Category: ब्रेकिंग न्यूज़
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शॉर्ट सर्किट से गोरखपुर बस अड्डे पर खड़ी जनरथ में लगी आगः 5 यात्री थे सवार, कूदकर बचाई जान
आग की घटना के बाद बस अड्डे पर हड़कंप मच गया। रोडवेज प्रबंधन ने एहतियात के तौर पर परिसर में खड़ी अन्य बसों को बाहर करवा दिया। वहीं, रेलवे स्टेशन से रोडवेज परिसर की ओर आने वाला मार्ग करीब 30 मिनट तक पूरी तरह बंद रहा।
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चीन ने बना डाली दुनिया की सबसे तेज रफ्तार वाली मैग्लेव ट्रेन
चीन की ट्रेन हवाई जहाज से भी तेज दौड़ेगी, सिर्फ 7 सेकंड में पकड़ती है 600 की रफ्तार..!
चीन ने 7 सेकंड में 620 Km/h की रफ्तार पकड़ने वाली मैग्लेव ट्रेन का सफल ट्रायल कर लिया है।
ट्रेन पटरी पर मैगनेट के जरिए तैरती है और और वैक्यूम टनल में दौड़ती है।
ट्रेन मैग्नेटिक फोर्स से पटरी से ऊपर उठकर दौड़ती है।
ट्रेन की स्पीड डोमेस्टिक फ्लाइट की क्रूजिंग स्पीड से थोड़ी तेज है।
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भारत आज भी सारे जहां से अच्छा है
अंतरिक्ष से लौट रहे भारतीय एस्ट्रोनॉट शुभांशु ने भरा गर्व से सीना
17 दिन के ऐतिहासिक अंतरिक्ष मिशन के बाद भारतीय एस्ट्रोनॉट शुभांशु 14 जुलाई को धरती पर लौटेंगे।
अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (ISS) पर उन्हें आज भावभीनी विदाई दी गई।
फेयरवेल समारोह में शुभांशु ने भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा के आइकोनिक डायलॉग को दोहराया “भारत आज भी सारे जहां से अच्छा है।
शुभांशु ने इसे एक अविश्वसनीय और जादुई यात्रा बताया।
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खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने दुकानों पर चश्मा किया कर कोड पोस्ट
“कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालु क्यूआर कोड के जरिए शुद्धता की करेंगे पहचान”
“दुकानदारों की पहचान व शुद्धता के लिए उपाय”
गोरखपुर। सावन के पहले सोमवार को कांवड़ यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं को रास्ते में शुद्ध नाश्ता व पानी मिले, इसके लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने पूरी तरह से कमर कस ली है। शासन के निर्देश पर सहायक आयुक्त खाद्य डॉक्टर सुधीर कुमार सिंह के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने रेलवे स्टेशन के पास रेस्टोरेंट व होटलों का पंजीकरण शुरू कर दिया है। पंजीकृत दुकानों पर क्यूआर कोड भी लगाए जा रहे हैं, जिससे गड़बड़ी की आशंका होने पर लोग मोबाइल से स्कैन कर दुकान के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। बार कोड लगाने की शुरुआत हो चुकी है।
सावन के महीने में शहर के महादेव झारखंडी मंदिर, बाबा मुक्तेश्वर नाथ मंदिर, मानसरोवर मंदिर, बाबा मुंजेश्वरनाथ मंदिर भौवापार, मोटेश्वर नाथ मंदिर पिपराइच में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटती है। जिले के कोने-कोने से श्रद्धालु यहां जलाभिषेक को पहुंचते हैं। दर्शन-पूजन के बाद वापस लौटते श्रद्धालु रास्ते में खरीदारी भी करते हैं। इस दौरान श्रद्धालुओं को शुद्ध सामान मिले, इसे ध्यान में रखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने प्रमुख शिव मंदिरों और वहां तक जाने वाले प्रमुख रास्तों के किनारे की दुकानों की जांच शुरू कराई है। इस दौरान कैंटीन, रेस्टोरेंट व खाने-पीने, पूजा का सामान बेचने वाले दुकानदारों का सत्यापन व पंजीकरण भी किया जा रहा है। पंजीकृत दुकानों पर क्यूआर कोड लगाए जा रहे हैं, जिससे लोग स्वयं ही कोड स्कैन कर दुकान के बारे में जानकारी ले सकें।
