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  • “राष्ट्र की संस्कृति समाप्त हो जाए तो वह अपनी एकात्मता व पहचान को खो देता हैः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ”।

    “राष्ट्र की संस्कृति समाप्त हो जाए तो वह अपनी एकात्मता व पहचान को खो देता हैः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ”।

    “जब भी हम संकट में होते हैं तो महापुरुषों के शौर्य व पराक्रम नई ऊर्जा देते हैः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ”।

    “एसडीआरएफ के उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी (से.नि.) ने किया महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के संस्थापक सप्ताह समारोह-2025 का शुभारंभ”।

    “महंत दिग्विजयनाथ महाराज ने 1932 में गोरखपुर में की थी महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की स्थापनाः गोरक्षपीठाधीश्वर”।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के संस्थापक सप्ताह समारोह-2025 के शुभारंभ अवसर पर स्वदेश, स्वधर्म व राष्ट्रीय स्वाभिमान का जिक्र किया और कहा कि जब भी हम संकट में होते हैं या कोई राष्ट्रीय चुनौती होती है तो महापुरुषों के चित्र, उनके शौर्य व पराक्रम नई ऊर्जा देते हैं। महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी, गुरु गोविंद सिंह, रानी लक्ष्मीबाई समेत सीमाओं की रक्षा करते हुए बलिदान देने वाले भारत मां के बहादुर जवान देश के लिए प्रेरणा हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राष्ट्र की पहचान वहां की संस्कृति, परंपराएं और महापुरुष होते हैं, यह एक-दूसरे से जुड़े हैं। राष्ट्र की संस्कृति समाप्त हो जाए तो राष्ट्र अपनी एकात्मता व पहचान को खो देता है। संस्कृति उन राष्ट्रीय मूल्यों से बनती है, जिन्हें समय-समय पर अलग-अलग युगांतकारी घटनाओं ने संबल और शक्ति दी। जिन्हें विभिन्न पर्वों के माध्यम से पूरा भारत बिना भेदभाव के आत्मसात करता है। पर्व में मतभेदों को समाप्त करके हम ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की अभिव्यक्ति को प्रदर्शित करते हैं।

    समारोह का शुभारंभ उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट योगेंद्र डिमरी (से.नि.) ने किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के अध्यक्ष के रूप में कार्य करने वाले स्मृतिशेष प्रो. यूपी सिंह व अन्य दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि दी।

    हमेशा जानने-सीखने का अवसर देता है मनुष्य का जीवन

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संस्थापक समारोह को समग्रता के साथ देखें तो इसकी शुरूआत अनुशासन पर्व के जरिए शोभायात्रा के माध्यम से निकलती है। मनुष्य का जीवन हमेशा जानने-सीखने का अवसर होता है। यहां एक सप्ताह का कार्यक्रम भी हर संस्था को एक दूसरे को जानने-समझने, सीखने, सिखाने का अवसर होता है। सीएम ने सभी से सीखने, सिखाने की अपील की और कहा कि शिक्षा परिषद जब शताब्दी महोत्सव मना रहा होगा, उसकी तैयारी के दौरान अभी से तय करें कि किस लक्ष्य को प्राप्त करना है।

    यह आत्ममंथन का अवसर

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद अगले छह वर्ष के अंदर होने वाले शताब्दी महोत्सव के कार्यक्रम के साथ बढ़ रहा है। ऐसे में शिक्षा परिषद व संस्थाओं के सामने 100 वर्षों की इस यात्रा के आत्ममंथन का अवसर है। यह समारोह इस पर आत्मावलोकन का अवसर प्रस्तुत कर रहा है कि छात्र के सर्वांगीण विकास, समाज व राष्ट्र के प्रति हमने अपनी भूमिका का निर्वहन किस रूप में किया है। महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के संस्थापकों ने जो विराट लक्ष्य रखा है, वह समाज व राष्ट्र के प्रति हमारी सेवाएं-कर्तव्य के समय-समय पर मूल्यांकन का भी है। हमारे संस्थापकों ने छात्र-छात्राओं के सामने महाराणा प्रताप के रूप में आदर्श रखा।

