Category: ब्रेकिंग न्यूज़

  • कुशीनगर में राजस्व कर्मचारियों के लिए ड्रेस कोड लागू

    “अब सफेद शर्ट, नीला पैंट और ब्लेजर में ही दिखेंगे अफसर-कर्मचारी”

    कुशीनगर। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने राजस्व परिषद के सभी कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए एकरूपता, अनुशासन और पेशेवर छवि सुनिश्चित करने हेतु सख्त ड्रेस कोड लागू करने का आदेश जारी कर दिया है।
    अब लेखपाल, अमीन, राजस्व निरीक्षक, नायब तहसीलदार, तहसीलदार सहित सभी कर्मचारियों को सफेद शर्ट, नीला पैंट और फॉर्मल ब्लेजर में ही दफ्तर आना होगा।

    ड्रेस कोड के प्रमुख प्रावधान

    •सफेद शर्ट पर राजस्व परिषद का प्रतीक चिन्ह अनिवार्य।

    •नीला पैंट और फॉर्मल ब्लेजर अनिवार्य परिधान।

    •कार्यालय समय में आईडी कार्ड पहनना अनिवार्य।

    •तहसील दिवस पर जींस-टीशर्ट सहित रंग-बिरंगे परिधान पूरी तरह प्रतिबंधित।

    डीएम ने दिए निर्देश

    डीएम तंवर ने कहा  “यह ड्रेस कोड न केवल कर्मचारियों को एक समान और पेशेवर रूप देगा, बल्कि जनता के बीच उनकी पहचान भी आसान बनाएगा। फील्ड में कार्यरत स्टाफ के लिए यह आवश्यक है ताकि पैमाइश, नापी या विवाद निस्तारण में किसी तरह का संदेह न रहे और दुर्व्यवहार की आशंका कम हो।”

    फील्ड स्टाफ के लिए भी अनिवार्यता

    लेखपाल, अमीन, राजस्व निरीक्षक और नायब तहसीलदारों को भी ब्लेजर और प्रतीक चिन्ह के साथ ही फील्ड में जाना होगा।

    उद्देश्य: पहचान स्पष्ट करना और कार्य में पारदर्शिता लाना।

    प्रदेश स्तर पर पहले ही तय हुए थे दिशा-निर्देश

    26 सितम्बर 2024 को ही उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद ने यूनिफॉर्म और प्रतीक चिन्ह अनिवार्य करने के निर्देश जारी किए थे।
    विशेष कार्याधिकारी सुनील कुमार झा ने सभी मंडलायुक्तों व जिलाधिकारियों को इस संबंध में आदेश भेजे थे, ताकि फील्ड में कार्यरत कर्मचारी आसानी से पहचाने जा सकें।

    कसया तहसील से हुई शुरुआत

    तहसील समाधान दिवस के अवसर पर कसया तहसील में ड्रेस कोड का पहला क्रियान्वयन हुआ, जहां सभी कर्मचारी निर्धारित वेशभूषा में उपस्थित रहे। ड्रेस का खर्च जनपद स्तर से वहन किया जाएगा।

    महत्वपूर्ण बिंदु

    •ड्रेस कोड से कार्यालय मे अनुशासन और पेशेवर माहौल बढ़ेगा।

    •जनता को फील्ड स्टाफ की पहचान में आसानी होगी।

    •गलत पहचान के चलते होने वाले विवादों की संभावना कम होगी।

    •ड्रेस का खर्च कर्मचारियों से नहीं, बल्कि जिले से वहन किया जाएगा।

  • मारकर ड्रम में भर दूंगी… डरे पति ने प्रेमी से करा दी शादी

    मारकर ड्रम में भर दूंगी… डरे पति ने प्रेमी से करा दी शादी

    “चौरीचौरा इलाके में पति और चार बच्चों को छोड़कर प्रेमी के साथ चली गई थी महिला।”

