Category: ब्रेकिंग न्यूज़

  • तीन युवकों की नदी में डूबने से मौत

    तीन युवकों की नदी में डूबने से मौत

    देवरिया। ननिहाल आए तीन युवक सरयू नदी में नहाने गए थे, डूबने से दर्दनाक मौत।

    तीनों की मौके पर ही मौत।

    पुलिस जांच में जुटी, परिजनों में कोहराम।

    बरहज थाना क्षेत्र के थाना घाट की घटना।

    छुट्टियों में ननिहाल आए थे सभी युवक।

  • हम पर हमला हुआ तो पाकिस्‍तान कर देगा इजरायल पर परमाणु अटैक’ तनाव के बीच ईरान का बड़ा दावा

    हम पर हमला हुआ तो पाकिस्‍तान कर देगा इजरायल पर परमाणु अटैक’ तनाव के बीच ईरान का बड़ा दावा

    Iran-Israel Conflict ईरान और इजरायल के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। ईरानी जनरल मोहसिन रेजाई ने इजरायल को धमकी दी है कि अगर उसने ईरान पर परमाणु हमला किया तो पाकिस्तान इजरायल पर जवाबी हमला कर सकता है। रेजाई ने दावा किया कि ईरान के पास कई छिपी हुई क्षमताएं हैं। पाकिस्तान ने अभी तक इस धमकी पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

  • एयरपोर्ट पर सऊदी एयरलाइंस के प्लेन से निकला चिंगारी और धुंआ

    एयरपोर्ट पर सऊदी एयरलाइंस के प्लेन से निकला चिंगारी और धुंआ

    लखनऊ। लखनऊ एयरपोर्ट पर सऊदी एयरलाइंस की फ्लाइट SV 3112 की लैंडिंग के दौरान पहिए में तकनीकी खराबी आने से चिंगारी और धुआं निकलने लगा।

    पायलट और एयरपोर्ट स्टाफ की सूझबूझ से 250 हाजियों को सुरक्षित उतार लिया गया।

    सूत्रों ने बताया कि हज पूरा होने के बाद सऊदी अरबिया एयरलाइंस का विमान हज यात्रियों को लेकर यहां आता हैं और उन्हें यहां छोड़ कर वापस खाली चला जाता हैं।

  • उत्तराखंड की राजनीति और रिश्तों की गूंज

    उत्तराखंड की राजनीति और रिश्तों की गूंज

    पूर्व BJP विधायक सुरेश राठौर ने आखिरकार अभिनेत्री उर्मिला सनावर को पत्नी के रूप में स्वीकार किया।

    दोनों लंबे समय से संबंधों में थे। उर्मिला पत्नी का दर्जा चाहती थी, आरोप- प्रत्यारोप भी उनपर लगते रहते थे।

    यह सब फजीहत देख राठौर जी को कॉम्प्रोमाइज करना पड़ा। उर्मिला ने इसे “मिशन सिंदूर” की जीत बताई है।

  • रामगढ़ताल थानाक्षेत्र में रुस्तमपुर मे पिलर नम्बर चालीस के पास सरकारी रोडवेज बस ने ऑटो में मारी जोरदार टक्कर, ऑटो में बैठे कईं लोग हुए गम्भीर रूप से घायल

    रामगढ़ताल थानाक्षेत्र में रुस्तमपुर मे पिलर नम्बर चालीस के पास सरकारी रोडवेज बस ने ऑटो में मारी जोरदार टक्कर, ऑटो में बैठे कईं लोग हुए गम्भीर रूप से घायल

    गोरखपुर ब्रेकिंग। रामगढ़ताल थानाक्षेत्र के रुस्तमपुर हाइवे पर बन रहे फ्लाईओवर के पिलर नम्बर चालीस के पास सरकारी बस ने खड़ी ऑटो में भीषण जोरदार टक्कर मार दी। जिसके वजह से ऑटो में बैठे कईं लोग गम्भीर रूप से घायल हो गए। वहीं मौके पर पहुँची रामगढ़ताल पुलिस ने ड्राइवर को हिरासत में ले लिया। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती करवाने के लिए भेजा गया।

