Category: उत्तर प्रदेश

  • कूड़े के पहाड़ से पिकनिक स्पॉट बना एकला बांध गोरखपुर को मिला नया इको-टूरिज्म हब

    कूड़े के पहाड़ से पिकनिक स्पॉट बना एकला बांध गोरखपुर को मिला नया इको-टूरिज्म हब

    गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे ;-

    3 लाख टन कचरे का निस्तारण, सिटी फॉरेस्ट और ईको पार्क के रूप में हुआ विकास

    कभी कूड़े का ढेर रहा एकला बांध, अब हरियाली और रिवर व्यू के साथ पिकनिक स्पॉट में तब्दील

    कभी कूड़े के पहाड़ के रूप में बदनाम रहा गोरखपुर का एकला बांध अब शहर के प्रमुख पिकनिक स्पॉट के रूप में उभर कर सामने आया है। स्वच्छता अभियान के तहत इस क्षेत्र का कायाकल्प कर इसे एक सुंदर ईको पार्क में बदल दिया गया है।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर नगर निगम ने वर्षों से जमा कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया।

    नगर निगम के अनुसार, यहां लगभग 3 लाख टन लिगेसी वेस्ट को हटाया गया। इसके बाद खाली भूमि पर मियावाकी पद्धति से सिटी फॉरेस्ट विकसित किया गया।

    इस परियोजना पर अब तक करीब 18 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
    अब यह क्षेत्र हरियाली, स्वच्छ हवा और प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाएगा।

    एकला बांध को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है।
    यहां वॉकिंग ट्रैक, योग स्थल, किड्स जोन और रिवर व्यू पॉइंट बनाए गए हैं।

    भविष्य में यहां पैडल बोटिंग की सुविधा भी शुरू की जाएगी, जिससे यह पर्यटन का प्रमुख केंद्र बन सके।

    एक नजर में बदलाव:

    ❌ पहले: कूड़े का पहाड़
    ✅ अब: सिटी फॉरेस्ट + ईको पार्क
    🌳 3 लाख टन कचरा साफ
    🚶 वॉकिंग ट्रैक व ग्रीन जोन
    🌊 राप्ती नदी का शानदार व्यू

    🗨️ “एकला बांध का कायाकल्प ‘स्वच्छ गोरखपुर’ अभियान की बड़ी सफलता है।”
    — महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव

    “वेस्ट टू वेल्थ का बेहतरीन उदाहरण बना एकला बांध, गोरखपुर की नई पहचान”

  • गाजीपुर में बड़ा सड़क हादसा: नेपाल जा रही बस पलटी, कई यात्री घायल

    गाजीपुर में बड़ा सड़क हादसा: नेपाल जा रही बस पलटी, कई यात्री घायल

    गाज़ीपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे ;-

    केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिया संज्ञान, राहत-बचाव कार्य तेज

    “राहत कार्य में तेजी लाकर पीड़ितों की हर संभव मदद सुनिश्चित करें”
    — योगी आदित्यनाथ

    गाजीपुर जनपद के नंदगंज थाना क्षेत्र में वाराणसी-गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर गुरुवार को एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। महाराष्ट्र से नेपाल जा रही यात्रियों से भरी एक बस अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

    हादसे में कई यात्री घायल हो गए, जिन्हें स्थानीय लोगों की मदद से तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंच गया और राहत-बचाव कार्य तेजी से शुरू किया गया।

    इस घटना पर केंद्रीय आयुष एवं स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने जिलाधिकारी गाजीपुर को फोन कर घायलों के समुचित उपचार और हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को देते हुए निरंतर निगरानी बनाए रखने को कहा गया।

    घायलों को हर संभव उपचार और सहायता उपलब्ध कराई जाए”
    — प्रतापराव जाधव

    वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।

    घटना के बाद एडीएम, एसपी सिटी, एसडीएम और मुख्य चिकित्सा अधिकारी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। प्रशासन की ओर से घायलों के उपचार और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।

    सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव लगातार पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं और पल-पल की जानकारी ले रहे हैं।