    शिक्षा के विजन के साथ ही स्वास्थ्य, कृषि आदि पर जोर दे रहा परिषद

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण, अपनी संकल्पना और भावना को बढ़ाने के लिए संस्थापकों ने महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की स्थापना की। परिषद शिक्षा के विजन के साथ ही स्वास्थ्य, कृषि, महाराणा प्रताप इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, महाराणा प्रताप पॉलीटेक्निक आदि के जरिए तकनीक पर जोर दे रहा है तो वहीं महिलाओं की शिक्षा, अन्नदाता किसानों के प्रशिक्षण के लिए महायोगी गोरखनाथ कृषि विज्ञान केंद्र या अन्न संस्थाएं दूरदराज के क्षेत्रों में नए प्रयास को बढ़ाने के साथ ही कार्य कर रही हैं।

    “महंत दिग्विजयनाथ महाराज ने 1932 में गोरखपुर में की थी महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की स्थापना”।

    सीएम योगी ने कहा कि किसी भी व्यवस्था में जब बुराइयां व रूढ़िगत भावनाएं जन्म लेने लगती हैं तो उसके परिमार्जन के लिए समय-समय पर जो सुधार होते हैं, उसका माध्यम कोई संत या महापुरुष बनता है। महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद हो या देश के अलग-अलग कोने में किसी महापुरुष द्वारा स्थापित की गई संस्थाएं, राष्ट्र-समाज के प्रति वर्तमान और भावी आवश्यकता के अनुरूप माहौल देने के लिए प्रयास प्रारंभ करते हैं। महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद भी राष्ट्रभक्ति, संस्कार व संस्कृति से ओतप्रोत शिक्षा का माध्यम बन सके, इसे ध्यान में रखकर महंत दिग्विजयनाथ महाराज ने 1932 में गोरखपुर में इसकी स्थापना की थी। आज शिक्षा परिषद के अंतर्गत संचालित 51-52 संस्थाएं शिक्षा, सेवा, स्वास्थ्य, प्रौद्योगिकी क्षेत्र, शिक्षण-प्रशिक्षण के केंद्र के रूप में विकसित होकर राष्ट्र को समर्पित नागरिक देने के लिए प्रतिबद्ध दिखाई देते हैं।

    “संस्थापक समारोह का उद्देश्य- हम कर्तव्य व तैयारियों का कर सकें आत्मावलोकन”

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संस्थापक समारोह का उद्देश्य है कि हम संस्थापकों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए कर्तव्यों व तैयारियों का आत्मावलोकन कर सकें कि आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए हमें खुद को कैसे तैयार करना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भावी भारत के निर्माण में अपने उत्तरदायित्वों को भी बखूबी समझना होगा। संस्थाएं जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए प्रतिवर्ष नयापन करने का प्रयास कर रही हैं।

    “शिक्षण-प्रशिक्षण संस्थाओं को बनना ही होगा मॉडल स्टडी का माध्यम”।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महंत दिग्विजयनाथ पीजी कॉलेज द्वारा शोध पत्रिका ‘दिग्विजयम्’ और महाराणा प्रताप पीजी कॉलेज द्वारा ‘मिशन मंझरिया’ के विमोचन का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एक ओर शिक्षित बेरोजगारों की फौज खड़ी होती है तो दूसरी तरफ निरक्षरता की लंबी खाई दिखाई पड़ती है। महाराणा प्रताप पीजी कॉलेज को इसमें योजक की भूमिका में दिखाई दिया है। यहां के शिक्षा संकाय के छात्रों द्वारा गांव को शत-प्रतिशत साक्षर बनाने के लक्ष्य को बढ़ाने की दिशा में गोद लिया गया, उन्होंने इसे मॉडल स्टडी के रूप में प्रस्तुत किया। सीएम योगी ने कहा कि शिक्षण-प्रशिक्षण संस्थाओं को मॉडल स्टडी का माध्यम बनना ही होगा।

