Category: ब्रेकिंग न्यूज़
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नौ महिलाओं को अपने प्रेम जाल में फंसा कर की शादी
सोनभद्र में एक व्यक्ति ने नौ महिलाओं को अपने प्रेम जाल में फंसा कर की शादी. परिषदीय विद्यालयों की महिलाएं और बिज़नेस करने वाली युवतियां बनी उसके हवस का शिकार. शादी के बाद उनके नाम पर बैंक से लाखों का लोन निकलवाता था और रुपया लेने के बाद वह अपनी पत्नियों कों छोड़ देता था. अब उन्हें पहचानने से कर रहा इनकार. उसकी शिकार अंबेडकर नगर, संत कबीर नगर, गोरखपुर, वाराणसी, सोनभद्र की महिलाएं बनती थी. पीड़ित महिलाओं ने जब पुलिस से शिकायत की तब मामला हुआ उजागर. यह मामला सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज कोतवाली का है.
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भाजपा प्रवक्ता एसएन सिंह ने एक बार फिर विरोधियों को दिया मुंहतोड़ जवाब
भगवान श्री राम पर राजनीति के आरोपों के विरोध में खुलकर बोलते हुए भाजपा प्रवक्ता एस एन सिंह ने कहा कि “भगवान राम कभी भी हमारे लिए राजनीति के विषय नहीं रहें। राम हमारे आराध्य हैं , हमारे आस्था के केंद्र हैं और भारत के मूल दर्शन है, हमारे जीवन हैं और यह सर्वविदित है, संसार ने देखा है कि राम जन्मभूमि के लिए, भगवान श्री राम के लिए भारतीय जनता पार्टी ने तीन-तीन सरकारें गवाई हैं। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता कल्याण सिंह को जेल में डालने का काम किया गया। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं पर मुकदमा किया गया। फिर भी हमने कभी राम पर राजनीति नहीं की क्योंकि राम हमारे लिए राजनीति नहीं बल्कि आस्था के मुख्य केंद्र हैं।
इस लिए योगी जी कहते हैं की श्री राम मंदिर के लिए सत्ता भी गंवानी पड़ी तो कोई समस्या नहीं…।
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प्रधानमंत्री कि श्रीलंका यात्रा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 अप्रैल को श्रीलंका की यात्रा पर जाएंगे
श्रीलंका की यात्रा के दौरान पीएम मोदी सोलर पावर स्टेशन का उद्घाटन करेंगे।
इसके साथ कई नए समझौतों पर हस्ताक्षर भी होंगे।
पीएम मोदी पहले 2 से 4 अप्रैल में थाईलैंड की यात्रा पर रहेंगे,जहां वो बैंकॉक में छठे बिम्सटेक शिखर सम्मेलन का हिस्सा बनेंगे और इसी के बाद वो श्रीलंका जाएंगे।
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नवनिर्मित पुलिस चौकी का एसएसपी ने किया उद्घाटन
“अमरूद बाग चौकी के बन जाने से क्षेत्र के लोगो मे रहेगा सुरक्षा का माहौल- एसएसपी”
गोरखपुर। एसएसपी डॉ गौरव ग्रोवर ने राजघाट थाना क्षेत्र में बनी नवनिर्मित अमरूद बाग चौकी का फीता काटकर उद्घाटन किया एसएसपी ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप आम जनमानस की सुरक्षा देना पुलिस का दायित्व है पुलिस चौकी का निर्माण करा कर विभाग को देने के लिए मोदी केमिकल के डायरेक्टर प्रवीन मोदी और अमित मोदी ने जनहित में अहम पहल की है। राजघाट थाना क्षेत्र के अमरूद बाग में पुलिस चौकी नही थी जिसकी वजह से आम जनमानस में असुरक्षा का माहौल बना रहता था। एसएसपी डॉ गौरव ग्रोवर ने पुलिस को निर्देशित किया कि जिस पुलिसकर्मियों की इस चौकी पर ड्यूटी लगी है यहां पर रह कर पूरी ईमानदारी और मेहनत से काम करेगे। अपराध पर हर हाल में अंकुश लगाना सभी की प्राथमिकता होगी। क्षेत्र के लोगो की हर समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुने और उसका