Category: खेल
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थाईलैंड में गोल्ड मेडल जीतकर गोरखपुर लौटे समीर खान व विवेक शर्मा, जीजेडआई कार्ट ने किया भव्य स्वागत
राष्ट्रीय प्रतियोगिता में शोएब ने भी जीता स्वर्ण, कोच माज खान को दिया जीत का श्रेय

गोरखपुर। गोरखपुर के लिए गर्व का क्षण तब देखने को मिला, जब किसान परिवार के बेटे समीर खान और सामान्य परिवार से ताल्लुक रखने वाले विवेक शर्मा ने थाईलैंड में आयोजित इंटरनेशनल बॉडी बिल्डिंग प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल जीतकर भारत का नाम रोशन किया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतकर गोरखपुर लौटने पर दोनों खिलाड़ियों का जीजेडआई कार्ट की ओर से भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर केक काटकर खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया और उनकी उपलब्धि का जश्न मनाया गया।
समीर खान मूल रूप से महराजगंज जनपद के निवासी हैं, जबकि विवेक शर्मा गोरखपुर जनपद के पादरी बाजार क्षेत्र से ताल्लुक रखते हैं। सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद दोनों खिलाड़ियों ने अपने संघर्ष, अनुशासन और कठिन परिश्रम से यह मुकाम हासिल किया है। उनकी इस सफलता ने न केवल उनके परिवारों, बल्कि पूरे पूर्वांचल का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है।
गोल्ड मेडल जीतने के बाद दोनों खिलाड़ियों ने एक स्वर में अपनी जीत का पूरा श्रेय अपने कोच माज खान (माज सर) को दिया। खिलाड़ियों ने कहा कि “अगर कोच नहीं होते, तो हम भी इस मुकाम तक नहीं पहुंच पाते। कोच ने हमें केवल शारीरिक प्रशिक्षण ही नहीं, बल्कि मानसिक रूप से भी मजबूत बनाया।” खिलाड़ियों के इस कथन ने गुरु-शिष्य परंपरा की मिसाल पेश की।
इसी क्रम में, दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय बॉडी बिल्डिंग प्रतियोगिता में शोएब, निवासी मुखालिशपुर तिघरा, जनपद संतकबीरनगर, ने भी गोल्ड मेडल जीतकर प्रदेश के साथ-साथ गोरखपुर और संतकबीरनगर का नाम रोशन किया। शोएब बेहद गरीब परिवार से आते हैं, लेकिन उनकी मेहनत और लगन ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है। शोएब ने भी अपनी सफलता का श्रेय कोच माज खान को देते हुए कहा कि सही मार्गदर्शन और निरंतर अभ्यास ने उन्हें यह उपलब्धि दिलाई।
तीनों स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ियों—समीर खान, विवेक शर्मा और शोएब—के साथ कोच माज खान ने केक काटकर जीत का जश्न मनाया। इस मौके पर खिलाड़ियों के परिजन, खेल प्रेमी और स्थानीय लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे। जीजेडआई कार्ट द्वारा अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर लौटे खिलाड़ियों का भव्य स्वागत किया गया, जिससे खिलाड़ियों का उत्साह और आत्मविश्वास और बढ़ गया।इस अवसर पर कोच माज खान ने कहा कि “हमारे खिलाड़ी न केवल भारत का नाम रोशन कर रहे हैं, बल्कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनपद गोरखपुर की पहचान को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य है कि यहां ट्रेनिंग लेने वाला हर बच्चा इंटरनेशनल प्रतियोगिताओं में खेलने के काबिल बने और भारत के लिए गोल्ड मेडल जीतकर लाए।”
खिलाड़ियों की यह सफलता आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनकर सामने आई है और यह साबित करती है कि अगर सही मार्गदर्शन, मेहनत और लगन हो, तो साधारण परिवारों से निकलकर भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का परचम लहराया जा सकता है।
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महानगर में सीएम कप स्टेट सीनियर हैंडबॉल व खो-खो प्रतियोगिता 25 से 27 दिसंबर 2025 तक
गोरखपुर 22 दिसंबर 2025। बाबा गोरखनाथ की नगरी गोरखपुर इस माह एक बड़े खेल आयोजन की मेजबानी करने जा रही है। सहजनवां स्थित ग्रामीण स्टेडियम में श्रद्धेय अटल बिहारी बाजपेयी जी के जन्म जयंती शताब्दी वर्ष के अवसर पर सीएम कप उत्तर प्रदेश स्टेट सीनियर पुरुष हैंडबॉल एवं खो-खो प्रतियोगिता 25 से 27 दिसंबर 2025 तक आयोजित होगी।
