Category: ब्रेकिंग न्यूज़

  • एम्स की एअर एम्बुलेंस क्रैश

    एम्स की एअर एम्बुलेंस क्रैश

    केदारनाथ : AIIMS की एयर एंबुलेंस क्रैश,
    इमरजेंसी लैंडिंग के वक्त दुर्घटनाग्रस्त हुई।
    मरीज को लेने गया था हेलिकॉप्टर।
    पिछले हिस्से टूटा, सभी लोग सुरक्षित,
    डिसबैलेंस होने की वजह से इमरजेंसी लैंडिंग।

  • रुपए के लेनदेन को लेकर हो रहे विवाद का विरोध करने पर अंडा विक्रेता ने दो युवकों पर किया बांकी से हमला

    रुपए के लेनदेन को लेकर हो रहे विवाद का विरोध करने पर अंडा विक्रेता ने दो युवकों पर किया बांकी से हमला

    “दोनो युवकों का मेडिकल कालेज में चल रहा इलाज”

    “पुलिस ने पिता की तहरीर पर तीन नामजद और दो, तीन अज्ञात के खिलाफ दर्ज किया हत्या के प्रयास का केस”

    संवाददाता– एस. पी. सिंह
    सहजनवा, ( गोरखपुर ) ।

    सहजनवा थाना क्षेत्र के बाहिलपार में शुक्रवार को रात्रि में 9.30 बजे के करीब एक युवक से अंडा खाने के बाद रुपए के लेनदेन को लेकर हो रहे विवाद का विरोध करने पर अंडा विक्रेता ने अपने परिजन के साथ मिल कर दो युवकों पर बांकी से हमला कर घायल कर दिया। दोनो घायलों का मेडिकल कालेज में इलाज चल रहा है। जहां दोनों की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने पीड़ित के पिता की तहरीर पर तीन नामजद और दो तीन अज्ञात की खिलाफ हत्या के प्रयास का केस दर्ज कर लिया है।

    मिली जानकारी से थाना क्षेत्र के पाली निवासी अभिषेक सिंह जो भट्ठा व्यवसाई है। शुक्रवार को रात्रि में वह अपने गांव के अमन सिंह के साथ बाइक द्वारा सहजनवा से घर के लिए निकले थे। रात्रि में 9.30 बजे के करीब दोनों बाहिलपार शराब भट्ठी के पास पहुंचे थे। जहां एक अंडा विक्रेता से गांव के एक व्यक्ति से अंडा खाने के बाद लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था। जिससे देखकर अभिषेक सिंह और अमन सिंह ने विरोध किया। तो अंडा विक्रेता अपने परिजन के साथ मिलकर जान मारने की नीयत से बांकी से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिए। अभिषेक सिंह के सिर, गला, हाथ तथा अमन सिंह के सीने और हाथ में गंभीर चोट लगी है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनो घायल युवक को गंभीर अवस्था में मेडिकल कालेज भेजा, जहा दोनों का इलाज चल रहा है। पुलिस ने पीड़ित युवक के पिता श्रीप्रकाश सिंह की तहरीर पर उमेश चौहान, रमेश चौहान, गंगेश चौहान पुत्रगण जीतन चौहान तथा दो तीन अज्ञात के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
    इस संदर्भ में थानेदार महेश कुमार चौबे ने कहा कि उमेश चौहान, रमेश चौहान, गंगेश चौहान तथा दो तीन अज्ञात के खिलाफ हत्या के प्रयास का केस दर्ज कर लिया है।

  • देख लो शक्ल, ऐसे होते हैं देश के गद्दार

    देख लो शक्ल, ऐसे होते हैं देश के गद्दार

    पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा गिरफ्तार.

    जानकारी के मुताबिक 2023 में कमीशन के ज़रिए पाकिस्तान वीज़ा लेकर गई थीं, जहाँ पाक हाई कमीशन के कर्मचारी दानिश से नज़दीकी रिश्ते बने. खुफिया सूत्रों के मुताबिक, ज्योति ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंटों से संपर्क बनाए रखे और संवेदनशील जानकारी साझा की.

  • पाकिस्तान के लिए भारत की जासूसी करने वाला युवक गिरफ्तार

    पाकिस्तान के लिए भारत की जासूसी करने वाला युवक गिरफ्तार

    पाकिस्तान में ISI कमान्डर इकबाल काना के लिए भारत की जासूसी करने वाले कैराना के नौमान इलाही के पास से 8 पासपोर्ट मिले है.