    “समाज व राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं संस्थान”।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारतीय संस्कृति में किसी भी मनुष्य के लिए अयोग्य शब्द नहीं कहा गया है। अयोग्य मतलब उसकी मनुष्यता पर प्रश्नचिह्न खड़ा कर रहे हैं। यदि कोई व्यक्ति अयोग्य है तो इसका मतलब कोई योजक नहीं है। उन्होंने कहा कि अयोग्यता-निरक्षरता शैक्षिक समाज पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। सीएम योगी ने परिषद के सभी शिक्षण-प्रशिक्षण संस्थाओं द्वारा सेवा भाव के कार्यों का जिक्र किया। बताया कि कोई कुष्ठ सेवाश्रम तो कोई संस्थान थारू, वनटांगिया के छात्रों को गोद लेकर पढ़ा रहा है तो कोई संस्थान अन्य जिम्मेदारियों के साथ समाज व राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहा है और यही राष्ट्र के प्रति हमारी सेवा भी है।

    समारोह में महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, जिला पंचायत अध्यक्ष साधना सिंह, कुलपति प्रो. पूनम टंडन, प्रो. जेपी सैनी, प्रो. रविशंकर सिंह, डॉ. सुरेंद्र सिंह, विधायक फतेह बहादुर सिंह, विपिन सिंह, महेंद्र पाल सिंह, इंजी. सरवन निषाद, प्रदीप शुक्ला, विधान परिषद सदस्य डॉ. धर्मेंद्र सिंह, रतनपाल सिंह, पूर्व महापौर अंजू चौधरी आदि मौजूद रहे।

  • अंग्रेजी शासन के दौरान भारतीय मूल्यों और संस्कारों पर आधारित शिक्षण संस्थान की स्थापना करना, सच्ची राष्ट्रसेवा है- लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी (से.नि.)

    अंग्रेजी शासन के दौरान भारतीय मूल्यों और संस्कारों पर आधारित शिक्षण संस्थान की स्थापना करना, सच्ची राष्ट्रसेवा है- लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी (से.नि.)

    इमानदारी से कर्तव्य पालन करना, पर्यावरण संरक्षण, लोक कल्याण और अच्छा नागरिक बनना, वास्तविक देशभक्ति है – ले.जनरल योगेंद्र डिमरी (से.नि.)

    महाराणा प्रताप शिक्षण परिषद के संस्थापक-सप्ताह उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए यूपी एडीआरएफ के उपाध्यक्ष, ले.जनरल योगेंद्र डिमरी (से.नि.)

    गोरखपुर में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के संस्थापक-सप्ताह समारोह 2025 का उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष, लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी जी (से.नि.) शामिल हुए। उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी ने छात्र-छात्राओं को महाराणा प्रताप के अनुकरणीय जीवन से प्रेरणा लेने और जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए अनुशासन, साहस, समर्पण, समानता और प्रतिबद्धता के मूल्यों को अपनाने लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने कहा कि देशभक्ति केवल सीमा पर साहस दिखाना ही नहीं बल्कि इमानदारी से अपने कर्तव्य का पालन करना, पर्यावरण की रक्षा, लोक कल्याण और समाज का एक अच्छा नागरिक बनना भी वास्तविक देशभक्ति है। उन्होंने कहा कि आप सभी सौभाग्यशाली हैं कि महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के माध्यम से आप सफलता के इन मूल्यों का संस्कार प्राप्त कर रहे हैं।

    महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के संस्थापक-सप्ताह समारोह 2025 के उद्घाटन कार्यक्रम का आयोजन गोरखपुर में किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी (से.नि.) ने अंग्रजों के शासन और स्वतंत्रा संघर्ष के दौरान भारतीय संस्कारों और शिक्षा मूल्यों पर आधारित महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की स्थापना और उसके निरंतर राष्ट्रसेवा में योगदान देने की सरहाहना की एवं शिक्षा परिषद के संस्थापकों के प्रति आभार और सम्मान व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जब देश में अग्रेंजी शासन और अंग्रेजियत का बोलबाला था ऐसे में 1916 में काशी हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी और 1932 में महाराणा प्रतापा शिक्षा परिषद की गोरखपुर में नींव रखना भारतीयता और राष्ट्र की सच्ची सेवा थी। उन्होंने महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के संस्थापक महंत दिग्विजय नाथ, राष्ट्र संत महंत अवेद्यनाथ व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं शिक्षा परिषद के सभी शिक्षकों राष्ट्रसेवा के इस संकल्प को सफल बनाने के लिए आभार व्यक्त किया।

    उद्घाटन अवसर पर छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा ही महाराणा प्रताप का जीवन हम सबके लिए अनुकरणीय है किस प्रकार उन्होंने अकेले, अन्य राजपूत राजाओं के सहयोग के बिना भी शक्तिशाली मुगल साम्राज्य की अवज्ञा की और आत्मबलिदान, त्याग और समर्पण के मूल्यों की अमर गाथा हम सबके लिए ये प्रस्तुत की। यही कारण था कि 17वीं शताब्दी में छत्रपति शिवाजी महाराज हो या 19वीं, 20वीं शताब्दी के राष्ट्र के क्रांतिकारियों ने उनसे प्रेरणा प्राप्त की। महाराणा प्रताप के जीवन से हमें अनुशासन, ईमानदारी, समर्पण और प्रतिबद्धता के जिन मूल्यों की शिक्षा मिलती है वो ही आपको जीवन में सफल बनाएंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि आप सभी सौभाग्यशाली हैं कि महाराणा प्रताप शिक्षण संस्थान में आप इन मूल्यों और संस्कारों को प्राप्त कर रहे हैं।

    अपने संबोधन में उन्होंने बताया कि देशभक्ति केवल देश की सीमा पर साहस दिखाना ही नहीं, इमानदारी से अपने कर्यव्यों का निर्वहन करने, पर्यावरण संरक्षण, लोक कल्याण और अच्छा नागरिक बनान सच्ची देशभक्ति हैं। अपने जीवन के व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि सेना भी ऐसे नौजवानों को चुनती है जो जीवन में अनुशासन, समर्पण और कर्तव्यपालन को सर्वोपरी मानते हैं। अनुशासन ही सफलात की सीढ़ी है। उन्होंने शिक्षा परिषद की प्रतियोगिताओं में छात्र-छात्राओं को भागीदारी करने के लिए भी प्रेरित किया और कहा की हार और जीत निर्णायक नहीं है प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करना सबसे जरूरी है। असफलता से निराश होने की जरूरत नहीं है, असफलता ही हमें सफलता का मार्ग दिखाती है। उन्होंने सचिन तेंदुलकर के जीवन का प्रसंग और परिणाम की चिंता किए बगैर कर्व्यपालन करने के भागवत् गीता के श्लोक – कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन् को अनुकरणीय बताया। साथ ही उन्होंने तेजी से बदल रही तकनीकि, एआई, रोबोटिक्स के प्रति भी छात्रों को सजग रहने को कहा। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में केवल एक मजबूत चरित्र और सही तकनीक की समझ ही सफलता दिलाएगी। लेकिन हमें ये याद रखना है कि विजय मैदान में नहीं मन पर होती है, शक्ति हथियार में नहीं संस्कार में होती है।

  • भारत-रूस डिफेंस डील पर बड़ी खबर

    भारत-रूस डिफेंस डील पर बड़ी खबर

    बड़ी खबर !!

    नए S-400 समझौते में बड़ा बदलाव।

    नए समझौते में 50% तकनीक ट्रांसफर।

    2 से 3 S-400 और खरीद सकता है भारत।

     

  • पुतिन के भारत दौरे को लेकर PM मोदी का पोस्ट

    पुतिन के भारत दौरे को लेकर PM मोदी का पोस्ट

    बड़ी खबर!!

