Category: ब्रेकिंग न्यूज़
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महाकुंभ में मची भगदड़ को लेकर सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर
BreakingNews: महाकुंभ में मची भगदड़ को लेकर सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है. इसमें भगदड़ को लेकर रिपोर्ट तलब करने की मांग की गई है.
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50 हजार का इनामी बदमाश गिरफ्तार
लखनऊ : 50 हजार का इनामी बदमाश गिरफ्तार,
कुख्यात टाइगर गैंग का सदस्य गिरफ्तार
बिहार बेगूसराय का कुख्यात है शिवदत्त राय
एसटीएफ ने गौतमबुद्धनगर से गिरफ्तार किया।
हत्या व डकैती के अभियोग में फरार चल रहा था।
शिवदत्त राय को गौतमबुद्धनगर से गिरफ्तार किया
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महाकुंभ हादसे पर सीएम योगी हुए भावुक
महाकुंभ हादसे पर भावुक हुए CM योगी, बोले – ‘संगम में जो हुआ, उस पर सवाल…’, न्यायिक जांच के आदेश, मुआवजे का ऐलान प्रयागराज. मौनी अमावस्या के अवसर पर प्रयागराज महाकुंभ के संगम क्षेत्र में बुधवार तड़के मची भगदड़ में 30 लोगों की मौत हो गई जबकि 60 अन्य घायल हो गए. सीएम योगी महाकुंभ हादसे पर भावुक हो गए.उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं का दबाव था. प्रयागराज में भीड़ ज्यादा उमड़ी. श्रद्धालु ब्रम्ह मुहुर्त में स्नान का इंतजार कर रहे थे. हमने इंतजाम करने के पूरे प्रयास किए. 8 करोड़ लोग प्रयागराज में थे. महाकुंभ में भारी भीड़ के चलते हादसा हुआ. सीएम योगी ने हादसे को लेकर न्यायिक जांच के आदेश दिए. सीएम योगी ने कहा कि संगम में जो हुआ, उस पर सवाल उठना लाजिमी है.
पुलिस के स्तर पर अलग से जांच की जाएगी. सीएम योगी ने मृतकों के परिजनों को 25 लाख रुपये के मुआवजे का ऐलान किया. आगे आने वाले अमृत स्नान पर व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाएगा.
सीएम योगी ने भावुक होते हुए कहा, ‘घटना दुखद है, मर्माहत करने वाली है. उन सभी परिजनों के प्रति हमारी पूरी संवेदना है. हम लोग रात से ही पुलिस प्रशासन के संपर्क में हैं. और भी अन्य जितनी व्यवस्थाएं हो सकती थीं, वहां पर तैनात किया गया. मंगलवार सुबह 7 बजे से ही काफी संख्या में स्नान कर रहे थे और काफी संख्या में ब्रह्म मुहरत के इन्तजार कर रहे थे. इस हादसे में 90 से ज्यादा घायल हुए हैं. बैरिकेडिंग को तोड़कर जाने के क्रम में 30 की मौत हुई है. 36 का इलाज चल रहा है. पीड़ित परिवारों के प्रति हमारी संवेदना है. हादसे के कुछ ही देर के बाद ग्रीन कॉरिडोर बनाकर प्रशासनिक अमला घटनास्थल पर पहुंचा. हादसे पर सवाल उठना लाजमी है. प्रेशर मौनी अमावस्या का था. प्रशासन लगातार रास्ता बना रहा था. सुबह 4 बजे के बाद ब्रह्म मुहुर्त था. उसके बाद अमृत स्नान हुआ है.’
घटना की न्यायिक जांच कराई जाएगी
सीएम योगी ने बताया, ‘प्रयागराज में 8 करोड़ से अधिक लोगों का दबाव था. प्रयागराज के आसपास जिलों में यातायात को भींड के कारण रोका गया था. सभी जिलों के दबाव देखते हुए रेलवे ने 300 से अधिक ट्रेने चलाई. यूपी ट्रांसपोर्ट विभाग ने भी अपनी हजारों बेस चलाईं जिससे श्रद्धालओं को अपने स्थान तक सुरक्षित पहुंचाया जा सके. सरकार ने तय किया है इस घटना की न्यायिक जांच कराई जाएगी.’मृतकों के परिवारों को 25 लाख रुपये देगी सरकार
सीएम ने कहा, ‘पूर्व न्यायाधीश हर्ष कुमार की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की गई है. वी के गुप्ता और रिटायर्ड आईएएस बीके सिंह कमेटी में शामिल हैं. घटना की तह में जाना जरूरी है. पुलिस भी जांच करेगी कि ऐसा हादसा क्यों हुआ. हमलोग इस घटना पर सीएम के कंट्रोल रूम, डीजीपी के कंट्रोल रूम, प्रशासन से संपर्क बनाये रहे और निगरानी हो रही थी. सुबह से पीएम मोदी, गृह मंत्री सभी से हमारी लगातार संपर्क रहा. 25 -25 लाख रुपये मृतकों के परिवारों को आर्थिक मदद के रूप में दिए जाएंगे. गुरुवार को मैं और वरिष्ठ अधिकारी प्रयागराज जाएंगे -

कार ने मारी ई-रिक्शा में भीषण टक्कर, ई रिक्शा चालक की मौत
शाहपुर इलाके के असुरन स्थित विष्णु मंदिर के पास देर रात 12 बजे कार चालक ने ई रिक्शा में जोरदार टक्कर मारी जिससे ई रिक्शा चालक की मौत हो गई |