सहायक आयुक्त खाद्य डॉ सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि सावन का महीना शुरू हो गया है कावड़ यात्रा पर जाने वाली श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शासन के निर्देश पर सभी दुकान व रेस्टोरेंट पर क्यूआर कोड लगाया जा रहा है जिससे श्रद्धालुओं को भोजन की शुद्धता की जानकारी हो सके और दुकानदार की पहचान भी हो सके।
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65 वर्षीय वृद्ध की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत
“65 वर्षीय वृद्ध की रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई। क्षेत्र में बना चर्चा का विषय”
ब्यूरो प्रभारी: संतोष कुमार त्रिपाठी, खजनी गोरखपुर।
गोरखपुर। खजनी थाना क्षेत्र के नन्दापार गांव में उस वक्त सन्नाटा पसर गया, जब 65 वर्षीय वृद्ध रमाकांत गुप्ता पुत्र हीरामन का संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।
नंदापार गांव के बाहर आम के बाग में, एक पेड़ के नीचे उनका निर्जन शव पड़ा मिला। रमाकांत अपने घर से सुबह गए दोपहर तक वापस नहीं आए तो परिजनों की बेचैनी बढ़ गई। बहुत खोजबीन के दौरान जब बाग में शव मिलने की खबर आई, तो परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। पत्नी की दहाड़ मार कर रोने लगी। वहीं बेटा किशन व दीपक की सिसकियां गांव की गलियों में गूंज उठीं। अब पूरे गांव में सन्नाटा पड़ गया।पिता की अंतिम झलक को तरसती उनकी आंखें अब केवल आंसुओं से भरी थीं।
मिली जानकारी के अनुसार रमाकांत सहजनवा तहसील में प्राइवेट मुंशी का काम करता था और शांत और सरल स्वभाव के इस बुजुर्ग के दो बेटे हैं—किशन, जिसकी शादी हो चुकी है, और दूसरा अविवाहित पुत्र दीपक। मृतक रमाकांत के पांच भाई है, जो अलग रहते है। वह अपने छोटे से परिवार के साथ रहते थे। गांव वालों ने बताया रमाकांत ज़िंदादिल और सौम्य व्यवहारिक आदमी थे।
मृतक का शव खजनी गोरखपुर में रोड के बगल में नंदापार बगीचे में पड़ा मिला।
सूत्रों के अनुसार मृतक रमाकांत के मुंह से झाग निकल रहा था। मौके पर मौजूद लोगों ने दबे जुबान से चर्चा कर रहे थे कि मृतक जहर खाकर मरा है या मार दिया गया है। मामला जो भी हो, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने के बाद ही पता चलेगा।
सूचना मिलते ही खजनी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
थानाध्यक्ष अनूप सिंह ने बताया मृतक का पोस्टमार्टम रिपोर्ट ही घटना का सच उजागर करने में सहायता करेगी। पुलिस ने परिजनों और पड़ोसियों से पूछताछ शुरू कर दी है, ताकि उस अनजाने कारणों का पता लग सके, जिसने रमाकांत को इतना बड़ा कदम उठाने पर मजबूर किया।
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दिल्ली में बड़ा हादसा, वेलकम इलाके में गिरी चार मंजिला इमारत, कई लोगों के दबे होने की आशंका
दिल्ली के वेलकम इलाके में शनिवार (12 जुलाई) को चार मंजिला इमारत गिरने से बड़ा हादसा हो गया।
मलबे के नीच 12 लोगों के फंसे होने की आशंका है।
वेलकम इलाके के सीलमपुर ईदगाह रोड पर यह इमारत गिरी है।
