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देशभक्ति की जोशीली मिसाल, BSF ने हमेशा देश का सम्मान बनाए रखा है और अपने पक्के इरादे और मज़बूत बहादुरी से नागरिकों की भलाई की रक्षा की है। देशभक्ति की जो कभी न खत्म होने वाली लौ उन्होंने अपनी कुर्बानी देकर जलाए रखी है, वह भारतीयों की पीढ़ियों को रास्ता दिखाती रहेगी।
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उन बहादुरों को सलाम जिन्होंने ड्यूटी के दौरान अपनी कुर्बानी दी।
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“अमित शाह”।
Category: ब्रेकिंग न्यूज़
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BSF के जवानों और उनके परिवारों को उनके स्थापना दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएं।
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कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने पंजाब में अकाली दल और भाजपा के बीच गठबंधन की वकालत की..
बड़ी खबर!!
“उन्होंने कहा, “अकाली दल के साथ गठबंधन के अलावा सरकार बनाने का कोई और रास्ता नहीं है”।
“भाजपा को राज्य को समझने की ज़रूरत है”।
“मैं पंजाब का ऋणी महसूस करता हूँ। पंजाब ने मुझे बहुत कुछ दिया है”।
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टीटीई ने नेवी अफसर की पत्नी को धक्का दिया
इटावा– टिकट को लेकर हुई बहस में चलती ट्रेन में तैनात टीटीई ने नेवी अफसर की पत्नी को धक्का दिया, महिला की मौत हो गई, जीआरपी थाने में आरोपी टीटीई के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ, आरोप है, कि बहस बढ़ने पर टीटीई ने तिलमिलाकर महिला को चलती ट्रेन से नीचे धक्का दे दिया जिससे हादसा हुआ
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गोरखपुर के श्रीकृष्ण पाण्डेय को प्रा. यशवंतराव केलकर युवा पुरस्कार से किया सम्मानित
“शिक्षा, प्राकृतिक आपदा नियंत्रण, बांग्लादेशी घुसपैठ, विभाजनकारी शक्तियां विषयक चार प्रस्ताव हुए पारित”
“शिक्षा, प्राकृतिक आपदा, बांग्लादेशी घुसपैठ और विभाजनकारी शक्तियों पर केंद्रित चार प्रमुख प्रस्ताव पारित”

देवभूमि उत्तराखण्ड में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के 71वें राष्ट्रीय अधिवेशन के अंतर्गत प्रा. यशवंतराव केलकर युवा पुरस्कार समारोह में उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने इस पुरस्कार से गोरखपुर के श्री श्रीकृष्ण पाण्डेय को पुरस्कृत किया। श्री श्रीकृष्ण पांडेय ‘आजाद’ ‘स्माइल रोटी बैंक फाउंडेशन’ के संस्थापक हैं और दो हजार से अधिक निराश्रित मनोरोगियों के उपचार-पुनर्वास, बाल भिक्षावृत्ति उन्मूलन, नशामुक्ति, स्वच्छता-पर्यावरण संरक्षण तथा दो पुनर्वास केंद्रों के संचालन के माध्यम से समाजसेवा में उल्लेखनीय योगदन दिया है।

यह पुरस्कार वर्ष 1991 से प्राध्यापक यशवंतराव केलकर की स्मृति में दिया जा रहा है, जिन्हें अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के शिल्पकार के रूप में जाना जाता है। अभाविप के कार्यविस्तार एवं संगठन को व्यापक स्वरूप देने में उनकी महती भूमिका रही है। यह पुरस्कार अभाविप और विद्यार्थी निधि न्यास की संयुक्त पहल है, जो छात्रों की उन्नति तथा शिक्षा के क्षेत्र में कार्य हेतु प्रतिबद्ध है। इस पुरस्कार का उद्देश्य युवाओं द्वारा किए जा रहे सामाजिक उद्यमों के कार्य को उजागर करना, उन्हें प्रोत्साहित करना, सामाजिक उद्यमशीलता के प्रति युवाओं में कृतज्ञता भाव विकसित करना तथा युवा भारतीयों को सेवा कार्य के लिए प्रेरित करना है। शिक्षा, समाज, पर्यावरण, विज्ञान जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले युवाओं को ‘प्रा. यशवंतराव केलकर युवा पुरस्कार’ दिया जाता है। इस पुरस्कार में ₹1,00,000/-, प्रमाण-पत्र एवं स्मृति-चिह्न शामिल हैं।
