Category: उत्तर प्रदेश

  • गोरखपुर में जेसीआई इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष का भव्य स्वागत, समाजसेवा के कई प्रोजेक्ट्स लॉन्च

    गोरखपुर में जेसीआई इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष का भव्य स्वागत, समाजसेवा के कई प्रोजेक्ट्स लॉन्च

    गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-

    सस्टेनेबल सिपिंग, महिला सशक्तिकरण और सड़क सुरक्षा पर विशेष फोकस, मैक्स हॉस्पिटल के साथ हुआ अहम टाई-अप

    गोरखपुर शहर के लिए यह दिन गर्व और प्रतिष्ठा का रहा, जब जेसीआई इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरपीपी भरत एन आचार्य का आधिकारिक दौरा सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर जेसीआई गोरखपुर मिडटाउन द्वारा कई सामाजिक एवं प्रेरणादायक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में सदस्यों, गणमान्य अतिथियों और नागरिकों ने भाग लिया।

    कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय अध्यक्ष भरत एन आचार्य तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में जोन अध्यक्ष गौरव सेठ की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस दौरान संगठन के सदस्यों को नेतृत्व, समाज सेवा और संगठनात्मक विकास से जुड़े महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्राप्त हुए।

    इस आयोजन के तहत समाजहित में कई अहम पहल की गईं। सस्टेनेबल सिपिंग प्रोजेक्ट के अंतर्गत पुनः उपयोग योग्य पानी की बोतलों का वितरण किया गया। वहीं सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए रेडियम जैकेट्स वितरित किए गए। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से सिलाई मशीनों का वितरण भी किया गया। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण के लिए ऑर्गेनिक वेस्ट कम्पोस्टर को बढ़ावा दिया गया और नए एलओ एक्सटेंशन के माध्यम से संगठन का विस्तार किया गया।

    नगर निगम, गोरखपुर में आयोजित कार्यक्रम में सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया गया, जबकि शाम को होटल रामाडा बाय विंडम में मुख्य समारोह का आयोजन हुआ, जहां सदस्यों के साथ संवाद और संगठनात्मक गतिविधियों पर चर्चा की गई।

    कार्यक्रम की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में मैक्स हॉस्पिटल, साकेत (नई दिल्ली) और जेसीआई इंडिया के बीच एक अहम टाई-अप स्थापित किया गया। इस अवसर पर मैक्स हॉस्पिटल के प्रतिनिधि विकास स्वरूप ने अस्पताल की आधुनिक सुविधाओं की जानकारी देते हुए औपचारिक समझौता पत्र सौंपा।

    अपने संबोधन में राष्ट्रीय अध्यक्ष ने युवाओं की भूमिका, नेतृत्व विकास और सामुदायिक सहभागिता के महत्व पर जोर देते हुए सभी सदस्यों को समाज सेवा के कार्यों में निरंतर योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

    कार्यक्रम में प्रेसिडेंट सीए सौरभ अग्रवाल सहित कई पदाधिकारी, सदस्य और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, सहयोगियों और मीडिया बंधुओं का आभार व्यक्त किया।

  • लखनऊ में भीषण आग का कहर – झुग्गी-झोपड़ी जलकर खाक, कई सिलेंडर फटे

    लखनऊ में भीषण आग का कहर – झुग्गी-झोपड़ी जलकर खाक, कई सिलेंडर फटे

    लखनऊ ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-

    टेढ़ी पुलिया के पास मची अफरा-तफरी, दमकल की कई गाड़ियां मौके पर… मुख्यमंत्री ने दिए राहत कार्य तेज करने के निर्देश

        राजधानी लखनऊ से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां विकास नगर थाना क्षेत्र के टेढ़ी पुलिया के पास बनी झुग्गी-झोपड़ियों में भीषण आग लग गई है।

       आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक अब तक 15 से 20 गैस सिलेंडर फट चुके हैं, जिससे आग और तेजी से फैल गई।

       सूचना मिलते ही विकास नगर पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंच गई है। दमकल की कई गाड़ियां लगातार आग बुझाने में जुटी हुई हैं, लेकिन आग की तीव्रता के कारण काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।

     

      आग के कारण आसपास के लोग अपने घरों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों की ओर भाग रहे हैं। प्रशासन द्वारा इलाके को खाली कराया जा रहा है ताकि किसी तरह की जनहानि न हो।