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  • गोरखपुर प्रेस क्लब का शपथ ग्रहण, सीएम योगी ने पत्रकारिता पर रखे अहम विचार

    गोरखपुर प्रेस क्लब का शपथ ग्रहण, सीएम योगी ने पत्रकारिता पर रखे अहम विचार

    गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे ;-

    मीडिया में समन्वय, सत्य और जन-विश्वास पर जोर

    मीडिया में समन्वय की आवश्यकता

    एक ही खबर को अलग-अलग तरीके से प्रस्तुत करना जन-मानस में भ्रम पैदा   करता है।”
     मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रिंट, डिजिटल,   विजुअल और सोशल मीडिया के बीच   तालमेल बेहद जरूरी है।

     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि  वर्तमान समय में प्रिंट, विजुअल, डिजिटल और सोशल मीडिया के बीच बेहतर समन्वय अत्यंत आवश्यक है। अलग-अलग माध्यमों में एक ही खबर की भिन्न प्रस्तुति से जनता के बीच भ्रम की स्थिति उत्पन्न होती है।

    जन-विश्वास और पत्रकारिता की  जिम्मेदारी

     सही तथ्य ही मजबूत जन-विश्वास का     आधार बनते हैं।”
      खबरों में भिन्नता से मीडिया की     विश्वसनीयता प्रभावित होती है।

    सीएम ने कहा कि पत्रकारिता का मूल उद्देश्य सही तथ्यों को जनता तक पहुंचाना है। यदि खबरों में अंतर होता है, तो इससे जन-विश्वास प्रभावित होता है, जो लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है।

     मूल्यों और आदर्शों पर आधारित          पत्रकारिता

     पत्रकारिता को आत्म-नियमन और आदर्शों के साथ आगे बढ़ना चाहिए।”
      सरकार सकारात्मक और जिम्मेदार   पत्रकारिता के साथ खड़ी है।

    मुख्यमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि पत्रकारिता को आत्म-नियमन के साथ मूल्यों और आदर्शों के आधार पर आगे बढ़ना चाहिए। सरकार ऐसी सकारात्मक पत्रकारिता के साथ खड़ी है।

     आलोचना को सकारात्मक रूप में लें

    लोकतंत्र संवाद से चलता है, आलोचना को व्यक्तिगत रंजिश न मानें।”
     आलोचना को सुधार के अवसर के रूप में लेने की अपील।

    उन्होंने कहा कि लोकतंत्र संवाद से चलता है और आलोचना इसका हिस्सा है। आलोचना को व्यक्तिगत रंजिश नहीं मानना चाहिए, बल्कि उसे सुधार के अवसर के रूप में देखना चाहिए।

        हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष

     “हिंदी पत्रकारिता की शुरुआत 1826 में ‘ उदंत मार्तण्ड’ से हुई थी।”
    यह वर्ष हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे होने के कारण ऐतिहासिक।

    सीएम योगी ने बताया कि यह वर्ष हिंदी पत्रकारिता के लिए ऐतिहासिक है। 30 मई 1826 को ‘उदंत मार्तण्ड’ के प्रकाशन से इसकी शुरुआत हुई थी, जो आज 200 वर्षों की यात्रा पूरी कर रही है।

     पत्रकारों के लिए सरकार की पहल

     “पत्रकारों को सुरक्षित आवास उपलब्ध  कराने पर सरकार काम कर रही है।”
     बेखौफ पत्रकारिता के लिए सुरक्षित   वातावरण पर जोर।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पत्रकारों के लिए आवासीय योजनाओं पर कार्य कर रही है, जिससे वे सुरक्षित माहौल में रहकर बेखौफ पत्रकारिता कर सकें।

          जीरो टॉलरेंस नीति पर जोर

    “अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारी नीति सख्त है।”
     सरकार लगातार कार्रवाई के मूड में।

    उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर सख्ती से काम कर रही है और इसमें किसी प्रकार की ढील नहीं दी जाएगी।

     गोरखपुर की बढ़ती अहमियत

    “तीन करोड़ लोगों की निर्भरता गोरखपुर पर है।”
     शिक्षा, व्यापार और रोजगार का बड़ा केंद्र बन चुका है शहर।

