Category: उत्तर प्रदेश

  • पोषण माह के दौरान गोरखपुर के नव निर्मित आंगनबाड़ी केंद्रों का हुआ लोकार्पण

    पोषण माह के दौरान गोरखपुर के नव निर्मित आंगनबाड़ी केंद्रों का हुआ लोकार्पण

    पोषण माह के दौरान गोरखपुर के नव निर्मित आंगनबाड़ी केंद्रों का हुआ लोकार्पण

    मा0 मुख्यमंत्री जी उत्तर प्रदेश द्वारा लखनऊ से राष्ट्रीय पोषण माह का शुभारंभ एवं नवनिर्मित 555 आंगनवाड़ी भवनों का लोकार्पण किया गया. इस दौरान मुख्यमंत्री जी द्वारा “बाल भोग पोर्टल” का भी शुभारंभ किया गया. साथ ही आँगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं हेतु डीबीटी मोड से यूनिफ़ॉर्म की 29 करोड़ धनराशि का अंतरण भी किया गया. मुख्यमंत्री जी द्वारा कुपोषण से बाहर आये 3 बच्चों के अभिभावकों को सम्मानित किया गया. बीमा योजनाओं से आच्छादित कार्यकत्रियों के खातों में करोड़ों की धनराशि का अंतरण किया.इसी क्रम में जनपद स्तर पर विकास भवन सभागार गोरखपुर में इस कार्यक्रम का सजीव प्रसारण किया गया |

    कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि महापौर डॉ मंगलेश श्रीवास्तव जी, मुख्य विकास अधिकारी संजय मीना, ज़िला विकास अधिकारी राजमणि वर्मा , ज़िला कार्यक्रम अधिकारी डॉक्टर अभिनव मिश्रा एवं ज़िला समाज कल्याण अधिकारी वेद प्रकाश द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया l

    कार्यक्रम के पश्चात मा0 महापौर जी द्वारा 03 बच्चों का अन्नप्रासन संस्कार एवं 03 गर्भवती महिलाओं की गोद भराई की गई तथा पोषण अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाली बाल विकास परियोजना शहर की 24 आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और चार मुख्य सेविकाओ को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया l जनपद गोरखपुर के 18 नवनिर्मित केंद्र भवनों का लोकार्पण विकास खंड स्तर पर स्थानीय ज़न प्रतिनिधि गण द्वारा किया गया l कार्यक्रम में मुख्य रूप से मा0 महापौर गोरखपुर श्री मंगलेश श्रीवास्तव, मुख्य विकास अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, ज़िला पंचायत राज अधिकारी, समाज कल्याण अधिकारी (विकास), जिला कार्यक्रम अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी शहर, UNICEF प्रतिनिधि सुरेश तिवारी, प्रोग्रेसिव फ़ाउंडेशन प्रतिनिधि डॉक्टर प्रवीण, अरविंद सिंह, बाल विकास परियोजना शहर, मुख्य सेविकाये एवं आंगनवाड़ी कार्यकत्रियाँ उपस्थित रहीं.

    कार्यक्रम के समापन पर महापौर ने राष्ट्रीय पोषण माह को सफल बनाने हेतु शुभकामनाएँ दी.

  • सूचना एवं जनसंपर्क विभाग निदेशालय द्वारा पिछले 5 वर्षों से मान्यता समिति की बैठक न होने के कारण

    सूचना एवं जनसंपर्क विभाग निदेशालय द्वारा पिछले 5 वर्षों से मान्यता समिति की बैठक न होने के कारण

