाओं में किया गया बड़ा सुधार
सीएम योगी ने बताया कि 2013 में श्रद्धालुओं के लिए शटल बसों की कोई व्यवस्था नहीं थी, जबकि इस बार 550 शटल बसें तैनात की गई हैं। रोडवेज बसों की संख्या 2300 से बढ़ाकर 7000 कर दी गई है। प्रयागराज में बस स्टैंड भी 3 से बढ़ाकर 7 कर दिए गए हैं। सड़क चौड़ीकरण की दिशा में भी बड़ा कार्य किया गया है। उन्होंने बताया कि 2013 में केवल 55 किलोमीटर सड़कों का चौड़ीकरण हुआ था, जबकि 2019 में 125 सड़कें 2 से 4 लेन और 4 से 6 लेन की गईं। 2025 में 200 से अधिक सड़कों को चौड़ा किया गया है।
गंगा और यमुना की स्वच्छता पर दिया गया विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री ने 2013 के दौरान गंगा और यमुना की गंदगी का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय स्थिति इतनी खराब थी कि मॉरीशस के प्रधानमंत्री ने गंगा में डुबकी लगाने से इनकार कर दिया था। उन्होंने बताया कि इस बार 81 नालों को टेप कर 261 एमएलडी सीवर के ट्रीटमेंट की व्यवस्था की गई है। जनवरी और फरवरी माह में संगम नोज पर फीकल कोलीफॉर्म की मात्रा मानक के अनुरूप पाई गई हैं, जोकि ढाई हजार एमपीएन प्रति 100 एमएल से कम है। ये यूपी पॉल्यूशन बोर्ड की रिपोर्ट है। केंद्रीय प्रदूषण बोर्ड ने भी अपनी रिपोर्ट में भी इसे मानक के अनुरूप पाया है। उन्होंने बताया कि यूपी पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड और केंद्रीय प्रदूषण बोर्ड लगातार जल की गुणवत्ता की मॉनीटरिंग कर रहा है और ताजा रिपोर्ट के अनुसार, संगम का जल अब स्नान और आचमन दोनों के योग्य पाया गया है।
तकनीक और डिजिटल सेवाओं का किया गया उपयोग
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार कुम्भ में पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और चैटबॉट्स का उपयोग किया गया है, जोकि 11 भाषाओं में उपलब्ध है। इसके साथ ही डिजिटल एक्सपीरियंस सेंटर स्थापित किया गया है। क्यूआर कोड जारी किए गए हैं और सुरक्षा के लिए 2700 सीसीटीवी कैमरे और 20 ड्रोन लगाए गए हैं।
2013 का कुम्भ : अव्यवस्था और भ्रष्टाचार का अड्डा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2013 के कुम्भ में हुई अव्यवस्थाओं और भ्रष्टाचार का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौरान केंद्र सरकार ने 1141.63 करोड़ रुपये और राज्य सरकार ने 10.57 करोड़ रुपये खर्च किए थे, लेकिन फिर भी 59 प्रतिशत कार्य मेला शुरू होने तक पूरे नहीं हो सके थे। कैग की 2014 की रिपोर्ट के अनुसार, 2013 में जब श्रद्धालु एक तरफ आस्था की डुबकी लगा रहे थे, वहीं प्रशासन भ्रष्टाचार में डूबा हुआ था। उन्होंने बताया कि 2013 में कई ठेकेदारों को करोड़ों रुपये देकर अनुचित लाभ दिया गया, शौचालयों की भारी कमी थी और तकनीकी मंजूरी के बिना करोड़ों रुपये खर्च कर दिए गए। सड़क चौड़ीकरण और मरम्मत के नाम पर बिना परीक्षण के 46.68 करोड़ रुपये जारी किए गए। 2013 में 9 करोड़ 1 लाख रुपये की सामग्री बिना किसी आवश्यकता के खरीदी गई थी। 23 ठेकेदारों को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए करोड़ों रुपये दिए गए थे। शौचालयों की कमी इस हद तक थी कि एक दिन में औसतन 900 लोगों को एक शौचालय का उपयोग करना पड़ा। महिला और पुरुष शौचालयों के बीच कोई दीवार भी नहीं थी। पेयजल की गुणवत्ता की जांच के लिए केवल 9 नलों से नमूने लिए गए थे। घाटों पर न चेंजिंग रूम थे न एंबुलेंस की व्यवस्था की गई थी।
व्यवस्थाओं का हुआ अभूतपूर्व विस्तार
