Category: गोरखपुर

  • श्री बालाजी मंदिर दरबार में श्री परशुराम जन्मोत्सव का भव्य आयोजन

    श्री बालाजी मंदिर दरबार में श्री परशुराम जन्मोत्सव का भव्य आयोजन

    गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-

     सुंदरकांड पाठ और विशाल भंडारे में उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब, देर रात तक चला प्रसाद वितरण

    श्री बालाजी मंदिर, निकट सेल टैक्स ऑफिस, तारामंडल गोरखपुर में आज भगवान श्री परशुराम जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में भव्य धार्मिक आयोजन किया गया। इस अवसर पर सुंदरकांड पाठ एवं विशाल भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें अपार संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की।

    पूरे मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव के साथ सुंदरकांड का श्रवण किया और देर रात्रि तक प्रसाद ग्रहण किया। भगवान श्री परशुराम के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंजता रहा।

    इस महायोजना को सफल बनाने में बालाजी सेवा समिति ट्रस्ट एवं तारामंडल क्षेत्र के नागरिकों का विशेष सहयोग रहा।

    कार्यक्रम में ब्राह्मण समाज की ओर से प्रमुख रूप से उपाध्याय अमितेश्वर कुमार दूबे (बबलू), संयुक्त सचिव कृष्णकांत त्रिपाठी, सभापति पांडे, अनिरुद्ध पांडे, दुर्गा प्रसाद मिश्रा, शक्ति दुबे, तारकेश्वर पांडे, संतोष त्रिपाठी, आशीष तिवारी एवं अमित शुक्ला सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

    अंत में सभी श्रद्धालुओं ने भगवान श्री परशुराम से प्रार्थना की कि उनकी कृपा सभी पर सदैव बनी रहे।

  • गोरखपुर में शिक्षकों का महाआयोजन, 6 से 8 मई तक होगा प्रांतीय महाधिवेशन

    गोरखपुर में शिक्षकों का महाआयोजन, 6 से 8 मई तक होगा प्रांतीय महाधिवेशन

    सूर्य प्रकाश ओझा /गोरखपुर/निष्पक्ष टुडे :/

    उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ठकुराई के तत्वावधान में 6, 7 एवं 8 मई को पूर्वोत्तर रेलवे ऑडिटोरियम, महाप्रबंधक कार्यालय,

    गोरखपुर में भव्य प्रांतीय महाधिवेशन:-

    आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में संघ के प्रधान प्रांतीय संरक्षक जगदीश पांडेय ठकुराई ने प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान यह जानकारी दी।

     

    उन्होंने बताया कि इस तीन दिवसीय महाधिवेशन में प्रदेशभर से लगभग 1500 शिक्षक प्रतिनिधि भाग लेंगे। महाधिवेशन को पांच प्रमुख सत्रों में विभाजित किया गया है, जिनमें शिक्षा व्यवस्था, शिक्षक समस्याओं और भविष्य की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

    पांच सत्रों में होगा आयोजन :-

    महाधिवेशन का पहला सत्र उद्घाटन सत्र होगा, जबकि दूसरा सत्र अध्यक्षीय भाषण के लिए निर्धारित रहेगा। तीसरे सत्र में “शिक्षा की चुनौतियां और शिक्षकों का दायित्व” विषय पर विचार गोष्ठी आयोजित की जाएगी, जिसमें शिक्षाविदों और विशेषज्ञों को आमंत्रित किया गया है।

    चौथे सत्र में विभिन्न जिलों से आए प्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्रों की शिक्षक समस्याओं से संबंधित प्रस्ताव प्रस्तुत करेंगे, जिन पर गहन विचार-विमर्श कर निर्णय लिया जाएगा।

    मांग पत्र और आंदोलन की रणनीति

    अंतिम सत्र में शिक्षक समस्याओं के समाधान हेतु प्रस्ताव पारित कर मांग पत्र तैयार किया जाएगा। साथ ही भविष्य के संघर्ष कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तय की जाएगी।

    संघ की ओर से “गांव-गांव तक शिक्षा बचाओ अभियान” चलाने की भी घोषणा की गई है। इस अभियान में छात्रों, अभिभावकों, युवाओं और आम जनता को जोड़कर व्यापक जन आंदोलन खड़ा करने की योजना है।

