Category: ब्रेकिंग न्यूज़
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यात्रा बन गई आखिरी यात्रा, पूरे परिवार की दुखद मृत्यु
राजस्थान। बांसवाड़ा की डॉ. कोमी व्यास उदयपुर में अपनी नौकरी छोड़कर अपने तीन बच्चों के साथ लंदन में अपने पति के साथ रहने जा रही थी।
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अहमदाबाद में भीषण विमान हादसा: एयर इंडिया का बोइंग 787 लंदन रवाना होते ही क्रैश, पूर्व मुख्यमंत्री रूपाणी समेत 242 लोग सवार; अब तक 100 शव बरामद
अहमदाबाद। देश की विमानन सेवाओं के इतिहास में एक और काला दिन जुड़ गया है। गुजरात की राजधानी अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से शनिवार दोपहर लंदन के गैटविक एयरपोर्ट के लिए रवाना हुआ एयर इंडिया का ड्रीमलाइनर विमान उड़ान भरते ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस भयावह हादसे में अब तक 100 शवों के मलबे से निकाले जाने की पुष्टि हो चुकी है। विमान में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी सवार थे।
एयर इंडिया की फ्लाइट नंबर AI-171 ने दोपहर 1:38 बजे उड़ान भरी थी और मात्र दो मिनट बाद 1:40 बजे वह एयरपोर्ट की बाहरी परिधि दीवार को तोड़ते हुए सिविल हॉस्पिटल के इंटर्न डॉक्टर्स हॉस्टल से जा टकराया। इस विमान में कुल 242 लोग सवार थे जिनमें 169 भारतीय, 53 ब्रिटिश, 7 पुर्तगाली और 1 कनाडाई नागरिक शामिल थे।
*डॉक्टरों का हॉस्टल भी चपेट में, 15 घायल, कई दबे होने की आशंका*
हादसे ने चिकित्सा जगत को भी झकझोर कर रख दिया है। जिस बिल्डिंग से विमान टकराया वह सिविल हॉस्पिटल का इंटर्न डॉक्टर्स हॉस्टल है, जहां 50-60 डॉक्टर उस समय मौजूद थे। प्रारंभिक सूचना के अनुसार 15 डॉक्टर गंभीर रूप से घायल हुए हैं जिन्हें शहर के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। मलबे में अभी भी कई लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है।
*आखिरी वक्त में पायलट का ‘Mayday’ कॉल*
बताया जा रहा है कि हादसे से ऐन पहले पायलट कैप्टन सुमित सुब्बरवाल ने ‘Mayday Mayday Mayday’ संदेश एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को भेजा था, जो आपात स्थिति में सहायता के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपयोग किया जाने वाला सिग्नल है। इसका तात्पर्य होता है कि विमान को गंभीर संकट का सामना है और वह आपात मदद चाहता है।
*मंजर ऐसा कि दिल दहल जाए…*
हादसे के प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक विमान के क्रैश होते ही चारों ओर धुआं और आग का गुबार छा गया। एयरपोर्ट क्षेत्र के आसपास स्थित इमारतों की खिड़कियाँ तक चटक गईं। मलबे के ढेर से हाहाकार सुनाई दे रहा था। राहत एवं बचाव दल को भी मलबा हटाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने तुरंत सभी विमानों के आवागमन पर रोक लगाते हुए एयरपोर्ट को अगली सूचना तक बंद कर दिया है।
*प्रधानमंत्री और गृहमंत्री सतर्क, केंद्र ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट*
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए नागरिक उड्डयन मंत्रालय एवं गुजरात प्रशासन से तत्काल विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। वहीं, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने गुजरात रवाना होते हुए कहा कि इस दुखद घड़ी में हर पीड़ित परिवार को केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी।
*एयर इंडिया चेयरमैन का बयान: “यह अपूरणीय क्षति”*
एयर इंडिया के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने इस हादसे को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि, “हमारे लिए इस हादसे में जान गंवाने वाले हर व्यक्ति की क्षति अपूरणीय है। हमारी प्राथमिकता इस समय पीड़ितों और उनके परिजनों तक सहायता पहुँचाना है। हमारी इमरजेंसी टीमें घटनास्थल पर तैनात हैं। साथ ही एक आपातकालीन हेल्पलाइन भी शुरू की गई है।”
*2020 के कोझिकोड हादसे की दिल दहला देने वाली यादें ताजा*
