Category: ब्रेकिंग न्यूज़
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सर्प दंश से बचाव की एक महत्वपूर्ण जानकारी
सबसे पहले साँपो के बारे मे एक महत्वपूर्ण बात आप ये जान लीजिये ! कि अपने देश भारत मे 550 किस्म के साँप है ! जैसे एक cobra है ,viper है ,karit है !
ऐसी 550 किस्म की साँपो की जातियाँ हैं ! इनमे से मुश्किल से 10 साँप है जो जहरीले है सिर्फ 10 ! बाकी सब non poisonous है!इसका मतलब ये हुआ 540 साँप ऐसे है जिनके काटने से आपको कुछ नहीं होगा !! बिलकुल चिंता मत करिए !
लेकिन साँप के काटने का डर इतना है (हाय साँप ने काट लिया) और कि कई बार आदमी heart attack से मर जाता है !जहर से नहीं मरता cardiac arrest से मर जाता है ! तो डर इतना है मन मे ! तो ये डर निकलना चाहिए !वो डर कैसे निकलेगा ?
जब आपको ये पता होगा कि 550 तरह के साँप है उनमे से सिर्फ 10 साँप जहरीले हैं ! जिनके काटने से कोई मरता है ! इनमे से जो सबसे जहरीला साँप है उसका नाम है !
russell viper ! उसके बाद है karit इसके बाद है viper और एक है cobra ! king cobra जिसको आप कहते है काला नाग !! ये 4 तो बहुत ही खतरनाक और जहरीले है इनमे से किसी ने काट लिया तो 99 % chances है कि death होगी !
लेकिन अगर आप थोड़ी होशियारी दिखाये तो आप रोगी को बचा सकते हैं
होशियारी क्या दिखनी है ?आपने देखा होगा साँप जब भी काटता है तो उसके दो दाँत है जिनमे जहर है जो शरीर के मास के अंदर घुस जाते हैं ! और खून मे वो अपना जहर छोड़ देता है ! तो फिर ये जहर ऊपर की तरफ जाता है ! मान लीजिये हाथ पर साँप ने काट लिया तो फिर जहर दिल की तरफ जाएगा उसके बाद पूरे शरीर मे पहुंचेगा ! ऐसे ही अगर पैर पर काट लिया तो फिर ऊपर की और heart तक जाएगा और फिर पूरे शरीर मे पहुंचेगा ! कहीं भी काटेगा तो दिल तक जाएगा ! और पूरे मे खून मे पूरे शरीर मे उसे पहुँचने मे 3 घंटे लगेंगे !
मतलब ये है कि रोगी 3 घंटे तक तो नहीं ही मरेगा ! जब पूरे दिमाग के एक एक हिस्से मे बाकी सब जगह पर जहर पहुँच जाएगा तभी उसकी death होगी otherwise नहीं होगी ! तो 3 घंटे का time है रोगी को बचाने का और उस तीन घंटे मे अगर आप कुछ कर ले तो बहुत अच्छा है !
क्या कर सकते हैं ?? ???
घर मे कोई पुराना इंजेक्शन (injection) हो तो उसे ले और आगे जहां सुई(needle) लगी होती है वहाँ से काटे ! सुई(needle) जिस पलास्टिक मे फिट होती है उस प्लास्टिक वाले हिस्से को काटे !! जैसे ही आप सुई के पीछे लगे पलास्टिक वाले हिस्से को काटेंगे तो वो injection एक सक्षम पाईप की तरह हो जाएगा ! बिलकुल वैसा ही जैसा होली के दिनो मे बच्चो की पिचकारी होती है !
