लखनऊ ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :–
बढ़ती ठंड को लेकर यूपी सीएम योगी ने सभी 12वी तक के स्कूलों को 5 जनवरी तक बंद करने के निर्देश दिये,ICSE,CBSE, UP इत्यादि बोर्ड के सभी स्कूलों को 5 जनवरी तक बंद करने के दिए निर्देश दिया।

बढ़ती ठंड को लेकर यूपी सीएम योगी ने सभी 12वी तक के स्कूलों को 5 जनवरी तक बंद करने के निर्देश दिये,ICSE,CBSE, UP इत्यादि बोर्ड के सभी स्कूलों को 5 जनवरी तक बंद करने के दिए निर्देश दिया।



नेहा शर्मा प्रभारी महानिरीक्षक निबंधन से बनी महानिरीक्षक निबंधन उत्तर प्रदेश
मोनिका रानी प्रभारी महानिदेशक स्कूल शिक्षा से बनी महानिदेशक स्कूल शिक्षा
दिव्य प्रकाश गिरि बने सचिव लोक निर्माण विभाग उत्तर प्रदेश
कुमार प्रशांत बने सचिव गृह विभाग उत्तर प्रदेश

“बड़ी खबर!”
१. एक तो भारत जापान को पछाड़कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश बन गया है..!
२. वहीं दूसरी तरफ भारत को 1 जनवरी, 2026 से ब्रिक्स की अध्यक्षता मिल गई है।
नेशनल डेस्क निष्पक्ष टुडे :-




नेशनल डेस्क निष्पक्ष टुडे :-
नेहरू – अटल से भी आगे मोदी!!
१. PM मोदी भारत के पहले ऐसे प्रधानमंत्री बने, जिन्होंने न केवल सबसे ज्यादा देशों का सर्वोच्च सम्मान हासिल किया बल्कि…
२. वह पहले पीएम हैं, जिन्होंने सबसे ज्यादा बार दूसरे देशों में संसद को संबोधित किया है।
“कांग्रेस पार्टी के नेता, भारतीय पीएम अब तक कुल मिलाकर 17 बार विदेशी संसद में संबोधन दे चुके थे।”
PM मोदी कुल मिलाकर 18 बार दूसरे देशों में संसद को संबोधित किया है।

१. बलूचिस्तान लिब्रेशन फ्रंट (बीएलएफ) ने कई हमलों में पाकिस्तानी सेना के 10 जवानों को मार गिराने का दावा किया है।
२. बीएलएफ ने कहा कि उसके लड़ाकों ने झाओ, बरखान, तुम्प और तुरबत में कई हमले किए।
“बीएलएफ के मुताबिक, घात लगाकर किए गए हमले में पैदल गश्ती दल, बम निरोधक इकाई और एक पिकअप वाहन को निशाना बनाया गया था।”


बच्चो के यौन शोषण के मामले में संरक्षण देने वाले पॉक्सो एक्ट जैसे अहम क़ानून के मर्म को समझने में दिल्ली HC ने भूल की। कोर्ट ने इस कानून के मकसद और भावना को ध्यान में नहीं रखा। POCSO एक्ट के सेक्शन 5(सी) को ठीक से और समग्र रूप से देखा जाए तो यह बात साफ हो जाती है कि इसमे पब्लिक सर्वेट का मतलब हर उस शख्श से है, जो अपनी शक्ति, पद, अधिकार या हैसियत (चाहे वह राजनीतिक हो या किसी और तरह की)उसका गलत इस्तेमाल करते हैं।
विधायक (अपराध के वक्त कुलदीप सेंगर का पद) भी संवैधानिक है। इस पद के साथ जहां शक्ति हासिल है, वही जनता का विश्वास भी जुड़ा है। समाज और राज्य के प्रति इस पद की अपनी जिम्मेदारी होती है। ऐसे में POCSO एक्ट के तहत सेंगर को ‘पब्लिक सर्वेट’ न मानना ग़लत है। CBI ने कहा है कि यदि सेंगर को रिहा किया जाता है तो यह पीड़ित की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा होगा। सेंगर बेहद प्रभावशाली व्यक्ति है, जिसके पास धन और बाहुबल है।
ज़मानत मिलने की सूरत में वह अब भी पीड़ित और उसके परिवार को नुकसान पहुँचा सकता। बच्चों के साथ यौन शोषण जैसे गम्भीर अपराध में सिर्फ जेल में लंबा वक़्त गुजराने के चलते कोई ज़मानत का हक़दार नहीं हो जाता। उम्रकैद की सज़ा पाए शख्श की सज़ा निलंबित करने का फैसला तभी दिया जा सकता है , जब कोर्ट पहली नज़र में इस तथ्य को लेकर सन्तुष्ट हो कि आरोपी का उस केस में दोष ही नहीं बनता। कोर्ट ने कुलदीप सेंगर के आपराधिक इतिहास और इस फैसले के चलते लोगों के न्यायिक व्यवस्था में भरोसे पर पड़ने वाले असर को नज़रंदाज़ किए।