Category: उत्तर प्रदेश

  • UP में IAS अफ़सरों के हुए तबादले

    UP में IAS अफ़सरों के हुए तबादले

    UP में IAS अफ़सरों के हुए तबादले,

    सेल्वा कुमारी सचिव नियोजन एवं महानिदेशक अर्थ एवं संख्या बनायी गई,

    नरेंद्र प्रसाद पाण्डेय सदस्य न्यायिक राजस्व परिषद प्रयाग राज बनाए गए,

    सुहास एलवाई महानिदेशक युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल उत्तर प्रदेश के प्रभार से,

    रितु महेश्वरी सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग बनायी गई,

    ऋषिकेश भास्कर यशोदा मंडलायुक्त मेरठ बनाए गए,

    शैलेंद्र कुमार से मंडलायुक्त आगरा,

    चंद्र प्रकाश सिंह जिलाधिकारी मथुरा,

    संगीता सिंह मंडलायुक्त अलीगढ़,

    अर्चना वर्मा मुख्य कार्यपालक अधिकारी राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना,

    सूर्य पाल गंगवार सचिव माननीय मुख्यमंत्री
    विशाख जी DM लखनऊ,

    संजीव रंजन DM अलीगढ़,
    शिव सहाय अवस्थी DM प्रतापगढ़, अमित कुमार अग्रवाल निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण,
    जसजीत कौर जिलाधिकारी बिजनौर,

    राकेश कुमार सिंह सचिव मुख्यमंत्री, जीतन प्रताप सिंह जिलाधिकारी कानपुर , अस्मिता लाल जिलाधिकारी बागपत, नागेन्द्र प्रताप अपर भूप कार्यपालक अधिकारी यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण,
    जेरी भा जिलाधिकारी बाँदा,
    इन्द्र विक्रम सिंह सचिव कृषि कृषि विप्रो और कृषि विदेश व्यापार एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग उत्तर प्रदेश शासन, दीपक मीणा जिलाधिकारी ग़ाज़ियाबाद, विजय कुमार सिंह जिलाधिकारी मेरठ, आशुतोष कुमार द्विवेदी जिलाधिकारी फ़र्रुख़ाबाद,
    सत्येंद्र कुमार विशेष सचिव मुख्यमंत्री, शशांक त्रिपाठी डीएम बाराबंकी,
    कृतिका विशेष सचिव राजस्व विभाग,
    कुमार हर्श जिलाअधिकारी सुल्तानपुर, इशांत प्रताप सिंह वर्तमान पद के साथ विशेष सचिव नागरिक उड्डयन विभाग उत्तर प्रदेश शासन तथा निदेशक नागरिक उड्डयन के पद का अतिरिक्त प्रभार।

  • गोरखपुर महोत्सव का भव्य समापन, क्षेत्रीय कलाकारों और खिलाड़ियों ने किया शानदार प्रदर्शन

    गोरखपुर महोत्सव का भव्य समापन, क्षेत्रीय कलाकारों और खिलाड़ियों ने किया शानदार प्रदर्शन

     

    गोरखपुर। 16 जनवरी। गोरखपुर महोत्सव का आज भव्य समापन हो गया। 10 जनवरी से शुरू हुए इस महोत्सव में क्षेत्रीय कलाकारों और खिलाड़ियों ने अपने अद्भुत प्रदर्शन से महोत्सव को यादगार बना दिया। महोत्सव के दौरान कला, खेल और संस्कृति से जुड़े कई कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

    महोत्सव का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय कलाकारों और खिलाड़ियों को मंच प्रदान करना था। इस दौरान लोकगीत, नृत्य, नाटक, पेंटिंग, शिल्पकला और विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। सभी प्रतिभागियों ने अपने-अपने क्षेत्र में जोरदार प्रदर्शन करते हुए दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

    कार्यक्रम में शामिल प्रतिभागियों ने गोरखपुर महोत्सव की व्यवस्थाओं की जमकर सराहना की। उन्होंने आयोजन समिति को धन्यवाद देते हुए कहा कि ऐसा आयोजन क्षेत्रीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का एक बेहतरीन प्रयास है।

    समापन समारोह में स्थानीय अधिकारियों और गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। उन्होंने कलाकारों और खिलाड़ियों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया और इस महोत्सव को गोरखपुर की सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा देने वाला आयोजन बताया।

