Category: उत्तर प्रदेश

  • धनतेरस पर हो रही जमकर खरीददारी, सोना-चांदी की खरीददारी पर दिखा महंगाई का असर 29/10

    धनतेरस पर हो रही जमकर खरीददारी, सोना-चांदी की खरीददारी पर दिखा महंगाई का असर

    धनतेरस पर हो रही जमकर खरीददारी, सोना-चांदी की खरीददारी पर दिखा महंगाई का असर
    धनतेरस पर हो रही जमकर खरीददारी, सोना-चांदी की खरीददारी पर दिखा महंगाई का असर

    धनतेरस के साथ पांच दिवसीय दिवाली उत्सव की हुई शुरुआत

    बडहलगंज गोरखपुर निष्पक्ष टुडे-:

    बाजार में त्यौहार की भीड़ दिखाई दी. लोग बाजार पहुंचकर खरीदारी कर रहे हैं. हालांकि सोने चांदी की दुकानो पर महंगाई का असर दिखा.
    धनतेरस पर हो रही जमकर खरीददारी, सोना-चांदी की खरीददारी पर दिखा महंगाई का असर।

    पांच दिवसीय दीपावली उत्सव की आज से शुरुआत हो गई है. आज धनतेरस का त्यौहार है जिस पर लोग जमकर खरीदारी कर रहे हैं. पांच दिवसीय दीपावली के त्योहार पर बड़हलगंज नगर (बाजार ) में रौनक नजर आ रही है, बाजार ग्राहकों से गुलजार है. ज्वेलरी का मार्केट हो इलेक्ट्रॉनिक मार्केट कपड़ा मार्केट बर्तन मार्केट या अन्य बाजार सभी ओर दिवाली की रौनक नजर आ रही है. हालांकि महंगाई के इस दौर में भी ग्राहक जमकर खरीददारी कर रहे है. सोने चांदी के दाम आसमान को छू रहे हैं इसके बाद भी ग्राहक खरीददारी करने में कमी नहीं रख रहे है।
    दीपावली के पावन पर्व पर खरीददारी को शुभ माना जाता है. लोग अपनी जरूरत के अनुसार बाजारों में पहुंच रहे हैं और खरीदारी करते हुए नजर आ रहे हैं. धनतेरस पर सोना चांदी बर्तन वाहन खरीदना शुभ माना जाता है. यही वजह है कि बाजार में लोग पहुंच रहे हैं और खरीदारी कर रहे हैं. सोने चांदी के दुकानों पर भी रौनक नजर आ रही है. धनतेरस पर लोग सोने चांदी के बने लक्ष्मी गणेश की मूर्ति और सोने और चांदी के सिक्के की खरीदारी कर रहे हैं.
    तो वही इलेक्ट्रॉनिक मार्केट भी पीछे नहीं है. फ्रिज एलईडी सहित उन इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स की खरीदारी की जा रही है. साथ ही बर्तन का खरीदना शुभ माना जाता है जिसको लेकर बर्तन के दुकानो में ग्राहकों की भीड़ नजर आ रही है. रसोई में प्रयोग होने वाले बर्तन हो या फिर पूजा घर के लिए पीतल या स्टील की सामग्री हो उसकी भी लोग खरीदारी कर रहे हैं. कपड़ों के दुकान भी त्योहार पर गुलजार है. नए कपड़े खरीदना भी त्यौहार पर शुभ होता है. दिवाली के त्योहार पर लोग नए कपड़े पहनते हैं.
    ब्यूरो प्रभारी —-विनय तिवारी
  • न्यू सेंट्रल एकेडमी में बच्चों ने सजाई रंगोली, दिया संदेश