उसके बाद आप रोगी के शरीर पर जहां साँप ने काटा है वो निशान ढूँढे ! बिलकुल आसानी से मिल जाएगा क्यूंकि जहां साँप काटता है वहाँ कुछ सूजन आ जाती है और दो निशान जिन पर हल्का खून लगा होता है आपको मिल जाएँगे ! अब आपको वो injection( जिसका सुई वाला हिस्सा आपने काट दिया है) लेना है और उन दो निशान मे से पहले एक निशान पर रख कर उसको खीचना है ! जैसी आप निशान पर injection रखेंगे वो निशान पर चिपक जाएगा तो उसमे vacuum crate हो जाएगा ! और आप खींचेगे तो खून उस injection मे भर जाएगा ! बिलकुल वैसे ही जैसे बच्चे पिचकारी से पानी भरते हैं ! तो आप इंजेक्शन से खींचते रहिए !और आप first time निकलेंगे तो देखेंगे कि उस खून का रंग हल्का blackish होगा या dark होगा तो समझ लीजिये उसमे जहर मिक्स हो गया है !
तो जब तक वो dark और blackish रंग blood निकलता रहे आप खिंचीये ! तो वो सारा निकल आएगा ! क्यूंकि साँप जो काटता है उसमे जहर ज्यादा नहीं होता है 0.5 मिलीग्राम के आस पास होता है क्यूंकि इससे ज्यादा उसके दाँतो मे रह ही नहीं सकता ! तो 0.5 ,0.6 मिलीग्राम है दो तीन बार मे आपने खीच लिया तो बाहर आ जाएगा ! और जैसे ही बाहर आएगा आप देखेंगे कि रोगी मे कुछ बदलाव आ रहा है थोड़ी consciousness (चेतना) आ जाएगी ! साँप काटने से व्यकित unconsciousness हो जाता है या semi consciousness हो जाता है और जहर को बाहर खींचने से चेतना आ जाती है ! consciousness आ गई तो वो मरेगा नहीं ! तो ये आप उसके लिए first aid (प्राथमिक सहायता) कर सकते हैं !
इसी injection को आप बीच से कट कर दीजिये बिलकुल बीच कट कर दीजिये 50% इधर 50% उधर ! तो आगे का जो छेद है उसका आकार और बढ़ जाएगा और खून और जल्दी से उसमे भरेगा !
तो ये आप रोगी के लिए first aid (प्राथमिक सहायता) के लिए ये कर सकते हैं !
____________________________दूसरा एक medicine आप चाहें तो हमेशा अपने घर मे रख सकते हैं बहुत सस्ती है homeopathy मे आती है ! उसका नाम है NAJA (N A J A ) ! homeopathy medicine है किसी भी homeopathy shop मे आपको मिल जाएगी ! और इसकी potency है 200 ! आप दुकान पर जाकर कहें NAJA 200 देदो ! तो दुकानदार आपको दे देगा ! ये 5 मिलीलीटर आप घर मे खरीद कर रख लीजिएगा 100 लोगो की जान इससे बच जाएगी ! और इसकी कीमत सिर्फ पाँच रुपए है ! इसकी बोतल भी आती है 100 मिलीग्राम की 70 से 80 रुपए की उससे आप कम से कम 10000 लोगो की जान बचा सकते हैं जिनको साँप ने काटा है !
और ये जो medicine है NAJA ये दुनिया के सबसे खतरनाक साँप का ही poison है जिसको कहते है क्रैक ! इस साँप का poison दुनिया मे सबसे खराब माना जाता है ! इसके बारे मे कहते है अगर इसने किसी को काटा तो उसे भगवान ही बचा सकता है ! medicine भी वहाँ काम नहीं करती उसी का ये poison है लेकिन delusion form मे है तो घबराने की कोई बात नहीं ! आयुर्वेद का सिद्धांत आप जानते है लोहा लोहे को काटता है तो जब जहर चला जाता है शरीर के अंदर तो दूसरे साँप का जहर ही काम आता है !
तो ये NAJA 200 आप घर मे रख लीजिये ! अब देनी कैसे है रोगी को वो आप जान लीजिये !
1 बूंद उसकी जीभ पर रखे और 10 मिनट बाद फिर 1 बूंद रखे और फिर 10 मिनट बाद 1 बूंद रखे !! 3 बार डाल के छोड़ दीजिये !बस इतना काफी है !और राजीव भाई video मे बताते है कि ये दवा रोगी की जिंदगी को हमेशा हमेशा के लिए बचा लेगी ! और साँप काटने के एलोपेथी मे जो injection है वो आम अस्तप्तालों मे नहीं मिल पाते ! डाक्टर आपको कहेगा इस अस्तपाताल मे ले जाओ उसमे ले जाओ आदि आदि !!