समय से निस्तारण करें। अमरूद बाग चौकी बन जाने से क्षेत्र में पुलिस कर्मी लगातार पेट्रोलिंग करते रहेंगे, जिससे अपराध पर लगाम लगेगा। राजघाट थाना क्षेत्र में अमरूद चौकी बन जाने से क्षेत्र के लोगो मे खुशी का माहौल है। वही पुलिस अधीक्षक नगर अभिनय त्यागी ने भी नवनिर्मित अमरूद बाग चौकी बन जाने से क्षेत्र के लोगो को बड़ी राहत मिली है। यहां के लोग अपनी हर समस्याओं को चौकी पर आसानी से बता सकते है और उनकी समस्याओं का निस्तारण भी समय से हो जाएगा। उद्घाटन के अवसर पर क्षेत्राधिकारी कोतवाली ओंकार दत्त तिवारी, राजघाट थाना क्षेत्र के कार्यवाहक प्रभारी राजीव कुमार सिंह, थाना प्रभारी राजघाट सदानंद सिन्हा, चौकी प्रभारी अमरूद बाग ज्ञानेंद्र सिंह, राजघाट थाने के एसएसआई जय प्रकाश यादव, पाण्डेय हाता चौकी प्रभारी पप्पू राय, टीपी नगर चौकी प्रभारी विजय प्रताप सिंह, सब इंस्पेक्टर मनीष गिरी सहित तमाम पुलिस कर्मी मौजूद रहे।
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Google Play Store से हटाई गईं 300 से अधिक ऐप्स
“Google Play Store से हटाई गईं 300 से अधिक ऐप्स, चुरा रही थीं डेटा और क्रेडिट कार्ड की जानकारी”
१. हाल ही में ऐसी 300 से अधिक ऐप्स को प्ले स्टोर से हटाया गया है।
२. जो एंड्रॉयड 13 के सिक्योरिटी फीचर्स को बाइपास करते हुए यूजर्स डेटा की चोरी कर रही थी।
३. इन्हें कुल मिलाकर 6 करोड़ से अधिक बार इंस्टॉल किया गया था।
४. Android डिवाइसेस के ऐप स्टोर के लिए Google Play Store का सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है।
इसमें बड़ी संख्या में ऐप्स मौजूद हैं, जो एंड्रॉयड यूजर्स का काम आसान करती हैं. हालांकि, कई बार यहां ऐसी ऐप्स भी मौजूद होती है, जो यूजर्स का डेटा चोरी करती है।
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सीएम योगी भ्रष्टाचार पर सख्त,अब तक लगभग 12 आईएएस अधिकारियों को किया निलंबित
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में ताकतवर समझे जाने वाले आईएएस पर हाथ डालने से सरकारें बचती थीं, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन आईएएस अधिकारियों पर हाथ डालने से बिल्कुल गुरेज नहीं किया, जो भ्रष्टचार में शामिल थे। कल गुरुवार को आईएएस अधिकारी अभिषेक प्रकाश को सीएम ने निलंबित कर दिया। 2006 बैच के आईएएस अधिकारी अभिषेक प्रकाश सचिव औद्योगिक विकास विभाग व इन्वेस्ट यूपी के सीईओ हैं।अभिषेक प्रकाश के पास इस समय महत्वपूर्ण विभाग है।अभिषेक प्रकाश पर हुई कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे में जबरदस्त हड़कंप मचा है।
योगी सरकार के आठ साल के कार्यकाल में भ्रष्टाचार के मामले में अब तक लगभग 12 आईएएस अधिकारियों को निलंबित किया है।घनश्याम सिंह,देवी शरण उपाध्याय,टीके शीबू,सुनील वर्मा,देवेन्द्र पांडेय,अमर नाथ उपाध्याय,केदार सिंह,प्रेम प्रकाश सिंह,शारदा सिंह,जितेंद्र बहादुर सिंह,कुमार प्रशांत और अभिषेक प्रकाश हैं।
अलीगढ़ में साल 2024 में 35 भूखंडों के पट्टे मनमाने तरीके के बहाल करने का मामला सामने आया था।इसमें 2012 बैच के आईएएस अधिकारी देवीशरण उपाध्याय का नाम भ्रष्टाचार को लेकर सामने आया,इसके बाद देवीशरण उपाध्याय को निलंबित कर दिया गया।साल 2022 में सोनभद्र के डीएम टीके शीबू को निलंबित किया गया था।पद का दुरुपयोग करने के मामले में औरैया के डीएम सुनील कुमार वर्मा को निलंबित किया गया था।हालांकि इन दोनों अधिकारियों को अब बहाल कर दिया गया है।
