Category: उत्तर प्रदेश

  • जन्म-मृत्यु प्रमाण-पत्र बनवाने वालों को अब भटकना नहीं पड़ेगा

    जन्म-मृत्यु प्रमाण-पत्र बनवाने वालों को अब भटकना नहीं पड़ेगा

    नौनिहाल के अभिभावकों की सुविधा के लिए ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए दो ऑपरेटर किया नियुक्त

    नगर निगम जोन 4 और 5 के साथ साथ नगर पंचायत और विकास खण्डों एवं सरकारी हॉस्पिटल से संबंधित जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र के आवेदन कमरा नंबर 4 (आशु लिपिक कक्ष)

    नगर निगम जोन नंबर 1, 2 एवं 3 से संबंधित जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र के आवेदन कमरा नंबर 22

    गोरखपुर। सदर तहसील परिसर में जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए तहसील का चक्कर आवेदकों द्वारा लगाया जाता रहा जब ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/ एसडीएम सदर को इस बात की जानकारी हुआ की जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्रों के लिए आवेदकों को सदर तहसील का बार-बार चक्कर लगाना पड़ रहा है उनकी सुविधा को देखते हुए जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आम जनमानस की परेशानियों के निस्तारण के लिए ज्वाइंट मजिस्ट्रेट /एसडीएम सदर मृणाली अविनाश जोशी ने सदर तहसील के अंतर्गत पड़ने वाले नगर निगम जोन 4 और 5 के साथ साथ नगर पंचायत और विकास खण्डों एवं सरकारी हॉस्पिटल से संबंधित जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र के आवेदन कमरा नंबर 4 (आशु लिपिक कक्ष) में
    जमा करें जिसके नोडल अधिकारी ज्वाईंट मजिस्ट्रेट/ एसडीएम सदर मृणाली अविनाश जोशी होगी ऑपरेटर राजिक 08112554006 से संपर्क करें
    असुविधा से बचे।वहीं नगर निगम जोन नंबर 1, 2 एवं 3 से संबंधित जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र के आवेदन कमरा नंबर 22 से न्यायालय अपर उप जिलाधिकारी सदर में जमा करें जिसके नोडल अधिकारी अपर उप जिलाधिकारी कुंवर सचिन सिंह होंगे ऑपरेटर मिथिलेश अग्रहरि मोबाइल नंबर 09569611209 से संपर्क कर अपने-अपने जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र की जानकारी प्राप्त कर अपने-अपने जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र बनवा सकते हैं।

     

  • ऐतिहासिक ‘फ्लावर शो’ का भव्य समापन: गोरखपुर में हरियाली और खुशबू का अनूठा संगम

    ऐतिहासिक ‘फ्लावर शो’ का भव्य समापन: गोरखपुर में हरियाली और खुशबू का अनूठा संगम

    ऐतिहासिक ‘फ्लावर शो’ का भव्य समापन: गोरखपुर में हरियाली और खुशबू का अनूठा संगम !

    पर्यावरण संरक्षण और हरित पहल को बढ़ावा देने की दिशा में एक नई शुरुआत ,

    श्रीमती तलत अज़ीज़ की प्रदर्शनी को प्रथम पुरस्कार मिला ,

    गोरखपुर में रोटरी क्लब गोरखपुर और उत्तर प्रदेश उद्यान विभाग के संयुक्त प्रयास से राजकीय उद्यान (व्ही पार्क) में आयोजित ऐतिहासिक ‘फ्लावर शो एवं प्रतियोगिता’ का भव्य समापन हो गया। इस आयोजन ने शहरवासियों को प्रकृति के करीब लाने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने का एक सशक्त मंच प्रदान किया।

    इस रंगीन और भव्य आयोजन में हजारों की संख्या में पर्यावरण प्रेमी, गार्डनिंग विशेषज्ञ, छात्र-छात्राएँ, समाजसेवी और गणमान्य नागरिक शामिल हुए।

