निर्विरोध अध्यक्ष चुने गए उमेश प्रताप शाही
पीपीगंज।बीते दिनों चर्चाओं के बीच शुरू हुआ सहकारी संघ का चुनाव शुक्रवार को बिना किसी गतिरोध के शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हो गया जिसमें साहबगंज पीपीगंज सहकारी संघ लिमिटेड के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष पद का चुनाव निर्वाचन अधिकारी पीपीगंज नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी आंनजय मिश्रा और संघ के सचिव शैलेंद्र तिवारी के देख रेख में अध्यक्ष पद के लिए भाजपा के उमेश प्रताप शाही अध्यक्ष एवं सावित्री देवी गुप्ता उपाध्यक्ष पद पर पुनः निर्विरोध चुन लिए गए।वही तमाम दावे खोखे साबित हुए और किसी भी पद के लिए किसी अन्य ने दावेदारी ही नही की।
चुनाव में निदेशक मण्डल के लिए विस्वामित्र मद्धेशिया, हरिश्चंद्र सिंह बरहटा, डॉ जलालूद्दीन, प्रमोद यादव प्रधान, जय प्रकाश मल्ल, यह सभी लोग निर्विरोध चुने गए।
सभी नवनिर्वाचित निर्वाचित पदाधिकारियों को भरोहिया ब्लाक प्रमुख सुनीता संजय सिंह, अमित सिंह मोनू, हरीश चन्द गुप्ता,भगवती मद्धेशिया, श्रवण मद्धेशिया, कपूर चंद अग्रहरी, परशुराम निसाद , रामानंद मद्धेशिया सभासद, तिजू किराना, राजकुमार मद्धेशिया,, हरिराम अग्रहरि, गणेश मद्धेशिया,गणेश साइकिल स्टोर,सुरेश अग्रहरि बाबा होजरी, विजय अग्रहरी, सहित और भी लोगो ने बधाई दी है।
Category: उत्तर प्रदेश
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निर्विरोध अध्यक्ष चुने गए उमेश प्रताप शाही
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बड़हलगंज युवाओं ने पौधरोपण कर मनाया मोदी का जन्मदिन
युवाओं ने पौधरोपण कर मनाया मोदी का जन्मदिन
बड़हलगंज / गोरखपुर (निष्पक्ष टुडे) स्थानीय विकास खण्ड के ग्राम पंचायत गढ़वा रामपुर के युवाओं ने वृहद वृक्षारोपण कर प्रधानमंत्री का जन्मदिवस मनाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 74वें जन्म दिवस के अवसर पर गाढ़वा रामपुर के युवकों ने गांव के सामुदायिक शौचालय के बगल में सार्वजनिक भूमि के गाटा संख्या 265 में वन विभाग के सहयोग से पाकड़, गुलमोहर आदि के दो दर्जन पौधों का रोपण किया गया और प्रधानमंत्री मोदी के दीर्घायु होने की कामना की।इस अवसर पर मृत्युंजय शाही,रानू शाही, डब्लू शाही,रिंकू शाही,धीरज शाही,श्रवण शाही व सत्येन्द्र शाही मौजूद रहे।
ब्यूरो प्रभारी —-विनय तिवारी -

सदर तहसील समाधान दिवस में 108 मामले आए 8 का किया गया निस्तारित
सदर तहसील समाधान दिवस में 108 मामले आए 8 का किया गया निस्तारित
पीड़ित पक्ष को न्याय संगत न्याय मिलना चाहिए खाना पूर्ति नहीं_ज्वाइंट मजिस्ट्रेट
गोरखपुर। सदर तहसील सभागार में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम सदर मृणाली अविनाश जोशी की अध्यक्षता में संपूर्ण तहसील समाधान दिवस आयोजित किया गया आज 108 फरियादियों ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम सदर मृणाली अविनाश जोशी के पास बारी बारी से अपनी समस्याओं को बताया 8 मामलो का मौके पर निस्तारण किया।
