Category: उत्तर प्रदेश

  • गाटर के नीचे दबने से एस एस बी इंस्पेक्टर की दर्दनाक मौत, दूसरा गंभीर रूप से घायल

    गाटर के नीचे दबने से एस एस बी इंस्पेक्टर की दर्दनाक मौत, दूसरा गंभीर रूप से घायल

    गाटर के नीचे दबने से एस एस बी इंस्पेक्टर की दर्दनाक मौत, दूसरा गंभीर रूप से घायल

    संवाददाता : सूर्य प्रकाश ओझा

    गोरखपुर । चिलुआतल इलाके में गुरुवार को सुबह लगभग 10:00 बजे के आसपास दर्दनाक हादसा हो गया। निर्माणाधीन नकहा ओवर ब्रिज का गाटर गिर गया जिसके नीचे दबने से बाइक सवार एसएसबी निरीक्षक की दर्दनाक मौत हो गई।


    वहीं दूसरा साथी गंभीर रुप से घायल हो गया। उसका बीआरडी मेडिकल कालेज में इलाज के लिए ले जाएगा जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
    बताते चले की एसएसबी सेक्टर मुख्यालय में तैनात निरीक्षक बिजेंद्र सिंह कोठारी उम्र 48 वर्ष व मलय कूंडू बाइक बरगदवा चौराहे से फर्टिलाइजर स्थित आफिस की ओर जा रहे थे। क्रेन के पास पहुंचे ही थे इसी दौरान चेन टूटने से गाटर बाइक चला रहे बिजेंद्र सिंह कोठारी के ऊपर गिर गया, जिससे मौके पर ही उनकी मृत्यु हो गई। विजय सिंह कोठारी मूल रूप से उत्तराखंड के रहने वाले थे इनके पिता का नाम जेठू राम कोठारी है इनके दो बच्चे एक लड़का और एक लड़की हैं जिसमें लड़का बड़ा है जिसकी उम्र लगभग 16 वर्ष है।
    जानकारी के अनुसार बरगदवा से फर्टिलाइजर के बीच स्थित नकहा रेलवे क्रासिंग पर सुबह आवागमन के लिए सेतु निगम की ओर से ओवर ब्रिज बनाया जा रहा है। पिलर का कार्य पूरा होने के बाद रेलवे लाइन के ऊपर ओवर ब्रिज बनाने का कार्य चल रहा है , इसके लिए ट्रकों से लाये गए गाटर को उतारने का कार्य किया जा रहा था । उसी दौरान गाटर गिरा और हादसा हुआ।

    क्रेन छोड़कर चालक फरार

    हादसे के बाद हड़कंप मच गया। क्रेन छोड़कर चालक फरार हो गया। चिलुआताल थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेने के साथ ही मलय को बीआरडी मेडिकल कालेज में भर्ती कराया।

    पुलिस के मुताबिक

    पुलिस ने बताया कि क्रेन चालक की तलाश चल रही है। तहरीर के अनुसार मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि ओवरब्रिज के निर्माण काम के दौरान मार्ग पर बैरिकेडिंग की व्यवस्था नहीं की गई थी, जो कि हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है।