    न्यू सेंट्रल एकेडमी में बच्चों ने सजाई रंगोली, दिया संदेश

    न्यू सेंट्रल एकेडमी में बच्चों ने सजाई रंगोली, दिया संदेश
    न्यू सेंट्रल एकेडमी में बच्चों ने सजाई रंगोली, दिया संदेश
    बड़हलगंज/ गोरखपुर निष्पक्ष टुडे: महुआपार में स्थित न्यू सेंट्रल एकेडमी में दीपावली के पावन अवसर पर बच्चो के बीच दीप सज्जा व रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में स्कूली बच्चों ने एक से बढ़कर एक आकर्षक रंगोली बनाकर अपने बहुमुखी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और शानदार रंगोली बनाकर सबका मन मोह लिया।कार्यक्रम का विद्यालय के सभी छात्र-छात्राओं ने हर्ष और रुचि के साथ आनंद लिया। बच्चों ने इस दौरान विभिन्न प्रकार के सुंदर दीये तथा रंगोली बनाकर सामाजिक संदेश देने का कार्य किया।
    इस आयोजन में बच्चों को अलग-अलग वर्गों में बांटकर अलग-अलग प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया था जिसमें कक्षा एल केजी से दूसरी तक के विद्यार्थियों के लिए दीया सज्जा प्रतियोगिता तथा तीसरे से 12वीं तक के बच्चों के लिए रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया । इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य सनी आर्या ने बच्चों को दीपावली का महत्व समझाते हुए कहा कि यह पर्व अंधकार से प्रकाश की ओर जाने का संदेश देता है।स्कूल के प्रबंधक बृजेश गुप्ता ने कहा कि ज्ञान रूपी प्रकाश से जीवन में कष्ट रुपी अंधेरे को समाप्त किया जा सकता है ।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्वांचल पत्रकार एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रभान तिवारी तथा कोतवाल बड़हलगंज चंद्रभान सिंह ने बच्चों की कलाकारी की सराहना करते हुए विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया तथा पर्यावरण सुरक्षा हेतु उनको नुकसान करने वाले पटाखे ना जलाने की अपील की। उन्होंने बच्चों से खतरनाक पटाखो से दूर रहने की बात कही तथा सभी को दीपावली की शुभकामनाएं दी। विशिष्ट अतिथि पूर्वांचल पत्रकार एसोसिएशन के प्रदेश सचिव घनश्याम यादव ने बच्चों से शिक्षा के साथ पाठ्य सहगामी क्रियाओं में अनवरत भाग लेने की बात की।इस अवसर पर शिक्षक विनय गुप्ता, जानकी, नीरज, उषा, शिवानी, साक्षी,आरोही,श्वेता,सोनम,संजना,लक्ष्मी, इशिका,प्रतिमा, शिवांगी, सुजाता,बबीता, मनोज शाही,प्रदीप,रामनाथ, पार्वती आदि सहित विद्यालय के शिक्षक, छात्र, अभिभावक उपस्थित रहे।
    ब्यूरो प्रभारी —-विनय तिवारी
  • सयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर 167 में चार्ली कम्पनी बनी ओवर आल विजेता टीम ।

    सयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर 167 में चार्ली कम्पनी बनी ओवर आल विजेता टीम ।

    गोरखपुर

    सयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर 167 में चार्ली कम्पनी बनी ओवर आल विजेता टीम ।
    सयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर 167 में चार्ली कम्पनी बनी ओवर आल विजेता टीम ।

    21 अक्टूबर से चल रहे दस दिवसीय सयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर 167 सैनिक स्कूल फर्टिलाइजर गोरखपुर, में एनसीसी कैडेटो को नौवें दिन शिविर के दौरान हुए विभिन्न प्रतियोगिताओं जैसे स्काउट ड्रिल कंपीटीशन, क्विज कंपीटीशन, फायरिंग कंपीटीशन, टेंट पिचिंग कंपीटीशन, तथा शिविर के विभिन्न कार्यों में अपना योगदान देने वाले कैडेट्स को कैम्प कमांडेंट ले० कर्नल रमन तिवारी ने शील्ड, मेडल तथा सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया । जिसमे चार्ली कम्पनी ओवर आल विजेता टीम रही । वहीं ब्रावो कंपनी दुसरे स्थान पर, अल्फा तीसरे स्थान पर तथा डेल्टा कंपनी अंतिम स्थान पर रही । कैम्प कमांडेंट ने चार्ली कंपनी के कंपनी कमांडर सेकेंड ऑफिसर सूर्य प्रताप सिंह को उनकी टीम के साथ चैंपियन ट्राफी प्रदान की ।

    इस अवसर पर कैप्टन डी एन मौर्य, कैप्टन दीपक शाही,  सेकेंड ऑफिसर सूर्य प्रताप सिंह, ले० बंदिता त्रिपाठी, थर्ड ऑफिसर नृपेंद्र मौर्य, सूबेदार मेजर पवन कुमार, सूबेदार कंवराज भाटी एंव अन्य पी. आई स्टाफ तथा कैम्प में आए एनसीसी कैडेट्स मौजूद रहे । संवाददाता– एस. पी. सिंह

  • रन फॉर यूनिटी के तहत लगाई दौड़ 29/10

    रन फॉर यूनिटी के तहत लगाई दौड़

    रन फॉर यूनिटी के तहत लगाई दौड़
    रन फॉर यूनिटी के तहत लगाई दौड़

    बड़हलगंज गोरखपुर निष्पक्ष टुडे

    रन फॉर यूनिटी हम सभी को एकजुट होकर आगे बढ़ाने की प्रेरणा देता है। ब्रिटिश शासन के दौरान सरदार पटेल ने अंग्रेजों के खिलाफ कई बड़े आंदोलनों का नेतृत्व किया। स्वतंत्रता के बाद उन्हीं के प्रयासों से रियासतों को एक करके उन्हें स्वतंत्र भारत में शामिल किया गया।