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने जमीनी विवाद मामले में लेखपाल और पुलिस की संयुक्त टीम तहसील दिवस समाप्त होने के बाद भेज कर मामले को निस्तारित करने का निर्देश दिए ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने संयुक्त टीम को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि मौके पर पहुंचकर किसी प्रकार का खाना पूर्ति नहीं होना चाहिए पीड़ित पक्ष को न्याय संगत न्याय मिलना चाहिए अगर मौके पर मामले का निस्तारण नहीं हो सका है तो किन कारणों से निस्तारण नहीं हुआ उसका जवाब भी हमें एक हफ्ते के अंदर चाहिए जिससे हम उच्च अधिकारियों की टीम गठित कर फरियादियों के मामले का निस्तारण कर सकें आज तहसील दिवस में अधिकतर मामले जमीनी पारिवारिक विवाद के आए हुए थे अन्य पारिवारिक जमीनी विवाद का भी निस्तारित हो जाएंगे। शासन के निर्देश पर प्रत्येक महीने के पहले व तीसरे शनिवार को एक छत के नीचे पुलिस व प्रशासन के अधिकारी गण तहसीलों में मौजूद रहकर आए हुए फरियादियों की समस्याओं का निराकरण करेंगे जिससे फरियादी को इधर-उधर अधिकारियों का चक्कर न लगाना पड़े । सदर तहसील में आने वाले हर फरियादियों से ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/ एसडीएम सदर ने गंभीरता पूर्वक से उनके समस्याओं को सुन कर 8 फरियादियों का निस्तारण किया बचे हुए मामले का पुलिस और राजस्व की संयुक्त टीम गठित कर निराकरण करने का निर्देश दिया आज समाधान दिवस में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम सदर मृणाली अविनाश जोशी ज्वाइंट मजिस्ट्रेट शिशिर सिंह सदर तहसीलदार ध्रुवेश कुमार सिंह तहसीलदार न्यायिक विकास कुमार नायब तहसीलदार अरविंद नाथ पांडे नायब तहसीलदार देवेंद्र यादव नायब तहसीलदा भागीरथी सिंह नायब तहसीलदार जाकिर हुसैन सहित अन्य संबंधित अधिकारी गण मौजूद रहे। -

15 लाख की 102 मोबाइल जीआरपी पुलिस ने मोबाइल धारकों को सुपुर्द कि
15 लाख की 102 मोबाइल जीआरपी पुलिस ने मोबाइल धारकों को सुपुर्द किया
गोरखपुर। ट्रेनों में यात्रा करते समय गुम हुए या छूट जाने वाले पंद्रह लाख की 102 मोबाइल सीआरपी पुलिस ने सर्विस एल लांस के जरिए बरामद करने में सफलता प्राप्त किया पुलिस अधीक्षक जीआरपी संदीप मीणा ने प्रेस वार्ता कर बताया कि 102 मोबाइल धारकों को जीआरपी पुलिस ऑफिस पर बुलाकर मोबाइल सुपुर्द किया गया।
एसपी रेलवे संदीप मीणा ने बताया कि पुलिस उपाधीक्षक रेलवे बलिया सविरत्न गौतम व पुलिस उपाधीक्षक रेलवे गोरखपुर विनोद कुमार के प्रयास से जीआरपी पुलिस सर्विलांस शाखा द्वारा 102 गुमशुदा मोबाइलों को रिकवर किया गया। जिनकी अनुमानित कीमत लगभग पंद्रह लाख रुपए है ।

गुमशुदा मोबाइल को उनके स्वामियों को जीआरपी अनुभाग गोरखपुर कार्यालय पर बुलाकर पुलिस अधीक्षक रेलवे द्वारा सुपुर्द किया गया । मोबाइल को पाकर मोबाइल स्वामियों का चेहरा खिल उठा और उन्होंने पुलिस अधीक्षक रेलवे व जीआरपी सर्विलांस टीम को हृदय से धन्यवाद ज्ञापित कर खुशी मन से अपने गंतव्य को प्रस्थान किये ।
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बड़हलगंज विश्व शांति दिवस पर संगोष्ठी का हुआ आयोजन
विश्व शांति दिवस पर संगोष्ठी का हुआ आयोजन
बड़हलगंज/गोरखपुर (निष्पक्ष टुडे) पंडित भृगुनाथ चतुर्वेदी कालेज आफ लां बड़हलगंज में आज 21 सितंबर को विश्व शांति दिवस के अवसर पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता करते हुए कालेज के प्राचार्य डॉ०अभिषेक पाण्डेय ने कहा कि मानव समाज के लिए शांति एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। विश्व मानव समुदाय ने विविध खण्ड कालों में अनेक युद्धों की विभिषिका को झेला है। जिसमें बहुत अधिक पैमाने पर धन-जन की हानि हुई हैं। प्रथम विश्व युद्ध के बाद दुबारा ऐसी घटना न हो और विश्व में शांति कायम रहे। इसके लिए विश्व सदस्य देशों ने अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर 10 जनवरी 1920 को राष्ट्र संघ नामक संस्था का गठन किया। समयकाल के अनुरूप इसमें विभिन्न कमियां थीं, जिसके परिणामस्वरूप आगे आने वाले समय में यह विश्व शांति को कायम रखने में असमर्थ साबित हुई और द्वितीय विश्व युद्ध प्रारम्भ हो गया। द्वितीय विश्व युद्ध खत्म होने पर पुनः संयुक्त राष्ट्र संघ नामक संस्था का गठन 24 अक्टूबर 1945 को किया गया। जिसका उद्देश्य विश्व में शांति व शक्ति संतुलन व्यवस्था को बनाए रखना है, परन्तु छिटपुट तौर पर अनेक छोटे छोटे युद्ध आये दिन देखने को मिलते रहते हैं। जैसे वर्तमान समय में रूस का यूक्रेन के साथ और इजरायल का फिलिस्तीन और लेबनान के साथ युद्ध लम्बे समय से चल रहा है जो कभी भी तृतीय विश्व युद्ध में बदल सकता है।जो विश्व शांति के लिए खतरा साबित हो सकता है। जिसपर विश्व बिरादरी को उचित हस्तक्षेप कर उसे समाप्त करने की आवश्यकता है। कालेज के मुख्य नियन्ता चन्द्र भूषण तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत में तो बहुत पहले से शांति पर्व मनाया जाता था। शांति बनाए रखने व खुद के अस्तित्व को बचाए रखने में किसी भी राष्ट्र की राष्ट्रीय शक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है। यदि कोई राष्ट्र मजबूत और शक्तिशाली है तो उससे जल्दी कोई राष्ट्र उलझता नहीं है। विश्व में मानव सभ्यता के विकास में अशांति सबसे बड़ी बाधक है। विश्व समुदाय को आपसी वैमनस्यता त्याग कर शांति के रास्ते पर चलना चाहिए। सनातन धर्म में तो वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना रही है। असिस्टेंट प्रोफेसर फकरुद्दीन ने विश्व शांति दिवस के अवसर पर बताया कि विश्व में अनेक धर्मों के लोग रहते हैं। सभी धर्मों के मूल में देखा जाए तो युद्ध रहा है।भारत की भूमि ने शांति के प्रणेता महात्मा बुद्ध को जंम दिया।जो शांति के पक्षधर थे। सम्राट अशोक कलिंग युद्ध के बाद हिंसा से विमुख होकर बौद्ध धर्म को अपनाया। विश्व कल्याण के लिए व मानव समुदाय के विकास के लिए शांति अनमोल वस्तु है। आशीष कुमार गुप्ता, अवनीश उपाध्याय ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन विकास शर्मा ने किया। कार्यक्रम में सूर्यांश कौशिक, हर्षित भारद्वाज, दिवाकर, श्रुति माथुर, सलोनी त्रिपाठी, इमरान अहमद,नीरज त्रिपाठी,नीखिल रावत, विकास सिंह और अंतिमा आदि ने भाग लिया।
ब्यूरो प्रभारी —-विनय तिवारी -

वर्तमान समय में बालिकाओं में योग संबंधी जागरूकता जरूरी
वर्तमान समय में बालिकाओं में योग संबंधी जागरूकता जरूरी गोरखपुर
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय खोराबार गोरखपुर में वर्तमान समय में बालिकाओं में योग संबंधी जागरूकता हेतु एक व्याख्यान का आयोजन डिस्ट्रिक्ट योगासन स्पोर्टस एसोसिएशन, गोरखपुर द्वारा किया गया lलखनऊ विश्वविद्यालय के फैकल्टी ऑफ योग एंड अल्टरनेटिव मेडिसिन के कोऑर्डिनेटर डॉ. अमरजीत यादव मुख्य वक्ता रहे एवं मुख्य अतिथि के तौर पर दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता कला संकाय प्रो. राजवंत राव सर रहे, मुख्य अतिथि प्रो. राजवंत राव सर का स्वागत आशुतोष सिंह ने बैज लगा बुके देकर किया एवं मुख्य वक्ता डॉ. अमरजीत यादव का स्वागत योग गुरु डॉo विनय मल्ल गोरखपुर ने बैज लगा बुके देकर किया l विद्यालय की वार्डेन नीतू श्रीवास्तव का स्वागत नीलम सिंह ने कियाl मुख्य वक्ता ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि सभी बच्चे योगासन को अपने दिनचर्या का हिस्सा अवश्य बनायें l मुख्य अतिथि प्रो. राजवंत राव सर ने कहा योगासन एवं प्राणायाम से ही बच्चे शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ हो सकेंगे तथा उनके अन्दर सकारात्मक व्यक्तित्व विकसित होगा l कार्यक्रम का संचालन योगाचार्य अभिषेक कुमार मिश्र ने किया एवं आभार ज्ञापन डॉ0 विनय मल्ल ने किया lकार्यक्रम में मीडिया प्रभारी सुनील पांडे, अवधेश यादव व्यायाम शिक्षक समस्त कस्तूरबा गांधी विद्यालय स्टाफ एवं समस्त बालिकाएं उपस्थित रहीं l -