यह प्रतियोगिता उत्तर प्रदेश खेल एवं शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश हैंडबॉल एसोसिएशन और खो-खो फेडरेशन ऑफ इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में लीग कम नॉक आउट प्रणाली पर खेली जाएगी। इसकी रूपरेखा उत्तर प्रदेश हैंडबॉल एसोसिएशन के कार्यकारी महासचिव अमित पाण्डेय एवं पंकज पाण्डेय महासचिव उत्तर प्रदेश खेल एवं शिक्षा परिषद के महासचिव ने तैयार की है।
अमित पाण्डेय ने बताया कि प्रतियोगिता के अंतर्गत हैंडबॉल की स्पर्धा कॉलेज के बहुउद्देश्यीय हाल में होगी, जब कि खो-खो की भिड़ंत कॉलेज के खेल मैदान पर देखने को मिलेगी। हैंडबॉल में 18 मंडलों व यूपी पुलिस, एसएसबी, अमेठी हास्टल व साई सैफई, एन इ रेलवे सहित कुल 23 टीमें भाग लेंगी। दूसरी ओर खो-खो की प्रतियोगिता में 16 मंडलों व यूपी पुलिस, एसएसबी की टीमें प्रतिभाग करेंगी।
गोरखपुर जैसे ऊर्जावान शहर में इन खेलों का आयोजन युवाओं के उत्साह को नई दिशा देगा।
उत्तर प्रदेश खेल एवं शिक्षा परिषद के महासचिव पंकज पाण्डेय ने बताया कि हमारा प्रयास है कि प्रदेश के हर मंडल से उभरते खिलाड़ी राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाएं। यह आयोजन खेल प्रतिभाओं के लिए एक मजबूत प्लेटफॉर्म साबित होगा। आज प्रेस वार्ता में खो खो फेडरेशन ऑफ इंडिया के प्रदेश सचिव रविकांत जी गोरखपुर खेल परिषद के जिला सचिव प्रवीण पाण्डेय शुभम राय (विकास अधिकारी उत्तर प्रदेश खेल एवं शिक्षा परिषद), अरविन्द यादव (सचिव गोरखपुर हैंडबॉल संघ), भी मौजूद थे। इस पूरे आयोजन को गोरक्ष पीठाधीश्वर पूज्य योगी आदित्यनाथ जी महाराज माननीय मुख्यमंत्री (उत्तर प्रदेश सरकार) की स्वीकृति एवं आशीर्वाद प्राप्त है। तथा उन्होंने अपनी उपस्थिति के लिए भी स्वीकृति दी है।
इस पूरे आयोजन में सहजनवां विधायक माननीय प्रदीप शुक्ल जी के प्रमुख भूमिका में आयोजित की जाएगी।
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राजमिस्त्री का बेटा खेलेगा आईपीएल, पंजाब किंग्स ने विशाल निषाद को 30 लाख में खरीदा, संघर्ष से सफलता तक की प्रेरक कहानी
गोरखपुर। गोरखपुर के लिए यह गर्व का क्षण है। एक साधारण परिवार से निकलकर गोरखपुर के युवा क्रिकेटर विशाल निषाद ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में जगह बनाकर इतिहास रच दिया है। आईपीएल ऑक्शन में पंजाब किंग्स (PBKS) ने विशाल निषाद को उनकी बेस प्राइस 30 लाख रुपये में अपनी टीम में शामिल किया। 21 वर्षीय विशाल एक राइट आर्म मिस्ट्री स्पिन गेंदबाज हैं और अपनी घातक गेंदबाजी के लिए पहचाने जाते हैं।

विशाल निषाद बेहद गरीब परिवार से ताल्लुक रखते हैं। वह राजघाट थाना क्षेत्र के जंगल अयोध्या प्रसाद लहसड़ी गांव के निवासी हैं। उनके पिता उमेश निषाद पेशे से राजमिस्त्री हैं, जबकि मां सुनीता देवी गृहिणी हैं। आर्थिक तंगी के बावजूद विशाल ने कभी अपने सपनों से समझौता नहीं किया। वह कई बार अपने पिता के साथ मजदूरी के काम में हाथ बंटाते थे, लेकिन दिल में क्रिकेटर बनने का जज्बा हमेशा जिंदा रहा।
विशाल की मेहनत और लगन को देखते हुए उनके पिता ने सीमित आय के बावजूद क्रिकेट प्रशिक्षण दिलाने का साहसिक निर्णय लिया। क्रिकेट अकादमी की फीस, किट और आने-जाने के खर्चों को किसी तरह पूरा किया गया। माता-पिता के इस संघर्ष और समर्थन ने विशाल को आगे बढ़ने की ताकत दी।
विशाल ने यूपी-टी20 लीग में गोरखपुर लायंस की ओर से खेलते हुए शानदार प्रदर्शन किया। इसी दौरान उन्होंने अनुभवी बल्लेबाज नीतीश राणा को पवेलियन भेजकर क्रिकेट विशेषज्ञों का ध्यान अपनी ओर खींचा। उनकी जादुई मिस्ट्री स्पिन गेंदबाजी के चलते यह माना जाने लगा था कि आईपीएल में उन पर जरूर बोली लगेगी।
वर्तमान में विशाल संस्कृति क्रिकेट एकेडमी में प्रशिक्षण ले रहे हैं, जहां उन्हें कोच कल्याण सिंह का मार्गदर्शन मिल रहा है। कोच का कहना है कि विशाल में एक बड़े खिलाड़ी बनने की पूरी क्षमता है और आने वाले समय में वह पंजाब किंग्स के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकते हैं।
आईपीएल में चयन की खबर जैसे ही गांव पहुंची, पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। लोगों ने मिठाइयां बांटी और विशाल की सफलता को संघर्ष और मेहनत की जीत बताया। विशाल निषाद आज हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं।











