Category: उत्तर प्रदेश

  • परिवार परामर्श केन्द्र जनपद गोरखपुर

    परिवार परामर्श केन्द्र जनपद गोरखपुर

    परिवार परामर्श केन्द्र जनपद गोरखपुर दिनाक 22.09.2024 महिला थाना गोरखपुर स्थित परिवार परामर्श केंद्र के सदस्यों द्वारा टूटने के कगार पर पहुंच चुके परिवार में पति-पत्नी के रिश्ते को आपसी सूझ-बूझ और उचित काउंसलिंग के माध्यम से पटरी पर लाया गया
    वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जनपद गोरखपुर के निर्देशानुसार परिवार परामर्श केन्द्र जनपद गोरखपुर की टीम द्वारा खुश्बू व द्वितीय पक्ष अंगद कुमार के प्रकरण में लागातार सतत् काउंसलिंग कर पति-पत्नी के बीच मनमुटाव को समाप्त करवाया गया, पति व पत्नी व उनके परिवारवालों को समझा बुझाकर फिर से एक किया गया । ज्ञातव्य हो कि पति-पत्नी व उनके परिवारवाले हसीं खुशी एवं बिना दबाव के एक दूसरे के साथ रहने को राजी हो गये हैं । पति-पत्नी आज के बाद अपनी सारी जिम्मेदारी एक साथ मिलकर निभाएंगे ।
    उक्त प्रकरण में काउंसलर श्री अमन सिंह, डॉ विकास मणि त्रिपाठी, अवनीश चौधरी परिवार परामर्श केंद्र प्रभारी म0उ0नि0 राजकुमारी शुक्ला, मु० आरक्षी रेनु उपाध्याय, आरक्षी शिखा श्री , अनीता यादव की भूमिका सराहनीय रही। परिवार परामर्श केंद्र गोरखपुर इनके उज्जवल भविष्य की कामना करते है ।

  • बलिया से बेहद शर्मनाक खबर

    बलिया से बेहद शर्मनाक खबर

    बलिया से बेहद शर्मनाक खबर
    उत्तर प्रदेश के बलिया में 7 साल की बच्ची से 7/8 साल के नबालिको ने किया रेप
    दोनों नाबालिक बच्चों को पुलिस ने कस्टडी में ले लिया है
    बलियाः जिले में 7 साल की नाबालिग बच्ची से 7 और 8 साल के दो लड़कों ने मिलकर रेप किया। पुलिस दोनों आरोपियों को बाल सुधार गृह भेज रही है। पीड़ित बच्ची की हालत गंभीर है। जिला महिला चिकित्सालय ने पीड़ित बच्ची को बीएचयू बनारस रेफर किया है। डॉक्टरों के मुताबिक बच्ची की स्थिति ठीक नहीं है, इसलिए उसे बीएचयू वाराणसी रेफर किया गया है। पुलिस के मुताबिक इस मामले की जांच कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।