     *भव्य उद्घाटन: अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति *

    इस प्रतिष्ठित आयोजन का उद्घाटन जिलाधिकारी गोरखपुर की पत्नी द्वारा किया गया। इस अवसर पर गोरखपुर के प्रतिष्ठित प्रशासनिक और सामाजिक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे:

     *नगर आयुक्त – गौरव सिंह सोगरवाल*
    *सीईओ गीडा , – अनुज मलिक*
    *जिला उद्यान अधिकारी -*
    *वरिष्ठ चिकित्सिका – डॉ. रचना बनर्जी*
    *वरिष्ठ चिकित्सिका – डॉ. नीलम दीक्षित*
    *पूर्व अध्यक्ष – डॉ. शिवशरण दास*
    *तलत अज़ीज़*
    *आनंद गनेरीवाल*
    *अनूप अग्रवाल*
    *संतोष अग्रवाल*
    *उपाध्यक्ष – सतीश राय*
    *आलोक अग्रवाल*
    *मांधाता सिंह*
    *अमित बथवाल*

      *रोटरी क्लब गोरखपुर के सभी सदस्य व पदाधिकारीगण

    *आयोजन समिति की महत्वपूर्ण भूमिका*

    इस आयोजन को सफल बनाने में रोटरी क्लब गोरखपुर की पूरी टीम का विशेष योगदान रहा:

     महावीर प्रसाद कंडोई (अध्यक्ष, रोटरी क्लब गोरखपुर)
    महेश गोपाल गर्ग (डायरेक्टर – आर्थिक एवं सामुदायिक विकास)
    अशोक कुमार गुप्ता (डायरेक्टर – पर्यावरण)
    रोट. हरे कृष्ण सिंह (डायरेक्टर – पब्लिक इमेज)
    रोट. अचिंत लहरी (कार्यक्रम समन्वयक)
    रोट. आशीष जोशी (कार्यक्रम अध्यक्ष)
    रोट. संचित श्रीवास्तव (सचिव, रोटरी क्लब गोरखपुर)

    इस ऐतिहासिक आयोजन को गोरखपुर के सभी पर्यावरण प्रेमियों, गणमान्य नागरिकों और आयोजकों का अपार सहयोग मिला, जिन्होंने इसे एक सफल, भव्य और प्रेरणादायक आयोजन बनाया।

     “हरियाली बढ़ाएं, प्रकृति से जुड़ें और इस अनूठे प्रयास का हिस्सा बनें !”

     

  • टांसपोर्ट नगर में 23 करोड़ की लागत से बनेग पांच मंजिला कमर्शियल कॉम्प्लेक्स

    टांसपोर्ट नगर में 23 करोड़ की लागत से बनेग पांच मंजिला कमर्शियल कॉम्प्लेक्स

    गोरखपुर टांसपोर्ट नगर में 23 करोड़ की लागत से बनेग पांच मंजिला कमर्शियल कॉम्प्लेक्स।

    ये काम्प्लेक्स लुलु मॉल केरल और सेंट्रल स्क्वायर मॉल एर्नाकुलम के तर्ज पे बनेगा, जिसमें पार्किंग, फूड कोर्ट और मनोरंजन के साधन होंगे।
    #gorakhpur #comercialcomplex

  • बचपन पर पहरा: नगर निगम का श्याम पार्क बना पार्किंग, खेल का मैदान वाहनों की गिरफ्त में !

    बचपन पर पहरा: नगर निगम का श्याम पार्क बना पार्किंग, खेल का मैदान वाहनों की गिरफ्त में !

    बचपन पर पहरा: नगर निगम का श्याम पार्क बना पार्किंग, खेल का मैदान वाहनों की गिरफ्त में !

    बेतियाहाता कॉलोनी में बच्चों के खेल पर संकट, गाड़ियों के कब्जे से नाराज लोग – प्रशासन की चुप्पी सवालों के घेरे में !