राष्ट्रीय अधिवेशन के अंतिम दिवस पर ‘पर्याप्त वित्तीय आवंटन सहित सभी शैक्षणिक संस्थानों को एक संरचना के अंतर्गत लाने की आवश्यकता’, ‘बांग्लादेशी घुसपैठ: राष्ट्रीय सुरक्षा एवं लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चुनौती’, ‘मानवीय क्रियाकलापों से उत्पन्न प्राकृतिक आपदाओं के निवारण हेतु समाज की भूमिका’, तथा ‘विभाजनकारी ताकतों के विरुद्ध संगठित समाज ही समाधान’ विषयक इन चार प्रस्तावों को प्राप्त सुझावों के अनुसार संशोधन के उपरांत पारित किया गया। अभाविप द्वारा कुल पाँच प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए थे, जिनमें से ‘समाज परिवर्तन का वाहन बने युवा’ प्रस्ताव को राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद की बैठक में पूर्व ही पारित किया जा चुका था। इसके उपरांत प्रो. यशवंतराव केलकर पुरस्कार समारोह आयोजित हुआ और अंत में अभाविप की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा की गई।
देवभूमि में चल रहे तीन दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन में अभाविप की संगठनात्मक संरचना के अनुसार देशभर के 46 प्रांतों तथा मित्र राष्ट्र नेपाल से पंद्रह सौ से अधिक प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। इस राष्ट्रीय अधिवेशन में शिक्षा, समाज, पर्यावरण, संस्कृति आदि विषयों पर देशभर से आए विद्यार्थी, प्राध्यापक तथा शिक्षाविद विमर्श कर रहे हैं। अधिवेशन के पहले दिन 28 नवंबर को विश्व प्रख्यात अंतरिक्ष वैज्ञानिक एवं पूर्व इसरो अध्यक्ष डॉ एस सोमनाथ ने इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया था। दूसरे दिन देवभूमि की सड़कों पर अभाविप द्वारा भव्य शोभा यात्रा निकाली गई थी।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के 71वें राष्ट्रीय अधिवेशन में प्रा. यशवंतराव केलकर पुरस्कार समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि,”आज देवभूमि उत्तराखण्ड की पवित्र धरती पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के 71वें राष्ट्रीय अधिवेशन एवं प्रोफेसर यशवंतराव केलकर पुरस्कार समारोह में उपस्थित होकर मुझे अत्यंत खुशी और गर्व की अनुभूति हो रही है। सबसे पहले, इस वर्ष के प्रोफेसर यशवंतराव केलकर पुरस्कार के प्राप्तकर्ता गोरखपुर के श्री श्रीकृष्ण पाण्डेय ‘आज़ाद’ जी को हृदय से बधाई देता हूँ। उनका जीवन कार्य समाज के प्रति समर्पण, संवेदनशीलता और कर्तव्य का एक उज्ज्वल उदाहरण है। मैं उन्हें हृदय से साधुवाद देता हूँ। साथियों, राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर उत्तराखण्ड की धरती पर एबीवीपी का राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित होना हम सभी उत्तराखण्डवासियों के लिए अत्यंत गर्व का विषय है। आप सभी युवा यहाँ शिक्षा ग्रहण करते हुए, परिषद के कार्यकर्ता के रूप में देश की सेवा