  • आज आयोजित होगा रोटरी नेशन बिल्डर अवार्ड समारोह

    आज आयोजित होगा रोटरी नेशन बिल्डर अवार्ड समारोह

    आज आयोजित होगा रोटरी नेशन बिल्डर अवार्ड समारोह
    रोटरी क्लब गोरखपुर द्वारा आज गंगोत्री देवी महिला महाविद्यालय, अलहदादपुर निकट मुंशी प्रेमचंद पार्क के सभागार मे दोपहर 3 बजे से 5 बजे
    रोटरी नेशन बिल्डर अवार्ड समारोह* का आयोजन सुनिश्चित है।समारोह मे समाज के उत्थान में उत्कृष्ट योगदान देने वाले जनपद के विभिन्न ब्लाक के 30 प्राथमिक शिक्षकों , 19 अभियंताओं के साथ छः उत्कृष्ट व्यक्तित्व का सम्मान होगा ।
    समारोह में मुख्य अतिथि महापौर डॉक्टर मंगलेश श्रीवास्तव,
    विशिष्ट अतिथि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रमेंद्र कुमार सिंह होंगे।
    इस दौरान
    समारोह मे छः उत्कृष्ट व्यक्तित्व डॉ शिव शरण दास (पूर्व अध्यक्ष छात्र कल्याण अधिष्ठाता परिषद, डीडीयू गोरखपुर विश्वविद्यालय ), डॉ कुशल नाथ मिश्र (उप निदेशक महायोगी गुरु श्री गोरखनाथ शोधपीठ ), डॉ एनके सिंह (निदेशक आईटीएम गीडा ), डॉ भूपेंद्र सिंह ( विभागाध्यक्ष बाल रोग बीआरडी मेडिकल कॉलेज ), प्रोफेसर डॉ नंदिता सिंह ( अधिष्ठाता कला संकाय, डीडीयू गोरखपुर विश्वविद्यालय ), क्लब के 19 अभियंता जी डी श्रीवास्तव, एम एस दास, आशुतोष मिश्र, वीके श्रीवास्तव, एचआर जायसवाल
    प्रवीर आर्या,प्रखर रंजन,श्रेयांश पाण्डेय अनुपम अग्रवाल,आशुतोष शर्मा,अनुभव वर्मा,अजय जायसवाल, मोहम्मद युसूफ,मनीष जैन,मान्धाता सिंह,राजेश श्रीवास्तव,एके सिंह, एसएस चौरसिया, एम पी कंन्डोई तथा शिक्षक वर्ग मे पूर्व प्राचार्य डॉ रंजना सिन्हा व डॉ दिनेश सिंह सारथी, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ आभा गुप्ता, सुनीता तिवारी, प्रकाश सिंह चौधरी समेत जनपद के विभिन्न ब्लॉकों से आए शिक्षकों को सम्मानित किया जायेगा ।

  • गोरखपुर-मेडिकल कॉलेज में गार्डों की दबंगई का वीडियो वायरल

    गोरखपुर-मेडिकल कॉलेज में गार्डों की दबंगई का वीडियो वायरल

    गोरखपुर-मेडिकल कॉलेज में गार्डों की दबंगई का वीडियो वायरल
    रोगी की मृत्यु के बाद परिजनों का आरोप
    परिजनों ने लगाया डॉक्टर की लापरवाही का आरोप
    लापरवाही से नाराज परिजन हंगामा करने लगे
    ट्रॉमा सेंटर के बाहर शव को रख बैठ गए
    बहस के बाद गार्डों द्वारा डंडो से पीटने का वीडियो वायरल

  • लुंबिनी में छह हजार लोगों ने एक साथ की विश्व शांति प्रार्थना

    लुंबिनी में छह हजार लोगों ने एक साथ की विश्व शांति प्रार्थना

    लुंबिनी में छह हजार लोगों ने एक साथ की विश्व शांति प्रार्थना
    – प्रार्थना में भारत-नेपाल समेत कई देश के लोग हुए शामिल
    – लोगों द्वारा की गई ध्यान व साधना
    संवाददाता, सोनौली : विश्व शांति दिवस पर भगवान बुद्ध की जन्मस्थली लुंबिनी में शनिवार को अंतराष्ट्रीय मेगा शून्य स्ट्रीट कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान छह हजार लोगों ने ध्यान व साधना कर विश्व शांति व समृद्धि की कामना की। कार्यक्रम में भारतीय नागरिक भी शामिल हुए। इसके पहले बोध गया में शून्य स्ट्रीट आयोजित हुआ था।
    लुंबिनी के इंटरनेशनल बुद्धिस्ट कांफ्रेंस एंड मेडिटेशन हॉल में एसआईएफ ने शून्य स्ट्रीट में आयोजित कार्यक्रम में भगवान बुद्ध के उपदेशों और संदेशों के माध्यम से विश्व स्तर पर शांति एवं समृद्धि को बढ़ावा देने व भारत व नेपाल की साझा संस्कृति को जोड़ते हुए बुद्ध के संदेशों और उपदेश को बताया गया। प्रार्थना हुई। ध्यान व साधना के बेसिक क्रियाओं की जानकारी हुए कार्यक्रम प्रवर्तकों ने कहा कि लोग भले ही किसी जाति धर्म हों, सबको ध्यान लगाना चाहिए। ध्यान से खुशी मिलनी चाहिए। अगर ध्यान से खुशी नही मिलती है तो वह ध्यान नहीं है।
    संस्था में उपदेशक ध्यानाचार्य नागजीवा ने अपने ने कहा कि हम भगवान बुद्ध को शिक्षक और गुरु की तरह मानते हैं। हमें बुद्ध के संदेशों का ध्यान करना चाहिए। जिसमें हमे खुशी की अनुभूति मिलती है। कार्यक्रम के दौरान शुन्याभ्यास और भगवान बुद्ध के उपदेशों और संदेशों को प्रसारित करते हुए संस्था के अध्यक्ष एवं मार्गदर्शक आयुर्वेद चिकित्सा व फिजियोथेरेपिस्ट डॉक्टर राजेश सवेरा ने कहा कि शुन्यता के ध्यान से हम अपने भीतर शांति और खुशी का अनुभव होता है। विश्व मे शांति एवं समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए हमें बुद्ध के संदेशों और उपदेशों को अपनाते हुए शुन्यता का ध्यान करना चाहिए। कार्यक्रम का विश्व के 40 देश में इसका सजीव प्रसारण भी किया गया। इस मौके पर संस्था के दिव्य प्रकाश, विजय कुमार, मणिराम खड़गा, देवी राज श्रेष्ठ, लेखनाथ, सावित्री सुनवर, भानु भक्त धमला, प्रमिला धमला, सूर्य परियार, रमन झा, मोहम्मद रफीक सहित नेपाल के सभी सात प्रांत व भारत के विभिन्न हिस्से से लोग शमिल रहे।

