एईपीएस अंशिका वर्मा को एसएसपी के नेतृत्व में किया गया विदाई कैंट सर्किल के स्टाफ ने भी अपने मैडम का किया विदाई
नारी अब अबला नहीं रही उसे किसी के सहारे की जरूरत नहीं गोरखपुर। 2021 बैच की आईपीएस अधिकारी अंशिका वर्मा को पुलिस लाइन व्हाइट हाउस सभागार में एसएसपी के नेतृत्व में राजपत्रिक अधिकारियों ने किया विदाई आईपीएस अंशिका वर्मा 18 दिसंबर 2023 को गोरखपुर में सहायक पुलिस अधीक्षक के पद पर कार्यभार ग्रहण किया था वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉक्टर गौरव ग्रोवर ने कोतवाली सर्किल का क्षेत्राधिकारी बनाया था लेकिन एक महीने बाद ही मानुष पारिक को बरेली जनपद का एसपी दक्षिणी बना दिया गया तत्पश्चात अंशिका वर्मा को क्षेत्राधिकारी कैंट सर्किल का सीओ 4 फरवरी 2024 को बना दिया गया था मंगलवार को शासन द्वारा इनके कार्यों को देखते हुए पदोन्नति समया अवधि से पहले करते हुए एसपी दक्षिणी बरेली बना दिया बरेली जाने से पहले पुलिस लाइन व्हाइट हाउस सभागार में राजपत्रित अधिकारियों ने भव्य विदाई समारोह आयोजन कर आईपीएस अंमहिलाओं के लिए एक मिसाल है नारी अब अबला नहीं रही उसे किसी के सहारे की जरूरत नहीं इन वाक्यों को असल जिंदगी में सच कर दिखाने वाली भारतीय पुलिस सेवा की अधिकारी अंशिका वर्मा साहस की मूर्ति बनकर बदमाशों के छक्के छुड़ाने वाली फर्जी स्टांप व मनी म्यूल जैसे बड़े मामले का पर्दाफाश कर जालसाजों को जेल पहुंचाने के साथ ही वह अपनी बहादुरी और नेतृत्व क्षमता का लोहा मनवा चुकी तीन बहनों में सबसे छोटी 2021 बैच की आइपीएस अधिकारी अंशिका वर्मा प्रयागराज की रहने वाली 2018 में इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी कर 2021 बैच की आईपीएस अधिकारी आगरा के फतेहपुर में अंडर ट्रेनिंग एसएचओ 18 अक्टूबर 23 को गोरखपुर में सहायक पुलिस अधीक्षक कोतवाली सर्किल की सीओ 4 फरवरी 2024 को कैंट सर्किल की सीओ गोरखपुर में 10 महीने के अपने बेहतर कार्यकाल के बाद बरेली जनपद की एसपी दक्षिणी बनाई गई जिसे गोरखपुर वासी महिला आईपीएस अधिकारी अंशिका वर्मा को सदैव याद करेंगे। विदाई समारोह में प्रमुख रूप से
पुलिस अधीक्षक नगर अभिनव त्यागी पुलिस अधीक्षक उत्तरी जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव पुलिस अधीक्षक दक्षिणी जितेंद्र कुमार पुलिस अधीक्षक अपराध सुधीर जायसवाल पुलिस अधीक्षक मंदिर सुरक्षा अनुराग सिंह सहायक पुलिस अधीक्षक बसंत कुमार क्षेत्राधिकारी कोतवाली ओंकार तिवारी क्षेत्राधिकारी गोरखनाथ योगेंद्र सिंह क्षेत्राधिकारी कैंपियरगंज गौरव तिवारी क्षेत्राधिकारी बांसगांव रवि प्रताप सिंह क्षेत्राधिकारी गोला रत्नेश्वर सिंह क्षेत्राधिकारी खजनी ध्रवेश कुमार क्षेत्राधिकारी गीडा प्रशाली गंगवार क्षेत्राधिकारी चौरी चौरा अनुराग सिंह एलआईयू सीओ देवी दयाल आरआई हरिशंकर सिंह सीए बाबू बसंत कुमार सहित शहरी क्षेत्र के थाना प्रभारी व चौकी प्रभारी मौजूद रहे।
Category: उत्तर प्रदेश
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एईपीएस अंशिका वर्मा को एसएसपी के नेतृत्व में किया गया विदाई
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रिटायर्ड आर्मी अफसर की बेटी के साथ उड़ीसा के थाने में बर्बरता और अश्लीलता भरा यौन उत्पीड़न
रिटायर्ड आर्मी अफसर की बेटी के साथ उड़ीसा के थाने में बर्बरता और अश्लीलता भरा यौन उत्पीड़न
ओडिशा के भुवनेश्वर स्थित भरतपुर पुलिस स्टेशन में आर्मी ऑफिसर से मारपीट और उसकी मंगेतर से छेड़छाड़ का मामला सामने आया है
सेना के अधिकारी की मंगेतर ने पुलिस पर न सिर्फ मारपीट का आरोप लगाया है, बल्कि, प्राइवेट पार्ट दिखाने और रेप की धमकी देने जैसे संगीन इल्जाम भी लगाए हैं
दोनों पुलिस स्टेशन में रोड रेज की शिकायत दर्ज कराने गए थे
मामले में पांच पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है -

एसएसपी व एसपी दक्षिणी बरेली ने नवीन पुलिस लाइन कैफे का किया उद्घाटन
एसएसपी व एसपी दक्षिणी बरेली ने नवीन पुलिस लाइन कैफे का किया उद्घाटन
गोरखपुर। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक व एसपी दक्षिणी बरेली ने पुलिस लाइन में नवीन पुलिस लाइन कैफे का किया फीता काटकर उद्घाटन। आज वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉक्टर गौरव ग्रोवर ने अपने पुलिस कर्मचारियों अधिकारियों को शुद्ध अच्छी क्वालिटी का फास्ट फूड नाश्ता सस्ते मूल्य पर उपलब्ध कराने के लिए पुलिस लाइन में ही नवीन पुलिस लाइन कैफे का उद्घाटन एसपी दक्षिणी बरेली से फीता काटकर करवाया जिससे अधिकारी व कर्मचारी पुलिस लाइन में ही अच्छी क्वालिटी के फास्ट फूड का नाश्ता कर सकेंगे इस कैफे को सहायक पुलिस अधीक्षक / क्षेत्राधिकारी कैंट /पुलिस अधीक्षक दक्षिणी बरेली ने बड़े ही लगन के साथ बनवाने में अपना अहम योगदान दिया था क्यों की मैडम ही सीओ लाइन थी जिसकी वजह से फेयरवेल विदाई से पूर्व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने एसपी दक्षिणी बरेली से कैफे का उद्घाटन करवाया। इस दौरान निवर्तमान सहायक पुलिस अधीक्षक/ सी ओ कैंट/ सी ओ लाइन/पुलिस अधीक्षक दक्षिणी बरेली अंशिका वर्मा पुलिस अधीक्षक नगर अभिनव त्यागी पुलिस अधीक्षक उत्तरी जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव पुलिस अधीक्षक दक्षिणी जितेंद्र कुमार पुलिस अधीक्षक अपराध सुधीर जायसवाल पुलिस अधीक्षक मंदिर सुरक्षा अनुराग सिंह सहायक पुलिस अधीक्षक बसंत कुमार क्षेत्राधिकारी कोतवाली ओंकार तिवारी क्षेत्राधिकारी गोरखनाथ योगेंद्र सिंह क्षेत्राधिकारी कैंपियरगंज गौरव तिवारी क्षेत्राधिकारी बांसगांव रवि प्रताप सिंह क्षेत्राधिकारी गोला रत्नेश्वर सिंह क्षेत्राधिकारी खजनी ध्रवेश कुमार क्षेत्राधिकारी गीडा प्रशाली गंगवार क्षेत्राधिकारी चौरी चौरा अनुराग सिंह एलआईयू सीओ देवी दयाल आरआई हरिशंकर सिंह सीए बाबू बसंत कुमार सहित शहरी क्षेत्र के थाना प्रभारी व चौकी प्रभारी मौजूद रहे। -

पीपीगंज।बापू स्नातकोत्तर महाविद्यालय में शुक्रवार को राष्ट्रीय सेवा
पीपीगंज।बापू स्नातकोत्तर महाविद्यालय में शुक्रवार को राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्वाधान में स्वच्छता ही सेवा अभियान के अंतर्गत सर्वप्रथम स्वयंसेवक एवं सेविकाओं को स्वच्छता की शपथ कार्यक्रम अधिकारी डॉ देवनारायण पांडे द्वारा दिलाई गई।

तत्पश्चात एक स्वच्छता रैली निकाली गई। रैली महाविद्यालय से होते हुए बढ़िया चौक टेंपो स्टैंड एवं पीपीगंज रेलवे परिसर के किनारे सिंगल यूज पॉलिथीन, प्लास्टिक बोतल आदि को स्वयंसेवक एवं सेविकाओं द्वारा एकत्रित किया गया। उसके बाद स्वच्छता ही सेवा पर पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें स्वयंसेवक एवं सेविकाओं ने प्रतिभाग किया इन प्रतिभागियों को पुरस्कार वितरण 2 अक्टूबर 2024 को किया जाएगा।

इस अभियान में महिला इकाई की कार्यक्रम अधिकारी डॉ दीपमाला यादव, डॉ प्रेमलता, डॉ रंजू यादव रामराज पीयूष एवं महाविद्यालय परिवार के अन्य सदस्य एवं छात्र एवं छात्राएं उपस्थित रहे।
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रेलवे पुल से सटे कैटरिंग लोगो के आवागमन में बना मुसीबत
रेलवे पुल से सटे कैटरिंग लोगो के आवागमन में बना मुसीबत गोरखपुर। रेलवे स्टेशन पर तीन ओवर ब्रिज जिसमें बीच वाला ओवर ब्रिज काफी दिनों से बंद था जिसमें पुनः निर्माण कार्य प्लेटफार्म न 9 से प्रारंभ किया जा रहा है जहां से निर्माण कार्यक्रम प्रारंभ किया जा रहा है वहां पर कैटरिंग की तीन स्टॉल स्थापित थी जिनको स्टेशन मास्टर एवं डिवीजन कामर्शियल इनसपेकटर अलग-अलग स्थानों पर लगाया गया है जिसमें एक कैटरिंग स्टाल प्लेटफार्म नंबर 9 पर पश्चिम ओवर ब्रिज के सटे लगा दिया है जिससे यात्रियों को आने जाने में काफी दिक्कतो का सामना करना पड़ रहा है वही आस पास के सटे अन्य कैटरिंग की दुकान भी प्रभावित हो रही है रेलवे के मानक पूरा कर कैटरिंग स्टाल लगा रहे लोगो के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है और परेशानी खड़ी हो गई है। कैटरिंग स्टाल की जगह लगाने की वैसे स्टेशन पर बहुत है लेकिन ब्रिज से सटे स्टाल लगाना या लगवाना जो जिम्मेदारो पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। और कुछ और ही स्थिति बया करता है अब ऐसी स्थिति में स्टाल नही हटाया गया तो कभी भी कोई अनहोनी घटनाएं घटित हो सकती है।
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समूचे राष्ट्र के सनातनियों की आस्था के ज्योति पुंज हैं ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ
समूचे राष्ट्र के सनातनियों की आस्था के ज्योति पुंज हैं ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ
राष्ट्र संत के रूप में युगों तक याद रहेंगे सामाजिक समरसता के अग्रदूत और मंदिर आंदोलन के नायक
गोरखपुर, 20 सितंबर। सामाजिक समरसता को ही आजीवन ध्येय मानने वाले श्रीराम मंदिर आंदोलन के नायक ब्रह्मलीन गोरक्षपीठाधीश्वर महंत अवेद्यनाथ का अहर्निश स्मरण एक ऐसे संत के रूप में होता है जिनमें समूचे राष्ट्र के सनातनियों की आस्था है। नाथपंथ की लोक कल्याण की परंपरा को धर्म के साथ राजनीति से भी संबद्ध कर महंत जी ने पांच बार मानीराम विधानसभा और चार बार गोरखपुर लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व भी किया। श्रीराम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण के लिए हुए आंदोलन को निर्णायक पड़ाव देने के लिए इस राष्ट्रसंत को निश्चित ही युगों-युगों तक याद किया जाएगा। उनकी पुण्य स्मृति में आश्विन कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि (21 सितंबर, शनिवार) को गोरखनाथ मंदिर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति सभागार में वर्तमान गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन होगा। इसमें देशभर के प्रतिष्ठित साधु-संत और धर्माचार्य भी सहभागिता करेंगे।
18 मई 1919 को गढ़वाल (उत्तराखंड) के ग्राम कांडी में जन्में महंत अवेद्यनाथ का बचपन से ही धर्म, अध्यात्म के प्रति गहरा झुकाव था। उनके इस जुड़ाव को विस्तृत आयाम नाथपंथ के विश्वविख्यात गोरक्षपीठ में महंत दिग्विजयनाथ के सानिध्य में मिला। गोरक्षपीठ में उनकी विधिवत दीक्षा 8 फरवरी 1942 को हुई और वर्ष 1969 में महंत दिग्विजयनाथ की आश्विन तृतीया को चिर समाधि के बाद 29 सितंबर को वह गोरखनाथ मंदिर के महंत व पीठाधीश्वर बने। योग व दर्शन के मर्मज्ञ पीठाधीश्वर के रूप में उन्होंने अपने गुरुदेव के लोक कल्याणकारी व सामाजिक समरसता के आदर्शों का फलक और विस्तारित किया। यह सिलसिला 2014 में आश्विन कृष्ण चतुर्थी को उनके चिर समाधिस्थ होने तक अनवरत जारी रहा।
अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण को बना लिया जीवन का मिशन अयोध्या में प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण के लिए गोरक्षपीठ की तीन पीढ़ियों का योगदान स्वर्णाक्षरों में अंकित है। महंत दिग्विजयनाथ ने अपने जीवनकाल में मंदिर आंदोलन में क्रांतिकारी नवसंचार किया तो उनके बाद इसकी कमान संभाली महंत अवेद्यनाथ ने। नब्बे के दशक में उनके ही नेतृत्व में श्रीराम मंदिर आंदोलन को समग्र, व्यापक और निर्णायक मोड़ मिला। आंदोलन की ज्वाला गांव-गांव तक प्रज्वलित हुई। मंदिर आंदोलन में यह महंत जी का ही अविस्मरणीय योगदान था कि उन्होंने धर्माचार्यों के बीच अपने-अपने मत-श्रेष्ठतावाद का खंडन कर भारत के लगभग सभी शैव-वैष्णव आदि धर्माचार्यों को एक मंच पर खड़ा कर दिया। परिणामतः जब श्रीराम जन्मभूमि मुक्ति यज्ञ-समिति का गठन हुआ तो 21 जुलाई, 1984 को अयोध्या के वाल्मीकि भवन में सर्वसम्मति से महंत अवेद्यनाथ जी को अध्यक्ष चुना गया। तब से आजीवन श्रीराम जन्मभूमि मुक्ति यज्ञ समिति के अध्यक्ष रहे और उनके नेतृत्व में भारत में ऐसे जनांदोलन का उदय हुआ जिसने भारत में सामाजिक-राजनीतिक क्रान्ति का सूत्रपात किया। महंत अवेद्यनाथ जी ने श्रीराम जन्मभूमि मुक्ति यज्ञ समिति के आजीवन अध्यक्ष और श्रीराम जन्मभूमि निर्माण उच्चाधिकार समिति के अध्यक्ष के रूप में आंदोलन में संतो, राजनीतिज्ञों और आमजन को एकसूत्र में पिरोया। यह भी सुखद संयोग है कि पांच सदी के इंतजार के बाद अयोध्या में श्रीराम मंदिर के निर्माण का मार्ग उनके शिष्य, वर्तमान गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के राज्य शासन में पूर्णता को प्राप्त हो रहा है। श्रीराम मंदिर का निर्माण महंत अवेद्यनाथ जी के जीवन का वह मिशन रहा जो उनके सुयोग्य उत्तराधिकारी की देखरेख में जारी है।
सामाजिक समरसता को समर्पित धर्माचार्य
महंत अवेद्यनाथ वास्तविक अर्थों में धर्माचार्य थे। धर्म के मूल मर्म सामाजिक समरसता को उन्होंने अपने जीवनपथ का उद्देश्य बनाया। आजीवन उन्होंने हिन्दू समाज से छुआछूत और ऊंच-नीच के भेदभाव को समाप्त करने के लिए वृहद अभियान चलाया। अखिल भारतवर्षीय अवधूत भेष बरहपंथ योगी महासभा के अध्यक्ष के रूप में महंतजी ने देशभर के संतों को भी अपने इसी अभियान से जोड़ा। अपने स्पष्ट विचारों के चलते पूरे देश के संत समाज में अति सम्माननीय रहे महंत अवेद्यनाथ दक्षिण भारत के मीनाक्षीपुरम में दलित समाज के सामूहिक धर्मांतरण की घटना से बहुत दुखी हुए। इस तरह की पुनरावृत्ति उत्तर भारत में न हो, इसी कारण से धर्म के साथ उन्होंने राजनीति की भी राह चुनी। उनका ध्येय हिन्दू समाज की कुरीतियों को दूर कर पूरे समाज को एकजुट करना था। इसे लेकर उन्होंने दलित बस्तियों में सहभोज अभियान शुरू किया जहां जातिगत विभेद से परे सभी लोग एक पंगत में भोजन करते। काशी में डोमराजा के घर संतों और साधु समाज के साथ भोजन कर महंतजी ने सामाजिक समरसता का देशव्यापी संदेश दिया। सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने दलित कामेश्वर चौपाल के हाथों राम मंदिर के भूमिपूजन की पहली शिला रखवाई। समाजिक समरसता को सुदृढ़ करने के लिए दलितों, वंचितों के घर सहभोज का आयोजन तो उनके जीवनकाल में स्वस्थ रहने तक जारी रहा। सामाजिक एकता के लिए वह सदैव स्पष्टवादी रहे। उन्होंने इस प्रश्न पर धर्माचार्यों, संत-महात्माओं, राजनीतिज्ञों, किसी को भी क्षमा नहीं किया, यदि वे हिंदू समाज की एकता के विरुद्ध अथवा अस्पृश्यता के पक्ष में खड़े हुए।
उद्धरणों से समझाते थे सामाजिक एकता की ताकत
नाथपंथ, गोरक्षपीठ के अध्येता और महंत अवेद्यनाथ के जीवन के शोधार्थी डॉ. प्रदीप कुमार राव बताते हैं कि महंत अवेद्यनाथ सामाजिक समरसता को मजबूत करने के लिए प्रभु श्रीराम और देवी दुर्गा के उद्धरणों से संदेश देते थे। ऐसे संदेश उनकी दिनचर्या में शामिल थे। महंतश्री लोगों को व्यावहारिक रूप में समझाते थे कि प्रभु श्रीराम ने शबरी के जूठे बेर खाए, निषादराज को गले लगाया, गिद्धराज जटायु का अंतिम संस्कार अपने हाथों किया, वनवास के दौरान वनवासियों से मित्रता की तो इसके पीछे उनकी सोच समरस समाज की स्थापना ही थी। वह बताते थे कि देवी दुर्गा की आठ भुजाएं समाज के चारों वर्णों से दो-दो भुजाओं की प्रतीक हैं। समाज के ये चारों वर्ण एकजुट हो जाएंगे तो वह भी देवी दुर्गा की भांति इतने सशक्त होंगे कि किसी भी शक्तिशाली पर नियंत्रण पा लेंगे। ठीक वैसे ही जैसे अष्टभुजी देवी दुर्गा सबसे तेज तर्रार और शक्तिशाली जीव शेर पर सवारी करती हैं।
गुरु के बीजारोपित शिक्षा परिषद को बनाया वटवृक्ष
शिक्षा के क्षेत्र में भी महंत अवेद्यनाथ जी महाराज ने अपने वरेण्य गुरुदेव महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज के सपनों को साकार किया। उन्होंने अपनी निष्ठा, सुदीर्घकालीन तपस्या और अनुभव की पूंजी से उत्तरोत्तर समृद्ध और समुन्नत करते हुए पूज्य गुरुदेव द्वारा बीजारोपित महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद को वटवृक्ष जैसा वृहत्तर स्वरूप प्रदान किया। महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के अंतर्गत आज चार तीन दर्जन से अधिकन प्राथमिक से लेकर उच्च स्तर तक के शिक्षण-प्रशिक्षण संस्थान, चिकित्सा संस्थान तथा सेवा संस्थान संचालित हो रहे हैं। प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक के पारंपरिक शिक्षण संस्थानों के साथ-साथ तकनीकी एवं स्वास्थ्य शिक्षा के संस्थानों में हजारों विद्यार्थी रोजगारपरक पुस्तकीय पाठ्यक्रमों के साथ-साथ भारतीयता तथा सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का पाठ पढ़ रहे हैं।राजनीतिक क्षेत्र में भी बनाया रिकार्ड
महंत अवेद्यनाथ के नाम राजनीति के क्षेत्र में भी अनूठा रिकार्ड है। उन्होंने पांच बार (1962, 1967, 1969, 1974 व 1977) मानीराम विधानसभा सीट और चार बार (1970, 1989,1991 व 1996) गोरखपुर सदर संसदीय सीट का प्रतिनिधित्व किया था। वह अखिल भारतीय हिन्दू महासभा के उपाध्यक्ष व महासचिव के रूप में भी प्रतिष्ठित रहे। महंत अवेद्यनाथ जी महाराज ने सदैव राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद, भारतीय संस्कृति की पुनर्प्रतिष्ठा, शैक्षिक पुनर्जागरण तथा हिंदू समाज की रक्षा में अपनी राजनीतिक भूमिका निर्धारित की। -
बनारस-आगरा वंदेभारत का शेड्यूल जारी, इस दिन से नियमित चलेगी ट्रेन
बनारस-आगरा वंदेभारत का शेड्यूल जारी, इस दिन से नियमित चलेगी ट्रेन

बनारस वाराणसी रेलवे प्रशासन की ओर से बनारस-आगरा वंदेभारत का शेड्यूल जारी कर दिया गया है। ट्रेन 23 सितंबर से नियमित चलेगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 16 सितंबर को ट्रेन का वर्चुअल लोकार्पण किया था। आठ कोच की यह ट्रेन सात घंटे में आगरा से बनारस का सफर तय करेगी।
पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल के जनसंपर्क अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि 20175 वंदेभारत ट्रेन बनारस स्टेशन से 3.20 बजे खुलेगी और 4.50 बजे प्रयागराज, 6.57 बजे कानपुर सेंट्रल, 8.17 बजे इटावा, 9.32 बजे टुंडला होकर रात 10.20 बजे आगरा कैंट पहुंचेगी। उधर आगरा कैंट से 20176 वंदेभारत आगरा से सुबह 6 बजे कुलेगी और 6.48 बजे टूंडला, इटावा 7.40 बजे, 9.15 बजे कानपुर सेंट्रल, 11.25 बजे प्रयागराज और दोपहर एक बजे बनारस स्टेशन पहुंचेगी।
उन्होंने बताया कि सप्ताह में शुक्रवार को छोड़कर शेष सभी दिन ट्रेन का संचालन होगा। ट्रेन में चेयरकार और एग्जिक्यूटिव क्लास के कोच हैं। आगरा-बनारस का किराया भी जल्द निर्धारित होगा। बनारस स्टेशन से चलने वाली यह पहली वंदेभारत ट्रेन होगी। -

समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने राजपाल को सौपा ज्ञापन
समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने राजपाल को सौपा ज्ञापन
महामहिम राज्यपाल महोदया,
उत्तर प्रदेश, राजभवन लखनऊ
द्वारा:-
जिलाधिकारी गोरखपुर।
विषय:उत्तर प्रदेश सहित जनपद गोरखपुर की लोक-महत्व की जन
समस्याओं को लेकर समाजवादी पार्टी जनपद-गोरखपुर द्वारा प्रदर्शन कर जनसमस्याओं के निराकरण की मांग के सम्बन्ध में…..
महोदया : जनहित में सादर अवगत कराना है कि उत्तर प्रदेश सहित गोरखपुर जनपद में
प्रदेश सरकार, शासन व प्रशासन द्वारा लोकमहत्व के विषयों की निरन्तर उपेक्षा व अनदेखी की जा रही है।
जातीय आधार पर कानून व्यवस्था लागू की जा रही है तथा जाति, धर्म के आधार पर फर्जी एनकाउंटर व अन्य कार्यवाईयाँ हो रही हैं। महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों, थानों व
तहसीलों में एक जाति विशेष के लोगों की तैनाती दी जा रही है। उत्तर प्रदेश में दुराचार व सामूहिक बलात्कार की घटनाएं आये दिन घटित हो रही हैं। सत्ताधारी पार्टी
के कार्यकर्ता आये दिन बे-लगाम होकर थाने व तहसीलों में अधिकारियों व कर्मचारियों से खुलेआम मारपीट कर रहे है, जिसका ऑडियो- वीडियो आए दिन निरन्तर वायरल हो रहा है। जुल्म, ज्यादती, अत्याचार व भ्रष्टाचार चरम पर है। जिससे परेशान जनता त्राहि-त्राहि कर रही है।इसलिए विवश होकर हम समाजवादी पार्टी जनपद गोरखपुर के लोग अपनी नैतिक एवं लोकतांत्रिक जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए हजारों की संख्या में
जिलाधिकारी गोरखपुर के कार्यालय पर शान्ति पूर्ण प्रदर्शन कर ज्ञापन के माध्यम से
निम्नलिखित प्रकरणों व मुद्दों पर प्रभावी कार्यवाई की मांग करते हैं।मुख्य मुद्दे:-
1- अयोध्या राम मंदिर परिसर में सफाई का काम करने वाली दलित बेटी के साथ सामूहिक बलात्कार करने वालों दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्यवाही की जाय तथा पीड़ित बेटी को अबिलंब रुपए 10 लाख की सहायता प्रदान की जाए।
2- गोरखपुर सहित संपूर्ण उत्तर प्रदेश में खराब व लचर कानून व्यवस्था अबिलंब ठीक किया जाए
3- प्रदेश में बहन बेटियों के साथ निरंतर हो रहे सामूहिक हत्या,बलात्कार एवं छेड़छाड़ पर रोक लगाई जाए।
4- जाति, धर्म के आधार पर फर्जी एनकाउंटर में निर्दोषों की निर्मम हत्याएं बंद हो।
5- उत्तर प्रदेश सहित जनपद गोरखपुर में भूमि अधिग्रहण के नाम पर काश्तकारों की औने -पौने दाम पर ली जा रही जमीनों का उचित मुआवजा दिया जाए।
6- अनियमित विद्युत कटौती एवं ध्वस्त विद्युत वितरण व्यवस्था में तत्काल सुधार किया जाए।
7- थानों,तहसीलों एवं उच्च प्रशासनिक पदों पर जाति विशेष के आधार पर तैनाती जनहित में बंद की जाए तथा सरकारी कार्यों में जाति के आधार पर भेदभाव बंद हो।
8- भा.ज.पा. नेताओं व कार्यकर्ताओं द्वारा लोकतांत्रिक अधिकारों का दुरुपयोग कर सत्ता संरक्षण में पी.डी.ए.की आवाज को दबाने के लिए किए जा रहे अराजक प्रदर्शनों पर रोक लगाई जाए।
9- संबिधान के मंशा के अनुरूप विकास कार्यों एवं अन्य कार्यों में सभी जाति वर्गों की उचित भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जातीय जनगणना अबिलंब कराया जाय।
10- जनपद गोरखपुर के विभिन्न क्षेत्रों में बाढ़ विभिषिका के कारण हो रही कटान से प्रभावित तथा पीड़ित लोगों की तत्काल अहेतुक सहायता एवं पुनर्वास की व्यवस्था की जाए।
11- दी.द.उ.विश्वविद्यालय गोरखपुर को यथाशीघ्र केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दिया जाए।
12- बी.आर.डी. मेडिकल कॉलेज गोरखपुर तथा एम्स गोरखपुर में चिकित्सा व्यवस्था एवं अन्य जन सुविधाओं में अबिलंब सुधार किया जाय।:अतः महामहीम राज्यपाल महोदया से विनम्र निवेदन है कि
उक्त विषय की गम्भीरता को देखते हुए तत्काल कार्यवाही करने की कृपा करें ।इस दौरान प्रमुख रूप से जिलाध्यक्ष ब्रजेश कुमार गौतम महानगर अध्यक्ष शब्बीर कुरैशी जिला महासचिव रामनाथ यादव महानगर महासचिव बृजनाथ मौर्य पूर्व विधायक विनय शंकर तिवारी, विजय बहादुर यादव, यशपाल रावत, पूर्व जिलाध्यक्ष अवधेश यादव, प्रहलाद यादव, रजनीश यादव, नगीना प्रसाद साहनी, संजय कुमार,अमरेन्द्र निषाद, साधु यादव,रुपावती बेलदार,मनुरोजन यादव, जियाउल इस्लाम,संजय पहलवान, मिर्जा कदीर बेग,मुन्नीलाल यादव, देवेंद्र भूषण निषाद,अखिलेश यादव, शकील अंसारी, प्रमोद यादव, राघवेंद्र तिवारी राजू, मैना भाई,हरेंद्र यादव, राजेंद्र यादव, गिरीश यादव, हीरालाल यादव, रामजतन यादव,हरी यादव, रवि यादव, शिव दुबे, शशिकांत दुबे, महेंद्र तिवारी, कीर्तिनिधि पांडे, जयप्रकाश यादव, नीरज शाही,श्याम देव निषाद, राहुल यादव अविनाश तिवारी हरेंद्र हैरी सन्तोष मौर्य बिन्दा देवी अख्तर जहां अनारकली मौर्य सुमन पासवान कंचन श्रीवास्तव महेंद्र यादव सन्तोष यादव गवीश दुबे अजय कन्नौजिया पतासी देवी सुशीला भारती उर्मिला देवी संजय सिंह स्वतन्त्र सिंह यादव मारकंडेय यादव मनीष कमांडो सुरेंद्र मौर्य संजय यादव रामनिरंजन यादव अमरजीत यादव सुनील यादव दयानंद विद्रोही अशोक चौधरी सच्चिदानंद यादव मनोज कुमार गौतम रणजीत पासवान अम्बरीष यादव गोली यादव अनूप यादव फ़िरदौस आलम अमित शाही नवाज लारी करुणा निधान रफीउल्लाह सलमानी प्रदीप यादव चन्द्रभान यादव जयराम यादव रामउग्रह यादव उपेन्द्र यादव सेराजुद्दीन रहमानी अर्जून यादव राम अजोर मौर्य पप्पू यादव धन्नजय सिंह सैथवार शिव प्रसाद यशपाल विश्वकर्मा लालजी यादव गणेश प्रजापति रमाशंकर यादव श्रीराम यादव श्रीकांत यादव तौफीक खान अशोक यादव धर्मेंद्र मौर्य रामहर्ष यादव धनपत यादव शिवशंकर गौड़ राजेश निषाद घनानंद यादव शैलेन्द्र धर्मेंद्र सुधीर प्रभाकर मनोज दुर्गेश आदि मौजूद रहे -

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, गोरखपुर के दंत शल्य विभाग
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, गोरखपुर के दंत शल्य विभाग के सहायक आचार्य एवं ओरलएवं मैक्सिलोफ़ेशियल सर्जन डा शैलेश कुमार ने देर रात ३ घंटे चले ऑपरेशन में एक २६ वर्षीय महिला के क्षत विक्षत चेहरे को प्लास्टिक सर्जरी द्वारा पुराना रूप दिया
घटना गोरखपुर एम्स के पास के रानिदीहा इलाक़े की है जहां २६ वर्षीय महिला जो अपनी छोटी बेटी के साथ रहती थी, पर देर रात किसी अनजान व्यक्त्ति ने घर मैं घुसकर जानलेवा हमला किया . इस हमले के कारण महिला के चेहरे , नाक, कान, गर्दन पर बहुत गहरे ज़ख़्म पड़ गये थे हाथ चेहरा बुरी तरह क्षत् विक्षत हो गया था
देर रात महिला को एम्स के ट्रामा एवं इमरजेंसी मैं लाया गया, जहां महिला के हालत को देखते हुए रात मैं ही ऑपरेशन करने का निर्णय लिया गया
३ घंटे चले ऑपरेशन के बाद महिला के चेहरे को पुराना रूप दिया गया
इस ऑपरेशन मैं चेहरे की लार ग्रंथि को जोड़ा गया , चेहरे की नसों को जोड़ा गया जिससे भविष्य मैं होने चेहरे की पैरालिसिस को रोका जा सकेगा. और सबसे महत्वपूर्ण चेहरे को पुराना रूप देकर मरीज़ के आत्मविशवाश एवम् मानसिक स्वाथ्य को सुनिश्चित किया गया .
ऐम्स निदेशक एवं सीईओ डा (प्रो) जी के पॉल को मैक्सिलोफ़ेशियल सर्जन डा शैलेश द्वारा मरीज़ की ऑपरेशन की जानकारी दी गई, जिस पर उन्होंने डाक्टरों के टीम को बधाई दी . एम्स निदेशक द्वारा मरीज़ के स्वास्थ्य की जानकारी ली गई तथा डाक्टरों की टीम को आवश्यक निर्देश दिये गये
इस ऑपरेशन मैं ट्रामा एवं इमरजेंसी विभाग के डाक्टरों तथा डीएमएस डा अंकिता काबी का पूरा सहयोग मिला . ट्रामा एवं इमरजेंसी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डा सुबोध एवं विभागाध्यक्ष डा श्रीनिवास ने डा शैलेश और उनकी टीम को सफल ऑपरेशन की बधाई दी . मरीज़ अभी सर्जरी के मैक्सिलोफ़ेशियल वार्ड मैं डाक्टरों की गहन निगरानी मैं है . इस ऑपरेशन मैं दंत विभाग की रेज़िडेंट डा दिव्या ने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी -

महाकाव्यों और धर्मग्रंथों में पर्यावरण संरक्षण की शिक्षा मिलती है
महाकाव्यों और धर्मग्रंथों में पर्यावरण संरक्षण की शिक्षा मिलती है— प्रो. निशी पांडे
विमर्श ही निकालेगा हल: कुलपति
मानव ही समस्या और मानव ही हल : प्रो अक्षय
दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग में आयोजित दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी के प्रथम दिन, लखनऊ विश्वविद्यालय की प्रो. निशी पांडे ने महाकाव्यों और धर्मग्रंथों से प्राप्त पर्यावरण संरक्षण की सीख पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि साहित्य के माध्यम से न केवल विश्व कल्याण, बल्कि पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता भी विकसित की जा सकती है।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने संगोष्ठी के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा, यह आयोजन विश्वविद्यालय के लिए एक गौरवशाली क्षण है, जो साहित्य और पर्यावरणीय चिंताओं के गहरे संबंध पर वैश्विक संवाद का मंच प्रदान कर रहा है। यह हमें पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ साहित्य में हो रहे नवीनतम शोधों से अवगत कराता है। उन्होंने अंग्रेज़ी विभाग को रोल मॉडल भी बताया .
मुख्य वक्ता पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ के प्रो. अक्षय कुमार ने कहा, पर्यावरण का रोष सीमाओं के बंधन नहीं जानता। मानव स्वार्थ और उपभोग की प्रवृत्ति ने इसे गंभीर संकट में डाल दिया है। साहित्य के माध्यम से हम बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा सकते हैं।उन्होंने छात्रों को साहित्य और पर्यावरण के बीच के जटिल संबंधों को समझने और समाधान की दिशा में कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
संगोष्ठी के संयोजक एवं अंग्रेज़ी विभाग के अध्यक्ष प्रो अजय शुक्ला ने स्वागत भाषण के साथ विषय पर प्रकाश डालते हुए पर्यावरण के विभिन्न पहलुओं पर बात करते हुए दक्षिण एशियाई साहित्य से जोड़कर संगोष्ठी के आधार को बनाया
संगोष्ठी की स्मारिका और पुस्तक ‘क्विवर ‘ का हुआ विमोचन
इस अवसर पर अतिथियों द्वारा संगोष्ठी की स्मारिका का विमोचन किया गया। साथ ही, ‘क्विवर’ नामक एक पुस्तक का भी विमोचन किया गया, जिसे अतिथियों की गरिमामय उपस्थिति में प्रस्तुत किया गया।
हस्ताक्षर कर लिया पर्यावरण संरक्षण का संकल्प
सभी उपस्थित प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताते हुए हस्ताक्षर अभियान में भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान आधा दर्जन तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जिनमें पर्यावरण और साहित्य के बीच के अंतर्संबंध पर गहन विचार-विमर्श हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत गीत से हुई, जिसे अनुप्रिया मिश्रा ने प्रस्तुत किया। अतिथियों का स्वागत पौधा देकर किया गया.संगोष्ठी के समापन पर प्रो. आलोक कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन दिया, जबकि कार्यक्रम का संचालन डॉ. आमोद राय ने किया।