के संकल्प के साथ कार्य कर रहे हैं यह आपके चरित्र, अनुशासन और राष्ट्रभावना का प्रतीक है। समाज, विद्यार्थियों और राष्ट्र के लिए जो काम अभाविप कर रही है, वह पूरे युवा समाज के लिए प्रेरणादायी है। मुझे यह जानकर अत्यंत आनंद हुआ कि इस अधिवेशन में भारत के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ हमारे पड़ोसी देश नेपाल से भी बड़ी संख्या में परिषद के कार्यकर्ता भाग ले रहे हैं। यह राष्ट्रीय अधिवेशन एक सामान्य आयोजन नहीं है यह राष्ट्र निर्माण का एक पवित्र यज्ञ है। देशभर से आए हुए युवाओं के विचार और संकल्प आने वाले वर्षों में राष्ट्र को नई दिशा देंगे, इसमें कोई संदेह नहीं है। यह वर्ष स्वयं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष का भी साक्षी है।संघ जन्मशती यात्रा के माध्यम से भारत में सांस्कृतिक पुनर्जागरण, संगठन और सेवा की अविरल धारा को पुनः प्रज्वलित किया जा रहा है।
देश में जब भी कोई संकट आया आपातकाल में लोकतंत्र पर हमला, शिक्षा सुधार के संघर्ष, सीमाओं पर संकट, छात्र आंदोलनों की व्यवस्थाएँ, हर जगह परिषद के कार्यकर्ता अग्रिम पंक्ति में खड़े रहे। हजारों कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए यातनाएँ सहीं, पर लोकतांत्रिक ज्योति बुझने नहीं दी।आज वहाँ “भारत माता की जय” के नारे जिस शक्ति और उत्साह से गूँजते हैं, वह परिषद की दशकों की सतत तपस्या का परिणाम है। भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा शक्ति यदि सही दिशा में प्रयुक्त हो जाए, तो भारत न केवल आर्थिक महाशक्ति बनेगा, बल्कि पुनः विश्वगुरु के रूप में प्रतिष्ठित होगा। मुझे विश्वास है कि इस अधिवेशन से निकली ऊर्जा, विचार और संकल्प राष्ट्र निर्माण में नए अध्याय रचेंगे। मैं पुनः श्री श्रीकृष्ण पाण्डेय जी को उनके उत्कृष्ट सामाजिक योगदान के लिए बधाई देता हूँ और सभी कार्यकर्ताओं को सफल अधिवेशन के लिए शुभकामनाएँ देता हूँ।”
प्रा. यशवंतराव केलकर युवा पुरस्कार प्राप्तकर्ता श्री श्रीकृष्ण पाण्डेय ‘आजाद’ ने कहा, “अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता राष्ट्र प्रथम के भाव के साथ काम करने वाले हैं और यह काफी सराहनीय तथा प्रेरणादाई है। अभाविप द्वारा प्रदान की गई 1 लाख रुपये की निधि को मैं भारतीय मनोरोगियों की सेवा हेतु यहीं समर्पित करता हूँ। अभाविप द्वारा यह सम्मान प्रदान किए जाने के लिए मैं आभारी हूँ। सेवा के मार्ग में बाधाएँ तो आती ही हैं, लेकिन उनसे घबराना नहीं चाहिए। भगवान राम के मंदिर के निर्माण में 500 वर्षों का लंबा संघर्ष लगा, लेकिन जब मंदिर बना, तो पूरी दुनिया भारत की ओर देखने लगी। जब हमारे प्रभु हमारे लिए इतने संघर्षों के बाद बाहर आ सकते हैं, तो हम क्यों नहीं? इसलिए सेवा के मार्ग से कभी पीछे नहीं हटना चाहिए।”
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एटीएस ने लखनऊ में अवैध रूप से रह रही बांग्लादेशी को किया गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश एटीएस ने राजधानी लखनऊ में अवैध रूप से रह रही एक बांग्लादेशी महिला को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि महिला फर्जी भारतीय पहचान पर के आधार पर सालों से यहां रह रही थी। जांच में सामने आया कि महिला अपनी असली पहचान छिपाकर निर्मला देवी नाम से रह रही थी।