फिलहाल, मौके पर दमकल गाड़ियां मौजूद हैं और रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है. गनीमत की बात यह है कि अब तक जनहानि की कोई सूचना नहीं है।
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जल मिश्रित मदिरा की 62 अदद बोतलों , नकली 51,710 क्यूआर कोड, विभिन्न ब्राण्डो के कुल 30,136 नकली कैप्स व विभिन्न ब्राण्डो के कुल 14,602 नकली ढ़क्कनों के साथ 01 नफर अभियुक्त गिरफ्तार
गोरखपुर। 11-07-25, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जनपद गोरखपुर द्वारा नशीले पदार्थों के सेवन व बिक्री के अपराधों पर अंकुश लगाने एवं अपराधियों की गिरफ्तारी हेतु चलाए जा रहे अभियान के क्रम में, पुलिस अधीक्षक नगर के मार्गदर्शन में, क्षेत्राधिकारी कैण्ट के पर्यवेक्षण में तथा आबकारी निरीक्षक सेक्टर-1, एसओजी/स्वॉट गोरखपुर व प्र0नि0 थाना कैण्ट के नेतृत्व में शैलेश (पिंटू) पुत्र स्व. राज किशोर निवासी घुघली थाना घुघली जनपद महराजगंज के कब्जे से जल मिश्रित मदिरा 20 अदद इम्पीरियल ब्लू बोतल (375 ml), 42 अदद रायल स्टैग बोतल (180ml), नकली क्यू आर कोड 31710, नकली क्यू आर कोड रोल दो अदद प्रत्येक मे लगभग 10000, विभिन्न ब्राण्डो के नकली कैप्स 30136 अदद, विभिन्न ब्राण्डो के नकली ढ़क्कन कुल 14602 अदद व 01 अदद बाल्टी मग्गा के साथ गिरफ्तार किया गया । उक्त बरामदगी/गिरफ्तारी के आधार पर थाना स्थानीय पर मु0अ0सं0 363/2025 धारा 60/62 यू.पी. आबकारी अधिनियम, 318(4), 319(2), 336(3), 338, 340(1), व 340(2) भारतीय न्याय संहिता ( BNS) पंजीकृत किया गया । अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है ।
अपराध करने का तरीका –
अभियुक्त द्वारा बताया गया कि नकली ढ़क्कन, क्यू. आर. कोड व कैप्स को वह सूरत (गुजरात राज्य) से मंगा कर वाराणसी, भदोही, बलिया, सलेमपुर (देवरिया) व अन्य जिलो में बेचता है तथा स्वयं खाली अद्धा और पौआ की बोतलों में जल मिश्रित मदिरा भर कर नकली ढक्कन व कैप्स लगाकर उसके ऊपर क्यू.आर. कोड को चस्पा कर आस पास के बाजारो में बेचता है।गिरफ्तार किए गए अभियुक्त का नाम पता –
1. शैलेश (पिंटू) पुत्र स्व. राज किशोर निवासी घुघली थाना घुघली जनपद महराजगंजबरामदगी-
I. जल मिश्रित मदिरा भरा 20 अदद इम्पीरियल ब्लू बोतल (375 ml)
II. जल मिश्रित मदिरा भरा 42 अदद रायल स्टैग बोतल (180ml)
III. नकली क्यू आर कोड 31710
IV. नकली क्यू आर कोड रोल दो अदद प्रत्येक मे लगभग 10000 नकली क्यू आर
V. नकली कैप्स रायल स्टैग- 13424
VI. नकली कैप्स इम्पीरियल ब्लू- 4557
VII. नकली कैप्स ब्लेंडर प्राइड- 6700
VIII. नकली कैप्स बैरेल सेलेक्ट- 2120
IX. नकली कैप्स मैक्डावेल- 3335
X. नकली ढक्कन इम्पीरियल ब्लू- 6563
XI. नकली ढक्कन रायल स्टैग- 1452
XII. नकली ढक्कन बलेन्डर प्राइड- 5622
XIII. नकली ढक्कन मैक्डावेल- 965
XIV. प्लास्टिक की एक बाल्टी व मग्गापंजीकृत अभियोग का विवरण-
मु0अ0सं0 363/2025 धारा 60/62 यू.पी. आबकारी अधिनियम, 318(4), 319(2), 336(3), 338, 340(1), व
340(2) भारतीय न्याय संहिता ( BNS)गिरफ्तारी की टीम-
1. निरीक्षक मनीष त्यागी आबकारी निरीक्षक सेक्टर- 1 जनपद गोरखपुर
2. प्र0नि0 संजय कुमार सिंह थाना कैण्ट जनपद गोरखपुर
3. उ0नि0 आशीष कुमार दुबे चौकी प्रभारी पैडलेगंज थाना कैण्ट गोरखपुर
4. उ0नि0 सूरज सिंह SOG/स्वाट प्रभारी मय टीम जनपद गोरखपुर
5. उ0नि0 मनीष यादव SOG/स्वाट प्रभारी मय टीम जनपद गोरखपुर