    लखनऊ । सूचना एवं जनसंपर्क विभाग निदेशालय द्वारा पिछले 5 वर्षों से मान्यता समिति की बैठक न होने के कारण पत्रकारों की मान्यता अधर में पड़ी हुई है जिसके लिए शासन प्रशासन गंभीर दिखाई नहीं पड़ रहा है पिछले 5 सालों से सूचना विभाग की माने तो मान्यता संबंधी कोई बैठक आहूत नहीं की गई जिससे विभिन्न जनपदों में पत्रकारों की मान्यता संबंधी फाइलें लंबित है लेकिन शासन स्तर पर निरंतर पत्रकारों की उपेक्षा से पत्रकारों का समूह उग्र दिखने लगा है भारतीय जननायक पार्टी के जिला अध्यक्ष एवं जनपद के वरिष्ठ पत्रकार सतीश चंद्र शुक्ला सत्पथी ने इस संबंध में माननीय हेमंत तिवारी नवनिर्वाचित अध्यक्ष जी को पत्र लिखकर अवगत कराते हुए कहा कि शासन स्तर से विभिन्न जनपदों में पड़ी लंबित फाइलों का यथाशीघ्र अपने स्तर से निस्तारण करने में आवश्यक सहयोग करने का कष्ट करें जिससे पत्रकारों का मनोबल कहीं से हतोत्साहित न होने पाये और उन्हें शासन प्रशासन में समाचार संकलन में कोई असुविधा न होने पाये।
    आगे श्री शुक्ल सत्पथी ने जनपद के यूपी तक के वरिष्ठ पत्रकार के साथ प्रदेश के काबीना मंत्री गिरीशचंद्र यादव द्वारा अमर्यादित आचरण किये जाने की निन्दा करते हुए कहा कि यह मंत्री महोदय की सरासर गुंडई परिलक्षित होती है लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ के साथ मंत्री महोदय के कृत्य की चारों तरफ निन्दा हो रही है चाटुकार नेता अपनी कुर्सी बचाने के लिए मंच पर बगली झांकने को विवश दिखे । पत्रकार हैं तो सवाल पूछेंगे ही मां शीतला धाम के सौन्दर्यीकरण के लिए शासन से आवंटित धन के सापेक्ष किस मद में कहां कहां क्या कार्य कराया गया जिलाधिकारी महोदय को इसका ब्यौरा सार्वजनिक करना चाहिए अन्यथा सवालों का जबाब तो देना ही होगा

    सूचना निदेशक द्वारा पिछले पांच सालों में मान्यता समिति की कोई बैठक नहीं
    विभिन्न जिलों में मान्यता सम्बंधित फाईलें लम्बित

  • सीएम हनुमानगढ़ी और रामलला का दर्शन पूजन करेंगे

    सीएम हनुमानगढ़ी और रामलला का दर्शन पूजन करेंगे

    अयोध्या- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का अयोध्या दौरा आज सीएम हनुमानगढ़ी और रामलला का दर्शन पूजन करेंगे
    रामसेवक पुरम,कार सेवक पुरम कार्यक्रम में लेंगे भाग
    रामसेवक पुरम में बने शिव मंदिर का करेंगे उद्घाटन
    सीएम प्राण प्रतिष्ठा लिए चल रहे यज्ञ में डालेंगे पूर्णाहुति
    सीएम योगी मंदिर के शिखर पर फहराएंगे ध्वज
    स्व. अशोक सिंघल के जन्म जयंती के मौके पर कार्यक्रम
    जन्म जयंती के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में भाग लेंगे
    सर्वश्रेष्ठ संस्कृत अध्यापक,सर्वश्रेष्ठ छात्र को करेंगे सम्मानित लगभग 10.30 बजे राम कथा पार्क पहुंचेंगे सीएम योगी

  • सुल्तानपुर में भरत ज्वैलर्स के यहां दिन दहाड़े डकैती का आरोपी मुठभेड़ में मारा गया

    सुल्तानपुर में भरत ज्वैलर्स के यहां दिन दहाड़े डकैती का आरोपी मुठभेड़ में मारा गया