  • विश्व बंधुत्व दिवस समारोह का आयोजन

    विश्व बंधुत्व दिवस समारोह का आयोजन

    विश्व बंधुत्व दिवस समारोह का आयोज
    गणित एवं सांख्यिकी विभाग में हुआ विश्व बंधुत्व दिवस का आयोजन आज दिनांक 19 सितंबर को गणित एवं सांख्यिकी विभाग तथा विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी के संयुक्त तत्वाधान में विश्व बंधुत्व दिवस का आयोजन किया गया। आयोजन की मुख्य अतिथि विवेकानंद केंद्र की प्रांत प्रशिक्षण प्रमुख प्रोफेसर विनोद सोलंकी एवं कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन ने की। कार्यक्रम का प्रारंभ में उसके उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कार्यक्रम संचालक प्रोफेसर सुधीर कुमार श्रीवास्तव नेबताया कि सितंबर 1893 में स्वामी विवेकानंद जी के शिकागो में दिए गए वक्तव्यों पर आधारित एक पुस्तक जिसमें स्वामी जी के द्वारा धर्म संसद में दिए गए छह दिवसों के उद्बोधन का संग्रह था, “शिकागो व्याख्यान प्रतियोगिता” का आयोजन विवेकानंद केंद्र के सहयोग से किया गया था।प्रतियोगिता में गोरखपुर एवं कुशीनगर के 20 महाविद्यालयों, इंटर कॉलेज के 1007 विद्यार्थियों ने भाग लिया। गोरखपुर क्षेत्र के महाविद्यालयों के आई पी एम गीडा ,महात्मा गांधी पीजी कॉलेज, दिग्विजय नाथ पीजी कॉलेज एवं दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के उत्कृष्ट अंक प्राप्त 56 विद्यार्थियों को मुख्य अतिथि प्रोफेसर विनोद सोलंकी के द्वारा पुरस्कृत किया गया। प्रथम तीन स्थान प्राप्त छात्राओं ने स्वामी जी द्वारा शिकागो के विभिन्न दिवसों पर दिए गए वक्तव्यों को संक्षेप में प्रस्तुत किया।
    धर्म संसद के प्रथम एवं पांचवें दिवस के वक्तव्य का उल्लेख करते हुए एमएससी तृतीय सेमेस्टर की छात्रा विजयl पांडे ने बताया कि जब प्रथम दिवस पर स्वामी विवेकानंद ने अपने अभिवादन में अमेरिका के बहनों और भाइयों का संबोधन किया तो आट इंस्टीट्यूट आफ शिकागो में पूरे 2 मिनट तक तालियां बजती रही। उन्होंने कहा कि मैं दुनिया की सबसे पुरानी संत परंपरा और सभी धर्मो की जननी की तरफ से आप सभी को धन्यवाद देता हूं कि आपने मुझे विश्व के प्राचीनतम हिंदू धर्म के प्रतिनिधि के रूप में भाग लेने का मौका दिया। स्वामी जी ने इस धर्म सभा की तुलना सम्राट अशोक की धर्म सभाओं तथा अकबर बादशाह के धर्म सम्मेलनों से करके परिषद की ऐतिहासिक महत्व को प्रकट किया। उन्होंने कहा कि मुझे गर्व है कि मैं उसे धर्म से हूं जिसने दुनिया को सहनशीलता और सार्वभौमिक स्वीकृति का पाठ पढ़ाया। सबसे महत्वपूर्ण नवम दिवस के भाषण के संबंध में बोलते हुए कुमारी ऐश्वर्या पाल ने बताया की इसमें स्वामी जी ने समाधि ,धर्म विज्ञान, हिंदू धर्म व विज्ञान के सामंजस्य ,मूर्ति पूजा, हिंदू धर्म की उदारता तथा सार्वभौमिक धर्म