Category: ब्रेकिंग न्यूज़
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मिस वर्ल्ड व अभिनेत्री को मां बताने वाले युवक का बयान फिर आया चर्चा में
तलाक की अफवाहों के बीच, ऐश्वर्या राय को अपनी माँ बताने वाले एक युवक का पुराना बयान फिर से चर्चा में आ गया है। आंध्र प्रदेश के निवासी संगीत कुमार ने 2017 में यह दावा किया था कि ऐश्वर्या राय उनकी माँ हैं। उन्होंने अपनी एक बचपन की तस्वीर भी प्रस्तुत की थी, जिसने उस समय काफी ध्यान आकर्षित किया था। इसके बाद, 2025 में, उन्होंने पुनः यह दावा किया कि वे लंदन में आईवीएफ तकनीक से जन्मे थे और उस समय ऐश्वर्या राय की उम्र केवल पंद्रह वर्ष थी।
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दिव्यांग का घर गिरवाने वाली एसडीएम हुई सस्पेंड
फतेहपुर की SDM अर्चना अग्निहोत्री को सस्पेंड कर दिया गया है, साथ ही विभागीय जाँच के भी आदेश दिए गए हैँ।
अर्चना अग्निहोत्री ने एक दिव्यांग व्यक्ति का घर गिरवा दिया,
जबकि वो मामले की जाँच के लिए एक बार भी घटनास्थल पर मौका मुआयना करने नहीं गईं।“मेरी अपनी रिसर्च है,
SDM लोग खुद को ख़ुदा समझते हैँ,
इतना रंगबाजी DM लोग नहीं करता है,
जितना SDM लोग करते हैँ।” (यह इस समाचार के पत्रकार के निजी विचार है, इसका ‘निष्पक्ष टुडे’ से कोई संबंध नहीं है।) -

एयरपोर्ट पर कट्टे के साथ युवक गिरफ्तार
सूर्य प्रकाश ओझा
गोरखपुर।मंगलवार को एक युवक देशी कट्टा के साथ पकड़ा गया। उसके बैग से देशी कट्टा मिला जिसके बाद एयरपोर्ट पर अफरा तफरी का माहौल हो गया। बैग स्कैनर मशीन से तलाशी के दौरान कट्टा दिखा। इसके बाद वहां तैनात सुरक्षा कर्मी युवक को पकड़ लिए। पूछताछ के बाद एम्स पुलिस को सौंप दिया।
उसके पास से स्पाइस जेट की शाम 4:30 बजे दिल्ली जाने वाली फ्लाइट का टिकट मिला है। पूछताछ में उसकी पहचान देवरिया के सूर्य प्रकाश यादव के रूप में हुई। टर्मिनल पर शाम के समय दिल्ली जाने वाली यात्रियों का सामान बैग स्कैनर मशीन में चेक हो रहा था। स्कैनिंग के दौरान ही एक बैग में कट्टा दिखा। तत्काल सुरक्षा कर्मियों ने उसे दबोच लिया।एम्स पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।
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आगरा धर्मांतरण रैकेट का मास्टरमाइंड दिल्ली से गिरफ्तार
घर से बरामद हुई ‘लव जिहाद’ की शिकार हिंदू लड़की..!