    सीएम ने बताया कि गोरखपुर आज शिक्षा, व्यापार और रोजगार का प्रमुख केंद्र बन चुका है, जिस पर करीब तीन करोड़ लोगों की निर्भरता है।

      शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन

      स्थान: गोरखपुर क्लब, सिविल लाइंस
      मुख्य अतिथि: मुख्यमंत्री योगी                        आदित्यनाथ
      शपथ दिलाई: महापौर डॉ. मंगलेश     श्रीवास्तव
      अध्यक्ष: ओंकार धर द्विवेदी
      अन्य पदाधिकारी: धनेश कुमार, पंकज           श्रीवास्तव सहित कई सदस्य

     गणमान्य लोगों की उपस्थिति

    समारोह में सांसद रवि किशन शुक्ल, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, चारू चौधरी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और पत्रकार मौजूद रहे।

    “पत्रकारिता समाज का आईना है, इसे निष्पक्ष और तथ्यपरक रहना होगा।”

     

  • पत्रकारों के लिए ‘मीठी सौगात’ या ‘कड़वा सच’? बोले सीएम Yogi Adityanath

    पत्रकारों के लिए ‘मीठी सौगात’ या ‘कड़वा सच’? बोले सीएम Yogi Adityanath

    गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे ;-

    मान्यता, आईडी कार्ड और कैशलेस इलाज का वादा… लेकिन सिस्टम पर भी उठे सवाल-

    गोरखपुर क्लब से आई खबर में मिठास भी है और हल्की सी चुभन भी…,

    मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने पत्रकारों के लिए बड़ी बातें कही हैं—मान्यता, आईडी कार्ड और कैशलेस इलाज की सुविधा। सुनने में तो सब कुछ एकदम “शुगर फ्री मिठाई” जैसा लगता है… लेकिन ज़मीन पर इसका स्वाद कैसा होगा, ये देखना बाकी है।

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  • गोरखपुर में जर्नलिस्ट प्रेस क्लब का शपथ ग्रहण समारोह सम्पन्न

    गोरखपुर में जर्नलिस्ट प्रेस क्लब का शपथ ग्रहण समारोह सम्पन्न

    गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे ;-

    हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पर बोले Yogi Adityanath — सत्य और निष्पक्षता से ही मजबूत होगा लोकतंत्र

    गोरखपुर। गोरखपुर जर्नलिस्ट प्रेस क्लब की नव निर्वाचित कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह सोमवार को सिविल लाइंस स्थित गोरखपुर क्लब में भव्य रूप से आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath उपस्थित रहे।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे होने पर सभी पत्रकारों को बधाई देते हुए कहा कि पत्रकारिता ने भारत और भारतीय लोकतंत्र को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1826 में Jugal Kishore Shukla द्वारा कोलकाता से ‘उदंत मार्तंड’ समाचार पत्र की शुरुआत के साथ हिंदी पत्रकारिता का शुभारंभ हुआ था, जो आज एक सशक्त माध्यम के रूप में स्थापित हो चुकी है।

    मुख्यमंत्री ने वर्तमान समय में सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि गलत और भ्रामक खबरों से समाज में भ्रम की स्थिति उत्पन्न होती है। ऐसे में प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है कि वे सत्य और तथ्यपरक समाचार प्रस्तुत करें।

    उन्होंने यह भी कहा कि पत्रकारों के लिए एक सुदृढ़ व्यवस्था और पहचान आवश्यक है, जिससे उन्हें सम्मान और सुरक्षा मिल सके। इसके लिए एक प्रभावी तंत्र विकसित करने की जरूरत है।

    कार्यक्रम के दौरान नव निर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि नई कार्यकारिणी पत्रकारिता के मूल्यों को सुदृढ़ करते हुए समाज और प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगी।

    इस मौके पर अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, मंत्री, कोषाध्यक्ष सहित अन्य पदों पर निर्वाचित सदस्यों को शुभकामनाएं दी गईं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पत्रकार और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