जानकारी के मुताबिक देवरिया जिले के थाना गौरी बाजार छपिया निवासी गुड्डू गौड़ (45) एम्स थाना के नंदानगर कालोनी में किराए के कमरे लेकर रहता था तथा ई रिक्शा चलाता था | मंगलवार की देर रात खजांची के तरफ से ई रिक्शा में सवारी लेकर आ रहा था उसी दौरान असुरन के तरफ से एक लाल रंग की ब्रेजा कार को तेज रफ्तार में चलाता हुआ कार चालक आ रहा था, कार चालक ने ई रिक्शा में काफी जोरदार टक्कर मारी, जिसके बाद ई रिक्शा चालक की मृत्यु हो गई| -

भगदड़ में 30 श्रद्धालुओं की मौत, 19 गंभीर रूप से घायल
प्रयागराज महाकुंभ : भगदड़ में 30 श्रद्धालुओं की मौत, 19 गंभीर रूप से घायल,
डीआईजी ने बताया कि भारी भीड़ के कारण रात 1 से 2 बजे के बीच भगदड़ मची। अब तक 25 मृतकों की पहचान हो चुकी है। प्रशासन ने हादसे की जांच के आदेश दिए हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अधिकारी मीडिया के सवालों से बचते नजर आए। विजय किरण आनंद बिना जवाब दिए निकल गए। प्रशासन की लापरवाही पर श्रद्धालुओं में आक्रोश।
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कुंभ हादसे की जांच के 3 सदस्यीय न्यायिक जाँच आयोग का गठन
सीएम योगी आदित्यनाथ बोले बोले बार बार रिव्यू के बाद घटना कैसे हुई जाँच होगी, मुख्य सचिव और डीजीपी कल मौक़े पर जाएंगे
कुंभ हादसे की जांच के 3 सदस्यीय न्यायिक जाँच आयोग का गठन, पूर्व न्यायाधीश हर्ष कुमार की अध्यक्षता में जाँच समिति गठित, पूर्व आईएएस वी के गुप्ता कमेटी में शामिल, रिटायर्ड आईएएस बीके सिंह कमेटी में शामिल
सीएम ने कहा घटना की तह में जाना जरूरी
पुलिस भी जाँच करेगी
ऐसा हादसा क्यों हुआ
मृतकों के परिजनों को 25 – 25 लाख की मदद ।
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पुलिस अधीक्षक रेलवे का गोरखपुर स्टेशन पर सुरक्षा निरीक्षण
गोरखपुर। महाकुंभ-2025 के अमृत स्नान मौनी अमावस्या की पूर्व संध्या पर पुलिस अधीक्षक रेलवे संदीप कुमार मीना ने गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जीआरपी, आरपीएफ और एस-चेक टीम के साथ विशेष चेकिंग अभियान चलाया और स्टेशन के विभिन्न हिस्सों का गहन निरीक्षण किया।
पुलिस अधीक्षक ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने मेला स्पेशल ट्रेनों के गेटों पर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती, लाउड हेलर से दिशा-निर्देश देने और स्टेशन पर भीड़ नियंत्रण के उपायों पर जोर दिया। साथ ही, प्लेटफार्म में किसी भी बदलाव की सूचना श्रद्धालुओं को समय रहते देने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि यात्रा के दौरान कोई असुविधा न हो और श्रद्धालु सुरक्षित यात्रा कर सकें।
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महाकुंभ में भगदड़, 17 की मौत कई घायल
बेहद दुखद खबर : महाकुंभ में भगदड़ 17 की मौत कई घायल,
महाकुंभ में स्नान के दौरान भगदड़ मच गई जिसमें 17 लोगों की मौत हो गई है और कई दर्जन लोग घायल हो गए हैं जिसके बाद वहां अफरा तफरी मच गया एम्बुलेंस से मरीजों को अस्पताल पहुंचाया गया है NSG ने मोर्चा संभाला और हालात काबू में हैं अखाड़ा परिषद ने अमृत स्नान नहीं करने का निर्णय लिया है।
सीएम योगी आदित्यनाथ घटना के पल पल की अपडेट ले रहे हैं।
#mahakumbh2025
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लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह की प्रतिक्रिया
“महाकुंभ में यह हादसा अत्यंत दर्दनाक और असहनीय है। लोकदल परिवार उन परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया।
यह त्रासदी सरकार की असफलता और प्रशासनिक कुप्रबंधन का प्रतीक है। शुरुआत से ही सरकार का ध्यान प्रचार प्रसार आंकड़े दिखाने में लगा रहा। आम जनता की बजाय वीवीआईपी सेवाओं पर था। वीवीआईपी लोग गाड़ियों से सीधे नदी के तट तक पहुंचे, जबकि आम लोग लंबा सफर पैदल तय करने को मजबूर हुए।
सबसे शर्मनाक है कि सरकार अब तक मृतकों की सही संख्या जारी नहीं कर पाई, जो उनकी असंवेदनशीलता दर्शाता है। 10,000 करोड़ रुपये का बड़ा हिस्सा सिर्फ 2 लोगो वाली फोटो और उनके प्रचार में खर्च हुआ, जबकि सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की अनदेखी की गई।
सरकार को अब दिखावे से हटकर आम जनता की सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आगे ऐसी त्रासदी न हो।”







