Category: ब्रेकिंग न्यूज़

  • महाकुंभ मेला क्षेत्र में फिर लगी आग,टेंट से उठीं ऊंची लपटें, फायर ब्रिगेड की टीम ने आग पर पाया काबू

    महाकुंभ मेला क्षेत्र में फिर लगी आग,टेंट से उठीं ऊंची लपटें, फायर ब्रिगेड की टीम ने आग पर पाया काबू

    महाकुंभ मेला क्षेत्र में फिर लगी आग,टेंट से उठीं ऊंची लपटें, फायर ब्रिगेड की टीम ने आग पर पाया काबू,

    प्रयागराज।महाकुंभ मेला क्षेत्र में शुक्रवार को एक बार फिर आग लग गई।इस बार आग हरिहरानंद के टेंट में लगी।टेंट से ऊंची लपटें उठती हुई दिखाई दी।मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने आग पर काबू पा लिया है।

    शंकराचार्य मार्ग स्थित सेक्टर 18 में लगी आग,

    महाकुंभ मेला क्षेत्र के शंकराचार्य मार्ग स्थित सेक्टर 18 में आग लगी।टेंट में आग की लपटे उठती हुई दिखाई दी।जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचकर फायर ब्रिगेड की टीम ने तुंरत ही आग पर काबू पाया।मेला क्षेत्र में आग लगने की घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है।

    आग लगने के कारणों का लगाया जा रहा पता,

    पुलिस ने बताया कि मौके पर पहुंची दमकल की गाड़ियों ने आग पर काबू पा लिया है।खाक चौक थाना के प्रभारी निरीक्षक योगेश चतुर्वेदी ने कहा कि ओल्ड जीटी रोड पर तुलसी चौराहे के पास एक शिविर में आग लग गई है। हालांकि अग्निशमनकर्मी आग बुझाने में लगे हैं और काफी हद तक उस पर काबू पा लिया गया है। थाना प्रभारी ने कहा कि मौके पर अग्निशमन विभाग के अधिकारी भी पहुंच गए हैं। आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है।

  • घूस लेते पकड़ा गया असिस्टेंट कमिश्नर, विजिलेंस टीम ने 15 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा

    घूस लेते पकड़ा गया असिस्टेंट कमिश्नर, विजिलेंस टीम ने 15 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा

    ऑफिस से 2.3 लाख कैश मिला,

    मुरादाबाद। मुरादाबाद में सहायक आयुक्त औषधि घूस लेते पकड़े गए। विजिलेंस बरेली की टीम ने सहायक आयुक्त औषधि मनु शंकर को उनके कार्यालय से रंगे हाथ रिश्वत लेते पकड़ा है। विजिलेंस टीम के अनुसार सहायक आयुक्त औषधि मनु शंकर मेडिकल स्टोर का लाइसेंस देने की एवज में 35 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। विजिलेंस अधिकारियों का कहना है कि मनु शंकर एक व्यक्ति से मेडिकल स्टोर का लाइसेंस जारी करने की एवज में 35 हजार रुपए की डिमांड कर रहे थे। उन्होंने दो किश्तों में ये रकम मांगी थी।

    पहली किश्त में 15 हजार और दूसरी किश्त में 20 हजार रुपए,

    मुरादाबाद में सहायक आयुक्त औषधि घूस लेते पकड़े गए। विजिलेंस बरेली की टीम ने सहायक आयुक्त औषधि मनु शंकर को उनके कार्यालय से रंगे हाथ रिश्वत लेते पकड़ा है। विजिलेंस टीम के अनुसार सहायक आयुक्त औषधि मनु शंकर मेडिकल स्टोर का लाइसेंस देने की एवज में 35 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी।

    विजिलेंस अधिकारियों का कहना है कि मनु शंकर एक व्यक्ति से मेडिकल स्टोर का लाइसेंस जारी करने की एवज में 35 हजार रुपए की डिमांड कर रहे थे। उन्होंने दो किश्तों में ये रकम मांगी थी। पहली किश्त में 15 हजार और दूसरी किश्त में 20 हजार रुपए देने थे। शिकायतकर्ता ने घूस की रकम तय करने के बाद विजिलेंस एसपी बरेली से मामले की शिकायत की। जिसके बाद विजिलेंस ने सहायक आयुक्त को ट्रैप करने का प्लान तैयार किया।