    (गोरखपुर) चौरी चौरा/ सरदारनगर। मेरठ के नीले ड्रम कांड से सहमे पति ने शुक्रवार को पत्नी की उसके प्रेमी की शादी मंदिर में करा दी। मामला चौरीचौरा थाना क्षेत्र का है।

    पत्नी हाल ही में पति और अपने चार बच्चों को छोड़कर प्रेमी के साथ चली गई थी। पुलिस ने पत्नी को खोजकर पति के हवाले कर दिया था। इसके बाद पत्नी ने जान से मारकर शव ड्रम में भर देने की धमकी दी। तब सहमे पति ने प्रेमी से पत्नी की शादी कराने का निर्णय ले लिया।

    जानकारी के मुताबिक, थाना

    प्रेमी के साथ पत्नी की शादी के मौके पर पति भी मौजूद रहा। स्रोत-सोशल मीडिया

    क्षेत्र के एक गांव के रहने वाले शख्स की शादी 15 साल पहले कुशीनगर निवासी महिला से हुई थी। दोनों से चार बच्चे हैं। शख्स बंगलूरू में रहकर पेंटिंग का काम करता है। उसकी पत्नी गांव में

    बच्चों के साथ रहती थी। पति ने बताया कि दो साल पहले पड़ोस के गांव का रहने वाला युवक उसके घर पर मिट्टी गिराने आया था। उस दौरान दोनों में संबंध बन गया।

    पति ने बताया कि जानकारी होने

    पर जब उसने विरोध किया तो पत्नी ने प्रेमी से कॉन्फ्रेंस पर बात करा दी। प्रेमी ने उससे गाली-गलौज की। साथ ही दोनों ने जान से मारने की धमकी दी। हाल ही में जब वह बंगलूरू से घर पहुंचा तो पत्नी अपने प्रेमी के साथ चली गई थी। शिकायत पर पुलिस ने दोनों को थाने बुलाकर पत्नी को उसके (पति) के सुपुर्द कर दिया।

    इसके बाद पत्नी ने उसे जान से मारकर ड्रम में डालने की धमकी दी। तब उसने शुक्रवार को तहसील परिसर में स्थित शिव मंदिर में प्रेमी से उसकी शादी करा दी। इसके बाद से क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।

  • गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर भीषण सड़क हादसा: खाटू श्याम दर्शन से लौटते वक्त अर्टिगा कार ट्रक से टकराई, एक की मौत, 6 हुए घायल

    गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर भीषण सड़क हादसा: खाटू श्याम दर्शन से लौटते वक्त अर्टिगा कार ट्रक से टकराई, एक की मौत, 6 हुए घायल

    गोरखपुर | रविवार सुबह गोरखपुर-लिंक एक्सप्रेसवे पर एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें खाटू श्याम के दर्शन कर लौट रही अर्टिगा कार ट्रक से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। हादसे में कार सवार रमाशंकर शर्मा पुत्र भागवत शर्मा, निवासी पटहेरवा, थाना कुशीनगर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि वाहन में सवार पांच अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए और दो बच्चों को भी आंशिक रूप से चोटें आई हैं।

    हादसा खजनी थाना क्षेत्र में उस समय हुआ जब अर्टिगा कार (UP 52 BH 3555) खाटू श्याम से दर्शन कर लौटते वक्त लिंक एक्सप्रेसवे पर तेज़ रफ्तार में ओवरटेक करते समय सामने चल रहे एक ट्रक से टकरा गई। बताया जा रहा है कि गाड़ी असंतुलित होकर ट्रक से सीधे जा भिड़ी, जिससे वाहन के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए और अंदर बैठे लोग बुरी तरह फंस गए।

    हादसे के तुरंत बाद आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। थानाध्यक्ष अनूप सिंह टीम के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू कराया। पुलिस ने घायलों को एंबुलेंस से जिला अस्पताल भिजवाया तथा मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