बड़हलगंज नदी का जलस्तर घटाव पर मुश्किलें बरकरार
नदी का जलस्तर घटाव पर मुश्किलें बरकरार
बड़हलगंज/गोरखपुर( निष्पक्ष टुडे)
सरयू व राप्ती नदी का जलस्तर लगातार तीन दिनों तक वृद्धि के बाद शाम से घटने लगी हैं जिससे बाढ़ से बृहस्पतिवार सुबह घिरे 20 गांव के लोगों ने राहत की सांस ली ।
जलस्तर में घटाव जरूर हो रहा हैं मगर मुश्किलें जस का तस हैं ।
सरयू व राप्ती नदी के जलस्तर से आई बाढ़ से लोगो की परेशानिया कम होने में अभी समय लगेगा ।
बाढ़ की भीषण मार झेल रहे बगहा के गौरी साहनी नन्हे पाल गोविंद निरजंन इंदल पाल सौदागर सिंह का कहना है कि बाढ़ के समय सभी अधिकारी और नेता आते हैं केवलः आश्वासन देकर चले जाते हैं।
उनके आश्वासन से जनता का विश्वास टूट चुका हैं ।
*राहत सामग्री वितरण की हो रही मांग*
बाढ़ व कटान प्रभावित गांव बगहा के अमरनाथ बेचनी देवी शिवानन्द सूरज सोनू अजयपुरा के रामअवध बरडीहा के प्रेमसागर आदि का कहना है कि पाचवी बार भीषण आने से घरों में रखा खाद्यसामग्री बर्बाद हो गया हैं हम लोगो की मांग हैं कि तहसील प्रसाशन राहत सामग्री वितरण करें जिससे कुछ राहत मिल सके ।
ब्यूरो प्रभारी —-विनय तिवारी -

स्वच्छता ही सेवा है के तहत स्वच्छ घर परिवार के सदस्यों को किया गया सम्मानित
स्वच्छता ही सेवा है के तहत स्वच्छ घर परिवार के सदस्यों को किया गया सम्मानित
गोला । नगर पंचायत गोला कार्यालय पर प्रधानमंत्री मोदी जी के मनाया जा रहा जन्मदिन सेवा पखवाड़ा के अभियान के अंतर्गत स्वच्छता ही सेवा 2024 के तहत वार्डों के स्वच्छ घर के परिवार के सदस्यों को चेयरमैन लालती देवी अधिशासी अधिकारी संजय तिवारी ने और सभासदों ने प्रशस्ति पत्र और आदि प्रदान कर किया सम्मानित। चेयरमैन व अधिशासी अधिकारी ने बताया कि जैसे आप अपने घर परिवार को स्वच्छ रख रहे है।कुड़े का सही तरीके से निस्तारण कर रहे है।अपने घरों में गमले में फूल लगाकर सजाए हैं और पूर्ण रूप से घर को स्वच्छ बनाए हैं।जिस तरीके से आपने मेहनत किया है। वैसे ही अपने अगल-बगल के घरों में भी स्वच्छता का कार्य हो और स्वच्छता अभियान के तहत अपने घर को स्वच्छ बनाना और साथ ही दूसरे को साफ सफाई के लिए जागरूक करना स्वच्छता ही सेवा 2024 है के तहत सम्मानित किया गया है। आप सभी नगर वासियों की जागरूकता से नगर स्वच्छ सुंदर और साफ होगा। और साफ सफाई रखेंगे। इस अवसर पर सभासद प्रतिनिधि व भाजपा जिला कोषाध्यक्ष शत्रुघ्न कसौधन सभासद दिनेश सिंह रमाशंकर तिलकधारी अशोक डॉ राजेश जायसवाल सीताराम मद्धेशिया श्रवण कुमार वर्मा अजय गुप्ता सुनीता भीम यादव महबूब अली रविंद्र मौर्य संदीप सोनकर रामबदन रिंकू चौधरी रणजीत सिंह लल्लन प्रसाद शैलेंद्र सिंह अमरनाथ जयसवाल विनोद वर्मा बजरंगी लाल निगम सहित अधिक संख्या में लोग मौजूद रहे। -

शराब पीने को लेकर हुआ विवाद,चली गोली
शराब पीने को लेकर हुआ विवाद,चली गोली