पुलिस ने धर्मांतरण कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया था।
दस आरोपी पकड़े गए थे, जिनको 10 दिन की रिमांड पर लिया गया है।
अब सगी बहनों के धर्मांतरण का मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है।
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उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने दिया इस्तीफा, अंदरूनी असहमति की चर्चाएं तेज़
भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर यह कदम उठाया, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। बताया जा रहा है कि इस्तीफे के पीछे गंभीर आंतरिक मतभेद और कार्यशैली को लेकर नाराज़गी मुख्य वजह हो सकती है।
मामला तब उठा जब सोमवार दोपहर 12:30 बजे उपराष्ट्रपति ने राज्यसभा की कार्य मंत्रणा समिति (BAC) की बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें नेता सदन जेपी नड्डा, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद थे। तय हुआ था कि शाम 4:30 बजे अगली बैठक फिर से होगी।
लेकिन शाम की बैठक में न तो नड्डा पहुंचे और न ही रिजिजू, और धनखड़ को इसके बारे में पूर्व सूचना भी नहीं दी गई। यह स्थिति उन्हें काफी आहत कर गई। इसके बाद उन्होंने BAC की अगली बैठक को आज दोपहर 1 बजे के लिए टाल दिया था।
इसी बीच देर शाम उनका इस्तीफा सामने आया, जिसकी जानकारी उपराष्ट्रपति भवन के स्टाफ को भी नहीं थी। अधिकांश लोगों को इसकी भनक उनके सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से लगी।
सूत्रों का कहना है कि सत्ता पक्ष के साथ किसी एक गंभीर विषय पर उपराष्ट्रपति के मतभेद काफी बढ़ गए थे। BAC की बैठक से वरिष्ठ नेताओं की गैरहाज़िरी को कई लोग एक संकेत के रूप में देख रहे हैं। बाद में केवल कानून मंत्री ही सदन में नजर आए, जिन्होंने बताया कि लोकसभा में जस्टिस वर्मा से जुड़ा एक मोशन प्रस्तुत किया गया है।
इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज़ हो गई है और अब सबकी निगाहें राष्ट्रपति भवन की ओर हैं कि आगे की प्रक्रिया क्या होगी।
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मोबाइल विस्फोट होने से कर्मचारी घायल
सूर्य प्रकाश ओझा
गोरखपुर।सोमवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। जहां, फतेहपुर मेडिकल कॉलेज निवासी विनोद कुमार का मोबाइल फोन अचानक उनकी जेब में विस्फोट कर गया, जिससे वह झुलस गए। घटना धर्मशाला पुल से पहले यांत्रिक कारखाने के पास उस समय हुई, जब विनोद कुमार सुबह ड्यूटी पर जा रहे थे।घटना से इलाके में हड़कंप मच गया और राहगीरों की भीड़ मौके पर जुट गई।

विनोद कुमार जिला चिकित्सालय में सेवारत हैं और रोजाना की तरह पौने दस बजे अपने घर से ड्यूटी के लिए निकले थे। वह बाइक से अस्पताल जा रहे थे, तभी अचानक उनकी पैंट की जेब में रखा मोबाइल फोन जोरदार धमाके के साथ फट गया। धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग दहशत में आ गए। विस्फोट से विनोद कुमार की जांघ, कमर और हाथ बुरी तरह झुलस गए। घायल अवस्था में वह सड़क किनारे गिर पड़े, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने उन्हें तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
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यूपी के 7210 सरकारी स्कूलों के ऊपर से गुजर रहा हाई टेंशन तार, ट्रांसफार्मर का ‘खतरा’ …
परिषदीय विद्यालयों में ट्रांसफार्मर या हाईटेंशन तार हटवाने के लिए, शिक्षा विभाग और बिजली विभाग दोनों को मिलकर कार्यवाही करनी होगी। सरकारी विद्यालयों के ऊपर से जा रहे हाई टेंशन तारों और ट्रांसफार्मर को हटाने के संबंध में, यह एक गंभीर सुरक्षा चिंता है और इसके लिए संबंधित अधिकारियों को [Link: एक रिपोर्ट दर्ज कराने की आवश्यकता है The Health Physics Society https://hps.org.en2hi.search.translate.goog/hpspublications/articles/powerlines/]। ऐसे मामलों में, यह पहचानना ज़रूरी है कि क्या एचटी लाइनें पहले बिछाई गई थीं या टावर लगने से पहले ही निर्माण कार्य शुरू हो गया था। यदि विद्यालय परिसर के ऊपर से हाई टेंशन तार गुजर रहे हैं, तो यह नियमों का उल्लंघन है और इसे तुरंत ठीक किया जाना चाहिए। सबसे पहले, जिलाधिकारी को इस बारे में रिपोर्ट भेजी जानी चाहिए, और बिजली विभाग के अधिकारियों को विद्यालयों के ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन तारों और उनकी सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी दी जानी चाहिए। इसके बाद, बिजली विभाग को अतिशीघ्र जांच करके, तारों को हटाने या उनकी सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय करने के निर्देश दिए जाएंगे।