6. उ0नि0 केशव कुमार थाना कैण्ट गोरखपुर
7. उ0नि0 सुरेन्द्र राम थाना कैण्ट गोरखपुर
8. हे0कां0 जगदीश प्रसाद आबकारी सेक्टर- 1 जनपद गोरखपुर
9. कां0 विकास मिश्रा आबकारी सेक्टर- 1 जनपद गोरखपुर
10. कां0 राघवेन्द्र वर्मा आबकारी सेक्टर- 1 जनपद गोरखपुर
11. हे0 का0 आनन्द किशोर थाना कैण्ट गोरखपुर -

युवती ने हास्पिटल के कमरे मे की आत्महत्या
ब्यूरो प्रभारी —- विनय तिवारी
बड़हलगंज/गोरखपुर(निष्पक्ष टुडे) बड़हलगंज स्थित दुर्गावती हास्पिटल की तीसरी मंजिल के एक कमरे में खाना बनाने वाली 19 वर्षीय चांदनी भारती पुत्री वकील प्रसाद ने शुक्रवार को 12 बजे दिन मे पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर लिया।

मौके पर सीओ दरवेश कुमार व कोतवाली प्रभारी चंद्रभान सिंह पहुंच कर अग्रिम कार्रवाई कर रहे है। पुलिस ने कमरे से मृतका का मोबाइल फोन कब्जे मे लिया है। फोरेंसिक टीम को भी सूचित कर दिया गया है। मृतक चांदनी लोगों के घरों में खाना बनाने का कार्य करती है।
मृतक की मां शोभा देवी ने बताया कि चांदनी घरो में खाना बनाने का कार्य करती है। दुर्गावती हास्पिटल में कार्यरत एक चिकित्सक दंपति का भी खाना बनाती थी। शुक्रवार को ग्यारह बजे किसी के घर में खाना बनाकर अपने घर चली गई।12 बजे अपनी मां से हास्पिटल जाने की बात कहकर हास्पिटल पहुंची। और हास्पिटल के तीसरे माले पर स्थित एक कमरे के फंखे से फंदा लगाकर लटक गई। डा. सर्वेश की पत्नी अपने बच्चे को देखने आई तो सामने के कमरे में चांदनी लटकी मिली। हास्पिटल के प्रबंधक ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी।
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सीडीओ ने किया विकास भवन का औचक निरीक्षण, कई कर्मचारी अनुपस्थित
“अनुपस्थित कर्मचारियों का एक दिन का वेतन रोकने का आदेश”
“युवा कल्याण का एक कर्मचारी जनवरी माह से रहा अनुपस्थि निर्देशालय को लिखित सूचना देकर विभागीय कार्यवाही का निर्देश”
“विभागों की उपस्थिति रजिस्टर को मंगाकर कर्मचारियों का लिया हाजिरी”
गोरखपुर। मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ ) गोरखपुर शाश्वत त्रिपुरारी ने शुक्रवार की सुबह विकास भवन के विभिन्न विभागों का औचक निरीक्षण किया। इससे विकास भवन में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान कई कर्मचारी बिना किसी सूचना के अनुपस्थित पाए गए। उनका एक दिन का वेतन रोकने का निर्देश दिया गया है।सीडीओ ने सभी विभागाध्यक्षों को कहा कि समय से आफिस न आने वाले लोगों को अनुपस्थित किया जाए और उनपर कार्रवाई की जाए।
सीडीओ ने समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली (आइजीआरएस) पर आने वाली शिकायतों के निस्तारण की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि शासनादेश के अनुसार ही निस्तारण किया जाए। मामलों को अनावश्यक रूप से लटकाया न जाए। कुछ शिकायतकर्ताओं से उन्होंने अपने सामने फोन पर बात कराकर फीडबैक भी लिया।रोज की तरह विकास भवन के विभिन्न कार्यालयों में आराम से काम की तैयारी चल रही थी। कुछ कर्मचारी आफिस पहुंचे थे तो कुछ रोज की तरह लेट थे। जैसे ही सीडीओ के निरीक्षण की बात पता चली, सभी विभागों में अफरा-तफरी मच गई। जो आदतन लेट थे, उन्हें फोन कर जल्दी बुलाया जाने लगा। उपस्थिति पंजिका को दुरुस्त किया जाने लगा। जिस विभाग के कार्यालय में सीडीओ जांच कर रहे होते, उसके आसपास के विभाग से कर्मचारी वहां का हाल जानने के लिए कान लगाए नजर आए। फिर उसी आधार पर अपने यहां कागजों को दुरुस्त किया गया।
