Category: ब्रेकिंग न्यूज़
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पुलिस ने जामा मस्जिद की दीवारों पर ही उपद्रवियों के पोस्टर लगाए
यूपी के संभल में 24 नवंबर को जामा मस्जिद में सर्वे के दौरान मस्जिद के आसपास के इलाके में हिंसा फैलाने वाले उपद्रवियों की पहचान के लिए संभल पुलिस ने जामा मस्जिद की दीवारों पर ही उपद्रवियों के पोस्टर लगाए हैं.
पुलिस टीम की तरफ से कुल 74 उपद्रवियों के पोस्टर लगाए गए हैं. शुक्रवार को एसपी केके बिश्नोई, एएसपी श्रीशचंद्र और सीओ अनुज चौधरी के साथ ही भारी पुलिस फोर्स की मौजूदगी में संभल कोतवाली पुलिस ने उपद्रवियों के पोस्टर चस्पा करने की कार्रवाई की है.
वहीं जमा मस्जिद की दीवारों पर पोस्टर लगाते ही आसपास के इलाकों के लोग भी पोस्ट में दिखने वाले लोगों को देखने के लिए पहुंचने लगे हैं. आपको बता दें कि उपद्रवियों द्वारा हिंसा के दौरान गाड़ियों में आगजनी, तोड़फोड़ और पुलिस टीम पर फायरिंग की गई थी.
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गोरखपुर: डॉक्टर की लापरवाही से महिला की मौत, परिजनों ने की कार्रवाई की मांग

तहरीर गोरखपुर। पीपीगंज थाना क्षेत्र के जंगल कौड़िया स्थित एक निजी अस्पताल में डॉक्टर की लापरवाही के कारण एक महिला की मौत हो गई। पीड़ित पति सुमंत गिरि ने थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
मामला 13 फरवरी 2025 का है, जब गोहरा गांव निवासी सुमंत गिरि अपनी पत्नी रेशमा देवी को इलाज के लिए डॉक्टर प्रभात दीक्षित के अस्पताल लेकर पहुंचे थे। डॉक्टर ने बिना उनकी अनुमति के दोपहर करीब 2:00 बजे ऑपरेशन कर दिया। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर और उनके स्टाफ की लापरवाही तथा अस्पताल में आवश्यक सुविधाओं के अभाव के कारण रात करीब 11:00 बजे महिला की मौत हो गई।
इसके बाद डॉक्टर प्रभात दीक्षित ने मृतका के शव को अपनी निजी गाड़ी से आनंदलोक अस्पताल, गोरखपुर भेज दिया और वहां से फरार हो गए। परिजन जब आनंदलोक अस्पताल पहुंचे, तो उन्हें शव वहीं पड़ा मिला। बाद में, मृतका को एंबुलेंस से सीटी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजन शव को पुनः जंगल कौड़िया स्थित उसी अस्पताल में ले आए, जहां लापरवाही हुई थी।
पीड़ित पति सुमंत गिरि ने डॉक्टर और उनके सहयोगियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए पीपीगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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87 साल के बाद विश्व प्रसिद्ध ग्रंथ का पुनः प्रकाशन प्रारंभ

गोरखपुर। गोरखपुर स्थित विश्व विख्यात गीता प्रेस में 87 साल के बाद अब फिर से श्री कृष्ण लीला दर्शन पुस्तक का प्रकाशन शुरू हो गया है. यह पुस्तक पहली बार 1938 में प्रकाशित हुई थी.इस पुस्तक में भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं को और अधिक प्रभावी तरीके से दिखाया जाए इसके लिए गीता प्रेस ने पहली बार आर्ट पेपर पर रंगीन चित्रों के साथ इस पुस्तक को प्रकाशित किया है.1938 में पहली बार जब इस पुस्तक को प्रकाशित किया गया तब बाजार में इसकी कीमत 2.50 रुपए थी.256 पृष्ठों की इस पुस्तक में श्री कृष्ण की लीलाओं को शब्दों के साथ साथ रंगीन चित्रों के माध्यम से दर्शाया गया हैं.
गीता प्रेस ने अभी श्री कृष्ण लीला दर्शन पुस्तक की 2000 प्रतियां प्रकाशित की है,जिसमें 50 प्रतियां नेपाल भेजी गईं हैं.इस पुस्तक की रचना संत प्रभुदत्त ब्रह्मचारी ने की थी.पहले की श्री कृष्ण लीला दर्शन पुस्तक में केवल लेख थे लेकिन इस बार गीता प्रेस ने शब्दों के साथ साथ चित्र भी दर्शाया गया है,जिससे इसे पढ़ने वाले पाठकों को आनंद मिले. इस पुस्तक में श्री कृष्ण के जन्म से लेकर बाल लीलाओं को चित्रों के माध्यम से भी दिखाया गया हैं. इन पुस्तकों को नेपाल के साथ-साथ भारत में गीता प्रेस के के शाखाओं में भेजा गया है.