  • ज्योतिषियों को शोध की आवश्यकता, बड़ी घटना को जानने के लिए

    ज्योतिषियों को शोध की आवश्यकता, बड़ी घटना को जानने के लिए

    विमान दुर्घटना पर बहुत से ज्योतिषीय समीकरण की चर्चा हो रही है। हाल में ही 171 नं० की फ्लाइट नंबर भविष्य में न लिखने की घोषणा विमान कंपनी ने की है और ’11 A’ टिकट यात्री के बचने की दूसरी घटना ये हुई है। इससे पहले भी हुई एक विमान दुर्घटना में 1 ही यात्री बचा था। उसका भी सीट नं० ’11 A’  था और भूतपूर्व मुख्यमंत्री का जो लकी नं० था, वहीं दिन उनकी मृत्यु का भी हुआ।

    यूनिवर्स की कोई भी घटना अकारण नहीं होती और जीवन मृत्यु का चक्र तो नेचर का रूल है।

    ‘171’ का अंक जोड़ने पर 9 मंगल का अंक आता है, जो कि दुर्घटना और अग्नि का मुख्य कारक है। मंगल शक्ति का कारक है। यदि आप अपनी शक्तियों का सदैव सही उपयोग करते है, जन कल्याण से जुड़ते है तो मंगल अच्छा रहता है, बचाव करता है, लेकिन मैने एक बार अपने पुराने लेख में लिखा था कि गुरु अति शुभ ग्रह है, भगवान विष्णु का कारक है और यह अच्छे करने वाले का सदैव भक्ति और सेवा मार्ग वाले व्यक्ति की रक्षा करता है। परंतु कलयुग में आपकी रक्षा सदैव चन्द्र ग्रह करते है, जिनमें मृत्यु से बचाने की क्षमता है भाग्य बदलने की क्षमता है क्योंकि चंद्र भगवान शिव है, विष्णु जग पालक है। वह सदैव नियति के नियमों का पालन करते है और भगवान शिव नियति के ऊपर है। वह ही एक मात्र ऐसे देवता है, जो भाग्य से ऊपर है और नियति को भी बदलने की क्षमता रखते है ।

    11 नं०; 2 अंक, जो कि चंद्रमा का अंक है। यह बहुत शुभ माना जाता है। विपत्ति में सदैव रक्षा होती है और ’11 A’ को जोड़े तो 3 अंक आएगा, जो गुरु का अंक, भगवान विष्णु का और 3 अंक भगवान शिव को भी अतिप्रिय है। इसलिए बेल पत्री 3 चढ़ती है। त्रिदेव और त्रिदेवी भी 3 है। बहुत से अर्थ अगर जोड़े जाए तो नेचर से मिलान होता है। न्यूमरोलॉजी की दृष्टि से देखा जाए तो 2 और 3 अंक शुभ है और 1 अंक भी अच्छा अगर उसकी अधिकता न रहे तो। 5 अंक को ग्रोथ का अंक माना जाता है इसलिए लास्ट में मोबाइल न कि संख्या 5 जितना अधिक हो अच्छा माना जाता रहा है।

    लेख तो बहुत लंबा लिखा जा सकता है, लेकिन ज्योतिषियों को यह अभी शोध की बहुत आवश्यकता है कि हम किस समस्या में किन ‘Remedy’ का उपयोग करें और किन नियमों का पालन यदि करे तो नियति हमसे खुश रह सकती है और मानव जीवन के लिए उपयोगी होगा इसलिए ‘ज्योतिषी एकता मंच’ सदैव से शोध कार्यालय सम्पूर्ण देश में में खोलने की बात करता है। आप सभी ज्योतिषी समझ सकते है कि ज्योतिष ज्ञान में शोध की आवश्यकता क्यों है। लोग हम ज्योतिषियों पर सवाल क्यों उठाते है कि आप घटना का कारण तो बता देते है पर घटना को रोक क्यों नहीं पाते !