    कई पदाधिकारी रहे मौजूद

    प्रेस वार्ता में डॉ. अजय कुमार पाण्डेय, डॉ. शोभित श्रीवास्तव, सत्यपाल सिंह, जगताशरण, देवेंद्र प्रताप सिंह गौतम सहित प्रांतीय, मंडल और जिला स्तर के अनेक पदाधिकारी एवं शिक्षक उपस्थित रहे।

  • गोरखपुर में सुरक्षा को मिली नई ताकत, 9.18 करोड़ की अत्याधुनिक परियोजनाओं का लोकार्पण

    गोरखपुर में सुरक्षा को मिली नई ताकत, 9.18 करोड़ की अत्याधुनिक परियोजनाओं का लोकार्पण

    गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-

    सीएम योगी आदित्यनाथ ने किया उद्घाटन, गोरखनाथ मंदिर क्षेत्र में हाईटेक सुरक्षा व्यवस्था लागू

     

    गोरखपुर। महायोगी गुरु गोरखनाथ की पावन नगरी गोरखपुर में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने गोरखनाथ स्थित सुरक्षा भवन परिसर में 9.18 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित अत्याधुनिक सुरक्षा अवसंरचना का लोकार्पण किया।

    इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) एवं पुलिस उपाधीक्षक (CO) कार्यालय, आधुनिक कंट्रोल रूम, पुलिस स्टोर रूम और मेंटेनेंस वर्कशॉप सहित दो नए हाईटेक भवनों का उद्घाटन किया गया। इन नई सुविधाओं के शुरू होने से गोरखनाथ मंदिर क्षेत्र सहित पूरे शहर की सुरक्षा व्यवस्था को नई गति और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार कानून-व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और इसी दिशा में आधुनिक तकनीक और संसाधनों का लगातार विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गोरखनाथ मंदिर क्षेत्र आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहां हर दिन हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं, इसलिए यहां अत्याधुनिक सुरक्षा व्यवस्था समय की आवश्यकता थी।

    नव निर्मित कंट्रोल रूम में आधुनिक निगरानी प्रणाली, सीसीटीवी नेटवर्क और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र (Quick Response System) की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिससे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी। साथ ही पुलिस स्टोर और मेंटेनेंस वर्कशॉप के माध्यम से उपकरणों के रख-रखाव और उपलब्धता में भी सुधार होगा।

    परियोजना के पूर्ण होने के बाद गोरखनाथ मंदिर क्षेत्र अब हाईटेक सुरक्षा व्यवस्थाओं से लैस हो गया है। हर पल निगरानी, हर दिशा में सुरक्षा और जनता के बीच भरोसे का नया माहौल तैयार हुआ है। यह पहल न केवल गोरखपुर, बल्कि पूरे प्रदेश में सुरक्षा के नए मानक स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

    इस कार्यक्रम में वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी, जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक भी मौजूद रहे।

  • गोरखपुर में जेसीआई इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष का भव्य स्वागत, समाजसेवा के कई प्रोजेक्ट्स लॉन्च

    गोरखपुर में जेसीआई इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष का भव्य स्वागत, समाजसेवा के कई प्रोजेक्ट्स लॉन्च

    गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-

    सस्टेनेबल सिपिंग, महिला सशक्तिकरण और सड़क सुरक्षा पर विशेष फोकस, मैक्स हॉस्पिटल के साथ हुआ अहम टाई-अप

    गोरखपुर शहर के लिए यह दिन गर्व और प्रतिष्ठा का रहा, जब जेसीआई इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरपीपी भरत एन आचार्य का आधिकारिक दौरा सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर जेसीआई गोरखपुर मिडटाउन द्वारा कई सामाजिक एवं प्रेरणादायक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में सदस्यों, गणमान्य अतिथियों और नागरिकों ने भाग लिया।

    कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय अध्यक्ष भरत एन आचार्य तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में जोन अध्यक्ष गौरव सेठ की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस दौरान संगठन के सदस्यों को नेतृत्व, समाज सेवा और संगठनात्मक विकास से जुड़े महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्राप्त हुए।

    इस आयोजन के तहत समाजहित में कई अहम पहल की गईं। सस्टेनेबल सिपिंग प्रोजेक्ट के अंतर्गत पुनः उपयोग योग्य पानी की बोतलों का वितरण किया गया। वहीं सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए रेडियम जैकेट्स वितरित किए गए। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से सिलाई मशीनों का वितरण भी किया गया। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण के लिए ऑर्गेनिक वेस्ट कम्पोस्टर को बढ़ावा दिया गया और नए एलओ एक्सटेंशन के माध्यम से संगठन का विस्तार किया गया।