  • दो निदेशकों को एम्स में पुत्रों को नौकरी दिलाने के नाम पर गंवानी पड़ी नौकरी

    दो निदेशकों को एम्स में पुत्रों को नौकरी दिलाने के नाम पर गंवानी पड़ी नौकरी

    गोरखपुर: पटना और गोरखपुर एम्स के पूर्व निदेशक डाक्टर जीके पाल पर आरोप है कि उन्होंने ओबीसी के फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर पुत्र डाक्टर ओरो प्रकाश पाल को गोरखपुर एम्स के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में पीजी पाठ्यक्रम में प्रवेश दिलाया. ओबीसी प्रमाण पत्र बनवाते हुए नॉन क्रीमी लेयर का लाभ लिया. 27 अप्रैल को एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक के आवास के पते से प्रमाण पत्र बनवाया गया. इसमें अपनी और पत्नी की सालाना आय ₹8 लाख बताई गई, जबकि दोनों का पैकेज 80 लाख रुपए से ज्यादा है. बेटे ने ज्वाइन करने के चार दिनों के अंदर ही सीट छोड़ दी. पिछले वर्ष दिसंबर में जारी किया गया प्रमाण पत्र उनके अस्थाई पते पर बनाया गया था, जबकि उनके स्थाई पता उड़ीसा का है. इसके अलावा उन्होंने दूसरी बार यही गलती दोहराते हुए अपनी बेटी का भी ओबीसी प्रमाण पत्र बनवाकर उसे एम्स पटना में दाखिला करवाया है. इसके पहले गोरखपुर एम्स की कार्यकारी निदेशक रही डॉक्टर सुरेखा किशोर को भी दोनों बेटों की नियुक्ति गोरखपुर एम्स में करने की वजह से कार्यकाल के 18 माह पहले ही कुर्सी का गवानी पड़ी थी.

    एम्स गोरखपुर के सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉक्टर गौरव गुप्ता ने 5 सितंबर को जनसुनवाई पोर्टल पर इसकी शिकायत दर्ज कराई थी.

    गोरखपुर एम्स के पीआरओ डा. अरूप मोहंती ने बताया कि उनके पुत्र को गोरखपुर के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में पीजी पाठ्यक्रम में प्रवेश दिलाया गया था. हालांकि ज्वाइन करने के बाद ही उन्होंने शिकायत और विवाद के बाद पद छोड़ दिया था

  • गोरखपुर में डबल मर्डर से सनसनी: व्यापारी की गला रेतकर हत्या, दूसरे का शव तालाब में मिला

    गोरखपुर में डबल मर्डर से सनसनी: व्यापारी की गला रेतकर हत्या, दूसरे का शव तालाब में मिला

     

    गोरखपुर के चिलुआताल क्षेत्र में बुधवार को हुए दोहरे हत्याकांड ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। एक ही दिन में दो लोगों की हत्या से न केवल परिवार, बल्कि पूरे मोहल्ले में खौफ और चिंता का माहौल है। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर तफ्तीश शुरू कर दी है, और दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। इनमें से पहला मामला एक व्यापारी का है, जिसकी गला रेतकर निर्मम हत्या की गई है, जबकि दूसरे मृतक का शव सूखे तालाब में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। पुलिस इन दोनों हत्याओं के पीछे के कारणों का पता लगाने की कोशिश में जुटी है।

    पहली घटना: रेडीमेड गारमेंट्स के व्यापारी अनिल गुप्ता की गला रेतकर हत्या

    गोरखपुर के चिलुआताल क्षेत्र में रहने वाले अनिल गुप्ता (35) का शव उनके घर से थोड़ी ही दूरी पर सड़क किनारे खून से सना हुआ मिला। अनिल गुप्ता एक रेडीमेड गारमेंट्स का व्यवसाय चलाते थे और उनके मिलनसार स्वभाव के कारण लोग उन्हें अच्छे से जानते थे। बुधवार सुबह जब उनका शव मिला तो इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस के मुताबिक, उनके गले पर गहरी कट की निशान है, जिससे यह साफ है कि किसी धारदार हथियार से उनकी हत्या की गई है। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर तुरंत साक्ष्य इकट्ठा किए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

    परिजनों के अनुसार, अनिल गुप्ता रात करीब 11 बजे अपनी दुकान बंद कर घर लौट रहे थे। आखिरी बार उन्होंने अपने छोटे भाई से फोन पर बात की थी, जिसमें उन्होंने कहा कि वे थोड़ी देर में घर पहुंच रहे हैं। लेकिन इसके बाद उनका फोन बंद हो गया। सुबह जब परिजनों ने उन्हें घर में न पाकर खोजबीन शुरू की, तो कुछ ही दूरी पर उनका खून से सना शव मिला। यह खबर सुनकर परिजनों में कोहराम मच गया। परिवार वालों का कहना है कि अनिल का किसी से कोई विवाद नहीं था, और वे इस बात से अचंभित हैं कि उनकी हत्या किसने और क्यों की।

     