    १. अपने मित्र राष्ट्रपति पुतिन का स्वागत करते हुए मुझे बहुत खुशी हुई।

    २. आज शाम और कल हमारी बातचीत का बेसब्री से इंतज़ार- PM मोदी।

    भारत-रूस मित्रता समय की कसौटी पर खरी उतरी है- PM मोदी।

    इससे हमारे लोगों को बहुत लाभ हुआ है- PM मोदी।

     

  • “अमरोहा – दो भीषण सड़क हादसों में 6 लोगों की दर्दनाक मौत”।

    “अमरोहा जिले में गुरुवार देर रात दो अलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं में कुल 6 लोगों की मौत हो गई”।

    “रजबपुर थाना क्षेत्र के अतरासी गांव में तेज रफ्तार कार डीसीएम में जा घुसी, जिसमें कार सवार 4 युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक सभी यूनिवर्सिटी के छात्र बताए जा रहे हैं”।

    वहीं गजरौला थाना क्षेत्र में एक ट्रक ने बाइक सवार दो युवकों को कुचल दिया, जिससे दोनों की मौके पर दर्दनाक मौत हो गई।

    दोनों हादसों से इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।

  • “लखनऊ – नशीले कफ सिरप माफिया पर ईडी की बड़ी कार्रवाई”।

    “लखनऊ – नशीले कफ सिरप माफिया पर ईडी की बड़ी कार्रवाई”।

    नशीले कफ सिरप की तस्करी मामले में ईडी ने पूर्वांचल के कई सक्रिय माफियाओं पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।

    एजेंसी माफिया द्वारा पिछले वर्षों में अर्जित अरबों की अवैध संपत्तियों का पूरा ब्योरा खंगाल रही है, और सभी वित्तीय लेन-देन की गहराई से जांच कर रही है।

    मुख्य आरोपी शुभम को लंबे समय से माफिया का संरक्षण मिला हुआ था और वह कफ सिरप की तस्करी बांग्लादेश और नेपाल तक फैला चुका था।

    ईडी ने शुभम से उसकी पिछले 10 साल की कमाई, उससे जुड़ी फर्मों, बैंक खातों, पार्टनरशिप फर्मों, प्रमोटरों और गारंटरों की पूरी जानकारी मांगी है।

    एजेंसी ने शुभम को 8 दिसंबर को पूछताछ के लिए तलब किया है।

  • DoT का नया फैसला, अब हर मोबाइल में प्री इंस्टाल होगा संचार साथी ऐप

    DoT का नया फैसला, अब हर मोबाइल में प्री इंस्टाल होगा संचार साथी ऐप

    भारत में मोबाइल सुरक्षा को मजबूत करने और ऑनलाइन ठगी को रोकने के लिए दूरसंचार विभाग (DoT) ने एक नया निर्देश जारी किया है. इसके तहत अब देश में बनने वाले या विदेश से आने वाले हर नए स्मार्टफोन में संचार साथी ऐप पहले से ही मौजूद होगा यानि प्री-इंस्टॉल होगा. इस आदेश को सभी मोबाइल निर्माता कंपनियों और आयातकों को तुरंत लागू करने के लिए कहा गया है.

    यह ऐप पहली बार सेटअप के दौरान यूजर्स के लिए दिखाई देना चाहिए, काम करने योग्य (Functional) और सक्षम (Enabled) होना चाहिए. निर्माताओं को यह सुनिश्चित करना होगा कि डिवाइस सेटअप के दौरान ऐप सुलभ हो, इसकी विशेषताओं को अक्षम (Disabling) या प्रतिबंधित (Restriction) नहीं किया जा सकता. इसके किसी भी फ़ीचर को छिपाने, डिसेबल करने या रोकने की इजाज़त नहीं होगी. संचार साथी ऐप मोबाइल यूजर को सुरक्षा मुहैया करवाता है. फोन खो जाए या चोरी हो जाए तो उसकी रिपोर्टिंग और ब्लॉकिंग इसी ऐप से कुछ मिनटों में की जा सकती है. इसके अलावा यह ऐप फर्जी लिंक, स्पैम कॉल, संदिग्ध संदेश और मोबाइल पर जारी कनेक्शनों की निगरानी में भी मदद करता है. ऐप की खास बात यह है कि यूजर को अब IMEI नंबर याद रखने जैसी कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ेगा.