और जो ये एलोपेथी वालो के पास injection है इसकी कीमत 10 से 15 हजार रुपए है ! और अगर मिल जाएँ तो डाक्टर एक साथ 8 से -10 injection ठोक देता है ! कभी कभी 15 तक ठोक देता है मतलब लाख-डेड लाख तो आपका एक बार मे साफ !! और यहाँ सिर्फ 10 रुपए की medicine से आप उसकी जान बचा सकते हैं !
राजीव भाई इस video मे बताते है कि injection जितना effective है मैं इस दवा (NAJA) की गारंटी लेता हूँ। ये दवा एलोपेथी के injection से 100 गुना (times) ज्यादा effective है !
तो अंत आप याद रखिए घर मे किसी को साँप काटे और अगर दवा(NAJA) घर मे न हो ! फटाफट कहीं से injection लेकर first aid (प्राथमिक सहायता) के लिए आप injection वाला उपाय शुरू करे ! और अगर दवा है तो फटाफट पहले दवा पिला दे और उधर से injection वाला उपचार भी करते रहे !
दवा injection वाले उपचार से ज्यादा जरूरी है !
तो ये जानकारी आप हमेशा याद रखे पता नहीं कब काम आ जाए हो सकता है आपके ही जीवन मे काम आ जाए ! या पड़ोसी के जीवन मे या किसी रिश्तेदार के काम आ जाए! तो first aid के लिए injection की सुई काटने वाला तरीका और ये NAJA 200 hoeopathy दवा ! 10 – 10 मिनट बाद 1 – 1 बूंद तीन बार रोगी की जान बचा सकती है !!
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गोरखपुर ने स्वच्छ सर्वेक्षण में पहली बार देश में चौथा, प्रदेश में पहला पुरस्कार हासिल किया
“3-10 लाख आबादी में देश भर में चौथा स्थान प्राप्त किया गोरखपुर”
“राज्य में पहला स्थान प्राप्त किया”
“गारबेज फ्री सिटी (कचरा मुक्त शहर) में 5-स्टार रेटिंग मिली”
“वॉटर प्लस (जल + शहर) का दर्जा प्राप्त हुआ”
“स्वच्छता मित्र सुरक्षित शहर में देश भर में तीसरी रैंक हासिल की”
गोरखपुर। नगर निगम गोरखपुर ने स्वच्छ भारत मिशन (नगरीय) के अंतर्गत 3 से 10 लाख जनसंख्या वाले शहरों की श्रेणी में स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 12500 में से 11278 अंक (90.22%) अर्जित किए हैं। यह प्रदर्शन 2023 की तुलना में उल्लेखनीय छलांग को दर्शाता है, जब नगर निगम ने 9500 में से 6403.70 अंक (67.40%) प्राप्त किए थे। इस प्रकार 4875 अंकों की अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। राष्ट्रीय स्तर पर 1 लाख से 10 लाख की श्रेणी में गोरखपुर ने 101 शहरों में चौथा स्थान प्राप्त किया है, जबकि पिछले वर्ष इसका स्थान 74वां था—यानी 43 रैंक का सुधार हुआ है। प्रदेश स्तर पर भी गोरखपुर ने उल्लेखनीय प्रगति करते हुए 3 से 10 लाख जनसंख्या की श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो कि 2023 में 9वां था—इस प्रकार 8 स्थान की बढ़त दर्ज की गई है।
स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में नगर निगम गोरखपुर ने तीन बड़ी राष्ट्रीय उपलब्धियाँ भी हासिल की हैं। पहली, गारबेज फ्री सिटी (GFC) रेटिंग में गोरखपुर ने 2023 की 3-स्टार स्थिति से छलांग लगाकर इस बार 5-स्टार रेटिंग प्राप्त की है, जो शहर में ठोस कचरा प्रबंधन, सफाई व्यवस्था और जनभागीदारी में उल्लेखनीय सुधार का प्रमाण है। दूसरी उपलब्धि के रूप में नगर निगम को Water+ Certification प्राप्त हुआ है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि गोरखपुर ने अपशिष्ट जल के सुरक्षित निस्तारण, पुनः उपयोग और सफाई संबंधी राष्ट्रीय मानकों का सफलतापूर्वक पालन किया है। तीसरी और अत्यंत गौरवपूर्ण उपलब्धि यह रही कि गोरखपुर ने “सफाईमित्र सुरक्षित शहर” के राष्ट्रीय मूल्यांकन में देशभर में तृतीय स्थान प्राप्त किया है। यह सफलता माननीय मुख्यमंत्री जी के दिशानिर्देशों के अनुरूप सफाई मित्रों की सुरक्षा, गरिमा और कार्य परिस्थितियों को बेहतर बनाने के लिए उठाए गए ठोस कदमों का परिणाम है, जिसमें मशीन आधारित सफाई, सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता, प्रशिक्षण और सुरक्षित कार्य प्रणाली को प्रमुखता दी गई।
ये तीनों उपलब्धियाँ गोरखपुर को देश के अग्रणी स्वच्छ शहरों की श्रेणी में स्थापित करती हैं और यह निरंतर प्रगति नगर निगम की ठोस रणनीति, टीमवर्क और जनभागीदारी का परिणाम है। महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव एवं नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर गोरखपुरवासियों, पार्षदगणों और नगर निगम की टीम को बधाई दी है। वहीं, अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा (नोडल अधिकारी, SBM-U) ने बताया कि शहर में कचरे के समुचित निस्तारण के लिए प्रोसेसिंग प्लांट्स की स्थापना की जा रही है, जिससे आगामी सर्वेक्षणों में और भी बेहतर रैंकिंग प्राप्त की जा सकेगी। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि “अपना कूड़ा, अपनी जिम्मेदारी” के सिद्धांत को अपनाते हुए गोरखपुर को स्वच्छ, सुंदर और सम्मानित महानगर बनाने में अपना सक्रिय योगदान दें।
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बैंक धोखाधड़ी, जांच दोबारा शुरू रुद्रांश पांडेय ने 3 बैंकों से कराया था करोड़ों रुपए का फर्जी लोन
सूर्य प्रकाश ओझा
गोरखपुर । फर्जी दस्तावेजों के सहारे करोड़ों रुपए के बैंक लोन घोटाले की जांच एक बार फिर से शुरू हो गई है। बांसगांव के रहने वाले रुद्रांश पांडेय पर ICICI समेत तीन निजी बैंकों से करोड़ों रुपए का कर्ज लेकर रकम हड़पने का आरोप है।दरअसल, यह मामला कई महीनों से ठंडे बस्ते में था। नगर निगम में रुद्रांश पांडेय का नाम फर्जी तरीके से दर्ज कराने का मामला सामने आने के बाद पुलिस की जांच रुक गई थी।हाल ही में केसों की समीक्षा के दौरान जब SP सिटी अभिनव त्यागी की नजर इस फाइल पर पड़ी तो पता चला कि अभी तक चार्जशीट तक दाखिल नहीं हुई है। इसके बाद उन्होंने तुरंत जांच दोबारा शुरू करने का आदेश दिया।
पुलिस जांच में सामने आया कि रुद्रांश पांडेय ने ICICI बैंक से 4.45 करोड़ रुपए का लोन लिया। इसके अलावा एक अन्य निजी बैंक से 80 लाख और तीसरे से 1.20 करोड़ रुपए भी कर्ज लिया।खास बात यह है कि जिस बैंक ने उसे डिफॉल्टर घोषित कर काली सूची में डाला, उसी बैंक में उसने नया खाता खुलवा लिया। फिलहाल, सिर्फ ICICI बैंक ने केस दर्ज कराया है। बाकी दोनों बैंकों ने अब तक शिकायत नहीं की है।