    गोरखपुर महोत्सव के समापन के साथ ही क्षेत्रीय कलाकारों और दर्शकों के दिलों में इसे लेकर खास यादें बस गई हैं। आयोजन समिति ने सभी प्रतिभागियों और दर्शकों का आभार व्यक्त करते हुए वादा किया कि अगले साल यह आयोजन और भी भव्य तरीके से किया जाएगा।

  • साईं भक्तों ने मनाई साईं संध्या, रवि किशन ने दी पिता को श्रद्धांजलि

    साईं भक्तों ने मनाई साईं संध्या, रवि किशन ने दी पिता को श्रद्धांजलि

    साईं भक्तों ने मनाई साईं संध्या, रवि किशन ने दी पिता को श्रद्धांजलि,

    गोरखपुर। बीते गुरुवार को बेतियाहाता स्थित हनुमान मंदिर में साईं भक्तों ने साईं संध्या का आयोजन किया यह आयोजन नगर सांसद श्री रवि किशन शुक्ला के स्वर्गीय पिता पंडित श्याम नारायण शुक्ला जी की स्मृति में किया गया I साईं संध्या में भजन कीर्तन विशेष पूजन और भंडारे प्रसाद का आयोजन किया जिसमें भारी संख्या में शहर के लोग सम्मिलित हुए और गुरु की पूजा की I
    गुरुवार के दिन साईं बाबा की विशेष पूजा की जाती है जिसमें हर गुरुवार को लोग बेतिहाता स्थित साईं मंदिर में जाते हैं वर्ष की शुरुआती गुरुवार को यह आयोजन बाबा को प्रसन्न कर सभी की कुशल मंगल कामना के लिए किया गया I
    साईं बाबा को शिरडी साईं बाबा के नाम से भी जाना जाता है, एक भारतीय आध्यात्मिक गुरु और फकीर थे, जिन्हें एक संत माना जाता था, उनके जीवनकाल के दौरान और उसके बाद हिंदू और मुस्लिम दोनों भक्त उनका सम्मान करते थे।साईं बाबा ने अपने भक्तों से कहा था कि वे एक फ़कीर हैं. साईं बाबा को पहली बार शिरडी में 1854 में देखा गया था. उस समय उनकी उम्र करीब 16 साल थी. बाबा की अनेक चमत्कारी लीलाएं प्रचलित है इस आयोजन में नगर सांसद रवि किशन शुक्ला उपस्थित रहे और पिता को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी और साईं बाबा की पूजा कर साईं भक्तों की सेवा की I इस अवसर पर भावुक होकर सांसद ने अपने पिता को याद किया और उन्हें अपना सच्चा गुरु बताया I रवि किशन जी के पिता एक पुजारी थे जिनका अधिकतर जीवन पूजा पाठ में लग रहा I रवि किशन अपनी सारी सफलता का श्रेय अपने पिता को देते हैं और उनकी पूजा पाठ को देते हैं I
    साईं उत्सव के इस अवसर पर शहर के कई गढ़मान्य व्यक्ति भी उपस्थित है श्री अतुल सराफ अनूप सराफ मंदिर व्यवस्थापक श्री दयाल श्रीवास्तव वह अन्य

  • पशुपालन से जुड़ी महिलाओं पर बरसेगी ‘बाबा गोरखनाथ’ की ‘कृपा’

    पशुपालन से जुड़ी महिलाओं पर बरसेगी ‘बाबा गोरखनाथ’ की ‘कृपा’

    पशुपालन से जुड़ी महिलाओं पर बरसेगी ‘बाबा गोरखनाथ’ की ‘कृपा’,

    गोरखपुर मंडल की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए हुआ है श्री बाबा गोरखनाथ कृपा मिल्क प्रोड्यूसर कम्पनी का गठन,

    बुंदेलखंड की बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी की तर्ज पर कम्पनी ने शुरू किया काम,

    गोरखपुर मंडल के 400 गांवों की 14000 से अधिक दुग्ध उत्पादक महिला किसान बन चुकी हैं शेयरहोल्डर,

    राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की मदद से मार्च 2025 तक 20000 हो जाएगी सदस्य संख्या,

    प्रतिदिन 48 हजार लीटर दुग्ध संग्रह कर रहीं महिला सदस्य, मदर डेयरी को हो रही आपूर्ति,

    सीएम योगी की मंशा के अनुरूप कंपनी बना रही अगले दो साल में 3 लाख लीटर दूध संग्रह की कार्ययोजना,

