Category: उत्तर प्रदेश

  • मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, गोरखपुर में सत्र 2024-25 में एम0 टेक0 एवं एम0 एससी0 की रिक्त बची सीटों हेतु स्पेशल स्पाट राउण्ड काउन्सिलिंग।

    मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, गोरखपुर में सत्र 2024-25 में एम0 टेक0 एवं एम0 एससी0 की रिक्त बची सीटों हेतु स्पेशल स्पाट राउण्ड काउन्सिलिंग।

    मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, गोरखपुर में सत्र 2024-25 में एम0 टेक0 एवं एम0 एससी0 की रिक्त बची सीटों हेतु स्पेशल स्पाट राउण्ड काउन्सिलिंग।
    मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, गोरखपुर में सत्र 2024-25 में एम0 टेक0 एवं एम0 एससी0 की रिक्त बची सीटों हेतु स्पेशल राउण्ड काउन्सिलिंग दिनांक सितम्बर 09, 2024 को आयोजित की जायेगी। प्रवेश प्रकोष्ठ के अध्यक्ष प्रो0 श्रीराम ने बताया कि गेट/सी0यू0टी0-पी0जी0-2024 के सफल अभ्यर्थी स्पेशल राउण्ड काउन्सिलिंग में प्रतिभाग कर सकते हैं जिन अभ्यर्थियों ने उक्त परीक्षा नहीं दी है वे भी अभ्यर्थी उक्त काउन्सिलिंग में प्रतिभाग कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि एम0 टेक0 में प्रवेश हेतु ए0आई0सी0टी0ई0 मानक के अनुसार सामान्य एवं अन्य पिछड़ा वर्ग हेतु बी0टेक0/बी0ई0 अथवा समकक्ष कोर्स में 50 प्रतिशत अंक एवं अनुसूचित जाति एवं जनजाति के अभ्यर्थियों हेतु 45 प्रतिशत अंक होना चाहिए। इसी प्रकार एम0 एससी0 में प्रवेश हेतु अर्हकारी परीक्षा में सामान्य एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों हेतु 50 प्रतिशत अंक एवं अनुसूचित जाति एवं जनजाति के अभ्यर्थियों हेतु 45 प्रतिशत होना चाहिए। उन्होंने बताया कि इच्छुक अभ्यर्थी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध प्रवेश विवरणिका का भलीभॉंति अध्ययन कर आवेदन करें। रिक्त बची सीटों की सूचना भी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है।
    इच्छुक अभ्यर्थी विश्वविद्यालय वेबसाइट पर उपलब्ध लिंक के माध्यम से आनलाइन आवेदन कर सकता है। जो अभ्यर्थी पूर्व में काउन्सिलिंग हेतु पंजीकरण शुल्क रू0 2500.00 जमा कर नामांकन करा चुके हैं और उनको कोई सीट आबंटित नहीं हुई है या उन्होंने सीट निरस्त करा लिया था। ऐसे अभ्यर्थियों को स्पेशल स्पाट राउण्ड काउन्सिलिंग में प्रतिभाग हेतु केवल सहमति देनी होगी। इस हेतु उन्हें उनकी पंजीकृत ई-मेल आई0डी0 पर मेल भेजा जा चुका है। नये अभ्यर्थियों को रजिस्ट्रेशन लिंक के माध्यम से आवेदन करना होगा तथा पंजीकरण शुल्क के रूप में रूपये 2,500.00 आनलाईन माध्यम से भुगतान करना होगा जिसका सम्पूर्ण विवरण विवरण विश्वविद्यालय की वेबसाइट www.mmmut.ac.in पर उपलब्ध है। इच्छुक अभ्यर्थी दिनांक सितम्बर 09, 2024 को पूर्वान्ह 11.00 बजे तक आवेदन कर सकते हैं। स्पाट राउण्ड काउन्सिलिंग में प्रतिभाग हेतु समस्त अभ्यर्थियों को दिनांक 09.09.2024 को प्रातः 10.00 बजे विश्वविद्यालय परिसर में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा। विस्तृत जानकारी हेतु विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध नोटिस का ध्यानपूर्वक अवलोकन करें।