    घायलों की पहचान साहिल, आशीष शर्मा, मंजू देवी, नीलम शर्मा , पूनम देवी और रेनु देवी के रूप में हुई है। इन सभी की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। वहीं, अर्टिगा में सवार दो बच्चे  अदिति शर्मा, आयु 5 वर्ष और आयुष शर्मा, आयु 14 वर्ष, पुत्र जितेंद्र शर्मा, को मामूली चोटें आई हैं।

    हादसे की खबर सुनते ही परिजनों में कोहराम मच गया। मृतक रमाशंकर अपने परिवार सहित धार्मिक यात्रा पर निकले थे और खाटू श्याम के दर्शन कर घर लौट रहे थे। अचानक हुए इस हादसे से गांव में भी शोक की लहर फैल गई।

    पुलिस ने ट्रक को कब्जे में ले लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। हादसे की वास्तविक वजह तेज रफ्तार और लापरवाही से ओवरटेक करना मानी जा रही है।

    यह दर्दनाक दुर्घटना एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाह ड्राइविंग के खतरे को प्रदर्शित करती है, जिसने एक धार्मिक यात्रा को मातम में बदल दिया।

  • रॉबर्ट वाड्रा को मनी लॉन्ड्रिंग केस में राउज एवेन्यू कोर्ट ने जारी किया नोटिस

    रॉबर्ट वाड्रा को मनी लॉन्ड्रिंग केस में राउज एवेन्यू कोर्ट ने जारी किया नोटिस

     दिल्ली की एक अदालत ने रॉबर्ट वाड्रा को नोटिस जारी किया है।

     कोर्ट ने वाड्रा का ये नोटिस शिकोहापुर जमीन मामले को लेकर दिया है।

    ईडी ने इस मामले कोर्ट को बताया था कि रॉबर्ट वाड्रा की स्काईलाइड कंपनी ने उच्च अधिकारियों के दबाव में व्यावसायिक आवास विकास के लिए लाइसेंस हासिल किया।

  • स्कूल की छत का प्लास्टर टूटकर छात्र के सिर पर गिरा हालत गंभीर मेडिकल कॉलेज रेफर

    स्कूल की छत का प्लास्टर टूटकर छात्र के सिर पर गिरा हालत गंभीर मेडिकल कॉलेज रेफर

    सूर्य प्रकाश ओझा

    गोरखपुर।चिलुआताल थाना क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय के एक कमरे के छत का प्लास्टर गिर जाने से एक बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए गुरु गोरक्षनाथ विश्वविद्यालय ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।

    चरगाँवा ब्लाक के ग्राम सभा बालापार के प्राथमिक विद्यालय में शनिवार को 10.15 बजे के आसपास विद्यालय के कक्षा पांच के कमरे की छत का प्लास्टर भरभरा कर गिर गया, जिससे बेंच पर बैठ कर पढ़ाई कर रहा छात्र विक्रम पुत्र धीरज एवं माता का नाम लक्ष्मीना निवासी बैजनाथ पुर टोला भलुअहवा का सिर फट गया। आनन फानन विद्यालय के अध्यापक द्वारा घायल छात्र को इलाज के लिये तत्काल महायोगी गुरुगोरक्षनाथ विश्वविद्यालय ले जाया गया। जहां से उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।विद्यालय के शिक्षको का कहना है कि विगत 17 जून विद्यालय के बरामदे का छत और छज्जा टूट कर गिर गया था, जिसका वीडियो बनाकर बरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया था। लेकिन उनके द्वारा किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की गई जिसके कारण आज यह हादसा हुआ है।

  • बालापार कंपोजिट विद्यालय की छत का प्लास्टर गिरने से बच्चा हुआ गंभीर रूप से चोटिल

    बालापार कंपोजिट विद्यालय की छत का प्लास्टर गिरने से बच्चा हुआ गंभीर रूप से चोटिल

    ब्रेकिंग न्यूज : गोरखपुर। जिले के विकास खंड चरगांवा, चिलुआताल थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत बालापार कंपोजिट विद्यालय में छत का प्लास्टर गिरने से एक बच्चे की हालत गंभीर, किया गया बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर। प्राध्यापिका को बीएसए ने किया निलंबित।