पर अपने विचार रखें। हिंदू धर्म तथा विज्ञान के सामंजस्य को स्पष्ट करते हुए स्वामी विवेकानंद जी कहते हैं कि हिंदू धर्म के सिद्धांत जो इतने दिनों से हिंदू अपने अंतःकरण में धारण किए हुए हैं वही सिद्धांत आज बड़ी प्रबल भाषा में विज्ञान के अत्याधुनिक प्रयोगों द्वारा अधिक स्पष्ट रूप से सिद्ध करके दिखाया जा रहा है। नवम दिवस के वक्तव्य को आगे बढ़ते हुए कुमारी नीतिका मिश्रा ने बताया कि स्वामी जी ने हिंदू धर्म की शक्तियों को उजागर करते हुए कहा कि दुनिया में मात्र तीन धर्म ही पौराणिक काल से हमारे बीच में चले आ रहे हैं हिंदू पारसी एवं यह होती लेकिन यहूदी धर्म और पारसी धर्म होने अपने से उत्पन्न अन्य धर्म को अपने अंदर समाहित नहीं कर सका इसके कारण उन्हें मानने वालों की संख्या सीमित होती चली गई अपने हिंदू धर्म की कहानी बताते हुए उन्होंने कहा कि भारत में भी एक के बाद एक न जाने कितने ही संप्रदायों का उदय हुआ और उन्होंने वैदिक धर्म को जड़ से हिला कर रख दिया परंतु अंत में हिंदू धर्म ने माता के समान सभी धर्म को अपने अंदर समाहित कर लिया हिंदू धर्म में तो वेदंतु मूर्ति पूजा पौराणिक ग उपनिषदों बौद्ध के अज्ञातवाद तथा जनों के निरिश्वाद का भी स्थान निश्चित है। उन्होंने बताया कि हिंदुओं ने अपना धर्म अपौरुषेय वेदों से प्राप्त किया वेदों का अर्थ है विभिन्न कालों में विभिन्न ऋषि मुनियों द्वारा खोजे गए आध्यात्मिक तत्वों का खजाना है स्वामी जी बताते हैं कि वेद अनाड़ी व अनंत है। अपने अपने उद्बोधन में उन्होंने आत्मा एवं पूर्व स्मरण के बारे में भी विस्तृत चर्चा की। दसवीं दिवस एवं अंतिम दिवस की चर्चा करते हुए एमएससी तृतीय सेमेस्टर की छात्रा सानिया जरताब ने बताया कि स्वामी जी ने कहां की हमारे हिंदू धर्म में एक अधिक न्याय पूर्ण समृद्ध और समावेशी दुनिया बनाने की क्षमता है उन्होंने छुआछूत और उपेक्षा का कड़ा विरोध किया उन्होंने जातिवाद की आलोचना करते हुए कहा कि धर्म जाति भेद नहीं है जाती तो एक सामाजिक बंधन मंत्र है स्वामी विवेकानंद जी के अनुसार धर्म मनुष्य को राष्ट्रीयता से बनता है अधिवेशन के अंतिम दिवस 27 सितंबर को अपने समापन भाषण में विवेकानंद जी ने फिर से सद्भाव और स्वीकृति पर जोड़ दिया वे केवल सार्वभौमिक सहनशीलता में विश्वास नहीं रखते थे बल्कि वे दुनिया के सभी धर्म को सत्य के रूप में स्वीकार करते थे उन्होंने धर्मांतरण का विरोध करते हुए कहा कि सभी लोगों को अपने-अपने धर्म का पालन करना चाहिए और अपने धर्म में बने रहते हुए दूसरे धर्म की अच्छाइयों को भी आत्मसात करना चाहिए उनका मानना था कि धार्मिक एकता किसी एक धर्म की विजय और बाकी धर्म के विनाश से सिद्ध नहीं होती यह व्यक्तित्व को सुरक्षित रखने के लिए होती है उन्होंने अमेरिका के प्रति एक ऐसे कार्यक्रम की मेजबानी करने