पुलिस चाहती है कि ICICI बैंक के केस में ही पूरे गिरोह की भूमिका का खुलासा किया जाए। इससे यह संदेश जाएगा कि बैंक लोन के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वालों और उन्हें मदद करने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा। -

खबर का असर : मार्ग के गड्ढों की हुई मरम्मत, हटवाया गया फुटपाथ पर से अवैध कब्जा
“हरपुर-घोठवा मार्ग पर बने गड्ढे में ठेकेदार ने डाली गिट्टी, पुलिस ने फुटपाथ से हटाया कब्जा”
संवाददाता– एस.पी. सिंह
सहजनवा, ( गोरखपुर ) ।हरपुर बुदहट क्षेत्र के हरपुर- घोठवा मार्ग (कालेज मार्ग) जिस पर बने बड़े-बड़े गड्ढे में भरे बरसात के पानी में गिरकर लोग घायल हो रहे थे और फुटपाथ पर लोग कब्जा जमा लिए थे, बीते मंगलवार को छात्र -छात्राओ और अभिभावकों ने समाजसेवी दिनेश शर्मा के नेतृत्व में प्रदर्शन कर इसे बनवाने की मांग की थी। जिसको आपके अपने अखबार निष्पक्ष टुडे में 16 जुलाई के अंक में ” सड़क बनी तालाब, आवागमन में दिक्कत, आक्रोशित छात्र-छात्राओ ने किया प्रदर्शन” नामक शीर्षक से प्रकाशित किया था, जिसको संज्ञान में लेते हुए लोक निर्माण के अधिशाषी अभियंता आर.पी सिंह ने तत्काल ठेकेदार को भेजकर सड़क में बने गड्ढे में गिट्टी डलवाकर उसे दुरस्त करवा दिया, वही हरपुर बुदहट पुलिस ने भी कार्यवाही करते हुए फुटपाथ पर अवैध कब्जा किये लोगो से फुटपाथ को कब्जामुक्त करा दिया। सड़क गड्ढामुक्त हो जाने से बृहस्पतिवार सुबह स्कूल जाने वाले छात्र-छात्राओ, अध्यापक और अभिभावकों और समाजसेवी दिनेश शर्मा जिनके अथक प्रयास से यह सम्भव हो पाया उन्होंने ने निष्पक्ष टुडे हिंदी दैनिक अखबार को धन्यवाद कहा।
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सहजनवा रेलवे स्टेशन पर बड़ी चूक: सहजनवा स्टेशन के साइन बोर्ड पर उर्दू में लिख दिया नौतनवा
संवाददाता– एस.पी. सिंह
सहजनवा, ( गोरखपुर ) ।गोरखपुर-सहजनवा रेल मार्ग पर एक बड़ी चूक सामने आई है, जहां सहजनवा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर लगे बड़े-बड़े साइन बोर्ड पर स्टेशन का नाम उर्दू में गलत लिख दिया गया है। हिंदी और अंग्रेजी में तो “सहजनवा” सही लिखा है, लेकिन उर्दू में इसे “नौतनवा” लिख दिया गया है। इस गलती के कारण ट्रेन में यात्रा करने वाले यात्री भ्रमित हो रहे हैं।
वहीं इस संबंध में सहजनवा स्टेशन अधीक्षक सीएम त्रिपाठी ने बताया कि, उन्हें एक ट्रेन के गार्ड ने इस त्रुटि के बारे में सूचित किया। गार्ड ने बताया कि बोर्ड पर उर्दू में लिखा नाम गलत है, जो सहजनवा की जगह नौतनवा हो गया है। त्रिपाठी ने तुरंत इसकी शिकायत डीआरएम गोरखपुर और संबंधित विभाग के अधिकारियों से कर दी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस गलती को जल्द ही ठीक करा लिया जाएगा।
आपको बताते चलें कि जहां रेलवे स्टेशन भवन पर लाल साइन बोर्ड पर उर्दू में नाम सही लिखा है वहीं रेलवे स्टेशन की प्लेटफार्म पर लगे पीले साइन बोर्ड पर उर्दू में सहजनवा की जगह नौतनवा लिखा है, जो कि गलत है।
यह त्रुटि यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बन रही है, खासकर उन लोगों के लिए जो उर्दू पढ़ने में सक्षम हैं और उन्हें स्टेशन के सही नाम को लेकर भ्रम हो रहा है।अधिकारियों द्वारा जल्द से जल्द इस गलती को सुधारने की उम्मीद है ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