     

  • चर्चित गालीबाज तहसीलदार की अभद्रता से मचा बवाल हड़ताल की चेतावनी

    चर्चित गालीबाज तहसीलदार की अभद्रता से मचा बवाल हड़ताल की चेतावनी

    प्रभारी ब्यूरो : संतोष कुमार त्रिपाठी, खजनी गोरखपुर।

    खजनी / गोरखपुर । गोरखपुर की खजनी तहसील एक बार फिर विवादों की आग में घिर गई है। इस बार निशाने पर हैं तहसीलदार ध्रुवेश कुमार सिंह, जिन पर एसडीएम के पेशकार सुशील श्रीवास्तव को सार्वजनिक रूप से गाली-गलौज करने का आरोप है। तहसील परिसर में इस घटना के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया है और कर्मचारी हड़ताल की तैयारी में जुट गए हैं।

    जानकारी के मुताबिक, विवाद की शुरुआत एक पुरानी पत्रावली के स्थानांतरण को लेकर हुई, जिसे एसडीएम न्यायालय से तहसीलदार कार्यालय भेजा जाना था। इसी मुद्दे पर तहसीलदार ने पहले पेशकार सुशील श्रीवास्तव को अपने न्यायालय में बुलाया और फिर अशोभनीय भाषा का इस्तेमाल करते हुए अपमानित किया। इसके बाद मामला और बिगड़ा, जब तहसीलदार स्वयं एसडीएम कार्यालय जा पहुंचे और वहां भी खुलेआम “ऐसी की तैसी” जैसी अभद्र गालियों की बौछार कर दी।इस अपमानजनक घटनाक्रम की खबर जैसे ही फैली, तहसील के मिनिस्ट्रियल कर्मचारियों में भारी आक्रोश फैल गया। रात में ही कर्मचारियों ने जिला मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया और तहसीलदार के खिलाफ नारेबाजी कर कार्रवाई की मांग की। पीड़ित पेशकार सुशील श्रीवास्तव ने इस घटना की शिकायत मिनिस्ट्रियल कर्मचारी संघ से की, जिसके बाद मामला और गंभीर हो गया।शुक्रवार को कर्मचारियों ने दोपहर 12 बजे तक तालाबंदी कर दी और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपने के लिए बैठक बुलाई गई। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक तहसीलदार को हटाया नहीं जाता, वे काम पर नहीं लौटेंगे।

    इस पूरे मामले पर जब मीडिया ने एसडीएम खजनी से प्रतिक्रिया लेनी चाही, तो उन्होंने खुद को “मामले से अनभिज्ञ” बताया। यह जवाब जब कर्मचारी ने जाना तो कर्मचारियों का ग़ुस्सा और भड़क गया। कर्मचारियों ने सवाल उठाया है कि क्या तहसील परिसर में ऐसी गंभीर घटना हो जाए और एसडीएम को भनक तक नहीं तहसीलदार ध्रुवेश कुमार सिंह का विवादों से पुराना नाता है। इससे पहले वे गोरखपुर सदर तहसील में तैनात थे, जहां एक यूट्यूब पत्रकार को फोन पर गाली देने का ऑडियो वायरल हुआ था। उस समय पत्रकारों ने उनके खिलाफ मोर्चा खोला था और प्रदर्शन कर मुकदमा दर्ज कराने की मांग की थी। तबादले के बाद उन्हें खजनी भेजा गया, लेकिन उनके व्यवहार में कोई बदलाव नहीं दिख रहा।