    ( प्रो0 श्रीराम ) अध्यक्ष, प्रवेश प्रकोष्ठ

  • गोला में बड़े ही धूम-धाम से मनाया गया शिक्षक दिवस

    गोला में बड़े ही धूम-धाम से मनाया गया शिक्षक दिवस

    गोला में बड़े ही धूम-धाम से मनाया गया शिक्षक दिवस
    गोला।गोला में बड़े ही धूम-धाम से मनाया गया शिक्षक दिवस।जो सर्वप्रथम स्कूलों के प्रबधंक व प्रधानाचार्य लोगों ने राधाकृष्णन के मूर्ति पर पुष्पांजली अर्पित किया गया। जो मनमोहक कविता,गीत, भाषण प्रस्तुत किया गया।वहीं शिक्षकों द्वारा डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन पर प्रकाश डाला गया तथा अपने विचारों को रखा। सभी स्कूलोपर छात्र-छात्राएं ने केक काटकर अपने गुरुजनो के साथ मनाया। जो गोला के एलपीएम स्कूल तहसील चौराहा, एमसीए पब्लिक स्कूल सुअरज, पी.एच.इन्टरनेशनल पब्लिक स्कूल कुशलदेईया,के.बी. राय भडसड़ा, चिल्डैन पब्लिक स्कूल अतरौरा, बेबीज़ कार्नर अतरौरा, सी.डी पब्लिक स्कूल गोला‌, भारत कोचिग गोला, ए.जे.एम स्कूल अतरौरा,‌सहि अन्य संस्थाओं पर धूमधाम से मनाया गया।जो एलपीएम स्कूल के प्रबधंक भागीरथी प्रसाद स्वर्णकार,प्रबंध निर्देशक, अमरनाथ वर्मा,पी.एच.के मनोज कुमार उमर, एमसीए पर प्रदीप सिंह व रत्ना सिंह, केबी राय पर बागेश्वरी राय, अरूण कुमार श्रीवास्तव, संजय यादव, आशीष सोनकर, गुलाम अशरफ, विकास सर सहित सभी विद्यालय के प्रबंधक व प्राचार्य बड़े ही धूम-धाम से शिक्षक दिवस मनाया।

  • सरयू नदी की कटान से प्राथमिक विद्यालय बगहा का अस्तित्व खतरें में

    सरयू नदी की कटान से प्राथमिक विद्यालय बगहा का अस्तित्व खतरें में

    सरयू नदी की कटान से प्राथमिक विद्यालय बगहा का अस्तित्व खतरें में
    बगहा गांव के कटान स्थल का निरिक्षण करते उप जिलाधिकारी
    बड़हलगंज (गोरखपुर) विकास खण्ड बड़हलगंज के दियारा क्षेत्र में सरयू नदी तीब्र गति से कटान कर रही हैं ।
    तेज गति से हो रहे कटान से अब तक सैकड़ों एकड़ कृषि योग्य भूमि नदी के धारा में विलीन हो चुकी हैं ।
    पिछले दो दिनों में कटान की गति तेजी से बढ़ी हैं जिससे बगहा गांव में स्थित प्राथमिक विद्यालय पर् खतरा बढ़ गया हैं।
    बगहा गांव के परमा सिंह हुकुमचंद बच्ची देवी शिवानन्द सरिता शिक्षक अशोक सिंह का कहना है कि समय रहते शासन द्वारा कटान रोकने का कोई उपाय नहीं किया गया तो गांव का अस्तित्व बच पाना मुश्किल हैं लेकिन कोई भी जिम्मेदार अधिकारी कटान पर् ध्यान नही दे रहा है महज कुछ दिन पूर्व बाढ़ की भीषण मार् से उबरे दियारा क्षेत्र के लोगो पर् मुसीबतें बढ़ गयी हैं ।
    गांव की लीलावती चन्द्रावती ज्ञानमती सुमित्रा बेचनी बताने लगी कि रात्रि में जब कटान से दरारें तेज आवाज करती हुई नदी में गिरती हैं तो बहुत डर लगता हैं जैसे लगता हैं कि अभी घर नदी में कट जाएगा । इस संबंध में बाढ़ खंड 2 के जेई सुनील से बात हुई तो उन्होंने बताया की पार्कोपाइन बम्बूक्रेट ट्रिपेसर लगाया जा रहा है मौके पर उप जिला अधिकारी गोला राजू कुमार सहायक अभियंता नीरज कुमार जेई सुनील कुमार सिंह, लेखपाल व ग्राम प्रधान सहित सैकड़ो लोग उपस्थित रहे