    नौमान ने भारत में रहते हुए देश के कई रेलवे स्टेशनों, महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों के बारे में ISI को गोपनीय जानकारियां भेजी.

    4 बार पाकिस्तान जाकर ISI से ट्रेनिंग लेने वाला नौमान फेरी लगाने का काम करता था. हरियाणा के पानीपत में करीब 150 लोग उसके सम्पर्क में थे.

    4 दिन पहले हरियाणा की क्राइम इन्वेस्टीगेशन एजेन्सी ने उसकी गिरफ्तारी की थी.

    मूलरूप से कैराना निवासी इकबाल काना 1995 तक भारत में रहकर गठरी कारोबारी के जरिये ISI के लिए जासूसी किया करता था. उसकी पोल खुली तो वह अपनी गर्लफ्रैंड के साथ पाकिस्तान भाग गया. उसके सम्पर्क में आये कैराना के दर्जनों युवा ISI के जासूस रहे है.

  • तुर्की और पाकिस्तानी बिरादर, आजकल अपनी इश्क मुहब्बत के सबसे ऊपर वाले पायदान पर है

    तुर्की और पाकिस्तानी बिरादर, आजकल अपनी इश्क मुहब्बत के सबसे ऊपर वाले पायदान पर है

    पाकिस्तानी पीएम ने हाल के तुर्की भाषा में ट्वीट कर एर्दोगन- तुर्की सदर को मेरा भाई कह मुखातिब किया और लाख लाख शुक्रिया अदा किया। तुर्की सदर ने भी ट्वीट के उत्तर में आभार प्रगट किया और अंत में लिखा- तुर्की पाकिस्तान दोस्ती जिंदाबाद !

    तुर्किए और पाकिस्तान के इस प्रेम को समझना दरअसल कोई बड़ी पहेली नहीं है। हिन्दुस्थान का जंग में अकेले पड़ना भी कोई नई बात नहीं है। आज आप इतिहास के पन्नो से एक नया आयाम जानिए और इस आयाम से आप समझ पायेंगे कि किस प्रकार वर्तमान इतिहास का ही प्रतिबिंब होता है। युग बदलते है- शताब्दियाँ बीतती है किंतु मूल तत्व एक ही रहता है।

    मध्यकाल में तीन बड़े साम्राज्य थे- तुर्की ( ऑटोमैन) , सफ़निवी ( ईरान) और मुग़ल! इन तीनो साम्राज्य को बारूदी साम्राज्य भी कहा जाता है क्यूंकि इन तीनों ने चीनी ईजाद बारूद को जंग में बखूबी इस्तेमाल करना सीखा। तुर्कियों ने बारूद का इस्तेमाल इतनी कुशलता से किया कि उन्होंने ये तकनीक मुगलों को भी सिखाई।

    जब बाबर ने देहली पर हमला बोला तब बाबर के पास कुछ तुर्की तोपची थे – उस्ताद अली क़ुली ख़ान इनमें सबसे अव्वल था जिसने बाबर की फौज को तोप और बारूद का प्रशिक्षण दिया। इसके अलावा तुर्की ने मुग़लों को एक और जंग की ऐसी तकनीक सिखाई थी जो उस ज़माने में बेजोड़ थी। ये तकनीक थी- वॉर वैगन्स अर्थात् जंग की बग्गियाँ ।

    ये वॉर वैगन्स मजबूत बग्गियाँ होती थी जिनमें लकड़ी की आड़ लेके बन्दूकची गोलियाँ चलाते थे। इस में बंदूक को रीलोड करने का टाइम मिलता था और बग्गी में सवार बन्दूकची को सुरक्षा भी। तुर्कियों ने ये ट्रिक और ये बग्गियाँ क्रूसेड वॉर के समय यूरोपियन्स से सीखी थी और इस तकनीक को उन्होंने मुग़लों को सिखाया जिस से हिन्दुस्थान पर क़ब्ज़ा किया जा सकें।