    विजिलेंस अधिकारियों का कहना है कि सहायक आयुक्त औषधि के कार्यालय से 1.3 लाख रुपए बरामद हुए हैं। ये रकम रंगे हाथ पकड़ी गई घूस की रकम 15 हजार से अलग है। इसके अलावा उनके कार्यालय से 1-1 लाख रुपए से भरे दो लिफाफे भी मिले हैं।

    माना जा रहा है कि ये भी घूस की रकम है। इस रकम के बारे में भी सहायक आयुक्त कुछ नहीं बता सके। इस मामले में विजिलेंस की टीम उनसे पूछताछ कर रही है। विजिलेंस अधिकारियों का कहना है कि औपचारिकता पूरी करने के बाद इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।

  • जिलाधिकारी ने 10 एसडीएम 3 तहसीलदार का किया तबादला

    जिलाधिकारी ने 10 एसडीएम 3 तहसीलदार का किया तबादला

    गोरखपुर। डीएम कृष्णा करुणेश ने जिले के दस एसडीएम और एएसडीएम के अलावा तीन तहसीलदारों का कार्यक्षेत्र बदल दिया है। इस संबंध में बुधवार को आदेश जारी करने के साथ ही डीएम ने सभी को तत्काल कार्यभार संभालने का निर्देश दिया है।

    आदेश के मुताबिक, सहायक कलेक्टर प्रशिक्षण शिशिर कुमार सिंह को कैंपियरगंज का एसडीएम बनाने के साथ ही एसडीएम न्यायिक का भी कार्यभार सौंपा गया है। इसी तरह कैंपियरगंज के एसडीएम रोहित मौर्या को चौरीचौरा और चौरीचौरा के एसडीएम प्रशांत वर्मा को गोला का नया एसडीएम की जिम्मेदारी दी गई है। एसडीएम न्यायिक चौरीचौरा प्रदीप सिंह को बांसगांव का एसडीएम बनाया गया है।

    इसी तरह एसडीएम न्यायिक गोला व खजनी राजेश प्रताप सिंह को एसडीएम खजनी, एसडीएम बांसगांव केएन तिवारी को अपर नगर मजिस्ट्रेट द्वितीय के साथ ही जीडीए से भी संबद्ध किया गया है। वहीं एसडीएम खजनी कुंवर सचिन सिंह को एएसडीएम सदर, एसडीएम न्यायिक सहजनवां आरती साहू का एसडीएम न्यायिक चौरीचौरा, एएसडीएम सदर व एसीएम द्वितीय सिद्धार्थ पाठक को एसडीएम न्यायिक खजनी व गोला तथा एसडीएम गोला राजू कुमार को एसडीएम न्यायिक बांसगांव व सहजनवां पद पर तैनात किया गया है। तबादले के क्रम में गोला के तहसीलदार बृज मोहन शुक्ला को बांसगांव, बांसगांव के तहसीलदार नरेंद्र कुमार को खजनी और खजनी के तहसीलदार कृष्ण गोपाल त्रिपाठी को गोला का तहसीलदार बनाया गया है।

  • भ्रामक प्रचार का खण्डन, उपनिरीक्षक की मृत्यु महाकुंभ भगदड़ में नहीं

    भ्रामक प्रचार का खण्डन, उपनिरीक्षक की मृत्यु महाकुंभ भगदड़ में नहीं

    न्यूज/महाकुम्भ नगर : कतिपय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से यह भ्रामक कथन प्रचारित किया जा रहा है कि कुंभ मेला क्षेत्र में भगदड़ के कारण घायल होने से उपनिरीक्षक श्री अंजनी कुमार राय की मृत्यु हो गई थी।

    उक्त संदर्भ में अवगत कराना है कि श्री अंजनी कुमार राय की ड्यूटी भीड़ के दबाव वाले स्थान पर नहीं थी। दिनांक 30-01-2025 को ड्यूटी के दौरान इनकी अचानक तबीयत खराब होने पर इन्हें इलाज हेतु अस्पताल लाया गया था, जहां चिकित्सकों द्वारा इन्हें मृत घोषित कर दिया गया। श्री अंजनी कुमार राय की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार इनकी मृत्यु हार्ट अटैक के कारण होना पाया गया।
    अतः भगदड़ में घायल होने के कारण इनकी मृत्यु होने सम्बन्धी कथन पूर्णतया असत्य है।
    उप निरीक्षक श्री अंजनी कुमार राय के दुःखद निधन से समस्त उ0प्र0 पुलिस परिवार मर्माहत है।
    दिवंगत उ0नि0 को सद्गति व उनके परिजनों/प्रियजनों के संबल हेतु हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं।