यह हादसा 7 अगस्त 2020 को केरल के कोझिकोड में हुए एयर इंडिया एक्सप्रेस विमान हादसे की भयावहता की याद दिलाता है, जिसमें 21 यात्रियों की मौत हुई थी। अहमदाबाद की यह दुर्घटना उससे कहीं अधिक घातक मानी जा रही है क्योंकि इसमें अस्पताल परिसर के भीतर रहने वाले डॉक्टरों की भी बड़ी संख्या में जान जाने की आशंका है।
*DGCA व एयर इंडिया के वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुँचे, जांच के आदेश*
नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने हादसे की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। विमान का ब्लैक बॉक्स (फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर व कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर) बरामद करने का प्रयास जारी है। प्रथम दृष्टया तकनीकी गड़बड़ी या पक्षी टकराने की आशंका जताई जा रही है, लेकिन इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
*एयरपोर्ट बंद, सैकड़ों यात्री फंसे*
हादसे के बाद एयरपोर्ट के सभी आने-जाने वाले विमानों को रोक दिया गया है। इससे सैकड़ों यात्री विभिन्न टर्मिनलों पर फंसे हुए हैं। अधिकारियों ने यात्रियों से संयम बनाए रखने की अपील की है।
*मुख्य बिंदु —*
कुल यात्री व चालक दल: 242
भारतीय नागरिक: 169
ब्रिटिश नागरिक: 53
पुर्तगाली नागरिक: 7
कनाडाई नागरिक: 1
•पूर्व मुख्यमंत्री रूपाणी विमान में सवार
•अब तक 100 शव बरामद, दर्जनों घायल
•इंटर्न डॉक्टर हॉस्टल में बड़ी संख्या में डॉक्टर घायल या दबे
•प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने स्थिति पर ली जानकारी
•DGCA जांच दल और एयर इंडिया अधिकारी घटनास्थल पर
*अहमदाबाद एयरपोर्ट अगली सूचना तक बंद*
*पूरा देश शोकाकुल*
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, तमाम केंद्रीय मंत्री, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री तथा विपक्षी नेताओं ने भी इस दर्दनाक हादसे पर गहरा शोक जताया है।
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’संकल्प से सिद्धि’ का अनुपम उदाहरण है गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे
“जहां सड़क बनाना कठिन था, वहां योगी सरकार ने बना दिया एक्सप्रेसवे”
“17 जून को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे का लोकार्पण”
“91.35 किमी लंबे एक्सप्रेसवे के निर्माण पर आई है 7283.28 करोड़ रुपये की लागत”
गोरखपुर, 12 जून। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विकास कार्यों की चर्चा करते हुए प्रायः एक मंत्र का स्मरण कराते हैं। वह मंत्र है ‘संकल्प से सिद्धि’। यानी दृढ़ इच्छाशक्ति हो तो कठिन से कठिन कार्य भी करके दिखाया जा सकता है। इस लिहाज से 17 जून को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों लोकार्पित होने जा रहा गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे भी ‘संकल्प से सिद्धि’ की मिसाल है।
लो लैंड के कारण जहां सामान्य सड़क बनाना ही कठिन था, वहां योगी सरकार ने एक्सप्रेसवे बना दिया है। यूं तो यह एक्सप्रेसवे गोरखपुर से आजमगढ़ के बीच चार जिलों से गुजरता है लेकिन इसकी कनेक्टिविटी से राजधानी लखनऊ की राह भी और आसान हो रही है। रोड इंफ्रास्ट्रक्चर की इस शानदार सौगात का नाम है, “गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे”।
प्रदेश में रोड कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने पर लगातार काम कर रही योगी सरकार 17 जून को गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर आवागमन की पूर्ण सुविधा के साथ इसका लोकार्पण करने को तैयार है। इस एक्सप्रेसवे से गोरखपुर क्षेत्र, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के माध्यम से लखनऊ, आगरा एवं दिल्ली तक त्वरित एवं सुगम यातायात कॉरिडोर से जुड़ रहा है।
कहां से शुरू होकर कहां पूर्वांचल एक्सप्रेस वे से मिलेगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता वाली परियोजनाओं में से एक गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे गोरखपुर बाईपास एनएच- 27 ग्राम जैतपुर के पास से प्रारंभ होकर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर जनपद आजमगढ़ के सालारपुर में समाप्त हो रहा है। यह यूपी एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूपीडा) की फ्लैगशिप परियोजना है।