सीएम योगी ने बताया कि 2025 के महाकुम्भ में डेढ़ लाख से अधिक शौचालय, 500 किलोमीटर चेकर्ड प्लेट, 30 पांटून पुल, 2000 चेंजिंग रूम, 125 एंबुलेंस, 7 रिवर एंबुलेंस, 1 एयर एंबुलेंस, 7000 सफाईकर्मी, 2500 गंगा दूत, 5000 कुम्भ सेवा मित्र और 10,000 अन्य कर्मचारियों को व्यवस्थाओं में शामिल किया गया है। सुरक्षा और यातायात के लिए 75,000 से अधिक पुलिस अधिकारी और कर्मचारी तैनात किए गए हैं। महाकुम्भ 2025 में 2700 से अधिक सीसीटीवी कैमरे और 20 ड्रोन कैमरे लगाए गए हैं। शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 1250 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई गई है और जल पुलिस का नया बेड़ा तैनात किया गया है। सिंगल-यूज़ प्लास्टिक पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अस्पतालों में 6000 बेड्स की व्यवस्था की गई है।
केंद्र और राज्य सरकार ने कुल 7500 करोड़ रुपये खर्च किए
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस बार केंद्र और राज्य सरकार ने कुल 7500 करोड़ रुपये खर्च किए हैं, जिसमें महाकुम्भ के आयोजन पर 1500 करोड़ रुपये और प्रयागराज के इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार के लिए शेष राशि खर्च की गई है। उन्होंने बताया कि प्रयागराज में पहले केवल दो एयरोड्रम थे, जिन्हें बढ़ाकर छह कर दिया गया है। अब तक 750 से अधिक फ्लाइट्स, प्लेन और चार्टर एयरक्राफ्ट प्रयागराज में उतर चुके हैं। रेलवे भी इस आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। 3000 से अधिक विशेष ट्रेनें चलाई जा रही हैं। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष, महाप्रबंधक और डीआरएम की टीमें स्थानीय प्रशासन के साथ व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने में जुटी हुई हैं।
महाकुम्भ 2025: भारत की शक्ति का प्रदर्शन
मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकुम्भ 2025 भारत की शक्ति और उत्तर प्रदेश के गौरव का प्रतीक बन रहा है। इस आयोजन में राष्ट्रपति, उद्योगपति, न्यायाधीश, सेलेब्रिटी और आम नागरिक सभी भाग ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुम्भ में आने वाले हर व्यक्ति ने इसकी प्रशंसा की है और यह आयोजन सनातन संस्कृति के गौरव को विश्वस्तर पर स्थापित कर रहा है। योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि वे बेवजह दुष्प्रचार कर रहे हैं, जबकि स्वयं स्नान के लिए महाकुम्भ जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग झूठा प्रचार कर रहे हैं, वे प्रदेश और देश के हित में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि महाकुम्भ 2025 को सफल बनाने के लिए राज्य सरकार और प्रशासन पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। इस आयोजन से उत्तर प्रदेश और भारत की छवि को वैश्विक मंच पर मजबूती मिल रही है।
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विधानसभा में सीएम योगी : भाग – 2
महाकुम्भ का आयोजन सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति का गौरव है- सीएम योगी
– विधानसभा में महाकुम्भ पर विपक्ष के दुष्प्रचार पर जमकर बरसे सीएम योगी
– विपक्ष की भाषा सभ्य समाज के अनुकूल नहीं- सीएम योगी
– महाकुम्भ पर दुष्प्रचार और झूठी अफवाह फैला रहा विपक्ष- सीएम योगी
– सीएम योगी ने कहा- संक्रमित व्यक्ति का उपचार संभव है, लेकिन संक्रमित सोच का उपचार नहीं
– महाकुम्भ के भव्य आयोजन के प्रति प्रतिबद्ध है सरकार, सनातन धर्म का अपमान बर्दाश्त नहीं- मुख्यमंत्री
– सीएम योगी ने अयोध्या और राम मंदिर विरोध पर भी विपक्ष को घेरा