    शत् शत् नमन ।

  • पीएम ने किया प्रयागराज महाकुंभ में पवित्र स्नान

    पीएम ने किया प्रयागराज महाकुंभ में पवित्र स्नान

    पीएम मोदी 5 फरवरी को आयेगे प्रयागराज, महाकुंभ में करेंगे पवित्र स्नान,

    पीएम मोदी पांच फरवरी को सुबह लगभग 10 बजे प्रयागराज एयरपोर्ट पहुंचेंगे।

     वह प्रयागराज एयरपोर्ट से से डीपीएस हैलीपैड पहुंचेंगे, जहां से वह 10.45 पर अरेल घाट जाएंगे. वह अरेल घाट पर नाव के जरिए महाकुंभ पहुंचेंगे।

     प्रयागराज में संगम पर सुबह 11 बजे वह पवित्र स्नान करेंगे।

     महाकुंभ मेले में 11 से 11.30 बजे का समय प्रधानमंत्री के लिए आरक्षित है।

     पीएम मोदी पवित्र स्नान के बाद 11.45 पर बोट के जरिए अरेल घाट लौटेंगे।

    यहां से वह डीपीएस हैलीपैड होते हुए प्रयागराज एयरपोर्ट पहुंचेंगे. पीएम मोदी दोपहर 12.30 बजे वायुसेना के विमान से प्रयागराज से लौट जाएंगे।

  • मथुरा की डीपीआरओ गिरफ्तार

    मथुरा की डीपीआरओ गिरफ्तार

    मथुरा की DPRO किरण चौधरी रिश्वत लेते गिरफ्तार, लखनऊ की विजिलेंस टीम ने घर से पकड़ा, गाड़ी में बैठाकर ले गई।

  • मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में एमएलसी ध्रुव त्रिपाठी की बहू की हुई थी मौत, जांच रिपोर्ट के बाद हुई कार्रवाई

    मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में एमएलसी ध्रुव त्रिपाठी की बहू की हुई थी मौत, जांच रिपोर्ट के बाद हुई कार्रवाई

    जुलाई 2023 में बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में एमएलसी ध्रुव त्रिपाठी की बहू की हुई थी मौत, मंडलायुक्त ने की थी जांच, रिपोर्ट के बाद हुई कार्रवाई

    एमएलसी की बहू की मौत में गायनी की डॉ. रूमा दोषी, वेतन वृद्धि रुकी।

    सात महीने की गर्मवती थीं चंदा त्रिपाठी, घबराहट और सांस लेने में हो रही थी तकलीफ

     मेडिकल कॉलेज के विभाग में घूमते रहे तीमारदार, नहीं मिला था इलाज,

    – सदन तक उठा था मामला, तब एक्शन में आई सरकार

    – जांच में मिली लापरवाही

    गोरखपुर, वरिष्ठ संवाददाता। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में *एमएलसी ध्रुव त्रिपाठी की बहू की मौत* के मामले में मंडलायुक्त की जांच रिपोर्ट के बाद शासन ने गायनी की *प्रोफेसर डॉ. रूमा सरकार* को दोषी माना है।

    उन्हें कर्तव्य में लापरवाही का दोषी मानते हुए दो वेतन वृद्धि रोक दी है।

    डॉ. रूमा सरकार इस समय गायनी की विभागाध्यक्ष भी हैं। जांच में तत्कालीन इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर *डॉ. एके श्रीवास्तव* के अलावा *तीन रेजिडेंट* को भी दोषी माना गया है।

    हालांकि इन रेजिडेंट के खिलाफ किसी भी कार्रवाई की सिफारिश नहीं हुई है।

    मामला *22 जुलाई 2023* का है।

    सिद्धार्थनगर के रहने वाले विधान परिषाद सदस्य ध्रुव त्रिपाठी की बहू चंदा त्रिपाठी शादी के 15 साल बाद आईवीएफ की मदद से सात महीने की गर्भवती थीं।गर्भमें जुड़वा बच्चे थे।

