Category: उत्तर प्रदेश

  • भाजपायों ने स्वच्छता अभियान चलाकर पीएम मोदी का मनाया 74वां जन्मदिन

    भाजपायों ने स्वच्छता अभियान चलाकर पीएम मोदी का मनाया 74वां जन्मदिन

    भाजपायों ने स्वच्छता अभियान चलाकर पीएम मोदी का मनाया 74वां जन्मदिन
    PM Narendar Modi’s 74 birthday
    गोला । नगर पंचायत गोला में भाजपा कार्यकर्ताओं ने पीएम मोदी के जन्मदिन पर सेवा सप्ताह कार्यक्रम के तहत स्वच्छता अभियान का संकल्प ले नगर सहित विस्तारित गावों में भी स्वच्छता अभियान चलाकर सभी सार्वजनिक जगहों पर साफ सफाई कर पीएम मोदी के चित्र पर तिलक लगा कर हर्षोल्लास से मनाया जन्मदिन। इस मौके पर भाजपा जिला कोषाध्यक्ष शत्रुघ्न कसौधन के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं ने नगर सहीत अगल बगल गांवों में स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक करते हुए सभी सार्वजनिक जगहो पर साफ सफाई कर पी एम मोदी का जन्मदिन मनाते हुए उनके दिर्घायु होने की कामना किया। लोगों को संबोधित करते हुए जिला कोषाध्यक्ष श्री कसौधन ने कहा की पीएम मोदी जी के नेतृत्व देश वैश्विक स्तर पर सर्व श्रेष्ठ होने की दर्जा में आ चुका है ।ऐसा पीएम देश को पहली बार मिला जो देश को सभी नागरिको की सुधि अपने स्वयं के परिवार की तरह लेता हो।हम सभी को पीएम मोदी को दिर्घायु व निरोग होने की कामना करते है। इस अवसर पर प्रमुख रूप से मंडल अध्यक्ष गोला देवेश निषाद पूर्व मंडल अध्यक्ष मार्कण्डेय उमर पूर्व मंडल अध्यक्ष उदयशंकर गुप्ता राजकपूर सिंह सत्यव्रत तिवारी विरेन्द्र मालाकार संजय मद्धेशिया सुदर्शन कसौधन राजेश जायसवाल ऋषि साहनी दीपक जायसवाल आकाश जायसवाल अर्जुन सोनकर अमित सोनकर जोखन राजभर अजय राजभर विनोद तिवारी अनिल कुमार रिंकू चौधरी डॉ देवानंद रजक रमेश तिवारी तेरस प्रसाद पवन सैनी सहित सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल रहे ।

  • स्वच्छता ही सेवा के उद्देश्य के साथ निकाली गई रैली गोरखपुर

    स्वच्छता ही सेवा के उद्देश्य के साथ निकाली गई रैली गोरखपुर

    स्वच्छता ही सेवा के उद्देश्य के साथ निकाली गई रैली
    बड़हलगंज: (गोरखपुर) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के उपलक्ष्य पर नगर पंचायत बड़हलगंज के तरफ से चिल्लूपार विधायक राजेश त्रिपाठी के नेतृत्व में स्वच्छता ही सेवा उद्देश्य के साथ स्वच्छता जागरूकता रैली निकाली गई।
    मंगलवार को नगर पंचायत के कैंप कार्यालय से चिल्लूपार विधायक राजेश त्रिपाठी व चेयरमैन प्रतिनिधि महेश उमर के नेतृत्व में 17 सितंबर से 02 अक्तूबर तक चलने वाली स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत जागरूकता रैली निकाली गई जो कालेज तिराहा, गोला तिराहा, मेन रोड, सोती चौराहा, लेटाघाट, गोला मोहल्ला, संगम टाकीज होते हुए नगर पंचायत कार्यालय पर जाकर समाप्त हुई। इस दौरान लक्ष्मीनारायण मंदिर परिसर पर चेयरमैन प्रतिनिधि महेश उमर, ईओ शिवकुमार सहित विभिन्न सभासदों ने झाड़ू लगाकर जनता को साफ सफाई रखने का संदेश दिया। विधायक राजेश त्रिपाठी ने कहा कि हमे स्वच्छता को स्वभाव व संस्कार में शामिल करना होगा, जब हर एक व्यक्ति स्वच्छता के विषय में सोचने लगेगा तभी स्वच्छता अभियान सार्थक होगा। इस दौरान भाजपा मंडल अध्यक्ष अखंड प्रताप शाही, सभासद दीपक शर्मा, लक्ष्मण साहनी, राकेश राय, ऋषि चंद, राजीव मिश्रा, रामदास मद्धेशिया, संजय सोनकर, अमूल्य चतुर्वेदी, रवि साहनी, सुदीप वर्मा, आरके तिवारी, कृष्णा गुप्ता, सुनील कुमार, अमलेश, तबस्सुम बानो, विजयलक्ष्मी जायसवाल सहित नगर पंचायत के कर्मचारी मौजूद रहे।
    ब्यूरो प्रभारी —-विनय तिवारी