    खजनी तहसील का यह मामला अब जिलेभर में चर्चा का विषय बन गया है। सोशल मीडिया से लेकर आम जनता तक, हर कोई तहसीलदार के व्यवहार की निंदा कर रहा है। सवाल यही है — क्या प्रशासन इस बार तहसीलदार पर कार्रवाई करेगा, या मामला एक बार फिर फाइलों में दफन हो जाएगा? हलाकि तहसीलदार ध्रुवेश कुमार के अभद्र ब्यवहार क्षुब्द होकर वरिष्ट सहायक पेशकार एसडीएम सुशील श्रीवास्तव ने अपना त्यागपत्र भी दे दिया । कर्मचारियों की चेतावनी साफ है।या तो कार्रवाई, या फिर ताला”।

  • शशि प्रकाश गोयल, उत्तर प्रदेश के नए मुख्य सचिव बनाए गए

    शशि प्रकाश गोयल, उत्तर प्रदेश के नए मुख्य सचिव बनाए गए

    गोयल 1989 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और मुख्यमंत्री एडिशनल चीफ सेक्रेटरी पद पर रहे हैं।

    गोयल की गिनती मुख्यमंत्री के सबसे खास अफसर के तौर पर होती है। जब से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कार्यकाल शुरू हुआ तब से गोयल ही मुख्यमंत्री कार्यालय के लगातार प्रमुख रहे हैं। अब मुख्यमंत्री ने एसपी गोयल को राज्य का मुख्य सचिव बनाया है।

    गोयल, गंभीर और मेहनती अधिकारी हैं जो बिना चर्चा में आए अपने काम पर यकीन रखते हैं।

  • Space से होगा Super Scan, ISRO-NASA का NISAR Satellite बदल देगा पृथ्वी की निगरानी का तरीका

    Space से होगा Super Scan, ISRO-NASA का NISAR Satellite बदल देगा पृथ्वी की निगरानी का तरीका

    ” हर 12 दिन में पूरे ग्लोब की नई तस्वीरें दिया करेगा “

    हम आपको बता दें कि निसार विश्व का पहला द्वि-आवृत्ति (Dual-frequency) रडार इमेजिंग उपग्रह है। यह उपग्रह 5 वर्षों तक कार्य करेगा और सूर्य-समकालिक कक्षा में स्थापित होगा, जिससे यह नियमित और सटीक अवलोकन करने में सक्षम होगा। अंतरिक्ष में अन्वेषण के क्षेत्र में भारत और अमेरिका के बीच संबंधों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारत ने ‘इसरो’ और ‘नासा’ द्वारा संयुक्त रूप से तैयार किए गए पृथ्वी का अवलोकन करने वाले उपग्रह को आज प्रक्षेपित किया। हम आपको बता दें कि निसार सैटेलाइट हर 12 दिन में पूरी धरती की नई तस्वीर देगा। इसके जरिये अब पूरे ग्लोब की निगरानी और तेज़ हो पायेगी। NISAR सैटेलाइट हर 12 दिन में पूरी धरती को स्कैन करने में सक्षम है यानि अब स्पेस से होगा सुपरस्कैन और ISRO-NASA का NISAR बदल कर रख देगा निगरानी का तरीका। इसके अलावा, ISRO-NASA के मिशन NISAR से धरती की हर हलचल पर रहेगी पैनी नज़र इसलिए अब दुश्मनों का बच निकलना मुश्किल होगा। हम आपको बता दें कि धरती का 3D एक्स-रे कर NISAR हर 12 दिन में सटीक डेटा देगा।

  • लाखों रुपए के स्टाम्प बकाया होने पर हुई आफिस की कुर्की

    लाखों रुपए के स्टाम्प बकाया होने पर हुई आफिस की कुर्की

    गोरखपुर मे कॉलोनाइजर बसेरा ड्रीम प्लानर प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक ज्ञान प्रकाश मनी त्रिपाठी पुत्र श्री प्रकाश मनी त्रिपाठी निवासी तारामंडल के स्टांप बकाया रुपया 68,70,676 में ऑफिस 83 F 7 पार्क रोड सिविल लाइन स्थित को कुर्क कर सील कर दिया गया। यह वसूली प्रमाण पत्र जिलाधिकारी गोरखपुर महोदय के न्यायालय से जारी किया गया था।