    नियति से ऊपर तो हम नहीं है लेकिन नियति के रूल का फॉलो करवा के जरूर हम मानव जीवन को अच्छा बनाने का प्रयास कर सकते है। रावण ने भी अपनी साधना से ग्रहों से वह कार्य करवा लिए थे, जो असंभव थे। इसलिए इस संसार में असंभव कुछ नहीं, बात है तो सिर्फ उसको करने की। असंभव वही है, जो आपको आता नहीं, आने के बाद सरल हो जाता है।

    सौजन्य (लेखक) :  डॉ पंकज त्रिपाठी, राष्ट्रीय अध्यक्ष: ज्योतिषी एकता मंच।

  • सरकारी स्कूल की जमीन पर अवैध कब्जा का आरोप

    सरकारी स्कूल की जमीन पर अवैध कब्जा का आरोप

    “श्री गणेश पान्डेय इंटर कॉलेज के जमीन पर टीन सेट रात में डालकर किया कब्जा प्रधानाचार्य ने किया शिकायत”

    ब्यूरो प्रभारी:  संतोष कुमार त्रिपाठी, खजनी गोरखपुर

    खजनी थाने के अंतर्गत कटघर चौराहे पर श्री गणेश पांडे इंटर कॉलेज के कुछ जमीन पर अतिक्रमण करने का लगायाआरोप
    श्री गणेश इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ रणजीत सिंह ने बताया मेंन गेट के सेट छात्र-छात्राओं के लिए साइकिल स्टैंड बना हुआ है जो की चारों तरफ से बाउंड्री है रात में मुन्नीलाल पुत्र स्वर्गीय रामनाथ ग्राम निवासी कल्याणपुर ने संस्था के जमीन पर जबरन टीन सेट डालकर कब्जा कर लिया है।

    स्थानीय लोगों ने मना किया तो धमकी देने लगा और बाउंड्री के अंदर पहले से लगे सागौन के चार पेड़ भी चोरी से काट कर उठा ले गया।

    थाना प्रभारी अर्चना सिंह ने बताया प्रधानाचार्य के तहरीर पर जांच कर कार्रवाई की जा रही है।

  • गोरखपुर से लखनऊ तक इंतजार खत्म सीएम करेंगे लिंक एक्सप्रेसवे का उद्घाटन

    गोरखपुर से लखनऊ तक इंतजार खत्म सीएम करेंगे लिंक एक्सप्रेसवे का उद्घाटन

    “गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे का स्थली निरीक्षण में जुटे आला अधिकारी इंतजार खत्म लिंक एक्सप्रेसवे चालू होने की तारीख 20 जुन आई भरिए 3 घंटे में 300 किलो मीटर फर्राटा”

    ब्यूरो प्रभारी : संतोष कुमार त्रिपाठी, खजनी गोरखपुर।

    खजनी/गोरखपुर। आगामी बीस जून को गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के खजनी थाना क्षेत्र भगवानपुर में स्थित टोलप्लाजा का उद्घाटन उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों किया जाना है उसी को देखते हुए जिलाधिकारी कृष्ण करुणेश ,एसएसपी राजकरन नैय्यर कार्यकम स्थल का गहन निरीक्षण किया।

    लगभग 45 मिनट रह कर जिलाधिकारी गोरखपुर में सुरक्षा सहित अन्य बिंदुओं पर गहन जानकारी प्राप्त किया ।
    गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे का निर्माण पहले 31 दिसंबर और फिर 30 मार्च को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। हालांकि, काम अभी भी पूरा नहीं पाया है, फिर भी सुरक्षा उपायों के साथ इसे आवागमन के लिए खोला जा रहा है। पहले इसके उद्घाटन की तारीख 17 जून प्रस्तावित थी लेकिन अब शासन द्वारा आए हुए नए तारीख को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 20 जून को गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण करेंगे। यह परियोजना ना केवल पूर्वांचल क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगी। बल्कि प्रदेश को देश का पहला ऐसा राज्य बना देगी जहां 8 चालू एक्सप्रेसवे होंगे।लखनऊ/गोरखपुर: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले पूर्वांचल को एक बड़ी सौगात देने जा रही है। सीएम योगी 20 जून को बहुप्रतीक्षित गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे। 91.35 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे ना सिर्फ पूर्वांचल को राजधानी लखनऊ से जोड़ेगा बल्कि प्रदेश की आधारभूत संरचना में भी एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।