    गोरखपुर, 6 जनवरी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशानिर्देश पर राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की एक खास पहल ने गोरखपुर मंडल में नारी स्वावलंबन का नया दौर शुरू किया है। इस पहल का संवाहक बनी है महिलाओं द्वारा और महिलाओं के लिए ही बनी श्री बाबा गोरखनाथ कृपा मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी। इस कंपनी का गठन दूध उत्पादन, संकलन के क्षेत्र में नजीर बनी बुंदेलखंड की बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी की तर्ज पर किया गया है। दो साल पहले गठित और सालभर से क्रियाशील श्री बाबा गोरखनाथ कृपा मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी में मंडल के 400 गांवों की 14000 से अधिक पशुपालक महिलाएं सदस्य (शेयरहोल्डर) बन चुकी हैं। इन महिला सदस्यों के जरिये प्रतिदिन 48000 लीटर दूध का संग्रह कर आत्मनिर्भरता की कहानी रची जा रही है। सीएम योगी की मंशा के अनुरूप बन रही कार्ययोजना से अगले दो साल में महिलाओं की यह मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी प्रतिदिन 300000 लीटर दूध का संग्रह करने में सक्षम हो जाएगी।

    यूपी में महिलाओं द्वारा संचालित मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी का उत्कृष्ट मॉडल बुंदेलखंड की बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी है। 2019 में सिर्फ पांच महिलाओं द्वारा शुरू किए गए इस कंपनी में वर्तमान में 71000 महिलाएं शेयरहोल्डर हैं। बलिनी के जरिये प्रतिदिन 250000 लीटर दूध का संग्रहण होता है। इस कंपनी ने 1225 करोड़ रुपये का टर्नओवर करके 24 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया है। बलिनी में महिलाओं की सफल भागीदारी देखकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के महिला समर्थ योजना के अंतर्गत प्रदेश में पांच मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी बनाने के निर्देश दिए थे। इनमें से एक कंपनी श्री बाबा गोरखनाथ कृपा मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी का गठन 2022 में गोरखपुर में किया गया है। इस कंपनी का कार्यक्षेत्र मंडल के चार जिलों गोरखपुर, महराजगंज, देवरिया और कुशीनगर है। इस मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी ने विगत एक साल से कार्य करना शुरू किया है और इस कम अवधि में ही चारों जिलों में 400 गांवों की 14000 से अधिक महिलाएं शेयरहोल्डर बनकर प्रतिदिन 48000 लीटर दूध का संग्रह कर रही हैं। इस कंपनी ने गोरखपुर के कैम्पियरगंज, खजनी, बड़हलगंज, देवरिया के रुद्रपुर, पथरदेवा, भाटपार और कुशीनगर के कसया में दूध अवशीतन केंद्रों (मिल्क चिलिंग सेंटर्स) भी खोल दिया है जहां गांवों में सदस्य महिलाओं द्वारा संग्रहित दूध को प्रोसेस किया जा रहा है। श्री बाबा गोरखनाथ कृपा मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी और इसके सात मिल्क चिलिंग सेंटर्स का औपचारिक लोकार्पण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विगत दिनों गोरखपुर में ग्रामीण आजीविका मिशन के एक खास समारोह में किया था।

    श्री बाबा गोरखनाथ कृपा मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) धनराज साहनी बताते हैं कि अभी कंपनी की शेयरहोल्डर महिलाओं द्वारा संग्रहित दूध की आपूर्ति मदर डेयरी की इटावा और मोतिहारी प्लांट को किया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर दूध की आपूर्ति के लिए गोरखपुर के गीडा में स्थापित पेप्सिको की फ्रेंचाइजी वरुण बेवरेजेज और ज्ञान डेयरी से भी बातचीत चल रही है। दूध संग्रह बढ़ने के साथ यह बातचीत भी फलदायी हो जाने की उम्मीद है। सीईओ के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिक से अधिक पशुपालक महिलाओं को शेयरहोल्डर बनाने और दूध संग्रह बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अधिकारियों की मदद ली जा रही है। पूरी उम्मीद है कि मार्च 2025 तक शेयरहोल्डर की संख्या मंडल के पांच सौ गांवों में कम से कम 20000 तथा प्रतिदिन दूध संग्रह 70000 लीटर हो जाएगी। कंपनी ऐसी कार्ययोजना पर काम कर रही है जिससे अगले दो साल में दूध संग्रह प्रतिदिन 300000 लीटर हो जाए। कंपनी को अपना काम आगे बढ़ाने में नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड का भी सहयोग मिल रहा है।