    गोरखपुर, बेतियाहाता: कभी बच्चों की हंसी से गूंजने वाला श्याम पार्क अब गाड़ियों की भीड़ में गुम हो गया है। नगर निगम द्वारा विकसित यह पार्क स्थानीय बच्चों के खेलने और बुजुर्गों के टहलने के लिए बनाया गया था, लेकिन आज यह अवैध पार्किंग स्थल बन चुका है। जहां बच्चों को दौड़ना चाहिए, वहां अब कारों और बाइक की कतारें लगी हैं।

    बच्चों और स्थानीय निवासियों ने कई बार प्रशासन और नगर निगम से शिकायत की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इस पार्क में न तो खेल के लिए जगह बची है, न ही टहलने के लिए रास्ता। अब सवाल उठता है – क्या बच्चों के खेलने का हक खत्म हो गया है? क्या प्रशासन की अनदेखी से यह पार्क हमेशा के लिए पार्किंग में बदल जाएगा?

    श्याम पार्क: खेल का मैदान नहीं, पार्किंग की तस्वीर बन गया !

    यह पार्क एक समय बच्चों के लिए सुरक्षित खेल का मैदान था, लेकिन अब यहां वाहनों की भरमार है। बच्चे खेलने आते हैं, तो उन्हें जगह नहीं मिलती। बुजुर्ग सैर करने आते हैं, तो उन्हें पार्किंग में चलना पड़ता है। बेतियाहाता कॉलोनी के निवासियों ने इस समस्या को लेकर कई बार प्रशासन से गुहार लगाई, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला।

    स्थानीय निवासी संजय तिवारी ने कहा,
    “यह पार्क बच्चों के खेलने और बुजुर्गों के लिए बनाया गया था, लेकिन अब यह गाड़ियों का अड्डा बन गया है। प्रशासन को इस पर तुरंत ध्यान देना चाहिए, वरना बच्चे सड़कों पर खेलने को मजबूर हो जाएंगे!”

    बच्चों की परेशानी: खेलने की जगह बची नहीं, सड़क पर खेलें तो खतरा !

    बच्चे अब या तो घर में कैद रहने को मजबूर हैं या फिर सड़क पर खेलते हैं, जहां उनकी जान को खतरा बना रहता है।

    10 वर्षीय वेदांत शर्मा ने कहा,
    “हम पहले यहां क्रिकेट और फुटबॉल खेलते थे, लेकिन अब गाड़ियों के कारण जगह ही नहीं बची। अगर गलती से हमारी गेंद कार से टकरा जाए, तो लोग हमें डांटने लगते हैं।”

    12 वर्षीय पियूष तिवारी ने बताया,
    “हमारे पास खेलने के लिए अब कोई सुरक्षित जगह नहीं बची। या तो हमें सड़कों पर खेलना होगा, जो खतरनाक है, या फिर खेलना ही छोड़ देना होगा।”

    नगर निगम और प्रशासन की चुप्पी क्यों ?

    इस पार्क की देखरेख और सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी नगर निगम की है, लेकिन उसकी लापरवाही ने इसे पार्किंग स्थल में बदल दिया है।
    स्थानीय निवासी सीमा वर्मा ने नाराजगी जताते हुए कहा,
    “हमने नगर निगम में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन कुछ नहीं हुआ। अगर प्रशासन इसी तरह अनदेखी करता रहा, तो आने वाले दिनों में गोरखपुर में बच्चों के खेलने के लिए कोई जगह नहीं बचेगी।”

    क्या कहता है कानून ?