  • बच्चों के भविष्य के निर्माता है शिक्षक रामअशीष राय

    बच्चों के भविष्य के निर्माता है शिक्षक रामअशीष राय

    बच्चों के भविष्य के निर्माता है शिक्षक रामअशीष राय
    बड़हलगंज( गोरखपुर) बीआरसी बड़हलगंज परिसर मे भारत के उपराष्ट्रपति डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर आयोजित समारोह मे शिक्षा के क्षेत्र मे अग्रणी भूमिका निभाने वाले शिक्षक/शिक्षिकाओं को सम्मानित करते हुए मुख्य अतिथि ब्लाक प्रमुख रामआशीष राय ने कहा कि शिक्षक बच्चो के भविष्य के निर्माता है। संस्कार युक्त शिक्षा देने का कार्य शिक्षक ही करता है। शिक्षक बच्चे को जैसा चाहे उसी अनुसार उसे ढ़ाल देता है। खण्ड शिक्षाधिकारी मनुजीत राव ने कहा कि बच्चो का उज्जवल भविष्य अध्यापक के हाथ मे है। शिक्षक नेता अभय राय ने कहा कि शिक्षको को संगठित होने की आवश्यकता है। क्योकि व्यक्ति से पहले संगठन है। संचालन ब्लाक महामंत्री रितेश राय ने किया। समारोह मे ब्लाक अध्यक्ष आनंद तिवारी, देवेन्द्र राय, बृजेश राय, अखिलेश कुमार, रामवृक्ष, कमलेश राय, समीर राय आदि मौजूद रहे। इस अवसर पर शिक्षको एवं शिक्षिकाओं को किया गया सम्मानित
    श्रीमती ज्ञानती पांडेय, विनोद राय, आलोक राय, उषा राय, पल्लवी राय, सुषमा सिंह, शीला राय, हरिलाल निषाद, पूनम चंद, हंसा यादव वार्डेन संगीता शर्मा को प्रसस्ति पत्र व अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया।
    ब्यूरो प्रभारी —-विनय तिवारी

  • चिल्लूपार विधायक ने किया अपने मित्र मंडल का पुनर्गठन  बड़हलगंज ( गोरखपुर)

    चिल्लूपार विधायक ने किया अपने मित्र मंडल का पुनर्गठन बड़हलगंज ( गोरखपुर)

    चिल्लूपार विधायक ने किया अपने मित्र मंडल का पुनर्गठन
    बड़हलगंज ( गोरखपुर) चिल्लूपार विधायक राजेश त्रिपाठी ने अपने मित्र मंडल का पुनर्गठन किया बनवारी प्रसाद अध्यक्ष, आचार्य वेदप्रकाश विधायक प्रतिनिधि, राजू पाण्डेय, प्रशांत शाही विधायक पीआरओ, दुर्गेश मिश्र को मीडिया प्रभारी बने
    बड़हलगंज चिल्लूपार विधायक राजेश त्रिपाठी ने अपने मित्र मंडल संगठन का पुनर्गठन करते हुए दलित नेता बनवारी प्रसाद को अध्यक्ष मनोनीत किया है और आचार्य वेदप्रकाश त्रिपाठी को मित्र मंडल का महामंत्री बनाने के साथ-साथ चिल्लूपार का अपना प्रतिनिधि नियुक्त किया है ।
    विधान मंडल सचेतक राजेश त्रिपाठी द्वारा विज्ञप्ति जारी कर बताया गया है कि राजीव पाण्डेय चिल्लूपार विधान सभा क्षेत्र में विधायक के पीआरओ का दायित्व सम्भालेगें और जिला तथा प्रदेश मुख्यालय पर पीआरओ का दायित्व प्रशांत शाही देखेगें। विधायक के मीडिया प्रभारी का दायित्व दुर्गेश मिश्र के ही पास रखा गया है ।
    राजेश त्रिपाठी मित्र मंडल के दूसरे महामंत्री बारानगर निवासी करोड़पति सैनी को तथा उपाध्यक्ष विनय तिवारी (टाडा), आनंद चंद (पोखरीगांव), मुन्ना निषाद (गनेशी),
    सत्य प्रकाश यादव (तिवारीपुर), रामप्रकाश मौर्य (बनवारपार), उमेश यादव (कोहना), वेदप्रकाश सिंह (हरपुर) तथा मंत्री का दायित्व अजय राय गुड्डू (चाडी),
    रामकिशुन प्रजापति (बैदौली), जितेन्द्र कन्नौजिया (दुबौली), नवनीत राय (टडवा श्रीराम), अशोक जायसवाल (बड़हलगंज), सतीश शर्मा (बाघागाडा)
    एखलाक अहमद (मुबारकपुर) को दिया गया है ।
    शमीउल्लाह अंसारी (कुल्दवाबारी) को संयुक्त मंत्री
    अनिल कुमार भट्ट (कौवाडील) को आडीटर
    विनोद दूबे नेवाइजपार और पी.के. दूबे को विधिक सलाहकार, तारकेश्वर गौंड (खखाइजखोर) कोषाध्यक्ष,
    राजू चंद (पोखरीगांव) अप्रवासी भारतीय प्रभारी बनाया गया है ।
    मित्र मंडल में ब्लाक स्तर की अलग अलग जिम्मेदारी सौंपते हुए विद्याधर पाण्डेय को गोला का जनसम्पर्क प्रभारी, अंगद कुमार (विशुनपुरा) को बड़हलगंज, सुनील ओझा “गुड्डू” को उरुवा और बेलघाट, अरविंद सिंह बबलू को गगहा ब्लाक सौंपा गया है ।
    सोसल मीडिया का दायित्व बृजेश वर्मा (शनिचरा पट्टी) को बड़हलगंज ब्लाक, प्रवीण दूबे (पटौंहा) को गोला, अनिल अग्रहरी उरुवा/बेलघाट, लव त्रिपाठी (नरायनपुर) को गगहा ब्लाक सौंपा गया है ।

    भारी-भरकम संरक्षक मंडल में स्वयं विधायक राजेश त्रिपाठी (सीधेगौर), रामबेलास यादव (सरया महुनिया), रामबेलास तिवारी (भांटपार), भगवान यादव (छपिया), डा. धर्मेंद्र चंद (हाटा), ओमप्रकाश यादव (बड़हलगंज), डा. टी.एन.चंद (गोला), विजय प्रकाश शुक्ल (कृतपूरा), सरोज रंजन शुक्ल (ककरही), सृंजय मिश्र (भटनीपार), कैप्टन हरेन्द्र सिंह (डेरवा), रामसेवक विंद (खखाइजखोर), सुरेश सिंह (उरुवा), रामललित तिवारी (सेमरी), शशिभूषण त्रिपाठी (सीधेगौर), के.डी. सिंह सैंथवार (दुघरा), उपेन्द्र शाही (पिडहनी), राणा चंद (नर्रे), नित्यानंद मिश्र (कास्त मिश्रौली), राजबंशी सिंह (रानीपुर), ज्ञान प्रसाद (बाथ बुजुर्ग), रवि प्रताप राय मुन्ना (गोपलापुर), रणजीत सिंह सैंथवार (समयस्थान भीटीं), यशपाल सिंह भीटी सैंथवार (भीटी), बलराम यादव (खखाइजखोर), बजरंगी शर्मा (भीटी) के नाम हैं ।
    इसके अलावा न्याय पंचायत स्तर पर भी अलग-अलग अध्यक्ष और महामंत्री घोषित किये गये हैं जो अपनी पूरी कमेटी का गठन करेगें ।
    जिसमें पटना न्याय पंचायत से अध्यक्ष आनन्द त्रिपाठी, महामंत्री कमला साहनी (सीधेगौर), रामनगर डुमरी अध्यक्ष अष्टभुजा सिंह (लखनौरी), रामध्यान प्रसाद (गोपलामार), खड़ेसरी अध्यक्ष राणा प्रताप सिंह (मरकडी), महामंत्री सुनील मद्धेशिया (नरहरपुर), पकड़ी अध्यक्ष आत्मा नारायण शर्मा (मटियरिया), महामंत्री जीतेन्द्र कुमार (पकड़ी), तिलसर अध्यक्ष शिव प्रसाद शाही (गजहडा), महामंत्री अमित शुक्ल (रामपुर बघौरा)
    सिधुआपार अध्यक्ष विनय पाण्डेय एडवोकेट (सिधुआपार), महामंत्री अजीत राव (संसारपार), टाड़ा अध्यक्ष अरविंद शाही उर्फ महंथ शाही (नेवादा), महामंत्री आलोक त्रिपाठी (टाड़ा), महुआपार अध्यक्ष अजय दूबे (महुलिया पोयल), महामंत्री देवेश दूबे टाइगर (धनौली), धोबौली अध्यक्ष अभय कुमार राय (तीहामुहम्मदपुर), महामंत्री रंजय कन्नौजिया (धोबौली), फरसाड अध्यक्ष मंटू दूबे (सहडौली), महामंत्री सूरज पाल (बैदौली), मामखोर अध्यक्ष चंद्र प्रकाश शुक्ल (मामखोर), महामंत्री तारकेश्वर गौंड (खखाइजखोर), हाटा अध्यक्ष कृष्णमुरारी दूबे (मझौरा), महामंत्री अवधेश मिश्र (हाटा), भींटी अध्यक्ष रणजीत सिंह सैंथवार ( समयस्थान भींटी), महामंत्री ललिता तिवारी (सेमरी), गगहा अध्यक्ष अवनीश सिंह मन्नू (गगहा), महामंत्री शत्रुघ्न प्रसाद (गगहा), कोठा अध्यक्ष मोहन सिंह (गम्भीरपुर), महामंत्री बलराम भट्ट (कौवाडील छोटी), नरायनपुर अध्यक्ष दिवाकर राय (केशवापार), अखिलेश चंद (नेवास), बहसुआ अध्यक्ष
    शिवाजी सिंह (सेमरा) महामंत्री राधेश्याम निषाद (कोइलीखाल), मठिया अध्यक्ष धर्मराज निषाद (डवनाडीह), महामंत्री रुद्रेश तिवारी (कल्यानपुर), नर्रे अध्यक्ष मुन्ना चंद (नर्रै), महामंत्री हरिकेश चंद (नर्रै), ककरही अध्यक्ष दुर्गेश राय (गोपलापुर), राधेश्याम प्रसाद (ककरही), चिलवा अध्यक्ष रतन प्रकाश दूबे (कुकुरहा), महामंत्री जगत नारायण मिश्र (भरसी), भर्रोह अध्यक्ष
    अरविंद दूबे (काल्हीपार) महामंत्री मनोज मल्ल (भर्रोह),
    परसिया अध्यक्ष अश्वनी कुमार मिश्र (परसिया), महामंत्री संगम यादव (भरौली), नीबी अध्यक्ष श्रीराम यादव (नेवाइजपार), महामंत्री बालचंद सोनकर (मंगलपुर), रानीपुर अध्यक्ष अरुण मौर्य (घोडालोटन), महामंत्री आलोक पाण्डेय ‘अंकुर’ (पाण्डेयपुर), बनवारपार अध्यक्ष
    डा. राजेन्द्र मिश्र (पडौली), महामंत्री गोरख निषाद (मठिया), उरुवा अध्यक्ष गंगेश उपाध्याय (बनकट), महामंत्री नौमी मणि त्रिपाठी (नकौझा), दुघरा अध्यक्ष
    प्रयाग दत्त त्रिपाठी (बौरडीह), महामंत्री प्रवीण सिंह सैंथवार (दुघरा), बरपार अध्यक्ष संजय पाण्डेय (चक सरया), महामंत्री राजकुमार त्रिपाठी (हरपुर), गोपालपुर अध्यक्ष प्रवीण सिंह (गोपलापुर), महामंत्री सोनू मौर्य (बिसरा), अरांव जगदीश अध्यक्ष सुरेन्द्र त्रिपाठी (परसा), महामंत्री मिथिलेश श्रीवास्तव (कोरौली), कुरावल अध्यक्ष
    राजेश पाण्डेय (जिगनी बुजुर्ग), महामंत्री हरिकेश प्रसाद (बनकटी), विशुनपुर राजा अध्यक्ष उमाशंकर चौरसिया, महामंत्री प्रदीप यादव (परसिया), रियांव न्याय पंचायत अध्यक्ष श्री पप्पू शाही (रियांव), महामंत्री सरितेश मिश्र को जिम्मेदारी सौंपी गयी है ।