    नगर निगम, गोरखपुर में आयोजित कार्यक्रम में सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया गया, जबकि शाम को होटल रामाडा बाय विंडम में मुख्य समारोह का आयोजन हुआ, जहां सदस्यों के साथ संवाद और संगठनात्मक गतिविधियों पर चर्चा की गई।

    कार्यक्रम की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में मैक्स हॉस्पिटल, साकेत (नई दिल्ली) और जेसीआई इंडिया के बीच एक अहम टाई-अप स्थापित किया गया। इस अवसर पर मैक्स हॉस्पिटल के प्रतिनिधि विकास स्वरूप ने अस्पताल की आधुनिक सुविधाओं की जानकारी देते हुए औपचारिक समझौता पत्र सौंपा।

    अपने संबोधन में राष्ट्रीय अध्यक्ष ने युवाओं की भूमिका, नेतृत्व विकास और सामुदायिक सहभागिता के महत्व पर जोर देते हुए सभी सदस्यों को समाज सेवा के कार्यों में निरंतर योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

    कार्यक्रम में प्रेसिडेंट सीए सौरभ अग्रवाल सहित कई पदाधिकारी, सदस्य और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, सहयोगियों और मीडिया बंधुओं का आभार व्यक्त किया।

  • A I जागरूकता में गोरखपुर ने रचा इतिहास, गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ नाम

    A I जागरूकता में गोरखपुर ने रचा इतिहास, गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ नाम

    गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे ;-

    गोरखपुर, 15 अप्रैल:आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जागरूकता के क्षेत्र में गोरखपुर ने एक नया इतिहास रच दिया है। ‘AI for All Awareness Program’ के तहत एक सप्ताह में 7,64,187 ऑनलाइन पंजीकरण कर शहर का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हो गया है।

    यह उपलब्धि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में तैयार की गई रूपरेखा के तहत संभव हुई। कार्यक्रम का संचालन महाराणा प्रताप इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमपीआईटी) ने टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) सहित कई शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से किया।

    बुधवार को आयोजित समारोह में गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के प्रतिनिधि ऋषि नाथ ने यह विश्व रिकॉर्ड प्रमाण पत्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन को सौंपा। यह कार्यक्रम एमपीआईटी में पूर्वी उत्तर प्रदेश के पहले सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लोकार्पण अवसर पर आयोजित हुआ।

    एमपीआईटी ने इस अभियान के लिए 5 लाख पंजीकरण का लक्ष्य रखा था, लेकिन निर्धारित समय सीमा 9 अप्रैल तक यह संख्या 7.64 लाख के पार पहुंच गई, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।

    इस पहल में दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय, राज्य आयुष विश्वविद्यालय, एमपी पॉलिटेक्निक, आईटीएम गीडा और बीआईटी गीडा जैसे संस्थानों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

    गिनीज बुक के प्रतिनिधि के अनुसार

    ऑनलाइन पंजीकरण की पूरी प्रक्रिया को कड़े मानकों पर जांचने के बाद ही इस रिकॉर्ड को मान्यता दी गई है।

    यह पूरी तरह निशुल्क कार्यक्रम है, जिसमें प्रतिभागियों को एआई का परिचय, जनरेटिव एआई टूल्स, प्रॉम्प्टिंग, साइबर सुरक्षा, फ्रॉड से बचाव, पासवर्ड और ओटीपी सुरक्षा समेत सुरक्षित डिजिटल प्रैक्टिसेज की विस्तृत जानकारी दी जाएगी।

  • ​खगोलीय चमत्कार: 1.7 लाख साल बाद धरती के करीब आया ‘पूंछ वाला धूमकेतु’, जानें गोरखपुर में कब और कैसे दिखेगा

    ​खगोलीय चमत्कार: 1.7 लाख साल बाद धरती के करीब आया ‘पूंछ वाला धूमकेतु’, जानें गोरखपुर में कब और कैसे दिखेगा

    गोरखपुर | ज्योतिष डेस्क निष्पक्ष टुडे :-

    आगामी 19 अप्रैल 2026 तक भारत समेत पूरी दुनिया के खगोल प्रेमी एक ऐसी घटना के गवाह बनने जा रहे हैं, जो अब से पहले आदिमानवों के काल में हुई थी। अंतरिक्ष में घूम रहा एक दुर्लभ धूमकेतु, जिसे Comet C/2025 R3 (Pan-STARRS) नाम दिया गया है, इन दिनों भोर के आकाश में अपनी चमक बिखेर रहा है।