का आभार व्यक्त किया जिसने विभिन्न धर्मो के बीच की बाधा को तोड़ने का प्रयास किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर बोलते हुए प्रोफेसर विनोद सोलंकी ने बालक नरेंद्र नाथ से विवेकानंद तक की यात्रा का पूर्ण विवरण छात्र-छात्राओं को बताया उन्होंने बताया की विवेकानंद इस शताब्दी के प्रारंभ से ही हमारे युवाओं के आकर्षण का केंद्र रहे और उनके विचारों और अभिव्यक्तियों पर चलकर हम अपने राष्ट्र को उच्च स्तर पर पहुंचा सकते हैं। अपने अपने अध्यक्ष की उद्बोधन में माननीय कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन ने बताया की विश्व बंधुत्व की परिकल्पना हमारे भारतवर्ष की प्राचीन परंपरा है। महोपनिषद के के चौथे अध्याय के 77वे श्लोक को उदृत करते हुए उन्होंने बताया की वसुधैव कुटुंबकम की परिकल्पना हमें वहां से ही प्राप्त हुई। एमएससी तृतीय सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं द्वारा अपने आने वाले अनुजों के लिए भारतीय ज्ञान परंपरा मे गणित विषय से संबंधित 37000 मूल्य की पुस्तक विभागीय लाइब्रेरी को समर्पित की गई । जिसकी प्रशंसा करते हुए माननीय कुलपति ने कहा कि यह हमारे छात्रों के बीच एक उच्च परंपरा को स्थापित करेगी कि वह अपने आने वाले छात्राओं को उच्च भारती परंपरा की ओर ले जाने के लिए अपना सहयोग किस प्रकार करें। विवेकानंद केंद्र के नगर संचालक श्री अवधेश कुमार सिंह ने आभार प्रकट किया एवं श्री पवित्र नारायण शुक्ला ने शांति मंत्र के साथ कार्यक्रम का समापन किया। कार्यक्रम में प्रोफेसर हिमांशु पांडे ए प्रोफेसर रजनीकांत पांडे विवाह का अध्यक्ष गणित प्रोफेसर विजय कुमार एवं गणित एवं सांख्यिकी विभाग के समस्त शिक्षकों ने प्रतिभा किया।
    विवेकानंद रॉक मेमोरियल एवं विवेकानंद केंद्र तथा दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के बीच हुआ MOU
    इस अवसर पर विवेकानंद केंद्र तथा गोरखपुर विश्वविद्यालय के बीच एक एमओयू हुआ जिसमें विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के व्यक्तित्व विकास एवं आध्यात्मिक विकास के लिए केंद्र द्वारा सहयोग करने तथा मूल्य आधारित पाठ्यक्रमों को चलाने के लिए प्रशिक्षित अधिकारियों से सहयोग का प्रावधान रखा गया। एम ओ यू में योग से संबंधित कार्यशालाओं आयोजन, योग से संबंधित सर्टिफिकेट कोर्सेज एवं योगा टीचर्स को प्रशिक्षित करने का प्रावधान है। परिसर में स्थित विवेकानंद वाटिका को संरक्षित एवं सौन्दर्यवर्धक करने का संकल्प MOU में है। विश्वविद्यालय की ओर से कुल सचिव प्रोफेसर शांतनु रस्तोगी एवं डॉक्टर कुशलनाथ मिश्रा निदेशक, महायोगी गुरु श्री गोरक्षनाथ शोधपीठ ने तथा विवेकानंद केंद्र की ओर से महासचिव श्री भानु दास एवं प्रांत संगठन उत्तर प्रदेश श्री अतुल गाभने हस्ताक्षर किए।