    राजस्थान से राज्यसभा के सांसद के सी वेणुगोपाल ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि बिग ब्रदर हम पर नजर नहीं रख सकता. दूरसंचार विभाग का यह निर्देश असंवैधानिक से भी परे है. निजता का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 में निहित जीवन और स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार का एक अभिन्न अंग है. एक प्री-लोडेड सरकारी ऐप, जिसे अनइंस्टॉल नहीं किया जा सकता, हर भारतीय पर नजर रखने की एक मनहूस मशीन है. यह प्रत्येक नागरिक की हर गतिविधि, बातचीत और निर्णय पर नजर रखने का एक साधन है. यह भारतीय नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों पर हमला करने का हिस्सा है. इसे जारी नहीं रहने दिया जाएगा. हम इस निर्देश को अस्वीकार करते हैं और इसे तत्काल वापस लेने की मांग करते .

  • कलेक्टर ने अपनी आँखें दान किया !! 

    कलेक्टर ने अपनी आँखें दान किया !! 

    “उत्तर प्रदेश के बागपत ज़िले की जिलाधिकारी IAS अस्मिता लाल ने नेत्रदान का संकल्प लिया है प्रदेश की यह पहली कलेक्टर है जिन्होंने मृत्यु उपरांत नेत्रदान का संदेश देकर लोगों को किया समाज को जागरूक किया है”।

    “DM का साफ़ कहना है” ।

     “मेरी आंखें किसी और की ज़िंदगी रोशन कर सकें, इससे बड़ा दान कोई नहीं”।

  • संसद का शीतकालीन सत्र आज से शुरू हो रहा है, जो 19 दिसंबर तक चलेगा

    संसद का शीतकालीन सत्र आज से शुरू हो रहा है, जो 19 दिसंबर तक चलेगा

     सत्र में कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है, जिसमें दो नए विधेयकों को संसद में पेश किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सत्र से पहले मीडिया को संबोधित करेंगे… विपक्षी दलों से संसद में जन सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर स्वस्थ बहस की अपील करेंगे।

    इस सत्र में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा सिगरेट, गुटखा और पान मसाला पर टैक्स लगाने संबंधी एक विधेयक पेश किया जाएगा। इस विधेयक को सरकार स्वास्थ्य और कर नीति को ध्यान में रख कर पेश कर रही है।

    इसके अलावा, विपक्षी दलों द्वारा सरकार को वायु प्रदूषण और SIR के मुद्दे पर घेरने की संभावना जताई जा रही है। शीतकालीन सत्र में इस पर तीव्र बहस के आसार नजर आ रहे है।

    इस सत्र में हंगामे की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि कई मुद्दों पर विरोधी दलों के तीव्र विरोध की उम्मीद है। यह सत्र एक बार फिर से राजनीतिक और विधायी गतिविधियों का केंद्र बन सकता है।

  • कोडीन कफ सिरप के अवैध कारोबार पर एक्शन!!

    कोडीन कफ सिरप के अवैध कारोबार पर एक्शन!!

    Lko Big Breaking

    6 जिलों में 11 फर्मों पर NDPS एक्ट में FIR दर्ज!!

    कुल 98 फार्मेसी पर मुकदमा लाइसेंस किए रद्द!!

    जौनपुर,वाराणसी,भदोही,सोनभद्र में छापेमारी हुई!!

    लखीमपुर,प्रयागराज में छापेमारी की गई!!

    Abbott,Laborate की सप्लाई चेन पर कसा शिकंजा!!

    Three-B Healthcare की सप्लाई चेन पर शिकंजा!!

    वाराणसी में सबसे ज्यादा 28, जौनपुर में 16 फर्में दोषी!!

    औषधि विभाग से DM को सतत निगरानी के आदेश!!

    प्रदेश में कोडीन सिरप सिर्फ RMP प्रिस्क्रिप्शन पर मिलेगा!!