    भारत के शहरी नियोजन और बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए कई कानून बनाए गए हैं, लेकिन गोरखपुर में यह सब सिर्फ कागजों तक सीमित रह गया है।

    1. नगर नियोजन नियमों के अनुसार, हर आवासीय क्षेत्र में खेल के मैदान और पार्क सुरक्षित रखने अनिवार्य हैं।

    2. संयुक्त राष्ट्र बाल अधिकार संधि (UNCRC) के तहत बच्चों को खेलने और खुली जगहों में गतिविधियां करने का अधिकार प्राप्त है।

    3. राष्ट्रीय शहरी नीतियों के अनुसार, नगर निगम की जिम्मेदारी है कि वह पार्कों में किसी भी प्रकार के अतिक्रमण या निजी उपयोग को रोके।

    लेकिन गोरखपुर का श्याम पार्क कानूनों और नियमों की धज्जियां उड़ाने का उदाहरण बन चुका है।

    क्या होगा समाधान? प्रशासन कब जागेगा ?

    अब सवाल उठता है कि नगर निगम और जिला प्रशासन इस मुद्दे को गंभीरता से लेंगे या फिर इसे नजरअंदाज कर देंगे ?

    निवासियों की चेतावनी: अगर कार्रवाई नहीं हुई, तो बड़ा आंदोलन होगा !

    स्थानीय लोगों ने साफ कर दिया है कि अगर नगर निगम जल्द ही पार्क को अवैध पार्किंग से मुक्त नहीं कराता, तो वे बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन करेंगे और जरूरत पड़ी तो न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाएंगे।

    अब यह देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर ध्यान देता है या नहीं, या फिर बच्चों का खेल वाहनों के पहियों तले कुचलता रहेगा।

  • अभियुक्तों के आपराधिक इतिहास सहित समस्त आख्याए समय से न्यायालय पहुंचेगी : सीपीओ

    अभियुक्तों के आपराधिक इतिहास सहित समस्त आख्याए समय से न्यायालय पहुंचेगी : सीपीओ

    गोरखपुर। मुख्यमंत्री के स्वर्णिम विचारधारा अपराध मुक्त प्रदेश बनाने की दिशा में उत्तर प्रदेश के प्रथम जनपद के रूप में जनपद गोरखपुर द्वारा जनपद के थानों से न्यायालय जाने वाले अभियुक्तों के आपराधिक इतिहास सहित समस्त आख्याएं अब समय से न्यायालय पहुंचेगी इसके लिए प्रत्येक थाना स्तर पर बनाए गए उप निरीक्षक अभियोजन को गुरुवार को पुलिस लाइन में प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

    अभियुक्त गण के जमानत प्रार्थना पत्र पर प्रस्तरवार आख्या समुचित तरीके से तैयार करते हुए आपराधिक इतिहास का पूर्ण विवरण अंकित किया जाएगा एवं वाहन या माल रिलीज, गवाहों के संबंध में आख्या जैसी तमाम सारी आख्या, जो रोजाना थाना स्तर से न्यायालयों में भेजी जाती थी या तो समय से नहीं पहुंचती थी या अधूरी रहती थी, जिससे आए दिन पुलिस को न्यायालय में असहज स्थिति का सामना करना पड़ता था और इसका लाभ अभियुक्त को मिलता था।

    इस समस्या के समाधान के लिए नवप्रयोगधर्मी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉक्टर गौरव ग्रोवर द्वारा प्रत्येक थाना स्तर पर उप निरीक्षक अभियोजन के पद नामित किया गया है।

    अब न्यायालय में भेजे जाने वाली प्रत्येक आख्या इन उपनिरीक्षक अभियोजन द्वारा ही तैयार की जाएगी और इन्हीं के द्वारा अग्रसारित होकर न्यायालय को सही समय पर प्रेषित की जाएगी। कोई आख्या यदि समय पर न्यायालय नहीं पहुंची या अधूरी रही या उसमें कोई कमी रही तो उसके लिए यही उपनिरीक्षक अब सीधे-सीधे जिम्मेदार होंगे।