    सरकारी कार्रवाई :-

    इस घटना का संज्ञान लेते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचने और राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
    मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि प्रभावित लोगों को हर संभव मदद पहुंचाई जाए और स्थिति पर लगातार नजर रखी जाए।

    फिलहाल आग पर काबू पाने की कोशिश जारी है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है। अभी तक किसी के हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

  • A I जागरूकता में गोरखपुर ने रचा इतिहास, गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ नाम

    A I जागरूकता में गोरखपुर ने रचा इतिहास, गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ नाम

    गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे ;-

    गोरखपुर, 15 अप्रैल:आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जागरूकता के क्षेत्र में गोरखपुर ने एक नया इतिहास रच दिया है। ‘AI for All Awareness Program’ के तहत एक सप्ताह में 7,64,187 ऑनलाइन पंजीकरण कर शहर का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हो गया है।

    यह उपलब्धि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में तैयार की गई रूपरेखा के तहत संभव हुई। कार्यक्रम का संचालन महाराणा प्रताप इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमपीआईटी) ने टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) सहित कई शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से किया।

    बुधवार को आयोजित समारोह में गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के प्रतिनिधि ऋषि नाथ ने यह विश्व रिकॉर्ड प्रमाण पत्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन को सौंपा। यह कार्यक्रम एमपीआईटी में पूर्वी उत्तर प्रदेश के पहले सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लोकार्पण अवसर पर आयोजित हुआ।

    एमपीआईटी ने इस अभियान के लिए 5 लाख पंजीकरण का लक्ष्य रखा था, लेकिन निर्धारित समय सीमा 9 अप्रैल तक यह संख्या 7.64 लाख के पार पहुंच गई, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।

    इस पहल में दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय, राज्य आयुष विश्वविद्यालय, एमपी पॉलिटेक्निक, आईटीएम गीडा और बीआईटी गीडा जैसे संस्थानों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

    गिनीज बुक के प्रतिनिधि के अनुसार

    ऑनलाइन पंजीकरण की पूरी प्रक्रिया को कड़े मानकों पर जांचने के बाद ही इस रिकॉर्ड को मान्यता दी गई है।

    यह पूरी तरह निशुल्क कार्यक्रम है, जिसमें प्रतिभागियों को एआई का परिचय, जनरेटिव एआई टूल्स, प्रॉम्प्टिंग, साइबर सुरक्षा, फ्रॉड से बचाव, पासवर्ड और ओटीपी सुरक्षा समेत सुरक्षित डिजिटल प्रैक्टिसेज की विस्तृत जानकारी दी जाएगी।

  • ​खगोलीय चमत्कार: 1.7 लाख साल बाद धरती के करीब आया ‘पूंछ वाला धूमकेतु’, जानें गोरखपुर में कब और कैसे दिखेगा

    ​खगोलीय चमत्कार: 1.7 लाख साल बाद धरती के करीब आया ‘पूंछ वाला धूमकेतु’, जानें गोरखपुर में कब और कैसे दिखेगा

    गोरखपुर | ज्योतिष डेस्क निष्पक्ष टुडे :-

    आगामी 19 अप्रैल 2026 तक भारत समेत पूरी दुनिया के खगोल प्रेमी एक ऐसी घटना के गवाह बनने जा रहे हैं, जो अब से पहले आदिमानवों के काल में हुई थी। अंतरिक्ष में घूम रहा एक दुर्लभ धूमकेतु, जिसे Comet C/2025 R3 (Pan-STARRS) नाम दिया गया है, इन दिनों भोर के आकाश में अपनी चमक बिखेर रहा है।

    ​ दुर्लभ खगोलीय घटना: 1.7 लाख साल का लंबा इंतजार खत्म

    ​वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला, गोरखपुर के प्रसिद्ध खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि यह धूमकेतु एक ‘दीर्घ-अवधि’ का पिंड है। यह लगभग 1,70,000 साल बाद सौरमंडल के आंतरिक हिस्से में लौटा है। सितंबर 2025 में खोजा गया यह धूमकेतु अब पृथ्वी के इतने करीब है कि इसे कुछ विशेष परिस्थितियों में नंगी आंखों से भी देखा जा सकता है।

    क्या है धूमकेतु और क्यों दिखती है इसकी लंबी पूंछ?