    लखनऊ-
    सुल्तानपुर में भरत ज्वैलर्स के यहां दिन दहाड़े डकैती का आरोपी मुठभेड़ में मारा गया
    STF से मुठभेड़ में एक लाख इनामी डकैत मंगेश यादव मारा गया। सुल्तानपुर के कोतवाली देहात के मिसिरपुर पुरैना इलाके में हुई मुठभेड़।
    मुठभेड़ में घायल मंगेश को सीएचसी भधइयां में इलाज के लिए भेजा गया।
    इलाज के दौरान मंगेश यादव की हुई मौत।
    मौके से 32 बोर की एक पिस्टल,कारतूस,315 बोर का एक तमंचा, एक बाइक और लूटे गए जेवर बरामद।
    मूल रूप से जौनपुर के रहने वाले मंगेश पर पहले से कई मुकदमे दर्ज थे।
    28 अगस्त को सुल्तानपुर में भरत ज्वैलर्स के यहां दिन दहाड़े डकैती में शामिल था मंगेश यादव।

  • सहायक लिपिक 50 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार

    सहायक लिपिक 50 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार

    मिर्जापुर
    सहायक लिपिक 50 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार
    वाराणसी की विजिलेंस टीम ने रंगे हाथों किया गिरफ्तार,
    कृष्ण मुरारी विश्वकर्मा ने वेतन के लिए मांगी थी रिश्वत,
    शिकायतकर्ता पंकज दुबे से मांगी थी 50 हजार की रिश्वत,
    पटल सहायक को गिरफ्तार कर कार्रवाई में जुटी टीम।

  • शराबियों की शामत आयी

    शराबियों की शामत आयी

    शराबियों की शामत आयी
    उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में सिविल लाइंस इलाके में रात पुलिस ने लोगों की शिकायतों पर खुले में शराब पीकर माहौल खराब करने वाले शराबियों को कार्रवाई करते हुए 50 से ज्यादा शराबियों को हिरासत में ले लिया. कई लोगों ने भागने की कोशिश की तो पुलिस ने उन्हें दौड़ाकर पकड़ा.

  • कूटरचित स्टाम्प का खरीद-फरोख्त करने के आरोप में 25,000 रुपये का ईनामिया बदमाश को एसओजी टीम ने किया गिरफ्तार

    कूटरचित स्टाम्प का खरीद-फरोख्त करने के आरोप में 25,000 रुपये का ईनामिया बदमाश को एसओजी टीम ने किया गिरफ्तार

    कूटरचित स्टाम्प का खरीद-फरोख्त करने के आरोप में 25,000 रुपये का ईनामिया बदमाश को एसओजी टीम ने किया गिरफ्तार गोरखपुर। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जनपद गोरखपुर द्वारा धोखाधडी के अपराधों पर अंकुश लगाने एवं अपराधियों की गिरफ्तारी हेतु चलाये जा रहे अभियान के क्रम में, पुलिस अधीक्षक नगर के मार्गदर्शन में व स0पु0अ0/क्षेत्राधिकारी कैण्ट के पर्यवेक्षण में व उ0नि0 मनीष यादव प्रभारी एस0ओ0जी0 मय पुलिस टीम द्वारा थाना स्थानीय पर पंजीकृत मु0अ0सं0 14/2024 धारा 255,258,259,260,419,420,467,468,471, 474,120बी भादवि से संबंधित इनामिया अभियुक्त गोपाल तिवारी पुत्र स्व0 बाबू नन्दन तिवारी निवासी चिरगोड़ा धुसी थाना कसया जनपद कुशीनगर को गिरफ्तार किया गया । अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है ।
    घटना का संक्षिप्त विवरण
    उप निबन्धक, सदर प्रथम, गोरखपुर द्वारा दिनांक 08.01.2024 को थाना कैण्ट पर प्रार्थना पत्र दिया गया कि सहायक महानिरीक्षक निबन्धन, गोरखपुर के कार्यालय में स्टाम्प रिफण्ड हेतु प्राप्त स्टाम्प का सत्यापन किया गया तो स्टाम्प कूटरचित पाया गया । जिसके संबंध में थाना कैण्ट पर मुकदमा उपरोक्त पंजीकृत किया गया एवं प्रकाश में आये अभियुक्त गोपाल उपरोक्त को गिरफ्तार किया गया
    गिरफ्तार अभियुक्त का नाम पता –
    गोपाल तिवारी पुत्र स्व0 बाबू नन्दन तिवारी निवासी चिरगोड़ा धुसी थाना कसया जनपद कुशीनगर
    गिरफ्तारी के अभियोग का विवरण –
    मु0अ0सं014/2024 धारा 255,258,259,260,419,420,467,468,471,474,120बी भादवि थाना कैण्ट जनपद गोरखपुर
    गिरफ्तारी की टीम-
    1. उ0नि0 मनीष कुमार यादव प्रभारी एसओजी/स्वाट जनपद गोरखपुर
    2. उ0नि0 राजमंगल एसओजी/स्वाट जनपद गोरखपुर
    3. हे0का0 रामइकबाल राव एसओजी/स्वाट जनपद गोरखपुर
    4. हे0का0 अरूण खरवार एसओजी/स्वाट जनपद गोरखपुर
    5. हे0का0 दुर्गेश मिश्रा एसओजी/स्वाट जनपद गोरखपुर
    6. हे0का0 करूणापति तिवारी एसओजी/स्वाट जनपद गोरखपुर
    7. का0 रवि चौधरी एसओजी/स्वाट जनपद गोरखपुर