    वहीं गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे के चालू होने से यूपी देश का पहला ऐसा राज्य होगा, जहां 8 चालू एक्सप्रेस-वे होंगे। नया एक्सप्रेस-वे गोरखपुर और लखनऊ के बीच यात्रा के समय को घटाकर सिर्फ 3 से 3.5 घंटे कर देगा। जिससे कनेक्टिविटी बढ़ेगी और पूर्वी यूपी में विकास को बढ़ावा मिलेगा।

    *91.35 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे, 7000 करोड़ से अधिक की लागत*

    गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे कुल 91.35 किलोमीटर लंबा है, जिसे 7000 करोड़ रुपये से अधिक लागत से तैयार किया गया है। यह फोर लेन द्रुतगामी मार्ग गोरखपुर के छपिया गांव से शुरू होकर आजमगढ़ जिले के सलारपुर गांव (पूर्वांचल एक्सप्रेसवे) से जुड़ता है। इसका निर्माण उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) के तहत किया गया है।

    *चार जिलों को जोड़ेगा एक्सप्रेसवे*

    गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे गोरखपुर, अंबेडकरनगर, संतकबीरनगर और आजमगढ़ जिलों को जोड़ेगा। इससे इन क्षेत्रों में न सिर्फ तेज आवागमन संभव होगा, बल्कि औद्योगिक, कृषि और पर्यटन विकास को भी गति मिलेगी। इससे क्षेत्रीय संतुलन के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

    मौके उपस्थित डीपीआरओ निलेश प्रताप सिंह, एसपी क्राइम सुधीर जायसवाल, क्षेत्राधिकार खजनी उदय प्रताप सिंह, खजनी थाना प्रभारी अर्चना सिंह,एस आई बलराम पांडे, सहित अन्य पुलिस फोर्स रही मौजूद।

  • गृह मंत्री अमित शाह पहुंचे लखनऊ

    गृह मंत्री अमित शाह पहुंचे लखनऊ

     

    यूपी पुलिस में नये भर्ती हुए फोर्स को वितरित करेंगे नियुक्ति पत्र।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह के लखनऊ आगमन पर अमौसी एयरपोर्ट पर उनका स्वागत करते हुए।

  • नए आयोग से भी सुलझी नहीं बेरोजगारी की पहेली

    – शिक्षकों की एकीकृत भर्ती के लिए बना उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग गठन के 22 महीने के बाद भी नई भर्ती प्रक्रिया शुरू करने में विफल.

    – शिक्षक भर्ती में देरी ने युवाओं को धरने पर बैठने के लिए किया मजबूर.

    प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती की बाट जोह रहे लाखों युवाओं का धैर्य जब जवाब दे गया तब उन्होंने आंदोलन का रास्ता चुना.

    45 डिग्री के आसपास घूमते पारे में गमछे-तौलिए से पसीना पोछते हजारों अभ्यर्थी प्रयागराज के एलनगंज में शिक्षा सेवा चयन आयोग के दफ्तर के बाहर 28 मई से बेमियादी धरने पर बैठ गए.

    कभी यूपी माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड का दफ्तर रही सफेद रंग की इमारत अब शिक्षा सेवा चयन आयोग के मुख्यालय में तब्दील हो गई है

    लेकिन जो नहीं बदला है, वह है नौकरी की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का प्रदर्शन.

    प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती की मांग को लेकर अभ्यर्थी दिन-रात आयोग के मुख्य दरवाजे के बाहर डटे रहे.

    उनके नारों की तख्तियां देखिए जराः

    – डीएलएड वालों ने ठाना है, नई शिक्षक भर्ती लेकर ही घर जाना है;

    – हमें आश्वासन नहीं, नई प्राथमिक शिक्षक भर्ती का विज्ञापन चाहिए;

    – जुल्मी कब तक जुल्म करेगा सत्ता के गलियारों से, चप्पा चप्पा गूंज उठेगा इंकलाब के नारों से.