उसने भारतीय नागरिक साबित करने के लिए आधार, पैन, वोटर आईडी, आय और निवास प्रमाणपत्र समेत अनेक दस्तावेज बनवा लिए थे। इस मामले में दस्तावेज तैयार कराने में सहयोग देने वाले हरिओम आनंद को भी गिरफ्तार किया गया है। दोनों के पास से बड़ी मात्रा में फर्जी दस्तावेज व इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद हुए हैं।
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दरूद बॉक्स बनाने वाली इस्लामी बहनों को पुरस्कृत किया गया
“बड़ों को छोटों के लिए रोल मॉडल के तौर पर काम करना चाहिए : कारी मुहम्मद अनस”
“रिश्तेदारों के साथ दया, सम्मान व विनम्रता से पेश आना चाहिए : हाफिज रहमत अली”
“विशेष कार्यशाला का 7वां सप्ताह”

गोरखपुर। रविवार को इस्लामी बहनों व इस्लामी भाईयों के लिए विशेष कार्यशाला का आयोजन हुआ। मदरसा रजा-ए-मुस्तफा तुर्कमानपुर में दरूद बॉक्स बनाने वाली रूमी, शिरीन बानो, इरम परवीन, असगरी खातून, साइमीन, नौशीन, अख्तरुन्निसा, अलीशा, तैयबा, खुशी, कौसर फातिमा को शहर काजी मुफ्ती मुहम्मद अजहर शम्सी की वालिदा आस्मां खातून व वरिष्ठ शिक्षक मुजफ्फर हसनैन रूमी ने पुरस्कार से नवाजा। जामिया अल इस्लाह एकेडमी गोरखनाथ व सब्जपोश हाउस मस्जिद जाफरा बाजार में चालीस हदीसों की विशेष कार्यशाला के 7वें सप्ताह में रिश्तेदारों के हुकूक, बड़ों व छोटों की जिम्मेदारी और अल्लाह के नेक बंदों के बारे में बताया गया।
विशिष्ट वक्ता हाफिज रहमत अली निजामी ने कहा कि कुरआन और हदीस दोनों में इस बात पर जोर दिया गया है कि रिश्तेदारों के साथ अच्छा व्यवहार किया जाए। रिश्तेदारों के साथ दया, सम्मान और विनम्रता से पेश आना चाहिए। पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने जोर दिया है कि रिश्तेदारी बनाए रखना वास्तविक अर्थों में वह है जब कोई उन रिश्तेदारों से भी संबंध बनाए रखता है जो उनसे संबंध तोड़ते हैं। यदि कोई रिश्तेदार आर्थिक रूप से कमजोर है और आपको जरूरत से ज्यादा धन प्राप्त है, तो उसकी वित्तीय मदद करना आपका कर्तव्य है। जकात व सदका देते समय भी रिश्तेदारों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। बीमार रिश्तेदारों से मिलना और उनकी सेहत का हाल जानना उनके हुकूक में शामिल है। रिश्तेदार शादी या दावत में आमंत्रित करें तो निमंत्रण स्वीकार करना चाहिए। यदि कोई रिश्तेदार बुरा व्यवहार करता है या रिश्तेदारी तोड़ता है, तो भी धैर्य और दयालुता दिखानी चाहिए और उन्हें माफ करने की कोशिश करनी चाहिए।
विशिष्ट वक्ता कारी मुहम्मद अनस रजवी ने कहा कि बड़ों की जिम्मेदारी है कि वह छोटों को प्यार, सुरक्षा और मार्गदर्शन दें, जबकि छोटों की जिम्मेदारी है कि वह बड़ों का आदर करें, उनकी बात सुनें। बड़ों को छोटों के लिए एक रोल मॉडल के तौर पर काम करना चाहिए, उन्हें सही संस्कार और मूल्य सिखाने चाहिए। छोटों को भी चाहिए कि वह बड़ों की सलाह मानें और जब जरूरत हो तो उनसे मदद मांगें। बड़ों और छोटों की जिम्मेदारियां एक स्वस्थ परिवार, समुदाय और समाज के निर्माण के लिए जरूरी है।