    ब्यूरो प्रभारी —-विनय तिवारी

     

  • थाने में पीड़ित युवती ने की आग लगाने की कोशिश फरियादी ने बचाया

    थाने में पीड़ित युवती ने की आग लगाने की कोशिश फरियादी ने बचाया

    थाने में पीड़ित युवती ने की आग लगाने की कोशिश फरियादी ने बचाया
    गोला। थाने के अंदर एक युवती ने अपने उपर तेल गिराकर आग लगाने की कोशिश की
    इस दौरान मौके पर मौजूद एक अन्य फरियादी ने आग लगाते वक्त उसका हाथ पकड़ कर माचिस छिन लिया। देखते ही वहां अफरातफरी मच गई पुलिस कर्मियों ने उस युवती को पकड़ कर थाने के अंदर लेकर चलें गए। सुचना मिलने पर मौके पर पहुंचे एसपी जितेन्द्र कुमार ने उस युवती से पूछताछ की और कार्रवाई का आश्वासन दिया।
    थाना क्षेत्र के एक गांव की युवती का बगल के ही गांव के युवक से करीब तीन सालों से प्रेम प्रसंग चल रहा था युवती से वह शादी करने का झांसा देकर उसके साथ लगातार दुष्कर्म करता रहा जब उसने शादी की बात की तो उसने इंकार कर दिया। उसके बाद उसने मुकदमा दर्ज कराने के लिए थाना पहुंच कर प्रार्थना दिया तो आरोप है कि इंस्पेक्टर ने दोनों पक्षों को बुलाकर कहा आपस का मामला है समझौता कर लो।
    बोतल में तेल व माचिस लेकर पहुंची थी थाने
    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक युवती हाथ में बोतल लेकर जिसमें ज्वलनशील पदार्थ भरा था थाने पहुंची और जहां फरियाद सुनी जाती है वहां पहुंची लेकिन उस दौरान वहां कोई मौजूद नहीं था कुछ देर वहीं खड़ी थी और फिर वहां से थोड़ा पीछे हट कर अपने उपर बोतल में भरें पदार्थ को उड़ेल ली और माचिस जलाने की कोशिश करने लगी तभी उस पर वहां मौजूद एक फरियादी की नजर पड़ी तो उसने उसके हाथ से माचिस छीन ली।