  • गोरखपुर क्लब में 6 अप्रैल को जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब का शपथ ग्रहण समारोह

    गोरखपुर क्लब में 6 अप्रैल को जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब का शपथ ग्रहण समारोह

    गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे ;-

    नई कार्यकारिणी लेगी शपथ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ होंगे मुख्य अतिथि

    गोरखपुर। जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब की नव निर्वाचित कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह 6 अप्रैल, सोमवार को प्रातः 10 बजे गोरखपुर क्लब में आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।

    समारोह में गोरखपुर के महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव नव निर्वाचित पदाधिकारियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। उल्लेखनीय है कि महापौर स्वयं भी प्रेस क्लब के आजीवन सदस्य हैं, जिससे इस आयोजन का महत्व और बढ़ गया है।

    जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब की स्थापना वर्ष 1999 में हुई थी। तब से प्रत्येक वर्ष लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत क्लब के सदस्य मतदान कर नई कार्यकारिणी का गठन करते आ रहे हैं। इस वर्ष भी चुनाव प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद नई टीम शपथ लेने के लिए तैयार है।

    कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर प्रशासन भी सक्रिय है। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने एडीएम सिटी अंजनी कुमार सिंह एवं सिटी मजिस्ट्रेट उत्कर्ष श्रीवास्तव के साथ गोरखपुर क्लब पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रेस क्लब के अध्यक्ष ओंकार धर द्विवेदी एवं मंत्री पंकज श्रीवास्तव से कार्यक्रम की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

    समारोह को सुव्यवस्थित एवं सफल बनाने के लिए सुरक्षा, यातायात और अन्य व्यवस्थाओं के व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। कार्यक्रम को लेकर पत्रकारों और शहरवासियों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।

     स्थान: गोरखपुर क्लब
    तिथि: 6 अप्रैल
    समय: प्रातः 10 बजे

  • तलाक के बाद बेटी की ‘शाही घर वापसी’ — मेरठ में रिटायर्ड जज पिता ने ढोल-नगाड़ों से किया स्वागत

    तलाक के बाद बेटी की ‘शाही घर वापसी’ — मेरठ में रिटायर्ड जज पिता ने ढोल-नगाड़ों से किया स्वागत

    नेशनल  डेस्क निष्पक्ष टुडे -बेटिया स्पेशल /मेरठ –

    मेरठ से एक ऐसी कहानी सामने आई है, जो सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि रिश्तों की सच्ची परिभाषा बनकर उभरी है।

    जहां अक्सर तलाक के बाद बेटियों को ताने और अकेलापन झेलना पड़ता है, वहीं यहां एक पिता ने अपनी बेटी को टूटने नहीं दिया… बल्कि उसे फिर से मुस्कुराने की वजह दी।
    रिटायर्ड जज पिता ने अपनी बेटी की घर वापसी को किसी बोझ की तरह नहीं, बल्कि एक त्योहार की तरह मनाया।

    ढोल-नगाड़ों की गूंज, नाचते-गाते परिवारजन, और मिठाइयों की मिठास— हर पल में सिर्फ एक ही संदेश था… “तुम अकेली नहीं हो।”


    बेटी की खुशी को सबसे ऊपर रखा, पिता बोले— “ना एलीमनी ली, ना सामान… बस अपनी बेटी को वापस लाया हूं”

    मेरठ से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो समाज की सोच को नई दिशा देती नजर आ रही है।

    जहां आमतौर पर तलाक को लेकर परिवारों में तनाव और मायूसी देखी जाती है, वहीं यहां एक पिता ने अपनी बेटी की घर वापसी को उत्सव में बदल दिया।

    रिटायर्ड जज पिता ने अपनी बेटी का ढोल-नगाड़ों के साथ भव्य स्वागत किया। परिवार के सदस्य ढोल की थाप पर नाचते-गाते नजर आए और मिठाइयाँ बांटकर खुशी का इज़हार किया।

    बेटी के स्वागत में फूल-मालाओं से उसका अभिनंदन किया गया, और पूरे घर में एक उत्सव जैसा माहौल बना दिया गया।

