मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्री बालकृष्ण जी के निधन पर व्यक्त किया दुख.
@RSSorg के वरिष्ठ प्रचारक, पूर्व अखिल भारतीय सह व्यवस्था प्रमुख और अवध प्रांत के पूर्व प्रांत प्रचारक श्री बालकृष्ण जी का निधन अत्यंत दुःखद है।
उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि!
प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान और शोकाकुल स्वयंसेवकों व परिजनों को यह अथाह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें।
ॐ शांति!
Category: उत्तर प्रदेश
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्री बालकृष्ण जी के निधन पर व्यक्त किया दुख.
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अपने दो दिवसीय दौरे पर गोरखपुर पहुँचे सीएम योगी आदित्यनाथ
अपने दो दिवसीय दौरे पर गोरखपुर पहुँचे सीएम योगी आदित्यनाथ गोरखनाथ मंदिर पहुंचे मुख्यमंत्री ने महायोगी गुरू गोरखनाथ जी और ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज का दर्शन पूजन किया।
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प्रयागराज जिले के सरायममरेज थाना क्षेत्र के एक गांव में महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया
प्रयागराज जिले के सरायममरेज थाना क्षेत्र के एक गांव में महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया।तीन लोगों ने उसके साथ दरिंदगी की। आरोप यह भी है कि उसके प्राइवेट पार्ट में सरिया डाल दिया गया। इसके बाद गंभीर हालत में उसे छोड़कर आरोपी भाग निकले। पुलिस अफसरों का कहना है कि सामूहिक दुष्कर्म हुआ या नहीं, यह मेडिकल रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल की जा रही है।
घटना देर रात एक बजे के करीब की बताई जा रही है। सुबह लोगों ने देखा तो सबसे पहले डायल 112 की पुलिस पहुंची। कुछ देर बाद थाने की फोर्स भी आ गई और फिर सरकारी एंबुलेंस से उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रतापपुर अस्पताल ले जाया गया। वहां से रेफर किए जाने पर उसे एसआरएन अस्पताल ले आया गया जहां से मेडिकल के लिए उसे डफरिन अस्पताल में भेजा गया है।
एक आरोपी को पुलिस ने हिरासत में लिया
महिला इन दिनों अपने मायके सरायममरेज में रह रही थी और उसकी शादी उतरांव में हुई है। प्रारंभिक पूछताछ में उसने अपने जेठ व दो अन्य अज्ञात पर वारदात को अंजाम देने का आरोप लगाया है। डीसीपी गंगानगर अभिषेक भारती ने बताया कि आरोपी जेठ को हिरासत में ले लिया गया है। साथ ही आरोपों के आधार पर सामूहिक दुष्कर्म समेत अन्य धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर जांच पड़ताल की जा रही है। मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इंस्पेक्टर सराय ममरेज योगेश प्रताप सिंह का कहना है कि महिला के सिर में भी गंभीर चोट के निशान हैं। परिजनों ने अभी तक किसी प्रकार की कोई तहरीर नहीं दी है। फिलहाल मामले की जांच पड़ताल में पुलिस जुटी हुई है। -

तकनीकी शिक्षा का रोल मॉडल बनेगा एमपीआईटी
तकनीकी शिक्षा का रोल मॉडल बनेगा एमपीआईटी
सीएम योगी ने किया एमपीआईटी में बन रहे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का निरीक्षण
महाराणा प्रताप इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में इस सत्र से होगी पढ़ाई, जारी है छह ब्रांचों में एडमिशन.