  • सीएम की मंशा के अनुरूप “सिटी ऑफ नॉलेज” बन रहा गोरखपुर  चार विश्वविद्यालयों वाले देश के चुनिंदा शहरों में अब गोरखपुर भी शामिल

    सीएम की मंशा के अनुरूप “सिटी ऑफ नॉलेज” बन रहा गोरखपुर चार विश्वविद्यालयों वाले देश के चुनिंदा शहरों में अब गोरखपुर भी शामिल

    सीएम की मंशा के अनुरूप “सिटी ऑफ नॉलेज” बन रहा गोरखपुर  चार विश्वविद्यालयों वाले देश के चुनिंदा शहरों में अब गोरखपुर भी शामिल.
    हर विधा की पढ़ाई के लिए पूर्वी यूपी, सीमावर्ती बिहार और नेपाल के लिए शिक्षा का सबसे प्रमुख केंद्र.
    प्रौद्योगिकी और चिकित्सा शिक्षा का बन रहा हब, अगले साल से शुरू हो जाएगी होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई
    गोरखपुर, 4 सितंबर। सीएम सिटी गोरखपुर अब *नॉलेज सिटी* भी बन रहा है। यह देश के उन चुनिंदा शहरों में शामिल हो चुका है जहां चार विश्वविद्यालय हैं। इस शहर की शिक्षा क्षेत्र की उपलब्धियों की फेहरिस्त में अब सैनिक स्कूल भी जुड़ गया है। अगले साल यहां स्टेट इंस्टिट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट की सौगात भी मिल जाएगी। प्रौद्योगिकी, चिकित्सा, व्यावसायिक, प्रबंधकीय, हॉस्पिटैलिटी समेत किसी भी विशिष्ट प्रकार की शिक्षा के लिए गोरखपुर पूर्वी उत्तर प्रदेश के साथ ही सीमावर्ती बिहार और नेपाल के लिए उम्मीदों का प्रमुख केंद्र बन चुका है।    गोरखपुर में शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक बदलाव महज चंद सालों में देखने को मिला है। इस बदलाव का श्रेय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जाता है। योगी आदित्यनाथ नाथपंथ के विश्व प्रसिद्ध गोरक्षपीठ के पीठाधीश्वर हैं। शैक्षिक उन्नयन के प्रति ऊर्जस्वित विचार उन्हें अपनी पीठ से विरासत में मिला है। गोरखपुर को केंद्र में रखकर पूर्वी उत्तर प्रदेश में शैक्षिक क्रांति में गोरक्षपीठ और इसके दो पीठाधीश्वरों ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ और ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की बड़ी भूमिका मानी जाती है। योगी आदित्यनाथ इसी भूमिका का फलक और व्यापक कर रहे हैं।    संसदीय कार्यकाल से ही उनकी मंशा गोरखपुर को नॉलेज सिटी के रूप में विकसित करने की थी और उनके मुख्यमंत्री बनने के बाद यह तेजी से साकार होती गई है।
    अब पूर्वांचल के जवान फौज में सिर्फ जवान ही नहीं अफसर भी बन सकेंगे
    सीएम योगी के प्रयासों से गोरखपुर में सैनिक स्कूल भी बन गया है और इसी सत्र से इसमें पढ़ाई भी होने लगी है। यह पूर्वी उत्तर प्रदेश का पहला और उत्तर प्रदेश सैनिक स्कूल सोसाइटी द्वारा संचालित प्रदेश का दूसरा सैनिक स्कूल है। यह बताने की जरूरत नहीं कि सैनिक स्कूल किसी भी क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि है। गोरखपुर में सैनिक स्कूल बन जाने से अब सैन्य सेवाओं में अवसरों के लिए क्षेत्रीय संतुलन बढ़ेगा। सैनिक स्कूल को सीएम योगी ने ड्रीम प्रोजेक्ट मानकर बनाया है। इसका उद्घाटन 7 सितंबर को उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ करेंगे। अब पूर्वांचल के युवा सेना और अर्द्ध सैनिक बलों में सिर्फ जवान ही नहीं, सैनिक स्कूल में बेहतर प्रशिक्षण पाकर अधिकारी भी बनेंगे।   सात साल में योगी ने दिए शहर को दो विश्वविद्यालय
    वैसे उच्च शिक्षा के मानकों पर बात करें तो योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने से पहले गोरखपुर की ख्याति दो विश्वविद्यालय (दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय और मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय) वाले शहर की थी। इसमें भी दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की स्थापना में गोरक्षपीठ नींव की ईंट की तरह है जिसने अपने महाविद्यालय की संपत्ति विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए दे दी थी। बहरहाल, अब गोरखपुर के नाम में इन दो विश्वविद्यालयों के अलावा दो और विश्वविद्यालय जुड़ गए हैं। इनमें से एक आयुष की सभी चिकित्सा पद्धतियों के शिक्षण वाला महायोगी गुरु गोरखनाथ राज्य आयुष विश्वविद्यालय है तो दूसरा निजी क्षेत्र का महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय। आयुष विश्वविद्यालय तो पूरे प्रदेश में अपनी तरह का पहला विश्वविद्यालय है। जबकि निजी क्षेत्र के महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय ने कम समय में ही चिकित्सा, नर्सिंग, पैरामेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में खुद को ब्रांड के रूप में स्थापित कर लिया है।
    इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट बदले गोरखपुर की मांग थी
    बीते कुछ सालों में गोरखपुर उच्च शिक्षा के तकरीबन सभी आयामों से समृद्ध है। बस अभाव था तो सिर्फ हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के पाठ्यक्रमों की पढ़ाई का। सीएम योगी ने यह कमी भी दूर कर दी है। उनके हाथों शिलान्यास के बाद गोरखपुर के गीडा में स्टेट इंस्टिट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट का निर्माण कार्य जारी है। सितंबर 2025 में यह बनकर तैयार हो जाएगा और पूर्वी उत्तर प्रदेश के युवाओं को रोजगारपरक शिक्षा का एक और बेहतरीन विकल्प मिल जाएगा