मुख्य वक्ता शहर काजी मुफ्ती मुहम्मद अजहर शम्सी ने कहा कि अल्लाह के नेक बंदों की विशेषताएं इस्लामी शिक्षा में विस्तार से बताई गई है। नेक बंदे अल्लाह पर और उसके द्वारा भेजे गए सभी पैगंबरों पर दृढ़ विश्वास रखते हैं, और हर काम में अल्लाह से डरते रहते हैं। नियमित नमाज अदा करते हैं और अल्लाह की इबादत में लगे रहते हैं। नेक बंदे मुश्किल वक्त में सब्र रखते हैं और अल्लाह की नेमतों के लिए हमेशा शुक्रगुजार रहते हैं। नेक बंदे सच्चाई का पालन करते हैं। ईमानदारी से जीवन जीते हैं, और दूसरों के प्रति दयालु और विनम्र होते हैं। अपनी संपत्ति में से गरीबों और जरूरतमंदों का हक अदा करते हैं, यानी जकात देते हैं और सदका करते हैं। अल्लाह के नेक बंदे गुनाह करने से बचते हैं और अगर कभी गलती हो जाती है, तो तुरंत अल्लाह से माफी (तौबा) मांगते हैं।
अंत में दरूदो सलाम पढ़कर अमन व शांति की दुआ मांगी गई। कार्यशाला में ज्या वारसी, नौशीन फातिमा, शबनम, नूर सबा, शिफा खातून, आसिफ महमूद, नेहाल अहमद, शहबाज सिद्दीकी, शीराज सिद्दीकी, ताबिश सिद्दीकी, फिजा खातून, सना फातिमा, सानिया, खुशी सहित तमाम लोगों ने शिरकत की।
स्कूल व कॉलेज के बच्चों को जेएआई एकेडमी में मिला इनाम व प्रमाण पत्र
सफलता अच्छी आदतों, दृढ़ संकल्प व निरंतर प्रयास का संयोजन है : शीराज सिद्दीकी
गोरखपुर। रविवार को नौरंगाबाद स्थित जेएआई एकेडमी में विभिन्न विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों में इनाम व प्रमाण पत्र वितरित किया गया। इनाम व प्रमाण पत्र मिलने से सभी बच्चे खुश नजर आए। ओपन बुक कॉम्पिटिशन (द स्टोरी ऑफ हजरत अबू बकर व उमर) के तहत मौलाना आजाद गर्ल्स इंटर कॉलेज, इस्लामिया गर्ल्स इंटरमीडिएट कॉलेज, गोरखपुर विश्वविद्यालय, जेएसएफ जहरा सहित तमाम स्कूल व कॉलेज के बच्चों ने जेएआई एकेडमी में हिस्सा लिया। जिसमें पहला स्थान आहू चश्म निजामी, जिकरा फातिमा, मुबश्शरा नूर, रशीदा जिया, सकीना बेगम, नौशीन खातून, इरम फातिमा, हुमा आफरीन, हस्सान आसिफ ने हासिल किया। दूसरा स्थान फौजिया अली, अल्फिया तबरेज, फातिमा अंजुम, मुसर्रत जहां, फरहत जहां, आयशा, नूरी आफरीन, तरन्नुम खातून, मोहसिना बानो ने पाया। वहीं तीसरा स्थान नूर आयशा, नूर तूबा, शमीमा रियाज, मनतशा, फरजाना परवीन, आबिदा यासमीन, मरियम, इकरा मेराज ने हासिल किया। विद्यालय की शिक्षिकाओं को भी पुरस्कृत किया गया।
विद्यालय के संचालक आसिफ महमूद ने कहा कि कामयाबी मेहनत, लगन, सही दिशा में काम करने, और धैर्य का मिला-जुला परिणाम है। कामयाबी के लिए केवल मेहनत ही काफी नहीं है, बल्कि सही दिशा में स्मार्ट तरीके से काम करना जरूरी है। सफलता के रास्ते में चुनौतियां आती हैं।
वरिष्ठ शिक्षक मुजफ्फर हसनैन रूमी ने कहा कि नाकामियों से सीखकर लगातार कोशिश करते रहना और कभी हार न मानना (दृढ़ता) सफलता की बुनियाद है। सफल लोग अपनी कमियों और गलतियों को स्वीकार करते हैं और उनसे सीख लेकर आगे बढ़ते हैं।
वरिष्ठ शिक्षक शीराज सिद्दीकी ने कहा कि समय का सही उपयोग और कार्यों को प्राथमिकता देना करियर की सफलता के लिए आवश्यक है। जीवन भर सीखने के लिए खुला दिमाग रखना और खुद को लगातार बेहतर बनाना सफलता का एक महत्वपूर्ण मंत्र है। सफलता अच्छी आदतों, दृढ़ संकल्प और निरंतर प्रयास का एक संयोजन है।
इस मौके पर अली अहमद, आयशा खातून, शीरीन आसिफ, सना खातून, नाजिया खातून, फरहत, तानिया अख्तर, सैयदा यासमीन, आरजू अर्जुमंद, यासमीन अख्तर आदि मौजूद रहे।
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यूपी में SIR की समय सीमा 7 दिन बढ़ी, अब 11 दिसंबर तक फॉर्म जमा कर सकेंगे
दिल्ली। SIR की समय सीमा बढ़ाई गई।
सभी 12 राज्यों के लिए समय सीमा 7 दिन बढ़ाई गई!