  • सरयू नदी का बढ़ा जल स्तर से दर्जनो गांव प्रभावित ग्रामीण परेशान

    सरयू नदी का बढ़ा जल स्तर से दर्जनो गांव प्रभावित ग्रामीण परेशान

    सरयू नदी का बढ़ा जल स्तर से दर्जनो गांव प्रभावित ग्रामीण परेशान गोला।गोला विकास खंड के कई गांव सरयू नदी के तट पर बसे है जहा वर्तमान में वे गांव सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर के जद में आ चूके है।सरकारी मदद नदारद को लेकर ग्राम वासियों में दिख रहा भारी रोष।मिली जानकारी के अनुसार सरयू नदी में दो दिनो से जल स्तर में काफी बढ़ाव चल रहा है। जिसके जद में तटीय गांव बारानगर तिरागांव बिजुलिया डाड़ कौडीया झरकटा गोड़ियाना टोला रकौली कोहना बिसरा गाव सहित और भी गांव के लगभग सैकड़ो परिवार प्रभावित हो चुके है। अभी नदी का जल स्तर बढ़ते ही जा रहा है। जहा अभी तक संबंधित विभाग के जिम्मेदारो ने सुधि नही लिया है और नही कोई जन प्रतिनिधि या समाज सेवा का दावा करने वाले लोग भी पहुंचे है। कौड़ीया गांव निवासी आचार्य सोनू मिश्र व बारानगर निवासी नरेंद्र सिंह रिंकू सिंह शुभम यादव गोड़ियाना टोला निवासी हरिकेश मझवार व कोहना निवासी अजय यादव आदि ने बताया की बाढ़ की सूचना सभी जिम्मेदारों को है। हम सभी के हजारों रूपये के आनाज व अन्य खाद्य सामग्री पानी में खराब हो चूके है।लेकिन बाढ़ आये दो दिन हो गया कोई जिम्मेदार सुधि लेने नही आया ।हम सभी अपने जनप्रतिनिधि सहित सभी जिम्मेदार लोगों से मदद के इंतजार में बैठे है। बीडीओ गोला दिवाकर सिंह ने इस संबंध में बताया कि बाढ़ की सूचना मिली है सभी ग्राम प्रधानों एवं सचिव को प्रभावित परिवारों को चिन्हित करने का निर्देश दिया गया है।साथ ही तहसील के उच्च अधिकारीयों से भी बात की गई है हर पिड़ित परिवार को राहत सामग्री व जरूरत की सुविधायें उपलब्ध कराई जाएंगी।

    Gola Gorakhpur
    Saryu nadi

    उपजिलाधिकारी गोला राजू कुमार ने बताया कि सूचना मिली है सभी प्रभावित गांवों का सर्वे व निरिक्षण मैं स्वयं कर रहा हूं सभी प्रभावित गांव व परिवार को राहत सामग्री के साथ ही नाव व शासन द्वारा जारी जो भी सुविधायें होंगी मुहैया कराई जाएंगी।

  • बड़हलगंज धूमधाम से मनाई गई भगवान विश्वकर्मा की जयंती

    बड़हलगंज धूमधाम से मनाई गई भगवान विश्वकर्मा की जयंती

    धूमधाम से मनाई गई भगवान विश्वकर्मा की जयंती
    बड़हलगंज ( गोरखपुर )यंत्र अधिष्ठाता एवं निर्माण प्रदाता भगवान विश्वकर्मा की पूजा मंगलवार को बड़हलगंज व आस पास क्षेत्रों में धूमधाम से मनाई गई। कई जगहों पर भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा की स्थापना भी की गई और पूजा पाठ किया गया।
    भगवान विश्वकर्मा की जयंती पर विभिन्न प्रतिष्ठानों को सजाया गया था। क्षेत्र के आरा मशीनों, लौह एवं लकड़ी विक्रेताओं, आटो पार्ट्स सहित तमाम प्रतिष्ठानों पर भगवान विश्वकर्मा की जयंती धूमधाम से मनाई गई। पटना तिराहे पर चालक संघ के तत्वावधान में मुसाफिर गोड़, लक्खू सोनकर, जितेन्द्र यादव, रवि कन्नौजिया, अयोध्या यादव, गुड्डू व आकाश सहित अन्य लोगों ने भगवान विश्वकर्मा की स्थापना की गई थी। इस अवसर पर देर रात तक पूजा पाठ एवं भजन कीर्तन का दौर चलता रहा। कई स्थानों पर सांस्कृतिक एवं रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। पूजा के बाद लोगों में प्रसाद का वितरण भी किया गया।
    ब्यूरो प्रभारी —-विनय तिवारी

  • बड़हलगंज मे पहली बार हुआ दूरबीन विधि से लिगामेंट का सफल आप्रेशन

    बड़हलगंज मे पहली बार हुआ दूरबीन विधि से लिगामेंट का सफल आप्रेशन

    बड़हलगंज मे पहली बार हुआ दूरबीन विधि से लिगामेंट का सफल आप्रेशन
    बड़हलगंज (गोरखपुर)कस्बे के दुर्गावती हास्पिटल मरीजो की सेवा मे एक कदम और आगे बढा है।यहा पहली बार घुटने के लिगामेंट का आप्रेशन सफलता पूर्वक संपन्न हुआ जिससे लोगो मे काफी खुशी है।
    दुर्गावती हास्पिटल के निदेशक डाक्टर मनोज यादव ने बताया की जनपद के ब्रह्मपुर ब्लाक के बलुआ गांव निवासी जितई जिनका लिगामेंट टूट गया था वह दिखाने आये थे तो उनका आप्रेशन सर्जन डाक्टर रोहित पटेल (पूर्व सर्जन कानपुर मेडिकल कालेज)ने किया जो सफल रहा।इस आप्रेशन के बाद क्षेत्र के लोगो को काफी राहत मिलेगी।और वे इसका लाभ ले सकेगे।

    ब्यूरो प्रभारी —-विनय तिवारी

  • सृष्टि के रचनाकार विश्वकर्मा भगवान की धूमधाम से हुई पूजा

    सृष्टि के रचनाकार विश्वकर्मा भगवान की धूमधाम से हुई पूजा

    सृष्टि के रचनाकार विश्वकर्मा भगवान की धूमधाम से हुई पूजा
    गोला । गोला क्षेत्र मे विश्वकर्मा भगवान की जयंती बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया गया। लोगो द्वारा अपने-अपने प्रतिष्ठानो मे सृष्टि के रचनाकार भगवान विश्वकर्मा के चित्र पर फूल माला अगरबत्ती कपूर रोली आदि विधि विधान के साथ पूजन अर्चन आदि कराए कई दुकानो पर भजन कीर्तन के भी आयोजन किए गए। और प्रसाद का वितरण भी किया गया व सहभोज का भी आयोजन रहा। शनिवार को उपनगर गोला के बेवरी चौराहा पश्चिमी चौराहा रानीपुर ककरही भर्रोह पड़ौली जानीपुर बाहपुर आदि अन्य जगहो पर स्थित कारपेंटर की दुकानों मोटरसाइकिल एजेंसी व लोहे से संबधित प्रतिष्ठानो को आकर्षण तरीके से सजाया गया था। बताया जाता है कि भगवान विश्वकर्मा ने सृष्टि के रचयिता ब्रह्मा के सातवें धर्मपुत्र के रूप में जन्म लिए थे।विष्णु पुराण में तो भगवान विश्वकर्मा को देव बढ़ई कहा गया है।भगवान विश्वकर्मा को निर्माण और सृजन का देवता माना गया है।उन्हें दुनिया का सबसे पहला इंजीनियर कहा गया है। ऐसा माना जाता है कि भगवान विश्वकर्मा की पूजा करने से व्यापार मे तरक्की होती है।

  • गोरखनाथ मंदिर मंदिरयुगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज की 55 वीं तथा

    गोरखनाथ मंदिर मंदिरयुगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज की 55 वीं तथा

    गोरखनाथ मंदिर। संगोष्ठी । मंदिरयुगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज की 55 वीं तथा राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की 10 वीं पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित साप्ताहिक संगोष्ठी के दूसरे दिन ” विश्व की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बनने की ओर बढ़ता भारत” विषय पर जे एन यू नई दिल्ली के अर्थशास्त्र विभाग (सेवानिवृत्त) ने कहा कि भारत सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बनने की ओर नहीं बढ़ रहा है अपितु भारत पुनः विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है । आज से 200 वर्ष पहले तक भारत दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था रहते हुए विश्व में अपना योगदान दे रहा था। उसी स्थिति को पुनः प्राप्त करना भारत का लक्ष्य है। इस स्थिति में गिरावट का कारण औद्योगिक क्रांति रही है। इसके चलते बाहरी देशों ने यहां की संपदा व प्रतिभा को अपना बनाकर अपना विकास किया और यह देश गरीब होता चला गया । आजादी के बाद भारत के पुनर्निर्माण के लिए विश्वेश्वरैया के नेतृत्व में बनी समिति ने यह रिपोर्ट दी कि भारत को अपने वेल्थ को दो गुना करने की जरूरत है। इसके चलते गरीबी हटाओ का नारा भी दिया गया। यह विकास क्रम धीरे-धीरे आगे बढ़ता रहा लेकिन जब से भारत के प्रधानमंत्री मोदी जी तथा उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी जी बने हैं तबसे देश की अर्थव्यवस्था में तेजी से उछाल आया ,जिसके फलस्वरुप यहां के लोगों का अधिक मात्रा में रोजगार भी बढ़ा है। आज हम जिन देशों से नजर नहीं मिला पाते थे,उनके सामने सीना तान कर खड़े हो पा रहे हैं, इसका श्रेय पिछले 20 वर्षों की सरकारों के प्रयास को जाता है। आज भारत से गरीबी प्रायः समाप्ति के कगार पर है। वर्तमान सरकार देश में बिजली, पानी ,सड़क को घर-घर तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है जो विकसित देश बनने की महत्वपूर्ण कड़ी है।
    उन्होंने कहा कि किसी भी देश के विकास में वहां की प्रतिभा का सबसे महत्वपूर्ण योगदान होता है। हम अगर देखें कि जो भी विकसित देश है वहां जो भी प्रतिभाशाली डॉक्टर, इंजीनियर और वैज्ञानिक है वो अधिकतर भारत के हैं। आज भी हमारे प्रौद्योगिकी संस्थाओं की प्रतिभाओं का पलायन उसी तरह जारी है परंतु यह शुभ संकेत है कि अपने देश के विकास के लिए प्रतिभाओं को रोकने का प्रयास सरकार कर रही है। उनको अपने देश में उचित सम्मान देकर उनका सदुपयोग किया जा रहा है।
    गुरुधाम वाराणसी से पधारे श्रीमद् जगद्गुरु अनंतानन्द द्वाराचार्य काशीपीठाधीश्वर स्वामी डॉ रामकमल दास वेदांती जी महाराज ने कहा कि हमारे देश के आध्यात्मिक केंद्र न केवल अध्यात्म की दिशा में ही कार्य करते हैं अपितु देश की अर्थव्यवस्था में भी विभिन्न प्रकार से अपना योगदान देते है, इसका सुंदर उदाहरण यह गोरक्षपीठ है। हमारी भारतीय संस्कृति में देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए तिनके तिनके को बचाकर अर्थ की चिंता करने की बात की गई है। हमें अपने राष्ट्र में निर्मित वस्तुओं का प्रयोग करना चाहिए। आज चीन हमसे आगे है क्योंकि वह हमारे सभी धार्मिक व सांस्कृतिक वस्तुओं का निर्माण करता है और हम उसको शौक से प्रयोग करते हैं।
    नासिक महाराष्ट्र से पधारे योगी विलासनाथ जी महाराज ने कहा कि नाथ संप्रदाय की आधारशिला गुरु शिष्य परंपरा है इसमें गुरु को बहुत उच्च स्थान दिया गया है। इस पन्थ में मानस जाता है कि गुरु गोरक्षनाथ संसार के कण कण में गुरुत्व के रूप में व्याप्त हैं। आदिनाथ भगवान् शिव हमेशा से विश्व गुरु रहे हैं इसके कारण भारत देश हमेशा से ही विश्व गुरु रहा है।
    कटक उड़ीसा से पधारे महंत शिवनाथ जी महाराज ने कहा कि श्री गोरक्षपीठ नाथ संप्रदाय की पीठ है। यह परंपरा भगवान शिव से प्रारंभ होकर गुरु गोरक्षनाथ से प्रवर्तित होकर वर्तमान में भी जगत् कल्याण के लिए अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रही है । इस परंपरा के सिद्ध योगी हमेशा देश के सर्वविध विकास के लिए प्रयास करते रहे हैं। गुरु गोरखनाथ जी पूर्व के अखंड भारत में सर्वत्र भ्रमण करके देश को एक सूत्र में बांधने के लिए नाथ पंथ के छोटे-बड़े पीठों की स्थापना करके देश के विकास में अपना योगदान दिया। अनेक राजा महाराजा इस पंथ में दीक्षित होकर अपने राज्य को सही दिशा देने का कार्य किए हैं। आज भारत की अर्थव्यवस्था में तेजी से सुधार हो रही है निश्चित रूप से आनेवाले दिनों में भारत तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बनेगी।
    दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के रक्षा अध्ययन विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो हर्ष कुमार सिन्हा ने स्वागत एवं विषय प्रवर्तन में कहा कि आज हम जिन दोनों महापुरुषों की पुण्य स्मृति में यह कार्यक्रम कर रहे हैं। उन लोगों ने आजादी के बाद से निरंतर विभिन्न उपक्रमों के माध्यम से पूर्वांचल में विकास के कार्य किये। इस पीठ की गुरु शिष्य परंपरा की तीन पीढियां का अनुभव वर्तमान में हम कर रहे हैं। किसी भी देश के विकास में। शिक्षा एक महत्वपूर्ण पक्ष है । इसके दृष्टिगत 1932 में महंत दिग्विजयनाथ जी ने महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद् की स्थापना की। यह परंपरा उनके शिष्य महंत अवेद्यनाथ जी महाराज ने आगे बढ़ाया और आज उनके शिष्य उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में देश के विकास की प्रमुख कड़ी बनकर निरंतर प्रयासरत हैं। अर्थव्यवस्था किसी भी देश की आर्थिक दिशा व दशा का निर्धारण करती है। पिछले कुछ वर्षों से भारत की अर्थव्यवस्था सुधरी है , जिसके कारण आज दुनिया में भारत की सुनी जा रही है। पहले वह देश शक्तिशाली होता था जिसके पास सेनाएं व युद्ध उपकरण अधिक होते थे, किंतु आज वह देश शक्तिशाली है जिसकी अर्थव्यवस्था मजबूत है। इसी कारण से पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनकर भारत विश्व में मजबूती से खड़ा है और आगे भी प्रधानमंत्री जी के प्रयासों से अगले तीन वर्षों में विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की तरफ अग्रसर है। तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनकर भारत न केवल विश्व में मजबूती से प्रस्तुत होगा बल्कि प्रत्येक भारतीय की आय दर में भी वृद्धि होगी। इस दिशा में विचार करने पर हमें अपने बीच में एक चक्रवर्ती उदाहरण के रूप में हमारे मुख्यमंत्री पूज्य योगी आदित्यनाथ जी महाराज मिलते हैं, जो अपने कार्यकाल में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को चरमोत्कर्ष पर ले जा रहे है। हमें यह भी विचार करना है कि हम आर्थिक रूप से मजबूत होकर उत्पाद बढ़ावे किंतु सामान्यजन के रोजगार पर भी ध्यान दें क्योंकि हमारा दृष्टिकोण ‘सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय’ का रहा है। हमारा विकास ऐसा हो कि वो सबको साथ लेकर चले, तभी वास्तव में विकसित भारत की संकल्पना सिद्ध होगी।
    अध्यक्षता गोरक्षपीठ के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ जी महाराज, आभार ज्ञापन महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के सदस्य डॉ रामजन्म सिंह, वैदिक मंगलाचरण डॉ रंगनाथ त्रिपाठी, गोरक्षाष्टक पाठ आदित्य पाण्डेय व गौरव तिवारी तथा संचालन माधवेंद्र राज ने किया।
    इस अवसर पर सुग्रीव किला अयोध्या से स्वामी विश्वेष प्रपन्नाचार्य जी महाराज , सवाई आगरा से ब्रह्मचारी दासलाल जी महाराज , रावत मंदिर अयोध्या धाम से महंत राममिलन दास जी, सतुआबाबा आश्रम काशी से महंत संतोषदास जी महाराज, देवीपाटन शक्तिपीठ तुलसीपुर से महंत मिथिलेशनाथ जी महाराज, महंत रवींद्रदास , काशी से योगी रामनाथ , गोरक्षपीठ के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ जी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

  • मुख्यमंत्री गरीबों के लिए आयुष्मान भारत एवं कर्मचारियों के लिए 16/09

    मुख्यमंत्री गरीबों के लिए आयुष्मान भारत एवं कर्मचारियों के लिए 16/09

    मुख्यमंत्री गरीबों के लिए आयुष्मान भारत एवं कर्मचारियों के लिए पंडित DDU दीनदयाल उपाध्याय कैशलेस इलाज में अस्पतालों द्वारा जबरदस्त भ्रष्टाचार दलालों द्वारा किया जा रहा है इलाज के लिए जाने पर हजारों रुपया पहले ही मनमानी ढंग से कैसलेस के बहाने वसूला जा रहा है और कहा जा रहा है कि जब आप एडमिट हो जायेंगे लखनऊ सांची से अप्रूवल आएगा तब से भुगतान कैशलेस होगा आपने 5 लाख के मुफ्त इलाज की घोषणा की है आम नागरिक 70 वर्ष के ऊपर के भी बुजुर्गों का इलाज 5 लाख तक होगा लेकिन भ्रष्टाचार के नाते आपका ड्रीम प्रोजेक्ट चाहे वह आयुष्मान हो पंडित DDU दीनदयाल उपाध्याय कैशलेस या 70 वर्ष से ऊपर कैशलेस हो इसकी बेहतर व्यवस्था कर दें और इसमें जबरदस्त घोटाला पब्लिक भ्रष्टाचार की जांच हो जिस अस्पतालों में मनमाने तरीके से लूट मची है उसे लूट को बंद करें और सभी का ए टू ज इलाज करावे और यदि 5 लाख से अधिक का इलाज है तब अस्पतालों द्वारा एस्टीमेट देने पर सरकार उसको भी व्यवस्था कर इलाज कर दें मुख्यमंत्री कहते भी हैं की इलाज कराया पैसे की कमी नहीं है फिर भी यह अस्पताल वाले दुखित कर दे रहे हैं और सरकार द्वारा दिए गए पैसे में भी लूट मचा रखे हैं मनमाना चार्ज करना है इस नाते एक जबरदस्त जांच सारे अस्पतालों की और उत्तर प्रदेश के सांची संस्था जो इस काम को पूरे उत्तर प्रदेश में देख रही है निश्चित तौर से सब मिलकर गोलमाल है कैशलैस की योजना के बावजूद भी चाहे आयुष्मान के लोगों चाहे वह कर्मचारी पेंशनर्स के लोगों चाहे 70 साल से ऊपर के लोगों कैसलेस से खुश नहीं सब ही चाहते हैं कि हम अस्पताल जाएं तो हमारा कुछ पैसा न लगे और हमारे a टू z इलाज हो जाए जांच सहित आपने बेहतर योजना तो लाई है आपकी ड्रीम प्रोजेक्ट भी लेकिन यह अस्पताल सांची संस्था की जांच बहुत आवश्यक है माननीय मुख्यमंत्री जी इससे आम जनता में कर्मचारियों में पेंशनरों में 70 साल से ऊपर बुजुर्गो मैं काफी चर्चा है मुख्यमंत्री तो बहुत ईमानदार है पर यह अस्पताल वाले लखनऊ में बैठे सांची संस्था को उत्तर प्रदेश में चल रही है बड़ा जबरदस्त भ्रष्टाचार है मिला-जुला रैकेट है जो डॉक्टर द्वारा मनमाना पैसा इलाज के नाम पर सरकार का धन लूट रहे हैं महोदय इससे कर्मचारी सब में आक्रोश है आप कृपया पहले तो जांच करने और जो दोषी हो उनको दंडित करें और जरूरत पड़े जांच में पकड़ा जाए और 420 की तहत जेल भेजें और सबका बेहतर इलाज हो ए टू ज इलाज हो ताकि वास्तव में सपना सबका पूरा हो की 5 लाख का इलाज वास्तव में बेहतर इलाज हो सके अस्पताल बदमाशी ना करें कहीं-कहीं अस्पताल बदमाशी कर रहे हैं तमाम तरह की मनमानी कर रहे हैं कि जब अप्रूवल आ जाएगा तभी हम इलाज कर पाएंगे इसके पहले उनसे तब हजारों हजार रुपया लूट लिया जा रहा है यह ठीक नहीं है इस महत्वपूर्ण इलाज बिंदु पर तत्काल जांच कर कर दूसरों को दंडित करें इस चर्चा में रूपेश कुमार श्रीवास्तव मदन मुरली शुक्ला इंजीनियर रामसामऊज हा राजेश सिंह पंडित श्याम नारायण शुक्ला पंडित अशोक पांडे अनूप अशोक पासवान हरे राम यादव अशोक सिंह बिहार वरुण बैरागी आदित्य रूपेश कुमार श्रीवास्तव अध्यक्ष राज कर्मचारी संघ परिषद गोरखपुर

  • DDU यह संगोष्ठी का समापन नहीं, आगाज है: प्रो. पूनम टंडन.

    DDU यह संगोष्ठी का समापन नहीं, आगाज है: प्रो. पूनम टंडन.

    DDU दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय.
    यह संगोष्ठी का समापन नहीं, आगाज है: प्रो. पूनम टंडन.
    समरसता का नया आगाज है यह संगोष्ठी: प्रो. पूनम टंडन
    नाथपंथ ने समन्वय, समता और समरसता पर किया गंभीर कार्य: प्रो. विश्वनाथ प्रसाद तिवारी
    DDU दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय व हिंदुस्तानी अकादमी, प्रयागराज संयुक्त तत्वावधान में नाथ पंथ पर आयोजित दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का विचारोत्तेजक समापन हुआ. समापन समारोह की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि यह संगोष्ठी का समापन किन्तु समरसता का आगाज है. इस संगोष्ठी के माध्यम से प्रज्वलित समरसता की मशाल अनवरत समाज को प्रेरित व प्रकाशित करती रहेगी. हमें अपने लगभग ढाई लाख विद्यार्थियों के बीच नाथ पंथ के समरसता पुंज को लेकर जाना होगा. इसी के माध्यम से हम करोड़ों परिवारों तक पहुंचकर समरसता की जागृत लौ जला सकेंगे. इससे देश को बेहतरीन व समरस नागरिक समाज मिल सकेगा, जो विकसित भारत की संकल्पना को असल मायने में साकार करेगा.
    उन्होंने कहा कि इस संगोष्ठी से हमें जो मॉडल मिला है उसे जीवन में हम उतारे वह दूसरों को भी जोड़ें, तभी संगोष्ठी सफल मानी जाएगी.
    समारोह के मुख्य अतिथि पद्मश्री प्रो. विश्वनाथ प्रसाद तिवारी ने कहा कि समाज एक अमूर्त शब्द है. हर व्यक्ति की वेदनाएं अलग होती हैं. सारा संसार अपनी अपनी आग में जल रहा है. विषम ताप से विश्व विपुल संत्रस्त है. संत, महात्मा, ऋषि नैतिक आधार पर ही समाज को समरस बनाते हैं.
    मनुष्य का मन ही सुख व दुख का कारण है. हर मनुष्य का मन एक सा नहीं हो सकता. साधु-संत विचारों के माध्यम से मनुष्य के मन की दुविधा दूर कर, उन्हें समरस बनाने की कोशिश करते हैं.
    उन्होंने पीतांबर दत्त बडथ्वाल का संदर्भ लेते हुए कहा कि शंकराचार्य से लेकर भक्ति काल के बीच 350 वर्ष का सबसे तेजस्वी व प्रतापी व्यक्तित्व गुरु गोरखनाथ का है. बहुत बड़ा संगठन करता भी माना गया है आज देश व दुनियां के कोने-कोने में उनसे संबंधित जगह व चिन्हो का मिलना उनके इसी प्रभाव का परिणाम है. उन्होंने कहा कि गुरु गोरखनाथ न होते तो भारत की पूरी संत परंपरा न होती.
    उन्होंने कहा कि गुरु गोरखनाथ ने अपने पूर्व परंपरा को स्वीकार करते हुए अपने ढंग से सहज करने की कोशिश की. उन्होंने नाथ जोगियो के लिए आचार की कड़ी संहिता लागू की. चरित्र की दृढ़ता पर जोर दिया और गुरु को सर्वोपरि महत्व दिया. गोरखनाथ के चिंतन का व्यावहारिक रूप हमारी संत परंपरा में देखने को मिलता है.
    उन्होंने कहा कि गुरु गोरखनाथ का समय बौद्ध, जैन, शैव, शाक्त आदि में गहरे मतांतर का समय था. ऐसी स्थिति में उन्होंने प्रतिद्वंदिता, धार्मिक उथल-पुथल इस्लाम का प्रवेश, रूढ़ियों में जकड़े लोग, छुआछूत, जाति-पाति को मिटाकर समाज को समरस किया.
    उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म की बड़ी विशेषता है विचार करने की छूट. इसीलिए इसका नाम सनातन है. यहां जब विचारों में जाता या आडंबर आता है उसे ऐसे समय में धर्म में विचार करने की छूट है. नाथ पंथ ने समन्वय, समता, समरसता का अपने समय में गंभीर प्रयास किया. गुरु गोरखनाथ का समय राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक, धार्मिक आदि दृष्टि से बहुत ही विषम समय था. गुरु गोरखनाथ व नाथ पंथ ने इसे समरस बनाने की दिशा में बहुत बड़ा काम किया.
    जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर संजीत गुप्ता ने कहा कि समरस समाज में मनुष्य व मनुष्यता का महत्व होता है। धर्म और उसपर आधारित नीतियों पर चलकर ही समरस समाज का निर्माण हो सकता है। इसके लिए परस्पर अनुकूलता और सहयोग का भाव होना चाहिए। समाज की प्रत्येक इकाई उसी प्रकार महत्वपूर्ण है, जैसे शरीर का प्रत्येक अंग। हर व्यक्ति महत्वपूर्ण है, इस भाव के आने से समरसता वास्तविक रूप में सामने आयेगी।उन्होंने कहा कि पूज्य महंत दिग्विजय नाथ जी ने समाज को समरस बनाने में शिक्षा को महत्वपूर्ण मानते हुए उस दिशा में गंभीर कार्य किया। उन्होंने समरसता में शिक्षा के महत्व को पहचाना था। पूज्य महंत अवैद्यनाथ ने समरसता के महत्व को स्वीकारा और सार्वजनिक जीवन में इसे महत्व दिया। इसके साथ ही उन्होंने कहा नाथ पंथ धैर्य, साहस, समर्पण, त्याग और दृढ़ता का प्रतीक है। इसी के आधार पर नाथ पंथ ने समाज का मार्गदर्शन किया।

    DDU
    समापन समारोह के विशिष्ट अतिथि प्रो. चितरंजन मिश्र ने संबोधित करते हुए कहा कि
    समरस समाज कैसे बनेगा! इसके कारणों की तलाश करनी होगी। समाज को खंडित करने वालों का जो प्रतिकार नाथ पंथ में है, उन तत्वों को सामने लाने का कार्य नाथ पंथ के अध्येताओं को करना है। भारत के समाज में धर्म चालक शक्ति रही है, धर्म की मूल भावना समरसता को बढ़ाती है। नाथ पंथ भी इसी समरसता को प्रोत्साहित करता है।
    उन्होंने कहा कि नाथ पंथ ने व्यावहारिक ज्ञान का आत्मसातीकरण किया है। सभी साधनाओं के मूल में सहज होना है। सहजता ही आत्मा और समाज के उन्नयन का मार्ग है। आज अहंकार के कारण समाज की अखंडता बाधित होती है, नाथ पंथ ने इसका प्रतिकार किया। भगवान के रूप के भेद को समाप्त करने का कार्य किया। अखंड भारत को प्रभावित करने वाला पहला आंदोलन है नाथ पंथ।अधिष्ठाता, कला संकाय प्रो. राजवन्त राव ने बतौर विशिष्ट अतिथि उद्बोधन देते हुए कहा कि कोई भी धर्म या पंथ अपने समय की क्रांति है, वह मनुष्य के जीवन को बेहतर बनाने और अपने समय के प्रश्नों को हल करता है। हर युग के मनुष्य की अपनी समस्या होती है. प्रत्येक अगले युग में मनुष्य की चेतना आगे बढ़ जाती है, तो नई समस्या के निवारण के लिए नया धर्म या पंथ पैदा होता है। इसी क्रम में नौवीं-दसवीं सदी में नाथ पंथ का उदय हुआ। नाथ पंथ, भारतीय धर्म दर्शन के चिन्मय समुद्र का सार है। सभी धर्म-पंथ की परंपराएँ नाथ पंथ में समाहित हैं। यह मानता है कि आत्मा की निष्कलुषता एवं चैतन्यता ही समरसता का आधार बनती है। यह सहजता के गुण से आता है।  

    अधिष्ठाता, छात्र कल्याण प्रो. अनुभूति दूबे ने कहा कि नाथपंथ पर पहले भी संगोष्ठी एवं विमर्श होता रहा. नाथपंथ पर होने वाली प्रत्येक संगोष्ठी ने नया बेंच मार्क स्थापित किया है। यह संगोष्ठी निश्चय ही हमारे जीवन को प्रकाशित करेगी. समरसता जीवन का बहुत बड़ा मूल्य है. यह जीवन को बहुत सुंदर बना देती है. नाथ पंथ के चिंतन से पूरी दुनिया के समक्ष उपस्थित संकटों से उबरा जा सकता है.
    इस समापन सत्र का संचालन डॉ संजय तिवारी ने किया. संगोष्ठी के समन्वयक डॉ. कुशलनाथ मिश्र ने स्वागत वक्तव्य दिया. संगोष्ठी के संयोजक डॉ.अमित उपाध्याय ने आभार ज्ञापन किया. संगोष्ठी के आयोजन सचिव डॉ.सूर्यकांत त्रिपाठी ने प्रतिवेदन व्यक्त किया. हिंदुस्तानी अकादमी, प्रयागराज के सचिव माननीय देवेंद्र प्रताप सिंह समेत सभी अधिकारी एवं कर्मचारी गण उपस्थित रहे.

  • गोरखपुर दीनदयाल अध्यक्ष, सृष्टि उपाध्यक्ष और समीक्षा महामंत्री निर्वाचित

    गोरखपुर दीनदयाल अध्यक्ष, सृष्टि उपाध्यक्ष और समीक्षा महामंत्री निर्वाचित

    गोरखपुर महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय में छात्र संसद के ऑनलाइन चुनाव का परिणाम घोषित.
    स्वनिर्मित सॉफ्टवेयर से विश्वविद्यालय ने कराया छात्र संसद का चुनाव
    गोरखपुर, 15 सितंबर। महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय गोरखपुर में शनिवार शाम छह बजे से रात दस बजे तक ऑनलाइन हुए छात्र संसद के चुनाव नतीजे आ गए हैं। दीनदयाल गुप्ता को अध्यक्ष, सृष्टि यादव को उपाध्यक्ष, समीक्षा कुमारी को महामंत्री और अनामिका पांडेय को पुस्तकालय मंत्री चुना गया है।
    महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय ऐसा पहला विश्वविद्यालय बन गया है जहां स्वनिर्मित सॉफ्टवेयर से छात्र संसद का ऑनलाइन चुनाव कराया गया है। voting.mgug.ac.in नामक यह सॉफ्टवेयर देश में शिक्षण संस्थानों के छात्र संसद चुनाव के लिए बनाया गया पहला सॉफ्टवेयर है। गोरखनाथ विश्वविद्यालय ने ऑनलाइन पढ़ाई के साथ छात्र संसद चुनाव कराकर एक नजीर पेश की है। शनिवार शाम छह बजे से रात दस बजे तक हुए ऑनलाइन मतदान के बाद परिणाम विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर जारी कर दिया गया।
    मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विमल कुमार दूबे ने बताया कि छात्र संसद के चुनाव में कुल 743 छात्र-छात्राओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। अध्यक्ष पद पर दीनदयाल गुप्ता ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी अनिकेत मल्ल को 104 मतों के अंतर से पराजित किया। उपाध्यक्ष पद पर सृष्टि यादव ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी आर्यन यादव से 87 मत अधिक प्राप्त किया और निर्वाचित हुईं। महामंत्री पद पर समीक्षा कुमारी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी सुंदरी को 32 मतों से पराजित किया। पुस्तकालय मंत्री पद पर अनामिका पांडेय विजयी रहीं। अदिति वर्मा को 180 मतों से पराजित किया। चुनाव प्रक्रिया विश्वविद्यालय के आईटी विभाग के सहयोग से पूरी हुई। छात्र संसद के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को विश्वविद्यालय के कुलपति मेजर जनरल डॉ. अतुल वाजपेयी और कुलसचिव डॉ. प्रदीप कुमार राव ने बधाई दी है।