    अभ्यर्थियों की दलील है कि हर साल औसतन 2.35 लाख छात्र डीएलएड (डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एजुकेशन) का प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं.

    पिछले सात साल से 16 लाख प्रशिक्षु बेरोजगार हैं और शिक्षक बनने की अपनी आशा खोते जा रहे हैं.

    प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे डीएलएड संयुक्त प्रशिक्षित मोर्चे के प्रदेश अध्यक्ष *रजत सिंह* कहते हैं, “परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक के पद पर पिछले सात साल से कोई भर्ती नहीं हुई है.

    पिछली बार 2018 में 69,000 शिक्षक भर्ती का विज्ञापन जारी किया गया था.

    शिक्षकों की भर्ती के लिए शिक्षा सेवा चयन आयोग का गठन हुए दो साल से ज्यादा समय हो गया है लेकिन अभी तक शिक्षक भर्ती शुरू नहीं हो पाई है.”

    लगातार 14 दिन भूखे-प्यासे धरना देने के बाद 10 जून को शिक्षा सेवा चयन आयोग की अध्यक्ष *कीर्ति पांडेय* से वार्ता करने के बाद माने और प्रदर्शन समाप्त किया.

    उसी दिन आयोग ने 18 और 19 जून को होने वाली प्रवक्ता भर्ती परीक्षा (पीजीटी) को तीसरी बार स्थगित कर दिया.

    आयोग के इस फैसले से करीब
    साढ़े चार लाख अभ्यर्थियों में एक बार फिर नाराजगी की लहर दौड़ गई.

    उत्तर प्रदेश में शिक्षक भर्ती एक बड़ा राजनैतिक मुद्दा रही है. 2022 के विधानसभा चुनाव में विपक्ष के कई आरोपों का जवाब मुख्यमंत्री *योगी आदित्यनाथ* ने यह कहकर दिया था कि

    यूपी में दोबारा सरकार बनने पर बड़े पैमाने पर शिक्षकों की भर्ती की जाएगी.

    दोबारा उनकी सरकार बनी तो उन्होंने शिक्षकों की एकीकृत भर्ती के लिए एक आयोग बनाने की घोषणा की. इस पर तेजी से अमल हुआ.

    विधान मंडल से 21 अगस्त, 2023 को पारित होने के बाद उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग अधिनियम, 2023 के जरिए उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग का गठन हुआ.

    लेकिन इसके बाद काम सुस्त पड़ गया.

    यही कोई आठ महीने बाद आयोग के कुल 12 सदस्यों का चयन 14 मार्च, 2024 को हुआ और इसके बाद अध्यक्ष की नियुक्ति होने में पांच महीने से ज्यादा लग गए.

    5 सितंबर, 2024 को अध्यक्ष *प्रोफेसर कीर्ति पांडेय* ने कार्यभार संभाला. इस बीच स्थायी सचिव के रूप में *मनोज कुमार* ने 18 जुलाई, 2024 को ज्वाइन किया.

    इस आयोग में उप सचिव के चार पद सृजित हैं, फिर भी उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग के उप सचिव *शिवजी मालवीय* वर्ष भर इस आयोग में अकेले काम करते रहे.

    साल भर बाद 12 अप्रैल, 2025 को एक और उप सचिव *विकास सिंह* की तैनाती हुई और दो पद अभी भी खाली हैं.

    *रजत सिंह* बताते हैं, “आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों का कार्यकाल तीन वर्ष का है जिसमें सभी सदस्यों के कार्यकाल का सवा साल पूरा हो चुका है और चेयरमैन का साल भर पूरा होने को है.

    ऐसे में यह नया आयोग भी अपने उद्देश्य से भटक चुका है.”

    बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा विभाग में शिक्षक भर्ती शुरू करने के लिए इस आयोग के प्रतिनिधियों और बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा विभाग के अफसरों के बीच यही कोई 10 बैठकें हो चुकी है

    सभी का नतीजा अभी तक शून्य ही रहा है.