जांच के दौरान विभिन्न विभागों में बैठकर सीडीओ ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर की गई शिकायतों की जांच की। पंचायती राज विभाग में जन्म प्रमाण पत्र से संबंधित शिकायत 11 दिनों तक लंबित रहने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए। इस तरह के मामले 1 सप्ताह में निस्तारित कर दिए जाएं। उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं मुख्यमंत्री संदर्भ के मामलों की अलग से निगरानी करने का निर्देश दिया। पंचायती राज विभाग में बैठकर उन्होंने निस्तारित किए गए एक मामले के आवेदक विवेक यादव को जिला विकास अधिकारी राजमणि वर्मा से फोन कराया। उसने बताया कि विभाग से फोन आया था लेकिन अभी तक अपने आवेदन की स्थिति चेक नहीं कर सका है।
सीडीओ जिस भी विभाग में गए, वहां का उपस्थिति रजिस्टर मंगवा लिया। उसके बाद उसमें दर्ज नाम पुकारे और हाजिरी चेक की। कुछ लोग छुट्टी पर थे लेकिन कुछ अनुपस्थिति मिले।
जिला युवा कल्याण विभाग में एक कर्मचारी कई दिनों से नहीं आया था। सहकारिता में अभय सिंह एकाउंटेड देव जी ग्राम सेवक कृषि पीडब्लूडी सुनील कुमार गौतम वरिष्ठ सहायक युवा कल्याण में विगत जनवरी से लालबहादुर बिना प्रार्थना पत्र दिए लापता उसके विरुद्ध निदेशालय को लिखित सूचना कर विभागीय कार्यवाही करने का निर्देश दिया।
सीडीओ ने जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय, जिला युवा कल्याण कार्यालय, जिला पिछड़ा वर्ग विभाग, समाज कल्याण विभाग,जिला विकास अधिकारी कार्यालय, कृषि विभाग, परियोजना निदेशक कार्यालय, मनेरगा कार्यालय आदि में जांच की।मुख्य विकास अधिकारी शाश्वत त्रिपुरारी ने कहा कि आज 10:30 बजे विकास भवन के विभिन्न विभागों का औचक निरीक्षण किया गया है। जो कर्मचारी बिना बताए अनुपस्थित मिले, उनका वेतन बाधित कर कारण बताओ नोटिस जारी करने का आदेश दिया गया है। आईजीआरएस पर आने वाली शिकायतों की स्थिति भी देखी गई। शासनादेश के अनुसार निस्तारण करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि सभी विभागों में समय से अधिकारियों व कर्मचारियों को उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है।
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मेडिकल कॉलेज में संदिग्ध हालात में डॉक्टर की मौत से हड़कंप : हॉस्टल के कमरे में बेड पर मिला शव
संवाददाता: शिशिर श्रीवास्तव
गोरखपुर। बाबा राघवदास (बीआरडी) मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर में आज़ सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब एनेस्थीसिया विभाग में कार्यरत एक युवा डॉक्टर संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए। मृतक डॉक्टर की पहचान 32 वर्षीय अबिषो डेविड के रूप में हुई है, जो केरल के अबिविला, पामपडुमकुझी, पाल्लूरकोनाम, परास्सला, ज़िला तिरुअनंतपुरम के निवासी थे। वे मेडिकल कॉलेज के सौ सीटेट पीजी बॉयज हॉस्टल में रह रहे थे और एनेस्थीसिया विभाग में जूनियर रेजिडेंट (जेआर-3) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह रोज़ की तरह जब अबिषो डेविड समय पर विभाग में उपस्थित नहीं हुए तो विभागाध्यक्ष डॉ. सतीश कुमार ने कर्मचारी को उनके हॉस्टल कक्ष पर भेजा। कर्मचारी जब हॉस्टल पहुँचा तो उसने पाया कि कमरे का दरवाज़ा अंदर से बंद है और खटखटाने व आवाज़ लगाने पर कोई उत्तर नहीं मिल रहा।