91.35 किमी लंबे गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे की अद्यतन कुल लागत 7283.28 करोड़ रुपये (भूमि अधिग्रहण पर व्यय समेत) है। इससे जनपद गोरखपुर, अम्बेडकरनगर, संतकबीरनगर, आजमगढ़ सीधे तौर पर लाभान्वित हुए हैं। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे तीव्र संपर्क तथा बेहतर यात्रा अनुभव प्रदान करेगा। साथ ही साथ संबंधित क्षेत्र के जनमानस को भी एक दूसरे के और निकट लाने में मदद करेगा।
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण का कार्य अत्यंत दुरूह था। कारण, गोरखपुर जिले में जितनी भी दूरी इस एक्सप्रेसवे के दायरे में आती है, वह लो लैंड वाला है। यहां सामान्य सड़क भी हर साल क्षतिग्रस्त हो जाती थी। ऐसे में एक्सप्रेसवे के लिए मिट्टी भराई करना चुनौतीपूर्ण कार्य था। पर, सीएम योगी के निर्देश पर प्रशासन के अफसरों ने इस चुनौती को भी सफलतापूर्वक निपटा दिया है। अब जबकि एक्सप्रेसवे बनकर तैयार है, अधिकारी अपनी मेहनत पर संतोष व्यक्त कर रहे हैं।
गोरखपुर से सिर्फ तीन घंटे दूर होगा लखनऊ
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे होते हुए लोगों को गोरखपुर से लखनऊ पहुंचने में महज साढ़े तीन घंटे का समय लगेगा। इसके अलावा इसकी कनेक्टिविटी से लोग दिल्ली से लेकर आगरा तक के शानदार सफर का आनंद ले सकेंगे। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण से गोरखपुर क्षेत्र के सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त होगा। एक्सप्रेसवे के प्रवेश नियंत्रित होने से वाहनों के ईंधन खपत में महत्वपूर्ण बचत, समय की बचत एवं पर्यावरणीय प्रदूषण का नियंत्रण भी संभव हो सकेगा।
नाम लिंक है,पर लाभ बड़ा होगा
इस एक्सप्रेसवे से अच्छादित क्षेत्रों के सामाजिक एवं आर्थिक विकास के साथ ही कृषि, वाणिज्य, पर्यटन तथा उद्योगों की आय को बढ़ावा मिलेगा। एक्सप्रेसवे से अच्छादित क्षेत्रों में स्थित विभिन्न उत्पादन इकाइयों, विकास केंद्रों तथा कृषि उत्पादन क्षेत्रों को राष्ट्रीय राजधानी से जोड़ने हेतु एक इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के रूप में सहायक होगा। एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ योगी सरकार इंडस्ट्रियल कॉरिडोर भी बना रही है।
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे : एक नजर में
प्रारंभ बिंदु : जैतपुर (गोरखपुर)
अंतिम बिंदु : सालारपुर (आजमगढ़) में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से कनेक्ट
कुल लंबाई : 91.35 किमी
कुल लागत (भूमि लागत सहित) : 7283 करोड़.28 लाख
एक्सप्रेसवे में पड़ने वाले जिले : गोरखपुर, सन्तकबीरनगर, अम्बेडकरनगर, आजमगढ़ढांचागत विशेषताएं:
-पूर्णतः प्रवेश नियंत्रित फोरलेन (सिक्सलेन में विस्तारणीय)
-9 टोल प्लाजा/रैम्प प्लाजा
-9 रैम्प (चढ़ने-उतरने के लिए)
-2 जनसुविधा परिसर
-2 टॉयलेट ब्लॉक
-7 फ्लाईओवर
-8 बड़े पुल
-14 छोटे पुल
-49 पैदल अंडरपास
-55 लघु वाहन अंडरपास
-20 वाहन अंडरपास
-01 वाहन ओवरपास -

अहमदाबाद में भीषण विमान हादसा: एयर इंडिया का बोइंग 787 लंदन रवाना होते ही क्रैश, पूर्व मुख्यमंत्री रूपाणी समेत 242 लोग सवार; अब तक 100 शव बरामद
अहमदाबाद। देश की विमानन सेवाओं के इतिहास में एक और काला दिन जुड़ गया है। गुजरात की राजधानी अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से शनिवार दोपहर लंदन के गैटविक एयरपोर्ट के लिए रवाना हुआ एयर इंडिया का ड्रीमलाइनर विमान उड़ान भरते ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस भयावह हादसे में अब तक 100 शवों के मलबे से निकाले जाने की पुष्टि हो चुकी है। विमान में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी सवार थे।
एयर इंडिया की फ्लाइट नंबर AI-171 ने दोपहर 1:38 बजे उड़ान भरी थी और मात्र दो मिनट बाद 1:40 बजे वह एयरपोर्ट की बाहरी परिधि दीवार को तोड़ते हुए सिविल हॉस्पिटल के इंटर्न डॉक्टर्स हॉस्टल से जा टकराया। इस विमान में कुल 242 लोग सवार थे जिनमें 169 भारतीय, 53 ब्रिटिश, 7 पुर्तगाली और 1 कनाडाई नागरिक शामिल थे।