    ​ दुर्लभ खगोलीय घटना: 1.7 लाख साल का लंबा इंतजार खत्म

    ​वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला, गोरखपुर के प्रसिद्ध खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि यह धूमकेतु एक ‘दीर्घ-अवधि’ का पिंड है। यह लगभग 1,70,000 साल बाद सौरमंडल के आंतरिक हिस्से में लौटा है। सितंबर 2025 में खोजा गया यह धूमकेतु अब पृथ्वी के इतने करीब है कि इसे कुछ विशेष परिस्थितियों में नंगी आंखों से भी देखा जा सकता है।

    ​क्या है धूमकेतु और क्यों दिखती है इसकी लंबी पूंछ?

    ​खगोलविद के अनुसार, धूमकेतु मुख्य रूप से बर्फ, धूल और जमी हुई गैसों के विशाल पिंड होते हैं।

    ​कोमा: जब ये सूर्य के करीब आते हैं, तो गर्मी से बर्फ भाप बन जाती है और एक चमकीला बादल बनाती है।

    ​पूंछ: सूर्य की हवाओं के कारण यह गैस और धूल पीछे की ओर एक लंबी पूंछ की तरह फैल जाती है, जिससे यह आकाश में एक शानदार नजारा पेश करता है। इसे वैज्ञानिक ‘डर्टी स्नो बॉल’ भी कहते हैं।

    ​ 19 अप्रैल को होगा ‘पेरिहेलियन’: सबसे चमकीला और निकटतम रूप

    ​अमर पाल सिंह ने जानकारी दी कि 19 अप्रैल 2026 को यह धूमकेतु अपने ‘उपसौर’ (Perihelion) बिंदु पर होगा। यह वह समय है जब कोई खगोलीय पिंड सूर्य के सबसे निकट होता है। इस दौरान इसकी चमक अपने चरम पर होगी, हालांकि सूर्य की निकटता के कारण इसे देखना चुनौतीपूर्ण भी हो सकता है।

    ​ गोरखपुर में देखने का सही समय और सटीक दिशा

    ​यदि आप इस ‘अंतरिक्ष के मेहमान’ का दीदार करना चाहते हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें:

    ​समय: भोर में सुबह 4:30 से 5:30 बजे के बीच।
    ​दिशा: पूर्व और उत्तर-पूर्व (East-North East) दिशा में क्षितिज के पास।

    ​तारामंडल: 18 अप्रैल तक यह पेगासस तारामंडल में दिखेगा, जबकि 19-20 अप्रैल को यह मीन (Pisces) तारामंडल की ओर बढ़ जाएगा।

    ​बेहतर दृश्यता के लिए विशेषज्ञों के सुझाव

    ​खगोलविद अमर पाल सिंह ने बेहतर अनुभव के लिए कुछ जरूरी टिप्स साझा किए हैं:

    ​स्थान का चुनाव: शहर की चकाचौंध और लाइट पॉल्यूशन से दूर किसी अंधेरी और ऊंची जगह पर जाएं। ग्रामीण इलाके इसके लिए सबसे उपयुक्त हैं।

    ​अमावस्या का संयोग: 17 अप्रैल को अमावस्या होने के कारण चंद्रमा की रोशनी बाधा नहीं बनेगी, जो इसे देखने का सबसे सुनहरा अवसर होगा।

    ​फोटोग्राफी: DSLR या मिररलेस कैमरा रखने वाले लोग ट्राइपॉड की मदद से ISO 800–3200 की सेटिंग पर इसकी अद्भुत तस्वीरें कैद कर सकते हैं।

  • बिजली कनेक्शन के नाम पर अवैध वसूली का आरोप, मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज

    बिजली कनेक्शन के नाम पर अवैध वसूली का आरोप, मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज

    संवाददाता – एस.पी. सिंह

    सहजनवां, (गोरखपुर)।

    हरपुर बुदहट क्षेत्र के सिरुवापार गांव निवासी एक उपभोक्ता ने विद्युत विभाग के कर्मचारी पर बिजली कनेक्शन के नाम पर अवैध वसूली और उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित ने इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर दर्ज कराते हुए कार्रवाई की मांग की है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, सिरुवापार निवासी रजनीश कुमार के नाम से विद्युत कनेक्शन संख्या 3587037000 (लगभग 7.5 किलोवाट) स्थापित है। आरोप है कि गंगटही उपकेंद्र से जुड़े एक कर्मचारी द्वारा उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है और बार-बार धन की मांग की जा रही है।

