Category: ब्रेकिंग न्यूज़
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मेडिकल कॉलेज में संदिग्ध हालात में डॉक्टर की मौत से हड़कंप : हॉस्टल के कमरे में बेड पर मिला शव
पुलिस के अनुसार, सभी संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए मामले की पड़ताल की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने के बाद ही मौत के कारण का अंतिम निष्कर्ष निकल सकेगा।
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दुबई से कारोबार छोड़कर आई नीतू के पति का स्विस बैंक में खाता, इस्लामिक दावा सेंटर खोलने की थी तैयारी
Chhangur Baba Case : एटीएस जांच में खुलासा हुआ कि नेपाल सीमा के पास इस्लामिक सेंटर खोलने के लिए जमीन खरीदी जा रही थी। छांगुर बाबा और नीतू रोहरा मुख्य आरोपी हैं जिन्होंने दुबई में धर्म बदला और स्विस बैंक खाते से करोड़ों का लेनदेन किया।
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गुरु पूर्णिमा के अवसर पर 10 जुलाई 2025 को दिखाई देगा बक मून/ फुल मून
10 जुलाई को रात्रि के आसमान में चांद बड़ा और चमकीला भी दिखाई देगा।
“क्या होता है बक मून?”… इस बाबत , वीर बहादुर सिंह ,नक्षत्र शाला ( तारामण्डल ) गोरखपुर के खगोल विद अमर पाल सिंह ने बताया कि जुलाई में होने वाले इस फुल मून/ पूर्णिमा को होने वाले पूर्ण चंद्र को खगोल विज्ञान भी भाषा में बक मून नाम दिया जाता इसको एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना माना जाता है जोकि प्राकृतिक चक्रों और उनके महत्व को दर्शाती है।
खगोल विद अमर पाल सिंह के अनुसार गुरुवार को बक मून पूरे वर्ष भर में सूर्य से सर्वाधिक दूरी पर रहेगा और क्षितिज पर काफी नीचा होने की वजह से उसका आकार भी काफी बड़ा नजर आएगा। वैसे तो यह बक मून 10 जुलाई की रात्रि को उदय होगा और पूरी रात्रि आकाश में अपनी छटा बिखेरता हुआ दिखाई देगा। लेकिन भारतीय समयानुसार 11 जुलाई की सुबह लगभग 7:36 बजे यह अपने चरम बिंदु पर होगा।
कैसे पड़ा इसका नाम खगोल विद अमर पाल सिंह ने बताया कि इस नाम के पीछे एक छोटी सी कहानी है। कि
सुपरमून को बकमून क्यों कहा जाता हैं? खगोल विद अमर पाल सिंह ने बताया कि “असल में यह नाम नेटिव अमेरिकन है. बकमून इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि पारंपरिक रूप से उत्तरी अमेरिका में नर हिरणों की सींगें पूरी तरह से उगने के समय से मेल खाता है, इन सींगों को बक कहते हैं. जोकि कई बार गिरते और उगते रहते हैं लेकिन जुलाई माह में इनकी ग्रोथ पूरी होती है, इसलिए इसको बक मून कहते हैं, कुछ लोगों द्वारा इस पूर्णिमा को नवीनीकरण, नई शक्ति एवं दृढ़ संकल्प के प्रतीक के तौर पर भी देखा जाता है जो इसके सार्वभौमिक महत्व को भी प्रदर्शित करता है।खगोल विद अमर पाल सिंह ने बताया कि अलग-अलग संस्कृतियों में इसके अलग -अलग नाम दिए गए हैं इस बक मून को अलग-अलग संस्कृतियों में अलग-अलग नामों से भी जाना जाता है,भारत में यह पूर्णिमा गुरु शिष्य परंपरा के अटूट रिश्ते को प्रदर्शित करती है ,इसीलिए यह गुरु पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है। वहीं अमेरिका में कुछ जनजातियां इसे जुलाई में आने वाले बड़े तूफानों से जोड़कर भी देखती हैं, इसलिए इसे थंडर मून भी कहा जाता है, कुछ अन्य लोगों द्वारा इसे सैल्मन मून, रास्पबेरी मून, क्लेमिंग मून, वाइर्ट मून, हर्ब मून और मीड मून के नाम से भी जाना जाता है और हमें यह भी पता चलता है कि यह नाम अमेरिका की एक पत्रिका ओल्ड फार्मर्स अल्मनैक के अनुसार इस शब्द की उत्पत्ति संभवतः अमेरिकन जनजातियों के एक समूह से ही हुई मानी जाती है। वैसे इस बक मून को घास की कटाई के बाद एंग्लो सैक्सन इसी मून को ‘हे मून’ कहते थे, और इसीलिए इसका ‘थंडर मून’ नाम जुलाई में आने वाले तूफानों की एक बृहद निशानी भी माना जाता था।