    आत्मनिर्भर हो रहीं महिलाएं, सालभर में 431 बन गईं लखपति दीदी,
    श्री बाबा गोरखनाथ कृपा मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी की शेयरहोल्डर बनकर पशुपालक ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ चुकी हैं। दूध उत्पादन और संग्रह के कार्य से जुड़कर वे आय अर्जित कर पारिवारिक आमदनी में इजाफा करने में सक्षम हो रही हैं। इस कंपनी के सीईओ धनराज साहनी बताते हैं कि सालभर में ही कंपनी की 431 शेयरहोल्डर महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। इन सभी ने एक लाख से अधिक का आय अर्जित किया है। दो महिलाएं तो ऐसी भी हैं जिन्होंने सालभर में 12 लाख की आय अर्जित की है।

    ऐसे सदस्य बन सकती हैं महिलाएं,
    जिस गांव में श्री बाबा गोरखनाथ कृपा मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी का दूध संकलन केंद्र हो या शुरू किया जा रहा है वहां की पशुपालक महिलाएं इस कंपनी की सदस्य (शेयरहोल्डर) बन सकती हैं। एक परिवार से एक ही महिला शेयरहोल्डर होगी। महिला को आवेदन के साथ 50 रुपये प्रवेश शुल्क जमा करना होगा और 100 रुपये प्रति शेयर की दर से कम से कम 5 शेयर लेने होंगे। इसमें से एक शेयर की कीमत आवेदन के साथ जमा करना होगा, बाकी के चार शेयर की कीमत का भुगतान उनके द्वारा दिए गए दूध के बिल की अदायगी से किया जाता है। यदि कोई महिला सदस्यता त्यागती है तो उसके द्वारा कंपनी में लगाई गई शेयर पूंजी उसके बैंक खाते में वापस दे दी जाएगी। हर सदस्य को एक वर्ष में कम से कम 200 दिन और कम से कम 500 लीटर दूध की आपूर्ति करनी होगी।

    सीधे बैंक खाते में मिलता है भुगतान,
    श्री बाबा गोरखनाथ कृपा मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी की शेयरहोल्डर महिलाओं को भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में मिलता है। मिल्क चिलिंग सेंटर में दूध जमा करने पर उन्हें एक पर्ची मिलती है। हर दस दिन के बाद पर्ची पर दर्ज दूध और कीमत के विवरण के अनुसार भुगतान किया जाता है। दूध की कीमत बाजार में प्रचलित मूल्य के बराबर होता है। भुगतान के लिए हर माह की 3, 13 और 23 तारीख निर्धारित है। सदस्य महिलाओं को कंपनी के लाभ का अंश भी प्राप्त होगा।

    शेयरहोल्डर को मिलेंगी ये भी सुविधाएं,
    मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी की महिला शेयरहोल्डर को कंपनी की तरफ से पशु आहार और खनिज मिश्रण, पशुओं के थनैला रोग जांच, पशुओं के कृत्रिम गर्भाधान पंजीकरण की भी सुविधाएं मिलेंगी। इसके अलावा उन्हें पशुओं का स्वास्थ्य बेहतर करने और अधिक दूध उत्पादन से जुड़ी जानकारियां भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

  • मंडलायुक्त ने किया रैन बसेरा का निरीक्षण, असहायों में बांटे कंबल

    मंडलायुक्त ने किया रैन बसेरा का निरीक्षण, असहायों में बांटे कंबल

    गोरखपुर। मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने मंगलवार रात जिलाधिकारी कृष्णा करुणेश और अन्य अधिकारियों के साथ शहर के विभिन्न रैन बसेरों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने असहाय व्यक्तियों की स्थिति का जायजा लिया और ठंड से बचाव के लिए कंबल वितरित किए।

    निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने रैन बसेरों में साफ-सफाई, गर्म पानी, और अन्य सुविधाओं की उपलब्धता की जांच की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी जरूरतमंद को ठंड में बाहर न रहना पड़े और सभी सुविधाएं समय पर मुहैया कराई जाएं।

    मंडलायुक्त ने कहा, “सर्दी के मौसम में गरीब और बेसहारा लोगों को राहत देना हमारी प्राथमिकता है। रैन बसेरों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।”