गोरखपुर।सहजानवा कस्बे के सिनेमा रोड के सामने देशी शराब की दुकान पर शराबियो के दो गुट में आपस में हुआ विवाद जिसके बाद एक पक्ष से दूसरे युवक के ऊपर लायसेंसी बंदूक से गोली चला दिया जिससे युवक गंभीर रूप से घायल होगया वही युवक की हालत गंभीर देखते हुए सहजनवा से जिला अस्पताल रेफर कर दिया घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस पहुंच कर जांच में जुट गई मिली जानकारी के अनुसार घायल युवक शिवानन्द सिंह पुत्र सीताराम निवासी उज्जीखोर थाना सहजनवां का निवासी बताया जा रहा है वही थाना प्रभारी सहजनवां विशाल उपाध्याय ने बताया कि अभी तहरीर नही मिली है तहरीर मिलते ही कार्यवाही किया जायेगा।सूर्य प्रकाश ओझा -

जीवन पर्यंत मूल्यों और आदर्शों के लिए लड़ते रहे महंत दिग्विजयनाथ : सीएम योगी
जीवन पर्यंत मूल्यों और आदर्शों के लिए लड़ते रहे महंत दिग्विजयनाथ : सीएम योगी
युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की 55वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि समारोह
भारतीयता के नवनिर्माण और सुसंस्कृत समाज की नींव रखी महंत दिग्विजयनाथ ने : मुख्यमंत्री.
धर्म और देश के लिए समर्पित रहे महंत दिग्विजयनाथ और महंत अवेद्यनाथ : मुख्यमंत्री
गोरखपुर, 20 सितंबर। गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गोरक्षपीठ को साधना स्थली बनाकर सनातन धर्म के परिपूर्ण स्वरूप के अनुरूप आचरण करने वाले युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज आजीवन भारतीयता के मूल्यों और आदर्शों के लिए लड़ते रहे। उनके बताए मूल्यों और आदर्शों ने भारतीयता के नवनिर्माण, पूर्वी उत्तर प्रदेश और गोरखपुर में सुसंस्कृत समाज की नींव रखी। उनके विचारों और उनके कृतित्वों से हमें आज भी निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।सीएम योगी युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज की 55वीं तथा राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की 10वीं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में आयोजित साप्ताहिक श्रद्धाजंलि समारोह के अंतर्गत शुक्रवार (आश्विन कृष्ण तृतीया) को महंत दिग्विजयनाथ की पुण्यतिथि पर अपनी भावाभिव्यक्ति कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गोरक्षपीठ के उनके पूर्ववर्ती दोनों पीठाधीश्वरों युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज और राष्ट्र संत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज का पूरा जीवन देश और धर्म के लिए समर्पित था। उन्होंने धर्म को केवल उपासना विधि नहीं माना बल्कि भारतीय मनीषा में धर्म के जिसे स्वरूप की बात कही गई है, उसके अनुरूप जीवन जिया। धर्म के दो हेतु होते हैं। एक सांसारिक उत्कर्ष और दूसरा निःश्रेयस। दोनों ही संतों ने धर्म के इन दोनों स्वरूपों को लेकर समाज का मार्गदर्शन किया।
सभ्य और समर्थ समाज के लिए पहली आवश्यकता है शिक्षा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक सभ्य और समर्थ समाज के लिए पहली आवश्यकता शिक्षा की होती है। इसी उद्देश्य को समझते हुए महंत अवेद्यनाथ जी ने 1932 में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की स्थापना की। यह काम धनोपार्जन के लिए नहीं बल्कि लोक कल्याण के लिए किया गया। उन्होंने कहा कि देश के आजाद होने के बाद किसी जगह विश्वविद्यालय बनाने के लिए तत्कालीन राज्य सरकार को 50 लाख रुपये नकद या इतने की संपत्ति की जरूरत होती थी। महंत दिग्विजयनाथ ने गोरखपुर में विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए, इसे पूर्वी उत्तर प्रदेश में शिक्षा का महत्वपूर्ण केंद्र बनाने के लिए शिक्षा परिषद की संस्था एमपी बालिका डिग्री