“डॉक्टरों का हॉस्टल भी चपेट में, 15 घायल, कई दबे होने की आशंका”
हादसे ने चिकित्सा जगत को भी झकझोर कर रख दिया है। जिस बिल्डिंग से विमान टकराया वह सिविल हॉस्पिटल का इंटर्न डॉक्टर्स हॉस्टल है, जहां 50-60 डॉक्टर उस समय मौजूद थे। प्रारंभिक सूचना के अनुसार 15 डॉक्टर गंभीर रूप से घायल हुए हैं जिन्हें शहर के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। मलबे में अभी भी कई लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है।
“आखिरी वक्त में पायलट का ‘Mayday’ कॉल”
बताया जा रहा है कि हादसे से ऐन पहले पायलट कैप्टन सुमित सुब्बरवाल ने ‘Mayday Mayday Mayday’ संदेश एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को भेजा था, जो आपात स्थिति में सहायता के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपयोग किया जाने वाला सिग्नल है। इसका तात्पर्य होता है कि विमान को गंभीर संकट का सामना है और वह आपात मदद चाहता है।
“मंजर ऐसा कि दिल दहल जाए…”
हादसे के प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक विमान के क्रैश होते ही चारों ओर धुआं और आग का गुबार छा गया। एयरपोर्ट क्षेत्र के आसपास स्थित इमारतों की खिड़कियाँ तक चटक गईं। मलबे के ढेर से हाहाकार सुनाई दे रहा था। राहत एवं बचाव दल को भी मलबा हटाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने तुरंत सभी विमानों के आवागमन पर रोक लगाते हुए एयरपोर्ट को अगली सूचना तक बंद कर दिया है।
“प्रधानमंत्री और गृहमंत्री सतर्क, केंद्र ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए नागरिक उड्डयन मंत्रालय एवं गुजरात प्रशासन से तत्काल विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। वहीं, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने गुजरात रवाना होते हुए कहा कि इस दुखद घड़ी में हर पीड़ित परिवार को केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी।
“एयर इंडिया चेयरमैन का बयान: “यह अपूरणीय क्षति”
एयर इंडिया के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने इस हादसे को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि, “हमारे लिए इस हादसे में जान गंवाने वाले हर व्यक्ति की क्षति अपूरणीय है। हमारी प्राथमिकता इस समय पीड़ितों और उनके परिजनों तक सहायता पहुँचाना है। हमारी इमरजेंसी टीमें घटनास्थल पर तैनात हैं। साथ ही एक आपातकालीन हेल्पलाइन भी शुरू की गई है।”
“2020 के कोझिकोड हादसे की दिल दहला देने वाली यादें ताजा”
यह हादसा 7 अगस्त 2020 को केरल के कोझिकोड में हुए एयर इंडिया एक्सप्रेस विमान हादसे की भयावहता की याद दिलाता है, जिसमें 21 यात्रियों की मौत हुई थी। अहमदाबाद की यह दुर्घटना उससे कहीं अधिक घातक मानी जा रही है क्योंकि इसमें अस्पताल परिसर के भीतर रहने वाले डॉक्टरों की भी बड़ी संख्या में जान जाने की आशंका है।
“DGCA व एयर इंडिया के वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुँचे, जांच के आदेश”
नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने हादसे की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। विमान का ब्लैक बॉक्स (फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर व कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर) बरामद करने का प्रयास जारी है। प्रथम दृष्टया तकनीकी गड़बड़ी या पक्षी टकराने की आशंका जताई जा रही है, लेकिन इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
“एयरपोर्ट बंद, सैकड़ों यात्री फंसे”
हादसे के बाद एयरपोर्ट के सभी आने-जाने वाले विमानों को रोक दिया गया है। इससे सैकड़ों यात्री विभिन्न टर्मिनलों पर फंसे हुए हैं। अधिकारियों ने यात्रियों से संयम बनाए रखने की अपील की है।
मुख्य बिंदु :
कुल यात्री व चालक दल: 242
भारतीय नागरिक: 169
ब्रिटिश नागरिक: 53
पुर्तगाली नागरिक: 7
कनाडाई नागरिक: 1
•पूर्व मुख्यमंत्री रूपाणी विमान में सवार
•अब तक 100 शव बरामद, दर्जनों घायल
•इंटर्न डॉक्टर हॉस्टल में बड़ी संख्या में डॉक्टर घायल या दबे
•प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने स्थिति पर ली जानकारी