कहां और कैसे देखें बक मून को _ खगोल विद अमर पाल सिंह ने बताया कि बकमून को देखने के लिए जरूरी है कि रात्रि का आसमान साफ हो, बादल या कोहरा एवम् प्रकाश प्रदूषण न हो, देखने के लिए बेहतर होगा कि किसी साफ़ स्वच्छ और कम रोशनी वाले स्थान पर जाया जाए। वैसे आप इसको अपनी साधारण आंखों से ही देख सकते हैं और इसको देखने के लिए किसी भी ख़ास उपकरणों की आवश्यकता नहीं है, यह खगोलीय घटना कई देशों के साथ ही सम्पूर्ण भारत में प्रत्येक जगह से दिखाई देगी, आप सीधे तौर से अपने घरों से ही इस खगोलीय घटना का लुत्फ़ उठा सकते हैं,News Courtesy :- अमर पाल सिंह,( खगोलविद), नक्षत्र शाला,(तारामण्डल) गोरखपुर उत्तर प्रदेश, भारत.
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गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर रफ्तार का कहर, दो युवतियां और युवक घायल, दो की हालत नाजुक
संवाददाता : शिशिर श्रीवास्तव।

गोरखपुर। मंगलवार की दोपहर गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर रफ्तार का कहर देखने को मिला, जब महज कुछ सेकंड में दो जिंदगियां मौत के करीब पहुंच गईं। खजनी थाना क्षेत्र में भगवानपुर टोल प्लाजा से करीब एक किलोमीटर दूर तेज रफ्तार में दौड़ती दो बाइकों की आगे पीछे से भिड़ंत में तीन लोग घायल हो गए, जिनमें दो की हालत गंभीर बताई जा रही है।
इस दुर्घटना में देवरिया जिले की दो युवतियां, जाह्नवी खान और शालिनी सिंह, और अभिषेक सिंह एक हीरो बाइक पर सवार होकर गोरखपुर की ओर से सिकरीगंज की तरफ जा रहें थें। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक उनकी बाइक की रफ्तार काफी तेज थी। उसी वक्त सामने से राजीव रंजन, निवासी जांखा खजनी, बुलेट मोटरसाइकिल लेकर आ रहे थे। एक्सप्रेसवे की खुली सड़क पर दोनों बाइकों की टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि लोग आवाज सुनकर रोड पर दौड़ पड़े। टक्कर के बाद दोनों बाइकें उछलकर दूर जा गिरीं और सवार चोटिल हो सड़क पर गिर गए। संयोग अच्छा था कि उस समय कोई ट्रक या कार पीछे से नहीं आ रही थी, वरना यह हादसा और भयानक हो सकता था।
हादसे में जाह्नवी खान और उनके साथ मौजूद अभिषेक सिंह, निवासी पडौली, देवरिया, गंभीर रूप से घायल हो गए। शालिनी सिंह को हल्की चोटें आई है, जबकि बुलेट सवार राजीव रंजन के पैर में चोट आई है। घटना के तुरंत बाद लिंक एक्सप्रेस-वे की सुरक्षा टीम और खजनी पुलिस मौके पर पहुंची। थानाध्यक्ष अनुप सिंह और एसएसआई बलराम पांडेय के नेतृत्व में पुलिस ने घायलों को तुरंत एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया, जहां जाह्नवी और अभिषेक की हालत गंभीर बनी हुई है।
पुलिस ने दोनों क्षतिग्रस्त बाइकों को कब्जे में लेकर थाने भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही को हादसे की वजह माना गया है।
एक्सप्रेस-वे पर स्पीड गन से चालान और चेकिंग के बावजूद चौड़ी और खाली सड़क पर लोग रफ्तार पर काबू नहीं रख पा रहे हैं। स्थानीय लोगों ने एक्सप्रेसवे पर स्पीड कंट्रोल के लिए पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने और चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग की है।
खजनी पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह हादसा एक बार फिर चेतावनी दे गया है कि सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी किसी को भी चंद सेकंड में जिंदगी और मौत के बीच में ला सकती हैं।
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केंद्रीय रेल मंत्री को पृत शोक
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के पिता दाऊलाल वैष्णव का मंगलवार की सुबह एम्स अस्पताल में निधन हो गया…!