    उक्त बातें भाजपा मंडल अध्यक्ष अखंड प्रताप शाही ने मंगलवार को सरदार वल्लभभाई पटेल के जयंती के पूर्व आयोजित रन फॉर यूनिटी कार्यक्रम के तहत लोगों को संबोधित करते हुए कही। इस दौरान कई लोगों ने दौड़ लगाकर एकता का संदेश देने के साथ ही नगर पंचायत के सभागार में सरदार पटेल जी के चित्र पर लोगों ने पुष्पांजलि अर्पित करते हुए उनके जीवन को याद किया। इस दौरान चेयरमैन प्रतिनिधि महेश उमर, भाजपा नेता राजीव पांडेय, ईओ शिवकुमार, राजकुमार निगम, बबलू तिवारी, राजेश जायसवाल, अमलेश कुमार, सुनील, हिमांशु, विकास सहित अन्य कई लोग मौजूद रहें।
    ब्यूरो प्रभारी —-विनय तिवारी
  • गोरखपुर विश्वविद्यालय में नए विधि भवन के निर्माण की प्रक्रिया शुरू

    गोरखपुर विश्वविद्यालय में नए विधि भवन के निर्माण की प्रक्रिया शुरू

    दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय

    कानूनी शिक्षा के समकालीन मानकों के अनुसार एक समृद्ध शिक्षण वातावरण प्रदान करेगा नया विधि भवन: कुलपति

    गोरखपुर विश्वविद्यालय में नए विधि भवन के निर्माण की प्रक्रिया शुरू
    गोरखपुर विश्वविद्यालय में नए विधि भवन के निर्माण की प्रक्रिया शुरू

    दिनांक: 30-19-2024

    गोरखपुर

    कानूनी शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने अपने परिसर में एक नया विधि भवन का निर्माण करने जा रहा है।
    कुलपति प्रो. पूनम टंडन की पहल से प्रेरित इस परियोजना का उद्देश्य छात्रों और शिक्षकों को उत्कृष्ट सुविधाएं प्रदान करना और पूर्वांचल क्षेत्र में कानूनी अध्ययन के दायरे का विस्तार करना है।
    वर्तमान में संचालित विधि संकाय के पीछे बनाने वाला नया विधि भवन एक दो मंजिला संरचना (G+1) होगी जिसमें आधुनिक सुविधाएं से सुसज्जित कक्षाएं होंगी, जो एक अनुकूल शैक्षणिक वातावरण तैयार करने के लिए डिजाइन की गई हैं।
    लगभग 9.50 करोड़ रुपये के अनुमानित निर्माण लागत के साथ, इस परियोजना को विश्वविद्यालय द्वारा स्ववित्तपोषित किया गया है। इसका निर्माण एक सरकारी निर्माण एजेंसी द्वारा पूरा किया जाएगा ताकि नए बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता और मानकों का पालन सुनिश्चित हो सके।

    प्रस्तावित विधि भवन की मुख्य विशेषताएं

    1. दो मंजिला भवन: नया विधि भवन एक G+1 (ग्राउंड प्लस वन) संरचना होगी, जिसमें शैक्षणिक और प्रशासनिक आवश्यकताओं को प्रभावी ढंग से पूरा करने के लिए सुव्यवस्थित लेआउट होगा।

    2. आठ कक्षाएं: आठ कक्षाओं आधुनिक साज-सज्जा और तकनीकी सुविधाओं से सुसज्जित होगी। यह भवन विधि पाठ्यक्रमों खास कर बीए एलएलबी की बढ़ती मांग को पूरा करने और अधिक छात्रों को आराम और सुलभता प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

    3. 150-सीट ऑडिटोरियम: नए भवन की मुख्य विशेषताओं में से एक पूरी तरह सुसज्जित 150 सीटों वाला ऑडिटोरियम होगा। यह ऑडिटोरियम अतिथि व्याख्यान, कार्यशालाओं, सेमिनारों और अन्य शैक्षणिक सम्मेलनों के लिए एक बहुउद्देश्यीय स्थान के रूप में काम करेगा, जिससे छात्रों को अपने शैक्षिक अनुभव को व्यापक बनाने के विभिन्न अवसर मिलेंगे।

    4. प्रशासनिक कार्यालय: नए भवन में स्टाफ के लिए विशेष कमरे भी होंगे, जिनमें डीन का कार्यालय और निदेशक का कार्यालय शामिल हैं। ये स्थान संकाय सदस्यों और छात्रों के बीच सुगम पहुंच और संचार सुनिश्चित करने के लिए रणनीतिक रूप से स्थित होंगे, जिससे एक सहयोगी शैक्षणिक वातावरण का निर्माण होगा।

    कानूनी शिक्षा पर दृष्टि और प्रभाव

    अपनी गतिशील नेतृत्व और शैक्षणिक उत्कृष्टता के प्रति अपने समर्पण के लिए जानी वाली कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने इस पहल को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। एक समर्पित विधि भवन की स्थापना उनके व्यापक दृष्टिकोण के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य विश्वविद्यालय के शैक्षिक मानकों को बढ़ाना और उत्तर प्रदेश में इसे एक प्रमुख संस्थान के रूप में स्थापित करना है।

    प्रो. टंडन ने नए भवन की आवश्यकता के बारे ने चर्चा करते हुए कहा, “इस नए विधि भवन के साथ, हमारा उद्देश्य छात्रों को एक समृद्ध शिक्षण वातावरण प्रदान करना है, जो कानूनी शिक्षा के समकालीन मानकों को पूरा करता हो। यह भवन विधि संकाय को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने और कानूनी क्षेत्र में प्रभावशाली शोध करने के लिए आवश्यक संसाधन भी प्रदान करेगा।”