उन्नाव में डीएम रहे देवेंद्र कुमार पांडेय पर शिक्षा विभाग में हुई खरीद में अनियमितता के आरोप लगे।महाराजगंज के डीएम अमरनाथ उपाध्याय को गो सरंक्षण में धांधली के आरोप में निलंबित किया गया,केदारनाथ सिंह को पर्यटन विभाग में रहते हुए और शारदा सिंह को भी ओबीसी कोटे पर भर्ती नहीं करने के आरोप में निलंबित किया गया।
साल 2018 में अनाज घोटाले में डीएम रहते हुए जितेंद्र बहादुर सिंह और सरकारी गेहूं खरीद में गड़बड़ी के आरोप में फतेहपुर के डीएम रहते हुए कुमार प्रशांत को निलंबित किया गया था।गोरखपुर शहर की सफाई-व्यवस्था में सुधार न होने और सफाई कर्मियों के आए दिन होते उग्र आंदोलन से नाराज सीएम योगी ने नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश सिंह को निलंबित कर दिया था।
नगर आयुक्त को निलंबित करने के साथ उनका चार्ज डीएम को दे दिया गया था। इस मामले की जांच कमिश्नर को सौंपी गई।नगर आयुक्त पर बिना काम कराए ठेकेदारों को लाखों रुपए पेमेंट करने का भी आरोप लगा। इन तमाम बड़े अधिकारियों पर कार्रवाई कर सीएम योगी ने ये संदेश दिया है कि करप्शन पर जीरो टॉलरेंस की नीति लागू रहेगी और भ्रष्टाचार करने वाले चाहे कितने भी ताकतवर क्यों न हो उन पर कार्रवाई होगी।
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आईएएस अभिषेक प्रकाश सस्पेंड
लखनऊ डिफेंस एक्सपो जमीन घोटाले में भ्रष्टाचार और फर्जी दस्तावेजों के आरोपो का जिन्न सामने निकल आया हैं। यह मामला भटगांव में डिफेंस कॉरिडोर के लिए जमीन अधिग्रहण से जुड़ा है। मुआवजे के नाम पर अनियमितताओं के चलते तत्कालीन DM लखनऊ, IAS अभिषेक प्रकाश को निलंबित किया गया है। जांच अभी जारी है। कुछ PCS अफ़सर भी सस्पेंड होने जा रहे है भ्रष्टाचार के खिलाफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बहुत बड़ी कार्रवाई की है जानकर सूत्रों की माने तो एक उद्योगपति से अभिषेक प्रकाश ने पांच प्रतिशत कमीशन भी मांगा था। IAS अधिकारी ने घूस के लिए अपने बाबू को लगा रखा था। IAS अभिषेक प्रकाश के बाबू को गिरफ्तार कर लिया गया है। बाबू ने कबूला है कि घूस मांगने के किए अभिषेक ने कहा था-सूत्र।
IAS अभिषेक प्रकाश का नाम बडे जमीन घोटाला भी शामिल है। उसकी भी रिपोर्ट सरकार के पास मौजूद हैं।
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सूदखोरों को ब्याज देते-देते थक गया अजय, कर ली खुदकुशी
“बड़हलगंज में सब्जी विक्रेता ने पहले वीडियो बनाया फिर दे दी जान, दो सूदखोरों के लिए नाम”
बडहलगंज/गोरखपुर( निष्पक्ष टुडे) बडहलगंज सूदखोरों को ब्याज देते-देते थक गया हूं, अब आत्महत्या करने जा रहा हूं। बगल के गांव के दो व्यक्तियों से पैसे लिए थे, उसका दोगुना-तिगुना ब्याज के साथ वापस कर चुका हूं, फिर भी उनका हिसाब पूरा नहीं हो पा रहा है। इस वजह से परिवार में भी रोज कलह हो रहा है, अब बहुत परेशान हो गया हूं, सहने की क्षमता अब खत्म हो गई है, जिंदगी से ऊब गया हूं। तंग आकर आत्महत्या कर रहा हूं, इसके जिम्मेदार दोनों सूदखोर हैं।
एक वायरल वीडियो में साउखोर निवासी अजय तिवारी (48) यह कहते हुए नजर आ रहे हैं। यह वीडियो मंगलवार का बताया जा रहा है, जिसे अजय तिवारी ने अपने मोबाइल फोन से बनाया है। इसके बाद देर रात पशुओं को बांधे जाने वाली घारी में फंदा लगाकर उन्होंने आत्महत्या कर ली।
मौत के बाद बड़हलगंज में यह वायरल वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, देर शाम पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने दाह संस्कार कर दिया। बताया जा रहा है कि आज परिजनो ने बड़हलगंज थाने में तहरीर दे दी है।