    ​खगोलविद के अनुसार, धूमकेतु मुख्य रूप से बर्फ, धूल और जमी हुई गैसों के विशाल पिंड होते हैं।

    ​कोमा: जब ये सूर्य के करीब आते हैं, तो गर्मी से बर्फ भाप बन जाती है और एक चमकीला बादल बनाती है।

    ​पूंछ: सूर्य की हवाओं के कारण यह गैस और धूल पीछे की ओर एक लंबी पूंछ की तरह फैल जाती है, जिससे यह आकाश में एक शानदार नजारा पेश करता है। इसे वैज्ञानिक ‘डर्टी स्नो बॉल’ भी कहते हैं।

    ​ 19 अप्रैल को होगा ‘पेरिहेलियन’: सबसे चमकीला और निकटतम रूप

    ​अमर पाल सिंह ने जानकारी दी कि 19 अप्रैल 2026 को यह धूमकेतु अपने ‘उपसौर’ (Perihelion) बिंदु पर होगा। यह वह समय है जब कोई खगोलीय पिंड सूर्य के सबसे निकट होता है। इस दौरान इसकी चमक अपने चरम पर होगी, हालांकि सूर्य की निकटता के कारण इसे देखना चुनौतीपूर्ण भी हो सकता है।

    ​ गोरखपुर में देखने का सही समय और सटीक दिशा

    ​यदि आप इस ‘अंतरिक्ष के मेहमान’ का दीदार करना चाहते हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें:

    ​समय: भोर में सुबह 4:30 से 5:30 बजे के बीच।
    ​दिशा: पूर्व और उत्तर-पूर्व (East-North East) दिशा में क्षितिज के पास।

    ​तारामंडल: 18 अप्रैल तक यह पेगासस तारामंडल में दिखेगा, जबकि 19-20 अप्रैल को यह मीन (Pisces) तारामंडल की ओर बढ़ जाएगा।

    ​बेहतर दृश्यता के लिए विशेषज्ञों के सुझाव

    ​खगोलविद अमर पाल सिंह ने बेहतर अनुभव के लिए कुछ जरूरी टिप्स साझा किए हैं:

    ​स्थान का चुनाव: शहर की चकाचौंध और लाइट पॉल्यूशन से दूर किसी अंधेरी और ऊंची जगह पर जाएं। ग्रामीण इलाके इसके लिए सबसे उपयुक्त हैं।

    ​अमावस्या का संयोग: 17 अप्रैल को अमावस्या होने के कारण चंद्रमा की रोशनी बाधा नहीं बनेगी, जो इसे देखने का सबसे सुनहरा अवसर होगा।

    ​फोटोग्राफी: DSLR या मिररलेस कैमरा रखने वाले लोग ट्राइपॉड की मदद से ISO 800–3200 की सेटिंग पर इसकी अद्भुत तस्वीरें कैद कर सकते हैं।

  • बिजली कनेक्शन के नाम पर अवैध वसूली का आरोप, मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज

    बिजली कनेक्शन के नाम पर अवैध वसूली का आरोप, मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज

    संवाददाता – एस.पी. सिंह

    सहजनवां, (गोरखपुर)।

    हरपुर बुदहट क्षेत्र के सिरुवापार गांव निवासी एक उपभोक्ता ने विद्युत विभाग के कर्मचारी पर बिजली कनेक्शन के नाम पर अवैध वसूली और उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित ने इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर दर्ज कराते हुए कार्रवाई की मांग की है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, सिरुवापार निवासी रजनीश कुमार के नाम से विद्युत कनेक्शन संख्या 3587037000 (लगभग 7.5 किलोवाट) स्थापित है। आरोप है कि गंगटही उपकेंद्र से जुड़े एक कर्मचारी द्वारा उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है और बार-बार धन की मांग की जा रही है।

    पीड़ित का कहना है कि लगभग एक सप्ताह पूर्व उनसे 15 हजार रुपये की मांग की गई थी, जिसमें से उन्होंने 13,500 रुपये विभाग में जमा भी करा दिए। इसके बावजूद कथित रूप से उन पर लगातार अतिरिक्त भुगतान के लिए दबाव बनाया जा रहा है। आरोप है कि कर्मचारी द्वारा कनेक्शन काटने की धमकी भी दी जा रही है।