    इस दौरान जिलाधिकारी कृष्णा करुणेश ने भी लोगों से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। प्रशासन ने यह सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया कि रैन बसेरों में कोई कमी न हो।

  • स्थानीय प्रशासनिक बोर्ड की बैठक संपन्न

    स्थानीय प्रशासनिक बोर्ड की बैठक संपन्न

    गोरखपुर। स्थानीय प्रशासनिक बोर्ड की बैठक गोरखपुर मंडल आयुक्त श्री अनिल ढींगरा की अध्यक्षता में संपन्न हुई। यह बैठक सैनिक स्कूल गोरखपुर में आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न प्रशासनिक और शैक्षिक मुद्दों पर चर्चा की गई।
    उपस्थित अधिकारीगण :
    बैठक में प्रमुख रूप से श्री कृष्णा करुणेश, जिलाधिकारी गोरखपुर, श्री सतीश सिंह, संयुक्त निदेशक शिक्षा गोरखपुर, श्री अमरकांत सिंह,जिला विद्यालय निरीक्षक गोरखपुर, ब्रिगेडियर संतोष, कमांडेंट जीआरडी और लेफ्टिनेंट कर्नल अग्निवेश पांडे, सदस्य सचिव, ने भाग लिया।
    बैठक के मुख्य बिंदु :
    1. शैक्षणिक सुधार:
    स्कूलों में आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ बनाने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के उपायों पर चर्चा हुई।
    छात्रों के लिए नवाचार आधारित शिक्षण कार्यक्रम लागू करने की रूपरेखा तैयार की गई।
    2. प्रशासनिक मुद्दे:
    ग्विकास कार्यों की समीक्षा की गई।
    कुशल प्रशिक्षक की नियुक्ति पर विचार किया गया ।
    3. सैनिक स्कूल गोरखपुर:
    विद्यालय के विकास और कैडेट्स के लिए नई सुविधाओं के प्रस्ताव पर चर्चा हुई।
    शिक्षा और अनुशासन के स्तर को और ऊंचा उठाने के लिए सुझाव दिए गए।
    अध्यक्षीय संबोधन
    श्री अनिल ढींगरा ने कहा,
    “शिक्षा और प्रशासन का प्रभावी समन्वय विकास की कुंजी है। हमें सभी स्तरों पर पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करनी होगी।”
    उन्होंने उपस्थित सदस्यों से सहयोग और समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
    समापन और निष्कर्ष,
    बैठक का समापन लेफ्टिनेंट कर्नल अग्निवेश पांडे द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने सभी उपस्थित अधिकारियों को उनकी सक्रिय भागीदारी के लिए सराहना की और भविष्य में भी इस तरह की बैठकें आयोजित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
    यह बैठक क्षेत्र के समग्र विकास और शैक्षणिक सुधार के लिए एक सकारात्मक कदम साबित होगी।

     

  • सीएम योगी के दृढ़ संकल्प की नजीर है गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे

    सीएम योगी के दृढ़ संकल्प की नजीर है गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे

    सीएम योगी के दृढ़ संकल्प की नजीर है गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे,

    जहां सड़क बनाना ही कठिन था वहां योगी सरकार ने बना दिया एक्सप्रेसवे,

    गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे का अब तक 98 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा,

    नए साल में होगा इस शानदार रोड इंफ्रास्ट्रक्चर का उद्घाटन,

    गोरखपुर, 26 दिसंबर। लो लैंड के कारण जहां सामान्य सड़क बनाना ही दुरूह था, वहां योगी सरकार ने एक्सप्रेसवे बना दिया है। यह एक्सप्रेसवे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दृढ़ संकल्प की नजीर भी है। यूं तो यह एक्सप्रेसवे गोरखपुर से आजमगढ़ के बीच चार जिलों से गुजरता है लेकिन इसकी कनेक्टिविटी से राजधानी लखनऊ की राह भी और आसान हो रही है। रोड इंफ्रास्ट्रक्चर की इस शानदार सौगात का नाम है गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे। इसका 98 प्रतिशत काम पूरा होने के साथ वाहनों का आवागमन भी होने लगा है।