  • महायोगी गोरखनाथ विवि के दो आचार्यों को 21.36 लाख रुपये का शोध अनुदान

    महायोगी गोरखनाथ विवि के दो आचार्यों को 21.36 लाख रुपये का शोध अनुदान

    महायोगी गोरखनाथ विवि के दो आचार्यों को 21.36 लाख रुपये का शोध अनुदान
    डॉ शशिकांत सिंह को 15.36 लाख और डॉ. अमित दूबे को 6 लाख का ग्रांट.
    जन स्वास्थ्य से जुड़े हैं दोनों आचार्यों के चयनित रिसर्च प्रोजेक्ट गोरखपुर, 4 सितंबर। वर्तमान अकादमिक सत्र में महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय, आरोग्यधाम को एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। विश्वविद्यालय के दो आचार्यों डॉ. शशिकांत सिंह और डॉ. अमित दूबे को शोध और अनुसंधान कार्य के लिए उत्तर प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूपीसीएसटी) की ओर से कुल 21.36 लाख रुपये का अनुदान अनुशंसित हुआ है। ग्रांट के लिए चयनित इन दोनों ही आचार्यों के रिसर्च प्रोजेक्ट किताबी न होकर, जन स्वास्थ्य से जुड़े हैं।
    डॉ. शशिकांत सिंह महायोगी गोरखननाथ विश्वविद्यालय में संचालित फार्मेसी कॉलेज के प्राचार्य हैं जबकि डॉ. अमित दूबे संबद्ध स्वास्थ्य विज्ञान संकाय में जैव प्रौद्योगिकी विभाग के अध्यक्ष। यूपीसीएसटी ने डॉ. शशिकांत सिंह को 15.36 लाख रुपये और डॉ. अमित दूबे को 6 लाख रुपये का शोध-अनुसंधान अनुदान देने का ग्रांट दिया है। दोनों आचार्यों को यूपीसीएसटी की ओर से मिले ग्रांट पर बधाई देते हुए विश्विद्यालय के कुलपति मेजर जनरल (डॉ.) अतुल वाजपेयी ने कहा है कि यह असाधारण उपलब्धि है। इससे शोध परियोजनाओं को प्रोत्साहन मिलेगा और भविष्य में शोध अन्वेषण के लिए नए नवाचारों के मार्ग प्रशस्त होंगे। कुलसचिव डॉ. प्रदीप कुमार राव ने कहा की यूपीसीएसटी के शोध अनुदान से विश्वविद्यालय की ख्याति वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित होगी।
    डॉ. शशिकांत सिंह का शोध विषय ‘संभावित एंटीएम्नेसिक एजेंट के रूप में मैंगिफेरिन के नए मैनिच एनालॉग्स के डिजाइन, संश्लेषण और एंजाइम गतिकी अध्ययन’ है। शोध विषय वस्तु की व्यावहारिक जानकारी देते हुए डॉ. शशिकांत ने बताया कि 65 वर्ष की आयु के लोगो में यादाश्त की कमजोरी आ जाती है। इसके लिए पूरे विश्व में मात्र 4 दवाएं हैं जो अभी भी शत प्रतिशत कारगर नहीं है। इसलिए अब समय आ गया है कि हम उन लोगों के लिए कुछ करें जो खुद को याद नहीं रख सकते। उनका रिसर्च प्रोजेक्ट इसी पर केंद्रित है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डॉ. शशिकांत सिंह के 12 शोध पत्र प्रकाशित हो चुके हैं।
    डॉ. अमित कुमार दूबे को सितोपलादि चूर्ण में उपयोग किये जाने वाले पौधों में पाए जाने वाले पदार्थों की कंप्यूटर जनित प्रोफाइलिंग विषय पर शोध अनुदान अनुशंसित हुआ है। डॉ. अमित ने बताया कि जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में औषधीय पौधों पर अन्वेषकीय कार्य से जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में शोध से नवाचार होगा। डॉ.अमित के दो दर्जन से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय शोध पत्र प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में इजराइल के एग्रीकल्चर रिसर्च ऑर्गनाइजेशन से तीन वर्ष का शोध कार्य किया है।