    रजनीश कुमार ने यह भी बताया कि उनके परिसर में 19 किलोवाट क्षमता का सोलर पैनल लगा हुआ है, इसके बावजूद उन्हें बेवजह परेशान किया जा रहा है।

    पीड़ित ने उच्च अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। यह शिकायत 13 अप्रैल 2026 को मुख्यमंत्री पोर्टल पर दर्ज कराई गई है।

    वहीं, गंगटही उपकेंद्र के जेई रविंद्र चौबे ने बताया कि यदि मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज हुई है, तो नियमानुसार मामले की जांच कर आवश्यक आख्या प्रस्तुत की जाएगी।

  • आयुष चिकित्सा का लाभ लेने को और सुगम होगा आवागमन

    आयुष चिकित्सा का लाभ लेने को और सुगम होगा आवागमन

    “भटहट से राज्य के पहले आयुष विश्वविद्यालय मार्ग पर फोरलेन सड़क का निर्माण लगभग पूरा”

    “करीब 12 किमी लंबे भटहट-बांसस्थान फोरलेन मार्ग पर आई है करीब 690 करोड़ रुपये की लागत”

    संवाददाता : शिशिर श्रीवास्तव।

    गोरखपुर, 13 अप्रैल। रोड इंफ्रास्ट्रक्चर के लिहाज से नए प्रतिमान गढ़ रहे गोरखपुर में एक और फोरलेन सड़क बनकर लगभग तैयार है। भटहट से बांसस्थान तक करीब 12 किमी लंबाई वाले इस फोरलेन सड़क पर ही प्रदेश का पहला राज्य आयुष विश्वविद्यालय स्थापित है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहे आयुष विश्वविद्यालय तक जाने को स्थानीय लोगों और दूरदराज से आने वाले मरीजों के लिए फोरलेन की कनेक्टिविटी योगी सरकार की तरफ से नई सौगात होगी। बड़ी संख्या में आयुष चिकित्सा का लाभ लेने के लोगों का आवागमन और सुगम होगा। इस फोरलेन सड़क से आयुष चिकित्सा को भी नई रफ्तार मिल जाएगी।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल प्रदेश के पहले महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय तक पहुंचने की राह अब बेहद सुगम हो रही है। इसके लिए भटहट से बांसस्थान तक 11.60 किमी की लंबाई में फोरलेन सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग खंड तीन से मिली जानकारी के अनुसार 689.35 करोड़ रुपये की इस फोरलेन सड़क परियोजना पर कार्य 24 मार्च 2023 को शुरू हुआ था। अब तक की भौतिक प्रगति 98 प्रतिशत से अधिक है। सड़क के बीच में डिवाइडर बनाने और डिवाइडर के हिस्से में पौधे लगाने का काम भी तकरीबन पूरा हो गया है। सड़क के दोनों ओर जल निकासी (ड्रेनेज) की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है, जिससे यह मार्ग एक मॉडल रोड के रूप में स्थापित हो सके। सड़क निर्माण के लिए सिर्फ 300 मीटर का काम शेष है। इस माह के अंत तक सभी कार्य पूर्ण हो जाने की उम्मीद है। इसका लोकार्पण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों कराया जाना प्रस्तावित है।

    जिलाधिकारी दीपक मीणा के मुताबिक भटहट-बांसस्थान फोरलेन सड़क परियोजना न केवल रोड कनेक्टिविटी बल्कि आयुष चिकित्सा पद्धति की पहुंच को सुगम करने की महत्वपूर्ण परियोजना है। फोरलेन सड़क से स्थानीय लोगों के साथ ही जनपद बाहर से आने वाले मरीज भी आयुर्वेद और अन्य आयुष चिकित्सा पद्धतियों का लाभ लेने के लिए आसानी से आयुष विश्वविद्यालय पहुंच सकेंगे।

  • चौरी-चौरा में हर घर तक PNG गैस पाइपलाइन की मांग तेज

    चौरी-चौरा में हर घर तक PNG गैस पाइपलाइन की मांग तेज

    गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे ;;

    ओबीसी पार्टी अध्यक्ष काली शंकर यदुवंशी ने पेट्रोलियम मंत्री को भेजा ज्ञापन, स्वच्छ ईंधन और LPG किल्लत दूर करने की उठाई मांग