    अपने थाने के विवेचकों से आख्या प्राप्त कर कैसे तैयार करनी है, इसके लिए गुरुवार को पुलिस लाइन में नामित उप निरीक्षक अभियोजन को वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी संदीप सिंह व अभियोजन अधिकारीगण प्रत्यूष दुबे, दिलीप कुमार सिंह व अमित शर्मा द्वारा विस्तार से प्रशिक्षण प्रदान किया गया। विवेचकों और प्रभारी निरीक्षकों और थाना अध्यक्षों की अति व्यस्तता के चलते आख्या समय पर न्यायालय नहीं पहुंच पाती थी। अब नामित किए गए प्रत्येक थाने पर उप निरीक्षक अभियोजन इसके लिए प्रतिदिन अपने पास एक रिकॉर्ड सुरक्षित रखेंगे। चाहे जनपद के न्यायालय हो या उच्च न्यायालय में भेजे जाने वाली आख्या को प्रतिदिन पैरोकार से प्राप्त कर अपने रजिस्टर में अघतन करना होगा और अगले दिन या जो भी तिथि निश्चित हो उसके लिए सही और सटीक ढंग से आख्या तैयार करनी होगी तथा अपने नाम की मोहर व पूर्ण हस्ताक्षर के साथ आख्या तैयार करनी होगी।

    न्यायालय को भेजे जाने वाली आख्या यदि इन उप निरीक्षकों के द्वारा अग्रसारित नहीं है तो वह न्यायालय में पैरवी करने वाले अभियोजकों द्वारा सबमिट नहीं की जाएगी और इसकी सूचना तत्काल नोडल अधिकारी को प्रेषित की जाएगी। अब किसी भी आख्या में कोई कमी पाए जाने पर थाना अध्यक्ष/ प्रभारी निरिक्षक या विवेचन नहीं अपितु उप निरीक्षक अभियोजन जिम्मेदार होंगे। इनकी मॉनिटरिंग के लिए नोडल अधिकारी पुलिस अधीक्षक दक्षिणी जितेंद्र कुमार व पुलिस उपाधीक्षक प्रशाली गंगवार इन उप निरीक्षकों की नियमित मॉनिटरिंग करेगी।

  • ‘मिशन मंझरिया’ से 28 हजार मरीजों को मिली चिकित्सा सुविधा

    ‘मिशन मंझरिया’ से 28 हजार मरीजों को मिली चिकित्सा सुविधा

    ‘मिशन मंझरिया’ से 28 हजार मरीजों को मिली चिकित्सा सुविधा,

    एमपीपीजी कॉलेज का सामाजिक प्रकल्प है मिशन मंझरिया,

    सप्ताह में दो दिन महंत अवेद्यनाथ जी की स्मृति में होता है निशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन,

    इस गुरुवार 54 मरीजों को मिली मुफ्त जांच, इलाज और दवा की सुविधा,

    गोरखपुर, 6 फरवरी। एक शिक्षण संस्था नियमित पाठ्यक्रमों से शिक्षा के प्रसार के साथ समाज के अंतिम पायदान पर बैठे लोगों की चिकित्सा सेवा भी कर सकती है, इसका उदाहरण प्रस्तुत किया है महाराणा प्रताप महाविद्यालय (एमपीपीजी कॉलेज) जंगल धूसड़ ने, इस कॉलेज के बीएड विभाग ने मंझरिया गांव को गोद लेकर इस गांव को शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुदृढ़ करने के लिए वर्ष 2016 से ‘मिशन मंझरिया’ नामक एक सामाजिक प्रकल्प शुरू किया है। इस मिशन के तहत लगने वाले निशुल्क चिकित्सा शिविर के जरिये अब तक 28 हजार मरीज चिकित्सा सुविधा प्राप्त कर चुके हैं।