•DGCA जांच दल और एयर इंडिया अधिकारी घटनास्थल पर
“अहमदाबाद एयरपोर्ट अगली सूचना तक बंद”
“पूरा देश शोकाकुल…”
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, तमाम केंद्रीय मंत्री, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री तथा विपक्षी नेताओं ने भी इस दर्दनाक हादसे पर गहरा शोक जताया है।
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राजा रघुवंशी मर्डर केस में नया खुलासा: सोनम ने खुद रची थी साजिश, मंगलसूत्र से खुला राज़
ब्रेकिंग न्यूज़ : शिलांग। डीआईजी शिलांग का बड़ा बयान, राजा और सोनम लौट रहे थे होम स्टे, रास्ते में तीन कॉन्ट्रैक्ट किलर से कराई दोस्ती, सोनम के कहने पर राजा को फोटो खिंचाने के बहाने दूसरी जगह ले गए। वहां राजा की हत्या कर शव ठिकाने लगाया। मंगलसूत्र छोड़ गई सोनम, इसी से टूटा पूरा मामला, हत्या के बाद सोनम और ब्वॉयफ्रेंड राज कुशवाह 2 स्कूटी पर भागे, राज कुशवाह ने सोनम को गाजीपुर (UP) तक छोड़ा, गाजीपुर के ढाबे पर पहुंचकर सोनम ने थ्योरी बदलकर पुलिस को गुमराह किया।
डीआईजी के मुताबिक एक न्यू मैरिड लड़की अपने गले से मंगलसूत्र ऐसे कैसे उतार सकती है। इसी बिंदु ने पुलिस को सोनम पर शक गहरा दिया।
अब सोनम, ब्वॉयफ्रेंड और तीनों कॉन्ट्रैक्ट किलर गिरफ्तार, पुलिस कर रही पूरी साजिश की परतें उजागर।
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आरोप: निजी भूमिधरी में उपजिलाधिकारी और थाना प्रभारी ने जबरजस्ती कब्जा कर करवाया सड़क निर्माण
बेलघाट, ( गोरखपुर ) ।
ब्रह्मसारी थाना बेलघाट निवासिनी सरोज देवी पत्नी शिव कुमार दुबे ने आज बुधवार को गोरखपुर प्रेस क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उपजिलाधिकारी खजनी और थाना प्रभारी बेलघाट पर जबरजस्ती अवैध कब्जा कर सड़क निर्माण कराने का आरोप लगाया है।

बताते चले कि सरोज देवी, निवासी ब्रह्मसारी, थाना बेलघाट, ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाते हुए बताया कि, 9 जून 2025 को उपजिलाअधिकारी खजनी के आदेश का हवाला देकर थाना अध्यक्ष बेलघाट विकास नाथ व नायब तहसीलदार हरीश यादव द्वारा पीड़िता के खजनी तहसील अंतर्गत निजी भूमिधरी जिसकी आराजी संख्या 317 मी व 263 पर भारी पुलिस बल की उपस्थिति में शाम 4:30 बजे अवैध कब्जा करवा कर सड़क निर्माण करवाया गया। वही इस आराजी संख्या पर न्यायालय बांसगांव में दीवानी मुकदमा 123/24 भी चल रहा है, जब पीड़िता द्वारा इस अवैध कब्जा का विरोध कर, सरकारी आदेश की छाया प्रति मांगी गई तो, थानाअध्यक्ष द्वारा बताया गया कि, आप उपजिलाधिकारी खजनी से आदेश की छाया प्रति जाकर प्राप्त कर सकते हैं। वही जब पीड़िता उपजिलाधिकारी खजनी से आदेश की कॉफी मांगा तो, उनके द्वारा बताया गया कि कोई सरकारी आदेश नहीं है। जब पीड़िता द्वारा इस अवैध कब्जे का विरोध दर्ज कराया गया तो, उपजिलाधिकारी द्वारा पीड़िता, उसके परिवार व सहयोगियों को फर्जी मुकदमे में जेल भेजने की धमकी भी दी गई। वहीं थाना अध्यक्ष बेलघाट द्वारा पीड़िता, उसके परिवार व सहयोगियों को धमकी दिया गया। पीड़िता ने आगे बताया कि, उनके सहयोगी मोहित यादव के घर पर रात में सो रहे उनके मित्र अश्वनी यादव को पुलिस उठा ले गई तथा उन्हें मारा पीटा गया साथ ही थाने के सिपाही रोहित यादव द्वारा 25000 रुपए भी लिया गया। वहीं जब पीड़िता और उनके परिजनों को जब इसकी जानकारी हुई तो इनलोगों द्वारा इसका विरोध किया गया, जिसके बाद सिपाही द्वारा पैसा वापस कर अश्वनी यादव के ऊपर 151 में चालान कर दिया गया।
पीड़िता ने आगे प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि, विरोधी पक्ष प्रधान प्रतिनिधि सतीश चंद्र उर्फ गुड्डू लाल थाने व तहसील की दलाली करता है, इसलिए उपजिलाधिकारी खजनी और थाना अध्यक्ष बेलघाट द्वारा पैसा लेकर मेरी जमीन पर अवैध कब्जा व मेरे परिवार व सहयोगियों का उत्पीड़न किया जा रहा है। वहीं पीड़िता द्वारा यह भी आरोप लगाया कि, फोन पर व कार्यालय में जाकर जिला अधिकारी गोरखपुर और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर को शिकायत किया गया, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई।