गीता प्रेस ने पाठकों की मांग पर पुस्तक को दोबारा प्रकाशन करने का निर्णय लिया है. मीडिया से बात करते हुए गीता प्रेस के मैनेजर लाल मणि तिवारी ने बताया कि इस पुस्तक को दोबारा पाठकों के लिए लाया गया है इसमें पाठक शब्दों के साथ-साथ कृष्ण लीला को चित्र के माध्यम से समझ सकेंगे . उन्होंने बताया कि इससे पहले भी इस पुस्तक को प्रकाशित किया गया था दोबारा पाठकों की मांग होने पर इसे प्रकाशित किया गया है.
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बड़हलगंज के पुराने सरयू पुल पर भारी वाहनों का प्रवेश बंद
ब्यूरो प्रभारी —-विनय तिवारी
बड़हलगंज/ गोरखपुर (निष्पक्ष टुडे) : बड़हलगंज-दोहरीघाट सरयू नदी पर बने पुराने पुल पर भारी वाहनो के आवागमन पर मंगलवार की रात से भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। पटना चौराहे पर ही सड़क पर बड़े-बड़े पत्थर रख कर बड़े वाहनों को रोककर डायवर्ट किया जा रहा है।
बड़े वाहनो पर रोक लगने के बाद यात्री काफी परेशान है। सर्वाधिक परेशानी सरकारी बस से यात्रा करने वाले यात्रियों को हो रही है। बस चालक यात्रियों को बाइपास पर ही उतारकर आगे चले जा रहे है। जिससे यात्रियो को महिलाओं व बच्चो को लेकर बस स्टेशन तक चार किमी की पैदल ही तय करनी पड़ रही है। हालाकि दिसंबर में लगभग 20 दिन तक पुल की मरम्मत का का कार्य हुआ था। बताया जाता है कि पुराने सरयू पुल के 13 पीलरो के बेयरिंग को बदला गया। किन्तु उसके सड़क की मरम्मत नही हो पायी थी। बता दे कि दोहरीघाट की तरफ से आने वाले सरकारी बस को अब बड़हलगंज बस स्टेशन पर आने के लिए कुरांव फोरलेन के पास से घुम कर बड़हलगंज बस स्टेशन पर आना पड़ेगा। वही गोरखपुर से वाराणसी, आजमगढ़, प्रयागराज या बलिया जाने के लिए बड़हलगंज बस स्टेशन पर आकर फिर कुरांव फोरलेन पकड़कर आगे की यात्रा करनी पड़ेगी। मंगलवार की देर शाम वाराणसी से गोरखपुर जा रहे बस के कन्डक्टर ने यात्रियो को कुरांव के पास ही उतार दिया। जिससे यात्रियों को लगभग 04 किमी पैदल चलना पड़ा।
इस संबंध मे एआरएम अशोक सिंह ने कहा कि अभी अधिकृत रुप से सूचना नही मिली है। जैसे ही सूचना मिलेगी विकल्प तैयार किया जायेगा।
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अमेरिकी दौरे से पहले PM मोदी के विमान पर हमले की धमकी, मुंबई पुलिस की हिरासत में संदिग्ध
अमेरिकी दौरे से पहले PM मोदी के विमान पर हमले की धमकी, मुंबई पुलिस की हिरासत में संदिग्ध,
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विमान पर अटैक की धमकी मिली है। मुंबई पुलिस कंट्रोल रूम में एक कॉल आई जिसमें चेतावनी दी कि आतंकवादी प्रधानमंत्री मोदी के विमान पर हमला कर सकते हैं।
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साल का पहला सूर्य ग्रहण कब लग रहा है ?
साल का पहला सूर्य ग्रहण कब लग रहा है ? जानें तिथि और सूतक काल, भारत में दृष्य होगा या नहीं साल 2025 का पहला सूर्य ग्रहण 29 मार्च को घटित होगा. सूर्य ग्रहण एक खगोलीय घटना है जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच से गुजरता है जिससे सूर्य की रोशनी पूरी तरह या आंशिक रूप से अवरुद्ध हो जाती है.यह घटना केवल अमावस्या के दिन ही हो सकती है जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच एक सीधी रेखा में होता है.
सूर्य ग्रहण: एक खगोलीय चमत्कार: 29 मार्च को होने वाला सूर्य ग्रहण आंशिक होगा. इसका मतलब है कि चंद्रमा सूर्य के केवल एक हिस्से को ही ढकेगा जिससे सूर्य एक चमकदार ‘C’ आकार का दिखाई देगा. भारतीय समयानुसार यह ग्रहण दोपहर 2 बजकर 20 मिनट पर शुरू होगा और शाम 6 बजकर 13 मिनट पर खत्म होगा.