  • सीएम की मंशा के अनुरूप “सिटी ऑफ नॉलेज” बन रहा गोरखपुर चार विश्वविद्यालयों वाले देश के चुनिंदा शहरों में अब गोरखपुर भी शामिल

    सीएम की मंशा के अनुरूप “सिटी ऑफ नॉलेज” बन रहा गोरखपुर चार विश्वविद्यालयों वाले देश के चुनिंदा शहरों में अब गोरखपुर भी शामिल

    सीएम की मंशा के अनुरूप “सिटी ऑफ नॉलेज” बन रहा गोरखपुर
    चार विश्वविद्यालयों वाले देश के चुनिंदा शहरों में अब गोरखपुर भी शामिल
    हर विधा की पढ़ाई के लिए पूर्वी यूपी, सीमावर्ती बिहार और नेपाल के लिए शिक्षा का सबसे प्रमुख केंद्र.
    प्रौद्योगिकी और चिकित्सा शिक्षा का बन रहा हब, अगले साल से शुरू हो जाएगी होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई
    गोरखपुर, 4 सितंबर। सीएम सिटी गोरखपुर अब *नॉलेज सिटी* भी बन रहा है। यह देश के उन चुनिंदा शहरों में शामिल हो चुका है जहां चार विश्वविद्यालय हैं। इस शहर की शिक्षा क्षेत्र की उपलब्धियों की फेहरिस्त में अब सैनिक स्कूल भी जुड़ गया है। अगले साल यहां स्टेट इंस्टिट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट की सौगात भी मिल जाएगी। प्रौद्योगिकी, चिकित्सा, व्यावसायिक, प्रबंधकीय, हॉस्पिटैलिटी समेत किसी भी विशिष्ट प्रकार की शिक्षा के लिए गोरखपुर पूर्वी उत्तर प्रदेश के साथ ही सीमावर्ती बिहार और नेपाल के लिए उम्मीदों का प्रमुख केंद्र बन चुका है।
    गोरखपुर में शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक बदलाव महज चंद सालों में देखने को मिला है। इस बदलाव का श्रेय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जाता है। योगी आदित्यनाथ नाथपंथ के विश्व प्रसिद्ध गोरक्षपीठ के पीठाधीश्वर हैं। शैक्षिक उन्नयन के प्रति ऊर्जस्वित विचार उन्हें अपनी पीठ से विरासत में मिला है। गोरखपुर को केंद्र में रखकर पूर्वी उत्तर प्रदेश में शैक्षिक क्रांति में गोरक्षपीठ और इसके दो पीठाधीश्वरों ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ और ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की बड़ी भूमिका मानी जाती है। योगी आदित्यनाथ इसी भूमिका का फलक और व्यापक कर रहे हैं।
    संसदीय कार्यकाल से ही उनकी मंशा गोरखपुर को नॉलेज सिटी के रूप में विकसित करने की थी और उनके मुख्यमंत्री बनने के बाद यह तेजी से साकार होती गई है।
    अब पूर्वांचल के जवान फौज में सिर्फ जवान ही नहीं अफसर भी बन सकेंगे
    सीएम योगी के प्रयासों से गोरखपुर में सैनिक स्कूल भी बन गया है और इसी सत्र से इसमें पढ़ाई भी होने लगी है। यह पूर्वी उत्तर प्रदेश का पहला और उत्तर प्रदेश सैनिक स्कूल सोसाइटी द्वारा संचालित प्रदेश का दूसरा सैनिक स्कूल है। यह बताने की जरूरत नहीं कि सैनिक स्कूल किसी भी क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि है। गोरखपुर में सैनिक स्कूल बन जाने से अब सैन्य सेवाओं में अवसरों के लिए क्षेत्रीय संतुलन बढ़ेगा। सैनिक स्कूल को सीएम योगी ने ड्रीम प्रोजेक्ट मानकर बनाया है। इसका उद्घाटन 7 सितंबर को उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ करेंगे। अब पूर्वांचल के युवा सेना और अर्द्ध सैनिक बलों में सिर्फ जवान ही नहीं, सैनिक स्कूल में बेहतर प्रशिक्षण पाकर अधिकारी भी बनेंगे।
    सात साल में योगी ने दिए शहर को दो विश्वविद्यालय
    वैसे उच्च शिक्षा के मानकों पर बात करें तो योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने से पहले गोरखपुर की ख्याति दो विश्वविद्यालय (दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय और मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय) वाले शहर की थी। इसमें भी दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की स्थापना में गोरक्षपीठ नींव की ईंट की तरह है जिसने अपने महाविद्यालय की संपत्ति विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए दे दी थी। बहरहाल, अब गोरखपुर के नाम में इन दो विश्वविद्यालयों के अलावा दो और विश्वविद्यालय जुड़ गए हैं। इनमें से एक आयुष की सभी चिकित्सा पद्धतियों के शिक्षण वाला महायोगी गुरु गोरखनाथ राज्य आयुष विश्वविद्यालय है तो दूसरा निजी क्षेत्र का महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय। आयुष विश्वविद्यालय तो पूरे प्रदेश में अपनी तरह का पहला विश्वविद्यालय है। जबकि निजी क्षेत्र के महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय ने कम समय में ही चिकित्सा, नर्सिंग, पैरामेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में खुद को ब्रांड के रूप में स्थापित कर लिया है।
    इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट बदले गोरखपुर की मांग थी
    बीते कुछ सालों में गोरखपुर उच्च शिक्षा के तकरीबन सभी आयामों से समृद्ध है। बस अभाव था तो सिर्फ हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के पाठ्यक्रमों की पढ़ाई का। सीएम योगी ने यह कमी भी दूर कर दी है। उनके हाथों शिलान्यास के बाद गोरखपुर के गीडा में स्टेट इंस्टिट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट का निर्माण कार्य जारी है। सितंबर 2025 में यह बनकर तैयार हो जाएगा और पूर्वी उत्तर प्रदेश के युवाओं को रोजगारपरक शिक्षा का एक और बेहतरीन विकल्प मिल जाएगा

  • यूपी OBC आयोग अध्यक्ष राजेश वर्मा ने संभाला कार्यभार

    यूपी OBC आयोग अध्यक्ष राजेश वर्मा ने संभाला कार्यभार

    लखनऊ
    यूपी OBC आयोग अध्यक्ष राजेश वर्मा ने संभाला कार्यभार
    उपाध्यक्ष और सदस्यों ने भी अपना पदभार