एमएमएमयूटी समेत पूर्वी उत्तर प्रदेश के पंद्रह अन्य तकनीकी शिक्षण संस्थानों के लिए महत्वपूर्ण केंद्र होंगे एमपीआईटी के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
गोरखपुर, 19 अगस्त। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की तरफ से संचालित महाराणा प्रताप इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमपीआईटी) में बन रहे स्टेट ऑफ आर्ट – सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने सभी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की प्रगति की जानकारी ली और इन्हें विश्व स्तरीय मानक के अनुरूप तैयार करने और इसके पाठ्यक्रमों को भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर बनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराणा प्रताप इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी को तकनीकी शिक्षा का मॉडल बनाना है। इसमें यहां बन रहे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बड़ी भूमिका निभाएंगे। एमपीआईटी में इस सत्र से बीटेक की पढ़ाई के लिए छह ब्रांचों, कम्प्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड मशीन लर्निंग, डाटा साइंस, साइबर सिक्युरिटी, इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग (वीएलएसआई डिजाइन एंड टेक्नोलॉजी) में प्रवेश प्रक्रिया जारी है। इन सभी ब्रांचों में 60-60 सीटों पर प्रवेश लिया जाएगा। यानी पहले सत्र में एमपीआईटी की छात्र क्षमता 360 की होगी। बीटेक एडमिशन के लिए जारी प्रवेश प्रक्रिया के साथ ही लच्छीपुर स्थित एमपीआईटी के परिसर में अलग-अलग सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाए जा रहे हैं। ड्रोन टेक्नोलॉजी एंड थ्री डी प्रिंटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्पेस टेक्नोलॉजी, साइबर सिक्युरिटी के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में कुल छह तरह के पाठ्यक्रम (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्युरिटी, ड्रोन टेक्नोलॉजी, स्पेस टेक्नोलॉजी, थ्री डी प्रिंटिंग समेत एकीकृत पाठ्यक्रम) संचालित होंगे। सभी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और इनमें संचालित होने वाले पाठ्यक्रम ग्लोबल स्टैंडर्ड के हिसाब से तैयार हों रहे हैं। विद्यार्थी यहां प्रोफेशनल सर्टिफिकेट कोर्स, माइनर डिग्री कोर्स और एडवांस कोर्स के जरिये खुद को संबंधित उद्योग-सेवा के क्षेत्र के अनुरूप तैयार कर सकेंगे।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि एमपीआईटी के सभी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस समूचे पूर्वी उत्तर प्रदेश के तकनीकी शिक्षण संस्थानों के लिए महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में काम करेंगे। यहां न केवल एमपीआईटी के छात्रों को बल्कि अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) से अनुमोदित 15 अन्य तकनीकी शिक्षण संस्थानों को भी ग्लोबल कोर्सेज में शामिल होने की सुविधा मिलेगी। जो संस्थान एमपीआईटी के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से लाभान्वित होंगे उनमें मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, राजकीय पॉलिटेक्निक गोरखपुर, राजकीय महिला पॉलिटेक्निक गोरखपुर, महामाया राजकीय पॉलिटेक्निक हरिहरपुर खजनी, नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी गोरखपुर सेंटर, महाराणा प्रताप पॉलिटेक्निक गोरखपुर, बुद्धा इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी गीडा गोरखपुर, बुद्धा पॉलिटेक्निक कॉलेज गीडा गोरखपुर, आईटीएम गीडा गोरखपुर, आईटीएम पॉलिटेक्निक गीडा गोरखपुर, केआईपीएम कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी गीडा गोरखपुर, लिटिल फ्लावर पॉलिटेक्निक गोरखपुर, महामानव गौतम बुद्ध पॉलिटेक्निक बनकटी खुर्द, सुयश इंस्टीट्यूट ऑफ़ इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी हक्काबाद गोरखपुर और विकास इंस्टीट्यूट आफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी गोरखपुर शामिल हैं। -

नागरिक सुरक्षा कोर सिविल लाइंस के वार्डनो ने की शिव भक्तों की सेवा
नागरिक सुरक्षा कोर सिविल लाइंस के वार्डनो ने की शिव भक्तों की सेवा