    अभी तक इसी पर सहमति नहीं बन पाई है कि किस ढंग से और दरअसल कितने पदों को रिक्त माना जाए.

    इस तरह यूपी शिक्षा विभाग और शिक्षा सेवा चयन आयोग के बीच समन्वय की कमी के कारण 50,000 से ज्यादा पदों पर भर्तियां अटकी पड़ी हैं.

    इस आयोग के उपसचिव *शिवजी मालवीय* बताते हैं, “उच्चतर शिक्षा विभाग, माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों से मेरी बातचीत हुई है और वे शिक्षकों के अधियाचन (पद और उनकी रिक्तियों का ब्यौरा) देने को तैयार हैं.

    अटल आवासीय और व्यावसायिक शिक्षकों की नियमावली शासन में मंजूरी के लिए गई है.

    अनुमति मिलते ही इन शिक्षकों का भी अधियाचन मिल जाएगा.

    लेकिन इनके प्रतिनिधि मीटिंग मे नही आ रहे है एसे मे हम वार्ता भी करें तो किसके साथ ? इसके लिए मैंने कमिशनर को चिट्ठी लिखी है.”

    बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा विभाग में शिक्षकों के कितने पद खाली हैं, यह जानकारी संबंधित विभागों के पास नहीं है.

    आयोग के एक अधिकारी बताते हैं, “विभागों को ही आरक्षण वगैरह का निर्धारण करना है.

    संबंधित कॉलेजों से रिक्त पदों की सूचना शिक्षा विभाग को ही इकट्ठा करनी है.

    इसके बावजूद शिक्षा विभाग नई भर्ती शुरू करने के लिए आयोग को रिक्त पदों का ब्यौरा उपलब्ध नहीं करा पा रहा.

    विभाग जैसे ही यह मुहैया कराएगा, आयोग चयन प्रक्रिया शुरू कर देगा.

    ” माध्यमिक शिक्षा निदेशक *डॉ. महेंद्र देव* ने आयोग को चिट्ठी लिखकर पूछा है कि रिक्त पदों का ई-अधियाचन किस प्रारूप में देना है.

    उधर आयोग का कहना है कि आयोग का काम केवल भर्ती परीक्षा कराना और अभ्यर्थियों का चयन करना है.

    ऐसे में आयोग अपना कोई प्रारूप कैसे निर्धारित कर सकता है?

    विभाग आरक्षण का निर्धारण करते हुए जितने पदों का अधियाचन भेजेंगे, आयोग उतने पदों पर चयन प्रक्रिया पूरी कराएगा.

    फिलहाल, अधियाचन के प्रारूप को लेकर शिक्षा विभाग और उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के बीच गतिरोध बना हुआ है.

    ऐसे में आयोग पूर्व संस्थानों उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग की ओर से असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती और माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की ओर से प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) और प्रवक्ता संवर्ग (पीजीटी) भर्ती के आवेदनों के क्रम में परीक्षा आयोजन को लेकर व्यस्त है.

    इस तरह आयोग के गठन के करीब दो साल में केवल बैकलॉग भर्तियां ही निबटाई जा रही हैं.नई शिक्षक भर्ती के लिए अभ्यर्थियों का इंतजार जारी है.

    महानिदेशक, शिक्षा, *कंचन वर्मा* बताती हैं, “शिक्षकों की नियुक्ति के लिए शिक्षा सेवा चयन आयोग को अधियाचन भेजा जा रहा है.”

    इसके अलावा प्रदेश में चार साल से शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) न कराए जाने से भी युवाओं में रोष है.

    नवंबर 2021 में पेपरलीक के कारण उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी-टीईटी)-2021 दोबारा 23 जनवरी, 2022 को कराई जा सकी थी.

    इसका नतीजा 8 अप्रैल, 2022 को घोषित किया गया था, जिसमें 6,60,592 अभ्यर्थी पास हुए थे.

    इन अभ्यर्थियों को शिक्षक भर्ती का मौका नहीं मिला और इनके प्रमाणपत्र भी धूल फांक रहे हैं.