    22 जुलाई की सुबह करीब सवा नौ बजे परिजन *चंदा त्रिपाठी* को गंभीर हालत में लेकर बीआरडी पहुंचे।

    परिजन ट्रामा सेंटर गए तो कर्मचारियों ने सुपर स्पेशियलिटी में बने कार्डियोलॉजी में भेज दिया।

    जहां हृदयरोग विशेषज्ञ ने जांच कर वापस ट्रामा सेंटर भेजा।एक बार फिर ट्रामा सेंटर से

    स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की ओपीडी भेजा गया। वहां से डॉक्टरों ने मेडिसिन विभाग में रेफर कर दिया गया।

    करीब दो घंटे तक मरीज को लेकर परिजन एक विभाग से दूसरे विभाग दौड़ लगाते रहे। करीब सवा 11:00 बजे मरीज की मौत हो गई।

    *सदन तक उठा था मामला, तब एक्शन में आई सरकार*

    एमएलसी ने बीआरडी मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शासन से लेकर सदन तक में मामले को उठाया।

    शासन ने इस मामले में तत्कालीन मंडलायुक्त को जांच सौंपी थी। इससे पहले तीन विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने जांच की थी।

    विशेषज्ञों ने माना था कि मरीज को *प्री एक्लेम्प्सिया* के लक्षण थे।यह गायनी विभाग का मामला होता है।

    उस टीम के रिपोर्ट में भी डॉ. एके श्रीवास्तव और डॉ. रूमा सरकार को जिम्मेदार माना गया था।

    *जांच में मिली लापरवाही*

    शासन की ओर से जारी जांच रिपोर्ट में चंदा त्रिपाठी की मौत में डॉक्टरों की सीधी लापरवाही मिली है।

    रिपोर्ट के मुताबिक सबसे ज्यादा लापरवाही डॉ. रूमा सरकार की रही।

    मरीज को देखकर उन्होंने पर्चे पर लिख दिया कि गायनी इंटरवेंशन की जरूरत नहीं है। जबकि मरीज को प्री एक्लेम्प्सिया के स्पष्ट लक्षण थे।

    रिपोर्ट में मेडिसिन के दो रेजिडेंट के पर भी सवाल उठाए गए हैं। तत्कालीन इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉ. एके श्रीवास्तव की भी लापरवाही मानी गई है।

    वह घटना के दिन अवकाश पर चले गए थे। लेकिन किसी को रिलीवर नहीं नियुक्त किया।

    “शासन से एक रिपोर्ट आई है। उसे देखा जा रहा है। जैसा शासन का निर्देश होगा, उसका पालन किया जाएगा।” – डॉ. राम कुमार जायसवाल, प्राचार्य, बीआरडी मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर।

  • जिले में फूड विभाग ने चार ब्रांडेड कंपनियों के कुछ उत्पादों के बिक्री पर लगाई रोक

    गोरखपुर। उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चार ब्रांडेड कंपनियों के कुछ बैच के खाद्य उत्पादों की बिक्री पर प्रदेशभर में प्रतिबंध लगा दिया गया है। असिस्टेंट फूड कमिश्नर डॉ सुधीर कुमार सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि संबंधित बैच के प्रोडक्ट बाजार में नहीं बेचे जा सकेंगे। यदि कोई व्यापारी इन प्रतिबंधित उत्पादों की बिक्री करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने उपभोक्ताओं से भी अपील की है कि वे प्रतिबंधित बैच के उत्पाद न खरीदें और संदिग्ध उत्पादों की जानकारी तुरंत संबंधित विभाग को दें।
    असिस्टेंट फूड कमिश्नर डॉ. सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन लखनऊ से निर्देश प्राप्त हुआ है कि चार ब्रांडेड कंपनी के प्रोडक्ट जिसमें आपके फूड इंडस्ट्रीज राधा नगर मुगल रोड आगरा से हींग प्रोडक्ट को unsafe पाया गया है, राहुल ब्रांड शाहजहांपुर का हल्दी पाउडर, हंस ब्रांड मऊ का घी, बिंद फ़ूड इंडस्ट्रीज का शाही मंसूर नमकीन को unsafe पाया गया है इस बैच के जितने भी प्रोडक्ट बाजार में उपलब्ध है उन पर बैन लगाया गया है दुकानदारों को जागरूक किया जा रहा है कि वह इस बैच के प्रोडक्ट को ना बेचे, सूचना देने के बाद भी अगर कोई इन प्रोडक्ट को बेचता दे पाया गया तो वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