    महाराणा प्रताप महाविद्यालय में बीएड विभाग की अध्यक्ष शिप्रा सिंह बताती हैं कि महाविद्यालय के संरक्षक एवं मार्गदर्शक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से मंझरिया गांव में शिक्षा और चिकित्सा से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए ‘मिशन मंझरिया’ की शुरुआत की गई। इस मिशन के तहत गांव के बच्चों को निशुल्क शिक्षा देने की व्यवस्था है तो लोगों को चिकित्सा सुविधा देने के लिए गुरु श्री गोरक्षनाथ चिकित्सालय के सहयोग निशुल्क शिविर आयोजित किए जाते हैं। ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की स्मृति में चिकित्सा शिविर सप्ताह में दो दिन बुधवार और गुरुवार को लगाए जाते हैं।

    इस गुरुवार को महाराणा प्रताप महाविद्यालय, के बीएड विभाग के अभिगृहित ग्राम मंझरिया में ‘मिशन मंझरिया’ के अंतर्गत फ्री मेडिकल कैम्प लगाया गया। इसमें गुरु श्री गोरक्षनाथ चिकित्सालय के चिकित्सक जितेन्द्र कुमार मिश्र ने कैम्प में आये हुए ग्रामीणों की जांच और इलाज किया एवं रोग के अनुसार निशुल्क दवा का वितरण किया। कुल 54 मरीजों को मुफ्त इलाज और दवा की सुविधा प्राप्त हुई। कैम्प में बीएड विभाग के शिक्षक शैलेंद्र सिंह और जितेंद्र प्रजापति के मार्गदर्शन में बीएड चतुर्थ सेमेस्टर के कुल 38 छात्राध्यापक एवं छात्राध्यापिकाओं ने सहयोग किया।

  • RDSS योजना के तहत विद्युत विभाग की बड़ी कार्रवाई

    RDSS योजना के तहत विद्युत विभाग की बड़ी कार्रवाई

    ब्रेकिंग न्यूज़: RDSS योजना के तहत विद्युत विभाग की बड़ी कार्रवाई, बिजली चोरी रोकने के लिए चला जांच अभियान,

    गोरखपुर: – लोकेन्द्र बहादुर सिंह, अधिक्षण अभियन्ता (शहर) गोरखपुर, ने बताया कि “विद्युत विभाग द्वारा रेवम डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (RDSS) के तहत बिजली हानियों को दूर करने और चोरी पर अंकुश लगाने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। शहरी क्षेत्रों में कटिया कनेक्शन हटाने और बेहतर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं।

    आज आजाद नगर कसाईबाड़ा क्षेत्र में लोकेंद्र बहादुर सिंह के नेतृत्व में विद्युत विभाग की टीम ने सघन जांच अभियान चलाया। इस दौरान चोरी से बिजली का उपयोग कर रहे लोगों पर कार्रवाई की गई। विभाग का कहना है कि बिजली चोरी रोकने के लिए यह अभियान जारी रहेगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।”

  • पत्रकारिता आजकल राजनीतिक नेताओं के चंगुल में है – रत्नाकर सिंह

    पत्रकारिता आजकल राजनीतिक नेताओं के चंगुल में है – रत्नाकर सिंह

    पत्रकारिता आजकल राजनीतिक नेताओं के चंगुल में है – रत्नाकर सिंह,

    अगर ईमानदारी और लगन से कार्य किया जाए तो व्यक्ति को बुलंदियों को छूने में वक्त नहीं लगेगा – अंजू चौधरी,

    कलम के सिपाही का लिखा हुआ कभी जाया नहीं होता-मोहम्मद फर्रुख जमाल

    आज गोरखपुर स्थानीय जीडीए टावर में आज मुख्य अतिथि माननीय अंजू चौधरी के कर कमल द्वारा हिंद भास्कर दैनिक समाचार पत्र के गोरखपुर के संस्करण का शुभारंभ तथा जॉर्नलिस्ट एंड ए एस डब्ल्यू एसोसिएशन का वैदिक मंत्रो के बीच संपन्न हुआ। इस अवसर पर गोरखपुर जर्नलिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष रत्नाकर सिंह ने अध्यक्षता की।

    कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर तथा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि अगर ईमानदारी और लगन से कार्य किया जाए तो व्यक्ति को बुलंदियों पर पहुंचने में समय नहीं लगेगा। पत्रकारिता निष्पक्ष होनी चाहिए, जो भी समाचार संज्ञान में आए उसके तह में जाकर उसकी सच्चाई को पता करें तभी उसको प्रकाशित करें । मुख्य अतिथि ने आगे अपने संबोधन में कहा कि आज के दौर में समाज को महिला सशक्तिकरण पर कार्य करना चाहिए और महिलाओं के खिलाफ हो रहे अत्याचार को प्रमुखता से उठाना चाहिए।

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपने अध्यक्षीय भाषण में रत्नाकर सिंह ने कहा की आज की पत्रकारिता राजनीतिक नेताओं के चंगुल में फंसी हुई है। इसीलिए बार-बार पत्रकारिता को गोदी मीडिया का नाम दिया जाता है। जबकि पहले पत्रकारिता निष्पक्ष, निष्काम व निस्वार्थ हुआ करती थी। और पत्रकार अपने लेखन से समाज को आईना दिखाने का काम करते थे।

    इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि मोहम्मद फर्रुख जमाल ने कहा की पत्रकारों के कलम से लिखा हुआ कभी बर्बाद नहीं होता। वह समाज की आवाज होती है। वह सच्चाई होती है। आज नहीं तो कल सदन के पटल पर वह आवाज बनाकर के उभरती है।

    अंत में धन्यवाद ज्ञापित करते हुए विष्णु प्रताप पांडे ने कहा की इस तरह का आयोजन से पत्रकारों को पत्रकारिता सीखने को मिलता है।

    इस अवसर पर डॉ यूसुफ मोहम्मद अजय गुप्त, कुमारी अपूर्व पांडे, तनवीर आलम, शादाब आलम, मिनहाज सिद्दीकी, दबीर आलम, महेश श्रीवास्तव, अमित कुमार, आदर्श श्रीवास्तव, विजय यादव, श एस डी सिंह, डॉ सुधीर श्रीवास्तव, एस पी सिंह, धर्मेंद्र श्रीवास्तव, कन्हैया, प्रमोद श्रीवास्तव निखिल गुप्ता,तथा शहर के गणमान्य पत्रकार एवं समाजसेवी उपस्थित थे।

  • प्रयागराज, महाकुंभ- यह महिलायें `खोया- पाया केन्द्र गंगा प्रसार` में मौजूद है, इनके परिजन यहां सम्पर्क कर इन्हें साथ ले जा सकते हैं•••”

    “प्रयागराज, महाकुंभ- यह महिलायें `खोया- पाया केन्द्र गंगा प्रसार` में मौजूद है, इनके परिजन यहां सम्पर्क कर इन्हें साथ ले जा सकते हैं•••”