  • विश्वविद्यालय एवं समस्त सम्बद्ध महाविद्यायलयों को सूचित किया जाता है

    विश्वविद्यालय एवं समस्त सम्बद्ध महाविद्यायलयों को सूचित किया जाता है

    अधिसूचना
    विश्वविद्यालय एवं समस्त सम्बद्ध महाविद्यायलयों को सूचित किया जाता है कि परीक्षा समिति की बैठक दिनांक 21/08/2024 को लिए गये निर्णय के आलोक में सत्र 2024-25 से सैद्धान्तिक प्रश्न पत्र के आन्तरिक मूल्यांकन का अंक पूरित किये जाने हेतु सैद्धान्तिक परीक्षा आरम्भ होने के एक माह पूर्व से पोर्टल खोला जायेगा। ततपश्चात 15 दिनों के लिए एक अवसर प्रदान किया जायेगा, फिर भी आन्तरिक अंको को अपलोड न करने की दशा में जिन महाविद्यालय द्वारा निर्धारित समयावधि में आंन्तरिक मूल्यांकन का अंक पूरित नही किया जाता है उन्हे 5000/- रूपये अर्थदण्ड के साथ अगले 15 दिनों की एक और समयावधि प्रदान की जायेगी। इसके पश्चात कोई अवसर किसी भी दशा नही दिया जायेगा। साथ ही सभी छात्र/छात्राओं की आन्तरिक परीक्षा का अंक एक बार में ही भरा जायेगा। तदनुसार प्रयोगिक परीक्षा के अंको को अपलोड करने हेतु सैद्धान्तिक परीक्षा से 15 दिनों पूर्व पोर्टल खुलेगा तथा परीक्षा समाप्त होने के बाद 15 दिनों के लिए रूपये 5000/- अर्थदण्ड सहित खुलेगा। सभी छात्र/छात्राओं का एक ही बार में प्रायोगिक परीक्षा का अंक भरना होगा।
    परीक्षा नेयंत्रक

  • आयुष्मान पखवाड़ा शुरू, जागरूकता के संदेश के साथ दी जाएंगी सेवाएं

    आयुष्मान पखवाड़ा शुरू, जागरूकता के संदेश के साथ दी जाएंगी सेवाएं

    आयुष्मान पखवाड़ा शुरू, जागरूकता के संदेश के साथ दी जाएंगी सेवाएं
    तीस सितम्बर चलाया जाएगा विशेष अभियान, होंगे विविध आयोजन
    प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य ने दिये हैं विस्तृत दिशा निर्देश गोरखपुर
    आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और आयुष्मान भारत डिजीटल मिशन के प्रति जनजागरूकता का संदेश दिया जाएगा। साथ ही इन योजनाओं से संबंधित सेवाएं भी प्रदान की जाएंगी। इस संबंध में शुक्रवार से आयुष्मान पखवाड़े की शुरूआत की गई है। यह अभियान तीस सितम्बर तक चलाया जाएगा, जिसमें विविध आयोजन भी किये जाएंगे। प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य पार्थ सारथी सेन शर्मा ने पत्र भेज कर इस संबंध में विस्तृत दिशा निर्देश दिये हैं। यह जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आशुतोष कुमार दूबे ने दी।
    उन्होंने बताया कि योजना के नोडल अधिकारी डॉ अनिल सिंह, डीपीसी डॉ संचिता मल्ल, ग्रीवांस मैनेजर विनय और जिला स्तरीय टीम से शशांक इस पखवाड़े के संचालन में सहयोग कर रहे हैं। पखवाड़े के दौरान आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों के कार्ड बनाए जाएंगे। आयुष्मान चौपाल और आयुष्मान सभा का आयोजन कर आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से लोगों को योजनाओं के बारे में जागरूक किया जाएगा। योजना में सूचीबद्ध करीब आधा दर्जन उत्कृष्ट कार्य करने वाले सरकारी और निजी अस्पतालों को सम्मानित भी किया जाएगा। साइकिल और मोटर साइकिल रैली निकालने के अलावा आयुष्मान भारत स्वास्थ्य जांच शिविर के भी आयोजन किये जाएंगे।
    मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि विभिन्न स्कूल में दोनों योजनाओं से संबंधित प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। जनपद स्तर पर स्वास्थ्य दौड़ का आयोजन किया जाएगा और सोशल मीडिया अभियान भी चलाए जाएंगे। इस दौरान घर घर आयुष्मान, हर घर आयुष्मान, देश हो रहा आयुष्मान, आभा बनाओ, अपने स्वास्थ्य का रिकॉर्ड फोन पर पाओ जैसे स्लोगन को प्रचारित प्रसारित किया जाएगा।
    डॉ दूबे ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत पोर्टल पर सूचीबद्ध लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाये जाते हैं। इस कार्ड के जरिये लाभार्थी देश के किसी भी सम्बद्ध निजी या सरकारी अस्पताल में भर्ती होकर इलाज प्राप्त कर सकता है। इसके तहत प्रति परिवार पांच लाख रुपये तक के इलाज की सुविधा भर्ती होने के बाद दी जाती है। वहीं, आयुष्मान भारत डिजीटल मिशन के तहत देश के प्रत्येक नागरिक की आभा आईडी बननी है। इस आईडी के जरिये लाभार्थी के स्वास्थ्य का रिकॉर्ड देश के किसी भी अस्पताल में देखा जा सकेगा और आपद परिस्थिति में केस हिस्ट्री के आधार पर समुचित उपचार किया जा सकेगा।