गोरखपुर ।नागरिक सुरक्षा कोर प्रखंड सिविल लाइन गोरखपुर के वार्डेनों ने डॉ संजीव गुलाटी चीफ वार्डन, श्री सत्य प्रकाश सिंह उप नियंत्रक और अखिलेश कुमार ओझा डिविजनल वार्डन सिविल लाइन के दिशा निर्देशन में श्रावण मास के प्रथम सोमवार दिनांक 22-7- 2024 से पांचवें और अंतिम सोमवार दिनांक 19 -8-2024 तक प्रत्येक सोमवार को महादेव झारखंडी शिव मंदिर कूड़ाघाट/ मुक्तेश्वर नाथ शिव मंदिर राजघाट गोरखपुर में कैंप लगाकर जला- भिषेक करने वाले श्रद्धालुओं एवं प्रशासन के सहयोग में नागरिक सुरक्षा के वार्डन/ स्वयंसेवकों ने सुरक्षा की कमान संभाल रखा था। मंदिर परिसर के अंदर और परिसर के बाहर तक लंबी लाइन को सुचार रूप से लगवाने, श्रद्धालुओं को जलाभिषेक कराने में वार्डेनों ने प्रातः 5:00 बजे से और 11:30 बजे तक लगातार अपना सहयोग प्रदान किया। सत्य प्रकाश सिंह उप नियंत्रक और वेद प्रकाश यादव वरिष्ठ सहायक उप नियंत्रक,नीरज श्रीवास्तव सहायक उप नियंत्रक ने उपस्थित होकर वार्डन स्वयंसेवकों का उत्साह वर्द्धन किया। सहयोग में मुख्य रूप से ध्यान प्रकाश तिवारी डिप्टी डिवीजनल वार्डन, स्टाफ ऑफिसर योगेश वल्लभ चौकियाल, आईसीओ- रितेश कुमार गुप्ता, अनवर अली, मनजीत सिंह, पोस्ट वार्डन- मनोज कुमार, दिनेश कुमार पांडे, प्रशांत घोष, मारुति कुमार श्रीवास्तव, हरिनारायण धर दुबे, उमेश मणि त्रिपाठी, रविंद्र कुमार गौड़, डिप्टी पोस्ट वार्डन धीरेंद्र कुमार निषाद, कन्हैया निषाद, आशुतोष पांडे, मनोज कुमार गुप्ता, प्रवीण कुमार मिश्रा, सच्चिदानंद दुबे, सेक्टर वार्डन- सुमित कुमार, दीपक सिंह, लक्ष्मण निषाद, अतुल त्रिपाठी, विजय कुमार यादव, अशोक चतुर्वेदी, रविंद्र श्रीवास्तव, हरिओम, डॉ घनश्याम साहनी, कु0 शालू शर्मा, कु0 जान्हवी गुप्ता, अजय कुमार जायसवाल, पिंटू गुप्ता, मुक्तेश्वर नाथ राजघाट शिव मंदिर पर प्रभारी आईसीओ आनंद चंद्रधर द्विवेदी, पोस्ट वार्डन- उमेश मणि त्रिपाठी, रविंद्र कुमार गौड़, डिप्टी पोस्ट वार्डन राम प्रसाद गुप्ता, सेक्टर वार्डन- श्रीनिवास मणि त्रिपाठी, विक्की जायसवाल, अजय कुमार पाण्डेय आदि वार्डन स्वयंसेवकों ने योगदान किया।ये बांते -

सैकड़ों महिलाओं ने विधायक राजेश त्रिपाठी को बाँधी राखी
सैकड़ों महिलाओं ने विधायक राजेश त्रिपाठी को बाँधी राखी
गोला।भाई-बहन के बीच पवित्र बंधन के उत्सव में विधायक राजेश त्रिपाठी मित्र मंडल की ओर से सोमवार को रक्षाबंधन के मौके पर दोपहर 3 बजे पवहारी महाराज कुटी पर पर कार्यक्रम आयोजित किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चेयरमैन प्रतिनिधि महेश उमर ने कहा कि रक्षाबंधन एक अनूठा त्योहार है जो भाई-बहनों को विशेष बंधन में बांधता है। यह हमारे जीवन में पारिवारिक मूल्यों, प्रेम और सम्मान के महत्व की याद दिलाता है। कार्यक्रम में विधायक राजेश त्रिपाठी को लगभग 200 महिलाओं ने राखी बांधी। कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित महिलाओं को उपहार देने के पश्चात संबोधित करते हुए विधायक राजेश त्रिपाठी ने कहा कि आप सभी ने आज रक्षाबंधन के मौक़े पर मुझे राखी बांध कर अपना भाई बना लिया है यदि इस भाई की कभी भी आवश्यकता पड़े तो आप मुझे याद करना मैं आप सभी की हर संभव मदद करने का प्रयास करूँगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता बनवारी प्रसाद एवं संचालन अखंड प्रताप शाही ने किया।
इस अवसर पर श्रीकांत सोनी, सभासद दीपक शर्मा, संत विजय सिंह, विनय तिवारी, डब्लू सोनकर, बृजेश कुमार, गुड्डू मिश्रा, कमलेश भारती, हरकेश यादव, अष्टभुजा सिंह, आनंद तिवारी, उमेश यादव,संत प्रकाश यादव ब्लॉक प्रमुख गोला, अजीत राव, लालू शर्मा, सुनील कुमार, बबलू तिवारी, विजयलक्ष्मी जायसवाल, तबस्सुम बानो, दुर्गेश मिश्रा, दीनानाथ सोनकर, हिमांशु गौड़, विकास गौड़, रविंद्र कुमार, विपुल साहनी,सहित भाजपा कार्यकर्ता और प्रमुख नागरिकों सहित सभी क्षेत्रों के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। -

हल्की मुस्कुराहट के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की शानदार तस्वीर
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का है जलवा
हल्की मुस्कुराहट के साथ शानदार तस्वीर -

सीएम योगी ने लिया संकल्प तो मिट गया एईएस और जेई का नामोनिशान
सीएम योगी ने लिया संकल्प तो मिट गया एईएस और जेई का नामोनिशान.