    पीड़ित का कहना है कि लगभग एक सप्ताह पूर्व उनसे 15 हजार रुपये की मांग की गई थी, जिसमें से उन्होंने 13,500 रुपये विभाग में जमा भी करा दिए। इसके बावजूद कथित रूप से उन पर लगातार अतिरिक्त भुगतान के लिए दबाव बनाया जा रहा है। आरोप है कि कर्मचारी द्वारा कनेक्शन काटने की धमकी भी दी जा रही है।

    रजनीश कुमार ने यह भी बताया कि उनके परिसर में 19 किलोवाट क्षमता का सोलर पैनल लगा हुआ है, इसके बावजूद उन्हें बेवजह परेशान किया जा रहा है।

    पीड़ित ने उच्च अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। यह शिकायत 13 अप्रैल 2026 को मुख्यमंत्री पोर्टल पर दर्ज कराई गई है।

    वहीं, गंगटही उपकेंद्र के जेई रविंद्र चौबे ने बताया कि यदि मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज हुई है, तो नियमानुसार मामले की जांच कर आवश्यक आख्या प्रस्तुत की जाएगी।

  • आयुष चिकित्सा का लाभ लेने को और सुगम होगा आवागमन

    आयुष चिकित्सा का लाभ लेने को और सुगम होगा आवागमन

    “भटहट से राज्य के पहले आयुष विश्वविद्यालय मार्ग पर फोरलेन सड़क का निर्माण लगभग पूरा”

    “करीब 12 किमी लंबे भटहट-बांसस्थान फोरलेन मार्ग पर आई है करीब 690 करोड़ रुपये की लागत”

    संवाददाता : शिशिर श्रीवास्तव।

    गोरखपुर, 13 अप्रैल। रोड इंफ्रास्ट्रक्चर के लिहाज से नए प्रतिमान गढ़ रहे गोरखपुर में एक और फोरलेन सड़क बनकर लगभग तैयार है। भटहट से बांसस्थान तक करीब 12 किमी लंबाई वाले इस फोरलेन सड़क पर ही प्रदेश का पहला राज्य आयुष विश्वविद्यालय स्थापित है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहे आयुष विश्वविद्यालय तक जाने को स्थानीय लोगों और दूरदराज से आने वाले मरीजों के लिए फोरलेन की कनेक्टिविटी योगी सरकार की तरफ से नई सौगात होगी। बड़ी संख्या में आयुष चिकित्सा का लाभ लेने के लोगों का आवागमन और सुगम होगा। इस फोरलेन सड़क से आयुष चिकित्सा को भी नई रफ्तार मिल जाएगी।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल प्रदेश के पहले महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय तक पहुंचने की राह अब बेहद सुगम हो रही है। इसके लिए भटहट से बांसस्थान तक 11.60 किमी की लंबाई में फोरलेन सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग खंड तीन से मिली जानकारी के अनुसार 689.35 करोड़ रुपये की इस फोरलेन सड़क परियोजना पर कार्य 24 मार्च 2023 को शुरू हुआ था। अब तक की भौतिक प्रगति 98 प्रतिशत से अधिक है। सड़क के बीच में डिवाइडर बनाने और डिवाइडर के हिस्से में पौधे लगाने का काम भी तकरीबन पूरा हो गया है। सड़क के दोनों ओर जल निकासी (ड्रेनेज) की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है, जिससे यह मार्ग एक मॉडल रोड के रूप में स्थापित हो सके। सड़क निर्माण के लिए सिर्फ 300 मीटर का काम शेष है। इस माह के अंत तक सभी कार्य पूर्ण हो जाने की उम्मीद है। इसका लोकार्पण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों कराया जाना प्रस्तावित है।

    जिलाधिकारी दीपक मीणा के मुताबिक भटहट-बांसस्थान फोरलेन सड़क परियोजना न केवल रोड कनेक्टिविटी बल्कि आयुष चिकित्सा पद्धति की पहुंच को सुगम करने की महत्वपूर्ण परियोजना है। फोरलेन सड़क से स्थानीय लोगों के साथ ही जनपद बाहर से आने वाले मरीज भी आयुर्वेद और अन्य आयुष चिकित्सा पद्धतियों का लाभ लेने के लिए आसानी से आयुष विश्वविद्यालय पहुंच सकेंगे।