    भविष्य की वृद्धि की ओर एक कदम

    गोरखपुर विश्वविद्यालय में नए विधि भवन की स्थापना संस्थान की शैक्षणिक सुविधाओं का विस्तार करने और एक आधुनिकीकृत परिसर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अपने अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे के साथ, विधि भवन उन छात्रों को आकर्षित करेगा जो कानूनी अध्ययन में रुचि रखते हैं, जो राज्य में कानूनी पेशेवरों के निर्माण में कारगर साबित होगा।

  • भाई-भाई में होना चाहिए राम-भरत सा प्रेम:कोतवाल

    भाई-भाई में होना चाहिए राम-भरत सा प्रेम:कोतवाल

    क्रासर:मऊवां में भरत मिलाप देख भाऊक हुए श्रद्धालु
    क्रासर:मऊवां में भरत मिलाप देख भाऊक हुए श्रद्धालु

    गोला।

    गोला क्षेत्र के ग्राम सभा बेलसडा के मऊ बुज़ुर्ग (मऊवां)में विख्यात भरत-मिलाप की परंपरा मंगलवार को देर रात सम्पन्न हुई। इस अद्भुत दृश्य को देखने के लिए अगल-बगल गांव- जवार के सैकडों श्रद्धालु पहुंचे थे।भाईयों का मिलन देख जनता के भगवान राम व बाबा भोलेनाथ के जयकारों से पूरा इलाका गूंज उठा।
    इलाके के इस भरत मिलाप को देखने पहुंचे श्रद्धालुओ को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए गोला इन्सपेक्टर व पदोन्नति सीओ मधुपनाथ मिश्र व विशिष्ट अतिथि मदरिया उत्तराधिकारी श्रीश दास महाराज,जिपंस माया शंकर शुक्ला व आयोजक प्रधान प्रतिनिधि एवं समाजसेवी अखिलेश दूबे(नन्हें)ने कहा कि त्रेतायुग में वो राम और भरत का आपसी प्रेम आज भी भ्रातृत्व प्रेम का एक आदर्श स्वरुप है,भरत जैसा त्यागी, और राम जैसा आज्ञाकारी पुत्र दोनों का आपसी प्रेम आज भी लोगो के दिलो में कायम है। भाई भाई के बीच प्रेम कैसा हो ये हमें राम भरत मिलन प्रसंग से सीखना चाहिए ।उस प्रेम को शब्दों में बयां नही किया जा सकता है, उसे तो सिर्फ महसूस ही किया जा सकता है, राम-भरत के प्रेम का बखान करना सूर्य को दीपक दिखाने के समान है।पांडाल में राम- भरत मिलन की सजीव झांकी देखकर श्रद्धालु भी भाव-विभोर होकर अश्रुपात करने लगे।
    इस अवसर पर सपा नेता राजेश कुमार यादव,सुधाकर दूबे,डा अनूप तिवारी,अजय मिश्रा,सूरज पाण्डेय,अंकित पाण्डेय,बालमुकुन्द यादव,चंदन मिश्र,डबलू शुक्ला,मनोज चंद,के के सिंह,राजू दूबे,रमाशंकर दूबे,नितिन,जगदीश,ऋषिकेश दूबे आदि तमाम श्रद्धालु उपस्थित थे।
  • जिले में 155 अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर सरकारी खर्चे से गर्भवती को सुविधा देने की पहल

    जिले में 155 अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर सरकारी खर्चे से गर्भवती को सुविधा देने की पहल
    सीएमओ ने मातृ स्वास्थ्य सेवा वाले पंजीकृत केंद्रों को ई रुपी वाउचर योजना से जुड़ने का दिया निर्देश
    सरकारी अस्पताल में जांच कराने वाली गर्भवती पा रही हैं
    निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर जांच की सुविधा

    जिले में 155 अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर सरकारी खर्चे से गर्भवती को सुविधा देने की पहल
    जिले में 155 अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर सरकारी खर्चे से गर्भवती को सुविधा देने की पहल

    गोरखपुर, 28 अक्टूबर 2024

    स्वास्थ्य विभाग ने जिले में मातृ स्वास्थ्य सेवा देने वाले सभी 155 पंजीकृत निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर सरकारी खर्चे से गर्भवती को सुविधा देने की पहल की है। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आशुतोष कुमार दूबे ने पत्र भी जारी किया है । बीते शनिवार को हुई जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में उन्होंने संबंधित अधिकारियों को पुनः निर्देश दिया कि जो केंद्र ई रुपी वाउचर योजना में पंजीकरण न करा रहे हों, उनकी सूचना उपलब्ध कराई जाए। इस योजना के तहत सरकारी अस्पताल में जांच कराने वाली गर्भवती भी निजी अल्ट्रासाउंड सेंटर से सरकारी खर्चे पर सेवा प्राप्त कर रही हैं।

    मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ दूबे ने बताया कि अभी तक 72 केंद्रों ने ई रुपी वाउचर योजना के तहत पंजीकरण करवा लिया है और सेवा के लिए तैयार हैं । इनमें 35 केंद्र पहले से ही सेवा देते आ रहे हैं। महीने की एक, नौ, सोलह और चौबीस तारीख को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के दौरान सरकारी अस्पतालों पर प्रसव पूर्व जांच करवाने वाली महिलाओं को ई रुपी वाउचर जेनरेट करके दिया जाता है जिसके जरिये वह एक माह के भीतर न केवल जनपद के भीतर बल्कि योजना में पंजीकृत प्रदेश के किसी भी केंद्र से यह सुविधा प्राप्त कर सकती हैं।

    डॉ दूबे ने बताया कि प्रमुख सचिव चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण पार्थ सारथी सेन शर्मा के स्तर से इससे संबंधित विस्तृत दिशा निर्देश प्राप्त हुए हैं जिनका पालन मातृ स्वास्थ्य परामर्शदाता डॉ सूर्य प्रकाश की मदद से कराया जा रहा है। जिले में 46 इकाइयों से महीने में चार दिन यह वाउचर जेनरेट किये जा रहे हैं। पिछले वित्तीय वर्ष में इसके जरिये 18446 गर्भवती ने सेवा प्राप्त की। इस साल अप्रैल से अब तक करीब 19800 गर्भवती इस सेवा का लाभ उठा चुकी हैं। अल्ट्रासाउंड की यह सुविधा सिर्फ सरकारी अस्पताल पर जांच कराने वाली गर्भवती को दी जाती है। इस सेवा का लाभ लेने वाली गर्भवती 102 नंबर एम्बुलेंस से स्वास्थ्य केंद्र पहुंच सकती हैं और इसके लिए भी उन्हें पैसे नहीं देने हैं। गर्भवती के पास सेवा लेते समय एक फोन मौजूद रहना चाहिए जिस पर ओटीपी आती है और उसकी मदद से सेवा मिल पाती है। आशा कार्यकर्ता की मदद से सभी गर्भवती इसका लाभ जरूर उठाएं।

    मातृ शिशु सुरक्षा के लिए आवश्यक है अल्ट्रासाउंड

    शाहपुर शहरी स्वास्थ्य केंद्र की प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ नीतू मौर्या का कहना है कि मातृ शिशु स्वास्थ्य और उनकी सुरक्षा में अल्ट्रासाउंड जांच की अहम भूमिका है। इससे निकलने वाली अल्ट्रासोनिक वेब से मां और बच्चे के स्वास्थ्य पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता है। बच्चे की ग्रोथ, गर्भ में उसकी स्थिति और गर्भाशय में लिक्विड की स्थिति समेत कई अहम जानकारियां अल्ट्रासाउंड जांच के जरिये ही मिल पाती हैं। सामान्य महिलाओं का पूरे प्रसव काल में अधिकतम तीन बार, जबकि उच्च जोखिम गर्भावस्था में चार बार तक यह जांच कराते हैं।

  • फूड विभाग की टीम ने दूषित सेवई व सॉस बनाने वाली फैक्ट्री की किया बंद

    एक्शन मोड में फूड विभाग की टीम

    फूड विभाग की टीम ने दूषित सेवई व सॉस बनाने वाली फैक्ट्री की किया बंद
    गंदे तरीके और केमिकल से तैयार किया जा रहे खाद्य पदार्थ के कारण फैक्ट्री को किया गया बंद- डॉ. सुधीर कुमार सिंह
    60 कुंतल सेवई और दूषित सॉस को किया गया सीज

    गोरखपुर ।

    फूड विभाग की टीम ने दूषित सेवई व सॉस बनाने वाली फैक्ट्री की किया बंद
    फूड विभाग की टीम ने दूषित सेवई व सॉस बनाने वाली फैक्ट्री की किया बंद