    दूसरी घटना: तालाब में संदिग्ध अवस्था में मिला काली चरण का शव

    इसी दिन चिलुआताल इलाके के नुरूद्दीन चक संझाई में स्थित एक सूखे तालाब में 40 वर्षीय काली चरण का शव मिला। काली चरण उसी गांव के निवासी थे और उनकी मौत से गांव में शोक की लहर है। शव पर किसी प्रकार के बाहरी चोट के निशान नहीं हैं, लेकिन पुलिस इसे संदिग्ध मान रही है और हत्या की संभावना से इंकार नहीं कर रही। काली चरण के शव को भी पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है, और उसकी रिपोर्ट से ही मौत का वास्तविक कारण पता चलेगा।

    पुलिस के अनुसार, काली चरण का शव जिस अवस्था में मिला है, वह सामान्य नहीं है, और इसकी जांच सभी संभावित पहलुओं से की जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, काली चरण पिछली रात से लापता थे, और उनके घरवालों ने उन्हें कई जगह तलाशा, लेकिन उनकी कोई खबर नहीं मिली। सुबह उनके शव मिलने की खबर से गांव में सन्नाटा छा गया है।

    *पुलिस की सघन जांच: सभी एंगल से हो रही तफ्तीश*

    गोरखपुर पुलिस ने दोनों हत्याओं के बाद मामले को गंभीरता से लिया है। घटनास्थल से सभी महत्वपूर्ण सुरागों को इकट्ठा कर फॉरेंसिक टीम को भेजा गया है, ताकि सबूतों की वैज्ञानिक जांच कर सटीक निष्कर्ष निकाले जा सकें। पुलिस ने मृतकों के परिवार वालों और आसपास के लोगों से पूछताछ की है, और हत्या के पीछे के कारणों का पता लगाने के लिए हर एंगल से जांच की जा रही है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि इन दोनों हत्याओं का आपस में कोई संबंध है या नहीं।

    प्रारंभिक जांच में पुलिस का मानना है कि व्यापारी अनिल गुप्ता की हत्या सुनियोजित तरीके से की गई है। उनकी गला रेतकर हत्या की गई, जो दर्शाता है कि हत्या के पीछे गहरी रंजिश या किसी तरह का विवाद हो सकता है। वहीं, दूसरी ओर काली चरण की संदिग्ध मौत के कारणों की जांच की जा रही है। दोनों ही मामलों में पुलिस ने आसपास के CCTV फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है, ताकि किसी संदिग्ध की पहचान की जा सके।

    परिजनों का दुख और आक्रोश: न्याय की मांग

    हत्याओं ने मृतकों के परिवारों को गहरे शोक और आक्रोश में डाल दिया है। अनिल गुप्ता के छोटे भाई का कहना है कि उनका भाई बेहद शांत और मिलनसार स्वभाव का था। उनकी किसी से दुश्मनी नहीं थी। वे पुलिस से अपील कर रहे हैं कि दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और उनके परिवार को न्याय दिलाया जाए। इसी तरह, काली चरण के परिजन भी उनकी मौत के कारणों को लेकर परेशान हैं। वे इस बात को लेकर चिंतित हैं कि इस तरह की घटनाएं उनके गांव में हुई हैं, और उन्होंने पुलिस से सुरक्षा और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

    इलाके में फैली दहशत, लोगों में चिंता

    एक ही दिन में हुए दो हत्याकांडों ने इलाके के लोगों को डरा दिया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं पहले नहीं होती थीं, लेकिन अब वे अपनी सुरक्षा को लेकर आशंकित हैं। लोगों का मानना है कि इन हत्याओं के पीछे आपसी रंजिश या पुराना विवाद हो सकता है। कुछ लोगों ने पुलिस प्रशासन से इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग की है ताकि ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।

    CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस, संदिग्धों पर नजर

    पुलिस ने घटनाओं के बाद इलाके में चौकसी बढ़ा दी है और आसपास के CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस का मानना है कि इन घटनाओं में किसी करीबी व्यक्ति का हाथ हो सकता है। इसके अलावा, पुलिस कुछ संदिग्ध लोगों पर भी नजर रख रही है और उनकी गतिविधियों की जांच कर रही है। पुलिस ने कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही इस मामले में सुराग हाथ लगेंगे, जिससे हत्यारों तक पहुंचा जा सके।