  • अपने बच्चों की मौत का बदला ले रहे थे भेड़िये,वन विभाग के एक्सपर्ट ने आदमखोरों की बताई सच्चाई

    अपने बच्चों की मौत का बदला ले रहे थे भेड़िये,वन विभाग के एक्सपर्ट ने आदमखोरों की बताई सच्चाई

    अपने बच्चों की मौत का बदला ले रहे थे भेड़िये,वन विभाग के एक्सपर्ट ने आदमखोरों की बताई सच्चाई
    बहराइच।उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में आदमखोर भेड़ियों का आतंक लगातार जारी है।वन विभाग आदमखोर भेड़ियों को पकड़ने के लिए सर्च ऑपरेशन चला रहा है तो वहीं दूसरी और भेड़ियों के हमले रुकने का नाम नहीं ले रहें हैं। 35 गांवों के लोग आदमखोर भेड़ियों के खौफ में रह रहे हैं।इन गांवों में लोग रात-रात भर जागकर घरों की रखवाली कर रहे हैं।
    इन आदमखोर भेड़ियों के बढ़ते हमलों के बीच एक्सपर्ट कहते है कि भेड़िये बदला लेने वाले जानवर होते हैं।पिछले वर्षो की घटनाओं में देखा गया कि कैसे लोगों ने भेड़ियों के बच्चों को नुकसान पहुंचाया था और इसके बाद भेड़िए आदमखोर हो गए थे।एक्सपर्ट के मुताबिक यही पैटर्न इस बार भी देखा जा रहा है।एक्सपर्ट कहते हैं कि पूर्व में इंसानों द्वारा उनके बच्चों को नुकसान पहुंचाए जाने के बदले में ये हमले किए जा रहे हैं।
    भारतीय वन सेवा (IFS) के रिटायर्ड अधिकारी और बहराइच जिले के कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग में वन अधिकारी रह चुके ज्ञान प्रकाश सिंह अपने तजुर्बे के आधार पर बताते हैं कि भेड़ियों में बदला लेने की प्रवृत्ति होती है और पूर्व में इंसानों द्वारा उनके बच्चों को किसी ने किसी तरह का नुकसान पहुंचाया होगा या फिर मार दिया गया होगा,जिसके बदले के तौर पर ये हमले हो रहे हैं।