    शासन की मंशा के अनुसार कार्य करते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग के सहायक आयुक्त खाद्य (द्वितीय) डॉ सुधीर कुमार सिंह के निर्देशन व मुख्य सुरक्षा अधिकारी हितेंद्र मोहन त्रिपाठी के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने आज कूड़ाघाट पर टोटल फूड प्रोडक्ट के नाम से संचालित हो रही फैक्ट्री पर छापेमारी की कार्रवाई की गई , टीम ने कार्रवाई के दौरान देखा कि अत्यधिक गंदे तरीके से सेवई व सॉस का निर्माण कराया जा रहा था और सॉस में केमिकल का इस्तेमाल हो रहा था प्रथमदृष्टया संदेह होने पर टीम ने वहां से पांच नमूने संग्रहित कर प्रयोगशाला हेतु जांच के लिए भेजा है और मौके पर 60 कुंतल सेवई और सॉस को सील कर दिया गया है। सहायक आयुक्त खाद्य (द्वितीय) डॉ सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि दीपावली ,छठ पर्व के दृष्टिगत रखते हुए शासन के निर्देश पर यह कार्रवाई लगातार चल रही है इसी के क्रम में टीम ने आज कूड़ाघाट में टोटल फूड प्रोडक्ट के नाम से संचालित हो रही फैक्ट्री की जांच की गई तो वहाँ पर सेवई का निर्माण किया जा था, फैक्ट्री के अंदर अत्यधिक गंदगी और केमिकल का इस्तेमाल करके इसे तैयार किया जा रहा था जो मानव के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। फिलहाल पांच नमूने संग्रहित कर प्रयोगशाला हेतु जांच के लिए भेजा गया है और फैक्ट्री को सील कर दिया गया है रिपोर्ट आने के के बाद खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी गंदे तरीके से तैयार किये जा रहे खाद्य पदार्थों के इस्तेमाल करने से आमजन बीमार पड़ सकते हैं ऐसे में आम जनमानस के स्वास्थ्य के साथ किसी को खिलवाड़ करने की इजाजत नहीं दी जाएगी त्यौहार का समय चल रहा है और खाद्य पदार्थों की डिमांड ज्यादा है ऐसे में मिलावटखोर चंद मुनाफा कमाने के चक्कर में लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं अब ऐसे लोगों की खैर नहीं है जो लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करेंगे।

  • सुप्रीम कोर्ट मधुमिता हत्याकांड में शूटर रोहित ने मांगी समयपूर्व रिहाई2024

    सुप्रीम कोर्ट on मधुमिता हत्याकांड में शूटर रोहित ने मांगी समयपूर्व रिहाई: सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड सरकार से जवाब तलब किया, अगली सुनवाई 14 नवंबर को

    2003 के चर्चित कवयित्री मधुमिता शुक्ला हत्याकांड में नया घटनाक्रम सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस हत्याकांड में दोषी रोहित चतुर्वेदी की समयपूर्व रिहाई के लिए दायर याचिका पर उत्तराखंड सरकार से जवाब मांगा है। जस्टिस अभय एस. ओका और ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने उत्तराखंड सरकार को नोटिस जारी कर निर्देश दिया है कि वह याचिका पर अपना पक्ष प्रस्तुत करे। मामले की अगली सुनवाई 14 नवंबर को होगी।

    अमरमणि और मधुमणि को मिली माफी, रोहित की रिहाई पर सवाल

    मधुमिता शुक्ला की हत्या के इस मामले में मुख्य आरोपी पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी और उनकी पत्नी मधुमणि को पूर्व में माफी दी जा चुकी है, जबकि एक अन्य आरोपी की मृत्यु हो चुकी है। अब रोहित चतुर्वेदी की रिहाई के लिए दी गई याचिका पर शीर्ष अदालत का निर्णय उत्तराखंड सरकार के जवाब पर निर्भर करेगा। याचिका में रोहित चतुर्वेदी ने समयपूर्व रिहाई के लिए सक्षम प्राधिकारी से निर्देश की मांग की है।

    बिलकिस बानो केस का संदर्भ

    उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त महाधिवक्ता गरिमा प्रसाद ने बिलकिस बानो केस का हवाला देते हुए कहा कि चूंकि मधुमिता शुक्ला हत्या मामले को उत्तर प्रदेश से उत्तराखंड स्थानांतरित किया गया था, इसलिए अंतिम निर्णय लेने का अधिकार उत्तराखंड सरकार के पास है।

    मधुमिता शुक्ला की हत्या ने मचाई थी सनसनी

    2003 में उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी की कवयित्री मधुमिता शुक्ला की हत्या ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था। गर्भवती मधुमिता की लखनऊ के पेपर मिल इलाके में उनके आवास पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस निर्मम हत्या में पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी की संलिप्तता के आरोप लगे थे और उन्हें उसी वर्ष सितंबर में गिरफ्तार किया गया था। कोर्ट ने अमरमणि त्रिपाठी, उनकी पत्नी मधुमणि, रोहित चतुर्वेदी और अन्य अभियुक्तों को इस हत्याकांड में दोषी ठहराया था।

    हत्या का घटनास्थल

    9 मई 2003 को लखनऊ के निशातगंज स्थित पेपर मिल कॉलोनी में कवयित्री मधुमिता शुक्ला की गोली मारकर हत्या की गई थी। CBI की चार्जशीट के अनुसार, उस वक्त मधुमिता अपने घर में अकेली थीं, जबकि उनका नौकर देशराज वहां उपस्थित था। घटना के दौरान शूटर संतोष राय और प्रकाश पांडे उनके घर पहुंचे थे।

    मधुमिता दोनों के साथ कमरे में बातचीत कर रही थीं, जब देशराज चाय बना रहा था। इसी दौरान गोली चलने की आवाज आई, और देशराज कमरे में पहुंचा तो उसने मधुमिता को लहूलुहान हालत में पाया। बाद की जांच में CBI ने देशराज के बयान को महत्वपूर्ण मानते हुए अमरमणि त्रिपाठी की संलिप्तता का पर्दाफाश किया था।