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मास्टरमाइंड छांगुर के 14 ठिकानों पर ईडी की छापेमारी, बलरामपुर से लेकर मुंबई तक पहुंचीं टीमें
बलरामपुर में धर्मांतरण के मास्टरमाइंड छांगुर उर्फ जलालुद्दीन के ठिकानों पर ईडी ने छापेमारी की है। गुरुवार सुबह बलरामपुर जिले के मधपुर व उतरौला नगर में छांगुर व उसके सहयोगियों नीतू उर्फ नसरीन नवीन उर्फ जमालुद्दीन के ठिकानों पर ईडी की 20 टीमों ने छापेमारी की।
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यूपी में अपराधियों पर कहर बनकर टूटी यूपी पुलिस
8 साल में ताबड़तोड़ एनकाउंटर, 238 को मिट्टी में मिलाया।
UP में अपराधियों हुए घायल, 30694 अपराधी हुए गिरफ्तार।
आगरा में 20, प्रयागराज में 10, बरेली में 15 बदमाशों का एनकाउंटर।
गोरखपुर में 8, कानपुर में 11, लखनऊ में 15 बदमाशों का एनकाउंटर।
मेरठ में 80,वाराणसी में 26, लखनऊ कमीश्नरी में 11 का एनकाउंटर।
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अक्षरा सिंह ने अदालत में किया सरेंडर, धोखाधड़ी के केस में कोर्ट ने भेजा था समन
भोजपुरी सिनेमा की जानी मानी अदाकारा अक्षरा सिंह ने 2 साल पुराने एक मामले में मंगलवार को बेगूसराय अदालत में सरेंडर किया।
उन पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों में 5 लाख रुपये एडवांस लेने और तय समय से पहले मंच छोड़ने का गंभीर आरोप है।
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विद्यालय द्वारा “स्कूल चलो” एवं “संचारी रोग नियंत्रण” रैली का हुआ आयोज
सूर्य प्रकाश ओझा
गोरखपुर।पीएम श्री कंपोजिट विद्यालय उनवल प्रथम, बांसगांव, गोरखपुर द्वारा “स्कूल चलो अभियान” एवं “संचारी रोग नियंत्रण अभियान” के अंतर्गत जनजागरूकता रैली का सफल आयोजन किया गया ।
रैली की शुरुआत विद्यालय परिसर से हुई, जो कि पूरे उनवल गांव में भ्रमण करते हुए पुनः विद्यालय पर समाप्त हुई । रैली का उद्देश्य समुदाय को शिक्षा के प्रति जागरूक करना एवं संचारी रोगों से बचाव हेतु स्वच्छता के महत्व को समझाना रहा ।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक नवीन त्रिपाठी के नेतृत्व में समस्त शिक्षकों राममणि मिश्र, सूर्य प्रकाश पांडेय, सुमन देवी, राजकिशोर सिंह, बृजेश त्रिपाठी, सूरज सिंह, राजेन्द्र यादव, उमाशंकर, श्री प्रमोद कुमार, सीमा पाण्डेय, विकास, सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्त्री, आंगनवाड़ी सहायिका, सभी रसोइया सहित विद्यालय के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे ।
रैली में वार्ड संख्या 3 के पूर्व सभासद संतोष राम त्रिपाठी, वर्तमान सभासद प्रतिनिधि अरविंद कुमार तथा वार्ड संख्या 1 के सभासद प्रतिनिधि सर्वेश लाल एवं मिंटू दुबे आदि स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी सहभागिता कर अभियान को समर्थन प्रदान किया ।विद्यालय परिवार एवं स्थानीय समाज के संयुक्त प्रयास से यह रैली पूर्णतः सफल रही एवं लोगों में जागरूकता का संदेश प्रसारित करने में सार्थक सिद्ध हुई ।