कॉलेज की संपत्ति दे दी। उस समय की 50 लाख की संपत्ति का आज के समय में मूल्य 500 करोड़ रुपये होगा। तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में अपने समय में योगदान करते हुए महंत दिग्विजयनाथ जी ने 1956 में एमपी पॉलिटेक्निक और चिकित्सा शिक्षा के लिए साठ के दशक में आयुर्वेद कॉलेज की स्थापना कर दी थी। इन प्रकल्पों को आगे बढ़ाने का काम महंत अवेद्यनाथ जी महाराज ने किया। सनातन धर्म की सुदृढ़ता और छुआछूत मिटाने के लिए नहीं की सरकारों की परवाह
सीएम योगी ने कहा कि महंत दिग्विजयनाथ और महंत अवेद्यनाथ ने सनातन धर्म की सुदृढ़ता के लिए अनेक कार्यक्रमों को बिना थके, बिना रुके, बिना डिगे तेजी से आगे बढ़ाया। हिंदू समाज को एकजुट करने के लिए उन्होंने छुआछूत मिटाने के अभियान में कभी सरकारों की परवाह नहीं की।
गोरक्षपीठ के संतों का हर काम देश, सनातन और समाज के नाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गोरक्षपीठ के पूज्य संतों के नेतृत्व में जो भी काम हुए, वह व्यक्तिगत नाम के लिए नहीं बल्कि हर काम देश, सनातन धर्म और समाज के नाम रहा। ऐसा इसलिए कि सनातन धर्म के अनुरूप होने वाले सभी कार्य लोक कल्याण की भावना से परिपूर्ण होते हैं। सनातन की मजबूती किसी के उत्पीड़न के लिए नहीं बल्कि लोक कल्याण के लिए होती है।
आक्रांताओं को सद्भावना से विदा करता है सनातन धर्म
सीएम योगी ने कहा कि सनातन धर्म चराचर जगत के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है। यही कारण है कि आकस्मिक आपदाओं, सम-विषम परिस्थितियों में आक्रांताओं का समाना करते हुए अहर्निश जीवंत है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म की यह विशेषता और महानता है कि यह आक्रांताओं को भी सद्भावना से विदा करता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आक्रांताओं के सपने पूरा करने के लिए कोई नक्सलवाद, आतंकवाद और अलगाववाद के नाम पर आता है लेकिन भारत में अंततः नाकाम हो जाता है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में भी सबने कुछ ऐसी ही स्थिति देखी होगी। कोरोना से जब दुनिया उबर नहीं पा रही तब भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। हमारी रहन सहन, खानपान और पूजा समेत जीवन पद्धति ने हमें सभी परिस्थितियों का सामना करने के अनुकूल बनाया है।
रामलला के विराजमान होने से हुई गोरक्षपीठ के गुरुजनों की साधना व संकल्प की सिद्धि
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गोरक्षपीठ के पूज्य संतों दिग्विजयनाथ जी एयर अवेद्यनाथ जी की साधना और संकल्पों की सिद्धि है। निस्वार्थ संत जब संकल्प लेते हैं तो उसे पूर्ण होना ही है। संतजन के संकल्पों की पूर्णता से सबका हृदय अंतःकरण के प्रफुल्लित होता है। आज रामलला के विराजमान होने के साथ पूरी अयोध्या जगमगा रही है।
महंत दिग्विजयनाथ जी में थी दिव्य दृष्टि
सीएम योगी ने कहा कि महंत दिग्विजयनाथ जी का जन्म मेवाड़ की वीरभूमि में हुआ था लेकिन उन्होंने गोरखपुर को अपनी कर्मभूमि और साधना स्थली बनाया। उनमें दिव्य दृष्टि थी। 1949 में ही उन्होंने अपनी इस दिव्य दृष्टि से देख लिया था कि अयोध्या में राम मंदिर बनेगा। आज उनके एक-एक संकल्प की पूर्ति हो रही है।
हर क्षेत्र में दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन होगी सच्ची श्रद्धांजलि सीएम योगी ने कहा कि हम किसी भी क्षेत्र में कार्यरत हों, अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करेंगे तो यह ब्रह्मलीन महंतद्वय के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी विकसित भारत बनाने के लिए जो पंच प्रण दिए हैं, उनमें नागरिक कर्तव्यों का निर्वहन सबसे महत्वपूर्ण है।