    कोर्ट ने दी थी उम्रकैद की सजा

    CBI की जांच में अमरमणि पर गवाहों को धमकाने के आरोप लगे थे, जिसके बाद मुकदमा देहरादून की फास्ट ट्रैक कोर्ट में स्थानांतरित किया गया था। देहरादून की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 24 अक्टूबर 2007 को अमरमणि, मधुमणि, रोहित चतुर्वेदी, प्रकाश पांडे और संतोष राय को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

    जुलाई 2012 में उत्तराखंड हाईकोर्ट ने भी दोषियों को CBI कोर्ट द्वारा दी गई उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा था। हालांकि, अमरमणि और मधुमणि को लगभग 20 साल की सजा काटने के बाद 25 अगस्त को शासन के निर्देश पर समयपूर्व रिहाई मिल गई थी।

    उत्तराखंड सरकार पर रिहाई के फैसले का दबाव

    रोहित चतुर्वेदी की रिहाई के लिए दायर याचिका ने उत्तराखंड सरकार पर एक नया दबाव बना दिया है, खासकर तब जब मुख्य आरोपी अमरमणि और मधुमणि को पहले ही रिहा किया जा चुका है। अदालत द्वारा जारी नोटिस के बाद उत्तराखंड सरकार पर मामले को संवेदनशील तरीके से निपटाने का दबाव है, क्योंकि इस निर्णय का बड़ा सामाजिक और राजनीतिक असर हो सकता है।

    अमरमणि-मधुमणि की रिहाई के विरोध में उठी थीं आवाजें

    अमरमणि और मधुमणि की रिहाई के बाद कई सामाजिक संगठनों और नागरिक समूहों ने इसका विरोध किया था। उनका कहना था कि इतने जघन्य अपराध में दोषी ठहराए गए लोगों को माफी देना न्याय की अवमानना है। ऐसे में अब रोहित चतुर्वेदी की रिहाई के लिए दायर याचिका भी विवादों के घेरे में है।

    मधुमिता के परिवार का पक्ष

    मधुमिता शुक्ला के परिवार ने पहले भी दोषियों की माफी और रिहाई का विरोध किया था। उनका कहना है कि अगर रोहित को भी रिहा किया गया, तो यह मधुमिता की आत्मा के साथ अन्याय होगा। परिवार का मानना है कि हत्याकांड के सभी दोषियों को उनकी सजा पूरी करने देनी चाहिए।

    राजनीतिक माहौल और फैसले का प्रभाव

    अमरमणि त्रिपाठी, एक समय के चर्चित नेता, का इस हत्याकांड से राजनीतिक करियर समाप्त हो गया था। लेकिन उनकी रिहाई ने उत्तर प्रदेश के राजनीतिक माहौल में हलचल मचा दी है। अब यदि रोहित चतुर्वेदी को भी रिहाई मिलती है, तो इस फैसले का असर राजनीति पर भी पड़ सकता है।

    CBI की भूमिका और केस की जटिलता

    इस हत्याकांड की जांच की कमान CBI को सौंपी गई थी, जिसने बारीकी से मामले की जांच की और दोषियों को सजा दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। CBI ने मधुमिता के नौकर देशराज के बयान को अहम मानते हुए एक ठोस केस बनाया। रोहित चतुर्वेदी की रिहाई के लिए दी गई याचिका से एक बार फिर CBI की जांच की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो सकते हैं।

    समाजसेवी संगठनों की नजर

    कई समाजसेवी संगठन इस मामले पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं। उनका मानना है कि दोषियों को सजा में छूट देना महिलाओं के खिलाफ अपराधों के प्रति एक गलत संदेश दे सकता है। उनका तर्क है कि न्यायपालिका को ऐसे मामलों में कठोर रुख अपनाना चाहिए ताकि महिलाओं की सुरक्षा के प्रति समाज में एक स्पष्ट संदेश जाए।

  • दी द उ गो वि वि के संस्कृत विभाग की शिक्षिका डॉ अर्चना शुक्ला दीवाली पर विशेष जानकारी दे रही हैं

    दी द उ गो वि वि के संस्कृत विभाग की शिक्षिका डॉ अर्चना शुक्ला दीवाली पर विशेष जानकारी दे रही हैं –

    ज्योतिष तिथियों का ज्ञान कराता है किंतु हिंदू धर्म में पर्व मनाने की परंपरा धर्मशास्त्रीय विषय है, तिथि निर्णय के धर्म शास्त्रीय श्लोकिया प्रमाण देते हुए-

    ” प्रदोषे लक्ष्मीन्द्र कुबेरादी पूजा “

    दी द उ गो वि वि के संस्कृत विभाग की शिक्षिका डॉ अर्चना शुक्ला दीवाली पर विशेष जानकारी दे रही हैं
    दी द उ गो वि वि के संस्कृत विभाग की शिक्षिका डॉ अर्चना शुक्ला दीवाली पर विशेष जानकारी दे रही हैं