वे पिछले लंबे समय से सांस लेने की दिक्कत होने के कारण एम्स हॉस्पिटल जोधपुर में भर्ती थे।
पिछले कुछ दिनों से उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ने के बाद उनको वेंटिलेटर पर रखा गया।
जोधपुर एम्स ने आज मेडिकल बुलेटिन जारी करते हुए बताया कि 11:52 बजे पर उन्होंने अंतिम सांस ली है।
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उत्तराखंड में भारी बारिश का कहर जारी
चमोली ज़िले के मुख गांव (नंदप्रयाग-घाट मार्ग) में बादल फटने की सूचना, SDRF की टीम मौके के लिए रवाना। भूस्खलन और जान-माल के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय प्रशासन अलर्ट पर है।
मौसम विभाग (हाइड्रोमेट, नई दिल्ली) ने बाढ़ का पूर्वानुमान जारी किया।
राज्य आपातकालीन केंद्र ने 12 ज़िलों के DM को पत्र भेजकर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
अलर्ट ज़िले:-
अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, चंपावत, देहरादून, नैनीताल, पौड़ी, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, टिहरी, उत्तरकाशी
प्रदेश में 74 सड़कें मलबे से बंद:
▪️ ऋषिकेश-यमुनोत्री हाईवे अब भी बंद
▪️ चमोली में 20 सड़कें
▪️ पिथौरागढ़ में 9, रुद्रप्रयाग में 5, पौड़ी में 6
▪️ टिहरी, बागेश्वर, अल्मोड़ा, देहरादून समेत अन्य जिलों में भी कई सड़कें बंदयात्रियों और स्थानीय लोगों से सावधानी बरतने की अपील।
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बीजेपी सांसद की ठाकरे को धमकी, “यूपी-बिहार आओ पटक-पटककर मारेंगे”
महाराष्ट्र के भाषा विवाद में भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने सोमवार को कहा…आप अपने घर महाराष्ट्र में अगर बहुत बड़े बॉस हो तो चलो बिहार, चलो यूपी, चलो तमिलनाडु, तुमको पटक-पटक कर मारेंगे।’
उन्होंने न्यूज एजेंसी ANI से कहा, ‘अगर आपमें ज्यादा हिम्मत है, आप हिंदी भाषी को मारते हैं तो उर्दू भाषी, तमिल, तेलुगु को भी मारो। आप ये घटिया हरकत कर रहे हो।
BJP सांसद दुबे ने यह जवाब राज ठाकरे के उस बयान पर दिया, जिसमें राज ने कहा था- मराठी ना बोलने पर मारो, लेकिन वीडियो मत बनाओ।
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स्मृति ईरानी छोटे पर्दे पर कर रही हैं वापसी
स्मृति ईरानी छोटे पर्दे पर वापसी कर रही है
स्मृति ईरानी ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ के नए सीजन में नजर आएंगी..!
शो के नए सीजन की पहली झलक सामने आई है, जिसमें स्मृति का नया लुक दिख रहा है।
कहानी स्मृति ईरानी के किरदार की नहीं होगी।
क्योंकि सास भी कभी बहू थी,’ सीजन 2 में नए चेहरों के साथ कहानी आगे बढ़ेगी।
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नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए किया नामित
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित किया..!