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संतकबीरनगर के मेहदावल थाना क्षेत्र के परसहना में युवक पर बर्बर हमला
“न्याय की राह देखता एक पिता, कराहता एक बेटा और उदासीन व्यवस्था”
“दयानंद मिश्रा पर सुनियोजित हमला — ईंट-पत्थर, लाठी-डंडे और तलवार से सजी साजिश की रात”
” प्रशासन मौन, पुलिस निष्क्रिय और समाज आंदोलित — क्या यह कानून का मुँह चिढ़ाता अपराध नहीं ? “
यह हमला उस भरोसे का कत्ल है जो हर आम आदमी ‘कानून और व्यवस्था’ पर करता है।
घटना का सारांश:
दिनांक — 9 जून 2025
स्थान — रक्सा गांव, थाना मेहदावल, जनपद संतकबीरनगर
पीड़ित — दयानंद मिश्रा, युवक, ग्राम निवासी, सपनों का घर बना रहा था।
घटना — पीछे से जानलेवा हमला, लोहे की रॉड, तलवार और डंडों से निर्मम पिटाई, अधमरी हालत में जिला अस्पताल में भर्ती।वह बस अपना घर बना रहा था…
दयानंद मिश्रा, एक साधारण युवक, एक असाधारण सपना — अपना खुद का घर।
जिस दिन उसके खून और पसीने से खड़ा हो रहा वह मकान आकार ले रहा था, उसी दिन उसे मिटा देने की तैयारी कुछ दरिंदों ने कर ली थी।रात 8:30 बजे, वह अपने निर्माणाधीन मकान पर भोजन लेकर पहुँचा था। लेकिन जैसे ही उसने कदम बढ़ाया, घात लगाए लोगों ने उस पर लोहे की रॉड, लाठी, भाला और तलवार से हमला बोल दिया।
उसके शरीर पर पड़ते वारों की आवाज़ें रात की नीरवता को चीरती रहीं,
पर पुलिस चौकी, जो महज़ 300 मीटर दूर थी, वह मौन रही।अस्पताल में अधमरी हालत — टूटी हड्डियाँ, फटी त्वचा, डरी आत्मा
गांववालों की मदद से दयानंद को जिला अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने कहा — “इस हमले में मरना तय था, लेकिन वह किसी चमत्कार से बच गया।”
उनकी पसलियाँ टूटी, सिर में गंभीर चोटें, हाथ-पैरों की हड्डियाँ चटक चुकीं — वह सिर्फ शरीर से नहीं, अपने सपनों से भी घायल हो चुका है।
प्रशासनिक चुप्पी — क्या यह अपराध को संरक्षण नहीं ?
सबसे चौंकाने वाली बात यह कि:
•हमला नामजद आरोपियों द्वारा किया गया,
•हथियारों का खुलेआम प्रयोग हुआ,
•मेडिकल रिपोर्ट में गंभीर चोटों की पुष्टि हुई,
•प्रत्यक्षदर्शियों की मौजूदगी है,
•एफआईआर दर्ज हो चुकी है — संगीन धाराओं में।
फिर भी एक भी गिरफ्तारी नहीं !
क्या न्याय व्यवस्था अब केवल रस्म अदायगी बन गई है ?
परिवार की चीख — “हमारे बेटे को न्याय दो!”
दयानंद के वृद्ध पिता पंडित परमात्मा प्रसाद मिश्रा का स्वर कांपता है, लेकिन शब्दों में एक ज्वाला है:
“हमारे बेटे को बेरहमी से पीटा गया। पुलिस हमें सिर्फ ‘तारीख़ पे तारीख़’ दे रही है। अगर हम आम नागरिक हैं, तो क्या हम इंसाफ़ के लायक नहीं ?”
दयानंद की बहनें अस्पताल के गलियारे में हर आने-जाने वाले अधिकारी से एक ही सवाल पूछती हैं:
“क्या हमारे भाई की जान की कोई कीमत नहीं?”
गांव का कोना-कोना आक्रोशित: “अब चुप नहीं बैठेंगे”
गांव के लोग इसे सिर्फ दयानंद का हमला नहीं, बल्कि सम्पूर्ण गांव की आत्मा पर किया गया वार मान रहे हैं। न्याय नहीं मिलने पर ग्रामवासी जल्द मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाने के लिए जाएंगे,
एक बुजुर्ग किसान ने कहा:
“आज दयानंद को पीटा गया, कल कोई और होगा। अगर अब हम चुप रहे, तो हम सबके घरों पर यह खतरा मंडराता रहेगा।”
कानून का सवाल — क्या आज न्याय सिर्फ रसूख़दारों के लिए है?
जब न्याय की गति मद्धम हो जाए, जब पुलिस निष्क्रिय हो जाए, और जब पीड़ित की चीखों पर व्यवस्था के कान बहरे हो जाएँ — तब लोकतंत्र घायल होता है।
यह हमला केवल दयानंद पर नहीं था, यह एक सोच पर हमला था — कि न्याय सबके लिए समान है।
परिवार की पाँच माँगें :
1. नामजद आरोपियों की त्वरित गिरफ्तारी।
2. पीड़ित को सरकारी चिकित्सा सहायता व आर्थिक मुआवज़ा।
3. पुलिस निष्क्रियता की उच्च स्तरीय जांच।
4. परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए।
5. घटना की स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच।
दयानंद की आँखें पूछ रही हैं — “क्या मैं अकेला हूँ ?”
उसका शरीर जवाब नहीं दे रहा, लेकिन आँखों में एक मौन प्रश्न है :
“क्या मेरे सपनों की कोई क़ीमत नहीं ?”
“क्या मैं सिर्फ इसलिए मारा गया क्योंकि मैं कमजोर हूँ?”