    प्रदेश में रोड कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने पर लगातार काम कर रही योगी सरकार नए साल में गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर आवागमन की पूर्ण सुविधा के साथ इसका औपचारिक लोकार्पण भी करने की तैयारी में है। इस एक्सप्रेसवे से गोरखपुर क्षेत्र, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के माध्यम से लखनऊ, आगरा एवं दिल्ली तक त्वरित एवं सुगम यातायात कॉरिडोर से जुड़ रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता वाली परियोजनाओं में से एक गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे गोरखपुर बाईपास एनएच- 27 ग्राम जैतपुर के पास से प्रारंभ होकर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर जनपद आजमगढ़ के सालारपुर में समाप्त हो रहा है। 91.35 किमी लंबे इस एक्सप्रेसवे की अद्यतन कुल लागत 7283.28 करोड़ रुपये (भूमि अधिग्रहण पर व्यय समेत) है। इससे जनपद गोरखपुर, अम्बेडकरनगर, संतकबीरनगर, आजमगढ़ सीधे तौर पर लाभान्वित हुए हैं। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे तीव्र संपर्क तथा बेहतर यात्रा अनुभव प्रदान करेगा। साथ ही साथ संबंधित क्षेत्र के जनमानस को भी एक दूसरे के और निकट लाने में मदद करेगा। यूपी एक्‍सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूपीडा) की ऑफिशियल वेबसाइट पर 23 दिसंबर तक अद्यतन जानकारी के अनुसार के अनुसार गोरखपुर लिंक एक्‍सप्रेसवे का 98 फीसद निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। मेन कैरिजवे में क्लियरिंग एंड ग्रबिंग का काम 100 फीसद, मिट्टी का काम 100 फीसद पूरा कराया गया है। एक्‍सप्रेसवे पर कुल प्रस्‍तावित 343 संरचनाओं में से 337 बन चुके हैं। अन्य के निर्माण का कार्य तेजी से कराया जा रहा है।

    गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण का कार्य अत्यंत दुरूह था। कारण, गोरखपुर जिले में जितनी भी दूरी इस एक्सप्रेसवे के दायरे में आती है, वह लो लैंड वाला है। यहां सामान्य सड़क भी हर साल क्षतिग्रस्त हो जाती थी। ऐसे में एक्सप्रेसवे के लिए मिट्टी भराई करना चुनौतीपूर्ण कार्य था। पर, सीएम योगी के निर्देश पर प्रशासन के अफसरों ने इस चुनौती को भी सफलतापूर्वक निपटा दिया है। अब जबकि एक्सप्रेसवे लगभग बनकर तैयार है और काफी वाहनों का आवगमन भी होने लगा है, अधिकारी अपनी मेहनत पर संतोष व्यक्त कर रहे हैं।

    लखनऊ पहुंचने में लगेंगे सिर्फ साढ़े तीन घंटे,
    गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे होते हुए लोगों को गोरखपुर से लखनऊ पहुंचने में महज साढ़े तीन घंटे का समय लगेगा। इसके अलावा इसकी कनेक्टिविटी से लोग दिल्ली से लेकर आगरा तक के शानदार सफर का आनंद ले सकेंगे। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण से गोरखपुर क्षेत्र के सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त होगा। एक्सप्रेसवे के प्रवेश नियंत्रित होने से वाहनों के ईंधन खपत में महत्वपूर्ण बचत, समय की बचत एवं पर्यावरणीय प्रदूषण का नियंत्रण भी संभव हो सकेगा।

    लिंक एक्सप्रेसवे पर बन रहा इंडस्ट्रियल कॉरिडोर,
    इस एक्सप्रेसवे से अच्छादित क्षेत्रों के सामाजिक एवं आर्थिक विकास के साथ ही कृषि, वाणिज्य, पर्यटन तथा उद्योगों की आय को बढ़ावा मिलेगा। एक्सप्रेसवे से अच्छादित क्षेत्रों में स्थित विभिन्न उत्पादन इकाइयों, विकास केंद्रों तथा कृषि उत्पादन क्षेत्रों को राष्ट्रीय राजधानी से जोड़ने हेतु एक इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के रूप में सहायक होगा। एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ योगी सरकार इंडस्ट्रियल कॉरिडोर भी बना रही है।

     

  • मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना

    मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना

    गोरखपुर। मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के तहत नया गोरखपुर बसाने की दिशा में गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने अनिवार्य भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस प्रक्रिया को पूरा करने में छह से सात महीने का समय लगने की संभावना है। अब तक जीडीए करार के आधार पर 175 एकड़ भूमि बालापार और मानीराम क्षेत्रों में अधिग्रहित कर चुका है।