    अधिकारियों का आश्वासन: दोषियों को मिलेगी सख्त सजा

    दोनों हत्याओं के मामले में पुलिस अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि आरोपियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने कहा है कि हत्यारों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए वे हर संभव प्रयास कर रहे हैं। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच टीमें भी गठित की हैं, जो जल्द ही मामले की तह तक जाकर सच्चाई का पता लगाएंगी।

    इलाके में दहशत, लोग सतर्क और सतर्कता की अपील

    इन हत्याओं के बाद इलाके में खौफ का माहौल है। लोग अपने परिवारों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं और सतर्कता बरत रहे हैं। पुलिस ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि को नज़रअंदाज न करें और तुरंत पुलिस को सूचित करें।

  • विधायक और एसडीएम ने छठ घाटो का किए निरीक्षण, दिए निर्देश

    विधायक और एसडीएम ने छठ घाटो का किए निरीक्षण, दिए निर्देश

    संवाददाता– एस. पी. सिंह

    गोरखपुर/सहजनवा ।

    सुर्य के उपासना का महापर्व छठ पूजा को लेकर मंगलवार को विधायक प्रदीप शुक्ल ने सहजनवा तहसील क्षेत्र के घाटों का निरीक्षण किया । निरीक्षण के बाद आवश्यक निर्देश भी दिए ।
    मंगलवार को नहाय खाय छठ महापर्व शुरू हो रहा है । तालाब पोखरे व नदीयों के घाटों पर व्रतियों के परिजन बेदियों को तैयार कर अंतिम रूप दे रहे है । विधायक ने खानिमपुर स्थित पोखरे का निरीक्षण कर व्यवस्था का जायजा लिया । पोखरे पर लटकते बिजली के तार को ठीक करने के लिए जेई को निर्देश दिया । वही एसडीएम दीपक गुप्ता व सीओ गीडा प्रशाली गंगवार एव ईओ सूर्यकांत ने सहजनवा कस्बा, मुंडा कोडरा, बेलहर, पिपरा, कालेसर, गाहासाङ समेत अन्य छठ घाटों का निरीक्षण कर व्यवस्था का जायजा लिया । घाटों पर मिले कमियों को मौजूद कर्मियों को तत्काल ठीक करने का निर्देश दिया । इस दौरान एसओ विशाल उपाध्याय समेत अन्य मौजूद रहें ।

  • फुटबॉल टूर्नामेंट के पूर्व ट्रॉफी का हुआ अनावरण

    फुटबॉल टूर्नामेंट के पूर्व ट्रॉफी का हुआ अनावरण

    08 नवंबर से होगा प्रतियोगिता का आगाज

    ब्यूरो प्रभारी —-विनय तिवारी

    बड़हलगंज /गोरखपुर (निष्पक्ष टुडे) : नेशनल स्पोर्टिंग क्लब बड़हलगंज के तत्वावधान में आगामी 08 नवम्बर शुक्रवार से आयोजित होने वाले आल इण्डिया फुटबॉल प्रतियोगिता की चमचमाती ट्रॉफी का अनावरण पूर्व विधायक चिल्लूपार विनय शंकर तिवारी ने समिति के सदस्यों के साथ मंगलवार को किया।
    आयोजन समिति के पदाधिकारियों व सदस्यों ने विजेता व उप विजेता टीम को प्रदान करने वाली ट्रॉफी का विधि-विधान से पूजन कर अनावरण कराया। ट्रॉफी अनावरण के मौके पर पूर्व विधायक विनय शंकर तिवारी ने कहा कि इस फुटबॉल टूर्नामेंट को ऐतिहासिक बनाने के लिए समिति के लोग जिस तरह से जी जान से जुटे हैं,उन्हें सफलता निश्चित रूप से मिलेगी। आज यहां के बच्चे स्टेट व नेशनल खेल रहे हैं, यह नेशनल स्पोर्टिंग क्लब की देन है। अध्यक्ष योगेश राय ने बताया कि प्रतियोगिता में कलकत्ता, दिल्ली, मुंबई, खैराबाद, मध्यप्रदेश 11 , लखीमपुर-खीरी, कुशीनगर व बड़हलगंज की टीमें भाग लेंगी।
    इस अवसर पर समिति के संरक्षक इम्तियाज अहमद व श्रवण जायसवाल, अध्यक्ष योगेश राय, संयोजक रामनगीना यादव, परमानंद दूबे, अजय दूबे,आर बी यादव, हीरा, चुन्ने, मनीष, नीरज तिवारी, सरफराज अहमद, मुरारी लाल,
    युसूफ, बमबम सहित अन्य लोग मौजूद थे।