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा, “मैं आपको, श्रीमान राष्ट्रपति, नोबेल पुरस्कार समिति को भेजा गया पत्र प्रस्तुत करना चाहता हूं।
इसमें आपको शांति पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया है, जिसके आप हकदार हैं और आपको यह मिलना चाहिए।”
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महिला सिपाही की शिकायत से मचा हड़कंप, इंस्पेक्टर पर गंभीर आरोप, एसएसपी ने दिए जांच के आदेश
महिला सिपाही की शिकायत से मचा हड़कंप, इंस्पेक्टर पर गंभीर आरोप, एसएसपी ने दिए जांच के आदे
सूर्य प्रकाश ओझा
गोरखपुर। सिकरीगंज थाने में तैनात एक महिला सिपाही की शिकायत ने गोरखपुर पुलिस महकमे में खलबली मचा दी है। महिला सिपाही ने इंस्पेक्टर पर दुर्व्यवहार और उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं।
शिकायत में कहा गया कि उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है और ड्यूटी के नाम पर बार-बार ऐसी जिम्मेदारियां सौंपी जाती हैं, जिनसे वह असहज महसूस करती है। मामला वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक तक पहुंचा तो उन्होंने तुरंत एसपी साउथ को जांच सौंपी। शुरुआती जांच में कुछ अलग तस्वीर सामने आ रही है, लेकिन पूरे प्रकरण की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधिकारी अब हर बिंदु पर गहन पड़ताल कर रहे हैं। इस मामले ने पुलिस विभाग की कार्यशैली पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
गोरखपुर के सिकरीगंज थाने में तैनात महिला सिपाही ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को दिए प्रार्थना पत्र में गंभीर आरोप लगाए। महिला ने कहा कि थाने पर उसे बार-बार परेशान किया जाता है। उसे जानबूझकर ऐसी ड्यूटी दी जाती है जिससे वह मानसिक दबाव में आ जाए। उसने आरोप लगाया कि जब उसने इस व्यवहार का विरोध किया तो थानेदार का रवैया और खराब हो गया। महिला का कहना है कि उसके साथ व्यक्तिगत बातचीत के दौरान भी अभद्र व्यवहार किया गया और कई बार उसे अप्रत्याशित ड्यूटी पर देर रात बुलाया गया।
महिला सिपाही की शिकायत मिलते ही उच्चाधिकारियों के कान खड़े हो गए। गोरखपुर एसएसपी ने इस मामले की गंभीरता को समझते हुए एसपी साउथ को पूरे प्रकरण की जांच सौंप दी। पुलिस विभाग की छवि को लेकर भी इस मामले में सतर्कता बरती जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई कि विवाद की जड़ छुट्टी को लेकर भी हो सकती है, लेकिन अधिकारी अब अन्य पहलुओं पर भी बारीकी से जांच कर रहे हैं, जिसमें महिला सिपाही के आरोपों की गहराई और कार्यस्थल की परिस्थितियों का विश्लेषण शामिल है।
शुरुआती जांच में सामने आया कि महिला सिपाही ने एक महीने की छुट्टी के लिए आवेदन दिया था, जो त्योहार और स्टाफ की कमी के कारण स्वीकृत नहीं हो सकी। इसके बाद उसने शिकायत दर्ज कराई। हालांकि, जांच कर रहे अधिकारियों का कहना है कि मामला सिर्फ छुट्टी का नहीं लग रहा। महिला सिपाही ने जिन ड्यूटी शिफ्ट्स और व्यवहार की शिकायत की है, वह सामान्य प्रक्रिया से अलग दिख रही है। अधिकारियों के अनुसार, महिला सिपाही ने ड्यूटी समय और इंस्पेक्टर के व्यवहार को लेकर जो बातें कहीं हैं, उसमें व्यक्तिगत दबाव और अनुचित व्यवहार के संकेत भी नजर आ रहे हैं।एसपी साउथ इस पूरे प्रकरण की जांच कर रहे हैं और जल्द ही अपनी रिपोर्ट एसएसपी को सौंपेंगे। पुलिस महकमे में भी इस मामले की चर्चा तेज हो गई है। यदि जांच में महिला सिपाही के आरोप सही पाए जाते हैं, तो इंस्पेक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई तय मानी जा रही है। वहीं, यदि शिकायत गलत पाई जाती है तो महिला सिपाही पर भी विभागीय कार्रवाई संभव है। फिलहाल पूरा विभाग इस मामले की रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है, क्योंकि इससे पुलिस की छवि और आंतरिक कार्यशैली पर भी बड़ा असर पड़ने वाला है।