    जनसुनवाई की तारीखें तय,
    चयनित एजेंसी द्वारा प्रस्तुत सामाजिक और समाघात अध्ययन रिपोर्ट के बाद प्रशासन ने जनसुनवाई की तिथि 30 दिसंबर तय की है।
    सुबह 10:30 बजे: चौरीचौरा तहसील सभागार में माड़ापार की भूमि के लिए सुनवाई।
    दोपहर 2 से 4 बजे:  सदर तहसील सभागार में तकिया मेदनीपुर और कोनी की भूमि के लिए सुनवाई।

    नया गोरखपुर के लिए 25 गांवों से लगभग छह हजार एकड़ भूमि को आपसी समझौते और अनिवार्य अधिग्रहण के माध्यम से लिया जाएगा। इस परियोजना का उद्देश्य गोरखपुर शहर को नई दिशा और विस्तारित स्वरूप प्रदान करना है।

  • जीडीए में एक जनवरी से ई-ऑफिस प्रणाली लागू

    जीडीए में एक जनवरी से ई-ऑफिस प्रणाली लागू

    गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) में एक जनवरी से ई-ऑफिस प्रणाली लागू हो जाएगी। इस प्रणाली से संपत्ति, नियोजन, उद्यान, और विधि जैसे विभागों के कार्य डिजिटल माध्यम से होंगे। जीडीए उपाध्यक्ष आनंद वर्द्धन ने बताया कि कर्मचारियों और अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देश दिया है कि अब पेपरलेस कार्य प्रणाली अपनाई जाए। इस कदम से कार्य प्रक्रियाएं तेज, पारदर्शी और कागज मुक्त हो जाएंगी।

  • अपने खरीद का पक्का बिल लें, यह आपका अधिकार है

    अपने खरीद का पक्का बिल लें, यह आपका अधिकार है

    ग्राहकों को जागरुक करते हुए जीएसटी विभाग ने गोलघर, इंदिरा बाल विहार में दुकानों पर लगाए पोस्टर,

    अपने खरीद का पक्का बिल लें, यह आपका अधिकार है- राजेश सिंह (अपर आयुक्त ग्रेड वन),

    पक्का बिल लेने से कीमत पर नहीं पड़ता असर,

    गोरखपुर । उपभोक्ताओं को जागरुक करते हुए राज्य कर विभाग उत्तर प्रदेश के निर्देश पर वाणिज्य कर विभाग के अपर आयुक्त ग्रेड वन राजेश सिंह के निर्देश पर जीएसटी विभाग की टीम ने जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में ग्राहकों को जागरुक करते हुए दुकानों पर पोस्टर लगाए गए हैं इन पोस्ट पर लिखा हुआ है कि अपने खरीद का पक्का बिल लें, यह आपका अधिकार है इससे कीमत पर कोई असर नहीं पड़ता है इसके साथ ही राज्य कर विभाग की तरफ से हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है अगर कोई फॉर्म पक्का बिल नहीं देती है तो आप 7235001729 पर सूचना दे सकते हैं।
    जीएसटी विभाग के ओमकार यादव ने आज इंदिरा बाल विहार, गोलघर समेत विभिन्न क्षेत्रों में दुकानों पर पोस्टर लगाकर ग्राहकों को जागरूक करने का काम किया है ।
    मीडिया से बात करते हुए वाणिज्य कर विभाग के अपर आयुक्त ग्रेड वन राजेश सिंह ने बताया कि राज्य कर विभाग उत्तर प्रदेश के निर्देश पर 1 दिसंबर से 31 दिसंबर तक उपभोक्ताओं को जागरूक करने के लिए गोरखपुर और बस्ती मंडल के विभिन्न जिलों में दुकानों पर पोस्टर चिपका कर ग्राहकों को जागरूक करने का काम किया जा रहा है कि अपने सामान की खरीदारी करते समय पक्का बिल ले, यह आपका अधिकार है इससे कीमत पर कोई असर नहीं पड़ता है ग्राहक यह समझते हैं कि पक्का बिल लेने से कीमत पर असर पड़ेगा लेकिन ऐसा नहीं है क्योंकि दुकानदार द्वारा जीएसटी जोड़कर ही सामान की बिक्री की जा रही है ऐसे में आप झांसे में ना आए जागरूक ग्राहकों के लिए विभाग द्वारा इनाम भी दिया जाएगा जो हर सामान का पक्का बिल लेते हैं। पक्का बिल लेने से सरकार का राजस्व भी बढ़ेगा और ग्राहकों को इसका फायदा भी मिलेगा।