सीएम योगी के प्रयासों से वर्ष 2023 में दिमागी बुखार से मृत्यु दर में दर्ज की गई बड़ी गिरावट, महज 1.23 प्रतिशत रही मृत्यु दर.
वर्ष 2017 में दिमागी बुखार के 4724 मरीजों के सापेक्ष 655 लोगों ने गंवाई थी जान, दर्ज की गई थी 13.87 प्रतिशत मृत्यु दर.
साढ़े सात वर्ष पहले एईएस और जेई के खात्मे के लिए 13 विभागों को एक प्लेटफॉर्म पर लेकर आए थे सीएम योगी.
पिछले सात वर्षों सभी विभागों के प्रभारी मंत्रियों तथा अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव के साथ की नियमित बैठक और समीक्षा सीएम योगी की पल-पल की मॉनीटरिंग और दृढ़ संकल्प से उत्तर प्रदेश ने दिमागी बुखार को दी मात.
लखनऊ/गोरखपुर 19 अगस्त:* उत्तर प्रदेश में कभी बारिश के मौसम में कहर बरपाने वाले दिमागी बुखार का सीएम योगी के दृढ़ संकल्प से नामोनिशान लगभग मिट गया है। सीएम योगी के प्रयासों का ही नतीजा है कि वर्ष 2023 में दिमागी बुखार से होने वाली मृत्यु दर महज 1.23 प्रतिशत ही दर्ज की गयी है जबकि वर्ष 2017 में मृत्यु दर 13.87 प्रतिशत थी। विशेषज्ञों की मानें तो याेगी सरकार ने दिमागी बुखार से होने वाली मृत्यु दर में रिकार्ड 99 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की है। यह पिछले सात वर्षों की योगी सरकार की लगातार मॉनीटरिंग और दूरदर्शी सोच से संभव हो पाया है। वहीं वर्ष 2017 से पहले आलम यह था कि मानसून के दस्तक देते ही पूर्वांचल के जिलों में लोग अपने बच्चों को संचारी रोग मस्तिष्क ज्वर (एईएस) और जापानी इंसेफ्लाइटिस (जेई) के प्रकोप से बचाने के लिए दूसरी जगह चले जाते थे। वहीं सीएम योगी ने सत्ता संभालते ही संचारी रोगों के खिलाफ जंग छेड़ दी। उन्होंने इसके खात्मे का प्रण लिया और 13 विभागों के प्रभारी मंत्रियों और अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव के साथ रणनीति तैयार की। इसके सफल संचालन के लिए नियमित बैठकें, समीक्षा और रणनीति निर्धारण पर फोकस किया। इसी का असर है कि सात वर्षों में एईएस और जेई की मृत्यु दर में 12.64 प्रतिशत की गिरावट की दर्ज की गई है।
ब्लॉक स्तर पर ईटीसी, पीआईसीयू और मिनी पीकू स्थापित कर एईएस और जेई को दी मात
चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सचिव डॉ. पिंकी जोवल ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की कमान संभालते ही संचारी रोग एईएस और जेई पर अंकुश लगाने के लिए अधिकारियों को एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिये। इस दौरान सीएम योगी की अध्यक्षता में राज्य की परिस्थितियों के अनुरुप कार्ययोजना विकसित की गयी। इसके खात्मे के लिए 13 विभागों को एक प्लेटफॉर्म पर लेकर आए। साथ ही सभी विभागों के प्रभारी मंत्रियों तथा अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव के साथ नियमित बैठक और समीक्षा शुरू की। इस दौरान परिस्थितियों के अनुसार रणनीतियों का निर्धारण किया गया। वहीं सभी विभागों के लिए गतिविधियों का पूर्व चिन्हीकरण एवं माइक्रोप्लान तैयार किया, जिसे अंतर्विभागीय गतिविधियों के समन्वय से अमलीजामा पहनाया। इसमें नगर विकास, ग्राम विकास, पंचायती राज विभाग, शिक्षा विभाग, पशुपालन विभाग, कृषि विभाग और सूचना विभाग का अहम रोल रहा।
ब्लॉक स्तर पर बढ़ाई गयी ईटीसी की संख्या