    गोरखपुर: ऐतिहासिक महत्व रखने वाले चौरी-चौरा क्षेत्र में अब आधुनिक सुविधाओं की मांग तेज हो गई है। ओबीसी पार्टी (वन भारत सिटीजन पार्टी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष काली शंकर यदुवंशी ने भारत सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री को ज्ञापन भेजकर क्षेत्र में पीएनजी (PNG) रसोई गैस पाइपलाइन बिछाने की मांग की है।

    उन्होंने कहा कि चौरी-चौरा भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक गौरवशाली प्रतीक है, लेकिन आज भी यह क्षेत्र ऊर्जा संसाधनों के मामले में पिछड़ा हुआ है। पाइपलाइन के माध्यम से प्राकृतिक गैस की आपूर्ति न होने के कारण स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

    काली शंकर यदुवंशी ने जोर देते हुए कहा कि पीएनजी पाइपलाइन शुरू होने से आम जनता को सस्ता और स्वच्छ ईंधन मिलेगा, जिससे घरों की रसोई धुएं से मुक्त हो सकेगी और जीवन स्तर में सुधार आएगा।

    उन्होंने क्षेत्र में एलपीजी गैस की कमी, कालाबाजारी और लंबी प्रतीक्षा जैसी समस्याओं को भी प्रमुख मुद्दा बताया।

    ज्ञापन में मांग की गई है कि चौरी-चौरा के ऐतिहासिक महत्व को ध्यान में रखते हुए यहां जल्द से जल्द पीएनजी गैस पाइपलाइन बिछाने के निर्देश दिए जाएं और एलपीजी की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

    इस संबंध में ज्ञापन की प्रतिलिपि कैबिनेट सचिव और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय को भी भेजी गई है ताकि जल्द आवश्यक कार्यवाही हो सके।

  • ब्राह्मण समाज के अपमान पर सख्त प्रतिक्रिया: “अपशब्द कतई स्वीकार नहीं”

    ब्राह्मण समाज के अपमान पर सख्त प्रतिक्रिया: “अपशब्द कतई स्वीकार नहीं”

    गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे ;-

    एमएलसी देवेन्द्र प्रताप सिंह का तीखा बयान, समाज के सम्मान और योगदान का किया उल्लेख

    गोरखपुर। उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य देवेन्द्र प्रताप सिंह ने ब्राह्मण समाज के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “ब्राह्मण समाज को गाली देना, अपशब्द कहना यह कतई स्वीकार नहीं है।”

    एमएलसी ने अपने पत्र में कहा कि ब्राह्मण केवल एक जाति नहीं, बल्कि ज्ञान, तप और त्याग की परंपरा का प्रतीक है। उन्होंने इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माण में ब्राह्मणों का योगदान अतुलनीय रहा है।

    उन्होंने ऋषि दधीचि, परशुराम, चाणक्य, आदि शंकराचार्य, स्वामी विवेकानंद, रामदास, छत्रपति शिवाजी महाराज, मंगल पांडेय, चंद्रशेखर आजाद, राम प्रसाद बिस्मिल और बाल गंगाधर तिलक जैसे महापुरुषों का उदाहरण देते हुए कहा कि इन सभी ने देश और समाज के लिए त्याग और बलिदान दिया है।

    देवेन्द्र प्रताप सिंह ने यह भी कहा कि ब्राह्मण जन्म से नहीं, बल्कि अपने कर्म, ज्ञान और साधना से बनता है। जहां ज्ञान, तप और त्याग होता है, वहीं ब्राह्मणत्व होता है।

    अंत में उन्होंने अपील की कि किसी भी समाज के खिलाफ अपमानजनक भाषा का प्रयोग न किया जाए और सभी वर्गों के सम्मान को बनाए रखा जाए।

  • समृद्ध समाज के निर्माण में सशक्त महिला की अहम भूमिका: मोहम्मद इस्लाम हासमी

    समृद्ध समाज के निर्माण में सशक्त महिला की अहम भूमिका: मोहम्मद इस्लाम हासमी

    गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-

    गोरखपुर में आयोजित संगोष्ठी में महिलाओं की शिक्षा, अधिकार और सामाजिक भागीदारी पर दिया गया ज़ोर