हालात संदिग्ध देख कर्मचारी ने तुरंत विभागाध्यक्ष को सूचना दी। स्थिति को देखते हुए डॉ. सतीश कुमार स्वयं अन्य डॉक्टरों और कर्मचारियों के साथ हॉस्टल पहुँचे। काफी प्रयासों के बाद जब दरवाज़ा नहीं खुला तो उसे तोड़ने का निर्णय लिया गया। दरवाज़ा तोड़कर जब अंदर प्रवेश किया गया तो अबिषो डेविड बेड पर मृत पड़े मिले।
घटना की सूचना मिलते ही प्राचार्य डॉ. रामकुमार जायसवाल, कई वरिष्ठ चिकित्सक, शिक्षक और रेजिडेंट डॉक्टर मौके पर पहुँच गए। गोरखपुर के गुलरिहा थाना पुलिस को तत्काल सूचित किया गया, जिसने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
घटनास्थल से किसी प्रकार का स्पष्ट सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, जिससे उनकी मृत्यु को लेकर रहस्य और गहरा गया है। हालांकि कुछ लोगों का दावा है कि कमरे से कोई सुसाइड नोट मिला था, जिसे पुलिस ने अपनी कस्टडी में ले लिया है, लेकिन पुलिस ने इस दावे को नकारते हुए कहा है कि उन्हें अभी तक कोई सुसाइड नोट प्राप्त नहीं हुआ है।
मौके पर पहुंची फॉरेंसिक टीम ने कमरे से आवश्यक नमूने और संभावित साक्ष्य इकट्ठा किए हैं। हॉस्टल के अन्य रेजिडेंट डॉक्टरों और कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि घटना के पीछे की कड़ियों को जोड़ा जा सके।
घटना की सूचना प्रशासन को भी दे दी गई है। पूरे मेडिकल कॉलेज परिसर में इस घटना के बाद शोक और सन्नाटे का माहौल व्याप्त है। हॉस्टल में रहने वाले अन्य छात्रों में दहशत और असमंजस की स्थिति है। मरीजों के तीमारदारों की भीड़ भी परिसर में जमा हो गई, जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
विभागाध्यक्ष डॉ. सतीश कुमार ने बताया कि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि डॉक्टर अबिषो डेविड की मौत स्वाभाविक थी या आत्महत्या। उन्होंने कहा — ‘स्थिति पूरी तरह से संदिग्ध है, कोई ठोस कारण सामने नहीं आया है। हम पुलिस और फॉरेंसिक टीम के साथ पूरी जांच में सहयोग कर रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद ही सही स्थिति का खुलासा हो सकेगा।’
प्राचार्य डॉ. रामकुमार जायसवाल ने भी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि यह कॉलेज के लिए एक दुखद घटना है। उन्होंने कहा कि हॉस्टल और विभाग से जुड़े सभी पहलुओं की गहनता से जाँच की जाएगी, ताकि यह पता चल सके कि कहीं कोई मानसिक दबाव, पारिवारिक परेशानी या अन्य कोई कारण तो घटना के पीछे नहीं है।
पुलिस के अनुसार, सभी संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए मामले की पड़ताल की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने के बाद ही मौत के कारण का अंतिम निष्कर्ष निकल सकेगा।
बताया जा रहा है कि डॉ. अबिषो डेविड अपने सहकर्मियों के बीच मृदुभाषी, जिम्मेदार और समर्पित डॉक्टर के रूप में जाने जाते थे। उनकी इस प्रकार रहस्यमयी मृत्यु ने उनके साथियों और शिक्षकों को गहरे शोक में डाल दिया है।फिलहाल मेडिकल कॉलेज के छात्र, डॉक्टर और प्रशासन एक ही सवाल में उलझे हैं कि क्या यह मौत आत्महत्या है या कोई और राज़ छुपा हुआ है? क्या मानसिक तनाव या व्यक्तिगत कारण इस घटना के पीछे हैं? यह सब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेगा।