    *1- सीतादेवी- पत्नी राघवेन्द्र, शिवहर*
    *2- ज्योति- पत्नी-चनेरिका,कुशीनगर, उत्तरप्रदेश*
    *3- शारदा- पत्नी- महंत सिंह, गाजीपुर, उत्तरप्रदेश*
    *4- उर्मिला- पत्नी- प्रभु पासवान,मुजफ्फरपुर, बिहार*
    *5- इन्द्रकला- पत्नी- जयनारायण, सीतामढ़ी, बिहार*
    *6- द्रौपदी- पत्नी- जयनारायण, बेगूसराय, बिहार*
    *7- चम्पा- पत्नी-हरिलाल निषाद,आजमगढ़,उत्तरप्रदेश*
    *8- सरिता देवी- पत्नी- राजेंद्र साव, नवादा,बिहार*
    *9- सुनैना देवी- पत्नी- तारकेश्वर साव, नवादा, बिहार*
    *10- ललामुनि देवी- पत्नी- स्व• छितेश्वर साव, भागलपुर,बिहार*
    *11- भारथी देवी- पत्नी- शिवसागर ठाकुर, देवरिया,उत्तरप्रदेश*
    *12- गुलाबी देवी – पत्नी- सदाबन सिंह,भभुआ, बिहार*
    *13- बच्ची देवी- पत्नी- जयमंगल शाह, सिवान, बिहार*
    *14- मालादेवी- पत्नी- अरूण सिंह, वैशाली, बिहार*
    *15- शिवकुमारी- पत्नी- सुदीश यादव, गोपालगंज, बिहार*
    *16- सुनैना देवी- पत्नी- राजनीति, शेखपुरा, बिहार*
    *17- सरस्वती चौधरी- पत्नी- रामनाथ चौधरी, मालदा,पश्चिम बंगाल*
    *18- सरस्वती शर्मा- रामजी शर्मा, अम्बेडकर नगर, उत्तरप्रदेश*
    *19- शान्ति राय, पत्नी- मोन्टू राय,दार्जिलिंग, पश्चिम बंगाल*
    *20- विद्यावती देवी- पत्नी- रामनिछत्तर गोंड,सिवान,बिहार*
    *21- कमलानाथ- पत्नी- बलदेवनाथ,जगदलपुर,छत्तीसगढ*
    *22- कैलाश देवी- आयु लगभग- 80 वर्ष*
    *24- शान्ति देवी- पत्नी- राजबली गुप्ता, सोनौली,देवरिया, उत्तरप्रदेश*
    *25- रामकली- पत्नी- लखन सिंह, रोहतास, बिहार*
    *26- फूलमती- पत्नी- पटेसर,गोण्डा, उत्तरप्रदेश*
    *27- सावित्री- पत्नी- दयाराम- गोण्डा,उत्तरप्रदेश*
    *28- सुखिया देवी- पत्नी- रामप्यारे, बलिया,उत्तरप्रदेश*
    *29- फेकनी देवी- पत्नी- उपेन्द्र शाह,नेपाल*
    *30- मालादेवी- पत्नी- राधेश्याम, गाजीपुर, उत्तरप्रदेश*
    *31- बिंदादेवी- कटन मंडल- देवघर,बिहार*
    *32- शैलादेवी- पत्नी- रामप्रसाद शर्मा,आजमगढ़,उत्तरप्रदेश*
    *33- लायलून राजवंशी- पत्नी- जग्गु राजवंशी,नेपाल*
    *34- अरूणा पवार- पत्नी- अजय पवार- राजस्थान*
    *35- विमला देवी- रामदरश सिंह, देवरिया,उत्तरप्रदेश*
    *36- सिंधु कुशवाहा- पत्नी- सुभाष कुशवाहा,कुशीनगर,उत्तरप्रदेश*
    *37- मालादेवी- पत्नी- राधेश्याम- गाजीपुर, उत्तरप्रदेश*
    *38- फूलमति- पत्नी- जगन्नाथ,शाहजहांपुर,उत्तरप्रदेश*

  • असुरन से पिपराइच फोरलेन प्रोजेक्ट का प्रस्ताव मंजूरी को भेजा गया

    असुरन से पिपराइच फोरलेन प्रोजेक्ट का प्रस्ताव मंजूरी को भेजा गया

    गोरखपुर : असुरन से पिपराइच फोरलेन प्रोजेक्ट का प्रस्ताव मंजूरी को भेजा गया,

    असुरन चौक से पिपराइच तक 19.5 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क के निर्माण का नया प्रस्ताव मंजूरी के लिए भेजा गया है। परियोजना में सड़क की चौड़ाई असुरन और पिपराइच कस्बों में घटाकर 20.5 मीटर कर दी गई है, जिससे कम मकान तोड़े जाएंगे। अनुमति मिलने के बाद मुआवजा वितरण शुरू होगा। सड़क पर डिवाइडर, फुटपाथ और नाला भी बनाया जाएगा।