सामाजिक समरसता और हिंदुत्व का नाम पर मुखर रही है गोरक्षपीठ : रामविलास वेदांती
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए वशिष्ठ आश्रम, अयोध्याधाम से आए, पूर्व सांसद डॉ. रामविलास वेदांती ने कहा कि सामाजिक समरसता और हिंदुत्व के नाम पर पूरे देश में किसी मठ का नाम लिया जाता है तो वह गोरखनाथ मठ है। गोरक्षपीठ हिंदुत्व और सामाजिक समरसता के नाम पर हमेशा ही मुखर रही है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर आंदोलन का सफल होना गोरक्षपीठ की अगुवाई के बिना संभव नहीं था। महंत दिग्विजयनाथ द्वारा किए गए नेतृत्व से रामलला का प्रकटीकरण हुआ तो 1984 में जब कांग्रेस सरकार के भय से कोई संत राम मंदिर आंदोलन का नेतृत्व करने को तैयार नहीं था तब महंत अवेद्यनाथ ने यह कहकर मंदिर आंदोलन की अगुवाई की कि उन्हें गोरखनाथ मंदिर की चिंता नहीं है बल्कि रामलला की चिंता है, राम मंदिर बनना ही चाहिए। महंत अवेद्यनाथ नेतृत्व स्वीकार नहीं करते तो राम8आंदोलन चल नहीं पाता। डॉ. वेदांती ने कहा कि 1973 में यदि महंत दिग्विजयनाथजीवित होते तो बांग्लादेश एक अलग देश नहीं बल्कि भारत का एक राज्य होता। उन्होंने कहा कि समाज में छुआछूत दूर करने के लिए दिग्विजयनाथ जी और अवेद्यनाथ जी ने जितना काम किया, उतना किसी ने भी नही किया। वर्तमान गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि आज किसी भी अन्य प्रांत में साम्प्रदायिक हिंसा होती है तो वहां का हिंदू चिल्लाकर कहता है कि उसे योगी आदित्यनाथ का नेतृत्व चाहिए। बांग्लादेश देश के हिंदू भी आज अपने संरक्षण के लिए योगी आदित्यनाथ का नेतृत्व चाहते हैं।स्वाभिमानपूर्वक धर्म और राष्ट्र की रक्षा करना सिखाया महंतद्वय ने : काशीपीठाधीश्वर.
श्रद्धांजलि सभा में जगद्गुरु अनंतानंद द्वाराचार्य काशीपीठाधीश्वर स्वामी डॉ. राम कमल दास वेदांती ने कहा कि महंत दिग्विजयनाथ और महंत अवेद्यनाथ ने स्वाभिमानपूर्वक धर्म और राष्ट्र की रक्षा करना सिखाया। उन्होंने कहा कि संत की भूमिका सिर्फ कुटी में चिंतन करने तक सीमित नहीं है और यही काम गोरक्षपीठ के महंतों ने किया। इस अवसर पर गोरखनाथ आश्रम, जूनागढ़, गुजरात के महंत शेरनाथ ने कहा किमहंत दिग्विजयनाथ जी और महंत अवेद्यनाथ ने अपना जीवन समाज और राष्ट्र के लिए समर्पित कर दिया। शिक्षा, स्वास्थ्य समेत समाज के विकास में उनका अभूतपूर्व योगदान है।
राष्ट्र केंद्रित राजनीति के अग्रणी योद्धा थे महंत दिग्विजयनाथ : प्रो. पूनम टंडन
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि महंत दिग्विजयनाथ का व्यक्तित्व करिश्माई और असाधारण था। वह राष्ट्र केंद्रित राजनीति के अग्रणी योद्धा थे। प्रो. टंडन ने कहा कि उनके द्वारा जगाई गई शिक्षा की अलख की प्रतिबिंब महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के बारे में बताया जाता है कि वर्तमान में इसके तहत 52 संस्थाएं हैं। वास्तव में शिक्षा परिषद की 52 नहीं बल्कि सही मायने में 53 संस्थाएं हैं क्योंकि दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय भी इसी परिषद का अंग है। गोरखपुर विश्वविद्यालय की स्थापना का सपना तब साकार हुआ जब महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के संस्थापक महंत दिग्विजयनाथ जी ने इस परिषद की दो संस्थाएं गोरखपुर विश्वविद्यालय के नाम कर दीं। गोरखपुर विश्वविद्यालय उनका हमेशा ऋणी रहेगा। कुलपति ने ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज को भी भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