सूर्य ग्रहण और धार्मिक मान्यताएं: विभिन्न संस्कृतियों में सूर्य ग्रहण से जुड़ी कई मान्यताएं प्रचलित हैं. कुछ संस्कृतियों में इसे अशुभ माना जाता है, जबकि कुछ में इसे एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना के रूप में देखा जाता है. हिंदू धर्म में सूर्य ग्रहण को अशुभ माना जाता है और इस दौरान कोई भी शुभ कार्य करने से परहेज किया जाता है.
सूर्य ग्रहण को कैसे देखें: सूर्य ग्रहण को सीधे नंगी आंखों से देखना खतरनाक हो सकता है. इससे आंखों को गंभीर नुकसान हो सकता है यहां तक कि अंधापन भी हो सकता है. सूर्य ग्रहण को देखने के लिए हमेशा विशेष फिल्टर और ग्रहण चश्मा का उपयोग करें.
सूर्य ग्रहण का वैज्ञानिक महत्व: सूर्य ग्रहण वैज्ञानिकों के लिए सूर्य और उसके बाहरी वायुमंडल का अध्ययन करने का एक अनूठा अवसर प्रदान करते हैं. इसके अलावा यह खगोलीय घटना आइंस्टीन के सामान्य सापेक्षता के सिद्धांत का परीक्षण करने में भी महत्वपूर्ण रही है.
29 मार्च को होने वाला आंशिक सूर्य ग्रहण एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना है. भले ही यह भारत में दिखाई नहीं देगा लेकिन यह खगोल विज्ञान में रुचि रखने वालों के लिए एक रोमांचक अवसर है. सूर्य ग्रहण अपनी वैज्ञानिक महत्ता के साथ-साथ धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व भी रखती है. यह हमें ब्रह्मांड की विशालता और उसकी जटिलताओं का एहसास कराती है. इस अद्भुत घटना को सुरक्षित रूप से देखना और इसके बारे में अधिक जानना हमारे ज्ञान और समझ को बढ़ाता है।
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ऑन ड्यूटी वर्दी में रिश्वत लेता दरोगा गिरफ्तार
ऑन ड्यूटी वर्दी में रिश्वत लेता दरोगा गिरफ्तार,
मुजफ्फरपुर के सरैया थाना के दरोगा रोशन कुमार सिंह 75 हजार रुपये घूस लेते हुए पकड़े गये। अच्छी बात यह है कि जिस खाकी पर उनका परिवार शान करता होगा, उसी खाकी में वीरता का यह कार्य किया है।
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लखनऊ में 14 लाख के मोबाइल बरामद
लखनऊ में 14 लाख के मोबाइल बरामद,
लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन जीआरपी टीम ने 75 मोबाइल बरामद किए है।
इनकी अनुमानित कीमती करीब 14 लाख रुपए है।मोबाइलों को उनके मालिकों को सौंप दिया गया।
जीआरपी इंस्पेक्टर ने बताया कि रेलवे स्टेशन परिसर और ट्रेनों से गायब हुए मोबाइल के शिकायत के आधार पर विशेष अभियान चलाया गया था।
उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपद और अन्य राज्यों से गुम हुए 75 मोबाइल बरामद किए गए हैं।
मोबाइल स्वामियों को जीआरपी थाना चारबाग बुलाकर आवश्यक कागजात की जांच के बाद सौंप दिया गया।
उन्होंने बताया कि जो लोग जीआरपी थाने नहीं आ पए उनके मोबाइल घर भेजे जाएंगे।
खोया हुआ मोबाइल प्रकार लोगों ने जीआरपी टीम को धन्यवाद दिया।
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गुमशुदा की तलाश में मददगार बने
गुमशुदा की तलाश में मददगार बने,

नाम : रजनी निषाद (लेईया)
पिता : श्री भगवान दास निषादउम्र : 28 वर्ष
रंग : सांवला, दुबली पतली
पहनावा : ग्रे जैकेट टोपी वाला, काला पैजामा, गुलाबी स्वेटर
पहचान : दिमागी सन्तुलन ठीक नहीं है।
हाईट : 4 फिट (स्पष्ट रूप से बोलने में असमर्थ) दिनांक 25 जनवरी 2025, शनिवार को गोरखपुर रेलवे स्टेशन गेट नं0-1 के सामने से सायं 4.30 बजे से लापता है। सूचित करने वाले को आने-जाने का खर्चा एवं उचित इनाम दिया जायेगा ।
प्रार्थी :भगवान दास निषाद,
म०नं0-140, बिछिया जंगल तुलसीरामP.A.C. कैम्प, गोरखपुर
मो0-8127266081, 8840009301