  • कोहरे के कारण पानी भरे गड्ढे में गिरी कार, चालक सहित दो घायल

    कोहरे के कारण पानी भरे गड्ढे में गिरी कार, चालक सहित दो घायल

    संवाददाता– एस. पी. सिंह
    गोरखपुर/सहजनवा ।

    कोहरे के कारण सोमवार की रात्रि को एक कार अनियंत्रित होकर हरपुर-कटसहरा मार्ग के बुदहट गाव के पास पानी भरे गड्ढे में गिर गयी । चालक और कार में बैठे लोगो के शोर मचाने पर आसपास के घरों के लोग दौड़े और पानी मे घुसकर कार का दरवाजा तोड़कर तीनो को बाहर निकाला गया ।
    बताते चले कि संतकबीरनगर जिले के महुली निवासी आनन्द अपने कुछ दोस्तों के साथ सोमवार को गोरखपुर गए थे । वह रात्रि 11 बजे हरपुर-कटसहरा मार्ग होते हुए महुली जा रहे थे कि, घना कोहरा होने से बुदहट गाव के पास अनियंत्रित होकर कार पानी भरे गड्ढे में घुस गई । जिससे कार चालक आनंद और कार में बैठे उनके दोनों दोस्तो को हल्की चोट आई । गनीमत रही कि बुदहट गाव के कुछ लोगो ने दौड़कर तीनो को बाहर निकाला । वही रात्रि में ही लोगो ने ट्रेक्टर की मदद से गड्ढे में से कार को निकलवा दिए । जिससे कार सवारों ने लोगो को मदद के लिये धन्यवाद दिया ।

  • सिख समाज के प्रतिनिधि मण्डल ने की मुख्यमंत्री से मुलाकात

    सिख समाज के प्रतिनिधि मण्डल ने की मुख्यमंत्री से मुलाकात

    गोरखपुर। महानगर के सिख समाज के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से मुलाकात की।
    उत्तर प्रदेश पंजाबी अकादमी के सदस्य जगनैन सिंह नीटू की अगवाई में समाज के लोगों ने मुख्यमंत्री को दीपावली पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित की। मुख्यमंत्री से मिलने वालों में गुरुद्वारा जटाशंकर प्रबंध समिति के अध्यक्ष जसपाल सिंह, मैनेजर राजेंद्र सिंह, गुरुद्वारा पैडलेगंज के अध्यक्ष कुलदीप सिंह नीलू, हरप्रीत सिंह साहनी, अशोक मल्होत्रा, मनप्रीत सिंह उप्पल, हृदयेश पुरी आदि शामिल थे।

  • सांसद रवि किशन ने बच्चों संग मनाई दीपावली, मिठाई बाँटकर बांटी खुशियाँ

    सांसद रवि किशन ने बच्चों संग मनाई दीपावली, मिठाई बाँटकर बांटी खुशियाँ

    सांसद रवि किशन ने बैंक रोड पर बच्चों संग मनाई दीपावली, मिठाई बाँटकर बांटी खुशियाँ, दीपावली पर जरूरतमंद बच्चों के साथ सांसद रवि किशन का विशेष जश्न

    दीपों की रोशनी संग बच्चों के चेहरों पर बिखेरी मुस्कान, रवि किशन ने दिए देशवासियों को शुभकामनाएँ

    बैंक रोड पर सांसद रवि किशन का दीपावली केअवसरपर, बच्चों के संग मिलकर मनाया पर्व

    रवि किशन ने बच्चों को दी दीपावली की सौगात, मिठाई और पटाखों से भरा जश्न

    दीपावली के अवसर पर गोरखपुरवासियों को दी सासंद रवि किशन ने शुभकामनाएं

    गोरखपुर। दीपावली के पावन अवसर पर गोरखपुर के सांसद और सुप्रसिद्ध अभिनेता रवि किशन शुक्ला ने बैंक रोड पर जरूरतमंद बच्चों के साथ दीपावली का त्योहार मनाया। बच्चों के बीच सांसद को पाकर खुशी की लहर दौड़ पड़ी। इस मौके पर रवि किशन ने बच्चों को मिठाई, पटाखे, और रंग-बिरंगी दीयों का वितरण किया, जिससे बच्चों के चेहरों पर अनोखी मुस्कान झलकने लगी।