    *योजना की स्थिति*

    डॉ दूबे ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत जिले में करीब 19.39 लाख लाभार्थी सूचीबद्ध हैं। इनके सापेक्ष करीब ग्यारह लाख आयुष्मान कार्ड बनाये जा चुके हैं। योजना के अन्तर्गत जिले के करीब 2.48 लाख से अधिक लाभार्थी इलाज करवा चुके हैं।

  • अंग्रेज़ी विभाग द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का हुआ समापन

    अंग्रेज़ी विभाग द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का हुआ समापन

    अंग्रेज़ी विभाग द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का हुआ समापन
    अमेरिका के ओहायो विश्वविद्यालय के प्रो योगेश ने कहा
    पृथ्वी और प्रकृति आने वाली पीढ़ियों के धरोहर होते हैं। और हमें दूसरों के धरोहर की रक्षा करनी चाहिए
    दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के अंग्रेज़ी विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आज सफलतापूर्वक समापन हुआ। संगोष्ठी का मुख्य विषय “एनवायरनमेंटल एंड अपोकैलिप्टिक इमेजिनेशन: इको-क्रिटिकल रीडिंग्स इन साउथ एशियन लिटरेचर” था। समापन सत्र में विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो. सत्यार्थ त्रिपाठी (एमिटी यूनिवर्सिटी, लखनऊ) और गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में उत्तर प्रदेश के जलवाय परिवर्तन एवं वन विभाग के विशेष सचिव, डॉ. चंद्रभूषण त्रिपाठी (आईएएस) शामिल हुए। मुख्य अतिथि के रूप में ओहायो विश्वविद्यालय अमेरिका के प्रो. योगेश सिन्हा रहे. समापन सत्र की अध्यक्षता विज्ञान संकाय के अधिष्ठाता एवं कुलसचिव प्रो शान्तनु रस्तोगी द्वारा की गई
    प्रो. योगेश सिन्हा ने अपने समापन व्याख्यान में दक्षिण एशियाई साहित्य में लैंगिक दृष्टिकोण और एनवायरनमेंटल स्थिरता पर गहन विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने महिलाओं की पोषणकर्ता भूमिका को एनवायरनमेंटल स्थिरता में अत्यंत महत्वपूर्ण बताया और इस दिशा में साहित्य और पर्यावरण के आपसी संबंधों को उजागर किया. उन्होंने कहा प्रकृति हमसे कुछ नहीं मांगती है, वह बस हमें देती जाती है। लेकिन लालच करने पर वह हमें दंड भी देती है।उन्होंने इस बात को दक्षिण एशियाई साहित्य से समझाया
    विशिष्ट अतिथि प्रो. सत्यार्थ त्रिपाठी ने अपने व्याख्यान में कहा कि जीवन में समालोचनात्मक दृष्टि का होना अति आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि एक अच्छे विद्यार्थी के लिए जीवनभर सीखने की चेष्टा बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने कवियों वर्ड्सवर्थ, कीट्स और रॉबर्ट फ्रॉस्ट की कविताओं के उदाहरणों के माध्यम से साहित्य में एनवायरनमेंटल मुद्दों की महत्ता पर प्रकाश डाला। प्राचीनकाल से ही भारतीय सनातन संस्कृति में प्रकृति को माँ का स्थान प्राप्त है। प्रकृति ने कभी भी किसी भी प्राणी के साथ भेदभाव किये बिना, सभी का समान रूप से लालन-पालन किया है। इसी को आधार मानकर मानव जाति ने पर्यावरण का संरक्षण करते हुए, प्रकृति की उपासना करना आरंभ किया था। इस बात से अनभिज्ञ आज का मानव आधुनिकता के नाम पर पर्यावरण को दूषित करने में लगा हुआ है। भविष्य की रक्षा करने के लिए आज मानव को पर्यावरण का संरक्षण करना ही होगा