“क्या यह देश अब सिर्फ प्रभावशाली लोगों के लिए है?समाज को अब चुप नहीं रहना चाहिए…
यह कोई व्यक्तिगत लड़ाई नहीं, यह हर उस व्यक्ति की लड़ाई है जो व्यवस्था से न्याय की उम्मीद करता है।
आज दयानंद है, कल कोई और होगा।
यदि अब हम चुप रहे, तो अन्याय को बल मिलेगा और इंसाफ़ फिर इतिहास की किताबों में ही सिमट जाएगा।
दयानंद मिश्रा के लिए नहीं — हर उस आवाज़ के लिए जो चुप करा दी गई है।
हर उस सपने के लिए जो निर्माणाधीन ही कुचल दिए जाते हैं।
हर उस भरोसे के लिए जो अब भी संविधान में यक़ीन करता है। -

दरोगा घुस लेते रंगेहाथ दबोचा गया
कानपुर ब्रेकिंग। नौबस्ता थाने में तैनात दरोगा अभिनव चौधरी को एंटी करप्शन टीम ने किया गिरफ्तार.
नामजद का नाम हटाने के एवज में मांगा था 20 हज़ार.
युवक की शिकायत पर एंटी करेप्शन टीम सक्रिय हो गई। नोटों पर फिनोपथलीन पाउडर लगाया गया.
श्री राम चौक पर युवक से घूस लेते एंटी करेप्शन टीम ने दरोगा अभिनव चौधरी को रंगेहाथ पकड़ लिया.
एंटी करेप्शन टीम की रिपोर्ट मिलते ही दरोगा अभिनव चौधरी को कर दिया गया निलंबित.
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राशन कार्ड धारकों को बड़ा तोहफा ! अब चावल-गेहूं के साथ मिलेंगी ये 10 ज़रूरी चीज़ें फ्री में
जून 2025 की शुरुआत भारत के करोड़ों गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आ रही है। केंद्र सरकार ने Ration Card Free Distribution Scheme June 2025 के तहत राशन कार्ड धारकों के लिए एक बड़ा ऐलान किया है, जो मानसून के दौरान उनकी जिंदगी को आसान बनाएगा।
इस योजना के जरिए न केवल मुफ्त राशन, बल्कि रोजमर्रा की 10 जरूरी चीजें जैसे गेहूं, चावल, दाल, चीनी, तेल, नमक, मसाले, साबुन, चायपत्ती और दूध पाउडर भी मुफ्त दिए जाएंगे। साथ ही, कुछ राज्यों में ₹1000 की आर्थिक सहायता भी दी जाएगी।
यह योजना विशेष रूप से उन परिवारों के लिए बनाई गई है जो BPL (Below Poverty Line), AAY (Antyodaya Anna Yojana), और PHH (Priority Household) श्रेणी में आते हैं। आइए, इस मुफ्त राशन योजना 2025 के बारे में विस्तार से जानते हैं और समझते हैं कि यह कैसे गरीब परिवारों की मदद करेगी।
*मुफ्त राशन योजना 2025*
केंद्र सरकार ने Pradhan Mantri Garib Kalyan Anna Yojana के तहत इस नई योजना को शुरू किया है, जिसका मकसद देश के लगभग 80 करोड़ राशन कार्ड धारकों को लाभ पहुंचाना है। इस योजना के तहत जून 2025 में दो बार राशन वितरण होगा, साथ ही जून, जुलाई और अगस्त के लिए तीन महीने का राशन एडवांस में दिया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य मानसून के दौरान बाढ़, सड़क बंद होने या अन्य समस्याओं के कारण राशन की कमी को रोकना है। Narendra Modi सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि गरीब परिवारों को न केवल खाने-पीने की चीजें मिलें, बल्कि उनकी रोजमर्रा की जरूरतें भी पूरी हों।
*योजना में क्या-क्या मिलेगा?*
Ration Card Free Distribution Scheme June 2025 के तहत राशन कार्ड धारकों को निम्नलिखित 10 जरूरी चीजें मुफ्त में दी जाएंगी:
• गेहूं (Wheat): पौष्टिक और जरूरी अनाज।
• चावल (Rice): हर परिवार की रसोई का मुख्य हिस्सा।
• दाल (Pulses): प्रोटीन का महत्वपूर्ण स्रोत।
• चीनी (Sugar): रोजमर्रा की मिठास के लिए।
• तेल (Oil): खाना पकाने के लिए जरूरी।
• नमक (Salt): हर भोजन का आधार।
• मसाले (Spices): स्वाद और सेहत के लिए।
• साबुन (Soap): स्वच्छता के लिए।
• चायपत्ती (Tea Leaves): सुबह की ताजगी के लिए।
• दूध पाउडर (Milk Powder): बच्चों और बड़ों की सेहत के लिए।
इसके अलावा, कुछ राज्यों में पात्र परिवारों को ₹1000 की आर्थिक सहायता भी दी जाएगी, जो सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर होगी। यह राशि परिवारों को अपनी अन्य जरूरतें पूरी करने में मदद करेगी।*योजना की पात्रता और जरूरी शर्तें*