    वॉर वैगन्स और बारूद का ये कॉम्बो इतना घातक सिद्ध हुआ कि हिंदुस्तानी रियासतें कभी भी इस वारफेयर से उबर नहीं पाई। यही नहीं- जब अंग्रेज़ आए तब भी हमने आधुनिक वारफेयर को अपनाया नहीं था- शायद हमें कोई सिखाने वाला ही नहीं था।

    जो लोग इतिहास को गौर से पढ़ते है, वो ये ज़रूर नोटिस करते होंगे कि अंग्रेजों के आने के टाइम, रियासतों ने अनेक विदेशियों को अपनी सेना का अध्यक्ष बनाया था- फ़्रेंच , डच और पुर्तगाली लोगों को हिंदुस्तानी शासक अक्सर अपना सेनानायक बनाते थे और अपनी फौज की ट्रेनिंग आदि भी करवाते थे। आधुनिक लोकल अस्त्र शस्त्र तब भी बहुत कम बनते थे- हम लोग इस क्षेत्र में तब से पिछड़े हुए है।

    आज युग बदल रहा है- आज भारतीय निर्मित मिसाइल आदि अपना वर्चस्व व्याप्त करने को आतुर है। आज किसी विदेशी की ट्रेनिंग आदि की इतनी जरूरत नहीं है। आज भी हिन्दुस्थान अकेला है- आज भी तुर्की और पाकिस्तान की दोस्ती और जंग का गठबंधन बरकरार है। ये गठबंधन नहीं टूटेगा- ये सदियों से इतिहास का सबक है।

    भारत को इतिहास के इस महत्वपूर्ण सबक को आत्मसात करना होगा- सबक लेना होगा कि युद्ध में शत्रु अकेला ना तब था और ना अब है। वर्तमान ही इतिहास का प्रतिबिंब है।

    (तस्वीरों में वॉर वैगन्स आदि के स्केच है।)

  • बांके बिहारी मंदिर कारीडोर को सुप्रीम कोर्ट की हरी झंडी

    बांके बिहारी मंदिर कारीडोर को सुप्रीम कोर्ट की हरी झंडी

    सुप्रीम कोर्ट ने वृंदावन में कॉरिडोर बनाने के लिए जमीन के अधिग्रहण में बांके बिहारी मंदिर के फंड का इस्तेमाल करने की मंजूरी दे दी है. इस आदेश के बाद उत्तर प्रदेश सरकार कॉरिडोर की जमीन अधिग्रहण के लिए मंदिर कोष से 500 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कर सकेगी. हालांकि, इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक शर्त भी रखी है कि अधिगृहित की हुई जमीन देवता या मंदिर ट्रस्ट के नाम से ही रजिस्टर्ड की जाए. कोर्ट के आदेश का वृंदावन के साधु-संतों ने स्वागत किया है.

  • प्रदेश के 6 जिलों के नौ सिम डीलर्स को सीबीआई ने किया नामजद

    प्रदेश के 6 जिलों के नौ सिम डीलर्स को सीबीआई ने किया नामजद

    लखनऊ: असली ग्राहक की दो बार केवाईसी कर धोखे से दूसरा सिम एक्टिवेट करने का मामला, सीबीआई ने किया था साइबर फ्रॉड के बड़े नेटवर्क का खुलासा।

    फर्जी नाम-पते से जारी सिम कार्ड के जरिये होने वाले साइबर फ्रॉड में लिप्त 39 मोबाइल सिम कार्ड डीलरों (प्वाइंट ऑफ सेल) में से 9 यूपी के हैं।

    यह फर्जीवाड़ा प्रदेश के 6 जिलों में हो रहा था। सीबीआई ने इनके ठिकानों पर बीते दिनों छापा मारा था।

    फर्जीवाड़े में पश्चिम बंगाल, असम, महाराष्ट्र, बिहार, तामिलनाडु और कर्नाटक के तमाम सिम कार्ड डीलर भी शामिल हैं।

    इन फर्जी सिम कार्ड के जरिये डिजिटल अरेस्ट, जासूसी, फर्जी विज्ञापन, निवेश संबंधी फ्रॉड, यूपीआई फ्रॉड आदि साइबर क्राइम अंजाम दिया जा रहा था।