    रवि किशन ने बच्चों के साथ दीयों की रोशनी में दीप जलाकर अंधकार को दूर करने का संदेश दिया और उन्हें दीपावली का महत्व समझाया। बच्चों के साथ घुल-मिलकर उनकी समस्याओं को सुना और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

    दीपावली के इस खास अवसर पर रवि किशन ने कहा, “हमारी संस्कृति में दीपावली का विशेष महत्व है, और इस पर्व को सभी के साथ मिल-जुल कर मनाना चाहिए। हर बच्चे के चेहरे पर मुस्कान लाना मेरे लिए सच्ची दीपावली है।” उन्होंने इस अवसर पर सभी देशवासियों और प्रदेशवासियों को दीपावली की शुभकामनाएं दीं, और प्रार्थना की कि यह त्योहार सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लेकर आए।

    इस अवसर पर बच्चों ने भी उनके साथ खूब आनंद लिया और कई ने उनसे आशीर्वाद भी लिया। सांसद रवि किशन के इस कदम से न केवल बच्चों में, बल्कि उनके परिवारों और उपस्थित लोगों के बीच भी दीपावली की खुशी चार गुना बढ़ गई।

  • वनटांगिया गांव में दिवाली की खुशियां बांटेंगे सीएम योगी 29/10

    वनटांगिया गांव में दिवाली की खुशियां बांटेंगे सीएम योगी

    वनटांगिया गांव में दिवाली की खुशियां बांटेंगे सीएम योगी
    वनटांगिया गांव में दिवाली की खुशियां बांटेंगे सीएम योगी

    जिले की कई ग्राम पंचायतों को देंगे 185 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का उपहार
    सीएम की अगवानी को गांव सजाने में जुटे वनटांगिया समुदाय के लोग
    हर साल वनटांगिया गांव में दीपावली मनाते हैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

    गोरखपुर, 29 अक्टूबर।

    कुसम्ही वन के बीच बसे वनटांगिया गांव जंगल तिकोनिया नंबर तीन के लोग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन की प्रतीक्षा में उल्लसित और उमंगित हैं। कारण, सीएम योगी इस वनटांगिया गांव में दीपोत्सव मनाने आते हैं। यहां दीप योगी के नाम पर प्रज्वलित होते हैं। वनटांगिया गांव जंगल तिकोनिया नंबर तीन में प्रशासन अपनी तैयारियों में जुटा है तो गांव के लोग मुख्यमंत्री की अगवानी के लिए अपने-अपने घर-द्वार को साफ सुथरा बनाने, रंग रोगन करने और सजाने-संवारने में। तैयारी ऐसी मानों उनके घर उनका आराध्य आने वाला हो। सब कुछ स्वतः स्फूर्त और मिलजुलकर। मुख्यमंत्री इस गांव में गुरुवार (31 अक्टूबर) को आकर दीपोत्सव मनाएंगे। वनटांगिया समुदाय के साथ दीपावली की खुशियां साझा करने के साथ मुख्यमंत्री जिले की कई ग्राम पंचायतों को कुल 185 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात देंगे।

    वनटांगिया गांव के दीपोत्सव में सीएम योगी उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) द्वारा 42 गांवों में उपलब्ध कराई गई पेयजल परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे। इस पर 150 करोड़ 35 लाख रुपये की लागत आई है। इसके अलावा वह 32 ग्राम पंचायतों में परफॉर्मेंस ग्रांट से 34 करोड़ 66 लाख की लागत से कराए गए विकास कार्यों का भी लोकार्पण करेंगे। दीपावली के इस समारोह में कार्यक्रम स्थल पर कई विभागों की तरफ से स्टाल लगाकर शासन की जनहित वाली योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी। उधर, मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर प्रशासन और ग्रामीण जोरदार तैयारियों में जुटे हुए हैं।