  • स्टाम्प वादों की समाधान योजना: स्टाम्प वादों से मुक्ति का सुनहरा अवसर

    स्टाम्प वादों की समाधान योजना: स्टाम्प वादों से मुक्ति का सुनहरा अवसर

    स्टाम्प वादों की समाधान योजना: स्टाम्प वादों से मुक्ति का सुनहरा अवसर,

    गोरखपुर में स्टाम्प वाद समाधान योजना लागू, 31 मार्च 2025 तक उठाएं लाभ,

    गोरखपुर। स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग, जनपद गोरखपुर ने स्टाम्प वादों के शीघ्र निस्तारण के लिए एक विशेष “स्टाम्प वाद समाधान योजना” लागू की है। इस योजना के तहत नागरिकों को मात्र ₹100 के आर्थिक दंड के साथ अपने स्टाम्प वादों का निपटारा करने का सुनहरा अवसर दिया जा रहा है।

    क्या है स्टाम्प वाद समाधान योजना?

    स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग द्वारा घोषित इस योजना के तहत स्टाम्प की कमी एवं उस पर लगने वाले ब्याज की राशि का भुगतान कर मात्र ₹100 अर्थदंड जमा करके स्टाम्प वाद से मुक्ति पाई जा सकती है। यह योजना 31 मार्च 2025 तक प्रभावी रहेगी, जिसके बाद इस विशेष राहत का लाभ नहीं लिया जा सकेगा।
    इस योजना का लाभ उन नागरिकों को मिलेगा जिनके नाम पर स्टाम्प वाद लंबित हैं। विशेष रूप से वे लोग, जिन्होंने स्टाम्प ड्यूटी का पूर्ण भुगतान नहीं किया है या जिनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई चल रही है, वे इस अवसर का लाभ उठाकर अपने मामलों का त्वरित समाधान कर सकते हैं।

    “गोरखपुर के उपमहानिरीक्षक स्टाम्प के द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार।”

  • लखनऊ के सनतकदा संस्था के कार्यक्रम में लगी आग, बड़ा हादसा टला, जांच में जुटा प्रशासन

    लखनऊ के सनतकदा संस्था के कार्यक्रम में लगी आग, बड़ा हादसा टला, जांच में जुटा प्रशासन

    लखनऊ, 3 फरवरी :  लखनऊ के कैसरबाग स्थित सलेमपुर हाउस में आयोजित सनतकदा संस्था के कार्यक्रम में सोमवार को अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। स्टॉल में रखे LPG सिलेंडर से तेज लपटें निकलने के कारण पूरे पंडाल में आग फैल गई। हालांकि, फायर विभाग की टीम ने समय रहते आग पर काबू पा लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

    घटना के समय कार्यकम में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। जैसे ही आग भड़की, वहां मौजूद लोगों में दहशत फैल गई और भगदड़ मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, स्टॉल में अचानक आग की तेज लपटें उठने लगीं, जिससे कुछ ही पलों में पूरा पंडाल चपेट में आ गया।

    *फायर स्टेशन ऑफिसर ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि –*

     “हमें सूचना मिलते ही टीम तुरंत मौके पर पहुंची। आग पर जल्द ही काबू पा लिया गया, जिससे कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। घटना के पीछे LPG सिलेंडर द्वारा तैयार की जा रही खाद्य सामग्री के चलते तेज गति से निकली आग ने पंडाल को चपेट में ले लिया, फिलहाल कोई जनहानि नहीं हुई है।”

    इस घटना के बाद आयोजन की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि फायर NOC (No Objection Certificate) ली गई थी या नहीं। प्रशासन ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है और आयोजकों से स्पष्टीकरण मांगा जा सकता है।

    हालांकि इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन यह आयोजन में सुरक्षा मानकों की अनदेखी को दर्शाता है। ऐसे आयोजनों में गैस सिलेंडर और अन्य ज्वलनशील सामग्रियों की सख्त जांच होनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।

    फिलहाल, फायर विभाग मामले की जांच में जुटा है और जल्द ही घटना की पूरी रिपोर्ट सामने आने की संभावना है।