  • जल शक्ति मंत्री ने बाढ़ से बचाव करने के हेतु कार्यों का किया निरीक्षण

    जल शक्ति मंत्री ने बाढ़ से बचाव करने के हेतु कार्यों का किया निरीक्षण

    गोरखपुर। उत्तर प्रदेश सरकार के जलशक्ति व गोरखपुर के प्रभारी मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह ने राप्ती नदी के बायें तट पर स्थित मलौनी तटबंध की सुरक्षा हेतु बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य का स्थलीय निरीक्षण किया।इस मौके पर गोरखपुर ग्रामीण विधायक विपिन सिंह विपिन सिंह भी मौजूद रहे।

    गोरखपुर: उत्तर प्रदेश सरकार के जलशक्ति व गोरखपुर के प्रभारी मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह ने राप्ती नदी के बायें तट पर स्थित मलौनी तटबंध की सुरक्षा हेतु बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य का स्थलीय निरीक्षण किया।इस मौके पर गोरखपुर ग्रामीण विधायक विपिन सिंह विपिन सिंह भी मौजूद रहे।

  • सरकारी कर्मचारियों की मनमानी से दलालों का शिकार बन रहे पासपोर्ट आवेदक

    सरकारी कर्मचारियों की मनमानी से दलालों का शिकार बन रहे पासपोर्ट आवेदक

    “पासपोर्ट सेवा केंद्र गोरखपुर का हाल बेहाल”

    संवाददाता: सूर्य प्रकाश ओझा

    गोरखपुर । पीएसके गोरखपुर यानी पासपोर्ट सेवा केंद्र गोरखपुर, अपने स्थापना काल से ही सबसे व्यस्त पासपोर्ट सेवा केंद्र में शामिल रहा है।

    बस्ती, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, देवरिया, महाराजगंज, कुशीनगर समेत गोरखपुर जिले के लोगों के लिए यह केंद्र किसी वरदान से कम नहीं है। चाहे हज यात्रा या विदेश में रोजगार की तलाश । बिना पासपोर्ट के मुमकिन नही है। खासकर पूर्वांचल के लोगों में विदेश जाने की अधिक उत्सुकता एवं रोजग़ार के चलते गोरखपुर में स्थापित पासपोर्ट कार्यालय का अत्यधिक महत्व है। एक समय ऐसा भी था जब यहां प्रतिदिन लगभग एक हजार लोगों को सेवाएं दी जाती थी। यह संख्या कोरोना काल में घटकर आधी कर दी गई । हालांकि तब यहां पासपोर्ट सेवा से जुड़े कर्मचारियों की ठीक-ठाक संख्या हुआ करती थी जो अब कुछ सीमित हो गई है ।
    इस समय यहां सामान्य आवेदन की संख्या 920, तत्काल आवेदनों की संख्या 80 और पीसीसी के लिए 175 आवेदन संख्या निर्धारित है ।

    वर्तमान में यहां आवेदकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

    बताते चलें कि हर पासपोर्ट सेवा केंद्र में दो तरह के कर्मचारी कार्य करते हैं एक तो वो जो सीधे भारत सरकार के अधीन होते हैं। दूसरे वह कर्मचारी जो एक निजी कंपनी द्वारा अनुबंध पर रखे गए हैं, जिनका व्यवहार आवेदकों के लिए बहुत विनम्र और सहनशील है लेकिन उसके विपरीत यहां तैनात सरकारी कर्मचारियों का व्यवहार बहुत रूखा और सख्त होता है। खासकर बी काउंटर पर लोगों को ज़्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यहां तैनात कर्मचारी नियमों के विपरीत मनमाना काम कर रहे हैं। कभी कभी तो अपनी मर्ज़ी से वो आवेदकों को लौटा देते हैं, बिना ये सोचे कि आवेदक कहाँ से और कितनी दूर से आया है।

    ताज़ा मामला मोहम्मद शाजान का है। उसने पासपोर्ट के लिए आवेदन किया और उसका 07 मई 2025 को 3:00 बजे का अपाइन्मेंट था। निर्धारित समय पर जब आवेदक सभी प्रक्रिया पूर्ण करके बी काउंटर पर पहुंचा तो उसे यह कह कर लौटा दिया गया कि पीवीसी आधार कार्ड लाओ। जबकि उसने डिजिटल हस्ताक्षर वाला अपना आधार प्रस्तुत किया था लेकिन काउंट पर तैनात कर्मचारी ने उसे वापस भेज दिया।
    इस तरह हर रोज़ न जाने कितने आवेदकों को यहां पर तैनात सरकारी कर्मचारी वापस भेज देते हैं भले ही वो कितनी ही दूरी तय करके क्यों न आया हो।

    सूत्रों की माने तो यहां सबसे मज़ेदार बात ये है कि जब आवेदक वापस जाने लगते हैं तो उन्हें पीएसके गेट के बाहर घात लगाए दलालों द्वारा रोका जाता है, ऐसा लगता है कि जैसे दलालों को बता दिया गया हो कि अमुक व्यक्ति जो बाहर निकल रहा है उसका काम नही हुआ है। इसके बाद कुछ लेन देन में मामला फिट करा देने की बात दलालों द्वारा कही जाती है। बहुत से आवेदक अपनी जरूरत या मजबूरी के तहत इन दलालों की मांग स्वीकार कर लेते हैं और फिर वही आवेदक जब दोबारा अंदर जाता है तो उसका काम बहुत आसानी से हो जाता है।
    इस सम्बंध में जब यहां तैनात एपीओ से बात करने का प्रयास किया गया तो उनसे एम्पर्क नही हो सका।

    बहरहाल यहां यह जानना ज़रूरी है कि भारत सरकार के अधीन आने वाले कर्मचारियों की तैनाती यहां रोटेशन के आधार पर 3 से 6 महीने तक ही पासपोर्ट सेवा केंद्र पर होती हैं ।
    क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय लखनऊ के सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार पासपोर्ट सेवा केंद्र (पीएसके) गोरखपुर पर तैनाती के लिए हमेशा कर्मचारियों और अधिकारियों में होड़ रहती है क्योंकि कमाई के लिहाज से गोरखपुर पीएसके को आज भी मलाईदार जगह माना जाता है।

  • डंपर की चपेट में आने से महिला की हुई मौत,ग्रामीणों ने किया हंगामा, दो घंटे तक गोरखपुर-सोनौली राजमार्ग पर लगा रहा जाम

    डंपर की चपेट में आने से महिला की हुई मौत,ग्रामीणों ने किया हंगामा, दो घंटे तक गोरखपुर-सोनौली राजमार्ग पर लगा रहा जाम

    संवाददाता: सूर्य प्रकाश ओझा

    गोरखपुर।कैंपियरगंज थाना क्षेत्र में शुक्रवार की सुबह एक भीषण सड़क हादसा हुआ।सड़क हादसे में एक महिला की जान चली गई।यह हादसा गोरखपुर-सोनौली राजमार्ग पर उस समय हुआ, जब ठाकुरनगर के टोला मोहलीपुरवा की निवासी नीमा देवी सुबह टहलने के बाद घर लौट रही थीं। इसी दौरान, मरचाहे बाबा कुटी के पास निर्माण कार्य में लगे एक डंपर ने उन्हें रौंद दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास के ग्रामीण और परिजन दौड़कर मौके पर पहुंचे और घायल महिला को आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनकटी ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस हादसे की खबर जंगल में आग की तरह फैल गई और देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए।

    *ग्रामीणों ने राजमार्ग पर लगाया जाम*

    वहीं गुस्साए ग्रामीणों ने हादसे के विरोध में मरचाहे बाबा कुटी के पास गोरखपुर-सोनौली राजमार्ग को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने डंपर को घेरकर रोका और उसे क्षतिग्रस्त कर दिया। जाम के चलते दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। करीब दो घंटे तक हाईवे पर आवागमन पूरी तरह बाधित रहा।
    मौके पर पहुंची पुलिस ने खुलवाया जांम।घटना स्थल पर फरेंदा और कैंपियरगंज थाना क्षेत्र की पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों थानों की टीमों ने ग्रामीणों को शांत कर जाम खुलवाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत और समझाने-बुझाने के बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लिया और राजमार्ग पर आवागमन बहाल हुआ।

    *क्या कहती है पुलिस*

    थानाध्यक्ष फरेंदा प्रशांत पाठक ने बताया कि महिला की मौत के मामले में विधिक कार्रवाई की जा रही है। दुर्घटनाग्रस्त डंपर को कब्जे में ले लिया गया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। वहीं इस घटना को लेकर, स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और सड़क पर चल रहे भारी वाहनों की गति पर भी नियंत्रण लगाया जाए।