युग प्रवर्तक थे महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज : प्रो उदय प्रताप महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रो. उदय प्रताप सिंह ने ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि महंत दिग्विजयनाथ जी युग प्रवर्तक थे। उन्होंने भारतीय संस्कृति के अनुरूप समाज निर्माण का व्रत ले रखा था। ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी ने मैकाले की शिक्षा नीति के कुप्रभाव से समाज और राष्ट्र को बचाने के लिए 1932 में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की स्थापना की। वह शिक्षा को राष्ट्र के विकास के लिए सबसे ताकतवर हथियार मानते थे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज ने महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद को पुष्पित व पल्लवित किया। इसका परिणाम है कि आज इस परिषद के अंतर्गत 52 संस्थाएं संचालित हैं।
एमपी शिक्षा परिषद की संस्थाओं के प्रमुखों ने भी दी श्रद्धांजलि महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की संस्थाओं की तरफ से श्रद्धांजलि के क्रम में महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय गोरखपुर के कुलपति मेजर जनरल डॉ अतुल वाजपेयी, कर्नल डॉ. अरविंद कुशवाहा, डॉ. डीएस अजीथा, प्रो. नवीन के., डॉ. डीपी सिंह, डॉ. ओपी सिंह, डॉ. विजय कुमार चौधरी, डॉ. सीमा श्रीवास्तव, हर्षिता सिंह, डॉ. अरविंद चतुर्वेदी, डॉ. अजय कुमार पांडेय, डॉ. अनिल प्रकाश सिंह, डॉ. सुधीर अग्रवाल, शीतल डी. के., पंकज कुमार, डॉ. व्यासमुनि मिश्र, डॉ. शशिप्रभा सिंह, जगदम्बिका सिंह, हरिकेश त्रिपाठी, आशुतोष कुमार त्रिपाठी, डॉ. अजीत कुमार श्रीवास्तव, पवन सिंह तथा राजेंद्र सिंह ने अपनी-अपनी संस्था की तरफ से महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज और महंत अवेद्यनाथ जी महाराज को श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में महाराणा प्रताप बालिका इंटर कॉलेज रमदत्तपुर की छात्राओं ने सरस्वती वंदना, गुरु वंदना तथा श्रद्धांजलि गीत की भावपूर्ण प्रस्तुति की। वैदिक मंगलाचरण डॉ. रंगनाथ त्रिपाठी, गोरक्ष अष्टक पाठ गौरव तिवारी व आदित्य पांडेय, दिग्विजय स्त्रोत पाठ डॉ. अभिषेक पांडेय ने किया जबकि संचालन डॉ. श्रीभगवान सिंह और आभार ज्ञापन महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के उपाध्यक्ष राजेश मोहन सरकार ने किया। समारोह के दौरान गुरु गोरक्षनाथ इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (आयुर्वेद कॉलेज) के आचार्य डॉ. गोपीकृष्ण एस. की पुस्तक ‘रोग निदान, एवं विकृति विज्ञान’का विमोचन मंचासीन अतिथिगण द्वारा किया गया। सभा का समापन महाराणा प्रताप बालिका इंटर कॉलेज रमदत्तपुर की छात्राओं द्वारा वंदे मातरम गायन से हुआ। इस अवसर पर दिगम्बर अखाड़ा अयोध्या के महंत सुरेश दास, हरिद्वार से पधारे योगी चेताईनाथ, फतेहाबाद हरियाणा से आए योगी राजनाथ, उज्जैन मध्य अयोध्या धाम से पधारे योगी कमलचंद्र, कर्नाटक से आए योगी भयंकरनाथ, बक्सर से आए योगी शीलनाथ, महाराष्ट्र से आए योगी मुकेशनाथ, गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ, कालीबाड़ी के महंत रविंद्रदास आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।