जानकारी के मुताबिक, साउखोर निवासी अजय तिवारी (48) का शव बुधवार सुबह लटका देख परिजनों ने शोर मचाया। चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास के लोग जुट गए। सूचना पर पहुंची बड़हलगंज पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। ग्रामीणों व परिजनों का कहना है कि किसी से सूद पर पैसे लिए थे।इसके बाद से वह बहुत परेशान चल रहे थे।सूद के पैसे को लेकर सूदखोर लगातार दबाव बना रहे थे।आए दिन पैसे को लेकर प्रताड़ित भी कर रहे थे।
सूचना पर सीओ गोला व कोतवाल बड़हलगंज ने मौके पर पहुंच कर घटना की जानकारी परिजनों से ली।अजय की पत्नी अनुराधा, दो पुत्रियां अंशु व अंजली, पुत्र आयुष का रो-रोकर बुरा हाल है। कोतवाल चंद्रभान सिंह ने बताया कि वीडियो वाली बात चर्चा में आई है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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अपहरण कर फिरौती और हत्या में दो दोस्त गिरफ्तार
“खजनी पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी, दोस्तों ने रचीं अपहरण की कहानी, की हत्या”
ब्यूरो प्रभारी: संतोष कुमार त्रिपाठी खजनी गोरखपुर
खजनी गोरखपुर। बीते दिसंबर महीने में खजनी थाने में पुलिस ने कुशीनगर जिले के निवासी एक युवक की गूमशूदगी की शिकायत दर्ज कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया था। किंतु मामले में हो रहे लगातार नए खुलासों से हैरान खजनी थाने की प्रभारी निरीक्षक इंस्पेक्टर अर्चना सिंह ने थाने का पदभार संभालते ही जांच पड़ताल तेज कर दी थी। मामले में अपहृत युवक की हत्या और उसके स्वजनों से फिरौती वसूलने का सनसनीखेज खुलासा हुआ है।
थाना क्षेत्र के छपियां गांव में किराए पर कमरा लेकर मेहनत मजदूरी करने वाले कुशीनगर जिले के कप्तानगंज थाना क्षेत्र के अजीजनगर गांव का निवासी युवक रामनगीना यादव 35 वर्ष बीते 12 अक्टूबर 2024 से अचानक गायब हो गया। जिसकी सूचना खजनी थाने में दी गई। बीते 15 अक्टूबर को राहुल यादव ने खजनी थाने में तहरीर देकर अपने जीजा के गायब होने की लिखित सूचना दी, जिसमें पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर फर्ज अदायगी कर ली। किंतु घटना के 19 दिन बाद 1 नवंबर को रामनगीना यादव के मोबाइल नंबर से उसकी पत्नी के पास फोन आया जिसमें किसी अन्य ने बताया कि तुम्हारा पति हमारे कब्जे में हैं। 5 लाख रूपए दे दो तो उसे छोड़ देंगे यदि नहीं दोगी तो मारकर फेंक देंगे।
रामनगीना की पत्नी रिंका देवी ने खेत बेच कर रूपए अपने पति के बैंक खाते में बैंक ऑफ बड़ौदा यूपी अजीजनगर कप्तानगंज में जमा करा दिए थे। हत्यारों ने पूरे पैसे कई किस्तों में निकाल लिए, जिसके बाद 6 दिसंबर और 7 दिसंबर को फिर एक बार उसी नंबर से रामनगीना के बड़े भाई राजकुमार के नंबर पर व्हाट्सएप काॅल करके 15 लाख रूपए मांगे गए। तब अपने पति के अपहरण की शिकायत लेकर पहुंची गर्भवती पत्नी ने पुलिस को घटना की जानकारी दी। जांच में जुटी पुलिस ने रामनगीना यादव के कातिल साथियों को हिरासत में लेकर 5 दिनों तक जांच पड़ताल करती रही। लेकिन शातिर हत्यारों ने पुलिस को गुमराह कर दिया और बताया कि रामनगीना यादव के किसी अन्य महिला के साथ संबंध था, जिसके साथ वह नेपाल भाग गया है।