    इस खास मौके पर परिवार के सभी लोग एक जैसी टी-शर्ट पहने हुए थे, जिस पर बेटी की तस्वीर के साथ “I Love My Daughter” लिखा हुआ था।हर चेहरे पर बेटी की घर वापसी की खुशी साफ झलक रही थी।

    इस पूरे घटनाक्रम पर पिता का भावुक बयान भी सामने आया है।
    उन्होंने कहा—

    अगर मेरी बेटी अपनी शादी में दुखी थी, तो उसे खुशी देना मेरा दायित्व था। मैंने कोई एलीमनी, मेंटेनेंस या सामान नहीं लिया… सिर्फ अपनी बेटी को वापस लाया हूं।”

     

     

    मेरठ की यह तस्वीर अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है और लोग इस पिता के फैसले और सोच की जमकर सराहना कर रहे हैं।

  • रविवार को ऐतिहासिक घंटाघर के सौंदर्यीकरण कार्य का सीएम योगी करेंगे लोकार्पण

    रविवार को ऐतिहासिक घंटाघर के सौंदर्यीकरण कार्य का सीएम योगी करेंगे लोकार्पण

    “विरासत के सम्मान संग शुरू होगा विकास का नया सोपान”

    “शहीद बंधु सिंह पार्क में बने मल्टीलेवल पार्किंग कॉम्प्लेक्स का लोकार्पण करने के साथ नए कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स की रखेंगे आधारशिला”

    गोरखपुर, 4 अप्रैल। रविवार (5 अप्रैल) को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर महानगर में विरासत के सम्मान संग विकास के नए सोपान का शुभारंभ करेंगे। वह ऐतिहासिक स्मृतियों को सहेजे घंटाघर के सौंदर्यीकरण कार्य का लोकार्पण करने के साथ विकास की एक परियोजना का लोकार्पण और एक का शिलान्यास करेंगे। इनमें से एक परियोजना घंटाघर में अमर बलिदानी बंधु सिंह के नाम पर बने मल्टीलेवल पार्किंग एवं कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स के लोकार्पण और दूसरी पांडेयहाता विरासत गलियारा में कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स के शिलान्यास की है।

    महानगर के घंटाघर के साथ स्वतंत्रता आंदोलन की यादें जुड़ी हैं। आज जिस स्थान पर घंटाघर है, वहां देश के प्रथम स्वातंत्र्य समर के दौरान एक विशाल पाकड़ का वृक्ष हुआ करता था। इसी वृक्ष पर आजादी की पहली लड़ाई में कई स्वतंत्रता सेनानियों को फांसी दी गई थी। 19 दिसंबर 1927 को काकोरी ट्रेन एक्शन के महानायक पंडित रामप्रसाद बिस्मिल को जब गोरखपुर कारागार में फांसी दी गई थी तब उनकी शवयात्रा घंटाघर में आकर रुकी थी। तब बिस्मिल जी की माता ने यहां एक प्रेरक उद्बोधन दिया था। तभी से यह स्थान पंडित बिस्मिल को समर्पित हो गया।

    मीनार की तरह ऊंची इमारत के रूप में घंटाघर के निर्माण का वर्ष 1930 में रायगंज के सेठ राम खेलावन और सेठ ठाकुर प्रसाद ने कराया था। इमारत पर घंटे वाली एक घड़ी लगाई गई जिसकी वजह से यह घंटाघर के नाम से प्रसिद्ध हो गई। आज यह स्वतंत्रता संग्राम और अमर बलिदानियों के जीवंत प्रतीक के रूप में महानगर की गौरवशाली विरासत है। इमारत के निचले हिस्से पर पंडित रामप्रसाद बिस्मिल के बलिदान की याद दिलाती चित्रकारी उकेरी गई है। इस विरासत के संरक्षण के लिए सीएम योगी की प्रेरणा से नगर निगम ने एक करोड़ रुपये व्यय कर सौंदर्यीकरण कराया है ताकि आने वाली पीढियां भी इस गौरवगाथा से परिचित हो सकें। सौंदर्यीकरण कार्य का लोकार्पण रविवार शाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे।