संचारी रोग विभाग के डायरेक्टर डॉ. रतन पाल सिंह सुमन ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरुप दिमागी बुखार के इलाज के लिए ब्लॉक स्तर पर इंसेफ्लाइटिस ट्रीटमेंट सेंटर (ईटीसी) की संख्या बढ़ायी गयी। वर्तमान में ब्लॉक स्तर पर 177 ईटीसी संचालित हो रहे हैं, जबकि पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट्स (पीआईसीयू) 16 हैं। इसके अलावा ब्लॉक स्तर पर 15 मिनी पीकू और 202 वेंटिलेटर युक्त बेड्स पर इलाज किया जा रहा है। इतना ही नहीं चैकलिस्ट के आधार पर औषधियों की उपलब्धता तथा उपकरणों की क्रियाशीलता को सुनिश्चित किया जा रहा है। साथ ही बाल रोग विशेषज्ञों, चिकित्साधिकारियों तथा प्रति केंद्र 4 डेडिकेटेड स्टाफ नर्स की तैनाती और प्रशिक्षण दिया गया।
पिछले सात वर्षों से मृत्यु दर में लगातार हो रही गिरावट
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कार्ययोजना और मॉनीटरिंग से एईएस और जेई ने दम तोड़ना शुरू कर दिया। वर्ष 2023 में 1142 मरीज दिमागी बुखार की जद में आए। वहीं इलाज के दौरान 14 लोगों ने दम तोड़ दिया जबकि मृत्यु दर 1.23 प्रतिशत दर्ज की गयी। वहीं वर्ष 2017 में 4724 मामले दिमागी बुखार के सामने आये। इनमें से 655 लोगों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जिसकी मृत्यु दर 13.87 प्रतिशत दर्ज की गयी। यह वर्तमान मृत्यु दर से 12.64 प्रतिशत अधिक है। इसी तरह वर्ष 2018 में 3077 मरीज दिमागी बुखार की जद में आए। इसमें से 248 लोगों ने दम तोड़ दिया। इस वर्ष 8.06 प्रतिशत मृत्यु दर दर्ज की गयी। वर्ष 2019 में 2185 मरीज सामने आए, इनमें से 126 लोगों ने दम तोड़ दिया। इस वर्ष मृत्यु दर 5.77 प्रतिशत दर्ज की गयी। वर्ष 2020 में 1635 मरीज सामने आए, इनमें से 82 लोगों ने दम तोड़ा। इस वर्ष मृत्यु दर 5.02 प्रतिशत दर्ज की गयी। वर्ष 2021 में 1701 मरीज सामने आए, इनमें से 58 मरीजों ने दम तोड़ दिया। वहीं मृत्यु दर 3.41 प्रतिशत दर्ज की गयी। इसी तरह 2022 में 1199 मरीज सामने आए, इनमें से 32 लोगों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस वर्ष मृत्यु दर 2.67 प्रतिशत दर्ज की गयी। -

यूपी के शहरों की बदल रही तस्वीर, वाराणसी को लेकर योगी सरकार का एक और बड़ा फैसला
OPINION: यूपी के शहरों की बदल रही तस्वीर, वाराणसी को लेकर योगी सरकार का एक और बड़ा फैसला
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में उत्तर प्रदेश के कई शहरों की तस्वीर पूरी तरह से बदल चुकी है। प्रदेश की सत्ता संभालने के बाद योगी सरकार ने प्रयागराज, अयोध्या, गोरखपुर, मथुरा,कानपुर सहित कई शहरों का कायाकल्प हो रहा है।
इन शहरों के इंफ्रास्ट्रक्चर को नया स्वरूप देने का काम किया गया है। -

UPA सरकार ने ही की थी सिफारिश’ लेटरल एंट्री मामले पर गरमाई सियासत
UPA सरकार ने ही की थी सिफारिश’ लेटरल एंट्री मामले पर गरमाई सियासत; राहुल गांधी के आरोपों पर रेल मंत्री ने किया पलटवार
लेटरल एंट्री मामले पर राहुल गांधी ने कहा कि इससे लोक सेवकों की भर्ती में आरक्षण खत्म हो जाएगा। वहीं रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राहुल गांधी पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि लेटरल एंट्री को सबसे पहले यूपीए सरकार में लाया गया था।









