Category: उत्तर प्रदेश

  • पेड़ लगाओ-पेड़ बचाओ जनअभियान-2024 की समीक्षा

    पेड़ लगाओ-पेड़ बचाओ जनअभियान-2024 की समीक्षा

    लखनऊ

    पेड़ लगाओ-पेड़ बचाओ जनअभियान-2024 की समीक्षा सीएम आवास पर मुख्यमंत्री योगी ने की समीक्षा बैठक 20 जुलाई को पौधरोपण का नया रिकॉर्ड बनाएगा यूपी माता भूमि: पुत्रोऽहं पृथिव्या:’ का भाव होगा आत्मसात महापर्व के रूप में होगा पेड़ लगाओ-पेड़ बचाओ अभियान यूपी में एक ही दिन में लगाए जाएंगे 36.46 करोड़ पौधे मुख्यमंत्री का निर्देश-जनसहभागिता की जाए सुनिश्चित पौधे लगाएं, लेकिन उसकी सुरक्षा करें सुनिश्चित- सीएम राजकीय पक्षी सारस के ग्रीष्मकालीन गणना की घोषणा यूपी पर प्रकृति व परमात्मा की असीम कृपा- सीएम

  • तानाशाही रवैए के खिलाफ एकजुट हुए शिक्षक

    तानाशाही रवैए के खिलाफ एकजुट हुए शिक्षक

    तानाशाही रवैए के खिलाफ एकजुट हुए शिक्षक

    गोला। प्रदेश के लाखों शिक्षकों की न्यायोचित मांगों को दरकिनार करते हुए वर्तमान संवेदनहीन और तानाशाह सरकार ने जो डिजिटल उपस्थिति और रजिस्टर डिजिटलाइजेशन का तुगलकी फरमान जारी किया है,उसके खिलाफ सभी शिक्षकों ने एक स्वर में असहमति जताई है और आर पार की लड़ाई हेतु बाध्य हुए हैं। जिस तरह अन्य विभागों में एक कैलेंडर वर्ष में 14 सीएल के अतिरिक्त 31 उपार्जित अवकाश,12 द्वितीय शनिवार अवकाश के साथ अर्ध आकस्मिक अवकाश की सुविधा अनुमन्य है, सरकारी वाहन निकटस्थ कार्यस्थल का लाभ प्राप्त करने वाले अधिकारी/कर्मचारियों पर दैनिक उपस्थिति हेतु ऑनलाइन डिजिटल उपस्थिति का प्राविधान लागू नहीं किया गया है तो उपरोक्त सारी सुविधाएं दिए बिना ही शिक्षकों पर डिजिटल उपस्थिति का दबाव बनाया जाना तानाशाही का ही द्योतक है।

    उक्त स्वर हैं उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ गोरखपुर ब्लॉक इकाई गगहा के ब्लॉक अध्यक्ष एवं जिला प्रचार मंत्री डाo सुमंत सिंह के, जिन्होंने मंगलवार को सरकार के मनमाने रवैए के खिलाफ गगहा में आयोजित ब्लॉक कार्यसमिति की बैठक में कही। प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर यह बैठक की गई जिसमे सरकार की तानाशाही के जवाब में प्रदेश भर के लाखों शिक्षकों द्वारा डिजिटल उपस्थिति का विरोध एवं आर पार  की लड़ाई हेतु संगठन  के साथ मिलकर आगे की रणनीतियों पर चर्चा एवं रूपरेखा तैयार की गई। बैठक मे डाo सुमंत सिंह ने अपने वक्तव्य में कहा कि उo प्रo बेसिक शिक्षा परिषद का शिक्षक सबसे दुर्गम स्थानों पर स्थित विद्यालयों में सेवा प्रदान कर रहा है। शिक्षक ऐसे स्थानों पर कार्य कर रहे हैं जहां आवागमन हेतु सड़क नहीं है, यदि कही सड़क उपलब्ध है तो कोई भी सार्वजनिक वाहन की सुविधा उपलब्ध नहीं है,शिक्षक अपने निजी वाहन तथा पैदल यात्रा करके इन दुर्गम मार्गों में नदी, जलभराव,पगडंडी से होते हुए अपनी सेवा प्रदान कर रहे हैं। शिक्षक प्रतिदिन 50 से 60 किलोमीटर तक यात्रा करके विद्यालय पहुंचते हैं। इससे कभी न कभी विद्यालय में विलम्ब से पहुंचने की समस्या बनी रहती है। वर्तमान में भी शिक्षकों की समय से विद्यालय पहुंचने की प्रतिबद्धता के कारण जल्दबाजी में प्रत्येक माह कोई न कोई शिक्षक दुर्घटना के कारण काल के गाल में समा जाते हैं। इस प्रकार शिक्षक के साथ मानवीय दृष्टिकोण न रखकर शिक्षकों को रोबोट की भांति मानकर नियम लागू करना न्यायोचित नहीं है। वर्तमान में प्रदेश भर में मानसून के चलते अधिकांश रास्ते जलभराव से बाधित हैं, कहीं कहीं सड़कें पानी में डूब गई हैं, तो कहीं कहीं शिक्षकों के द्वारा नाव से नदी पार करने की तस्वीरें सोशल मीडिया के माध्यम से सामने आ रही हैं।जिससे स्पष्ट होता है कि शिक्षक दुर्गम मार्गों पर भी बाधाओं को पार करते हुए विद्यालय पहुंच रहें हैं। अन्त मे उन्होने बताया कि

    बैठक में सर्व सम्मति से उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ द्वारा शिक्षाकों की मांगों के निराकरण हेतु प्रेषित पत्र में उल्लिखित मांगों का शासन द्वारा निराकरण किया जाए।

    बेसिक शिक्षकों को भी बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी/कर्मचारियों की भांति उपार्जित अवकाश,प्रत्येक माह के द्वितीय शनिवार अवकाश तथा अर्ध आकस्मिक अवकाश अनुमन्य किया जाए।

    शिक्षकों की उपस्थिति पंजिका का डिजिटलाइजेशन किए जाने में आ रही कठिनाइयों का संघ के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर निराकरण किया जाए।

    जब तक उपरोक्त समस्याओं का निराकरण नहीं किया जाता है तब तक सभी शिक्षक उपस्थिति पंजिका का डिजिटलाइजेशन किए जाने पर असहमति व्यक्त करते हैं आदि प्रस्ताव भी पारित किये गये ।

  • गोरखपुर में नेग नहीं मिलने पर लूटपाटः किन्नर बनकर महिलाएं करती थीं वारदात, कार से दरोगा को कुचलने की कोशिश, अरेस्ट

    गोरखपुर में नेग नहीं मिलने पर लूटपाटः किन्नर बनकर महिलाएं करती थीं वारदात, कार से दरोगा को कुचलने की कोशिश, अरेस्ट

    गोरखपुर में नेग नहीं मिलने पर लूटपाटः किन्नर बनकर महिलाएं करती थीं वारदात, कार से दरोगा को कुचलने की कोशिश, अरेस्ट

    गोरखपुर के अमरहवा में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। रविवार को किन्नर बन एक घर में घुसी महिलाओं ने लूटपाट की। आसपास के लोगों के जुटने पर कार से फरार हो गईं। सूचना पर पीपीगंज पुलिस ने प्रभा हाल तिराहे पर घेराबंदी की तो बाइक सवार को टक्कर मारते चौकी प्रभारी पीपीगंज नितिन श्रीवास्तव को कुचलने का प्रयास किया।

    स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस ने कार समेत 5 महिलाओं को हिरासत में लेकर थाने पहुंची, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है। वहीं कार चालक मौका देखकर फरार हो गया।

  • 10 अगस्त से दो सितम्बर तक खिलाई जाएगी फाइलेरिया से बचाव की दवा

    10 अगस्त से दो सितम्बर तक खिलाई जाएगी फाइलेरिया से बचाव की दवा

    10 अगस्त से दो सितम्बर तक खिलाई जाएगी फाइलेरिया से बचाव की दवा

    सीएमओ ने पत्र लिख कर छह विभागों से मांगा विशेष सहयोग

    लाइलाज बीमारी फाइलेरिया से बचाव के लिए साल में एक बार पांच साल तक लगातार दवा खाना जरूरी

    जिले के लोगों को लाइलाज बीमारी फाइलेरिया से बचाने के लिए अगले माह दस अगस्त से सर्वजन दवा सेवन (एमडीए) अभियान शुरू किया जाएगा। इसके तहत दस अगस्त से दो सितम्बर तक तीन सदस्यों की टीम घर घर जाकर लोगों को बचाव की दवा खिलाएंगी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आशुतोष कुमार दूबे ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए चौदह अलग अलग विभागों के मुखिया और अन्य स्टेकहोल्डर्स को पत्र भेजा है । उन्होंने पत्र के जरिये छह प्रमुख विभागों से विशेष सहयोग करने के लिए कहा है। लाइलाज बीमारी फाइलेरिया (हाथीपांव)से बचने के लिए पांच साल तक लगातार साल में एक बार बचाव की दवा का सेवन जरूरी है।

    मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला आपूर्ति अधिकारी, जिला पंचायती राज अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, अधीक्षक कारागार, जिला सूचना अधिकारी, आईएमए अध्यक्ष, स्वयं सहायता समूहों के जिला मिशन मैनेजर, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, उप नियंत्रक नागरिक सुरक्षा के साथ साथ सभी नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारियों को पत्र लिखा है । पत्र में बताया गया है कि फाइलेरिया से बचाव की दवा का सेवन एक वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती और गंभीर रूप से पीड़ित लोगों को छोड़ कर सभी लोगों को करना है। एक से दो वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को सिर्फ एल्बेंडाजोल दवा खिलाई जाती है, जबकि दो वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को अलग अलग आयु वर्ग के अनुसार फाइलेरिया से बचाव की दो दवाएं निर्धारित मात्रा में खिलाई जाती हैं। दवा का सेवन भोजन या नाश्ते के बाद विभागीय टीम के सामने ही करना होगा।

    जिला मलेरिया अधिकारी अंगद सिंह ने बताया कि इस बार जिले के शहरी क्षेत्र के चौदह प्लानिंग यूनिट में यह अभियान नहीं चलेगा, क्योंकि इन इकाइयों ने प्री टास (ट्रासमिशन एसेसमेंट सर्वे) गतिविधि को पास कर लिया है। इन्हें छोड़ कर पूरे जिले में अभियान चलेगा । पहली बार अभियान की टीम में एक पुरुष सदस्य भी रखा जाएगा ताकि हाथीपांव और हाइड्रोसील के नये पुरूष मरीजों की भी आसानी से पहचान की जा सके। प्रत्येक टीम को एक दिन में 25 घर का भ्रमण कर कम से कम 125 लोगों को फाइलेरिया से बचाव की दवा खिलानी होगी। जिले में इस समय हाथीपांव के 2872 मरीज और हाइड्रोसील के 420 मरीज हैं। सहयोगी संस्था प्रोजेक्ट कंसर्न इंटरनेशनल (पीसीआई) के प्रतिनिधि प्रणव पांडेय की मदद से अन्तर्विभागीय संवेदीकरण व जनजागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। विश्व स्वास्थ्य संगठन और पाथ संस्था के प्रतिनिधिगण तकनीकी सहयोग करेंगे। जिले के पिपराईच और चरगांवा ब्लॉक में बने फाइलेरिया रोगी नेटवर्क की पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी मदद ली जाएगी

    छह विभागों से मांगा गया यह सहयोग

    पंचायती राज और नगरीय निकाय से जुड़े जनप्रतिनिधि और अधिकारी खुद फाइलेरिया रोधी दवा खाकर दूसरों को इसके लिए प्रेरित करें। शिक्षक दवा का सेवन करने के साथ साथ बच्चों और अभिभावकों को जागरूक करें। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अभियान से पहले ही बीमारी की भयावहता के बारे में लोगों से चर्चा करें और अभियान के दौरान आशा कार्यकर्ता के साथ सक्रिय भूमिका निभाते हुए दवा का सेवन करवाएं। आजीविका मिशन से जुड़े स्वयं सहायता समूह के सदस्य बीमारी के बारे में लोगों को जागरूक करें और अपने घर के आसपास लोगों को दवा खाने के लिए प्रेरित करें। कोटेदार राशन वितरण के दौरान जागरूकता अभियान चलाएं और दवा खाने से इनकार करने वाले लोगों को प्रेरित कर दवा खिलवाएं।

    इन प्लानिंग यूनिट में नहीं चलेगा अभियान

    जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि गोरखपुर के शहरी क्षेत्र के बसंतपुर, बेतियाहाता, सिविल लाइन, दीवान बाजार, जटेपुर, पुर्दिलपुर, शाहपुर, जाफरा बाजार, अंधियारीबाग, इस्लामचक, बिछिया, तारामंडल, शिवपुर सहबाजगंज और इलाहीबाग में एमडीए अभियान नहीं चलेगा।

    शहर में इन जगहों पर चलेगा अभियान

    झरना टोला, नथमलपुर, मोहद्दीपुर, हुमायुंपुर, तुर्कमानपुर, छोटे काजीपुर और गोरखनाथ

  • दिनाँक 11 जुलाई 2024 से B.A. Sem III और B.A.V की अर्थशास्त की कक्षाएँ पुरानी समय सारणी के अनुसार चलेगी।

    दिनाँक 11 जुलाई 2024 से B.A. Sem III और B.A.V की अर्थशास्त की कक्षाएँ पुरानी समय सारणी के अनुसार चलेगी।

    दिनाँक 11 जुलाई 2024 से B.A. Sem III और B.A.V की अर्थशास्त की कक्षाएँ पुरानी समय सारणी के अनुसार चलेगी।
    इसी प्रकार स्नातकोत्तर अर्थशास्त्र M. A. Sem III की कक्षाएँ ।। जुलाई 2024 से संचालित होगी।
    आज्ञा से विभागाध्यम अर्थशास्त्र विभाग दी.द. उ. गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर

  • गोरखपुर विश्वविद्यालय ने अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग में शुरू किया एक नया अध्याय, बांग्लादेश के राजशाही विश्वविद्यालय के साथ किया करार

    गोरखपुर विश्वविद्यालय ने अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग में शुरू किया एक नया अध्याय, बांग्लादेश के राजशाही विश्वविद्यालय के साथ किया करार

    गोरखपुर विश्वविद्यालय ने अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग में शुरू किया एक नया अध्याय, बांग्लादेश के राजशाही विश्वविद्यालय के साथ किया करार
    गोरखपुर: दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन के दूरदर्शी नेतृत्व में आज एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की गई।
    अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग में एक नया अध्याय है की शुरुआत करते हुए गोरखपुर विश्वविद्यालय ने बांग्लादेश के राजशाही विश्वविद्यालय के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।
    इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर भारत और बांग्लादेश के बीच हाल ही में हुए राजनयिक बातचीत के अनुरूप है। पिछले महीने, 22 जून, 2024 को भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश की प्रधानमंत्री श्रीमती शेख हसीना ने व्यापक चर्चा की और “हरित भागीदारी” बनाने के उद्देश्य से प्रमुख समझौतों पर हस्ताक्षर किए। दोनों विश्वविद्यालयों के बीच यह समझौता ज्ञापन इस विजन के अनुरूप दोनों देशों के बीच हरित एवं सतत विकास के लिए साझेदारी को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं।
    ऑनलाइन और दूरस्थ शिक्षा के साथ-साथ नवीन और ऊष्मायन विचारों को साझा करने पर जोर: कुलपति प्रो पूनम टंडन
    इस अवसर पर कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने पड़ोसी देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए गोरखपुर विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय ने पहले नेपाल के संस्थानों और अब बांग्लादेश के राजशाही विश्वविद्यालय के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। कुलपति ने दोनों विश्वविद्यालयों के समान भौगोलिक अभिविन्यास और शैक्षणिक हितों पर प्रकाश डाला और भारत की नई शिक्षा नीति के अनुरूप ट्विन, डुअल और ज्वाइंट डिग्री कार्यक्रमों की पेशकश के अवसरों पर चर्चा की। प्रो. टंडन ने ऑनलाइन और दूरस्थ शिक्षा के महत्व के साथ-साथ नवीन और ऊष्मायन विचारों को साझा करने पर भी जोर दिया।
    अकादमिक और शोध के साथ सांस्कृतिक बातचीत और संकाय-छात्र आदान-प्रदान में भी हो सहयोग: प्रो. डॉ. गुलाम शब्बीर सत्तार, कुलपति, राजशाही विश्वविद्यालय
    अपने उद्बोधन में राजशाही विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. गुलाम शब्बीर सत्तार ने न केवल अकादमिक और शोध में बल्कि सांस्कृतिक बातचीत और संकाय-छात्र आदान-प्रदान में भी सहयोग की संभावना पर जोर दिया। उन्होंने गोरखपुर विश्वविद्यालय के साथ अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने में गहरी रुचि व्यक्त की और 1971 में बांग्लादेश की स्वतंत्रता में महत्वपूर्ण भूमिका के लिए भारत को धन्यवाद दिया। उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के लिए भारतीय प्रतिनिधियों को बांग्लादेश आमंत्रित किया।
    दोनों विश्वविद्यालयों ने विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम के अनुसार छात्र और शिक्षक आदान-प्रदान और छात्र इंटर्नशिप के माध्यम से शैक्षणिक और शोध अंतराल को पाटने पर सहमति व्यक्त की। समझौता ज्ञापन का उद्देश्य भविष्य के सहयोगी प्रयासों को बढ़ावा देना है जो दोनों देशों में अकादमिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देंगे। यह समझौता अकादमिक आदान-प्रदान, शोध सहयोग और संयुक्त कार्यक्रमों को प्रोत्साहित करता है जो दोनों विश्वविद्यालयों के छात्रों और संकायों को लाभान्वित करते हैं।
    कार्यक्रम की शुरुआत में विश्वविद्यालय के अंतर्राष्ट्रीय प्रकोष्ठ के निदेशक डॉ. रामवंत गुप्ता ने राजशाही विश्वविद्यालय के गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया और समझौता ज्ञापन के दायरे को रेखांकित किया। उन्होंने डीडीयू गोरखपुर विश्वविद्यालय की उपलब्धियों और अकादमिक उत्कृष्टता का परिचय भी दिया। राजशाही विश्वविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय मामलों के कार्यालय के निदेशक डॉ. मोहम्मद अजीजुर रहमान शमीम ने अपने परिचयात्मक भाषण में अपने संस्थान की अकादमिक और शोध पर प्रकाश डाला।
    समारोह का समापन गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रो. राजर्षि गौड़ और राजशाही विश्वविद्यालय में जनसंपर्क कार्यालय के प्रशासक प्रो. प्रणब कुमार पांडे द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलसचिव, विभिन्न संकायों के डीन, निदेशक और प्रोफेसरों के साथ-साथ राजशाही विश्वविद्यालय के एक प्रतिनिधिमंडल ने भाग लिया।

  • लखनऊ: 300 से अधिक अस्पताल आयुष्मान योजना से अटैच योजना में फर्जीवाड़ा रोकने को उठाया गया

    लखनऊ: 300 से अधिक अस्पताल आयुष्मान योजना से अटैच योजना में फर्जीवाड़ा रोकने को उठाया गया

    लखनऊ: 300 से अधिक अस्पताल आयुष्मान योजना से अटैच
    योजना में फर्जीवाड़ा रोकने को उठाया गया बड़ा कदम
    सांचीज ने निजी अस्पतालों के लिए गाइडलाइन की जारी
    डॉक्टर को मरीज के साथ अपनी फोटो अपलोड करनी होगी
    ICU में मरीज भर्ती तो विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह अनिवार्य
    डिग्री धारक डॉक्टर ही मरीज को ICU में रेफर कर सकेगा
    लखनऊ नगर निगम एक बार फिर शुरू करेगा बंद पार्किंग
    3 साल पहले निरस्त हुई 77 पार्किंग फिर होगी बहाल
    जल्द नगर निगम निकालेगा टेंडर, पार्किंग फिर खुलेगी

  • हाथरस कांड में एसडीएम और CO को सस्पेंड किया गया है। SIT की जांच रिपोर्ट शासन को मिल गई है

    हाथरस कांड में एसडीएम और CO को सस्पेंड किया गया है। SIT की जांच रिपोर्ट शासन को मिल गई है

    हाथरस कांड पर बड़ी कार्यवाही

    हाथरस कांड : SDM सिकंदराराऊ , सीओ , तहसीलदार , कानूनगो  प्रभारी निरीक्षक , चौकी इंचार्ज , बीट उप निरीक्षक निलंबित !! जांच की आंच से बच गए एडिशनल एसपी , SP/DM

  • कानपुर की मेयर प्रमिला पांडे का एक बार फिर दबंग रूप सामने आया है.