    विरासत के संरक्षण के प्रकल्प से लोगों को जोड़ने साथ सीएम योगी जीवन सुगमता और कारोबार सुगमता से संबंधित दो विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे। घंटाघर में अमर बलिदानी बंधु सिंह पार्क में 27.26 करोड़ रुपये की लागत से महानगर की दूसरी मल्टीलेवल पार्किंग बनाई गई है। इसे बंधु सिंह के ही नाम पर एक कॉम्प्लेक्स बिल्डिंग के रूप में विकसित किया गया है जिसमें 43 दुकानों का भी निर्माण हुआ है। इस कॉम्प्लेक्स में 50 कारों और 200 दोपहिया वाहनों की पार्किंग हो सकेगी। इस कॉम्प्लेक्स में भी विरासत को सहेजने के लिए स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों से जुड़े प्रसंग को दीवारों पर पेंटिंग के जरिये जीवंत किया गया है। इसके अलावा बंधु सिंह पार्क में पहले से अवस्थित रहे प्राचीन शीतला माता मंदिर को कॉम्प्लेक्स के भूतल पर व्यवस्थित किया गया है। मुख्यमंत्री रविवार शाम इस मल्टीलेवल पार्किंग सह कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स का लोकार्पण करेंगे।

    रविवार शाम को ही सीएम योगी विरासत गलियारा पांडेयहाता में 34.43 करोड़ रुपये की लागत वाले एक नए कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स की आधारशिला भी रखेंगे। विरासत गलियारा सड़क चौड़ीकरण परियोजना में प्रभावित दुकानदारों के कारोबारी समायोजन के लिए इस कॉम्प्लेक्स को बनाने के निर्देश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नगर निगम को दिए थे। इस कॉम्प्लेक्स के प्रथम भाग में 65 दुकानें बनेंगी जबकि बेसमेंट में 28 कारों की पार्किंग हो सकेंगी। जबकि द्वितीय भाग में बेसमेंट का निर्माण होगा जहां 54 कारों तथा 68 दोपहिया वाहनों की पार्किंग हो सकेगी।

    नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल का कहना है कि इस कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स के निर्माण के बाद विरासत गलियारा के प्रभावित दुकानदारों को यहां व्यवस्थित किया जाएगा। साथ ही पार्किंग की सुविधा से इस कारोबारी क्षेत्र में आवागमन में काफी सहूलियत हो जाएगी।

  • दक्षिणांचल में हत्याओं की बौछार, खुलासे में फेल पुलिस!

    दक्षिणांचल में हत्याओं की बौछार, खुलासे में फेल पुलिस!

    वेद प्रकाश यादव /गोला बाजार/निष्पक्ष टुडे

    18 दिन बाद भी ऋषभ हत्याकांड बना रहस्य, गगहा पुलिस पर उठे गंभीर सवाल — जनता की नजर अब कप्तान पर

    गोरखपुर जिले के दक्षिणांचल क्षेत्र में लगातार हो रही हत्या की घटनाओं ने कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। एक के बाद एक सामने आ रहे हत्या के मामलों से क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल गहराता जा रहा है।

    पुलिस प्रशासन भले ही अपराध पर “जीरो टॉलरेंस” का दावा कर रहा हो, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट नजर आ रही है। हत्या जैसे संगीन मामलों में भी पुलिस अब तक किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच पाई है।

    सबसे ज्यादा सवाल गगहा थाना क्षेत्र की पुलिसिंग पर उठ रहे हैं। ऋषभ हत्याकांड को 18 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस खाली हाथ है, जिससे यह मामला अब भी रहस्य बना हुआ है। इसी बीच एक और महिला की हत्या ने पुलिस की कार्यशैली पर और भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

    स्थानीय लोगों और सूत्रों का आरोप है कि पुलिस अपराध के खुलासे से ज्यादा मामलों को दबाने और लंबा खींचने में लगी हुई है। यही वजह है कि पीड़ित परिवारों को न्याय मिलने की उम्मीद कमजोर पड़ती जा रही है।