    सीएम योगी की अगवानी के लिए वनटांगिया समुदाय के लोगों का उत्साह स्वाभाविक है। मुख्यमंत्री योग आदित्यनाथ की ही वजह से वनटांगिया गांव जंगल तिकोनिया नंबर तीन को अब प्रदेश के अति विशिष्ट गांव के रूप में जाना जाता है। योगी यहां वर्ष 2009 से ही बतौर सांसद यहां दीपावली मनाते रहे हैं और 2017 में पहली बार मुख्यमंत्री बनने के बाद भी उन्होंने खुद द्वारा शुरू की गई परंपरा में रुकावट नहीं आने दी है। बतौर मुख्यमंत्री वह गुरुवार को लगातार आठवीं बार वनटांगियों के साथ दीपावली की खुशियां साझा करेंगे।

    उल्लेखनीय है योगी के कदम पड़ने के साथ ही वनटांगियों की उपेक्षा लगातार पूरी होती उम्मीदों में बदलती गई। बतौर सांसद उन्होंने लोकसभा में वनटांगिया अधिकारों के लिए लड़कर 2010 में अपने स्थान पर बने रहने का अधिकार पत्र दिलाया। 2017 में मुख्यमंत्री बने तो वनटांगिया गांवों को राजस्व ग्राम का दर्जा देकर उन्हें शासन प्रदत्त सभी सुविधाओं का हकदार बना दिया। उन्होंने वनटांगिया गांवों को आवास, सड़क, बिजली, पानी, स्कूल, जैसे संसाधनों के साथ ही यहां रहने वालों को जनहित की सभी योजनाओं से आच्छादित कर दिया है। रविवार को वनटांगिया गांव में मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं तो गांव के लोग भी उमंग-तरंग के साथ स्वागत को तैयार हैं।

    सौ साल तक उपेक्षित रहे वनटांगिया
    ब्रिटिश हुकूमत में जब रेल पटरियां बिछाई जा रही थीं तो स्लीपर के लिए बड़े पैमाने पर जंगलों से साखू के पेड़ों की कटान हुई। इसकी भरपाई के लिए बर्तानिया सरकार ने साखू के नए पौधों के रोपण और उनकी देखरेख के लिए गरीब भूमिहीनों, मजदूरों को जंगल मे बसाया। साखू के जंगल बसाने के लिए वर्मा देश की “टांगिया विधि” का इस्तेमाल किया गया, इसलिए वन में रहकर यह कार्य करने वाले वनटांगिया कहलाए। कुसम्ही जंगल के पांच इलाकों जंगल तिनकोनिया नम्बर तीन, रजही खाले टोला, रजही नर्सरी, आमबाग नर्सरी व चिलबिलवा में इनकी पांच बस्तियां वर्ष 1918 में बसीं। इसी के आसपास महराजगंज के जंगलों में अलग अलग स्थानों पर इनके 18 गांव बसे। 1947 में देश भले आजाद हुआ लेकिन वनटांगियों का जीवन गुलामी काल जैसा ही बना रहा। जंगल बसाने वाले इस समुदाय के पास देश की नागरिकता तक नहीं थी। नागरिक के रूप में मिलने वाली सुविधाएं तो दूर की कौड़ी थीं। जंगल में झोपड़ी के अलावा किसी निर्माण की इजाजत नहीं थी। पेड़ के पत्तों को तोड़कर बेचने और मजदूरी के अलावा जीवनयापन का कोई अन्य साधन भी नहीं। समय समय पर वन विभाग की तरफ से वनों से बेदखली की कार्रवाई का भय अलग से।