विस्तार से:
समस्या की पहचान:
सबसे पहले, उन विद्यालयों को चिह्नित करना होगा जिनके ऊपर से या परिसर में हाईटेंशन तार या ट्रांसफार्मर लगे हुए हैं।
अपने क्षेत्र के विद्युत विभाग या संबंधित सरकारी एजेंसी में शिकायत दर्ज करानी होगी। शिकायत में, आपको विद्यालय का नाम, पता, और हाई टेंशन तारों और ट्रांसफार्मर की स्थिति का स्पष्ट रूप से उल्लेख करना होगा।रिपोर्ट:
शिक्षा विभाग को इन विद्यालयों की सूची और संबंधित जानकारी जिलाधिकारी और बिजली विभाग को भेजनी होगी।
शिकायत के साथ, विद्यालय के दस्तावेजों (जैसे, भूमि का नक्शा, भवन निर्माण योजना) और हाई टेंशन तारों और ट्रांसफार्मर की तस्वीरें भी जमा करें।जांच और कार्यवाही:
बिजली विभाग को इन मामलों की जांच करके, तारों एवं ट्रांसफार्मर को हटाने या उनकी सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय करने होंगे।यदि आवश्यक हो, तो आप स्थानीय विधायक या सांसद से भी संपर्क कर सकते हैं, ताकि वे इस मामले को संबंधित अधिकारियों के सामने उठा सकें।
निगरानी:
इस प्रक्रिया की निगरानी शिक्षा विभाग और जिलाधिकारी को करनी होगी ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कार्यवाही समय पर और सही तरीके से हो रही है।
सुरक्षा उपाय:
जब तक तारों और ट्रांसफार्मर को नहीं हटाया जाता, तब तक विद्यालय परिसर में सुरक्षा के उपाय किए जाने चाहिए, जैसे कि छात्रों और कर्मचारियों को तारों के नीचे जाने से रोकना।
नियम और विनियम:
केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) के दिशानिर्देशों के अनुसार, हाई टेंशन लाइनों और ट्रांसफार्मर को आवासीय क्षेत्रों, विशेष रूप से विद्यालयों और अस्पतालों के ऊपर से नहीं गुजारा जाना चाहिए।
यदि किसी कारण से तारों को स्थानांतरित करना संभव नहीं है, तो विद्यालय परिसर में सुरक्षा के पर्याप्त उपाय किए जाने चाहिए, जैसे कि तारों को उचित ऊंचाई पर रखना और सुरक्षा संकेतकों का उपयोग करना।
गोरखपुर जिले के कई विद्यालयों में हाईटेंशन तार गुजर रहे हैं, और शिक्षा विभाग ने इन विद्यालयों को चिह्नित करना होगा।
कुछ विद्यालयों में, बिजली विभाग ने स्कूल के ऊपर से लाइन खींच दी है, जिससे खतरा बना हुआ है।शासन स्तर से हर वर्ष इस संबंध में निर्देश जारी किए जाते हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पाता है।
निष्कर्ष:
यह एक गंभीर समस्या है, और बच्चों की सुरक्षा के लिए, बिजली विभाग और शिक्षा विभाग को मिलकर काम करना होगा ताकि इन विद्यालयों को सुरक्षित बनाया जा सके।
यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा है और इस पर तुरंत कार्रवाई की जानी चाहिए। यदि आप इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं देखते हैं, तो आप कानूनी सहायता भी ले सकते हैं।
नीरज शाही -

सास-ससुर के लिए कांवड़ यात्रा कर रही हैं शबनम
गंगाजल से भरी 21 लीटर की कांवड़ लेकर नंगे पैर रोज 20 किलोमीटर चल रही हैं शबनम।
250 किलोमीटर चलना है शबनम को,
गाजियाबाद निवासी शबनम, जो मुस्लिम से हिंदू बनीं, ने हरिद्वार से 21 लीटर गंगाजल की कांवड़ उठाई और उसे अपने सास-ससुर को समर्पित किया।
शबनम का कहना है कि पहले पति के इंतकाल के बाद पवन से विवाह कर सनातन धर्म अपनाया
उन्होंने बताया कि सास-ससुर ने उन्हें बेटी की तरह प्यार दिया और अब वह भोलेनाथ की भक्त हैं।
शबनम ने कहा कि यह कांवड़ उनके प्रेम और कृतज्ञता का प्रतीक है, और वह जीवन भर अपने सास-ससुर की सेवा करना चाहती हैं।
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चंदन मिश्रा हत्याकांड : शूटर्स जश्न मनाते हुए बाइक से हुए फरार
बिहार की राजधानी पटना के पारस अस्पताल में हुए चंदन मिश्रा हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. वारदात को अंजाम देने के बाद शूटर्स जश्न मनाते हुए बाइक से फरार हो गए थे. इसकी तस्वीरें भी सामने आई हैं. इस पूरे मर्डर की साजिश कुख्यात तौसीफ बादशाह ने रची थी, जो पहले भी कई बार जेल जा चुका है. पारस हॉस्पिटल के भीतर की हर जानकारी जुटाकर बेहद शातिर तरीके से चंदन मिश्रा की हत्या को अंजाम दिया गया. पुलिस अब फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है.