    उधर, नवगठित आयोग को टीईटी कराने की जिम्मेदारी मिली है लेकिन परीक्षा के फिलहाल कोई आसार नजर नहीं आ रहे.

    यूपी शिक्षा सेवा चयन आयोग की अध्यक्ष *कीर्ति पांडेय* ने बेसिक शिक्षा के प्रमुख सचिव को चिट्ठी लिखकर धरने पर बैठे अभ्यर्थियों की मांगों से अवगत कराते हुए आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है.

    सरकारी बेसिक स्कूलों में सुधरता छात्र-शिक्षक अनुपात (पीटीआर) भी शिक्षकों की नई भर्ती में बाधा है.

    केंद्र सरकार के मानकों के अनुरूप प्राइमरी स्कूलों में 30 छात्रों पर एक शिक्षक होना चाहिए और अपर प्राइमरी स्कूलों में 35 छात्रों पर एक शिक्षक.

    यूपी में शिक्षा मित्रों को जोड़ने पर सरकारी प्राइमरी स्कूलों में 22 छात्रों पर एक शिक्षक है

    जबकि शिक्षा मित्रों को हटाने पर 28 छात्रों पर एक शिक्षक का अनुपात बैठ रहा है.

    इस तरह पीटीआर का निर्धारित मानक से कम होना नए शिक्षकों की नियुक्ति की संभावना को कमजोर कर रहा है.

    *कंचन वर्मा* बताती हैं, “कुछ स्कूलों में बच्चों के अनुपात में शिक्षकों की संख्या ज्यादा है और कई स्कूल ऐसे हैं जहां छात्रों के अनुपात में शिक्षक कम हैं.

    समायोजन के जरिए शिक्षकों की तैनाती में इस विसंगति को दूर किया जा रहा है. *फिलहाल प्राइमरी स्कूलों में नए शिक्षकों की जरूरत नहीं* है.”

    इस तरह यूपी शिक्षा सेवा चयन आयोग की नई भर्ती प्रक्रिया फिलहाल *कई अड़चनों में फंस चुकी* है.

    *शिक्षा सेवा चयन आयोग की जिम्मेदारी*

    – यूपी राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम, 1973 के तहत शासित किसी विश्वविद्यालय से संबद्ध अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों, सहायता प्राप्त अल्पसंख्यक महाविद्यालयों के शिक्षकों की भर्ती.

    – इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम, 1921 के तहत शासित अशासकीय सहायता प्राप्त इंटररमीडिएट कॉलेजों, उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों, हाइस्कूलों या उनसे संबद्ध प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों की भर्ती.

    – इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम, 1921 के तहत आने वाले अशासकीय सहायता प्राप्त अल्पसंख्यक इंटररमीडिएट कॉलेजों या अल्पसंख्यक उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों या अल्पसंख्यक हाइस्कूलों या उनसे संबद्ध अल्पसंख्यक प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षक.

    – उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद् की ओर से संचालित एवं प्रबंधित विद्यालयों तथा परिषद् के अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाइस्कूलों तथा संबद्ध प्राथमिक विद्यालयों एवं अशासकीय सहायता प्राप्त अल्पसंख्यक जूनियर हाइस्कूलों तथा संबद्ध प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों की नियुक्ति.

    – अटल आवासीय विद्यालय समिति की ओर से संचालित संस्थाओं के अध्यापकों के चयन अथवा उत्तर प्रदेश सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (अनुदेशक और फोरमैन) सेवा नियमावली, 2021 के अधीन सर्टिफिकेट स्तरीय राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के इंस्ट्रक्टरों का चयन.

    – उत्तर प्रदेश अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) संचालित और आयोजित करने की जिम्मेदारी भी उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को ही सौंपी गई है.

    “आयोग की अभ्यर्थियों के साथ पूरी सहानुभूति है. शिक्षकों के रिक्त पदों का अधियाचन भेजने पर मैंने स्वयं बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के अफसरों से बात की है. जल्द ही इसका सकारात्मक नतीजा निकलेगा.”