    गेस्ट ऑफ ऑनर डॉ. चंद्रभूषण त्रिपाठी ने भारतीय ज्ञान परंपरा का उल्लेख करते हुए बताया कि वेदों और शास्त्रों में एनवायरनमेंट संरक्षण से संबंधित गहन विचार निहित हैं। उन्होंने कहा कि इन प्राचीन ग्रंथों में पर्यावरणीय समस्याओं का समाधान निहित है, जिसे आज के संदर्भ में अपनाने की आवश्यकता है।पृथ्वी और प्रकृति आने वाली पीढ़ियों के धरोहर होते हैं। और हमें दूसरों के धरोहर की रक्षा करनी चाहिए।
    सत्र की अध्यक्षता करते हुए प्रोफ़ेसर शांतनु रस्तोगी ने संगोष्ठी के विषय की महत्वपूर्णता पर प्रकाश डालते हुए इसके क्षेत्रीय और वैश्विक प्रभावों को समझाया।
    सांस्कृतिक संध्या का हुआ आयोजन
    संगोष्ठी के समापन से पूर्व सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें दीप्ति राय, अनुराग और उनके पुत्र आभास एवं आरव ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से सबका दिल जीत लिया। विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र निरंकार के बेटे अभिनव त्रिपाठी ने “रश्मिरथी” कविता का प्रभावशाली पाठ किया, जिसने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
    अंग्रेज़ी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. अजय कुमार शुक्ल ने संगोष्ठी के सफल आयोजन पर सभी अतिथियों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। संगोष्ठी की रिपोर्ट प्रो. आलोक कुमार द्वारा प्रस्तुत की गई और कार्यक्रम का संचालन डॉ. संजीव कुमार विश्वकर्मा ने किया।

  • बक्शीपुर में हुई चाकूबाजी की घटना में शामिल दो आरोपियों को कोतवाली पुलिस ने किया गिरफ्तार

    बक्शीपुर में हुई चाकूबाजी की घटना में शामिल दो आरोपियों को कोतवाली पुलिस ने किया गिरफ्तार

    बक्शीपुर में हुई चाकूबाजी की घटना में शामिल दो आरोपियों को कोतवाली पुलिस ने किया गिरफ्तार
    गोरखपुर । कोतवाली थाना क्षेत्र के बक्शीपुर थवई पुल के पास 18 सितंबर की रात में हुई चाकूबाजी की घटना में शामिल दो आरोपियों को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार करके सलाखों के पीछे भेजने का काम किया है इन आरोपियों ने गणेश विसर्जन के दौरान एक युवक को किसी बात को लेकर चाकू मार के गंभीर रूप से घायल कर दिया था। एसएसपी पीआरओ सेल से मिली जानकारी के अनुसार पकड़े गए आरोपों की पहचान प्रथम वर्मा और अभिषेक पासवान को पुलिस में गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
    गिरफ्तार करने वाली टीम में उपनिरीक्षक अविनाश कुमार, उपनिरीक्षक हर्ष कुमार शुक्ला, कांस्टेबल प्रेमचंद राजभर कांस्टेबल प्रमोद कुमार शामिल रहे।