    समाज के सर्वांगीण विकास में महिलाओं की भागीदारी को अनिवार्य बताते हुए मुतवल्ली मोहम्मद इस्लाम हासमी ने कहा कि किसी भी समृद्ध और प्रगतिशील समाज की नींव सशक्त महिलाओं पर टिकी होती है। सैयद सालार जंग गाजी मियां से जुड़े एक कार्यक्रम में आयोजित संगोष्ठी को संबोधित करते हुए उन्होंने विशेष रूप से मुस्लिम समाज में महिलाओं की स्थिति और उनकी भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला।

     

     महिलाओं की वर्तमान स्थिति पर चिंता

    अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आज भी भारत-पाक उपमहाद्वीप में अधिकांश महिलाओं को बुनियादी अधिकारों से वंचित रखा जाता है। उन्हें परिवार के महत्वपूर्ण निर्णयों में शामिल नहीं किया जाता, जबकि पुरुषों को अधिक स्वतंत्रता दी जाती है। इससे महिलाओं के आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

     शिक्षा और आत्मनिर्भरता पर जोर

    हासमी ने कहा कि यदि महिलाओं को बचपन से ही परिवार के निर्णयों में शामिल किया जाए और उन्हें शिक्षा के समान अवसर दिए जाएं, तो वे भविष्य में सशक्त नागरिक बन सकती हैं। उन्होंने कहा कि एक शिक्षित और आत्मनिर्भर महिला समाज के हर क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव ला सकती है।

     इस्लाम में महिला सशक्तिकरण के उदाहरण :-

    उन्होंने इस्लामिक इतिहास का उल्लेख करते हुए बताया कि महिलाओं को इस्लाम में विशेष अधिकार दिए गए हैं। हज़रत आयशा और हज़रत खदीजा जैसी महान हस्तियों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि महिलाएं धार्मिक, सामाजिक और आर्थिक क्षेत्रों में अग्रणी रही हैं।

     आधुनिक युग में बढ़ती भागीदारी :-

    आज के दौर में शिक्षा और तकनीक के विस्तार ने महिलाओं के लिए नए अवसर खोले हैं। उन्होंने कहा कि मुस्लिम महिलाएं अब शिक्षा, प्रशासन, चिकित्सा, खेल और व्यापार जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दे रही हैं।

     प्रेरणादायक महिलाओं के उदाहरण :-

    उन्होंने भारत की कई सफल मुस्लिम महिलाओं का उदाहरण देते हुए बताया कि:
    फातिमा बीबी देश की पहली महिला सुप्रीम कोर्ट जज बनीं
    सानिया मिर्जा ने खेल जगत में अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई
    डॉ. नजमा अख्तर ने शिक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया
    इन उदाहरणों से यह स्पष्ट होता है कि यदि अवसर मिले तो महिलाएं हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकती हैं।

     निष्कर्ष-:

    कार्यक्रम के अंत में उन्होंने कहा कि एक लड़की की शिक्षा ही एक सभ्य और विकसित समाज की नींव है। जब तक महिलाओं को समान अवसर और सम्मान नहीं मिलेगा, तब तक समाज का समुचित विकास संभव नहीं है।

  • मथुरा में दर्दनाक हादसा: यमुना में श्रद्धालुओं से भरी नाव पलटी, 10 की मौत

    मथुरा में दर्दनाक हादसा: यमुना में श्रद्धालुओं से भरी नाव पलटी, 10 की मौत

    नेशनल डेस्क निष्पक्ष टुडे ;-

    पीपा पुल से टकराई नाव, पंजाब से वृंदावन आए थे श्रद्धालु — CM योगी ने दिए राहत व मुआवजे के निर्देश

    मथुरा/उत्तर प्रदेश:
    उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले से एक बड़ी दुखद खबर सामने आई है, जहां यमुना नदी में श्रद्धालुओं से भरी एक नाव पलटने से भीषण हादसा हो गया। इस दुर्घटना में अब तक 10 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 22 श्रद्धालुओं को सुरक्षित बचा लिया गया है।

    बताया जा रहा है कि सभी श्रद्धालु पंजाब से वृंदावन दर्शन के लिए आए थे। हादसा उस वक्त हुआ जब नाव यमुना नदी में बने पीपा पुल से टकरा गई, जिससे संतुलन बिगड़ने पर नाव पलट गई।
    घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंच गए और तेजी से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। गोताखोरों की मदद से लापता लोगों की तलाश जारी है।


    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को तत्काल राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की भी घोषणा की गई है।

    प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि नदी में नाव यात्रा के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन करें, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।