    लोगों का कहना है कि अगर इसी तरह अपराध होते रहे और पुलिस उन्हें सुलझाने में नाकाम रही, तो आम जनता का भरोसा पूरी तरह से सिस्टम से उठ जाएगा।

    अब पूरे दक्षिणांचल की निगाहें जिले के कप्तान साहब पर टिकी हैं। लोगों को उम्मीद है कि वे सख्त कदम उठाकर न सिर्फ हत्याओं का खुलासा करेंगे, बल्कि क्षेत्र में कानून का राज भी स्थापित करेंगे।

     पुलिस का पक्ष:

    वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर से दूरभाष पर संपर्क करने पर पीआरओ द्वारा जानकारी दी गई कि कप्तान साहब वर्तमान में वीसी में व्यस्त हैं।

    उन्होंने आश्वासन दिया है कि ऋषभ हत्याकांड का खुलासा पुलिस जल्द करेगी।

  • अस्पताल में युवक की मौत पर बवाल, डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही का आरोप

    अस्पताल में युवक की मौत पर बवाल, डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही का आरोप

     गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे ;-

    ऑपरेशन के बाद बिगड़ी हालत, अस्पताल ने दी सफाई– ‘प्रोटोकॉल के अनुसार हुआ इलाज’

    गोरखपुर के आनंदलोक हॉस्पिटल में एक युवक की मौत के बाद हंगामा मच गया। परिजनों ने डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया, वहीं अस्पताल प्रशासन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए पूरे मामले में अपनी सफाई दी है।

     क्या है पूरा मामला?

    जानकारी के अनुसार, सुरेश मद्धेशिया के पुत्र अभिषेक मद्धेशिया को पित्त की थैली (गॉलब्लैडर) में समस्या के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मंगलवार रात करीब 8:30 बजे उसका ऑपरेशन किया गया।

    परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान अत्यधिक ब्लीडिंग हुई, जिससे उसकी हालत बिगड़ती गई और बुधवार सुबह करीब 5:30 बजे उसकी मौत हो गई।

    परिवार का कहना है कि:

    ऑपरेशन के दौरान लापरवाही बरती गई
    सही समय पर स्थिति की जानकारी नहीं दी गई
    हालत बिगड़ने पर डॉक्टर मौके से गायब हो गए
    मौत के बाद अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा हुआ।

     अस्पताल की सफाई–

    अस्पताल प्रबंधन की ओर से जारी बयान में कहा गया:-

     “यह हमारे लिए अत्यंत दुःखद घटना है। मरीज को पित्त की थैली की पथरी के साथ CBD स्टोन की जटिल समस्या थी, जो सामान्य लैप्रोस्कोपिक सर्जरी से अधिक जटिल मानी जाती है।”

     “भर्ती के समय मरीज और परिजनों को बीमारी की गंभीरता, संभावित जोखिम और सर्जरी से जुड़ी जटिलताओं की पूरी जानकारी देकर लिखित सहमति ली गई थी।”

     “स्थापित चिकित्सा प्रोटोकॉल के अनुसार ऑपरेशन और पोस्ट-ऑपरेटिव मॉनिटरिंग की गई, लेकिन ऑपरेशन के लगभग 6 घंटे बाद अचानक मरीज को सीने में दर्द हुआ और हालत गंभीर हो गई।”

    ICU में तत्काल सभी जीवनरक्षक प्रयास किए गए, लेकिन दुर्भाग्यवश मरीज को बचाया नहीं जा सका।”

    “डॉक्टर और अस्पताल स्टाफ की तरफ से किसी प्रकार की लापरवाही नहीं हुई।”

    आनन्दलोक हॉस्पिटल, गोरखनाथ, गोरखपुर

    टूट गया सपना :-

    मृतक अभिषेक पढ़ाई में होनहार था और हाल ही में सब-इंस्पेक्टर (दरोगा) की परीक्षा दी थी। परिवार को उसके चयन की उम्मीद थी, लेकिन इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल  दिया ।

    पुलिस जांच जारी;-

    घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। परिजनों ने मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा