Category: उत्तर प्रदेश
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भ्रष्टाचार पर सरकार के जीरो टॉलरेंस को भ्रष्टाचारियों ने किया बेनकाब
भ्रष्टाचार पर सरकार के जीरो टॉलरेंस को भ्रष्टाचारियों ने किया बेनकाब
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“दी दी उ गोरखपुर विश्वविद्यालय के कृषि संस्थान मे प्री-प्लेसमेन्ट सेमिनार का आयोजन”.
दी दी उ गोरखपुर विश्वविद्यालय के कृषि संस्थान मे प्री-प्लेसमेन्ट सेमिनार का आयोजन.
आज दिनांक 16 सितंबर 2024 को गोरखपुर विश्वविद्यालय के कृषि एवं प्राकृतिक संस्थान द्वारा एक प्री प्लेसमेंट सत्र का आयोजन कराया गया, जिसमें श्री गोरखनाथ कृपा दुग्ध उत्पाद कंपनी ने भाग लिया | कृषि के स्नातक एवं स्नातकोत्तर के अंतिम वर्ष के छात्र-छात्राओं के प्लेसमेंट हेतु इस सत्र का अयोजन करवाया गया, ताकी शिक्षण अवधि के सम्पन्न होने के पूर्व ही छात्र-छात्राओं को रोजगार मोहैया करवाया जा सके | इस अवसर पर कंपनी के उच्च अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में छात्र, छात्राएं एवं शिक्षक गण मौजूद रहे। इस अवसर पर कंपनी के अधिकारिगण ने कंपनी का परिचय, कार्य विधि ,एवं प्रस्तवित रोजगार के विषय में जानकारी छात्र-छात्राओं को दिया | इस अवसर पर मुख्य रूप से कंपनी के एचआर प्रमुख श्री विशाल शाही, एवीएन के तकनीकी प्रमुख डॉक्टर अरुण चौधरी ने छात्रों को विस्तार से बताया । कार्यक्रम के अध्यक्षता कृषि संस्थान के निदेशक प्रोफेसर शरद कुमार मिश्र ने की। निदेशक प्रो मिश्र ने ऐसे कार्यक्रम को भविष्य मे भी जारी रखने के लिए आश्वस्त किया। उन्होने बताया कि बङी संख्या मे देश की कृषि क्षेत्र की कम्पनियां यहां के छात्रों के प्लेसमेंट के लिए रूचि दिखा रही हैं। कार्यक्रम का आयोजन व संचालन डेरी विभाग के इंजीनियर अंबरीष पांडेय ने की | इस मौके पर प्रमुख रूप से डॉक्टर नूपुर सिंह, डॉक्टर तनवीर ,डॉक्टर अनुपम दुबे आदि शिक्षक गण व बङी संख्या मे स्नातक व स्नातकोत्तर के छात्र मौजूद रहे। -

आज विश्वकर्मा पूजा के शुभ अवसर पर पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ के महामंत्री
आज विश्वकर्मा पूजा के शुभ अवसर पर पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ के महामंत्री एवं एजीएस एन एफआईआर विनोद राय यांत्रिक कारखाना,टी आर डी ऑफिस, डीजल लॉबी गोरखपुर में अपने शीर्ष पदाधिकारियो के साथ भ्रमण कर भगवान विश्वकर्मा का आशीर्वाद लिया, प्रसाद ग्रहण किया एवं कर्मचारियों से मिले
सृष्टि के रचयिता भगवान विश्वकर्मा सभी को सुखी रखें एवं भारतीय रेल प्रगति करती रहे -विनोद राय
आज यांत्रिक कारखाना, डीजल लॉबी, टीआरडी ऑफिस गोरखपुर में सृष्टि के रचयिता भगवान विश्वकर्मा की पूजा धूमधाम से आयोजित की गई। इस अवसर पर पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ के महामंत्री एवं असिस्टेंट जनरल सेक्रेटरी एनएफआईआर श्री विनोद राय अपने शीर्ष पदाधिकारी के साथ सभी स्थानों का भ्रमण कर भगवान विश्वकर्मा से आशीर्वाद लिया, प्रसाद ग्रहण किया एवं कर्मचारियों से मिलकर उनके सुख दुख जाना। महामंत्री विनोद राय ने कहा कि त्योहार समाज एवं कर्मचारियों में समरसता बढ़ाते हैं इससे आपसी सहयोग की भावना का विकास होता है भगवान विश्वकर्मा सभी रेल कर्मियों सहित पूरे समाज को सुखी रखें एवं भारतीय रेल और अधिक प्रगति करे। यांत्रिक कारखाना, डीजल लॉबी, एवं टी आर डी ऑफिस के कर्मचारी पूरी गर्म जोशी के साथ महामंत्री विनोद राय से मिले एवं आगामी मान्यता के चुनाव में उन्हें भरपूर समर्थन देने का वादा किया। इस अवसर पर पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी श्री सतीश चंद्र अवस्थी, के एम मिश्रा, संजीव धर, देवेश सिंह, कुलदीप मणि त्रिपाठी, ईश्वर चंद्र विद्यासागर, बृजपाल सिंह लक्ष्मीनारायण श्रीवास्तव, सुरेंद्र तिवारी, मनोज शुक्ला, विनोद मिश्रा, अजय त्रिपाठी, अंशुमाल पाठक, निशांत यादव, अजय गुप्ता, अजय पांडे, आलम ,कैलाश, राजवीर, धीरज यादव, विनय यादव, अभिषेक गुप्ता, राकेश श्रीवास्तव, राजू रावत, अनिल गौतम, नवनीत शर्मा, दीपक पांडे अमित गुप्ता, दीपक गुप्ता, हरिकेश बहादुर सिंह, सुनील शर्मा, शशि भूषण सिंह ,अनिल गौतम, अल्बर्ट पीटर ,गंगेश राजवंशी इत्यादि पदाधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। -

प्रो.कमलेश गुप्त ने ग्रहण किया हिन्दी विभागाध्यक्ष का कार्यभार हिन्दी दिवस कार्यक्रम हुआ आयोजित
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय
प्रो.कमलेश गुप्त ने ग्रहण किया हिन्दी विभागाध्यक्ष का कार्यभार हिन्दी दिवस कार्यक्रम हुआ आयोजित
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के हिन्दी एवं आधुनिक भारतीय भाषा तथा पत्रकारिता विभाग में प्रो.कमलेश कुमार गुप्त ने आज विभागाध्यक्ष का कार्यभार ग्रहण कर लिया. पूर्व अध्यक्ष प्रो. दीपक प्रकाश त्यागी ने उन्हें कार्यभार ग्रहण कराया. इस अवसर पर पूरा विभाग उपस्थित रहा. विभिन्न विभागों के आचार्यों ने बधाई व शुभकामनाएं दीं
इसी के साथ ‘हिन्दी दिवस’ का समारोहपूर्वक आयोजन हुआ. कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रो.अनिल राय ने कहा कि हिन्दी को लेकर दो दृष्टियां मौजूद हैं – एक तरफ हिन्दी के उत्तरोत्तर प्रगति व विकास, तो दूसरी तरफ बाधाओं, संकटों व समस्याओं की दृष्टि निरंतर विद्यमान है. दोनों दृष्टियों के पर्याप्त तथ्य हैं. उन्होंने कहा कि भारतीय मन में अंग्रेजी के प्रति गहरा सम्मोहन भी काम करता है. जरुरत है हिन्दी को अधिकाधिक अनुवाद के माध्यम से ज्ञान की भाषा बनाने की.
हिन्दी विभाग के नवागत अध्यक्ष प्रो.कमलेश कुमार गुप्त ने कहा कि भारत को दुनियां की ज्ञान परंपरा से निरंतर आदान-प्रदान करते रहने की जरुरत है. हिन्दी उस समन्वय व समरसता की भाषा है जो भारतीय संस्कृति की मूल विशेषता है. उन्होंने कहा कि समस्या यह है कि हिन्दी, राजभाषा की भूमिका में आज भी वैसी दिख नहीं रही, जैसी होनी चाहिए. हिन्दी विभाग से इतर अन्य अनुशासनों के लोग जब हिन्दी को अपनी भाषा में स्वीकार करेंगे, ज्ञान विज्ञान की भाषा के रूप में व्यवहार करेंगे, तब तस्वीर सुदृढ़ होगी.
पूर्व अध्यक्ष प्रो.दीपक प्रकाश त्यागी ने कहा कि हिन्दी दिवस आत्म मूल्यांकन का दिन है. यह समस्त भारतीय भाषाओं पर चिंतन का दिन है.
प्रो.विमलेश मिश्र ने सम्बोधित करते हुए कहा कि मैं 14 सितम्बर को भारतीय भाषा दिवस ही मानता हूं. जबतक हम दूसरी भाषाओं का सम्मान नहीं करेंगे, तबतक हिन्दी को सम्यक सम्मान मिलना मुश्किल है. हिन्दी जोड़ने वाली भाषा है. हिन्दी सभ्यताओं से संवाद क़ायम करने वाली भाषा है. उन्होंने कहा कि हिन्दी त्रिभुजाकर समस्या में फंसी हुई है, वह समस्या है- स्थानीयता, राष्ट्रीयता और वैश्विकता की.
प्रो. राजेश मल्ल ने कहा कि 11 दिसम्बर के भारतीय भाषा दिवस को भी समारोहपूर्वक मनाना चाहिए.
प्रो. प्रत्यूष दुबे ने कहा कि अपनी भाषा की रक्षा ही असल मायने में सभ्यता, संस्कृति और अस्मिता की रक्षा है. उन्होंने कहा कि अगर माँ बूढ़ी भी हो जाए, तो भी माँ, माँ होती है. माँ का स्थान कोई दूसरा नहीं ले सकता. भाषा के स्तर पर हिन्दी हमारी माँ है.
कार्यक्रम का संचालन शोध छात्रा सोनी ने किया. विद्यार्थियों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं. -

गोरखनाथ मंदिर कथा 17 सितंबर
17 सितंबर, 2024 गोरखपुर।गोरखनाथ मंदिर कथा
युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज की 55 वीं तथा राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की 10 वीं पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित साप्ताहिक श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के चौथे दिन श्री राममंदिर गुरुधाम वाराणसी से पधारे श्रीमद्जगतगुरु अनंतानंद द्वाराचार्य काशीपीठाधीश्वर स्वामी डॉ रामकमल दास वेदांती जी महाराज ने व्यास पीठ कहा कि *जीवन की किसी भी समस्या से निजात दिलाता हैं गजेंद्र मोक्ष का पाठ। भगवान् नारायण ने गजराज को जिस प्रकार ग्राह से मुक्ति दिलाई, उसी प्रकार इस स्तोत्र का पाठ करने वाले मनुष्य के जीवन मे ग्राह रुपी जो भी समस्याए होती हैं उनसे भगवान् उसको मुक्ति दिलाते हैं। हमारा यह मनुष्य जीवन स्वयं में भी ग्राह ही हैं। जीवन रूपी ग्राह से मुक्ति के लिए सत्संग करे, और भगवान के नाम का जप करे। नाम जप करने का अभ्यास पूर्व से रहने पर अंत समय में भी भगवान का नाम जिह्वा पर आता है जिसके द्वारा इस जीवन रूपी ग्राह से सदा के लिए मुक्ति मिल जाती हैं ।
उन्होने कहा कि जो लक्ष्मी जी के पीछे पीछे दौड़ते हैं उन्हें लक्ष्मी नहीं मिलती, क्योंकि लक्ष्मी जी छाया की तरह है, छाया को दौड़ा कर पकड़ना चाहे तो कभी नहीं पकड़ सकते। लक्ष्मी जी उसी को मिलती हैं जो उनका तिरस्कार कर नारायण को पाना चाहता है। लक्ष्मी स्वयं नारायण के भक्तो के पास चली जाती हैं।
स्वामी विवेकानन्द का उद्धरण देते हुए बताया कि स्वामी जी अमेरिका में पूछे जाने पर कहते हैं कि भारत देश में चित्र की नहीं चरित्र की पूजा होती है। व्यक्ति का स्वरूप चाहे जैसा हो, यदि उसका चरित्र उत्तम होता है तो समाज में उसकी पूजा होती हैं। रूप,रंग, जाती धर्म के आधार पर किसी का मान अपमान करना यह भारत की संस्कृति नहीं रहीं हैं।
युवाओं को आगाह करते हुए कहा कि आत्महत्या जीवन का सबसे बड़ा पाप है, यह किसी समस्या का समाधान नहीं है। यदि हम जीवन में असफल होते हैं तो हमें आत्महत्या नहीं सत्संग करना चाहिए। हमे ईश्वर से हमेशा यही कामना करनी चाहिए कि मुझे जीवन में और कुछ मिले न मिले आपका सहारा जरूर मिले। उन्होंने ‘आसरा इस जहाँ का मिले ना मिले, मुझे तेरा सहारा सदा चाहिए’ भजन गाकर श्रद्धालुओं को भाव विभोर कर दिया।
उन्होंने कहा कि मानव का जीवन अत्यन्त दुर्लभ होता है, यह मानव तन प्राप्त करने के लिए देवता भी तरसते रहते हैं। जीवन में कोई गलती हो भी जाए तो उसके सुधार का अवसर ईश्वर देते हैं । जो गिरकर सभलता है वहीं अपने लक्ष्य को प्राप्त करता है। हमारे जीवन का परम लक्ष्य ईश्वर की प्राप्ति है, उसके लिए हमें भगवान की कथा सुनते रहनी चाहिए, जिन्दगी का कोई भरोसा नही है, पता नही कब तक साथ रहेगी। उन्होंने “क्या भरोसा है इस जिंदगी का, साथ देती नहीं ये किसी का” गाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध दिया ।
रघुकुल के राजाओं का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि राजा दशरथ बड़े महान व सौभाग्यशाली राजा थे, उनके पहले राजा भगीरथ ने भगवान के चरणोदक के रूप में गङ्गा जी को पृथ्वी पर उतारा लेकिन राजा दशरथ ने साक्षात् हरि का ही प्राकट्य करा दिया।
रामावतार के दशानन और दशरथ का अर्थ बताते हुए उन्होने कहा कि *जो अपनी दस इंद्रियों की कामनाओं के अनुसार जीवन को चलाता है वह दशानन बन जाता है, तथा जो अपनी दसों इंद्रियों रूपी घोड़ो को लगाम लगाकर अपने जीवन रथ को चलाता है वह दशरथ बन जाता है। हम जब दशानन बनते हैं तो हमारे घर में मेघनाद पैदा होता है, और जब हम दशरथ बनते हैं तो हमारे घर में भगवान राम पैदा होते हैं।
आज कथा में उन्होंने गजेंद्र मोक्ष, समुद्र मंथन, परशुराम अवतार कथा,श्री रामामावतार की कथा तथा श्री कृष्ण जन्म की कथा कही।
कथा का समापन आरती और प्रसाद से हुआ। इस अवसर पर योगी कमल नाथ जी महाराज, महन्त नरसिंह दास जी महाराज, योगी धर्मेन्द्र नाथ जी, चेचाईराम के महंत पंचानन पुरी सहित यजमानगण श्री सीताराम जायसवाल ( पूर्व मेयर ) , श्री अवधेश सिंह , अजय सिंह, महेश पोद्दार आदि उपस्थित रहे ।
संचालन श्री गोरक्षनाथ संस्कृत विद्यापीठ के प्राचार्य डॉ अरविंद कुमार चतुर्वेदी ने किया । -

मनोविज्ञान विभाग में बारहवें प्रोफेसर एल. बी. त्रिपाठी स्मृति व्याख्यान का आयोजन
मनोविज्ञान विभाग में बारहवें प्रोफेसर एल. बी. त्रिपाठी स्मृति व्याख्यान का आयोजन
समाज में ऐसे व्यक्ति जो सचेत और भावनात्मक रूप से समायोजित होते है वे मानसिक रूप से अत्यधिक स्वस्थ्य होते हैं: प्रो राकेश पांडे. वर्तमान, अतीत और भविष्य को एक साथ जोड़ना महत्वपूर्ण है ताकि बेहतर समाज , बेहतर व्यक्ति, बेहतर स्वास्थ्य एवं बेहतर व्यक्तित्व के निर्माण के परिप्रेक्ष्य को स्पष्ट रूप से समझा जा सके: प्रो आनंद प्रकाश.
मनोविज्ञान विभाग, दीन दयाल उपाध्याय, गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर में दिनाँक 15 सितम्बर, 2024 को बारहवें प्रोफेसर एल. बी. त्रिपाठी मेमोरियल लेक्चर का आयोजन किया गया|
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रोफेसर आनंद प्रकाश,पूर्व विभागाध्यक्ष, मनोविज्ञान विभाग तथा डीन ,इंटरनेशनल अफेयर्स, दिल्ली विश्वविद्यालय उपस्थित रहे । इस कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रोफेसर राकेश पाण्डेय, पूर्व विभागाध्यक्ष एवं सीनियर प्रोफेसर ,बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी, थे|
कार्यक्रम की शुरुआत प्रोफेसर एल. बी. त्रिपाठी के चित्र पर माल्यार्पण एवं श्रद्धा सुमन अर्पित कर किया गया| तत्पश्चात प्रोफेसर धनन्जय कुमार, विभागाध्यक्ष, मनोविज्ञान विभाग ने सभी अतिथियों का औपचारिक स्वागत किया | विभागाध्यक्ष ने विश्विद्यालय की कुलपति महोदया का आभार व्यक्त किया जिनके निर्देशन में कार्यक्रम को उचित रूपरेखा प्रदान की गयी।
कार्यक्रम में प्रोफेसर अनुभूति दुबे, अधिष्ठाता छात्र कल्याण, ने कार्यक्रम की थीम प्रस्तुत करते हुए पूर्व में हुए ११ स्मृति व्याख्यानों पर प्रकाश डाला |
इसी कार्यक्रम के दौरान “Human Behaviour in Sociocultural Context” नामक पुस्तक के दोनों संस्करण का विमोचन हुआ जिसकी सम्पादक प्रोफेसर सुषमा पाण्डेय, प्रोफेसर अनुभूति दुबे एवं प्रोफेसर धनञ्जय कुमार हैं|
पुस्तक विमोचन के पश्चात् प्रोफेसर सुषमा पाण्डेय ने प्रोफेसर एल. बी. त्रिपाठी के जीवन कि उपलब्धियों एवं मनोविज्ञान के क्षेत्र में किए गए योगदानों पर प्रकाश डाला तथा पुस्तक कि मुख्य पक्षों का संछिप्त परिचय दिया |
कार्यक्रम में प्रोफेसर राजवंत राव, डीन, आर्ट्स फैकल्टी ने प्रोफेसर लाल बच्चन त्रिपाठी की अपनी स्मृतियों को साँझा करते हुए कार्यक्रम के आयोजन हेतु मनोविज्ञान विभाग की सराहना की।
मुख्य वक्ता प्रोफेसर राकेश पाण्डेय ने “Integrating Isolated Psychological Mechanisms Underlying the Dispositional Mindfulness: Mental Health Relationship ”( डिस्पोज़िशनल माइंडफुलनेस के अंतर्गत पृथक मनोवैज्ञानिक तंत्रों को एकीकृत करना- मानसिक स्वास्थ्य संबंध) शीर्षक पर अपना व्याख्यान दिया जिसमें उन्होंने बताया कि माईन्द्फुल्ल्नेस का स्वास्थय पर सकारात्मक प्रभाव होता है| साथ ही साथ उन्होंने यह भी बताया कि समाज में ऐसे व्यक्ति जो सचेत और भावनात्मक रूप से समायोजित होते है वे मानसिक रूप से अत्यधिक स्वस्थ्य होते हैं। वहीं ऐसे व्यक्ति सचेत नहीं होते एवं भावनात्मक रूप से कमज़ोर होते हैं उन्हें मानसिक स्वस्थ्य से सम्बंधित समस्यायें सबसे अधिक होती हैं|
कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए
मनोविज्ञान विभाग प्रोफेसर आनंद प्रकाश ने अपने उद्बोधन दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान ही एकमात्र वास्तविकता है. वर्तमान वह है जहां अतीत विलीन हो जाता है और भविष्य विकसित होता है। वर्तमान, अतीत और भविष्य को एक साथ जोड़ना महत्वपूर्ण है ताकि बेहतर समाज , बेहतर व्यक्ति, बेहतर स्वास्थ्य एवं बेहतर व्यक्तित्व के निर्माण के परिप्रेक्ष्य को स्पष्ट रूप से समझा जा सके।
कार्यक्रम का संचालन डॉ गरिमा सिंह द्वारा एवं औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन डॉ गिरिजेश यादव, मनोविज्ञान विभाग, ने किया|
आयोजन की शोभा को बढ़ाते हुए मनोविज्ञान विभाग के विभिन्न वरिष्ठ आचार्य एवं विभिन्न महाविद्यालय के आचार्य उपस्थित रहे। प्रो सुधीर श्रीवास्तव, प्रो बेहरा, प्रो सुनीता मुर्मू, प्रो. अचल नंदिनी श्रीवास्तव, प्रो. अनुपम नाथ त्रिपाठी, प्रो. प्रेम सागर नाथ तिवारी, प्रो. श्रीनिवास शुक्ल, प्रो. आर. एन. त्रिपाठी, डॉ. प्रियंका गौतम, डॉ. राम कीर्ति सिंह, प्रो. मंजू मिश्र, प्रो. नाज़िश बानो, प्रो. राम भूषण , प्रो.अमृतांशु शुक्ल, प्रो. सीमा त्रिपाठी, डॉ. रीना मालवीय, डॉ सत्य प्रकाश के साथ विद्यार्थी मौजूद रहे। -

तीन दिवसीय होगा सरयू अमृत महोत्सव 2024
तीन दिवसीय होगा सरयू अमृत महोत्सव 2024
सरयू अमृृत महोत्सव में फिर होगा विभूतियों का सम्मान- राजेश त्रिपाठी.
बड़हलगंज (गोरखपुर) बड़हलगंज के सरयू तट पर आगामी 20,21,22 दिसम्बर 2024 को सरयू अमृत महोत्सव का आगाज होने जा रहा है । मगर इस बार के महोत्सव को चिल्लूपार के सभी न्याय पंचायतों में विस्तार दिया गया है और सितम्बर महीने से ही महोत्सव की अलग अलग गतिविधियो आरम्भ हो जायेंगी । उक्त आशय की जानकारी देते हुए चिल्लूपार विधायक और महोत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष राजेश त्रिपाठी ने बताया कि इस बार का महोत्सव कई मामलों में खास होने जा रहा है क्योंकि जिस मुक्तिपथ पर आयोजन होगा अब वह नगर पंचायत बडहलगंज के अधीन आ चुका है और वहां प्रदेश सरकार करोडों रुपये की लागत से स्नानघाट और शहीद स्मारक का सुंदरीकरण भी करा रही है ।श्री त्रिपाठी ने बताया कि 21000 दीपों से जल, थल, नभ में दीपों की आरती की जिम्मेदारी महोत्सव के संयोजक और चेयरमैन प्रतिनिधि महेश उमर और जिला पंचायत सदस्य आलोक गुप्त और उनकी टीम को सौंपी गयी है जो मुक्तिपथ सरयू घाट पर होगी।
वहीं डा. अम्बेडकर स्मृति जनसरोकार मेले के आयोजन की जिम्मेदारी चाणक्य विचार संस्थान के अध्यक्ष आचार्य वेदप्रकाश त्रिपाठी और उनकी टीम को सौंपा गया है । जो 20, 21 दिसम्बर को मुक्तिपथ परिसर में आयोजित होगा
इसी प्रकार महोत्सव के दौरान 26 दिन तक पूरे चिल्लूपार के हर न्याय पंचायत में सम्राट अशोक मौर्य की स्मृति में वृक्षारोपण प्रतियोगिता चलेगी जिसकी जिम्मेदारी आनन्द चंद, सत्य प्रकाश यादव, राजू चंद और उनकी टीम सम्भालेगी ।
उत्तर प्रदेश विधान सभा में सचेतक राजेश त्रिपाठी ने बताया कि पूरे चिल्लूपार के 10000 छात्र-छात्राओं के बीच आचार्य चाणक्य की स्मृति में प्रतिभा खोज प्रतियोगिता पूरे चिल्लूपार क्षेत्र के 12 इंटर कालेज में करायी जायेगी जिसकी जिम्मेदारी डा. विपिन शाही और आलोक त्रिपाठी की टीम निभायेगी।
महोत्सव आयोजन के अध्यक्ष श्री त्रिपाठी ने बताया कि जिन 26 विभूतियों को सरयू रत्न और अपराजिता सम्मान से नवाजा जायेगा उसके चयन की जिम्मेदारी पूर्व प्रधानाचार्य रामबेलास यादव और सृंजय मिश्र और उनकी टीम करेगी ।
साथ ही मुक्तिपथ के राजर्षि रामकवल शाही स्नान घाट पर निषाद राज गुह्य की स्मृति में होने वाली नौका दौड़ की जिम्मेदारी धर्मराज निषाद और चंदन पाण्डेय की टीम को सौंपी गयी है ।
सन 1857 क्रांति के नायक शहीद राजा हरिप्रसाद मल्ल की स्मृति में भाला फेंक (जेवलिंन) प्रतियोगिता जो उरुवा खेल मैदान पर होगी उसकी जिम्मेदारी राजीव पाण्डेय और उनकी टीम को, विश्व विख्यात शायर फिराक गोरखपुरी की स्मृति में कवि सम्मेलन महोत्सव की दूसरी शाम आयोजित है जिसकी जिम्मेदारी कवि निर्भय निनाद और उनकी टीम को, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और विधायक रहे पं. रामलखन शुक्ल की स्मृति लोक कला आयोजन हरिप्रसाद सिंह, विनय कुमार तिवारी की टीम को सौंपी गयी है जो तीन दिन महोत्सव के दौरान सम्पन्न होगा ।
महोत्सव के संयोजक और चेयरमैन प्रतिनिधि महेश उमर ने बताया कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राम अलख सिंह सैंथवार स्मृति लघु मैराथन दौड़ मदरिया महंथ श्रीश दास जी महाराज, हरपाल नागवानी और उनके टीम को सौंपी गयी है जो मदरिया कुटी से सम्पन्न होगी ।
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और चिल्लूपार की विधायक रहे पं. भृगुनाथ चतुर्वेदी की स्मृति में सिंगिंग कम्पटीशन होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज के आडिटोरियम में होगा जिसकी जिम्मेदारी बिपिन त्रिपाठी और उनकी टीम सम्भालेगी ।
स्वतंत्रा संग्राम सेनानी और चिल्लूपार की विधायक रहीं कैलाशती देवी स्मृति सम्भाषण प्रतियोगिता “हां मैं बेटी हूं, तो क्या हुआ ? कुछ भी कर सकती हूं” का आयोजन उरुवा बाजार के शुभम पैलेस में होगा जिसकी जिम्मेदारी दुर्गेश मिश्र और उनकी टीम को दी गयी है । इसी प्रकार स्वतंत्रता संग्राम सेनानी केशभान राय स्मृति शतरंज प्रतियोगिता रतन प्रकाश दूबे और उनकी टीम को दी गयी है जो आनन्द विद्यापीठ ककरही में होगी । चिल्लूपार से विधायक और मंत्री रहे कल्पनाथ सिंह की स्मृति में डांसिंग कम्पटीशन की जिम्मेदारी अष्टभुजा सिंह, आशीष सिंह और उनकी टीम को सौंपी गई है जो खड़सरी मेडिकल कॉलेज आडिटोरियम में होगी ।
धुरियापार से विधायक और मंत्री रहे मारकण्डेय चंद की स्मृति में कबड्डी प्रतियोगिता की जिम्मेदारी आलोक पाण्डेय और उनकी टीम को दी गयी है जो गोला खेल मैदान में होगी ।
धुरियापार के विधायक रहे डा. अच्युतानंद तिवारी की स्मृति में रंगोली प्रतियोगिता की जिम्मेदारी शत्रुघ्न कसौधन, सत्यब्रत तिवारी और उनकी टीम को सौंप दी गयी है जो गोला बाजार के रामलीला ग्राउंड पर होगी । बड़हलगंज के नेशनल डिग्री कालेज, नेशनल इंटर कालेज, राष्ट्रीय कन्या इंटर कालेज, नेशनल बाल मंदिर जैसी शिक्षण संस्थानों के संस्थापक रामछबीले श्रीवास्तव स्मृति महिला-पुरुष क्रिकेट प्रतियोगिता के आयोजन की जिम्मेदारी प्रशांत शाही और उनकी टीम को दी गयी है जो बड़हलगंज मिनी ग्रामीण स्टेडियम में होगी तथा राष्ट्रीय पहलवान जयनारायण सिंह और हरि निषाद स्मृति कुश्ती प्रतियोगिता जो मैभरा-डेरवा खेल मैदान पर होगी उसकी जिम्मेदारी चंद्रविजय सिंह और मायाशंकर शुक्ल और प्रेमप्रकाश सिंह छोटू और उनकी टीम को सौंपी गयी है ।
विधायक राजेश त्रिपाठी ने बताया कि यह आयोजन उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग, सूचना, स्वास्थ्य, कृषि, समाज कल्याण और नगर विकास विभाग और सरयू अमृत महोत्सव आयोजन समिति के संयुक्त तत्वावधान में की जा रही है । इस दौरान एक स्मारिका “सरयू अमृत” का भी प्रकाशन होगा जिसके सम्पादन की जिम्मेदारी पूर्व उप निदेशक संस्कृति हेमन्त मिश्र और संतोष जायसवाल, शुभम द्विवेदी एडवोकेट की टीम को सौंपी गयी है।
विधायक चिल्लूपार ने बताया कि इस महोत्सव आयोजन का मूल अभिप्राय चिल्लूपार क्षेत्र की सभी प्रकार की प्रतिभाओं को खोजना और उन्हें आगे बढने का अवसर देने के साथ साथ अपनी लोक कलाओं, लोक संस्कृतियों को संरक्षित और संवर्धित करते हुए आज की नयी पीढी को अवगत कराना है । साथ ही साथ इस मिट्टी में जन्म लेकर देश दुनियाभर में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने वाले विभूतियों को सरयू रत्न से सम्मानित कर नयी पीढ़ी के सामने एक आइडियल के रूप में प्रस्तुत करना है। इस पवित्र उद्देश्य को फलीभूत करने के लिए गोला तहसील क्षेत्र के सभी पत्रकार साथियों को इस महोत्सव के प्रचार-प्रसार की जिम्मेदारी सौंपी गयी है ।
बड़हलगंज स्थित एक होटल में आयोजन समिति की भारी भरकम टीम की घोषणा करीब 300 से अधिक सदस्यों की मौजूदगी में की गई।
ब्यूरो प्रभारी —-विनय तिवारी -

दवा विक्रेता समिति की कार्यकारिणी का हुआ गठन
दवा विक्रेता समिति की कार्यकारिणी का हुआ गठन
चेयरमैन प्रतिनिधि महेश उमर और राजीव दूबे बने संरक्षक
बड़हलगंज (गोरखपुर ) दवा विक्रेता समिति बड़हलगंज की नई कार्यकारिणी का गठन करते हुये अध्यक्ष सन्तोष जायसवाल ने पदाधिकारियों और सदस्यो के नाम की घोषणा सर्वसम्मति से किया।
बता दें कि रविवार को उपनगर बड़हलगंज स्थित नगरपंचायत सभागार में दवा व्यापारियों की बैठक सन्तोष जायसवाल की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में व्यापारिक हितों पर चर्चा करते हुये अध्यक्ष सन्तोष जायसवाल ने दवा विक्रेता समिति बड़हलगंज के कार्यकारिणी का गठन सर्वसम्मति से किये जाने का अनुरोध व्यापारियों से किया। जिसके बाद उपस्थित सभी लोगों ने अध्यक्ष सन्तोष जायसवाल, महामंत्री संजय कुमार त्रिपाठी सहित राजेश जायसवाल व धर्मराज उर्फ लल्लू सोनकर को उपाध्यक्ष, विनय कुमार निगम को कोषाध्यक्ष, अमरनाथ उमर को संगठन मंत्री, धीरज राय को मंत्री, राकेश गुप्त गुड्डू को सूचना एवं प्रचार प्रसार मंत्री तथा नागेंद्र राय, पंकज दूबे, त्रिलोक नाथ गुप्त, निजामुद्दीन अंसारी, सूर्य प्रताप शाही, विंध्याचल जायसवाल, पवन यादव, आफताब अंसारी और नुमान अहमद को कार्यकारिणी सदस्य था वरिष्ठ सदस्य राजीव दूबे और चेयरमैन प्रतिनिधि महेश उमर को संरक्षक मनोनीत किया। इस अवसर अपने विचार व्यक्त करते हुये महेश उमर ने व्यापारियों का स्वागत किया और नगर पंचायत द्वारा संचालित विकास योजनाओं की जानकारी प्रदान किया। कार्यक्रम में जगत नारायण त्रिपाठी, अवधेश उमर, आनन्द उमर, डा ऊधम सिंह यादव, डा एल डी यादव, अजय जायसवाल, आफ़ताब अहमद, सोनू उमर, पंचम शर्मा, सोनू गुप्ता सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी मौजूद रहे
ब्यूरो प्रभारी —-विनय तिवारी -

ग्राहक सेवा केंद्र के खुलने से ग्रामीण क्षेत्र के लोगो को मिलेगी सहुलियत
ग्राहक सेवा केंद्र के खुलने से ग्रामीण क्षेत्र के लोगो को मिलेगी सहुलियत : राजेश
बनवारपार चौराहे पर युनियन बैंक के ग्राहक सेवा केंद्र का हुआ उद्घाटन
गोला ।गोला ब्लाक के बनवारपार चौराहे पर मंगलवार को युनियन बैंक का ग्राहक सेवा केंद्र खोला गया। जिसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में बैंक सुविधा को जन जन तक पहुंचाना। कार्यक्रम के बतौर मुख्य अतिथि समाजसेवी व वरिष्ठ पत्रकार राजेश पाण्डेय ने फीता काटकर सीएसपी केंद्र का उद्घाटन किया। इस मौके पर समाजसेवी व वरिष्ठ पत्रकार श्री पाण्डेय ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को बैंकिंग के लिए काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। यहां ग्राहक सेवा केंद्र खुलने से लोगों को काफी सहुलियत मिलेगा। लोगों घर के नजदीक ही आधारकार्ड व अंगूठा लगाकर खाते से जमा-निकासी कर सकते है। केंद्र खुलने से लोगों को सीएसपी संबंधित अन्य सुविधाएं भी मिलेंगी। कस्टमर सर्विस प्वाइंट के प्रोपराइटर व युनियन बैंक ग्राहक सेवा केंद्र संचालक रोहित विश्वकर्मा ने आगंतुकों के प्रति आभार प्रकट करते हुए बताया कि बैंक की तरह ही युनियन बैंक का यह ग्राहक सेवा केंद्र नियमानुसार खाताधारकों को पारदर्शी तरीके से तमाम सहूलयतें प्रदान करेगी। साथ ही अन्य बैंकों के खाताधारकों को भी जमा-निकासी की सुविधा मिलेगी। तो इन्श्योरेंस व लोन की सुविधा मिलेगी। इस अवसर पर कोदई विश्वकर्मा गिरजा शंकर मुकेश दूबे गोलू दूबे समीर मौर्य छोटेलाल विश्वकर्मा बलराम राहुल गोविंद मौर्य राकेश पाण्डेय दीनदयाल ऋषभ पाण्डेय जनार्दन चन्द्र मणि विश्वकर्मा सुरेश पाण्डेय व अभिषेक पाण्डेय सहित आदि लोग मौजूद रहे। -

दिग्विजय नाथ पीजी कॉलेज में विशेष कार्यशाला का हुआ आयोजन
दिग्विजय नाथ पीजी कॉलेज में विशेष कार्यशाला का हुआ आयोजन गोरखपुर।दिग्विजयनाथ पी.जी. कॉलेज के कंप्यूटर विज्ञान विभाग और बीसीए विभाग के संयुक्त तत्वावधान में एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर भगवान विश्वकर्मा के तकनीकी और वैज्ञानिक योगदान की जानकारी प्रदान करना था, साथ ही विद्यार्थियों को उनके कार्यों और तकनीकी प्रभावों के बारे में जागरूक करना था।
कार्यशाला का शुभारंभ
कार्यशाला का शुभारंभ कॉलेज के वरिष्ठ शिक्षक और विभागाध्यक्ष श्री हरिशंकर गुप्ता द्वारा किया गया। उन्होंने अपने उद्घाटन भाषण में भगवान विश्वकर्मा की महत्ता और उनके योगदान के बारे में विस्तार से बताया। भगवान विश्वकर्मा को देवताओं के वास्तुकार और सृजन के देवता के रूप में जाना जाता है, और उनके द्वारा बनाए गए विभिन्न दिव्य संरचनाओं और उपकरणों की चर्चा इस कार्यशाला का मुख्य बिंदु रहा। श्री गुप्ता ने बताया कि विश्वकर्मा जी न केवल पारंपरिक स्थापत्य कला के विशेषज्ञ थे, बल्कि वे एक दूरदर्शी वैज्ञानिक भी थे, जिन्होंने अपनी तकनीकी दक्षता से देवताओं के विभिन्न अस्त्र-शस्त्र और भवनों का निर्माण किया।
तकनीकी चर्चा
इसके बाद बीसीए विभाग की शिक्षक अनुराधा सिंह ने विद्यार्थियों के समक्ष विश्वकर्मा जी के तकनीकी योगदान को आधुनिक युग की तकनीकी प्रगति से जोड़ते हुए अपनी प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि भगवान विश्वकर्मा का योगदान केवल प्राचीन काल तक सीमित नहीं है, बल्कि आज की तकनीकी दुनिया में भी उनके विचार और निर्माण विधियों का प्रभाव देखने को मिलता है। अनुराधा सिंह ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि तकनीक केवल मशीनों तक सीमित नहीं होती, बल्कि इसमें रचनात्मकता और नवाचार का भी समावेश होता है, जो भगवान विश्वकर्मा के कार्यों में प्रमुखता से देखा जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि आधुनिक तकनीक जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और रोबोटिक्स में भी विश्वकर्मा जी के सिद्धांतों का अनुगमन होता है।
नवाचार और तकनीकी विकास
कार्यशाला में प्रमुख वक्ता के रूप में उपस्थित मुदित दुबे ने तकनीकी नवाचार और इसके विकास पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि भगवान विश्वकर्मा द्वारा निर्मित संरचनाएं और उपकरण आज के वैज्ञानिक युग के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। मुदित दुबे ने छात्रों को उदाहरण देते हुए कहा कि जिस प्रकार भगवान विश्वकर्मा ने अद्वितीय संरचनाओं और उपकरणों का निर्माण किया, उसी प्रकार आधुनिक इंजीनियर और वैज्ञानिक भी आज नई-नई खोजों और आविष्कारों के माध्यम से समाज को प्रगति की ओर ले जा रहे हैं। उन्होंने छात्रों को तकनीकी शिक्षा को गंभीरता से लेने और भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहने के लिए प्रेरित किया।
व्यावहारिक अनुभव और शिक्षा
कॉलेज के कंप्यूटर विज्ञान
विभाग के शिक्षक कौशल सिंह ने छात्रों को विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर भगवान विश्वकर्मा के योगदान की महत्ता को समझाते हुए व्यावहारिक जीवन में इसके महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा का उद्देश्य न केवल सैद्धांतिक ज्ञान प्राप्त करना है, बल्कि इसे व्यावहारिक अनुभव के साथ जोड़कर छात्रों को नए-नए अविष्कारों और विकास की दिशा में काम करने के लिए प्रेरित करना है। कौशल सिंह ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा की तरह हर छात्र में कुछ नया बनाने और कुछ असाधारण करने की क्षमता होती है, और इसके लिए उन्हें निरंतर प्रयासरत रहना चाहिए।
तकनीकी युग में विश्वकर्मा जी का योगदान
कार्यशाला के दौरान डॉ. सूरज शुक्ला ने विश्वकर्मा जी के तकनीकी योगदान और आधुनिक विज्ञान में उनकी प्रासंगिकता पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने बताया कि प्राचीन काल में जिन तकनीकों का उपयोग भगवान विश्वकर्मा द्वारा किया गया था, वे आज के वैज्ञानिक युग में भी अत्यधिक महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि विश्वकर्मा जी ने जिन स्थापनाओं का निर्माण किया, जैसे कि स्वर्ग लोक, पुष्पक विमान और विभिन्न दिव्य अस्त्र-शस्त्र, वे सभी आज के तकनीकी युग के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। डॉ. शुक्ला ने कहा कि हमें भगवान विश्वकर्मा की तरह तकनीकी नवाचार की दिशा में सोचना चाहिए और इसे समाज के लाभ के लिए उपयोग करना चाहिए।
छात्रों का उत्साह
इस कार्यशाला में कंप्यूटर विज्ञान और बीसीए के छात्रों की भागीदारी उत्साहजनक रही। छात्रों ने भगवान विश्वकर्मा के योगदान के बारे में जानने और उनके तकनीकी विचारों को आधुनिक समय में लागू करने के बारे में गहन चर्चा की। कार्यशाला के दौरान छात्रों ने अपने विचारों और प्रश्नों को भी प्रस्तुत किया, जिनका उत्तर वक्ताओं ने विस्तार से दिया।
Digvijaynath pg college इस अवसर पर उपस्थित सभी शिक्षक और छात्रों ने भगवान विश्वकर्मा के प्रति अपनी श्रद्धा अर्पित की और उनकी तकनीकी विशेषज्ञता से प्रेरणा लेकर भविष्य में समाज के विकास में योगदान देने का संकल्प लिया। कार्यशाला का समापन आभार ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें छात्रों और शिक्षकों ने इस ज्ञानवर्धक कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सभी का धन्यवाद किया।
उक्त कार्यक्रम की जानकारी डॉ शैलेश कुमार सिंह ,मीडिया प्रभारी ने दी।