    वनटांगियों के लिए तारणहार बने योगी
    वर्ष 1998 में योगी आदित्यनाथ पहली बार गोरखपुर के सांसद चुने गए। उनके संज्ञान में यह बात आई कि वनटांगिया बस्तियों में नक्सली अपनी गतिविधियों को रफ्तार देने की कोशिश में हैं। नक्सली गतिविधियों पर लगाम के लिए उन्होंने सबसे पहले शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को इन बस्तियों तक पहुंचाने की ठानी। इस काम में लगाया गया उनके नेतृत्व वाली महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की संस्थाओं एमपी कृषक इंटर कालेज व एमपीपीजी कालेज जंगल धूसड़ और गोरखनाथ मंदिर की तरफ से संचालित गुरु श्री गोरक्षनाथ अस्पताल की मोबाइल मेडिकल सेवा को। जंगल तिनकोनिया नंबर तीन वनटांगिया गांव में 2003 से शुरू ये प्रयास 2007 तक आते आते मूर्त रूप लेने लगे। इस गांव के कोटेदार रामगणेश कहते है कि महाराज जी (योगी आदित्यनाथ को वनटांगिया समुदाय के लोग इसी संबोधन से बुलाते हैं) यहां तारणहार बनकर आए। बकौल रामगणेश, 2009 में जंगल तिकोनिया नम्बर तीन में योगी के सहयोगी वनटांगिया बच्चों के लिए एस्बेस्टस शीट डाल एक अस्थायी स्कूल का निर्माण कर रहे थे। वन विभाग ने इस कार्य को अवैध बताकर एफआईआर दर्ज कर दी। योगी ने अपने तर्कों से विभाग को निरुत्तर किया और अस्थायी स्कूल बन सका। हिन्दू विद्यापीठ नाम से यब विद्यालय आज भी योगी के संघर्षों का साक्षी है।

    योगी के कदम पड़े तो हुआ जंगल से इतर जीवन के रंगों का अहसास वनटांगियों को सामान्य नागरिक जैसा हक दिलाने की लड़ाई शुरू करने वाले योगी ने वर्ष 2009 से वनटांगिया समुदाय के साथ दीपोत्सव मनाने की परंपरा शुरू की तो पहली बार इस समुदाय को जंगल से इतर भी जीवन के रंगों का अहसास हुआ। फिर तो यह सिलसिला बन पड़ा। मुख्यमंत्री बनने के बाद भी योगी इस परंपरा का निर्वाह करना नहीं भूलते हैं। इस दौरान बच्चों को मिठाई, कापी-किताब और आतिशबाजी का उपहार देकर पढ़ने को प्रेरित करते हैं तो सभी बस्ती वालों को तमाम सौगात।

  • गौतम बुद्ध छात्रावास में एक दीप छात्रावास के नाम कार्यक्रम का हुआ आयोजन

    गौतम बुद्ध छात्रावास में एक दीप छात्रावास के नाम कार्यक्रम का हुआ आयोजन

    गौतम बुद्ध छात्रावास में एक दीप छात्रावास के नाम कार्यक्रम का हुआ आयोजन
    गौतम बुद्ध छात्रावास में एक दीप छात्रावास के नाम कार्यक्रम का हुआ आयोजन
    आज  को दीपावली एवं अयोध्या दीपोत्सव की पूर्व संध्या पर गौतम बुद्ध छात्रावास में दीपोत्सव का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में विश्वविद्यालय के कुलपति माननीय पूनम टंडन जी की गरिमामयी उपस्थिति रही । इस अवसर पर माननीय कुलपति जी ने दीप प्रज्वलित कर दीपोत्सव का प्रारंभ किया एवं गौतम बुद्ध जी की प्रतिमा का माल्यार्पण व पुष्पा अर्चन किया एवं सभी छात्रवासीयों और शिक्षकों को दीपावली की शुभकामनाएं भी दी । गौतम बुद्ध छात्रावास दीपोत्सव कार्यक्रम में सभी छात्रों ने हर्षोल्लास के साथ प्रतिभाग कर पूरे छात्रावास व उसके परिसर में दीप प्रज्ज्वलित किया। इस विशेष अवसर पर गौतम बुद्ध छात्रावास के अभिरक्षक डॉ. दुर्गेश पाल, अधीक्षक डॉ. सुनील यादव एवं डॉ. राजेश कुमार सिंह, मुख्य अभिरक्षक प्रो. एस.के. सिंह, अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. अनुभूति दुबे, विश्वविद्यालय संपत्ति अधिकारी डॉ.अमित उपाध्याय, डॉ. अनुपम सिंह, प्रो. विमलेश मिश्रा, प्रो. विजय चहल आदि की भी गरिमामयी उपस्थिति रही।