– डबल इंजन सरकार ने प्रदेश का परसेप्शन बदला- योगी
– आज यूपी की छवि विकास, कानून व्यवस्था और संस्कृति के संरक्षण के लिए जानी जाती है- सीएम योगी
लखनऊ। विधानसभा बजट सत्र के दूसरे दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुम्भ को लेकर विपक्ष के आरोपों पर करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष निरंतर महाकुम्भ के आयोजन को लेकर दुष्प्रचार कर रहा है, जबकि यह आयोजन सनातन संस्कृति का गौरव है। सीएम योगी ने विपक्ष के बयानों को सदन में पढ़कर सुनाया और उन्हें कठघरे में खड़ा किया। सीएम योगी ने कहा कि उनकी सरकार महाकुम्भ को ऐतिहासिक बनाने के लिए कृतसंकल्प है। विपक्ष की आलोचनाओं को दरकिनार करते हुए उन्होंने साफ कहा कि यह आयोजन सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति का गौरव है और इसे भव्य रूप से मनाने में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी।
*विपक्ष की भाषा सभ्य समाज के अनुकूल नहीं- सीएम योगी*
सीएम योगी ने कहा कि विपक्ष जिस भाषा का प्रयोग कर रहा है, वह किसी भी सभ्य समाज को शोभा नहीं देती। उन्होंने समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों के नेताओं पर तीखा हमला करते हुए कहा कि ये लोग महाकुम्भ जैसे आयोजन की भव्यता पर सवाल उठाते हैं और समाज में भ्रम फैलाने का प्रयास करते हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष पहले दिन से ही महाकुम्भ का विरोध कर रहा है। अगर वे वास्तव में जनता के हितैषी होते तो इस आयोजन पर चर्चा के लिए सदन में उपस्थित रहते, लेकिन उन्होंने सदन को बाधित किया। जैसे ही महाकुम्भ शुरू हुआ, इन्होंने अफवाहें फैलाना शुरू कर दिया।*महाकुम्भ पर दुष्प्रचार और झूठी अफवाह फैला रहा विपक्ष- सीएम योगी*
सीएम योगी ने कहा कि विपक्ष के नेता अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने महाकुम्भ को लेकर कई गलत तथ्य प्रस्तुत किए और इसे धन की बर्बादी तक करार दिया। उन्होंने विपक्ष के नेताओं के सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट किए गए बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि यह उनके संस्कार और मानसिकता को दर्शाता है। सीएम योगी ने कहा कि किसी भी सभ्य समिति के लिए वह भाषा शोभा नहीं देती है। आप लोगों के अपने संस्कार हो सकते हैं, आप लोगों का अपना व्यवहार हो सकता है, लेकिन कोई सभ्य समाज और कोई सभ्य समिति कभी भी उसको मानता नहीं दे सकती है उन्होंने कहा कि महाकुम्भ कोई नया आयोजन नहीं है, बल्कि यह वैदिक परंपरा से चला आ रहा है। ऋग्वेद, अथर्ववेद और श्रीमद्भागवत महापुराण में भी इसका उल्लेख है। यह आयोजन भारतीय संस्कृति की आत्मा है और इसे संकीर्ण राजनीतिक नजरिए से देखना अनुचित है। सीएम योगी ने कहा कि जैसे ही महाकुम्भ का आयोजन शुरू हुआ विपक्ष द्वारा अफवाह और दुष्प्रचार किया जाने लगा। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने महाकुंभ आयोजन के पहले इस बारे में कहना शुरू किया कि इतना पैसा और इतना विस्तार देने की आवश्यकता क्या है। उनका बयान है कि “हमारी सरकार से अपील है कि बहुत सारे बुजुर्ग जो 65 से 65 साल से और 70 साल से ऊपर के हैं स्नान नहीं कर पाए हैं”, उसके बाद फिर उनके बयान आए। सीएम योगी ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयान के साथ-साथ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के भगदड़ में हजारों लोग मारने वाले बयान, टीएमसी अध्यक्ष ममता बनर्जी द्वारा महाकुम्भ को मृत्युकुम्भ कहे जाने के बयान का जिक्र करते हुए उसकी आलोचना की। सीएम योगी ने कहा कि जया बच्चन कहती हैं कि शवों को गंगा में बहा दिया गया, लालू यादव कहते हैं फालतू है महाकुम्भ। इस प्रकार की गैर जिम्मेदाराना बयान समाजवादी पार्टी, कांग्रेस, आरजेडी और टीएमसी के नेताओं के द्वारा सनातन धर्म के जुड़े हुए सबसे बड़े आयोजन के प्रति दिए गए हैं।*महाकुम्भ के भव्य आयोजन के प्रति प्रतिबद्ध है सरकार- मुख्यमंत्री*
मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकुम्भ को भव्य बनाने के लिए सरकार ने हरसंभव प्रयास किए हैं। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य श्रद्धालुओं को बेहतरीन सुविधाएं उपलब्ध कराना है। प्रयागराज महाकुम्भ में अब तक 56 करोड़ से अधिक श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा चुके हैं। हम इसे ऐतिहासिक बना रहे हैं और इसमें कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि जो लोग शुरू में महाकुम्भ का विरोध कर रहे थे, वे भी अब चुपचाप स्नान करने पहुंचे। उन्होंने कहा कि 2013 में जब समाजवादी पार्टी की सरकार थी, तब इनके नेताओं को प्रयागराज जाने से रोका गया था, लेकिन इस बार वे खुद वहां गए और हमारे द्वारा की गई व्यवस्थाओं की प्रशंसा भी की।*सनातन धर्म का अपमान बर्दाश्त नहीं- सीएम योगी*
सीएम योगी ने कहा कि कुछ विपक्षी नेता महाकुम्भ को ‘मृत्यु कुंभ’ बताकर सनातन धर्म का अपमान कर रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों के नेताओं के बयानों का हवाला देते हुए कहा कि यह सनातन आस्था पर सीधा प्रहार है। उन्होंने कहा, “सनातन धर्म भारत की आत्मा है और इसका सम्मान करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। हमारी सरकार इस परंपरा को भव्यता देने के लिए कृतसंकल्प है।” उन्होंने कहा कि सनातन धर्म की सुरक्षा ही विश्व मानवता की सुरक्षा की गारंटी है। प्रयागराज महाकुम्भ में हर जाति, मत और मजहब के लोग श्रद्धा के साथ पहुंचे हैं। जब क्रिकेटर मोहम्मद शमी तक ने स्नान किया, तो विपक्षी नेता इसका विरोध क्यों कर रहे हैं?*सीएम योगी ने अयोध्या और राम मंदिर विरोध पर भी विपक्ष को घेरा*
सीएम योगी ने कहा कि विपक्ष महाकुम्भ ही नहीं, बल्कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का भी विरोध करता रहा है। उन्होंने कहा कि जब सर्वोच्च न्यायालय ने सर्वसम्मति से राम जन्मभूमि पर फैसला दिया, तब भी समाजवादी पार्टी और कांग्रेस जैसे दलों ने इसका विरोध किया था। उन्होंने कहा कि अयोध्या में रामलला विराजमान हुए, तब भी यही लोग विरोध कर रहे थे। जब हमने प्रस्ताव दिया कि सभी विधायक अयोध्या दर्शन के लिए जाएं, तब समाजवादी पार्टी ने वॉकआउट कर दिया।*डबल इंजन सरकार ने प्रदेश का परसेप्शन बदला- योगी*
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 के पहले उत्तर प्रदेश की छवि नकारात्मक थी, लेकिन डबल इंजन सरकार ने प्रदेश का परसेप्शन बदला है। उन्होंने कहा कि आज यूपी की छवि विकास, कानून व्यवस्था और संस्कृति के संरक्षण के लिए जानी जाती है। महाकुम्भ इसका एक बड़ा उदाहरण है। दुनिया हमें सम्मान की नजरों से देख रही है। उन्होंने विपक्ष को चुनौती देते हुए कहा कि जो लोग महाकुम्भ का विरोध कर रहे हैं, वे अपनी सोच बदलें। उन्होंने कहा कि संक्रमित व्यक्ति का उपचार संभव है, लेकिन संक्रमित सोच का उपचार नहीं किया जा सकता। हमें गर्व है कि यह भव्य आयोजन हमारी सरकार के नेतृत्व में हो रहा है और हम इसे पूरी निष्ठा के साथ संपन्न करेंगे।