मुफ्त राशन योजना 2025 का लाभ उठाने के लिए कुछ शर्तें पूरी करनी होंगी:
• लाभार्थी के पास वैध राशन कार्ड (BPL, AAY, या PHH) होना चाहिए।
• परिवार की वार्षिक आय राज्य सरकार द्वारा निर्धारित सीमा से कम होनी चाहिए।
• राशन कार्ड की e-KYC पूरी होनी अनिवार्य है।
• बैंक खाता Aadhaar से लिंक होना चाहिए, खासकर आर्थिक सहायता के लिए।
• एक परिवार को केवल एक राशन कार्ड पर लाभ मिलेगा।
• आवेदक भारतीय नागरिक होना चाहिए।*राशन वितरण की प्रक्रिया*
राशन और अन्य जरूरी चीजों का वितरण 30 मई से 10 जून 2025 तक उचित मूल्य की दुकानों (PDS Shops) के माध्यम से किया जाएगा।
लाभार्थियों को अपने Aadhaar Card, Ration Card, और बैंक पासबुक साथ लाने होंगे। e-KYC पूरी न होने पर लाभ नहीं मिलेगा।
आर्थिक सहायता सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए भेजी जाएगी।
केंद्र सरकार ने वितरण प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए सख्त निगरानी का इंतजाम किया है।
*कितनी मात्रा में मिलेगा राशन?*
• AAY (Antyodaya Anna Yojana) कार्ड धारकों को: 35 किलो अनाज (14 किलो गेहूं, 21 किलो चावल) प्रति कार्ड।
• PHH (Priority Household) कार्ड धारकों को: प्रति सदस्य 5 किलो अनाज (2 किलो गेहूं, 3 किलो चावल)।
• अन्य चीजें जैसे दाल, चीनी, तेल, नमक, मसाले, साबुन, चायपत्ती, और दूध पाउडर निर्धारित मात्रा में प्रति परिवार दिए जाएंगे।
• ₹1000 की आर्थिक सहायता पात्र लाभार्थियों के खाते में जमा होगी।*योजना का महत्व और लाभ*
Ration Card Free Distribution Scheme June 2025 गरीब परिवारों के लिए एक वरदान साबित होगी। यह योजना न केवल खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करेगी, बल्कि आर्थिक सहायता के जरिए परिवारों का बोझ भी कम करेगी। मानसून के दौरान बाढ़ या सड़क बंद होने जैसी समस्याओं में राशन की कमी नहीं होगी।
केंद्र सरकार की यह पहल Narendra Modi के नेतृत्व में गरीबों के कल्याण के लिए एक बड़ा कदम है। पारदर्शी वितरण प्रक्रिया यह सुनिश्चित करेगी कि लाभ हर जरूरतमंद तक पहुंचे।
*किन राज्यों में लागू होगी योजना?*
यह योजना केंद्र सरकार की है, लेकिन इसे राज्य सरकारों की सहमति के साथ लागू किया जाएगा। उत्तर प्रदेश (Yogi Adityanath), तेलंगाना (Revanth Reddy), मध्य प्रदेश (Mohan Yadav), बिहार (Nitish Kumar), ओडिशा (Mohan Charan Majhi), राजस्थान (Bhajan Lal Sharma), छत्तीसगढ़ (Vishnu Deo Sai), झारखंड (Hemant Soren), पश्चिम बंगाल (Mamata Banerjee), महाराष्ट्र (Devendra Fadnavis), पंजाब (Bhagwant Mann), हरियाणा (Nayab Singh Saini), गुजरात (Bhupendra Patel), तमिलनाडु (MK Stalin), कर्नाटक (Siddaramaiah), और केरल (Pinarayi Vijayan) जैसे राज्यों में यह योजना लागू होगी। कुछ राज्यों में दी जाने वाली चीजों में मामूली बदलाव हो सकता है।
*आवेदन कैसे करें?*
यदि आपके पास पहले से राशन कार्ड है और e-KYC पूरी है, तो अलग से आवेदन की जरूरत नहीं है। नए राशन कार्ड के लिए नजदीकी जन सेवा केंद्र या खाद्य आपूर्ति विभाग की वेबसाइट पर आवेदन कर सकते हैं। जरूरी दस्तावेजों में Aadhaar Card, बैंक पासबुक, आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, और पासपोर्ट साइज फोटो शामिल हैं। आवेदन की स्थिति ऑनलाइन पोर्टल या SMS के जरिए चेक की जा सकती है।
*योजना से जुड़े सुझाव*
• समय पर e-KYC पूरी करें ताकि लाभ में कोई रुकावट न आए।
• वितरण के समय सभी जरूरी दस्तावेज साथ रखें।
• किसी भी गड़बड़ी की स्थिति में हेल्पलाइन नंबर या पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।
• इस योजना की जानकारी अपने आसपास के जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाएं।