महत्वपूर्ण प्रक्रिया में देरी को देखते हुए केंद्र ने लिया बड़ा फैसला।
नई डेडलाइन के निर्देश सभी राज्यों को भेजे गए।
अब पूरे 12 राज्यों को कार्य पूरा करने के लिए 7 दिन का अतिरिक्त समय।
ECI ने SIR की समय सीमा एक हफ्ते और बढ़ा दी है।
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“मोदी सरकार ने बड़ा फैसला”।
मोदी सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए WhatsApp, Telegram, Signal, Snapchat, ShareChat, JioChat, Arattai और Josh जैसे सभी पॉपुलर मैसेजिंग और सोशल ऐप्स पर नए नियम लागू कर दिए हैं. दूरसंचार विभाग (DoT) ने कहा है, कि अब कोई भी यूजर बिना एक्टिव SIM कार्ड के इन ऐप्स का इस्तेमाल नहीं कर पाएगा. यह नियम Telecommunication Cybersecurity Amendment Rules, 2025 के तहत लाया गया है. पहली बार ऐप-बेस्ड मैसेजिंग और सोशल प्लेटफॉर्म्स को भी टेलीकॉम की तरह कड़े नियमों में शामिल किया जा रहा है. नए नियमों के तहत, इन ऐप्स को( जिन्हें ऑफिशियली टेलीकम्युनिकेशन आइडेंटिफायर यूजर एंटिटीज (TIUEs) कहा जाता है) यह पक्का करना होगा कि यूजर का SIM कार्ड 90 दिनों के अंदर ऐप से लगातार जुड़ा रहे. वेब ब्राउजर पर इन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए सरकार ने सिक्योरिटी की एक और लेयर जोड़ी है. ऐप्स को अब हर छह घंटे में यूजर्स को ऑटोमैटिकली लॉग आउट करना होगा और उन्हें QR कोड के जरिए फिर से लॉग इन करने के लिए कहना होगा.
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इंजीनियर विजय शंकर यादव ने निषाद पार्टी का किया सदस्यता ग्रहण”।
गोरखपुर। बृहस्पतिवार को इंजीनियर विजय शंकर यादव उर्फ मुन्नू ने निषाद पार्टी की सदस्यता ग्रहण की है। पादरी बाजार के संगम चौराहा स्थित निषाद पार्टी के कार्यालय पर राष्ट्रीय कार्यकारिणी अध्यक्ष डॉक्टर अमित निषाद ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण कराया। और कार्यकर्ता को निषाद पार्टी के नीतियों के बारे में समझाया। इस दौरान इंजीनियर अशोक कुमार यादव, विद्या चरण शुक्ला, अनंत कुमार,गिरजेश यादव नरेंद्र प्रसाद त्रिपाठी, प्रमोद कुमार, प्रवीण कुमार सिंह, विनय पांडेय आदित्य शंकर यादव, डॉक्टर शैलेश ओझा, राम लखन यादव, देवराज चौहान उर्फ भोला यशवंत कुमार आदि मौजूद रहें।
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घबराइए मत, हर समस्या का होगा समाधान : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ”।
“जनता दर्शन में सीएम योगी आदित्यनाथ ने सुनीं करीब 200 लोगों की समस्याएं”।