  • चौरी-चौरा में हर घर तक PNG गैस पाइपलाइन की मांग तेज

    चौरी-चौरा में हर घर तक PNG गैस पाइपलाइन की मांग तेज

    गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे ;;

    ओबीसी पार्टी अध्यक्ष काली शंकर यदुवंशी ने पेट्रोलियम मंत्री को भेजा ज्ञापन, स्वच्छ ईंधन और LPG किल्लत दूर करने की उठाई मांग

    गोरखपुर: ऐतिहासिक महत्व रखने वाले चौरी-चौरा क्षेत्र में अब आधुनिक सुविधाओं की मांग तेज हो गई है। ओबीसी पार्टी (वन भारत सिटीजन पार्टी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष काली शंकर यदुवंशी ने भारत सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री को ज्ञापन भेजकर क्षेत्र में पीएनजी (PNG) रसोई गैस पाइपलाइन बिछाने की मांग की है।

    उन्होंने कहा कि चौरी-चौरा भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक गौरवशाली प्रतीक है, लेकिन आज भी यह क्षेत्र ऊर्जा संसाधनों के मामले में पिछड़ा हुआ है। पाइपलाइन के माध्यम से प्राकृतिक गैस की आपूर्ति न होने के कारण स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

    काली शंकर यदुवंशी ने जोर देते हुए कहा कि पीएनजी पाइपलाइन शुरू होने से आम जनता को सस्ता और स्वच्छ ईंधन मिलेगा, जिससे घरों की रसोई धुएं से मुक्त हो सकेगी और जीवन स्तर में सुधार आएगा।

    उन्होंने क्षेत्र में एलपीजी गैस की कमी, कालाबाजारी और लंबी प्रतीक्षा जैसी समस्याओं को भी प्रमुख मुद्दा बताया।

    ज्ञापन में मांग की गई है कि चौरी-चौरा के ऐतिहासिक महत्व को ध्यान में रखते हुए यहां जल्द से जल्द पीएनजी गैस पाइपलाइन बिछाने के निर्देश दिए जाएं और एलपीजी की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

    इस संबंध में ज्ञापन की प्रतिलिपि कैबिनेट सचिव और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय को भी भेजी गई है ताकि जल्द आवश्यक कार्यवाही हो सके।

  • ब्राह्मण समाज के अपमान पर सख्त प्रतिक्रिया: “अपशब्द कतई स्वीकार नहीं”

    ब्राह्मण समाज के अपमान पर सख्त प्रतिक्रिया: “अपशब्द कतई स्वीकार नहीं”

    गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे ;-

    एमएलसी देवेन्द्र प्रताप सिंह का तीखा बयान, समाज के सम्मान और योगदान का किया उल्लेख

    गोरखपुर। उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य देवेन्द्र प्रताप सिंह ने ब्राह्मण समाज के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “ब्राह्मण समाज को गाली देना, अपशब्द कहना यह कतई स्वीकार नहीं है।”

    एमएलसी ने अपने पत्र में कहा कि ब्राह्मण केवल एक जाति नहीं, बल्कि ज्ञान, तप और त्याग की परंपरा का प्रतीक है। उन्होंने इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माण में ब्राह्मणों का योगदान अतुलनीय रहा है।

    उन्होंने ऋषि दधीचि, परशुराम, चाणक्य, आदि शंकराचार्य, स्वामी विवेकानंद, रामदास, छत्रपति शिवाजी महाराज, मंगल पांडेय, चंद्रशेखर आजाद, राम प्रसाद बिस्मिल और बाल गंगाधर तिलक जैसे महापुरुषों का उदाहरण देते हुए कहा कि इन सभी ने देश और समाज के लिए त्याग और बलिदान दिया है।

    देवेन्द्र प्रताप सिंह ने यह भी कहा कि ब्राह्मण जन्म से नहीं, बल्कि अपने कर्म, ज्ञान और साधना से बनता है। जहां ज्ञान, तप और त्याग होता है, वहीं ब्राह्मणत्व होता है।

    अंत में उन्होंने अपील की कि किसी भी समाज के खिलाफ अपमानजनक भाषा का प्रयोग न किया जाए और सभी वर्गों के सम्मान को बनाए रखा जाए।