    दीपोत्सव के पंच पर्व के महत्व पर प्रकाश डालते हुए लोगों के मन में दीपावली पर्व को लेकर व्याप्त शंका का समाधान करते हुए इस वर्ष दीपावली 31 अक्टूबर 2024 को क्यों मानना शास्त्र सम्मत है क्योंकि दीपावली में प्रदोष व्यापनी अमावस्या होनी चाहिए,अतः 1 नवंबर को प्रतिपदा युक्त अमावस्या पड़ रही है जो शास्त्रानुसार निषेध माना गया है,इसलिए इस वर्ष दीपावली का यह पर्व 31 अक्टूबर 2024 को मनाया जाएगा! दीपावली पंच पर्व का त्यौहार है लेकिन इस वर्ष यहपर्व षडपर्व के रूप में मनाया जाएगा! धनतेरस से पंच पर्व की शुरुआत होती है अतःधनतेरस 29 अक्टूबर 2024 को मनाया जायेगा, त्रयोदशी को मनाया जाने वाला यह पर्व प्रदोष काल में स्थिर लग्न में भगवान धन्वंतरि, कुबेर, माँ लक्ष्मी की पूजा का विधान हैँ क्योंकि इस दिन भगवान धन्वंतरि का जन्मोत्सव भी मनाया जाता हैँ!धनतेरस मंगलवार 29अक्टूबर 2024 को प्रातः 10:31मिनट से प्रारंभ होकर बुधवार को 1:15 दोपहर तक रहेगा शुभ मुहूर्त प्रदोष काल का समय सर्वोत्तम माना जाता हैँ जिसमें 5:39 शाम से रात 8:13 तक जो खरीदारी व पूजन का विशेष समय होगा, शाम 6:33 से 8:29 तक वृष लग्न यानी स्थिर लग्न विद्यमान रहेगा इस समय काल में किया गया विशेष पूजन व खरीदारी जनमानस को धन प्राप्ति व स्वास्थ्य में विशेष सुविधा लेकर आएगा चिकित्सकों के लिए यह पर्व विशेष तौर पर चिकित्सकीय लाभ की प्राप्ति कराएगा व जनमानस कोआर्थिक सिद्धि में लाभ की प्राप्ति होगी!

    इस वर्ष दीपावली के पावन पर्व पर 12 राशियों पर क्या प्रभाव पड़ने वाला है —
    शुभ प्रभाव में आने वाली राशियां— मेष,वृष,मिथुन,सिंह, मकर,कुंभ राशि वालों के लिए आर्थिक स्थिति में शुभता का प्रभाव,नए कार्य के लिए नए अवसर खुलेंगे,भाग्य की प्रबलता देखने को मिलेगी,बाधाएँ समाप्त होकर कार्य में गति प्रदान करेंगे, नए अवसर प्रदान होंगे, स्वास्थ्य में अनुकूलता देखने को मिलेगी!

    अशुभ प्रभाव में आने वाली राशियां -कर्क,कन्या,तुला,वृश्चिक, धनु और मीन राशि वालों को स्वास्थ्य संबंधी,धन संबंधी,पारिवारिक जीवन में सामंजस्य संबंधी, विशेष सावधानी बरतनी होगी, कार्य में विलंब की संभावना बढ़ेगी,अतः धैर्य पूर्वक उचित प्रयास के बाद ही कार्य संपन्न होने की संभावना रहेगी!
    इस वर्ष 31 अक्टूबर 2024 को लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त- प्रदोष काल में स्थित लग्न में पूजन करना शुभ माना जाता है विशेषतः पूजन का काल प्रदोष काल ही सर्वोत्तम माना गया है, स्थिर लग्न में वृष लग्न,सिंह लग्न कुंभ लग्न और वृश्चिक लग्न सर्वश्रेष्ठ लक्ष्मी पूजन के लिए माना गया है!
    शुभ लक्ष्मी पूजन मुहूर्त- बृहस्पतिवार 31 अक्टूबर 2024 को 6:27मिनट शाम से 8:23 मिनट रात तक सर्वोत्तम पूजन काल -दीप प्रज्वलन का समय होगा!
    लक्ष्मी पूजन के लिए विशेष सामग्री पंचामृत,पान सुपारी गोमती चक्र,कौड़ी,गणेश लक्ष्मी मूर्ति,कुबेर व लक्ष्मी यंत्र,नारियल धनिया,हल्दी,कमल गट्टे की माला पूजन सामग्री कमल पुष्प फूल माला धान का लावा,मिष्ठान इत्यादि!!
    विशेष लक्ष्मी मंत्र व स्त्रोत जिसको करने से वर्ष पर्यंत मां लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होगी, कनकधारा स्त्रोत,श्री सूक्त का पाठ,सम्पुटित मंत्र ॐ श्री महालक्ष्मै नमः,श्री महालक्ष्मी पुराणोंक्त मंत्र —
    या देवी सर्वभूतेषु लक्ष्मी रूपेण संस्थिता|
    नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः ||