गोरखपुर के उरुवा थानाक्षेत्र के मंझरिया गांव में स्थित मदरसा के मौलाना पर दुष्कर्म का आरोप
आरोप है कि मौलाना रहमत अली ने कक्षा 6 में पढ़ने वाली बच्ची का छुट्टी के बाद दुष्कर्म किया
परिजन को जब इसकी जानकारी हुई, तो उन्होंने इसकी सूचना स्थानीय थाना की पुलिस को दी
एसपी साउथ ने घटना स्थल पर पहुंचकर जांच पड़ताल की, पीड़िता की मां के तहरीर के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है,
आरोपी मौलाना को पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए हिरासत में लिया, पुलिस जांच में जुटी
Category: उत्तर प्रदेश
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मदरसे में पढ़ने वाली क्लास 6 की बच्ची से मौलाना ने किया रेप, मुकदमा दर्ज
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अविभाजित उत्तर प्रदेश और आंतरिक सुरक्षा के लिए पं. गोविंद वल्लभ पंत जी द्वारा किए गए कार्य सदैव स्मरणीय रहेंगेः सीएम योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत रत्न, पंडित गोविंद वल्लभ पंत जी की जयंती के अवसर पर उनकी प्रतिमा पर किया माल्यार्पण, अर्पित की श्रद्धांजलि
सीएम ने कहा- राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आह्वान पर प्रैक्टिस छोड़ी, जेल की यातना सही, लेकिन आजादी के आंदोलन से कभी विचलित नहीं हुए
प्रदेश की जनता को बुनियादी सुविधाएं देने, शिक्षा, स्वास्थ्य और इंफ्रास्ट्रक्चर देने के लिए जो कार्ययोजना बनाई उसी पर आधारित है आज का उत्तर प्रदेशः सीएम
हिंदी को राजभाषा बनाने का उनका प्रयास अतुल्य, रेवेन्यू सेक्टर में उनके द्वारा किए गए रिफॉर्म आज भी गरीब को न्याय प्रदान करते हैंः मुख्यमंत्री योगी
लखनऊ, 10 सितंबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री और देश के गृहमंत्री रहे भारत रत्न, पंडित गोविंद वल्लभ पंत की 137वीं जयंती के अवसर पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पंडित गोविंद वल्लभ पंत जी ने अविभाजित उत्तर प्रदेश के लिए और देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए जो कार्य किए वह सदैव स्मरणीय रहेंगे। उत्तर प्रदेश में विकास के कार्यों की आधारशिला रखने के लिए भारत के ऐसे महान सपूत की स्मृतियों को नमन करते हुए उनकी पावन जयंती पर प्रदेश सरकार और प्रदेश की जनता की ओर से विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।
पंडित गोविंद वल्लभ पंत की कार्ययोजना पर ही आधारित है आज का उत्तर प्रदेश
सीएम योगी ने पंडित गोविंद वल्लभ पंत की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के बाद कहा कि उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री और केंद्रीय गृहमंत्री के रूप में उनका कार्यकाल अत्यंत ही यशस्वी रहा। उन्होंने कहा कि पंडित गोविंद वल्लभ पंत एक महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आह्वान पर उन्होंने अपनी अच्छी खासी प्रैक्टिस छोड़ दी और आजादी के आंदोलन से जुड़ गए। उन्होंने आंदोलन में भाग लिया, जेल की यातना सही, लेकिन आजादी के उस आंदोलन से कभी विचलित नहीं हुए। यही कारण था कि आजादी के आंदोलन के दौरान उनके द्वारा किए गए योगदान, लगातार किए गए संघर्षों के कारण उन्हें स्वतंत्र भारत में देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का उत्तरदायित्व सौंपा गया। उन्होंने 1954 तक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में अपनी सेवाएं दीं। उस समय के उत्तर प्रदेश को आगे बढ़ाने के लिए, जनता को बुनियादी सुविधाएं प्राप्त हों इसके लिए, शिक्षा, स्वास्थ्य और उस समय के अनुरूप इंफ्रास्ट्रक्चर देने के लिए उन्होंने एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की, जिस पर आज का हमारा उत्तर प्रदेश आधारित है। सीएम योगी ने कहा कि 1954-55 में पंडित गोविंद वल्लभ पंत जी को देश के गृह मंत्री के रूप में नियुक्त किया गया। इस दौरान राजभाषा हिंदी हो इसके लिए उनका प्रयास अत्यंत ही अतुल्य है। रेवेन्यू के सेक्टर में उनके द्वारा किए गए रिफॉर्म आज भी एक गरीब को न्याय प्रदान करते हैं।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, एमएसएमई मंत्री राकेश सचान, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधान परिषद सदस्य मुकेश शर्मा, लालजी प्रसाद निर्मल, रामचंद्र प्रधान, विधायक नीरज बोरा आदि उपस्थित रहे। -

मानव शिक्षा सेवा संस्थान द्वारा पीड़ित परिवार को सहायता, “घर बनवाएंगे, घर बसाएंगे” अभियान के तहत राहत प्रदान
गोरखपुर संवाददाता ।।प्रदीप यादव।।
गोरखपुर के बेलीपार के बेला गांव में एक अभूतपूर्व कदम उठाते हुए, मानव शिक्षा सेवा संस्थान के प्रबंधक आलोक कुमार गुप्ता जी ने एक त्रासदी से प्रभावित परिवार को गोद लेने का साहसी निर्णय लिया है। उनके इस निर्णय से परिवार के बचे हुए सदस्यों को नया जीवन मिलने की उम्मीद है। यह सहायता “घर बनवाएंगे, घर बसाएंगे” नामक उनके विशेष अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत पीड़ितों को केवल आर्थिक मदद ही नहीं, बल्कि संपूर्ण सामाजिक और मानसिक समर्थन भी दिया जा रहा है। आलोक कुमार जी ने कहा, “हमारा मकसद केवल घर का निर्माण करना नहीं है, बल्कि इन लोगों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। हमें यह सुनिश्चित करना है कि ये परिवार फिर से अपने पैरों पर खड़ा हो सके और भविष्य में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।” संस्था ने परिवार के लिए न केवल एक नया घर बनवाने का वादा किया है, बल्कि उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं और रोजगार के अवसर भी मुहैया कराए जाएंगे। संस्था इस परिवार की संपूर्ण देखभाल करेगी और उन्हें एक गरिमामय जीवन प्रदान करने की दिशा में निरंतर प्रयासरत रहेगी। इस प्रेरणादायक पहल की स्थानीय समुदाय ने जोरदार सराहना की है। गांव के लोगों ने कहा कि मानव शिक्षा सेवा संस्थान का यह कदम पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा। इस अभियान से ना सिर्फ पीड़ित परिवार को राहत मिलेगी, बल्कि यह समाज में सेवा भाव और दानशीलता को भी बढ़ावा देगा। बेला गांव के इस पीड़ित परिवार के लिए उठाए गए इस कदम से समाज में एक सकारात्मक संदेश गया है। आलोक कुमार गुप्ता जी और उनकी संस्था का यह प्रयास समाज सेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो दूसरों के लिए प्रेरणा बनकर उभरेगा। -

माँ विंध्यवासिनी देवी धाम में भगवती सूक्तम् पाठ, वेद पारायण वार्षिकोत्सव में शामिल हुए ‘निरहुआ’, ‘कौशिक द्विवेदी’ सहित फिल्मी सितारें
माँ विंध्यवासिनी देवी धाम के प्रधान अर्चक आचार्य अगस्त्य कुमार द्विवेदी द्वारा भगवती सूक्तम् पाठ, वेद पारायण वार्षिकोत्सव आयोजित किया गया। जिसमें में भोजपुरी सिनेमा के जुबली स्टार व पूर्व सांसद दिनेशलाल यादव निरहुआ, एक्टर व कोरियोग्राफर कौशिक द्विवेदी, दिग्गज अभिनेता मनोज सिंह टाइगर (बताशा चाचा), संजय पाण्डेय, के. के. गोस्वामी, आर्यन बाबू, रमेश कश्यप, अरुण राज, अनूप अरोरा, एक्ट्रेस ऋचा दीक्षित, नमिता पांडेय सहित कई फिल्मी सितारें शामिल हुए। राजनीति क्षेत्र से राज्यमंत्री सोहन लाल श्री माली, नगर विधायक रत्नाकर मिश्रा, नगर मजिस्ट्रेट लाल बहादुर सिंह आदि ने हौसला अफजाई किया। वहीं पद्मश्री कजरी गायिका उर्मिला श्रीवास्तव, गायक व संगीतकार आशीष वर्मा सहित कई गायक व गायिकाओं ने माँ विंध्यवासिनी देवी धाम में अपनी सुरीली प्रस्तुति दी है। साथ ही हिन्दू विंध्य युवा समिति अध्यक्ष लकी कुमार कौशल तथा कौशिक द्विवेदी ने इस कार्यक्रम के आयोजन में अहम योगदान दिया।
श्री माँ विन्यवासिनी श्रवण वेद-पाठशाला समिति के पदाधिकारी सदस्यः- अध्यक्ष- श्री चन्द्रप्रकाश तिवारी, कोषाध्यक्ष- श्रीमती माला देवी, प्रबन्धक- श्री देवी प्रसाद चौबे, श्री बीरू पाण्डेय, श्री पुलस्त्य कुमार द्विवेदी, श्रीमती पुष्पा देवी, श्री वाशुदेव पाण्डेय, श्री चन्दन द्विवेदी, श्री गोबिन्द देव पाण्डेय, श्री राकेश वर्मा, श्री संजय श्रीवास्तव, श्री अश्वनी पाण्डेय, श्री शिवराम शर्मा, श्री रामलाल साहनी, श्री रामधनी जी, श्री सोमेश्वर त्रिपाठी ने यह कार्यक्रम सफल बनाने में भरपूर सहयोग दी।
उल्लेखनीय है कि माँ विंध्यवासिनी देवी धाम के प्रधान अर्चक आचार्य अगस्त्य कुमार द्विवेदी ने गुरु शिष्य परंपरा को आगे बढ़ाते हुए प्राचीन काल के ऋषि-मुनियों द्वारा संचालित गुरुकुल आश्रम की तरह ही निःशुल्क गुरुकुल चला रहे हैं। जिसमें विद्यार्थियों को चारों वेद, जन्म से लेकर मरणोपरांत तक कर्मकांड की विधि व वैदिक मंत्रों को पढ़ाया व सिखाया जाता है। पठन पाठन कार्य में संस्कृति भाषा के साथ साथ आधुनिक हिंदी, अंग्रेजी, गणित, इतिहास, भूगोल भी पढ़ाया जाता है। -

कैंसर की दवाओं पर अब लगेगा सिर्फ इतना जीएसटी, सस्ता होगा इलाज
54th GST Council Meeting: कैंसर की दवाओं पर अब लगेगा सिर्फ इतना जीएसटी, सस्ता होगा इलाज
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फॉर्चूनर कारो से 2 महिला डांसरो को अगवा कर गैगरेप, अमीरजादो ने दिया वारदात को अंजाम
सभी 8 युवक सलाखों के पीछे 2 को गोली लगी
UP के कुशीनगर में 2 डांसरो को अगवा किए जाने के मामले में पुलिस ने निसार अंसारी व आदित्य साहनी की टांग में गोली मारकर इन दोनों को अरेस्ट किया है। आर्थक सिंह निवासी गोरखपुर, डॉ. विवेक सेठ निवासी झुंगिया गेट, कृष तिवारी निवासी नारायण नगर, अस्वन सिंह निवासी गोरखपुर, नागेंद्र यादव देवरिया और अजीत सिंह निवासी कुशीनगर को पहले ही जेल भेजा जा चुका है। इन लोगो ने बर्थडे पार्टी में डान्स के नाम पर बंगाल की इन लड़कियों को जबरन इनके घरों से किडनेप किया था। -

बसपा सुप्रीमो मायावती ने सोशल मीडिया एकाउंट X के माध्यम से कांग्रेस पर खड़े किए कई सवाल
लखनऊ.
जातीय जनगणना को लेकर, और आरक्षण को लेकर X ट्वीट -

किशोर-किशोरियों के शिक्षा, स्वास्थ्य और अधिकारों पर की चर्चा
किशोरी मेले का किया गया आयोजन
गोरखपुर। किशोर-किशोरियों के शिक्षा,स्वास्थ्य,अधिकारों के मुद्दों पर चर्चा हेतु जंगल कौड़िया ब्लॉक क्षेत्र के रसूलपुर चकिया स्थित परम ज्योति इण्टर कॉलेज में किशोरी मेले का आयोजन सोमवार को ब्रेकथ्रू संस्था द्वारा किया गया। इस मौक़े पर स्वास्थ्य, शिक्षा, लैंगिक समानता पर आधारित कला और जेंडर आधारित खेलों का आयोजन भी किया। कार्यक्रम कोऑर्डिनेटर संजय कुमार ने बताया कि इस मेले का मकसद अंतर पीढ़ी संवाद को बढ़ावा दे कर महिला हिंसा तथा लैंगिक भेदभाव रोकना है। इस दौरान निदेशक रवि प्रताप सिंह ने किशोर – किशोरियों को प्रशंसा पत्र, पेन और डायरी सौंपकर कहा गया कि सशक्तिकरण कार्यक्रम में सभी लोग एक चमकता तारा बनकर रोशनी फैलाते रहिए और इसी तरीके से अपनी जगमगाहट से घर और समुदाय में बदलाव की रोशनी बढ़ाते रहिए। इस मौके पर उपस्थित अभिभावक और शिक्षकों ने लिखित वचन दिया कि जब तक उनके बच्चे शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक तथा आर्थिक रूप से परिपक्व नहीं हो जाते हैं तब तक वह उनकी शादी नहीं करेंगे। इस दौरान रवि प्रताप सिंह, दीनबंधु सिंह, चंद्र प्रकाश सिंह, गुलाब चन्द, सुरेंद्र सिंह, कविता निषाद, रीना यादव, मोनिका, इंद्रावती, नीलम, प्रीति सिंह मौजूद रहे। -

निगोहा थाना छेत्र के ग्राम मीरख नगर में एक प्रोपर्टी डीलर को मारी गई गोली
लखनऊ
घर के पास बदमाशो द्वारा शहंशाह नामक व्यक्ति को मारी गई गोली घायल अवस्था मे भेजा गया अस्पताल इलाज जारी
अज्ञात बदमाशो द्वारा मारी गई गोली मौके पर एसीपी मोहनलालगंज व थाना प्रभारी निगोहा मौजूद
मीरखनगर स्थित घर पहुंचे प्रापर्टी डीलर के कार से उतरते ही बदमाशो ने बरसाई उस पर कई राउंड गोलिया
गम्भीर हालत में प्रापर्टी डीलर को एपेक्स ट्रामा सेंटर में कराया गया भर्ती। लगभग रात 12 बजे की घटना -

शीघ्र पहचान, जांच और सम्पूर्ण इलाज से होगा टीबी का उन्मूलन-डॉ गणेश यादव
जिले में सक्रिय क्षय रोगी खोजी अभियान शुरू, घर घर जाएंगी स्वास्थ्य विभाग की टीम.
अब तक चले बारह अभियानों के जरिये 3145 नये टीबी मरीज खोज कर किया गया इलाज
गोरखपुर, 09 सितम्बर 2024
जिले में सक्रिय क्षय रोगी खोजी (एसीएफ) अभियान सोमवार से शुरू हो गया। जिला क्षय उन्मूलन अधिकारी डॉ गणेश यादव ने जिला क्षय रोग केंद्र से प्रचार वाहनों को हरी झंडी दिखा कर अभियान का शुभारंभ किया। इसके बाद मीडिया कार्यशाला को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि शीघ्र पहचान, जांच और सम्पूर्ण इलाज से ही टीबी का उन्मूलन संभव है। इसी उद्देश्य से अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग की तीन सदस्यों वाली टीम घर घर जाकर संभावित मरीजों को खोंजेगी। इससे पहले जिले में 12 एसीएफ अभियान चल चुके हैं, जिनकी मदद से 3145 नये टीबी रोगी खोजे गये और उन्हें टीबी मुक्त किया जा सका।