    ज्ञान प्रकाश सिंह अब वाइल्डलाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया में सलाहकार के तौर पर जुड़े हुए हैं।सिंह ने बताया कि 20-25 साल पहले जौनपुर और प्रतापगढ़ जिलों में सई नदी के कछार में भेड़ियों के हमलों में 50 से अधिक मासूम बच्चों की मौत हुई थी।पड़ताल करने पर पता चला था कि कुछ बच्चों ने भेड़ियों की एक मांद में घुसकर उनके दो बच्चों को मार डाला था।भेड़िया बदला लेता है और इसीलिए उनके हमले में इंसानों के 50 से ज्यादा बच्चों की मौत हो गई। बहराइच में भी कुछ ऐसा ही मामला लगता है।ज्ञान प्रकाश सिंह ने कहा कि जौनपुर और प्रतापगढ़ में भेड़ियों के हमले की गहराई से पड़ताल करने पर मालूम हुआ कि अपने बच्चे की मौत के बाद भेड़िये काफी उग्र हो गए थे।वन विभाग के अभियान के दौरान कुछ भेड़िये पकड़े भी गए थे, लेकिन आदमखोर जोड़ा बचता रहा और बदला लेने के मिशन में कामयाब भी होता गया।हालांकि बाद में आदमखोर भेड़ियों को गोली मार दी गई थी और ऐसी घटनाएं बंद हो गई थीं।

    ज्ञान प्रकाश सिंह कहते हैं कि बहराइच के महसी तहसील के गांवों में हो रहे हमलों का पैटर्न भी कुछ ऐसा ही है।इसलिए इस आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता कि भेड़िए अपने बच्चों को नुकसान पहुंचाने या हत्या करने का बदला ले रहे हों। सिंह ने कहा कि इसी साल जनवरी-फरवरी में बहराइच में भेड़ियों के दो बच्चे किसी ट्रैक्टर से कुचलकर मर गए थे।तब उग्र हुए भेड़ियों ने हमले शुरू किए तो हमलावर भेड़ियों को पकड़कर 40-50 किलोमीटर दूर बहराइच के ही चकिया जंगल में छोड़ दिया गया।संभवतः यहीं थोड़ी गलती हुई।

    ज्ञान प्रकाश सिंह ने बताया कि चकिया जंगल में भेड़ियों के लिए नेचुरल स्टे नहीं है।ज्यादा संभावना यही है कि यही भेड़िये चकिया से वापस घाघरा नदी के किनारे अपनी मांद के पास लौट आए हों और बदला लेने के लिए हमलों को अंजाम दे रहे हों। सिंह ने कहा कि अभी तक जो चार भेड़िये पकड़े गए हैं वे सभी आदमखोर हमलावर हैं,इसकी उम्मीद बहुत कम है।हो सकता है कि एक आदमखोर पकड़ा गया हो, मगर दूसरा बच गया हो।शायद इसीलिए पिछले दिनों तीन-चार हमले हुए हैं।

    बहराइच के प्रभागीय वन अधिकारी अजीत प्रताप सिंह का भी कहना है कि शेर और तेंदुओं में बदला लेने की प्रवृत्ति नहीं होती,लेकिन भेड़ियों में होती है।अगर भेड़ियों की मांद से कोई छेड़छाड़ होती है, उन्हें पकड़ने या मारने की कोशिश की जाती है या फिर उनके बच्चों को किसी तरह का नुकसान पहुंचता है, तो वे इंसानों का शिकार कर बदला लेते हैं।

    देवीपाटन के मंडलायुक्त शशिभूषण लाल सुशील ने कहा कि अगर आदमखोर भेड़िये पकड़ में नहीं आते हैं और उनके हमले जारी रहते हैं, तो अंतिम विकल्प के तौर पर उन्हें गोली मारने के आदेश दिए गए हैं।बहराइच के महसी तहसील क्षेत्र के लोग मार्च से भेड़ियों के आतंक का सामना कर रहे हैं। बरसात के मौसम में हमले बढ़े हैं और जुलाई से लेकर सोमवार रात तक इन हमलों से सात बच्चों सहित कुल आठ लोगों की मौत हो चुकी है।महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों समेत करीब 36 लोग घायल भी हुए हैं।बहराइच के महसी तहसील क्षेत्र में भेड़ियों को पकड़ने के लिए थर्मल ड्रोन और थर्मो-सेंसर कैमरे लगाए गए हैं।

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    लखनऊ
    निष्पक्ष एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा चयनित 1,334 अवर अभियंता, संगणक एवं फोरमैन को नियुक्ति-पत्र वितरण हेतु आज लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सम्मिलित हुए। अगले तीन से चार वर्षों में उत्तर प्रदेश, देश की नंबर-1 अर्थव्यवस्था होगा। नंबर-1 अर्थव्यवस्था का मतलब- हर हाथ को काम होगा, अन्नदाता किसान प्रसन्न होगा और समाज में चहुंओर खुशहाली होगी। सभी नव चयनित युवाओं को हार्दिक बधाई एवं उनके उज्ज्वल भविष्य हेतु शुभकामनाएं दी।