5 दिनों तक जब रामनगीना के नंबर से उसके साथियों के पास कोई फोन काॅल नहीं आई तो पुलिस ने उन्हें चेतावनी और हिदायत देकर छोड़ दिया था। इस बीच पुलिस ने 22 अक्टूबर को बनकटियां गांव गौरीबाजार थाना क्षेत्र देवरिया से एक युवक का शव बरामद किया था, जिसकी शिनाख्त मृतक की पत्नी रिन्का देवी ने कपड़े आदि देखकर अपने पति रामनगीना यादव के रूप में की थी। गौरीबाजार पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया था, जिसमें हत्या की पुष्टि हुई थी, किंतु शव की अधिकृत शिनाख्त के लिए मृतक की मां राबड़ी देवी से डीएनए जांच के लिए सैंपल प्रयोगशाला में भेजा गया। इस बीच मोबाइल लोकेशन ट्रेस करते हुए हत्यारों और मृतक की मौजूदगी 12 दिसंबर को हत्या वाले स्थान के पास एक साथ पायी गई थी। इस खुलासे के बाद इंस्पेक्टर अर्चना सिंह का संदेह और गहरा हो चुका था, जिसके बाद एक बार पुलिस हत्यारों की तलाश में जुट गई। इस बीच जब रामनगीना की पत्नी रिंका देवी से 15 लाख फिरौती की मांग की गई तो पहले उसने पैसे नहीं होने की बात कही फिर नाटकीय ढंग से एक बार फिर खेत बेच कर पैसे देने और अपने पति को सुरक्षित लौटाने की शर्त पर राजी हो गई। हत्यारों के द्वारा बताए गए स्थान पर रूपयों से भरे बैग के साथ पहुंचने का झांसा देकर पुलिस ने हत्यारों को दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपितों किशन यादव पुत्र रामप्रसाद निवासी ग्राम रधिया थाना हाटा कुशीनगर और अनिकेत यादव पुत्र चंद्रशेखर निवासी बनकटियां थाना गौरीबाजार देवरिया ने पूछताछ में अपना अपराध क़ुबूल करते हुए पुलिस को बताया कि किशन यादव, रामनगीना के साथ खजनी के छपियां गांव में रह कर एक कंपनी में काम करता था। इस बीच एक बार किशन ने रामनगीना की पैंट की जेब से उसका मोबाइल निकाल कर अपने बैंक खाते में 45 हजार रूपए ट्रांसफर कर लिए थे,जिसकी जानकारी होने पर रामनगीना ने किशन यादव को खूब खरी-खोटी सुनाई थी और अपने रूपए भी वापस ले लिए थे।
रामनगीना, किशन की पत्नी से भी बातचीत किया करता था। उसने घटना की जानकारी किशन की पत्नी को भी दे दी थी। इतना ही नहीं अक्सर वह किशन को चोर कह कर संबोधित किया करता था। अपनी बदनामी से आहत किशन ने रामनगीना से बदला लेने की ठान ली उसने अपने भांजे अनिकेत यादव के पास बनकटियां गांव पहुंच कर हत्या से 15 दिन पहले ही स्थान देखकर योजना बना ली थी। 12 दिसंबर को अपने साथ रामनगीना यादव को लेकर बनकटियां गांव पहुंचा जहां अनिकेत के साथ मिलकर तीनों ने मौज मस्ती में खूब शराब पी और साजिश के तहत रामनगीना को बहुत अधिक शराब पिलाई तथा नशे की हालात में उसका सर कीचड़ में दबा कर हत्या कर दी तथा पहचान छिपाने के लिए सर को कूंच कर विकृत कर दिया। शव को मिट्टी में दबाने के बाद दोनों ने रामनगीना यादव के मोबाइल से फोन करके उसकी पत्नी से 5 लाख रूपए वसूल लिए और 20 लाख और देने की मांग करने लगे थे। इस बीच दोनों ने मिलकर रामनगीना यादव के किसी लड़की से संबंध होने और उसके साथ नेपाल भाग जाने की कहानी सुना कर स्वजनों और पुलिस को गुमराह कर दिया। यहां तक कि दोनों 5 दिनों तक खजनी पुलिस की हिरासत में भी रहे लेकिन रामनगीना का साथी होने के कारण किसी ने भी दोनों पर शक नहीं किया था।
मुकदमा अपराध संख्या 99/2025 में बीएनएस धारा 140(2) के तहत दोनों आरोपितों को पुलिस ने जेल भेज दिया है।
खजनी थाने की प्रभारी निरीक्षक इंस्पेक्टर अर्चना सिंह ने बताया कि लंबे समय से दोनों की तलाश की जा रही थी, दोनों की गिरफ्तारी के बाद प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर विधिक कार्रवाई की गई है।