जिला क्षय उन्मूलन अधिकारी डॉ यादव ने बताया कि इस बार करीब 10.88 लाख की आबादी के बीच मरीज ढूंढे जाएंगे। कुल 1227 सदस्यों वाली 409 टीम लोगों के घर जाएंगी। जिन घरों पर टीम विजिट करेगी वहां स्टीकर लगाना भी अनिवार्य होगा। जिन लोगों को दो सप्ताह से अधिक की खांसी, शाम को पसीने के साथ बुखार, सांस फूलना, तेजी से वजन गिरना, भूख न लगना और बलगम में खून आने जैसी समस्या होगी उन्हें टीबी की जांच के लिए प्रेरित किया जाएगा। उनका मौके पर ही बलगम इकट्ठा किया जाएगा और अगले दिन खाली पेट भी बलगम का सैम्पल लाने के लिए कहा जाएगा। कुल 24 चिकित्सा अधिकारियों की देखरेख में 43 लैब टेक्निशियन प्राथमिकता के आधार पर सभी सैम्पल की जांच करेंगे। अभियान में सहयोगात्मक पर्यवेक्षण के लिए 90 सुपरवाइजर लगाए गये हैं। उन्होंने बताया कि लोगों को समझाया जाएगा कि शीघ्र जांच और इलाज शुरू होने के बाद टीबी मरीज से संक्रमण की आशंका कम हो जाती है। इसके विपरीत जो टीबी मरीज जांच और इलाज नहीं करवाते हैं वह पूरे वर्ष में दस से पंद्रह नये लोगों को इस बीमारी से संक्रमित कर सकते हैं। समय से इलाज न शुरू होने पर ड्रग सेंसिटिव (डीएस) टीबी का मरीज भी ड्रग रेसिस्टेंट (डीआर) टीबी का मरीज बन सकता है। इसकी वजह से जो बीमारी छह माह में ठीक हो सकती है, उसे ठीक होने में डेढ़ से दो साल तक का समय लग जाता है। डीआर टीबी मरीज में जटिलताएं अधिक होती हैं और अगर मरीज लापरवाही करते हैं तो मृत्यु की आशंका भी बढ़ जाती है। टीबी के सम्पूर्ण जांच और इलाज की सुविधा विभाग के पास उपलब्ध है। डॉ यादव ने बताया कि मधुमेह व एचआईवी के मरीजों, ईंट भट्ठा श्रमिकों, मलिन बस्तियों के निवासियों और अति कमजोर वर्ग के लोगों एवं कुपोषितों में टीबी की आशंका अधिक रहती है। ऐसे लोगों को हल्के फुल्के लक्षण आने पर भी जांच अवश्य करवानी चाहिए। विभाग को जो नये टीबी मरीज मिलते हैं उनकी सीबीनॉट जांच कराई जाती है। बाजार में यह जांच करवाने के लिए हजारों रुपये खर्च करने पड़ते हैं। प्रत्येक नये टीबी मरीज की एचआईवी और मधुमेह की जांच भी कराई जाती है। प्रत्येक एचआईवी मरीज की भी टीबी जांच अवश्य कराते हैं। यह सारी सुविधाएं सरकारी स्वास्थ्य तंत्र में उपलब्ध हैं।
इस अवसर पर उप जिला क्षय उन्मूलन अधिकारी डॉ विराट स्वरूप श्रीवास्तव, जिला कार्यक्रम समन्वयक धर्मवीर प्रताप सिंह, पीपीएम समन्वयक अभय नारायण मिश्र, मिर्जा आफताब बेग, टीबी एचआईवी कोआर्डिनेटर राजेश सिंह, कमलेश कुमार गुप्ता, केके शुक्ला, इंद्रनील, मयंक और गोबिंद प्रमुख तौर पर मौजूद रहे। मरीजों को मिलेंगी सुविधाएं
टीबी मरीजों को पोषण के लिए प्रतिमाह 500 रुपये की दर से इलाज चलने तक खाते में सहायता राशि दी जाती है। कमजोर आय वर्ग के मरीजों को निक्षय मित्रों के जरिये एडॉप्ट कराया जा रहा है ताकि उन्हें पोषण में सहयोग मिल सके और उन्हें मानसिक संबल भी मिले। इससे वह नियमित दवा खाते हैं और जल्दी स्वस्थ होते हैं। डॉ यादव ने बताया कि इससे पहले जिले में चलाए गए बारह एसीएफ अभियान में 38041 संभावित टीबी रोगी खोजे गये, जिनमें से 2261 लोगों में बलगम की जांच के जरिये टीबी की पुष्टि हुई। वहीं 884 लोगों में एक्स रे के जरिये टीबी की पुष्टि हुई। नये टीबी मरीजों के निकट सम्पर्कियों की भी जांच कराई जाती है और जिन लोगों में टीबी नहीं मिलती है उन्हें भी छह माह तक बचाव की दवा खिलाई जाती है।