    कानपुर की मेयर प्रमिला पांडे का एक बार फिर दबंग रूप सामने आया है.

    कानपुर की मेयर प्रमिला पांडे का एक बार फिर दबंग रूप सामने आया है. अधिकारियों की मीटिंग के दौरान मेयर ने एक इंजीनियर को नाले में डुबो देने की धमकी दी है. इससे पहले मेयर ने गुस्से में एक अधिकारी की फाइल फेंक दी थी, जिसका वीडियो काफी वायरल हुआ था.मेयर ने जल निगम के इंजीनियर को धमकी दी कि अगर मैं अमरनाथ नहीं गई होती तो तुमको उसी में डुबो देती.

  • गिरते चरित्र, बढ़ते अपराध, घटती सुरक्षा की समस्या और संकट को ध्यान में रखकर भारतीय चरित्र निर्माण संस्थान द्वारा अपराधमुक्ति वैचारिक क्रान्ति अभियान मानवाधिकार रक्षार्थ चलाया

    गिरते चरित्र, बढ़ते अपराध, घटती सुरक्षा की समस्या और संकट को ध्यान में रखकर भारतीय चरित्र निर्माण संस्थान द्वारा अपराधमुक्ति वैचारिक क्रान्ति अभियान मानवाधिकार रक्षार्थ चलाया

    गोरखपुर । गिरते चरित्र, बढ़ते अपराध, घटती सुरक्षा की समस्या और संकट को ध्यान में रखकर भारतीय चरित्र निर्माण संस्थान द्वारा तीन दशकों से अपराधमुक्ति वैचारिक क्रान्ति अभियान मानवाधिकार रक्षार्थ चलाया जा रहा है। उक्त बातें भारतीय चरित्र निर्माण संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष रामकृष्ण गोस्वामी व संस्थान के उत्तर प्रदेश योजना प्रमुख कर्मयोगी गौरव मिश्र ने एक प्रेस वार्ता के दौरान कही।
    उन्होंने बताया कि भगवान श्री कृष्ण ने गीता में मानव अधिकारों की रक्षा के लिए जो संदेश दिया है उस संदेश को हम जन-जन तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं साथ ही उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग के सहयोग से 18 दिवसीय कर्मयोगी उत्तर प्रदेश निर्माण अभियान का आयोजन लोक-संवाद के माध्यम से किया जा रहा है। इस अभियान की शुरुआत 06 जुलाई को डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी जयंती को गोरखपुर से की गई और प्रदेश के अन्य जिलों वाराणसी, प्रयागराज, अयोध्या, लखनऊ, कानपुर, मैनपुरी व आगरा से होते हुए वृंदावन में लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की जयंती 23 जुलाई को समाप्त होगी।
    उन्होंने बताया कि विश्व में हर व्यक्ति की योग्यता, क्षमता, शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रकृति और कुशलता में भिन्नता होती है। विश्व में लोक कल्याणार्थ न्याय के शासन की विधि व्यवस्था स्थापना आवश्यक होती है इसलिए अपराधियों को दंडित किए जाने की नीति, शासन और प्रशासन सुरक्षा, आजादी, विकास, शांति व सद्भावना की स्थापना को स्वधर्म मानता है। मानव व्यक्तित्व निर्माण ही समाज, क्षेत्र, प्रदेश, देश और विश्व में श्रेष्ठ शिक्षकों तथा धर्माचार्यों का नियत कर्तव्य (स्वधर्म) होता है। कर्मयोग की साधना इसका आधार है, श्रेष्ठ गुरु को श्रेष्ठ शिष्य चाहिए और श्रेष्ठ शिष्य को श्रेष्ठ गुरु भी चाहिए ऐसे में लोक स्वार्थ लोक संग्रह लोक संवाद और लोक सहयोग अति आवश्यक औऱ महत्वपूर्ण है।
    अपराध मुक्त समाज निर्माण बिना मानव अधिकारों की रक्षा व्यवस्था स्थापना किसी भी युग में प्रदेश या देश में नहीं हो सकती है। गीता विचार नही दर्शन है। महाभारत में श्रीकृष्ण ने अर्जुन को उपदेश यही दिया था और उनको स्वधर्म की याद दिलाई ।